यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग में बदलाव की दस्तक, नए अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने संभाला कार्यभार

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प्रयागराज में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आयोग की कार्यप्रणाली में शुचिता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और चयन प्रक्रिया जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलेगी।

पोस्ट करके जताया आभार

कार्यभार संभालने के बाद प्रशांत कुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया और अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य केवल नियुक्तियां करना नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं के विश्वास को मजबूत करना है। चयन प्रक्रिया शासन की नीतियों के अनुरूप पूरी तरह पारदर्शी, मेरिट आधारित और समयबद्ध होगी। इसके लिए तकनीक आधारित प्रणालियों को और अधिक मजबूत किया जाएगा, ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को लेकर उठ रहे सवालों पर भी उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि किसी भी तरह के आरोपों को हल्के में नहीं लिया जाएगा। परीक्षा और घोषित परिणामों की जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि आयोग में लंबित भर्तियों और बैकलॉग को दूर करना भी प्राथमिकता में शामिल है, जिसके लिए अधिकारियों और सदस्यों के साथ मिलकर स्पष्ट टाइमलाइन तय की जाएगी।

प्रशांत कुमार ने यह भी कहा कि मेहनती और योग्य अभ्यर्थियों को उनका हक मिलना चाहिए। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता ही आयोग की पहचान बनेगी। लंबे समय से भर्तियों को लेकर नाराज चल रहे प्रतियोगी छात्रों के बीच उनके इस बयान से उम्मीद जगी है कि आयोग की कार्यप्रणाली में स्थिरता और भरोसे का माहौल बनेगा।

जताई जा रही उम्मीद

पूर्व डीजीपी के रूप में सख्त प्रशासनिक छवि रखने वाले प्रशांत कुमार के सामने अब शिक्षा सेवा चयन आयोग को विवादों से निकालकर भरोसेमंद संस्था के रूप में स्थापित करने की बड़ी जिम्मेदारी है। उनके पदभार संभालते ही नई भर्तियों की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।