लखनऊ । राजधानी लखनऊ में पोस्टर लगाए जाने का मामले पुलिस ने अब कार्रवाई करना प्रारम्भ कर दिया है। हजरतगंज कोतवाली में पोस्टर लगाये जाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। विवादित पोस्टर लगाने के मामले कांग्रेस नेता सुधांशु बाजपेयी और अश्वनी गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही।  
सीएए प्रदर्शन के दौरान हिंसा के आरोपियों के पोस्टर योगी सरकार द्वारा चैराहे पर लगाए जाने के बाद पोस्टर वार तेज हो गया है। पहले समाजवादी पार्टी ने बलात्कार के आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद और उन्नाव के बलात्कार के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर के पोस्टर लगाए थे, अब शनिवार को भाजपा कार्यालय के बाहर एक पोस्टर लगा है। जिस पर कुछ केंद्रीय मंत्रियों की फोटो लगी है और लिखा है इन दंगाइयों से वसूली कब ? पोस्टर के नीचे निवेदक सुधांशु वाजपेयी, लालू कन्नौजिया भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लिखा है। हालांकि पोस्टर के लगाने के कुछ देर बाद ही पुलिस प्रशासन ने हटा दिया। विदित हो कि यूपी सरकार ने लखनऊ में सड़कों पर सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान तोड़फोड़ करने के आरोपियों के पोस्टर लगाए थे। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नौ मार्च को उत्तर प्रदेश सरकार को उन पोस्टरों को हटाने का आदेश दिया था, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है।