24 अक्टूबर को टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान के मैच के बाद पंजाब के संगरूर में छात्रों के बीच हुई झड़प का मामला सामने आया है। वहाँ भाई गुरदास इंस्टिट्यूट ऑफ इंजिनियरिंग एंड टेक्नॉलजी में कथिततौर पर यूपी बिहार के छात्रों ने कुछ कश्मीरी छात्रों को जमकर पीटा। सबका कहना था कि ये कश्मीरी छात्र पाकिस्तान की जीत की खुशी मना रहे थे और आजादी के नारे लगा रहे थे।

सोशल मीडिया पर सामने आई वीडियो में दिख रहा है कि कैसे कमरों में तोड़फोड़ हुई है। कश्मीरी दावा करते हैं कि ये बिहार, उत्तर प्रदेश के लोगों ने किया है। उनका पूछना है कि वो पढ़ने आए हैं, उनके साथ ऐसा बर्ताव क्यों? क्या वो भारतीय नहीं है। अजीब बात ये है कि जहाँ कश्मीरी छात्र इस मामले को सोशल मीडिया पर डालते हुए ऐसे सवाल कर रहे हैं। वहीं पुलिस ने भी बताया कि पाकिस्तान की जीत के बाद कश्मीरी उनके समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे।



इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में संगरूर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा गया, “कॉलेज में लगभग 90 कश्मीरी छात्र और यूपी और बिहार के लगभग 30 छात्र हैं। छात्रावास के 2 विंग में कश्मीरी छात्र रहते हैं। जब मैच चल रहा था और पाकिस्तान रन बना रहा था तो वह सभी खुशी के नाचने लगे और आजादी के नारे लगाए गए।”

पुलिस अधिकारी ने बताया, “मैच खत्म होने के बाद यूपी और बिहार के छात्र कश्मीरी छात्रों के कमरों के अंदर गए और उनसे हाथापाई की। बाद में कश्मीरी छात्रों की भी यूपी और बिहार के छात्रों से हाथापाई हुई जिसे पुलिस और कॉलेज अधिकारियों ने शांत करवाया।”



जम्मू-कश्मीर छात्र संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता नासिर खुहमी ने कहा, “मैंने भाई गुरदास इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज में कई लोगों से बात की है। उन्होंने मुझे बताया कि बिहार के छात्रों ने उन्हें मारा, कमरों में तोड़फोड़ की, हॉल को क्षतिग्रस्त किया और यहाँ तक ​​कि गाली दी और कुछ अन्य लोगों को भी पीटा।” खुहमी ने यह माँग की कि पंजाब पुलिस कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

वहीं इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, संगरूर एसएसपी स्वप्न शर्मा ने बताया कि आपसी झड़प के बाद दोनों पक्षों ने पुलिस के सामने माफी माँगी और मामले को सुलझा लिया गया। संगरूर डीएसपी जीतेंद्र सिंह ने भी जानकारी दी कि कल कॉलेज के बच्चों में भारत-पाकिस्तान के मैच पर झड़प हुई थी। लेकिन अब मामला सुलझ गया है। भारत-पाक समर्थकों के बीच लड़ाई हुई थी। 10-12 लड़के कश्मीर से थे। बाकी अन्य थे।