स्थानीय किसानों ने उपजिलाधिकारी से की उच्च-स्तरीय जांच और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग…
निचलौल, महराजगंज। तहसील निचलौल के बरोहिया ढाला स्थित “सिंह खाद भण्डार” नामक प्रतिष्ठान पर खाद की कालाबाजारी और संगठित तस्करी का एक गंभीर आरोप लगा है। क्षेत्र के अन्नदाता किसानों ने संयुक्त रूप से उपजिलाधिकारी निचलौल को एक शिकायती पत्र सौंपकर दुकान की तत्काल जांच और संचालक के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही की मांग की है।किसानों का आरोप है कि यह प्रतिष्ठान खुलेआम सब्सिडी-युक्त सरकारी खाद की कालाबाजारी कर रहा है। शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि बड़ी संख्या में दो-पहिया और चार-पहिया वाहनों द्वारा यह खाद सीमा पार, पड़ोसी देश नेपाल को भेजी जा रही है। इसके कारण, स्थानीय किसानों को उनकी आवश्यकतानुसार खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
> “अगर खाद मिलती भी है, तो वह केवल नाममात्र की मात्रा में होती है और वह भी निर्धारित सरकारी मूल्य (MRP) से कहीं अधिक दाम पर बेची जाती है। यह हमारे कृषि विकास और किसान कल्याण की योजनाओं को सीधा नुकसान पहुंचा रहा है।”
शिकायत में एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया है कि इस अवैध गतिविधि का कवरेज करने पहुँचे एक पत्रकार को दुकान संचालक अनिल सिंह एवं उनके परिजनों द्वारा सरेआम सड़क पर घेरकर बर्बरतापूर्वक पीटा गया था। इस कृत्य के बाद, प्रशासन द्वारा अभियुक्त को जेल भी भेजा गया था, जो संचालक के कानून को हाथ में लेने के दुस्साहस को दर्शाता है।
किसानों ने विभाग पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, बार-बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद, संचालक की “ऊपरी पकड़” होने के कारण अभी तक कोई प्रभावी या संतोषजनक कार्यवाही नहीं हुई है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी निराशा व्याप्त है।
शिकायती पत्र में उपजिलाधिकारी से विनम्र प्रार्थना की गई है कि वे इस गंभीर मामले का संज्ञान लें। किसानों ने मांग की है कि:
* “सिंह खाद भण्डार” की तत्काल एक उच्च-स्तरीय, निष्पक्ष टीम से गहन जांच (स्टॉक, बिक्री रजिस्टर, और सीसीटीवी फुटेज की जांच) कराई जाए।
* जांच में दोषी पाए जाने पर, प्रतिष्ठान के लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित/निरस्त किया जाए।
* खाद कालाबाजारी एवं तस्करी के आरोप में संचालक के विरुद्ध कठोर कानूनी और दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
किसानों ने आशा व्यक्त की है कि उपजिलाधिकारी की त्वरित और न्यायसंगत कार्यवाही भविष्य में ऐसे दुस्साहस को रोकेगी और राष्ट्रीय संसाधनों की लूट पर अंकुश लगाएगी।












