ऐसा अक्सर होता था, जब कोई यूपी 112 को मदद के लिए कॉल करे और इस दौरान कॉल टेकर को कॉलर की भाषा समझ नहीं आए। इसी के चलते अब पुलिस विभाग ने नया कदम उठाया है। दरअसल, अब 112 पर प्रदेश में बोली जाने वाली हर क्षेत्रीय भाषा, अवधी बुंदेलखंडी, भोजपुरी जैसी हर भाषा में शिकायत को सुनने के लिए हेल्प डेस्क बनाई गई है। इससे लोगों को काफी राहत मिलने वाली है।

इसलिए उठाया गया कदम

 

जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के दूरदराज के इलाकों से मिलने वाली क्षेत्रीय भाषाओं में शिकायतें पुलिस मदद में देरी बन रही थी। भोजपुरी, अवधि, बुंदेलखंडी और भी अन्य भाषाओं में मदद मांगने वाले गांव के व्यक्ति जब 112 पर फोन करते हैं तो उनके द्वारा बोली गई भाषा पुलिस के कॉल टेकर को समझने में देर होती थी। इसी समस्या का निदान निकाला गया है।

ऐसे होगा काम

दरअसल, प्रदेश में चल रहे मिशन शक्ति के तहत पुलिस के 112 कंट्रोल रूम पर क्षेत्रीय भाषाओं की हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है। 112 कंट्रोल रूम में काम करने वाले पुलिसकर्मियों को उनकी भाषाओं के हिसाब से डेस्क पर बैठाया गया है। यानी अगर कोई बुंदेलखंडी भाषा में बोलकर पुलिस की मदद मांगेगा तो वो कॉल बुंदेली हेल्प डेस्क पर ही ट्रांसफर कर दी जाती है। पुलिस वाला भी उससे बुंदेलखंडी में ही बात कर पूरी जानकारी हासिल करेगा और जिससे जल्दी मदद पहुंच सकेगी।

अफसरों का कहना है कि ग्रामीण इलाके से मदद मांगने वाले को जब पुलिसवाला उसी की भाषा में बात करता है उसको मदद का भरोसा मिलता है। लिहाजा न सिर्फ दोनों के बीच विश्वास का रिश्ता बनता है बल्कि पुलिस की मदद भी जल्दी पहुंचती है।

रिपोर्ट - हेमंत कुमार दूबे