नई दिल्ली | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 27 मार्च से शुरू होने वाले हैं और सभी पार्टियां अपने वोटों को इकट्ठा करने की दौड़ में लगी हुई हैं। लेकिन इसी बीच कुछ नेता है जो वोटों की चाहत में नैतिकता भी भूल गए हैं और वोट मांगने के लिए लोगों को धमका रहे हैं। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट मे मुताबिक बंगाल के कृषि मंत्री तपन दासगुप्ता ने राज्य विधानसभा चुनाव में वोट नहीं मिलने पर मतदाताओं को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। हुगली में एक  बैठक में, तपन दासगुप्ता - सप्तग्राम विधानसभा के टीएमसी उम्मीदवार - ने मतदाताओं से कहा कि जो क्षेत्र उन्हें वोट नहीं देंगे, उन्हें "बिजली और पानी नहीं मिलेगा।
शनिवार को रैली में तपन दासगुप्ता ने कहा, "जिन क्षेत्रों से मुझे वोट नहीं मिलेंगे, उन इलाकों में बिजली और पानी नहीं पहुंचेगा। यह सिंपल है। वे इसके लिए बीजेपी से कह सकते हैं।" तपन दासगुप्ता 2011 में वाम मोर्चे के अपने प्रतिद्वंद्वी को हराकर हुगली में सप्तग्राम के विधायक बने। 2016 के बंगाल चुनावों में भी उन्होंने सप्तग्राम सीट जीती थी। दासगुप्ता को अब 2021 पश्चिम बंगाल चुनाव में लड़ने के लिए एक ही सीट दी गई है।
यह पहली बार नहीं है जब तृणमूल कांग्रेस के किसी उम्मीदवार ने विधानसभा चुनावों में पार्टी को वोट न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी हो। विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में टीएमसी विधायक हमीदुल रहमान को मतदाताओं को धमकाते हुए पकड़ा गया था।
दिनाजपुर में एक जनसभा में हमीदुल रहमान ने कहा, "चुनाव के बाद गद्दारों से निपटा जाएगा।" हमीदुल रहमान ने लोगों को यह कहते हुए टीएमसी के लिए वोट करने के लिए कहा कि जो लोग पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपनी सरकार के लाभों का आनंद लेने के बाद भी "गद्दारी" करते हैं, उन्हें "गद्दार" के तरह काम दिए जाएंगे। हामिदुल रहमान ने कहा, "ममता बनर्जी की योजनाओं से सभी को फायदा हुआ है। चाहे वह टीएमसी हो या सीपीएम या बीजेपी।