सीएम ने कहा ये
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि थानेदार वह पहला अधिकारी होता है, जिससे आम नागरिक का सीधा संपर्क होता है। यदि थानेदार संवेदनशील, जवाबदेह और योग्य होगा तो फरियादी को न्याय मिलने में देरी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि थानों में फरियादियों के साथ अच्छा व्यवहार और समयबद्ध कार्रवाई पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि ऐसे अधिकारियों को थाना प्रभार सौंपा जाए, जिनका रिकॉर्ड बेहतर हो और जो दबाव में आए बिना निष्पक्ष रूप से कार्य कर सकें।
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मेरिट आधारित तैनाती से अपराध नियंत्रण में ठोस सुधार आएगा। सक्षम थानेदार अपने क्षेत्र की आपराधिक प्रवृत्तियों को बेहतर ढंग से समझता है और उसी के अनुसार रणनीति बनाकर अपराधियों पर कार्रवाई करता है। इससे अपराधियों में भय और आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है।
अधीनस्थों की मदद की कही बात
योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने अधीनस्थों के कार्यों की नियमित समीक्षा करें और योग्य अधिकारियों को आगे बढ़ने का अवसर दें। उन्होंने कहा कि सिफारिश या दबाव के बजाय योग्यता और प्रदर्शन को ही तैनाती का आधार बनाया जाए। मुख्यमंत्री का यह संदेश साफ है कि मजबूत, जवाबदेह और जनता-केंद्रित पुलिसिंग के लिए मेरिट आधारित थानेदारों की तैनाती अनिवार्य है।











