दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुरुवार सुबह पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के अध्यक्ष परवेज और सचिव इलियास को गिरफ्तार किया है। स्पेशल सेल ने शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन और पीएफआई के संबंधों की जांच करते हुए दोनों की गिरफ्तारी की है।

 

शाहीन बाग में खाना और पैसे बांटने वाला दानिश भी हो चुका है गिरफ्तार

इससे पहले सोमवार को पीएफआई सदस्य दानिश अली को भी गिरफ्तार किया गया था। पीएफआई पर संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शनों के लिए धन मुहैया कराने के आरोप लगे हैं। दानिश से पूछताछ में दिल्ली की सुनियोजित हिंसा होने की बात सामने आई है। दिल्ली हिंसा में लिप्त रहने वाले दानिश के शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों को खाना और पैसे बांटने का भी खुलासा हुआ है। कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस ने उसे चार दिन के रिमांड पर लिया है।स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाह ने बताया कि गोकलपुरी निवासी मोहम्मद दानिश को दिल्ली दंगे की एफआईआर नंबर 59 में गिरफ्तार किया गया है। वह पीएफआई की काउंटर इंटेलीजेंस टीम में है। वह दिल्ली में होने वाले कार्यक्रमों में नजर रखता था कि कहां कौन से पुलिसकर्मी और आईबी के लोग जा रहे हैं। 

कोई पुलिसकर्मी यदि लगातार सभी कार्यक्रमों में जाता था तो यह उसे टारगेट कर लेता था। यह उस पुलिसकर्मी की पिटाई कराता या फिर उस पर लगातार नजर रखता था। जांच में यह भी पता चला है कि दानिश ने दिल्ली में बाहर से लोगों को बुलाया और उपद्रव कराए। सीएए के खिलाफ लोगों को भड़काने के लिए वह भड़काऊ साहित्य भी बांटता था।

पीएफआई के साथ जुड़े हैं ताहिर हुसैन के तार

बुधवार(11 मार्च) को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा आप के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत केस दर्ज किए जाने के बाद साथ ही ताहिर के पीएफआई के साथ संबंधों को भी खंगाला जा रहा है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सोमवार को ताहिर हुसैन के भाई शाह आलम को गिरफ्तार किया था। शाह आलम को पनाह देने वाले तीन लोगों को भी इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। ताहिर हुसैन पर आईबी के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या का आरोप है।

शामली में भी पकड़े जा चुके हैं 23 पीएफआई-एसडीपीआई समर्थक
दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश के शामली जिले में भी पीएफआई के सक्रिय होने की बात सामने आई है। पुलिस जांच में पता चला कि सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शन में माहौल गर्माने की कोशिश की गई थी। तब से जिले में पीएफआई और एसडीपीआई से जुड़े 23 लोग पकड़े जा चुके हैं। एसपी के अनुसार गिरफ्तारी के वक्त ये नहीं पता था कि ये लोग संस्था या संगठन से जुड़े हैं, लेकिन इनके पास से मिले भड़काऊ पोस्टर और आपत्तिजनक सामग्री के बाद इनके पीएफआई और एसडीपीआई से जुड़ा माना जा रहा है।