भले ही लोग पुलिस को कितना बुरा भला कहते रहते हों, लेकिन असलियत यही है कि मुसीबत में आने पर सबसे पहले हम पुलिसकर्मियों को ही याद करते हैं। हमारे इसी विश्वास पर पुलिस के जवान भी खरे उतरते हैं। मामला हमीरपुर जिले का है, जहां पीलिया से जूझ रही किशोरी के लिए दारोगा 90 किमी. बाइक चलाकर आए और फरिश्ता बन गए। इस दौरान उन्होंने किशोरी को एक यूनिट ब्लड दिया और उसकी जान बचाई। सोशल मीडिया पर दारोगा के इस काम की काफी सराहना हो रही है।

ये है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, हमीरपुर के जिला अस्पताल में भर्ती 15 वर्षीय रेखा देवी को पीलिया के कारण खून की कमी हो गई। किशोरी के पिता व भाई का पहले ही देहांत हो गया था। किशोरी को लेकर मां अस्पताल में खून चढ़वाने के लिए परेशान थी, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। ब्लड ना मिलने से किशोरी की मां काफी परेशान थी।

दारोगा ने 60 किमी चलाई बाइक

इस मामले की जानकारी जैसे ही जनपद बांदा में तैनात दारोगा वीरेंद्र त्रिपाठी को हुई, वो तुरन्त ही किशोरी के लिए फरिश्ता बनकर अस्पताल पहुंचे और किशोरी को एक यूनिट ब्लड देकर उसकी जान बचाई। बड़ी बाद यह है कि दारोगा वीरेंद्र बांदा से हमीरपुर तक अपनी बाइक से आए थे। जिसको सुन कर वहां मौजूद हर कोई हैरान रह गया। हर कोई उनके इस कदम की सराहना कर रहा है।

रिपोर्ट - चंदू शर्मा