पहले कोरोना फिर डेल्टा वायरस फिर ओमिक्रॉन…. कोविड के नए नए प्रकार के वेरिएंट ने पूरे विश्व में जमकर हाहाकार मचाया है। ओमिक्रॉन और कोरोना के मामले अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसी बीच अब एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट आखिरी वेरिएंट नहीं है जो इतनी तेजी से लोगों को संक्रमित कर रहा है बल्कि अभी इससे भी तेजी से संक्रमित करने वाले वेरिएंट का आना बाकी है। डब्ल्यूएचओ के वैज्ञानिकों ने इसे लेकर चिंता जाहिर की है। डब्ल्यूएचओ के एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस का अगला वेरिएंट ओमिक्रॉन से भी ज्यादा संक्रामक होगा। हालांकि इस वक्त कुछ भी कहना मुश्किल है।


WHO ने दिया बयान

जानकारी के मुताबिक, WHO में कोविड-19 की तकनीकी प्रमुख मारिया वैन केर्खोवे (Maria Van Kerkhove) ने सोशल मीडिया चैनल्स पर एक लाइव परिचर्चा के दौरान कहा कि पिछले सप्ताह रिकॉर्ड स्तर पर कोरोना के नए मामलों में तेजी आई है। इससे यह देखा जा सकता है कि ओमिक्रॉन किस रफ्तार से अपना कदम आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने कहा कि अच्छी बात यह है कि ओमिक्रॉन पिछले सभी वेरिएंट्स जितना खतरनाक नहीं है, लेकिन आने वाले वेरिएंट हमारे लिए चिंता का सबब बन सकता है क्योंकि पहले से ज्यादा ताकतवर हो सकता है। इससे संक्रमण की दर अत्यधिक हो सकती है। आने वाले वेरिएंट से संक्रमण की रफ्तार इतनी तेज हो सकती है कि पूरी दुनिया में फैल रहे मौजूदा वेरिएंट को यह पीछे छोड़ सकता है।

कितना घातक होगा, इसकी नहीं है गारंटी

मारिया ने बताया कि अगले वेरिएंट के लिए चिंता का विषय इसलिए भी है क्योंकि यह ज्यादा संक्रामक होगा और तेजी से दूसरों को संक्रमित करने के मामले में वर्तमान वेरिएंट से आगे निकल जाएगा। उन्होंने कहा, ‘लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अगला वेरिएंट ज्यादा जानलेवा होगा या फिर बहुत कम घातक होगा।’ हालांकि मारिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि लोगों को इस धारणा से बचना चाहिए जिसमें कहा जा रहा है कि वायरस समय के साथ हल्के स्ट्रेन में म्यूटेट होगा और लोग पिछले वेरिएंट के मुकाबले कम बीमार पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हम इसकी उम्मीद कर सकते हैं लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है।इसलिए लोगों को सख्ती से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए।