सूरत | सूरत पुलिस ने एक ऐसे ट्रक चालक को पकड़ा है जो प्रति व्यक्ति रु. 3000 लेकर 20 जितने प्रवासी श्रमिकों को बिहार जा रहा था| पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ लॉकडाउन का उल्लंघन के अलावा एपेडेमिक डिसिज एक्ट और अधिसूचना उल्लंघन का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की है| लॉकडाउन के चलते देश के विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी श्रमिक किसी भी कीमत पर अपने घर पहुंचने को अधीर है| कुछ पैदल अपने गृह राज्य की ओर कूच कर रहे हैं तो कुछ मुंहमांगे दाम देकर वाहनों के जरिए घरों की ओर रवाना हो रहे हैं| सूरत पुलिस ने शहर के पांडेसरा पत्रकार कॉलोनी चौराहे के निकट एक बंद बॉडी ट्रक को रोका| इस ट्रक में 20 जितने प्रवासी श्रमिक अपने परिवार के साथ बिहार जा रहे थे| बंद बॉडी ट्रक में 20 जितने श्रमिक सोशल डिस्टेसिंग और बगैर मास्क लगाए बैठे हुए थे| पुलिस की पूछताछ में ट्रक चालक सोना रामजी पासवान ने बताया कि सूरत के भटार और पांडेसरा कैलाशनगर क्षेत्र में रहनेवाले प्रवासी श्रमिकों से प्रति व्यक्ति रु. 3000 किराया तय कर उन्हें बिहार के पटना ले जा रहा था| लेकिन ट्रक चालक के पास प्रवासी श्रमिकों को बिहार ले जाने की कलेक्टर की मंजूरी नहीं थी| गैरकानूनी रूप से प्रवासी श्रमिकों को बिहार ले जाने के आरोप में पुलिस ने ट्रक चालक सोनु पासवान को गिरफ्तार कर लिया|