पेंशनधारकों को मिली राहत:87 लाख लाभार्थियों की तीन महीने की पेंशन के 1311 करोड़ रुपए जारी, वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए योगी ने महिलाओं का पूछा हाल
 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लोगों से सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान 87 लाख खाताधारकों की तीन

महीने की पेंशन के 1311 करोड़ रुपए जारी की।

कार्यक्रम के दौरान कई पेंशन धारकों से मुख्यमंत्री ने की बातचीत

योगी ने सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी ली

उत्तर प्रदेश में 86.85 लाख पेंशन धारकों को तीन महीने की पेंशन योगी ने बुधवार को ऑनलाइन ट्रांसफर की। इसमें वृद्धावस्था, विधवा ,दिव्यांगजन, बुजुर्गों के बैंक खातों में करीब 1311 करोड रुपए जारी किए। जिसमें 3 महीने की जुलाई-अगस्त और सितंबर माह की पेंशन शामिल है। इस दौरान योगी ने कहा कि तकनीक इतनी सशक्त होती है कि एक बटन दबाते ही सभी लाभार्थियों के खाते में पेंशन पहुंच जाएगी। इस मौके पर उन्होंने कार्यक्रम में फतेहपुर, ललितपुर, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, देवरिया और चित्रकूट जिलों के लाभार्थियों से बातचीत के जरिए बातचीत की।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान ऑनलाइन निराश्रित महिला पेंशन योजना के लाभार्थियों से बातचीत की। अयोध्या के उमा देवी पत्नी स्वर्गीय कैलाश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूछा "सरकार के द्वारा बांटी जा रहे मुफ्त राशन पेंशन अन्य चीजें आपको उपलब्ध हो रही हैं। जिस पर उमा देवी ने कहा जी मुझे मिल रही। इसी तरह सीएम योगी ने अनीता सिंह पत्नी स्वर्गीय राजन सिंह इसके अलावा प्रयागराज जनपद से सोनी पत्नी स्वर्गीय जीवन और कंचन पत्नी स्वर्गीय हनुमान प्रसाद तिवारी से भी वार्ता की।

योगी ने कहा- नर सेवा ही नारायण सेवा

सीएम ने तकनीक के जरिए सरकारी धन के वितरण में पारदर्शिता, तेजी और भ्रष्टाचार से मुक्ति मिलने का उल्‍लेख किया। उन्‍होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के चलते यह सम्‍भव हो पा रहा है। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के लिए 'नर सेवा नारायण सेवा' है। निराश्रित, दिव्‍यांगों या अन्‍य किसी भी कैटेगरी में कोई आता हो तो उसे यह नहीं मानना चाहिए कि उसके साथ कोई नहीं खड़ा है । समाज, सरकार, प्रशासन को उसके लिए हमेशा तत्‍पर रहना होगा।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में कोई लावारिस, निराश्रित, विधवा, दिव्‍यांग, कुष्‍ठरोगी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। हर गरीब को बिना किसी भेदभाव के योजनाओं से जोड़ा जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्‍होंने दिव्‍यांगों और निराश्रित महिलाओं को आर्थिक स्‍वावलम्‍बन से भी जोड़ने की बात कही।