डीजीपी ने कहा ये
डीजीपी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस देश ही नहीं, बल्कि विश्व के सबसे बड़े पुलिस बलों में से एक है, और इसका हिस्सा बनना गौरव के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस सेवा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति समर्पित जीवन शैली है। इस वर्दी के साथ अनुशासन, नैतिक आचरण, पारदर्शिता और जवाबदेही स्वतः जुड़ जाते हैं।
उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में संवेदनशीलता, निष्पक्षता और पेशेवर दक्षता को प्राथमिकता देने की सलाह दी। डीजीपी ने कहा कि जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है, और इसे बनाए रखने के लिए व्यवहार में शालीनता तथा कार्य में दृढ़ता आवश्यक है। आधुनिक चुनौतियों—जैसे साइबर अपराध, संगठित अपराध और सामाजिक समरसता—से निपटने के लिए तकनीकी दक्षता और सतत प्रशिक्षण पर भी उन्होंने जोर दिया।
डीजीपी ने जताया भरोसा
डीजीपी ने विश्वास व्यक्त किया कि 92वें बैच के ये युवा अधिकारी अपने कार्यकाल में ईमानदारी और समर्पण का परिचय देंगे तथा उत्तर प्रदेश पुलिस की गौरवशाली परंपराओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की भी उपस्थिति रही।












