Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा 11 November 2025): Aaj Aur Kal ka Mausam Kaisa Rahega, Kal Ka Mausam Kaisa Rahega, IMD, Weather News, Mausma ki Jankari, Extreme Rain Alert, Extreme Cold Alert, Thunderstorm, Winter 2025, Monsoon 2025, Tomorrow Weather, कल का मौसम, कल के मौसम की जानकारी, मानसून 2025, मौसम की खबर, बारिश का अलर्ट, सर्दी का मौसम, 11 नवंबर का मौसम

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Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): मानसून थमते ही ठंड ने देशभर में अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। बात अगर पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम की करें तो, देश के कई हिस्सों में अलग-अलग प्रकार की मौसम स्थितियां देखी गईं। केरल के विभिन्न इलाकों में भारी वर्षा (लगभग 7 से 11 सेंटीमीटर) दर्ज की गई। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कई क्षेत्रों में शीत लहर से लेकर गंभीर शीत लहर जैसी परिस्थितियां बनी रहीं। इसके अलावा, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी शीत लहर का असर देखने को मिला। इसी के साथ, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसी प्रकार, दक्षिण बांग्लादेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी निचले वायुमंडलीय स्तर पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके अलावा, उत्तरी आंतरिक तमिलनाडु और उसके आसपास के इलाकों में भी निचले स्तर पर एक अन्य वायु चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है।

इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से अगले कुछ दिनों में विभिन्न राज्यों में वर्षा की संभावना बनी हुई है। तमिलनाडु में 12 और 13 नवंबर को, केरल और माहे में 11 नवंबर को, तथा लक्षद्वीप में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं, जबकि कुछ इलाकों में भारी वर्षा की भी संभावना है। इसके अतिरिक्त, 11 से 14 नवंबर के बीच तमिलनाडु में तथा 11 नवंबर को केरल, माहे और लक्षद्वीप में बिजली चमकने के साथ बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। 12 नवंबर के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश में शीत लहर से लेकर गंभीर शीत लहर जैसी परिस्थितियां बनी रहने की संभावना है। इसी अवधि में हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी शीत लहर के असर की आशंका है। वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 10 से 14 नवंबर तक, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 13 और 14 नवंबर को, विदर्भ में 12 और 13 नवंबर को तथा झारखंड और ओडिशा में 11 और 12 नवंबर को शीत लहर की स्थिति बनी रह सकती है। अगले पांच दिनों के दौरान पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के न्यूनतम तापमान में किसी बड़े परिवर्तन की संभावना नहीं है। इसी तरह, उत्तर-पश्चिम भारत में भी अगले चार से पांच दिनों तक तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा, हालांकि इस दौरान न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस कम रहने की संभावना है। महाराष्ट्र और गुजरात में अगले तीन दिनों तक तापमान लगभग स्थिर रहेगा, जबकि तेलंगाना में अगले दो से तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली में कल का मौसम

दिल्ली में कल सुबह के समय हल्का कुहासा या धुंध छाए रहने के साथ आसमान सामान्यतः साफ रहेगा। दिन के दौरान अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 2 से 4 डिग्री सेल्सियस कम रहेगा, जबकि अधिकतम तापमान भी सामान्य से 1 से 2 डिग्री सेल्सियस नीचे रहने की उम्मीद है। सुबह के समय उत्तर-पश्चिम दिशा से लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चलेंगी। दोपहर तक इन हवाओं की गति धीरे-धीरे बढ़कर लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। शाम और रात के समय हवा की गति घटकर उत्तर-पश्चिम दिशा से 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहने की संभावना है।

दिल्ली में वायु गुणवत्ता का हाल

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, सोमवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में घनी धुंध छाई रही, जिससे वायु गुणवत्ता “बेहद खराब” श्रेणी में दर्ज की गई और कई इलाकों में दृश्यता पर असर पड़ा। सुबह 9 बजे तक दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 345 रहा। ‘समीर’ एप के आंकड़ों के मुताबिक, बवाना में AQI 411 दर्ज किया गया, जो “गंभीर” श्रेणी में आता है, जबकि वजीरपुर में यह स्तर 397 रहा। दिल्ली के 38 निगरानी केंद्रों में से बवाना केंद्र ने वायु गुणवत्ता को “गंभीर” स्तर पर दर्ज किया, वहीं अन्य अधिकांश केंद्रों ने इसे “बहुत खराब” श्रेणी में बताया। सीपीसीबी के अनुसार, रविवार सुबह शहर की वायु गुणवत्ता में अचानक गिरावट आई और यह इस मौसम के सबसे निचले स्तर 391 तक पहुँच गई थी। हालांकि, दिन के दौरान इसमें थोड़ा सुधार हुआ और शाम 4 बजे समग्र AQI 370 दर्ज किया गया, जिससे दिल्ली “रेड जोन” में बनी रही। सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, 0 से 50 तक AQI “अच्छा”, 51 से 100 “संतोषजनक”, 101 से 200 “मध्यम”, 201 से 300 “खराब”, 301 से 400 “बहुत खराब” और 401 से 500 “गंभीर” श्रेणी में माना जाता है।

यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?

उत्तर प्रदेश में मौसम में बदलाव के संकेत स्पष्ट होने लगे हैं। नवंबर के दूसरे सप्ताह में ठंड ने दस्तक दे दी है। हालांकि अभी इतनी कड़ाके की ठंड नहीं पड़ी है कि लोग ठिठुरने लगें, लेकिन सुबह और रात के समय हल्की सिहरन और कोहरे की मौजूदगी ने मौसम को ठंडा बना दिया है। दिन के दौरान धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत भी मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश का मौसम इसी तरह स्थिर रहने की संभावना है और किसी बड़े परिवर्तन के आसार नहीं हैं। यदि पछुआ हवाएं इसी दिशा में चलती रहीं, तो आने वाले सप्ताह से ठंड में और बढ़ोतरी हो सकती है। बाराबंकी, कानपुर, प्रयागराज, बरेली, आगरा और सोनभद्र सहित राज्य के दस से अधिक जिलों में रात का तापमान लगभग 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। पश्चिमोत्तर दिशा से चल रही ठंडी पछुआ हवाओं के कारण रातें और ठंडी महसूस हुईं। वहीं, सुबह के समय हल्के कोहरे की परत ने कुछ इलाकों में दृश्यता को प्रभावित किया। मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, तराई और पूर्वांचल के जिलों में आने वाले दिनों में सुबह का कोहरा और घना हो सकता है, जबकि दिन में धूप बनी रहने की संभावना है।

बिहार में मौसम का हाल क्या है?

भारतीय मौसम विभाग (IMD) और बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, आने वाले तीन दिनों में राज्य के न्यूनतम तापमान में लगभग 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 12 से 16 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 28 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। पछुआ हवाओं की गति बढ़कर 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे ठंड का प्रभाव और अधिक महसूस होगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाएं अब बिहार की ओर बढ़ रही हैं, जिसके चलते अगले 48 घंटों में ठंड में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक आशीष कुमार ने बताया कि इस वर्ष शुष्क पछुआ हवाएं सामान्य समय से पहले, यानी नवंबर के दूसरे सप्ताह में ही सक्रिय हो गई हैं। इससे संकेत मिलते हैं कि इस साल ठंड सामान्य से अधिक पड़ सकती है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 8 नवंबर को पटना का न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि इस वर्ष यह घटकर 17.8 डिग्री सेल्सियस रह गया है, यानी लगभग 5 डिग्री की कमी दर्ज की गई है। समग्र रूप से देखा जाए तो इस साल नवंबर में दिन और रात, दोनों का तापमान पिछले वर्ष की तुलना में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस कम बना हुआ है।

राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम

राजस्थान में हवा के रुख में बदलाव के कारण पिछले कुछ दिनों से जारी शीतलहर का प्रभाव अब धीरे-धीरे कम होता दिख रहा है। हालांकि, सीकर और नागौर में बीती रात ठंड का असर अभी भी तेज महसूस किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में ठंड से कुछ राहत बनी रहेगी, लेकिन सप्ताहांत तक उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में शीतलहर दोबारा सक्रिय हो सकती है, जिससे सर्दी का असर फिर बढ़ेगा। पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में दिन और रात का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है, जिससे मौसम शुष्क बना हुआ है। सोमवार को चूरू, बीकानेर, जैसलमेर और उदयपुर में दक्षिण-पश्चिम दिशा से चलने वाली शुष्क सतही हवाओं के कारण मौसम का रुख शुष्क रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हाल ही में हवा के पैटर्न में बदलाव हुआ है। अब उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं की जगह दक्षिण-पश्चिम से शुष्क हवाएँ चल रही हैं। इसी वजह से फिलहाल अगले 3 से 4 दिनों तक कड़ाके की सर्दी लौटने की संभावना कम है।

एमपी में मौसम कैसा रहेगा?

मध्य प्रदेश में इन दिनों कोई प्रमुख मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है, जिसके कारण आसपास के राज्यों में तापमान में आई गिरावट का असर प्रदेश पर भी दिखने लगा है। इससे ठिठुरन में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार और रविवार की रात इंदौर और राजगढ़ में न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो मैदानी इलाकों में सबसे कम रहा। राज्य के भोपाल, सीहोर और शाजापुर में तीव्र शीतलहर का असर देखने को मिला, जबकि रीवा, शहडोल और जबलपुर में सामान्य शीतलहर की स्थिति रही। भोपाल में न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 36 वर्षों में नवंबर महीने का सबसे कम तापमान है। इससे पहले 30 नवंबर 1988 को रात का तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, सोमवार को भी भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, देवास, शाजापुर, आगर, रीवा, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और जबलपुर में शीतलहर का प्रभाव जारी रहने की संभावना है।

दक्षिण राज्यों में आगनी दिनों का मौसम

केरल, जहां इस साल मानसून ने सबसे पहले दस्तक दी थी, अब मानसून के विदा होने के बाद भी इसके प्रभाव से पूरी तरह मुक्त नहीं हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 11 से 13 नवंबर तक राज्य के कई जिलों में रुक-रुककर भारी वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं चलने, आंधी आने और बिजली चमकने की भी आशंका जताई गई है। इसी तरह, इस वर्ष तमिलनाडु में मानसून के दौरान अच्छी बारिश देखने को मिली थी, और अब भी वहां वर्षा का दौर पूरी तरह थमा नहीं है। विभाग के अनुसार, 11 से 13 नवंबर के बीच तमिलनाडु के कई हिस्सों में फिर से भारी बारिश हो सकती है, जिसमें गर्जना और बिजली गिरने की संभावना भी शामिल है। इसके अलावा, मौसम के इसी रुख के चलते पुदुचेरी और माहे में भी 11 से 13 नवंबर तक रुक-रुककर तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गरजने के आसार बने हुए हैं।

FAQs

कल दिल्ली का मौसम कैसा रहने वाला है?

दिल्ली में कल सुबह हल्का कुहासा या धुंध छाए रहने की संभावना है। दिन के समय आसमान सामान्यतः साफ रहेगा और अधिकतम तापमान 27–29°C तथा न्यूनतम तापमान 10–12°C के बीच रह सकता है।

उत्तर प्रदेश में ठंड कब तक बढ़ने की उम्मीद है?

बिहार में ठंड कैसी है?

मध्य प्रदेश और राजस्थान में शीतलहर की स्थिति?

दक्षिण भारत का मौसम?

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 Nilesh Dwivedi
Nilesh Dwivedi Author

निलेश द्विवेदी वर्तमान में टाइम्स नाऊ नवभारत की सिटी टीम में 17 अप्रैल 2025 से बतौर ट्रेनी कॉपी एडिटर जिम्मेदारी निभाते हैं। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज… और देखें

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