ये है मामला
यह मामला 14 दिसंबर का बताया जा रहा है, जब कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित शीतला माता मंदिर परिसर में एक भाई-बहन दर्शन के लिए पहुंचे थे। उसी दौरान मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत तैनात महिला थाना प्रभारी ने दोनों को प्रेमी-प्रेमिका समझकर पूछताछ शुरू कर दी।
वीडियो में साफ दिखाई देता है कि भाई-बहन द्वारा बार-बार सफाई देने और परिजनों द्वारा फोन पर पुष्टि करने के बावजूद पुलिस अधिकारी उनकी बात मानने को तैयार नहीं थीं। इतना ही नहीं, उन्होंने यह तर्क भी दिया कि युवती के साथ कोई गार्जियन होना चाहिए था।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठने लगे। लोगों ने इसे मोरल पुलिसिंग बताते हुए पुलिस की भूमिका और कार्यशैली पर आपत्ति जताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला थाना प्रभारी को पद से हटा दिया।
एएसपी ने कहा ये
अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि मोरल पुलिसिंग के नाम पर आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से रोकना, टोकना या सुझाव देना पूरी तरह गलत है। पुलिस का काम कानून व्यवस्था बनाए रखना है, न कि निजी जीवन में दखल देना। साथ ही सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनता के साथ सम्मानजनक, संवेदनशील और मित्रवत व्यवहार करें।












