यूपी पुलिस विभाग में अक्सर ये आवाज़ उठती है कि मोटर साइकिल के जमाने में साइकिल भत्ता क्यों? ऐसे में अब योगी सरकार इस भत्ते को बन्द करने की तैयारी में है। दरअसल, योगी सरकार साइकिल भत्ते को कभी भी बन्द करने का ऐलान कर सकती है। इस भत्ते के बन्द होने से सरकारी की काफी बचत भी होगी। सूत्रों की मानें तो पुलिसकर्मियों द्वारा साइकिल का इस्तेमाल ना करना इस कदम की वजह हो सकती है।

इसलिए उठाया ना रहा कदम

जानकारी  के मुताबिक, पुलिसकर्मी अब साइकिल से चलने में अपनी तौहीन समझते हैं। तभी तो जिले में तैनात 2764 पुलिस जवानों में से एक भी साइकिल की सवारी करना पसंद नहीं करते। इनमें 833 हेड कांस्टेबल और 1931 कांस्टेबल हैं। इन्हें हर महीने साइकिल भत्ता के तौर पर दो-दो सौ रुपये मिलते हैं।

यह बात तब सामने आई जब पुलिस मुख्यालय से जिले के सभी 28 थानों से जरिए वायरलेस संपर्क कर साइकिल का इस्तेमाल करने वाले पुलिसकर्मियों का विवरण जुटाया गया। हर थाने से एक ही जवाब दिया गया कि उनके यहां तैनात कोई भी पुलिस जवान साइकिल से नहीं चलता। स्वास्थ्य और शारीरिक दक्षता के लिए साइकिल चलाना बहुत ही मुफीद माना जाता है।

पुलिसकर्मियों ने किया था विरोध

बावजूद इसके अब पुलिसकर्मी साइकिल चलाना पसंद नहीं करते। हाल ही में कई अभियानों के तहत पुलिसकर्मियों ने साइकिल भत्ते का विरोध भी किया था। क्योंकि हर जगह मोटर साइकिल का इस्तेमाल होता है जोकि पुलिसकर्मी अपनी जेब से भरते हैं। अब देखने वाली बात ये होगी कि अगर साइकिल भत्ता बन्द होता है तो उसके बदले उन्हें कुछ मिलेगा या नहीं।