देश के सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) का बिगुल बज गया है। यूपी में सात चरणों में मतदान होगा। पहला चरण 10 फरवरी से शुरू होगा, जबकि अंतिम चरण 7 मार्च को होगा। वहीं, 10 मार्च को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। इस बीच प्रदेश के पुलिस महकमे (UP Police) से बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। कानपुर पुलिस कमिश्नर असीम अरुण (Kanpur Police Commissioner Aseem Arun) अपनी नौकरी छोड़कर चुनावी दंगल में जोर आजमाइश करते नजर आएंगे। वीआरएस (VRS) की मांग कर चुके आईपीएस असीम अरुण ने रविवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) के साथ अपनी नई राजनीतिक पारी पर मंथन के  बाद हनुमान सेतु का रुख किया। उन्होने हनुमान जी के सामने सिर झुकाकर विघ्न हरने का आर्शीवाद मांगा।


चुनाव हारने का मुझे डर नहीं- असीम अरुणआईपीएस असीम अरुण (IPS Asim Arun) ने बताया कि बचपन में वह माता-पिता के साथ यहां आया करते थे, उनकी प्रेरणा ही मेरे कदम यहां खींच लाई। इस दौरान जब उनसे सवाल किया गया कि एक पुलिस अफसर होकर राजनीति करना, क्या लगता है कि इस दूसरी पारी में पहली पारी के अनुभव का कितना लाभ मिलेगा? इस पर असीम अरुण ने कहा कि उन्हें लगता है कि बहुत मिलेगा। एडीजी 112 के पद पर तैनाती के दौरान जिस तरह से प्रबंधन करने का मौका मिला, अब समाज के बीच जाकर लोगों की सेवा भी उतनी ही सहजता से करूंगा। 

वहीं, जब उनसे पूछा  गया कि अगर चुनाव में हार का सामना करना पड़ा तो? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसा भी हो सकता है, लेकिन मुझे चुनाव हारने का कोई डर नहीं है। अगर ऐसा हुआ तो पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में काम करूंगा। राजनीति में बढ़ते धनबल पर असीम अरुण ने कहा कि इसका ख्याल तो राजनीति में कदम रखने की पेशकश किए जाने पर सबसे पहले मेरे जहन में आया था। 


कम खर्च और बिना दिखावे की राजनीति करूंगाउन्होंने कहा कि ये असमंजस मैं मुख्यमंत्री को भी बता चुका हूं। मैं कम खर्च और बिना दिखावे की राजनीति करुंगा। गाड़ियों का काफिला नहीं चलेगा। सादगी से लोगों के बीच जाकर उनके विकास और भले की बात करूंगा। मेरा मानना है कि राजनीतिक पार्टियों की दिशा भी यही होनी चाहिए। वहीं, जब उनसे पूछा गया कि आप चुनाव प्रबंधन कैसे करेंगे ? इस पर उन्होंने कहा कि इसके लिए इंटरनेट मीडिया का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करूंगा। इस दिशा में काम शुरू भी हो चुका है। पांच-पांच सदस्यों की टीमों को प्रशिक्षित कर लोगों के बीच भेजूंगा। लोगों से संवाद की शैली में कदम बढ़ेंगे। 

असीम अरुण ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि इस नई राह में पिताजी की हर सीख काम आएगी। साथी पुलिस अफसरों की प्रतिक्रिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि परिवार के बाद साथी मित्र भी हौंसला बढ़ा रहे हैं। उनकी प्रतिक्रियाएं सकारात्मक हैं। असीम मानते हैं कि उनके राजनीति में आने के केंद्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं।