ये था मामला
हुआ यूँ कि एक किसान अपनी जमीन की मेड़ टूटने और बकरियों से लगातार हो रहे नुकसान की शिकायत लिए कई बार थाने के चक्कर लगाता रहा। थानेदार ने हर बार “देख लेंगे” कहकर बात टाल दी। आखिरकार परेशान किसान लंबा सफर तय करके सीधे आईजी दफ्तर पहुँचा। आईजी ने जब उससे पूछा कि थानेदार ने क्या कार्रवाई की, तो किसान का जवाब सुनते ही माहौल बदल गया।
आईजी ने तुरंत फोन उठाकर संबंधित थाना प्रभारी को कॉल लगाया। वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि आईजी ने बेहद तीखे शब्दों में पूछा—“चार बार आया है आदमी… और तुमने देखा तक नहीं? शिकायतें फाइल में दबाने के लिए नहीं होतीं।”
थानेदार फोन पर सफाई देने की कोशिश करता रहा, लेकिन आईजी ने उसकी एक भी दलील नहीं सुनी। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि शिकायत को तत्काल निस्तारित किया जाए और पूरी रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर रेंज कार्यालय भेजी जाए। फोन कटने के बाद आईजी ने फरियादी से दोबारा बात की और आश्वासन दिया कि अब उसे दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
मच गया हड़कंप
इस एक घटना के बाद झांसी रेंज के कई थानों में हड़कंप जैसा माहौल है। अधिकारी मान रहे हैं कि आईजी की यह फटकार साफ संदेश है— “छोटी शिकायत हो या बड़ी, लापरवाही की कोई जगह नहीं है।”












