जहाँ एक तरफ पुलिस कर्मी विभाग की अच्छी छवि को कायम रखने के लिए तरह तरह के कदम उठाते हैं, वहीँ चंद पुलिसकर्मियों की वजह से उनकी मेहनत पर पलीता लग जाता है. मामला गोरखपुर जिले का है, जहाँ एक दरोगा को फेयरवेल देने के लिए जमा हुए पुलिस कर्मी आपस में ही भिड़ गए. इस दौरान एक दूसरे पर कुर्सियां फेंकी गईं और दारोगा और सिपाहियों में हाथापाई भी हुई है. मामला जब एसएसपी के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर थानेदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया है.

ये है मामला

खबर के मुताबिक, गोरखपुर जिले के खोराबार थाने में तैनात एक दारोगा 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हुए थे. जिसके चलते रविवार रात थाने में दरोगा के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया, जिसका पूरा खर्चा एक ठेकेदार ने उठाया था. इसी पार्टी के दौरान जातिगत टिप्पणी के चलते दरोगा सिपाही आपस में भिड़ गए.

इस दौरान जमकर हाथापाई और मारपीट हुई. इस विवाद में थाने का वाहन चालक व एक दूसरे दारोगा भी कूद पड़े. वहीँ लड़ाई के बीच में ही एक दूसरे को देख लेने की धमकी दी गई. जमकर लात-घूंसे बरसाए गए और कुर्सियां भी फेंकी गयीं. पार्टी में पुलिसकर्मियों के बीच मारपीट होने की सूचना मिलते ही थाने पर मौजूद सभी पुलिसकर्मी पहुंच गए.

एसएसपी ने छह को किया सस्पेंड

सोमवार की सुबह एसएसपी जोगेंद्र कुमार को मामले की जानकारी हुई तो थानेदार को जमकर फटकार लगाई. दोपहर में सफाई देने और माफी मांगने थानेदार पुलिस कार्यालय पहुंचे तो कप्‍तान ने लौटा दिया. डीआईजी ने प्रकरण की जांच सीओ कैंट से कराई और छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर थानेदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया. इस मामले में दरोगा अश्विनी कुमार चौबे, दिनेश कुमार यादव, रविसेन यादव, मुख्य आरक्षी मनोज सिंह, आरक्षी मुकेश यादव, आरक्षी चालक राजेश यादव को निलंबित किया गया है.

रिपोर्ट - संतोष मिश्र