उत्तर प्रदेश की फिरोजाबाद पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा किया है। हैरानी की बात यह है कि इस वाहन चोर गिरोह में खुद यूपी पुलिस के कुछ पुलिसकर्मी और तथाकथित पत्रकार शामिल थे। आरोपियों के पास से चोरी की 11 बाइकें बरामद की हैं। वाहन चोरी के मामले में थाना पचोखरा में तैनात रहे तीन सिपाही भी शामिल पाए गए हैं। पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। वहीं चोरी के मामलों में संलिप्त तीनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।



नंबर प्लेट बदकर कर बेचते थे चोरी की बाइक

पुलिस पूछताछ में पकड़े गए अभियुक्तों ने बताया कि वह चोरी करने के बाद वह नंबर प्लेट बदल देते थे। इसके बाद कम कीमत पर अनजान लोगों को बाइकें बेच देते थे। इतना ही नहीं इस काम में पचोखरा थाने में पूर्व में तैनात रहे आरक्षी दलवीर, सुरेंद्र सिंह और वर्तमान में तैनात आरक्षी प्रवीन का पूरा सहयोग मिलता था। 

आरोपियों की मदद करने वाले सिपाही सस्पेंड

क्षेत्राधिकारी (सीओ) अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि वाहन चोरी के मामले में अपराधियों का सहयोग करने वाले थाना पचोखरा में तैनात रहा आरक्षी सुरेंद्र सिंह पूर्व में ही सस्पेंड चल रहा है। एसएसपी अशोक कुमार ने पूर्व में तैनात रहा आरक्षी दलवीर व वर्तमान में पचोखरा में ही तैनात आरक्षी प्रवीन कुमार को सस्पेंड कर दिया है। 



फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बाइक चलाते गिरफ्तार

थाना टूंडला पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत शुक्रवार को दो लोगों को फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बाइक चलाते हुए गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों युवकों से पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। थाना टूंडला के लाइनपार चौकी प्रभारी विपिन कुमार ने चेकिंग में लाइनपार क्षेत्र के नगला कैशा क्षेत्र से दो बाइकों पर सवार लोगों को रोककर पूछताछ की। दोनों युवकों से बाइकों के कागजात मांगे तो वे कागज नहीं दिखा सके। जांच में पता चला कि वह बाइकों की नंबर प्लेट बदलकर बाइक चला रहे थे। दोनों आरोपियों ने अपने नाम विनोद कुमार और रामचंद्र निवासी नगला कैशों थाना टूंडला बताया।