समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां को उनकी विधायक पत्नी तंजीन फात्मा और विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम खां के साथ कड़ी सुरक्षा के बीच सीतापुर जेल में लाया गया है।
सीतापुर, जेएनएन। अखिलेश यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे रामपुर के सांसद आजम खां को गुरुवार को रामपुर से सीतापुर जेल में शिफ्ट किया गया है। समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां को उनकी विधायक पत्नी तंजीन फात्मा और विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम खां के साथ कड़ी सुरक्षा के बीच सीतापुर जेल में लाया गया है।

सीतापुर जेल में शिफ्ट होने से पहले आजम खां ने कहा कि इस समय क्या हो रहा है, यह पूरा देश जानता है। हम क्या कहें। उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप भी लगाया। इतना कहने के साथ ही उन्हें जेल के अंदर पहुंचा दिया गया। सपा के वरिष्ठ नेता के सीतापुर जेल में शिफ्ट होने की सूचना पर जेल के आसपास सुबह से सपाइयों का जमावड़ा लगा रहा। जेल में शिफ्ट होने के बाद पूर्व सदर विधायक राधेश्याम जायसवाल पहुंचे। उनकी मुलाकात आजम खां से नहीं हो पाई। आजम खां को पत्नी व बेटे के साथ सात दिन की न्यायिक हिरासत में लिया गया है। 72 वर्षीय आजम और उनकी पत्नी ब्लड प्रेशर व शुगर की बीमारी से ग्रस्त हैं। 

आजम खां को उनकी पत्नी और बेटे के आज रामपुर जेल से लाकर सीतापुर में बंद किया गया है। रामपुर में एसपी ने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि रामपुर जेल में आजम खां और उनके परिवार को रखने पर कानून-व्यवस्था गड़बड़ा सकती है, लिहाजा उन्हें बरेली या किसी अन्य जेल में शिफ्ट किया जाए। सांसद आजम खां को बुधवार को पत्नी तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर कोर्ट में गुरुवार को सरेंडर करने के बाद एक रात रामपुर जेल में गुजारनी पड़ी। रामपुर शहर से नौ बार विधायक और सपा शासनकाल में कई कई विभागों के मंत्री रहे सांसद आजम खां समेत तीनों को बुधवार को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। बेटे अब्दुल्ला के दो-दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में तीन दिन पहले अदालत ने कुर्की वारंट जारी किए थे। बुधवार को आजम खां, उनकी पत्नी और बेटे ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने तीनों को जिला जेल भेज दिया था।
सुबह जब उनको जेल से सीतापुर रवाना किया गया तो भारी पुलिस फोर्स साथ रही।  अपर जिलाधिकारी राम भरत तिवारी, अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी सदर प्रेम प्रकाश तिवारी, सीओ सिटी विद्या किशोर, बिलासपुर के एसडीएम राजेश कुमार, मिलक की एसडीएम ज्योति गौतम, शहर कोतवाली, गंज, सिविल लाइंस, शहजाद नगर, भोट व पटवाई के थाना प्रभारी काफिले में शामिल रहे। जिले की सीमा तक तमाम अधिकारी साथ रहे। इसके आगे शहजादनगर, भोट व  पटवाई के थाना प्रभारी गए। आजम खां से मिलने लोग दिन निकलने के बाद  रामपुर जेल पहुंचे, तब पूरे शहर को पता चला कि आजम खां को परिवार समेत सीतापुर जेल भेज दिया गया है। जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने बताया कि कानून व्यवस्था के मद्देनजर शासन के आदेश पर तीनों को सीतापुर जेल शिफ्ट किया गया है। 
अब्दुल्ला के खिलाफ दो जन्म प्रमाणपत्र, दो पासपोर्ट और दो पैन कार्ड बनवाने के मुकदमे दर्ज हैं। इनमें तीन मुकदमे भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने दर्ज कराए हैं। उनका आरोप है कि अब्दुल्ला आजम ने फर्जी तरीके से दो जन्म प्रमाणपत्र बनवा रखे हैं। विधायक अब्दुल्ला आजम खां के दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में आजम खां ने अपनी पत्नी और बेटे के साथ जमानत की अर्जी दाखिल की थी। बुधवार को एडीजे-6 की कोर्ट में सुनवाई हुई। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में लेने का आदेश दिया गया था। इसके बाद सभी को गिरफ्तार कर कड़ी सुरक्षा के बीच रामपुर जेल ले जाया गया था। वहां आजम और उनके बेटे को बैरक नंबर-1 में रखा गया था। अब इस मामले में अगली सुनवाई 2 मार्च को होगी।
इससे पहले 25 फरवरी को निचली अदालत ने समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फातमा और बेटे अब्दुल्ला आजम की संपत्ति कुर्क करने के आदेश दिए थे। 24 फरवरी को एडीजे-6 की कोर्ट ने आजम खां और उनके परिवार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

आजम खां और उनके परिवार ने अब्दुल्ला आजम का एक जन्म प्रमाणपत्र रामपुर नगरपालिका से बनवाया है, जिसमें उनकी जन्म तिथि एक जनवरी 1993 दर्शाई गई है। दूसरा लखनऊ के अस्पताल से भी जन्म प्रमाणपत्र बनवा लिया, जिसमें उनकी जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 है। इसके बाद में पासपोर्ट और पैन कार्ड में उम्र ठीक कराने के लिए भी दूसरा पासपोर्ट और दूसरा पैन कार्ड बनवा लिया, जिसमें अब्दुल्ला की दूसरी जन्मतिथि है। 
रात भर जेल में जागते रहे आजम खां, पत्नी विधायक तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम

धोखाधड़ी के मामले में रामपुर जेल में बंद सांसद आजम खां, उनकी पत्नी विधायक तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम रातभर जेल में जागते रहे। उनसे मिलने के लिए सपा मुखिया अखिलेश यादव को आना था। इसकी जानकारी मिलने से पहले ही जेल प्रशासन ने तीनों को सीतापुर जेल के लिए रवाना कर दिया। इस प्रक्रिया को जेल प्रशासन और जिला प्रशासन ने गोपनीय रखा। लोग जेल में मिलने पहुंचे तब इसका पता चल सका। तीनों अब्दुल्ला के दो-दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप है। उनके खिलाफ अदालतों और थानों  में 70 मुकदमे दर्ज हैं।