ये हुए सस्पेंड
जानकारी के मुताबिक, सस्पेंड किए गए कर्मचारियों में बंदी बैरक प्रभारी वार्डर शिवेंद्र सिंह यादव, सर्किल गश्त ड्यूटी पर तैनात हेड जेल वॉर्डन शिवचरण, बैरक की लॉकिंग और अनलॉकिंग के जिम्मेदार डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद और जेलर विनय प्रताप सिंह शामिल हैं।
डीजी जेल ने स्पष्ट किया है कि फरारी की यह घटना गंभीर सुरक्षा उल्लंघन का उदाहरण है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी सस्पेंड कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है और उनकी जिम्मेदारियों की समीक्षा की जा रही है।
ऐसे हुए फरार
जेल अधिकारियों ने बताया कि अंकित और डिम्पी ने कंबल काटकर रस्सी बनाई और 22 फीट ऊंची जेल की दीवार फांदकर फरार हो गए। घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे, क्योंकि नियमित निगरानी, चेकिंग और सीसीटीवी व्यवस्था के बावजूद दोनों कैदी योजनाबद्ध तरीके से फरार हो गए।
डीजी जेल का कहना है कि सस्पेंड किए गए सभी कर्मियों से घटना के पूरे घटनाक्रम और संभावित चूक के बारे में पूछताछ की जाएगी। साथ ही अन्य जेल कर्मचारियों और सुरक्षा इंतजामों की भी विस्तृत समीक्षा की जा रही है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को और कड़ा किया जाएगा।












