आर्थिक संपन्नता और खुशहाली हर किसी के जीवन की चाहत होती है। कई लोगों के जीवन में सुख और समृद्धि आसानी से मिल जाता है तो वहीं कई लोगों के जीवन में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र की शाखा वास्तुशास्त्र के अनुसार लोग परेशानियों से बचने के लिए वास्तु के उपायों का प्रयोग करते हैं। मेहनत के साथ यदि इन उपायों का प्रयोग किया जाए तो जातकों की सोई हुई किस्मत जाग जाती है और उन्हें सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। वास्तु के अनुसार माना जाता है कि घर हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यदि घर में नकारात्मक शक्तियों का वास हो तो जीवन में सफलता की प्राप्ति नहीं होती है। इनसे बचने के लिए वास्तु के यह उपाय आपकी मदद कर सकते हैं। वास्तुशास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा में दीवार घड़ी लगाना लाभकारी माना जाता है, इससे पति-पत्नी के संबंध मधुर बने रहते हैं। घर के मुख्य कमरे की दीवार पर परिवार की खुशहाल तस्वीर लगाएं, इससे घर में सकारात्मकता का वास होगा और परिवार में खुशहाली आएगी। वास्तुशास्त्र के अनुसार घर के टेलीफोन को हमेशा दक्षिण-पूर्वी या उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में रखना लाभदायक माना जाता है। घर के मुख्य कक्ष के उत्तर पूर्वी हिस्से में एक्वेरियम रखना लाभदायक होता है, मान्यता है कि सुनहरी मछलियां समृद्धि लेकर आती हैं। भगवान की आराधना करते हुए चेहरा उत्तर पूर्व की तरफ रखना लाभदायक माना जाता है। इसलिए उत्तर दिशा या पूर्व में ही मंदिर का निर्माण करें। घर के दरवाजे अगर-खुलते बंद होते हुए आवाज करते हैं तो ये वास्तु अनुसार अशुभ माने जाते हैं। हनुमान जी की मूर्ति को दक्षिण-पूर्वी दिशा में रखने से बचना चाहिए, मान्यता है इससे नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव तेज हो जाता है। घर का उत्तरी-पूर्वी हिस्सा हमेशा साफ रखना चाहिए, कूड़ेदान को विशेषकर इस स्थान पर नहीं रखना चाहिए। सोने के कमरे में पौधे या पानी वाली कोई चीज नहीं रखनी चाहिए। इसी के साथ शीशे की वस्तु रखने से भी बचना चाहिए। शीशे से नकारात्मक शक्तियां आकर्षित होती हैं। घर की दीवारों पर उदासी या आक्रमक पेंटिग्स या फोटोज लगाने से बचें।