नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का शाहीन बाग नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ आंदोलन का केंद्र बनकर उभरा है। महिलाओं का धरना कड़कड़ाती सर्दी में भी लगातार जारी रहा। लगभग दो माह बाद ही यहां लोग धरने पर जमे हुए हैं। उधर, प्रेम का पर्व माने जाने वाले वैलेंटाइन्स डे की पूर्व संध्या पर शाहीन बाग में 'मोदी तुम कब आओगे' का तराना गूंजा। 
युवाओं की ओर से पीएम मोदी के लिए मंच पर गिफ्ट के तौर पर एक बड़ा टैडी बियर रखा गया। युवाओं के इस ग्रुप की सदस्य करिश्मा ने बताया कि पीएम मोदी को यहां बुलाने के लिए ऐसा किया गया है। वह यहां आएं और तोहफा कबूल करें। लोगों से बात करें। उन्होंने कहा कि यहां गाना होगा, बस वैलेंटाइन नहीं होगा।
युवा सदस्यों ने इसे प्यार के दिवस पर नफरत का प्रेम से दिया गया जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को यहां आकर धरने पर बैठी मां-बहनों से बात करनी चाहिए। साथ ही यह भी कहा कि पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए माइक बंद रखा जाएगा। उनके मुताबिक, पुलवामा में शहीद हुए जवानों के परिजनों को भी 14 फरवरी के दिन शाहीन बाग बुलाया गया है।
शाहीन बाग में गूंजा यह तराना-
सर्दी आकर चली गई,
गर्मी ज्यादा दूर नहीं।
मोदी तुम कब ओओगे,
महिलाओं का नारा है।
भारत वर्ष हमारा है, 
ये काला कानून हटाओ।
बता दें कि सीएए के संसद से पास होने के बाद 15 दिसंबर को शाहीन बाग में महिलाएं धरने पर बैठ गई थीं। धरनारत महिलाएं सीएए को वापस लिए जाने तक धरने पर अड़ी हैं। तमाम कोशिश की जा चुकी हैं, लेकिन धरना खत्म नहीं किया जा सका। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है।