
हाल ही में 84 पूर्व नौकरशाहों और 116 पूर्व सैनिकों के साथ चार वकीलों ने एक खुला पत्र लिखा। इसमें संसद के मकर द्वार पर राहुल गांधी के चाय और बिस्किट खाने की आलोचना की गई। पूर्व अधिकारियों ने राहुल गांधी से माफी मांगने की भी अपील की। अब हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। कंगना ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के व्यवहार को ‘टपोरी जैसा’ बताया। उनका आरोप है कि राहुल गांधी के आने से महिलाएं असहज महसूस करती हैं।
कगंना रनौत ने कहा, ‘हम महिलाओं को उनको देखकर बहुत असहज महसूस होता है, क्योंकि वे एकदम टपोरी की तरह आते हैं। किसी से भी ये-तू कहकर तू-तड़ाक करते हैं। जिस तरह से वह पेश आते हैं, वह बहुत ही असहज करने वाला है। अगर कोई इंटरव्यू दे रहा होता है तो वह हूटिंग कॉल करते हैं। उन्हें अपनी बहन का आचरण और व्यवहार देखना चाहिए। उनका व्यवहार बहुत अच्छा है, लेकिन राहुल गांधी खुद ही एक शर्मिंदगी का कारण है।’
https://twitter.com/ANI/status/2034159925073453419
यह भी पढ़ें: इजरायल ने ईरान के खुफिया मंत्री को भी खोजकर मार डाला
राहुल गांधी के बारे में ऐसा बोलना गलत: प्रियंका चतुर्वेदी
शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी से जब कंगना रनौत के बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘निजी या सियासी असहमतियां हो सकती हैं, लेकिन इस तरह से राहुल जी के बारे में बोलना, मैं मानती हूं कि गलत है। मैंने राहुल गांधी जी के साथ 10 साल काम किया है। हो सकता है कि मेरी राह अलग हो गई। मगर मैंने महिलाओं के प्रति उनके सम्मान और प्रतिबद्धता को देखा है। ऐसे व्यक्ति पर इस तरह के आरोप लगाना थोड़ा हास्यास्पद है। वे ऐसे परिवार से आते हैं, जहां महिलाएं नेता रही हैं। खुद इंदिरा गांधी जी हो, सोनिया गांधी जी हो या प्रियंका गांधी वाड्रा। उन पर इस तरह से आरोप लगाना हास्यापद है। आप सियासी असहमतियां करें। कड़ी से कड़ी निंदा कीजिए, लेकिन यह आरोप लगाना बिल्कुल गलत है।’
https://twitter.com/ANI/status/2034246169581539810
यह भी पढ़ें: कौन होगा बिहार का अगला CM? नीतीश कुमार ने कंधे पर हाथ रखकर कर दिया इशारा
क्या है मामला?
12 मार्च को राहुल गांधी ने संसद के मकर द्वार की सीढ़ियों पर अपने साथी सांसदों के साथ चाय और बिस्किट आते दिखे थे। इस पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद समेत 84 पूर्व नौकरशाह, 116 पूर्व सैनिक और चार वकीलों ने एक खुला पत्र लिखा था। इसमें राहुल गांधी के व्यवहार को बेहद चिंताजनक बताया गया और कहा गया कि यह संसदीय अधिकार की जानबूझकर अवहेलना को दिखाता है। एसपी वैद का कहना है कि राहुल गांधी का व्यवहार विपक्ष के नेता के तौर पर उचित नहीं है। उनका यह व्यवहार विशेषाधिकार और अहंकार की भावना को दिखाता है। उन्होंने राहुल गांधी से माफी मांगने का अनुरोध भी किया।