मुख्य चौराहों पर मिली तैनाती
सुबह से ही 10 प्रशिक्षित महिला ट्रैफिक सिपाही चौराहे पर तैनात रहीं। इन सभी को पहले विशेष प्रशिक्षण दिया गया था, जिसमें ट्रैफिक कंट्रोल, चालान प्रक्रिया, सिग्नल मैनेजमेंट और आम जनता से संवाद की तकनीक सिखाई गई थी। महिला पुलिसकर्मियों ने दिनभर चौराहे पर न केवल नियमों का पालन करवाया, बल्कि वाहन चालकों को शालीनता से ट्रैफिक के प्रति जागरूक भी किया।
इस दौरान एक दिलचस्प वाकया भी देखने को मिला, जब लाल बत्ती होने पर पुलिस की एक जीप जेब्रा क्रॉसिंग के बीच आकर रुक गई। मौके पर मौजूद महिला ट्रैफिक सिपाही ने बिना झिझक जीप चालक को वाहन पीछे करने का इशारा किया। चालक ने तुरंत गाड़ी पीछे कर दी। यह दृश्य इस बात का संदेश बन गया कि कानून सभी के लिए बराबर है — चाहे वह आम नागरिक हो या पुलिसकर्मी।
महिला ट्रैफिक सिपाहियों ने दोपहर तक कई वाहन चालकों के चालान में भी सहयोग किया। बिना हेलमेट, गलत दिशा या सिग्नल तोड़ने वालों पर मौके पर कार्रवाई की गई।
एसीपी ने दी बधाई
दिन की शुरुआत अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने की, जिन्होंने महिला कर्मियों को उनके पहले दिन की ड्यूटी के लिए शुभकामनाएं दीं और उन्हें अनुशासन में रहकर नियमों का पालन कराने की हिदायत दी। इस अवसर पर डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन और एडीसीपी ट्रैफिक सच्चिदानंद भी मौजूद रहे। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में महिला सिपाहियों ने ट्रैफिक को संभालते हुए यह साबित कर दिया कि वे हर जिम्मेदारी को न सिर्फ बखूबी निभा सकती हैं, बल्कि उदाहरण भी पेश कर सकती हैं।












