उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों और अधिकारियों को हिंदू के साथ ही उर्दू में भी नाम लिखने का आदेश जारी करने वाली संयुक्त निदेशक डॉ. तबस्सुम खान को निलंबित कर दिया गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से अनुशासनहीनता करने के आरोप में तबस्सुम खान के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। डॉ. तबस्सुम खान ने यह आदेश बीते 1 सितंबर 2022 को उन्नाव निवासी मोहम्मद हारुन की शिकायत पर जारी किए थे। उन्होंने मांग की थी कि जब अक्टूबर 1989 में उर्दू को राज्य की द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया जा चुका है तो फिर अस्पतालों व अधिकारियों के नाम हिंदी व उर्दू में क्यों नहीं लिखे जा रहे।

जबकि द्वितीय राजभाषा का उर्दू को दर्जा देने के साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों के नाम व अधिकारी और कर्मियों के नाम हिंदी व उर्दू में लिखे जाने के स्पष्ट आदेश हैं। ऐसे में सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के लिए अलग से आदेश जल्दबाजी में क्यों जारी किया गया। कई अस्पतालों के नाम हिंदी व उर्दू दोनों में लिखे भी हैं।

बीते सात सितंबर 2022 को जब अखबारों में अस्पतालों का हिंदी के साथ-साथ उर्दू में भी लिखे जाने की खबर प्रकाशित हुई तो स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर इससे पल्ला झाड़ने लगे। वहीं, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (प्रशासन) डा. राजा गणपित आर ने बताया कि डा. तबस्सुम खान को निलंबित कर दिया गया है।