सिद्धार्थनगर। नवागत पुलिस अधीक्षक ने प्रथम अपराध गोष्ठी में शासन की मंशा को स्पष्ट करते हुए मातहतों को पुलिस की प्राथमिकताओं की जानकारी दी। सख्त आदेश दिया कि थानों पर पहुंचने वाले फरियादियों को न्याय दिलाने में कोताही न बरती जाए। यदि उन तक शिकायत पहुंची तो संबंधित थानाध्यक्ष कार्रवाई के लिए तैयार रहें। 

कार्यभार ग्रहण करने के बाद रविवार को पुलिस लाइंस के सभाकक्ष में नवागत पुलिस अधीक्षक राम अभिलाष त्रिपाठी ने पहली अपराध गोष्ठी एवं समीक्षा की। कहा कि प्रत्येक पुलिस कर्मी को शासन की अपेक्षाओं के अनुरूप अपनी संपूर्ण ऊर्जा के साथ कार्य करना होगा, जिससे समाज की आपराधिक सोच पर नियंत्रण हो सके। जन-समस्याओं का निदान संवेदना के साथ किए जाने की अनिवार्यता पर बल दिया। यदि थाना स्तर पर समस्या का समाधान निष्पक्षता के साथ नहीं होता है तो यह कार्यशैली थाना प्रभारी के व्यक्तित्व पर प्रश्नचिह्न खड़ा करेगी। उन्होंने होने वाले पंचायत चुनाव पर भी चर्चा की। जनता के दुख-दर्द को बांटने के लिए पुलिस विभाग का गठन किया गया है। उस लक्ष्य को हर हाल में प्राप्त कर उनके समस्याओं का निराकरण एवं उनके प्रति पुलिसकर्मियों का कुशल व्यवहार शत-प्रतिशत करने की हिदायत दी। इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक मायाराम वर्मा समेत सभी पुलिस क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारियों की मौजूदगी रही।