Sugarcane Prices: यूपी नहीं, यहां किसानों को मिलती है गन्ने की सबसे ज्यादा कीमत, सबसे कम वाला राज्य भी जानिए

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पिछले दिनों किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) बढ़ाने की घोषणा की है। पेराई सत्र 2025–26 के लिए अब अगेती गन्ने का भाव 400 रुपए प्रति क्विंटल और सामान्य गन्ने का 390 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। सरकार के इस कदम से करीब 46 लाख गन्ना किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी के बाद किसानों में खुशी की लहर है, वहीं चीनी मिल संचालकों ने इसे “महत्वपूर्ण मगर चुनौतीपूर्ण निर्णय” बताया है। लेकिन यूपी अभी भी गन्ने की कीमत देने में दो राज्यों से पीछे है। आइए जानते हैं…

यूपी के गन्ना किसानों को 8 साल में मिला सबसे बड़ा तोहफा

गन्ना मंत्री ने बताया कि बीते आठ वर्षों में राज्य सरकार ने कुल 85 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। इस वृद्धि से किसानों की आमदनी में करीब 3,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त बढ़ोतरी होगी। यह अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि मानी जा रही है। यह योगी सरकार के कार्यकाल में चौथी बार है जब गन्ने के एसएपी में बढ़ोतरी की गई है।

8 वर्षों में गन्ने के भाव में कब-कब बढ़ोतरी हुई

पेराई सत्रमूल्यवृद्धि (₹/क्विंटल)
20171810 रुपए
20212225 रुपए
20232420 रुपए
20252630 रुपए

योगी सरकार के कार्यकाल में गन्ना उद्योग में आई नई जान

गन्ना मंत्री ने कहा कि 2017 से पहले गन्ना उद्योग बदहाली में था, कई चीनी मिलें बंद या बिक चुकी थीं। योगी आदित्यनाथ सरकार के सत्ता में आने के बाद पारदर्शी भुगतान प्रणाली लागू की गई और उद्योग को पुनर्जीवित किया गया।

  • पिछले 8 वर्षों में 12,000 करोड़ रुपए का निवेश हुआ।
  • 4 नई चीनी मिलें खोली गईं, 6 बंद मिलों को पुनः चालू किया गया।
  • 42 मिलों की उत्पादन क्षमता बढ़ाई गई।
  • किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन गन्ना पर्ची प्रणाली लागू की गई।
  • इन सुधारों के चलते भुगतान व्यवस्था समयबद्ध और पारदर्शी बनी है।
  • यूपी देश का नंबर वन राज्य गन्ना, चीनी और एथनॉल उत्पादन में
  • वर्तमान में उत्तर प्रदेश गन्ना, चीनी और एथनॉल उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है।
  • 2007 से 2017 के बीच गन्ने का क्षेत्रफल 9.51 लाख हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 29.51 लाख हेक्टेयर हो गया है।
  • 2017 से पहले तक कुल भुगतान 1.47 लाख करोड़ रुपए था, जबकि योगी सरकार के कार्यकाल में अब तक 2.90 लाख करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।

लेकिन कीमत देने में यूपी से आगे हैं ये दो राज्य

राज्यएसएपी (₹/क्विंटल)
हरियाणा415 रुपए
पंजाब401 रुपए
उत्तर प्रदेश400 रुपए (अगेती)
उत्तराखंड375 रुपए
कर्नाटक370 रुपए
बिहार365 रुपए
महाराष्ट्र355 रुपए

किसानों में खुशी, मिल मालिकों में सतर्कता

जहां यूपी के गन्ना किसानों ने इस बढ़ोतरी को “लंबे समय से प्रतीक्षित राहत” बताया है, वहीं चीनी मिल संचालक मानते हैं कि सरकार को एथनॉल उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि मिलों की आर्थिक स्थिति संतुलित बनी रहे। किसान संगठनों ने कहा कि “यह फैसला देरी से जरूर आया, लेकिन स्वागत योग्य है।”