यूपी के आगरा जिले में कैशियर से हुई लूट के मामले में एसएसपी मुनिराज जी ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिसके अंतर्गत उन्होंने चौकी इंचार्ज समेत 11 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।वहीं दूसरी तरफ दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आईजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि लूट के खुलासे के लिए सात टीमें गठित कर दीं गयीं हैं और ये टीमें बदमाशों की तलाश में जुट गईं हैं। जल्द ही लुटेरों को गिरफ्तार किया जाएगा।

एसएसपी ने किया इन्हे लाइन हाजिर

जानकारी के मुताबिक, 24 अगस्त को थाना सिकंदरा इलाके में पेट्रोल पंप का कैशियर 11 लाख रुपये से भरा थैला लेकर बैंक में जमा करने के लिए जा रहा था। कैशियर बैग लेकर बाइक से जा रहा था, तभी एक बाइक पर सवार तीन बदमाश आए उन्होंने नोटों से भरा थैला छीनने की कोशिश की। पेट्रोल पंप के कैशियर ने हिम्मत दिखाई और लूट का विरोध करने लगा। जब बदमाश कैशियर से नोटों से भरा थैला नहीं छीन पाए तो उन्होंने गोलियां चलाना शुरू कर दीं।

इस मामले में पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई थी। दरअसल, वारदात से चौकी कुछ दूरी पर थी। वहीं पीआरवी का प्वाइंट भी था। इसके बावजूद बदमाश भागने में सफल रहे। एसएसपी ने इसे पुलिसकर्मियों की लापरवाही माना। जिसके चलते मंगलवार रात को रुनकता चौकी प्रभारी राजीव कुमार, चौकी पर तैनात मुख्य आरक्षी राजेंद्र सिंह, जय बहादुर सिंह, अनुज कुमार, आरक्षी भूपेंद्र सिंह, धर्मेंद्र कुमार, सोनू कुमार, राजकुमार, पीआरवी 16 के मुख्य आरक्षी अशोक कुमार, आरक्षी राधेश्याम और आरक्षी चालक कुलदीप चौधरी को लाइन हाजिर किया गया है।

जांच में जुटी कई टीमें

आईजी नवीन अरोड़ा की मानें तो लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए सात टीमें गिरफ्तार की गई हैं। एसओजी प्रभारी कुलदीप दीक्षित को बदमाशों की धरपकड़ के लिए लगाया गया है। स्वाट प्रभारी अजय कुमार की टीम सीसीटीवी फुटेज चेक करेगी। इसके अलावा एसआई प्रदीप कुमार, सचिन धामा की टीम को लगाया गया है। थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक कमलेश सिंह को घटनास्थल के निरीक्षण, फील्ड यूनिट और विवेचना में लगाया गया है। पूछताछ में निरीक्षक अरविंद कुमार, लोकल इंटेलीजेंस में प्रभारी निरीक्षक सदर अजय कौशल को लगाया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी जारी किए हैं। इसमें बदमाश जाते नजर आ रहे हैं। सूचना देने वालों को उचित इनाम देने की भी घोषणा की गई।