
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप – फोटो : सोशल मीडिया
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अमेरिका ने 200 से अधिक कृषि उत्पादों पर बड़े पैमाने पर टैरिफ छूट की घोषणा की है, जिसने वैश्विक व्यापार समीकरणों में नई हलचल पैदा कर दी है। ऑक्सफर्ड इकोनॉमिक्स के अनुसार, इन टैरिफ कटौतियों के बाद अमेरिका की प्रभावी ड्यूटी दर 0.6 प्रतिशत अंक घटकर 12.8% हो जाएगी। हालांकि इसका प्रत्यक्ष असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर मामूली होगा, लेकिन भारत सहित एशियाई निर्यातकों के लिए यह बड़ा अवसर लेकर आया है।कौन से उत्पादों पर मिली टैरिफ छूट?
- बीफ
- कॉफी
- बनाना
- नट्स
भारत और ब्राजील को मिल सकता है बड़ा लाभ
रिपोर्ट में भारत और ब्राजील को निकट भविष्य में और अधिक टैरिफ राहत मिलने के मजबूत दावेदार बताया गया है। भारत के लिए विशेष लाभ संभावित हैं—
- चाय
- मसाले
- सीफूड
एशिया के लिए सुनहरा मौका
कॉफी, चाय और फूड प्रोसेसिंग आइटम्स के एशियाई निर्यातकों के लिए अमेरिका की नई नीति एक बड़ा अवसर है। यदि मौजूदा टैरिफ पूरी तरह से उपभोक्ताओं पर डाले जाएं तो अमेरिका में खाद्य कीमतें 0.9% बढ़ सकती थीं। यही कारण है कि कई और कटौतियों की उम्मीद की जा रही है। विशेषज्ञ अनुमान लगाते हैं कि अगली लिस्ट में पोल्ट्री, फिश, रेडी-टू-ईट फूड जैसे उत्पाद शामिल हो सकते हैं, जिससे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों को लाभ होगा।
स्विट्जरलैंड को भी बड़ा फायदा
अमेरिका ने स्विट्जरलैंड के साथ ऐतिहासिक समझौता किया है। इससे—
- स्विट्जरलैंड की GDP 2026 में 0.4 प्रतिशत अंक तक बढ़ सकती है।
- दक्षिण अफ्रीका, पेरू और चिली जैसे कमोडिटी निर्यातकों की प्रभावी ड्यूटी 4 प्रतिशत अंक तक घट सकती है।
अगर बातचीत सफल होती हैं तो भारत के इन क्षेत्रों को तेजी से लाभ मिलेगा—
- चाय उद्योग
- मसाला उद्योग
- कॉफी और सीफूड निर्यात
- पशुपालन आधारित उत्पाद
- इससे भारत की अमेरिका के साथ कृषि निर्यात वृद्धि में नई गति आ सकती है।




