महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सोमवार देर शाम एक बड़ी सफलता मिली। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास से 950 प्रासिको स्पॉस कैप्सूल और एक होंडा साइन बाइक बरामद की है।यह गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 500 मीटर पहले एसएसबी रोड पर की गई। गिरफ्तार किए गए तस्कर की पहचान ठूठीबारी थाना क्षेत्र के निपनिया गांव निवासी बबलू कुमार मद्धेशिया के रूप में हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, बरामद की गई इन नशीली दवाओं को अवैध रूप से नेपाल भेजा जाना था।
इस संयुक्त अभियान का नेतृत्व सहायक कमांडेंट दालसानिया हरसुखलाल रूपा भाई और बीओपी इंचार्ज शिवपूजन ने किया। टीम में एसआई बृजेश कुमार पांडेय, कांस्टेबल बलवंत यादव, अनूप यादव, और मृत्युंजय तिवारी भी शामिल थे।प्रभारी कोतवाल महेंद्र मिश्रा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा पर नशा तस्करी रोकने के लिए गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले ICC मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले से पहले अहमदाबाद में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत कर दिया गया है। बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने स्टेडियम और आसपास के इलाकों में व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि मैच के दौरान व्यवस्था बनी रहे और दर्शकों को किसी तरह की परेशानी न हो।
ये है मामला
अहमदाबाद में आयोजित होने जा रहे टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले को लेकर पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में है। शहर के प्रमुख स्टेडियम और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार मैच के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और प्रवेश व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए पहली बार ‘होल्डिंग एरिया’ की व्यवस्था की गई है। यहां दर्शकों को पहले रोका जाएगा और फिर चरणबद्ध तरीके से स्टेडियम के अंदर भेजा जाएगा, जिससे गेट पर भीड़ का दबाव कम रहेगा।
पुलिस ने यह भी साफ किया है कि बिना टिकट स्टेडियम में प्रवेश करने की कोशिश करने वालों और टिकट की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
बड़े पैमाने पर पुलिस तैनात
अहमदाबाद सिटी के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस नीरज कुमार बडगुजर के मुताबिक मैच के लिए बड़े पैमाने पर पुलिस बंदोबस्त किया गया है। करीब 121 पुलिस अधिकारी और 2000 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा ड्यूटी में तैनात रहेंगे। स्टेडियम के गेट नंबर 1 और 2 पर भीड़ अधिक रहने की संभावना को देखते हुए वहां विशेष बैरिकेडिंग और अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है।
इसके अलावा पूरे स्टेडियम परिसर में निगरानी के लिए 300 से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से मैच के दौरान हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। VVIP मेहमानों की सुरक्षा के लिए भी अलग से विशेष इंतजाम किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार मैच के दिन मेट्रो स्टेशनों और आसपास की सड़कों पर भी भीड़ बढ़ सकती है। इसे देखते हुए वहां भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और ट्रैफिक को सुचारु रखने के लिए कई जगह डायवर्जन लागू किए गए हैं।
मेरठ कलेक्ट्रेट परिसर में रविवार को सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के समर्थन में धरना दे रहे किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। संगठन के कई कार्यकर्ता और किसान नेता कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे थे। इसी दौरान पुलिस और किसान नेताओं के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
ये है मामला
बहस बढ़ने की सूचना मिलने पर सीओ अभिषेक तिवारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने किसान नेताओं से कहा कि पुलिस उनसे बातचीत करने के लिए ही वहां आई है। उन्होंने कहा कि “हम आपके पीछे आए हैं ताकि आपसे बात कर सकें। हम आपके लिए यहां खड़े भी हैं और काफी देर से चुप भी हैं, लेकिन थाने के एसएसआई को लगातार धमकाना ठीक नहीं है। वह यहां आपकी धमकी सुनने के लिए नहीं खड़ा है।”
सीओ की इस बात पर किसान मजदूर संगठन के नेता अंशुल तोमर ने सवाल करते हुए कहा कि “क्या करोगे, 151 में चालान करके जेल भेजोगे?” इस पर सीओ अभिषेक तिवारी ने सख्त लहजे में जवाब दिया कि उन्हें यह बताने की जरूरत नहीं है कि वे क्या कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने कहा, “पहले मेरी एक लाइन की बात सुनिए। आपके सम्मान में हमारी तरफ से कोई कमी नहीं है, लेकिन अगर यहां मेरे एक भी सिपाही का अपमान हुआ तो यह बिल्कुल ठीक नहीं होगा।”
सीओ ने कहा ये
सीओ ने स्पष्ट किया कि पुलिस सभी से सम्मानजनक व्यवहार की उम्मीद करती है और बातचीत भी सम्मान के साथ ही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सभी लोग सम्मानपूर्वक बातचीत करेंगे तभी पुलिस आगे चर्चा के लिए आएगी।
घटना के दौरान कुछ देर तक माहौल गरम रहा, हालांकि बाद में पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभाल लिया और धरना स्थल पर शांति बनाए रखने की अपील की।
नई दिल्ली में गुरुवार को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते में भारत के लगभग 90% से 95% कृषि उत्पादों को शामिल नहीं किया गया है, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि इस समझौते में किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है और कृषि क्षेत्र पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।टेक्सटाइल सेक्टर को कपास पर जीरो-टैरिफ लाभ
पीयूष गोयल ने यह भी बताया कि समझौते के तहत भारतीय टेक्सटाइल और परिधान निर्यातकों को अमेरिकी कपास के उपयोग पर जीरो-टैरिफ सुविधा मिलने की उम्मीद है, जब अंतरिम समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को जो सुविधा मिली है, वैसी ही सुविधा भारत को भी मिलेगी। उन्होंने कहा, अभी फ्रेमवर्क एग्रीमेंट तैयार हो रहा है। जब अंतरिम समझौता अंतिम रूप ले लेगा, तब इसकी बारीकियां सामने आएंगी।
बांग्लादेश को ज्यादा लाभ मिलने के आरोप पर पलटवार
9 फरवरी को अमेरिका और बांग्लादेश के बीच हुए समझौते में पारस्परिक टैरिफ को 20% से घटाकर 19% किया गया। साथ ही, अमेरिकी कपास और मैन-मेड फाइबर से बने विशेष टेक्सटाइल उत्पादों को जीरो-टैरिफ एक्सेस दिया गया।
विपक्ष ने आरोप लगाया था कि बांग्लादेश को भारत से ज्यादा लाभ मिला है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गोयल ने कहा, “राहुल गांधी ने संसद में झूठ फैलाया कि बांग्लादेश को भारत से ज्यादा फायदा मिला है। जिस तरह बांग्लादेश को अमेरिकी कच्चा माल खरीदकर प्रोसेस कर निर्यात करने पर जीरो-टैरिफ मिलता है, वैसी ही सुविधा भारत को भी मिलेगी।” उन्होंने राहुल गांधी से किसानों, मछुआरों, MSME क्षेत्र के श्रमिकों और विश्वकर्माओं से माफी मांगने की मांग की है।
SBI रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका भारत और बांग्लादेश से लगभग 7.5 अरब डॉलर का टेक्सटाइल आयात करता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश को 19% टैरिफ और विशेष शर्तों के तहत जीरो-टैरिफ सुविधा मिलने से भारतीय निर्यातकों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, क्योंकि इससे बांग्लादेशी उत्पाद अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकते हैं।
50% से घटकर 18% हुआ टैरिफ
ट्रंप प्रशासन ने अगस्त 2025 से भारत सहित कई देशों पर 50% टैरिफ लगाया था। हालांकि, हालिया फोन कॉल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत के पश्चात यह टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है। 2 फरवरी को हुई बातचीत के बाद लंबे समय से लंबित व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी होने की घोषणा की गई थी। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट फरवरी 2025 में औपचारिक रूप से प्रस्तावित हुआ था, जिसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
मार्च में सामने आएगी समझौते की पूरी तस्वीर
भारत और अमेरिका ने हाल ही में अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दिया है, जिसकी विस्तृत शर्तें (फाइन प्रिंट) मार्च में सामने आने की संभावना है। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं को भी दूर करने पर सहमति जताई है।
सरकार का दावा है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में कृषि क्षेत्र को व्यापक रूप से बाहर रखकर किसानों के हित सुरक्षित किए गए हैं, जबकि टेक्सटाइल उद्योग को जीरो-टैरिफ सुविधा से प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलने की उम्मीद है। हालांकि, विपक्ष और कुछ विश्लेषकों की ओर से प्रतिस्पर्धा और बाजार हिस्सेदारी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिनका स्पष्ट जवाब समझौते के विस्तृत प्रावधान सामने आने के बाद ही मिलेगा।
उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक कार्यालय ने 9 मार्च 2026 से सर्दियों की वर्दी पहनने को लेकर एक नया आदेश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार 9 मार्च से दिन के समय ग्रीष्मकालीन वर्दी और रात के समय आवश्यकतानुसार व स्थानीय मौसम की स्थिति के अनुसार सर्दियों की वर्दी पहनने का प्रावधान होगा। वहीं 22 मार्च 2026 से दिन व रात दोनों समय ग्रीष्मकालीन वर्दी पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।
जारी किया गया आदेश
यह आदेश पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के अनुमोदन से जारी किया गया है। पूरे प्रदेश में संबंधित अधिकारियों को वर्दी परिवर्तन से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे और इस आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
इस आदेश के तहत सभी पुलिस अधिकारीगण एवं कर्मचारिगण को 9 मार्च से ग्रीष्मकालीन और सर्दियों की वर्दी के प्रावधान का पालन करना होगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह नियम प्रदेश भर में लागू होगा और इसका उल्लंघन कड़ाई से वर्जित होगा।
इस आदेश की कॉपी सभी वरिष्ठ अधिकारियों, जोनल और क्षेत्रीय पुलिस महानिदेशकों को भेज दी गई है ताकि वे अपने-अपने क्षेत्र में इस आदेश को प्रभावी रूप से लागू करा सकें।
इसलिए जारी हुआ आदेश
यह कदम मौसम के बदलते प्रभावों को ध्यान में रखते हुए पुलिस कर्मियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया है। अब 9 मार्च से पुलिस कर्मी मौसम के अनुसार वर्दी पहन सकेंगे और 22 मार्च से ग्रीष्मकालीन वर्दी पूरी तरह से लागू हो जाएगी।
नई दिल्ली में गुरुवार को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते में भारत के लगभग 90% से 95% कृषि उत्पादों को शामिल नहीं किया गया है, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि इस समझौते में किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है और कृषि क्षेत्र पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।टेक्सटाइल सेक्टर को कपास पर जीरो-टैरिफ लाभ
पीयूष गोयल ने यह भी बताया कि समझौते के तहत भारतीय टेक्सटाइल और परिधान निर्यातकों को अमेरिकी कपास के उपयोग पर जीरो-टैरिफ सुविधा मिलने की उम्मीद है, जब अंतरिम समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को जो सुविधा मिली है, वैसी ही सुविधा भारत को भी मिलेगी। उन्होंने कहा, अभी फ्रेमवर्क एग्रीमेंट तैयार हो रहा है। जब अंतरिम समझौता अंतिम रूप ले लेगा, तब इसकी बारीकियां सामने आएंगी।
बांग्लादेश को ज्यादा लाभ मिलने के आरोप पर पलटवार
9 फरवरी को अमेरिका और बांग्लादेश के बीच हुए समझौते में पारस्परिक टैरिफ को 20% से घटाकर 19% किया गया। साथ ही, अमेरिकी कपास और मैन-मेड फाइबर से बने विशेष टेक्सटाइल उत्पादों को जीरो-टैरिफ एक्सेस दिया गया।
विपक्ष ने आरोप लगाया था कि बांग्लादेश को भारत से ज्यादा लाभ मिला है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गोयल ने कहा, “राहुल गांधी ने संसद में झूठ फैलाया कि बांग्लादेश को भारत से ज्यादा फायदा मिला है। जिस तरह बांग्लादेश को अमेरिकी कच्चा माल खरीदकर प्रोसेस कर निर्यात करने पर जीरो-टैरिफ मिलता है, वैसी ही सुविधा भारत को भी मिलेगी।” उन्होंने राहुल गांधी से किसानों, मछुआरों, MSME क्षेत्र के श्रमिकों और विश्वकर्माओं से माफी मांगने की मांग की है।
SBI रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका भारत और बांग्लादेश से लगभग 7.5 अरब डॉलर का टेक्सटाइल आयात करता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश को 19% टैरिफ और विशेष शर्तों के तहत जीरो-टैरिफ सुविधा मिलने से भारतीय निर्यातकों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, क्योंकि इससे बांग्लादेशी उत्पाद अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकते हैं।
50% से घटकर 18% हुआ टैरिफ
ट्रंप प्रशासन ने अगस्त 2025 से भारत सहित कई देशों पर 50% टैरिफ लगाया था। हालांकि, हालिया फोन कॉल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत के पश्चात यह टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है। 2 फरवरी को हुई बातचीत के बाद लंबे समय से लंबित व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी होने की घोषणा की गई थी। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट फरवरी 2025 में औपचारिक रूप से प्रस्तावित हुआ था, जिसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
मार्च में सामने आएगी समझौते की पूरी तस्वीर
भारत और अमेरिका ने हाल ही में अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दिया है, जिसकी विस्तृत शर्तें (फाइन प्रिंट) मार्च में सामने आने की संभावना है। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं को भी दूर करने पर सहमति जताई है।
सरकार का दावा है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में कृषि क्षेत्र को व्यापक रूप से बाहर रखकर किसानों के हित सुरक्षित किए गए हैं, जबकि टेक्सटाइल उद्योग को जीरो-टैरिफ सुविधा से प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलने की उम्मीद है। हालांकि, विपक्ष और कुछ विश्लेषकों की ओर से प्रतिस्पर्धा और बाजार हिस्सेदारी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिनका स्पष्ट जवाब समझौते के विस्तृत प्रावधान सामने आने के बाद ही मिलेगा।
नई दिल्ली में गुरुवार को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते में भारत के लगभग 90% से 95% कृषि उत्पादों को शामिल नहीं किया गया है, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि इस समझौते में किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है और कृषि क्षेत्र पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।टेक्सटाइल सेक्टर को कपास पर जीरो-टैरिफ लाभ
पीयूष गोयल ने यह भी बताया कि समझौते के तहत भारतीय टेक्सटाइल और परिधान निर्यातकों को अमेरिकी कपास के उपयोग पर जीरो-टैरिफ सुविधा मिलने की उम्मीद है, जब अंतरिम समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को जो सुविधा मिली है, वैसी ही सुविधा भारत को भी मिलेगी। उन्होंने कहा, अभी फ्रेमवर्क एग्रीमेंट तैयार हो रहा है। जब अंतरिम समझौता अंतिम रूप ले लेगा, तब इसकी बारीकियां सामने आएंगी।
बांग्लादेश को ज्यादा लाभ मिलने के आरोप पर पलटवार
9 फरवरी को अमेरिका और बांग्लादेश के बीच हुए समझौते में पारस्परिक टैरिफ को 20% से घटाकर 19% किया गया। साथ ही, अमेरिकी कपास और मैन-मेड फाइबर से बने विशेष टेक्सटाइल उत्पादों को जीरो-टैरिफ एक्सेस दिया गया।
विपक्ष ने आरोप लगाया था कि बांग्लादेश को भारत से ज्यादा लाभ मिला है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गोयल ने कहा, “राहुल गांधी ने संसद में झूठ फैलाया कि बांग्लादेश को भारत से ज्यादा फायदा मिला है। जिस तरह बांग्लादेश को अमेरिकी कच्चा माल खरीदकर प्रोसेस कर निर्यात करने पर जीरो-टैरिफ मिलता है, वैसी ही सुविधा भारत को भी मिलेगी।” उन्होंने राहुल गांधी से किसानों, मछुआरों, MSME क्षेत्र के श्रमिकों और विश्वकर्माओं से माफी मांगने की मांग की है।
SBI रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका भारत और बांग्लादेश से लगभग 7.5 अरब डॉलर का टेक्सटाइल आयात करता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश को 19% टैरिफ और विशेष शर्तों के तहत जीरो-टैरिफ सुविधा मिलने से भारतीय निर्यातकों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, क्योंकि इससे बांग्लादेशी उत्पाद अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकते हैं।
50% से घटकर 18% हुआ टैरिफ
ट्रंप प्रशासन ने अगस्त 2025 से भारत सहित कई देशों पर 50% टैरिफ लगाया था। हालांकि, हालिया फोन कॉल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत के पश्चात यह टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है। 2 फरवरी को हुई बातचीत के बाद लंबे समय से लंबित व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी होने की घोषणा की गई थी। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट फरवरी 2025 में औपचारिक रूप से प्रस्तावित हुआ था, जिसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
मार्च में सामने आएगी समझौते की पूरी तस्वीर
भारत और अमेरिका ने हाल ही में अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दिया है, जिसकी विस्तृत शर्तें (फाइन प्रिंट) मार्च में सामने आने की संभावना है। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं को भी दूर करने पर सहमति जताई है।
सरकार का दावा है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में कृषि क्षेत्र को व्यापक रूप से बाहर रखकर किसानों के हित सुरक्षित किए गए हैं, जबकि टेक्सटाइल उद्योग को जीरो-टैरिफ सुविधा से प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलने की उम्मीद है। हालांकि, विपक्ष और कुछ विश्लेषकों की ओर से प्रतिस्पर्धा और बाजार हिस्सेदारी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिनका स्पष्ट जवाब समझौते के विस्तृत प्रावधान सामने आने के बाद ही मिलेगा।
नई दिल्ली में गुरुवार को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते में भारत के लगभग 90% से 95% कृषि उत्पादों को शामिल नहीं किया गया है, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि इस समझौते में किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है और कृषि क्षेत्र पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।टेक्सटाइल सेक्टर को कपास पर जीरो-टैरिफ लाभ
पीयूष गोयल ने यह भी बताया कि समझौते के तहत भारतीय टेक्सटाइल और परिधान निर्यातकों को अमेरिकी कपास के उपयोग पर जीरो-टैरिफ सुविधा मिलने की उम्मीद है, जब अंतरिम समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को जो सुविधा मिली है, वैसी ही सुविधा भारत को भी मिलेगी। उन्होंने कहा, अभी फ्रेमवर्क एग्रीमेंट तैयार हो रहा है। जब अंतरिम समझौता अंतिम रूप ले लेगा, तब इसकी बारीकियां सामने आएंगी।
बांग्लादेश को ज्यादा लाभ मिलने के आरोप पर पलटवार
9 फरवरी को अमेरिका और बांग्लादेश के बीच हुए समझौते में पारस्परिक टैरिफ को 20% से घटाकर 19% किया गया। साथ ही, अमेरिकी कपास और मैन-मेड फाइबर से बने विशेष टेक्सटाइल उत्पादों को जीरो-टैरिफ एक्सेस दिया गया।
विपक्ष ने आरोप लगाया था कि बांग्लादेश को भारत से ज्यादा लाभ मिला है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गोयल ने कहा, “राहुल गांधी ने संसद में झूठ फैलाया कि बांग्लादेश को भारत से ज्यादा फायदा मिला है। जिस तरह बांग्लादेश को अमेरिकी कच्चा माल खरीदकर प्रोसेस कर निर्यात करने पर जीरो-टैरिफ मिलता है, वैसी ही सुविधा भारत को भी मिलेगी।” उन्होंने राहुल गांधी से किसानों, मछुआरों, MSME क्षेत्र के श्रमिकों और विश्वकर्माओं से माफी मांगने की मांग की है।
SBI रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका भारत और बांग्लादेश से लगभग 7.5 अरब डॉलर का टेक्सटाइल आयात करता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश को 19% टैरिफ और विशेष शर्तों के तहत जीरो-टैरिफ सुविधा मिलने से भारतीय निर्यातकों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, क्योंकि इससे बांग्लादेशी उत्पाद अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकते हैं।
50% से घटकर 18% हुआ टैरिफ
ट्रंप प्रशासन ने अगस्त 2025 से भारत सहित कई देशों पर 50% टैरिफ लगाया था। हालांकि, हालिया फोन कॉल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत के पश्चात यह टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है। 2 फरवरी को हुई बातचीत के बाद लंबे समय से लंबित व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी होने की घोषणा की गई थी। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट फरवरी 2025 में औपचारिक रूप से प्रस्तावित हुआ था, जिसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
मार्च में सामने आएगी समझौते की पूरी तस्वीर
भारत और अमेरिका ने हाल ही में अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दिया है, जिसकी विस्तृत शर्तें (फाइन प्रिंट) मार्च में सामने आने की संभावना है। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं को भी दूर करने पर सहमति जताई है।
सरकार का दावा है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में कृषि क्षेत्र को व्यापक रूप से बाहर रखकर किसानों के हित सुरक्षित किए गए हैं, जबकि टेक्सटाइल उद्योग को जीरो-टैरिफ सुविधा से प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलने की उम्मीद है। हालांकि, विपक्ष और कुछ विश्लेषकों की ओर से प्रतिस्पर्धा और बाजार हिस्सेदारी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिनका स्पष्ट जवाब समझौते के विस्तृत प्रावधान सामने आने के बाद ही मिलेगा।
नई दिल्ली में गुरुवार को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते में भारत के लगभग 90% से 95% कृषि उत्पादों को शामिल नहीं किया गया है, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि इस समझौते में किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है और कृषि क्षेत्र पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।टेक्सटाइल सेक्टर को कपास पर जीरो-टैरिफ लाभ
पीयूष गोयल ने यह भी बताया कि समझौते के तहत भारतीय टेक्सटाइल और परिधान निर्यातकों को अमेरिकी कपास के उपयोग पर जीरो-टैरिफ सुविधा मिलने की उम्मीद है, जब अंतरिम समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को जो सुविधा मिली है, वैसी ही सुविधा भारत को भी मिलेगी। उन्होंने कहा, अभी फ्रेमवर्क एग्रीमेंट तैयार हो रहा है। जब अंतरिम समझौता अंतिम रूप ले लेगा, तब इसकी बारीकियां सामने आएंगी।
बांग्लादेश को ज्यादा लाभ मिलने के आरोप पर पलटवार
9 फरवरी को अमेरिका और बांग्लादेश के बीच हुए समझौते में पारस्परिक टैरिफ को 20% से घटाकर 19% किया गया। साथ ही, अमेरिकी कपास और मैन-मेड फाइबर से बने विशेष टेक्सटाइल उत्पादों को जीरो-टैरिफ एक्सेस दिया गया।
विपक्ष ने आरोप लगाया था कि बांग्लादेश को भारत से ज्यादा लाभ मिला है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गोयल ने कहा, “राहुल गांधी ने संसद में झूठ फैलाया कि बांग्लादेश को भारत से ज्यादा फायदा मिला है। जिस तरह बांग्लादेश को अमेरिकी कच्चा माल खरीदकर प्रोसेस कर निर्यात करने पर जीरो-टैरिफ मिलता है, वैसी ही सुविधा भारत को भी मिलेगी।” उन्होंने राहुल गांधी से किसानों, मछुआरों, MSME क्षेत्र के श्रमिकों और विश्वकर्माओं से माफी मांगने की मांग की है।
SBI रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका भारत और बांग्लादेश से लगभग 7.5 अरब डॉलर का टेक्सटाइल आयात करता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश को 19% टैरिफ और विशेष शर्तों के तहत जीरो-टैरिफ सुविधा मिलने से भारतीय निर्यातकों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, क्योंकि इससे बांग्लादेशी उत्पाद अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकते हैं।
50% से घटकर 18% हुआ टैरिफ
ट्रंप प्रशासन ने अगस्त 2025 से भारत सहित कई देशों पर 50% टैरिफ लगाया था। हालांकि, हालिया फोन कॉल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत के पश्चात यह टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है। 2 फरवरी को हुई बातचीत के बाद लंबे समय से लंबित व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी होने की घोषणा की गई थी। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट फरवरी 2025 में औपचारिक रूप से प्रस्तावित हुआ था, जिसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
मार्च में सामने आएगी समझौते की पूरी तस्वीर
भारत और अमेरिका ने हाल ही में अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दिया है, जिसकी विस्तृत शर्तें (फाइन प्रिंट) मार्च में सामने आने की संभावना है। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं को भी दूर करने पर सहमति जताई है।
सरकार का दावा है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में कृषि क्षेत्र को व्यापक रूप से बाहर रखकर किसानों के हित सुरक्षित किए गए हैं, जबकि टेक्सटाइल उद्योग को जीरो-टैरिफ सुविधा से प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलने की उम्मीद है। हालांकि, विपक्ष और कुछ विश्लेषकों की ओर से प्रतिस्पर्धा और बाजार हिस्सेदारी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिनका स्पष्ट जवाब समझौते के विस्तृत प्रावधान सामने आने के बाद ही मिलेगा।
कानपुर पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार से जुड़े आरोपों में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि ये पुलिसकर्मी चरस–गांजा तस्करों की मदद करते थे और पुलिस छापों की गोपनीय जानकारी पहले ही उन्हें दे देते थे। बदले में उनसे पैसे भी वसूले जाते थे।
ये है मामला
मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए चारों कर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में सब इंस्पेक्टर श्रवण कुमार, हेड कांस्टेबल रंजीत कुमार, हेड कांस्टेबल कमलाकांत और हेड कांस्टेबल जितेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि इलाके में लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की शिकायत के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान यह संकेत मिले कि कुछ पुलिसकर्मी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए तस्करों से संपर्क में थे और उन्हें कार्रवाई से पहले ही सूचना पहुंचा देते थे।
पुलिस के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि छापेमारी से पहले तस्करों को अलर्ट कर दिया जाता था, जिससे वे मौके से फरार हो जाते थे या अवैध माल हटा देते थे। इसके बदले कथित तौर पर पैसे लिए जाते थे।
मामले की जांच है जारी
मामले की जांच अभी जारी है और विभागीय स्तर पर विस्तृत जांच कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें किसी भी स्तर पर मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नई दिल्ली में गुरुवार को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते में भारत के लगभग 90% से 95% कृषि उत्पादों को शामिल नहीं किया गया है, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि इस समझौते में किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है और कृषि क्षेत्र पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।टेक्सटाइल सेक्टर को कपास पर जीरो-टैरिफ लाभ
पीयूष गोयल ने यह भी बताया कि समझौते के तहत भारतीय टेक्सटाइल और परिधान निर्यातकों को अमेरिकी कपास के उपयोग पर जीरो-टैरिफ सुविधा मिलने की उम्मीद है, जब अंतरिम समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को जो सुविधा मिली है, वैसी ही सुविधा भारत को भी मिलेगी। उन्होंने कहा, अभी फ्रेमवर्क एग्रीमेंट तैयार हो रहा है। जब अंतरिम समझौता अंतिम रूप ले लेगा, तब इसकी बारीकियां सामने आएंगी।
बांग्लादेश को ज्यादा लाभ मिलने के आरोप पर पलटवार
9 फरवरी को अमेरिका और बांग्लादेश के बीच हुए समझौते में पारस्परिक टैरिफ को 20% से घटाकर 19% किया गया। साथ ही, अमेरिकी कपास और मैन-मेड फाइबर से बने विशेष टेक्सटाइल उत्पादों को जीरो-टैरिफ एक्सेस दिया गया।
विपक्ष ने आरोप लगाया था कि बांग्लादेश को भारत से ज्यादा लाभ मिला है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गोयल ने कहा, “राहुल गांधी ने संसद में झूठ फैलाया कि बांग्लादेश को भारत से ज्यादा फायदा मिला है। जिस तरह बांग्लादेश को अमेरिकी कच्चा माल खरीदकर प्रोसेस कर निर्यात करने पर जीरो-टैरिफ मिलता है, वैसी ही सुविधा भारत को भी मिलेगी।” उन्होंने राहुल गांधी से किसानों, मछुआरों, MSME क्षेत्र के श्रमिकों और विश्वकर्माओं से माफी मांगने की मांग की है।
SBI रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका भारत और बांग्लादेश से लगभग 7.5 अरब डॉलर का टेक्सटाइल आयात करता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश को 19% टैरिफ और विशेष शर्तों के तहत जीरो-टैरिफ सुविधा मिलने से भारतीय निर्यातकों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, क्योंकि इससे बांग्लादेशी उत्पाद अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकते हैं।
50% से घटकर 18% हुआ टैरिफ
ट्रंप प्रशासन ने अगस्त 2025 से भारत सहित कई देशों पर 50% टैरिफ लगाया था। हालांकि, हालिया फोन कॉल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत के पश्चात यह टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है। 2 फरवरी को हुई बातचीत के बाद लंबे समय से लंबित व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी होने की घोषणा की गई थी। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट फरवरी 2025 में औपचारिक रूप से प्रस्तावित हुआ था, जिसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
मार्च में सामने आएगी समझौते की पूरी तस्वीर
भारत और अमेरिका ने हाल ही में अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दिया है, जिसकी विस्तृत शर्तें (फाइन प्रिंट) मार्च में सामने आने की संभावना है। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं को भी दूर करने पर सहमति जताई है।
सरकार का दावा है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में कृषि क्षेत्र को व्यापक रूप से बाहर रखकर किसानों के हित सुरक्षित किए गए हैं, जबकि टेक्सटाइल उद्योग को जीरो-टैरिफ सुविधा से प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलने की उम्मीद है। हालांकि, विपक्ष और कुछ विश्लेषकों की ओर से प्रतिस्पर्धा और बाजार हिस्सेदारी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिनका स्पष्ट जवाब समझौते के विस्तृत प्रावधान सामने आने के बाद ही मिलेगा।