कृषि उत्पाद निर्माता कंपनी बायर ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के साथ मिलकर एक नया डिजिटल फसल बीमा लॉन्च किया है जिसका नाम अलिवियो है। स्पेनिश भाषा में इसका मतलब राहत से जोड़कर देखा जाता है और मक्का आलू जैसी फसलों के लिए पेश किया गया है। पुराने बीमा उत्पादों से अलग फसल बीमा का यह नया रूप है, जो हाई रेजोल्यूशन सैटेलाइट डेटा और एडवांस क्रॉप मॉडलिंग का इस्तेमाल करता है। इससे फसल की हर ग्रोथ स्टेज पर प्लॉट के हिसाब से और लोकल मौसम के हिसाब से सुरक्षा मिलती है। कंपनी ने बताया कि यह मोबाइल एप के जरिए काम करता है और किसानों को प्लॉट की सारी जानकारी देता है।
खतरे पर तुरंत मदद, पास के स्टोर से सामान
जब प्लॉट के पैरामीटर से कोई खतरा दिखता है तो अलिवियो तुरंत ट्रिगर करता है। किसान इसे मोबाइल एप पर रिडीम करके पास के बायर चैनल पार्टनर से अच्छे बीज या क्रॉप प्रोटेक्शन प्रोडक्ट ले सकते हैं। इससे फसल चक्र में कोई रुकावट नहीं आती। असल में अलिवियो फसलों में लोकल खतरों – जैसे फूल आने पर लंबे समय तक सूखा या दाने भरते वक्त यह ज्यादा गर्मी को पहचान सकता है और उसी हिसाब से कवरेज देता है। इससे मदद सही समय पर और सही जगह पहुंचती है।
कर्नाटक-महाराष्ट्र में शुरुआत, सूखे से बचाव
पहले चरण में यह बारिश पर निर्भर मक्का किसानों के लिए दावणगेरे कर्नाटक और छत्रपति संभाजीनगर महाराष्ट्र में शुरू हुआ है। इन इलाकों में बार-बार सूखे से पैदावार कम होती है। अलिवियो प्लॉट की कंडीशन पर नजर रखता है और क्रिटिकल स्टेज पर मिट्टी में पानी कम होने पर फायदा देता है। किसान एप पर नोटिफिकेशन पाते हैं और पास के स्टोर से फसल सुरक्षा उत्पाद लेते हैं। साथ ही, उन्हें मिट्टी की नमी का पूर्वानुमान स्प्रे प्लानिंग और क्रॉप स्काउटिंग की सलाह भी मिलती है।
किसानों को सशक्त बनाने का वादा
बायर के क्रॉप साइंस डिवीजन हेड साइमन विबुश ने कहा कि अलिवियो डिजिटल इनोवेशन को छोटे किसानों तक पहुंचाने में सहायक है। यह एग्रोनॉमिक इंटेलिजेंस, अपने आसान डिजाइन और लोकल नेटवर्क से अनिश्चितता को जानकारी में बदल देता है। एडमे इंश्योरेंस ब्रोकर्स के सीईओ संजय राधाकृष्णन ने कहा कि अब तक फसल बीमा में किसान अकेले संघर्ष करते थे, लेकिन अलिवियो सैटेलाइट प्लॉट से जुड़ी गहन जानकारियां और पार्टनरशिप से असली जरूरत को पूरी करता है।
दूसरी फसलों में विस्तार, 2030 तक 10 करोड़ किसान
आने वाले महीनों में अलिवियो की तैयारी प्याज, मिर्च, आलू, अंगूर, टमाटर और कुछ फलों को कवर करने की है। यह बायर के ग्लोबल लक्ष्य का हिस्सा है कि वर्ष 2030 तक 10 करोड़ छोटे किसानों तक डिजिटल इनोवेशन पहुंचाकर खेती को लचीला और टिकाऊ बनाया जाए।