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न एक मिसाइल दागी, न ड्रोन अटैक किया, UAE कैसे निकाल रहा ईरान से दुश्मनी


अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी की तड़के ईरान पर हमला किया था। कुछ घंटे बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू की। ईरान ने करीब 83 फीसदी मिसाइल और ड्रोन हमलों को खाड़ी सहयोग परिषद यानी जीसीसी देशों पर अंजाम दिया। कुछ हमले सऊदी अरब पर भी किए गए। हालांकि बाद में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने सऊदी समकक्ष से बात की और स्पष्ट किया कि इन हमलों के पीछे ईरान नहीं है। खाड़ी में सबसे अधिक ईरानी हमलों को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने झेला है। मगर ईरान ने उसके समक्ष ऐसा कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया।

 

भौगोलिक नजदीकी और राजनयिक संबंधों के कारण यूएई को सबसे अधिक मार झेलनी पड़ी है। ईरान तट से संयुक्त अरब अमीरात की सीमा बेहद करीब है। उसके इजरायल और अमेरिका के अच्छे संबंध हैं। यूएई खाड़ी का इकलौता देश है, जिसने इजरायल को मान्यता दे रखी है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि युद्ध के वक्त इजरायल ने अपने एयर डिफेंस सिस्टमों को यूएई में तैनात किया था। ईरान को अपने दुश्मन के साथ यूएई की यह नजदीकियां नहीं पसंद आई।

 

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एक वजह यह है कि ईरान दुनिया का सबसे अहम व्यापारिक केंद्र है। वैश्विक वित्तीय और पर्यटन केंद्र है। ईरान यहां हमला करके पूरी दुनिया में दहशत फैलाना चाहता है। यही कारण है कि यूएई को सबसे अधिक नुकसान भी पहुंचाया। हाल ही में मिडिल ईस्ट आई ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि ईरानी अधिकारियों ने सऊदी अरब से कहा था कि वह यूएई को कुचलने की योजना बना रहा है। 

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएई का प्रशासन ईरानी हमलों के खिलाफ आवाज न उठाने वाले अपने अरब सहयोगियों से नाराज है। यूएई अब ईरान के खिलाफ निर्णायक जंग चाहता है। पहले संयुक्त अरब अमीरात ने धैर्य का परिचय दिखाया। मगर अब खुलकर ईरान के खिलाफ आवाज उठाने लगा है। मार्च महीने में ही यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने ईरान को ‘दुश्मन’ बताया था और कहा कि उनका देश आसान शिकार नहीं है।

 

जंग शुरु होने के अगले दिन ही यूएई ने ईरान में अपना दूतावास बंद कर दिया था। सभी कर्मचारियों को बुला लिया था। अपने देश में स्थित ईरानी सांस्कृतिक केंद्रों और स्कूल को भी बंद कर दिया। यहां तक कि यूएई ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने में सैन्य सहयोग देने की भी बात कही थी।

 

ईरान का आरोप है कि यूएई की धरती से ईरान के सैन्य ठिकानों और बंदरगाहों पर हमला किया जा रहा है। हालांकि इन दावों का यूएई ने खंडन किया। धमकी भरे लहजे में ईरान ने कहा कि हम आपको (UAE) अमेरिका और इजरायल के सैन्य अड्डा नहीं बनन देंगे। संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गरगाश भी ईरान को अपने देश का मुख्य दुश्मन बता चुके हैं।

 

ईरान भले ही आज यूएई पर मिसाइलों की बारिश कर रहा, लेकिन यूएई उसके लिए एक अहम वाणिज्यिक केंद्र है। मौजूदा युद्ध ने दोनों देशों को संबंध तोड़ने की कगार पर पहुंच दिया है। इस बीच वीजा रद्द होने से यूएई में अपना व्यवसाय बनाने वाले लाखों ईरानी फंस चुके हैं।

 

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ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक यूएई में फंसे ईरानी नागरिकों को निकलने के लिए कुछ ही दिन का समय दिया गया। वहीं यूएई से किसी अन्य देश जाने वाले ईरानी नागरिकों को वापस आने नहीं दिया जा रहा है। यहां तक कि सामान लेने तक का भी समय नहीं दिया गया। यूएई के सरकार ने संपत्ति जब्त नहीं की। मगर कुछ ईरानी नागरिक अपनी संपत्ति का प्रबंधन नहीं कर सकते हैं। अन्य लोगों को विदेश में पैसा ट्रांसफर करने को कहा गया है।

 

चीन के बाद संयुक्त अरब अमीरात ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। यहां का जेबेल अली बंदरगाह वर्षों से ईरान का सबसे अहम वाणिज्यिक केंद्र है। ईरानी आयात और निर्यात का एक बड़ा हिस्सा यही से गुजरता है। मगर अब ईरान से जुड़े निर्यात ऑर्डरों को भी कैंसिल किया जा रहा है। दूसरी तरफ ईरानी अधिकारियों का भी मानना है कि अब यूएई के साथ उसके रिश्ते सामान्य नहीं होंगे। यही कारण है कि पाकिस्तान के बंदरगाह और कतर के हमाद पोर्ट को विकल्प के तौर पर ईरान देख रहा है। 

‘जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम’, NEET रद्द होने पर सरकार पर भड़के राहुल गांधी


NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद देश में सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राहुल ने तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृत काल अब देश के युवाओं के लिए विष काल में तब्दील हो चुका है। उन्होंने मोदी सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि बड़ी चोरी करने वाले को सरकार बड़ा इनाम देती है।

 

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि BJP सरकार उन लोगों को संरक्षण दे रही है जो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 22 लाख से अधिक छात्रों की कड़ी मेहनत, उनके सपने और परिवारों द्वारा दी गई कुर्बानियां इस भ्रष्ट व्यवस्था की भेंट चढ़ गई हैं। राहुल के अनुसार, यह केवल परीक्षा का रद्द होना नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के खिलाफ एक संगठित अपराध है।

 

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राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि आज शिक्षा व्यवस्था में मेहनत से ज्यादा पैसे और पहुंच का महत्व हो गया है। उन्होंने लिखा, ‘जिस बाजार में छात्रों के सपनों की नीलामी हो रही है, वहां सिर्फ एक नियम चलता है जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम।’ अपने इस पोस्ट में उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि एक काम कीजिए खुद Google कीजिए ‘NEET 2024 की भयंकर चोरी के दौरान NTA का DG कौन था और मोदी सरकार ने उसे आज कहां बैठाया है?’

एक और पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा, ‘परीक्षा नहीं, NEET अब नीलामी है। मोदी जी, जब आप अपनी हर नाकामी का बिल जनता पर डालते हैं, तो गरीब के बच्चों का भविष्य भी उसी बिल में आता है। 22 लाख बच्चों का भरोसा टूटा है। मोदी सरकार से बड़ा खतरा भारत के युवाओं के सपनों के लिए कोई नहीं।’ उन्होंने इस पोस्ट में आरोप लगाया कि कई सवाल परीक्षा से 42 घंटे पहले व्हाट्सएप पर बिक रहे थे।

 

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23 लाख छात्रों पर पड़ा असर

गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा में करीब 23 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा रद्द होने के बाद अब छात्रों के सामने दोबारा तैयारी करने की चुनौती खड़ी हो गई है। नई परीक्षा की तारीख और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी जल्द जारी की जाएगी। 

 

आपको बता दें कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को NEET UG 2026 परीक्षा रद्द करने का ऐलान किया। एजेंसी ने कहा कि पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं की शिकायतों के बाद यह फैसला लिया गया है। सरकार ने मामले की जांच के लिए CBI को जिम्मेदारी सौंपी है। NTA का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और छात्रों का भरोसा कायम रखने के लिए परीक्षा दोबारा कराई जाएगी।

कब्ज से हैं परेशान? इन 6 घरेलू नुस्खों से पेट होगा तुरंत साफ


आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कब्ज की समस्या बहुत आम हो गई है। कब्ज का मतलब है कि जब आपका पेट ठीक से साफ नहीं होता और मल बहुत सख्त हो जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह हमारा गलत खान-पान और शरीर में हलचल की कमी है। जब मल को बाहर निकालने में बहुत ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, तो इससे शरीर में बहुत बेचैनी और भारीपन महसूस होता है। 

 

अगर कब्ज की यह परेशानी लंबे समय तक बनी रहे तो यह सेहत के लिए बहुत खतरनाक हो सकती है और शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचा सकती है। कई एक्सपर्ट बताते हैं कि अगर हम अपनी आदतों में थोड़ा बदलाव करें और किचन में मौजूद कुछ चीजों का इस्तेमाल करें तो पुरानी से पुरानी कब्ज को भी जड़ से खत्म किया जा सकता है। कब्ज को दूर करने के लिए हमें तुरंत दवाइयों के पीछे भागने की जरूरत नहीं है। हमारे किचन में ऐसी कई प्राकृतिक चीजें मौजूद हैं जो पेट को साफ करने में मदद करती हैं। ये तरीके न सिर्फ सुरक्षित हैं बल्कि हमारे पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाते हैं।  

 

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1. प्रून और काली किशमिश का मिश्रण

प्रून और काली किशमिश को कब्ज के लिए सबसे अच्छा इलाज माना जाता है। इन दोनों में फाइबर बहुत ज्यादा होता है जो मल को नरम बनाता है। ये एक प्राकृतिक लैक्सेटिव की तरह काम करते हैं जिससे सुबह पेट आसानी से साफ हो जाता है। इसके इस्तेमाल से गैस, एसिडिटी, पेट दर्द और अपच जैसी समस्याओं में भी काफी आराम मिलता है। इसके लिए 3-4 काली किशमिश और 1 प्रून को रात में पानी में भिगोकर रखें और अगली सुबह इसे खा लें।  

2. ईसबगोल की भूसी का कमाल

ईसबगोल फाइबर का एक बहुत ही अच्छा जरिया है। यह आंतों पर हल्का दबाव डालता है जिससे मल बाहर निकलने में कोई परेशानी नहीं होती। खास बात यह है कि ईसबगोल में सूजन कम करने वाली क्वालिटी भी होती है जो पेट की अंदरूनी जलन को शांत करते हैं। फायदा पाने के लिए रात को सोते समय एक गिलास गुनगुने पानी या गर्म दूध में 1 चम्मच ईसबगोल मिलाकर पिएं।  

3. पेट की बीमारियों की दवा ‘अजवाइन’

अजवाइन सिर्फ एक मसाला नहीं बल्कि एक बड़ी औषधि है। इसमें ‘थाइमोल’ नाम का एलिमेंट होता है जो पाचन में मदद करने वाले एंजाइम्स को बढ़ाता है। इससे गैस और एसिडिटी में तुरंत फायदा होता है और पेट की सफाई अच्छे से होती है। इसके लिए रोज रात को सोने से पहले आधा चम्मच अजवाइन को एक गिलास पानी के साख लें।

4. कैस्टर ऑयल का कमाल 

पुरानी कब्ज के लिए कैस्टर ऑयल  एक बहुत ही पुराना और कारगर नुस्खा है। यह आंतों की मांसपेशियों को फुर्तीला करता है जिससे पेट के अंदर फंसा हुआ मल आसानी से नीचे खिसक कर बाहर आ जाता है। यह बाजार में मिलने वाली कई महंगी दवाओं से ज्यादा बेहतर काम करता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए एक कप दूध या पानी में सिर्फ 2-3 बूंद कैस्टर ऑयल मिलाएं। ध्यान रहे कि इसे हफ्ते में सिर्फ 2 या 3 बार ही लेना चाहिए।  

5. प्रोबायोटिक्स का सेवन

जब हमारे पेट में ‘अच्छे बैक्टीरिया’ कम हो जाते हैं तो कब्ज की समस्या होने लगती है। प्रोबायोटिक्स इन अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं और आंतों को सेहतमंद रखते हैं। आप अपने खाने में दही, केफिर या कोम्बुचा जैसी चीजों को शामिल कर सकते हैं जिससे आपका हाजमा हमेशा दुरुस्त रहेगा।  

 

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6. मलासन योग की शक्ति

योग में मलासन को पेट साफ करने के लिए सबसे बहेतर माना गया है। इस मुद्रा में बैठने से पेट की आंतों पर सही दबाव पड़ता है और रुकी हुई गैस बाहर निकल जाती है। इससे पाचन तंत्र फुर्तीला हो जाता है। इसके लिए हर सुबह उठकर पहले गर्म पानी पिएं और फिर 5 से 10 मिनट तक मलासन की मुद्रा में बैठें।

 

12 मई का राशिफल, मंगल और बृस्पति देव की कृपा से क्या आपका भाग्य बदल रहा है?


आज 12 मई 2026, दिन मंगलवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। आज का मूलांक 3 है, जो देवगुरु बृहस्पति से प्रभावित है, जबकि मंगलवार का दिन होने के कारण मंगल देव की ऊर्जा का विशेष प्रभाव रहेगा। ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो चंद्रमा आज मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। आज अनुशासन और साहस के बल पर मुश्किल कार्यों को भी किया जा सकता है।


आज की ऊर्जा मिली-जुली रहने वाली है। मंगल और गुरु का प्रभाव व्यक्ति में निर्णय लेने की क्षमता का विकास करेगा। हालांकि, जोश में आकर होश खोने से बचना होगा। निवेश और बिजनेस से जुड़े निर्णय दोपहर के बाद लेना ठीक रहेगा। पारिवारिक जीवन में अपनी जुबान पर नियंत्रण रखना आवश्यक है। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहने वाला है आज का दिन।

 

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राशिफल और उपाय 


मेष


आज का दिन आपके लिए आत्मविश्वास से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपके साहस की सराहना होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, लेकिन अचानक खर्चों का योग बन रहा है। प्रेम जीवन पहले से बेहतर बना रहेगा। हेल्थ सामान्य रहेगा, फिर भी सिरदर्द से बचें।
आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: किसी से कर्ज न लें। 


वृषभ 


आज का दिन शांति और धैर्य से बिताने का है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत आ सकती है। आर्थिक दृष्टि से आज का दिन खर्चीला हो सकता है। परिवार में किसी बात पर मतभेद हो सकता है। खान-पान पर ध्यान दें, पेट संबंधी समस्या हो सकती है।
आज क्या करें: सफेद वस्तुओं का दान करें।
आज क्या न करें: आज निवेश करने से बचें।


मिथुन


सभी कामों में आज आपको सफलता मिलेगी। करियर में प्रमोशन के अवसर मिलेंगे। आर्थिक लाभ के अच्छे संकेत हैं। प्रेमी के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। मानसिक रूप से आप काफी खुश महसूस करेंगे।
आज क्या करें: गाय को हरा चारा खिलाएं।
आज क्या न करें: अफवाहों पर ध्यान न दें।


कर्क


आज आप भावुक महसूस कर सकते हैं, जिससे कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। बिजनेस में सावधानी बरतें और कागजी कार्रवाई पूरी रखें। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। परिवार के बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। आज आपकी हेल्थ थोड़ी खराब रह सकती है, पैरों में दर्द की शिकायत हो सकती है।
आज क्या करें: शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
आज क्या न करें: पुरानी नकारात्मक बातें न दोहराएं।

 

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सिंह


आज आपका सम्मान बढ़ेगा। बिजनेस में लाभ कमाने की योजनाएं सफल होंगी, जिसकी वजह से आज आपका मन खुश रहेगा। जीवनसाथी के साथ संबंध अच्छे होंगे। हेल्थ शानदार रहेगा लेकिन धूप में निकलने से बचें।
आज क्या करें: सूर्य देव को अर्घ्य दें।
आज क्या न करें: अहंकार से दूर रहें।


कन्या


आज कार्यस्थल पर बारीकियों पर ध्यान देने की जरूरत है। बिजनेस के दुश्मन आपके साथ बुरा करने की सोच रहे हैं, इसी वजह से सचेत रहें। आर्थिक लेनदेन में सावधानी बरतें। पारिवारिक जीवन सुखद बना रहेगा। आज छोटी-मोटी मौसमी बीमारियां परेशान कर सकती हैं।
आज क्या करें: पक्षियों को दाना डालें।
आज क्या न करें: आज कहीं घूमने न जाएं।


तुला


आज का दिन आपके लिए सुखद परिणाम लेकर आएगा। कार्यक्षेत्र का माहौल शानदार रहेगा और सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। बिजनेस में पार्टनरशिप की वजह से लाभ होगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। प्रेम संबंधों में नयापन देखने को मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, मन में शांति का अनुभव करेंगे।
आज क्या करें: किसी कन्या को गिफ्ट दें।
आज क्या न करें: विवादों में मध्यस्थता न करें।

 

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वृश्चिक


आज आपकी ऊर्जा चरम पर रहेगी। कठिन कार्यों को भी आप आसानी से पूरा कर लेंगे। बिजनेस में जोखिम लेना फायदेमंद साबित हो सकता है। प्रेम जीवन में कुछ तनाव हो सकता है, इसलिए बातचीत स्पष्ट रखें।
आज क्या करें: लाल चंदन का तिलक लगाएं।
आज क्या न करें: आज झूठ बोलने से बचें।


धनु


आज के दिन आपको धार्मिक कामकाज में मन लगेगा। करियर के लिहाज से दिन प्रगतिशील है, नई नौकरी के मौके मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी। परिवार के साथ किसी जगह घूमने का प्लान बनाएंगे।
आज क्या करें: पीले फल का दान करें।
आज क्या न करें: किसी की बुराई न करें।


मकर


आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कार्यस्थल पर काम का दबाव महसूस होगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार के सदस्यों के साथ संवाद बनाए रखें। तनाव से बचने के लिए मेडिटेशन करें।
आज क्या करें: शनि चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: किसी पर अंधविश्वास न करें।

 

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कुंभ


आज का दिन खुशहाली भरा रहेगा। नई तकनीक और विचारों से आप कार्यक्षेत्र में अपनी जगह बनाएंगे। आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी। बिजनेस में धन लाभ के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। पीठ दर्द की शिकायत हो सकती है।
आज क्या करें: हनुमान जी को चमेली का तेल चढ़ाएं।
आज क्या न करें: आलस को हावी न होने दें।


मीन


चंद्रमा आपकी राशि में हैं, इसी वजह से आज आप अधिक संवेदनशील बने रहेंगे। व्यापार में उन्नति के अवसर मिलेंगे। आर्थिक स्थिति संतोषजनक रहेगी। प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन अधिक सोचने से बचें।
आज क्या करें: तुलसी के पौधे में दीपक जलाएं।
आज क्या न करें: कोई भी निर्णय जल्दबाजी में न लें।

 

नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अपनी मेहनत पर विश्वास रखें और सकारात्मक सोच के साथ दिन का आनंद लें।

 

भारत का आखिरी पड़ोसी देश भी बागी, क्या सच में घेरी जा रही है दिल्ली?


पड़ोसी देश नेपाल में जब से सत्ता परिवर्तन हुआ है और बालेंद्र शाह प्रधानमंत्री बने हैं, भारत के साथ रिश्ते बहुत अच्छे नहीं चल रहे हैं। जिस नेपाल के साथ भारत का रोटी-बेटी का रिश्ता था अब उसमें रुकावट आ रही है। दरअसल, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने भारत से जाने वाले भारतीय सामानों पर कस्टम ड्यूटी लगा दी है। भारत-नेपाल बॉर्डर से 100 रुपये से ज्यादा का सामान ले जाने पर नेपाल को कस्टम ड्यूटी देनी होगी। नेपाल अपने पुराने नियम को सख्ती से लागू कर रहा था, जिससे कि उसे राजस्व बढ़ सके।

 

इसके अलावा भारत-नेपाल की खुली सीमा पर अब पहले जैसी आसानी नहीं रह गई है। नेपाल सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारतीय नागरिकों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया है। पिछले हफ्ते से लागू हुए इस नए नियम के बाद बिहार के अररिया जिले स्थित जोगबनी बॉर्डर पर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला है। बिना पहचान पत्र पहुंचे सैकड़ों यात्रियों को नेपाल पुलिस ने सीमा से ही वापस लौटा दिया।

 

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लिपुलेख दर्रे से यात्रा कराने पर आपत्ति 

नेपाल सरकार ने इसी महीने भारत और चीन को राजनायिक स्तर पर चेतावनी भेजकर लिपुलेख दर्रे से यात्रा कराने पर आपत्ति दर्ज की थी। नेपाल का कहना है कि लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी पर उसका अधिकार है और भारत को वहां कोई गतिविधि नहीं करनी चाहिए। हालांकि, भारत ने इसपर आपत्ति जताते हुए कहा, ‘लिपुलेख दर्रा साल 1954 से ही कैलाश मानसरोवर यात्रा का पारंपरिक रास्ता रहा है। यह कोई नई बात नहीं है। भारत नेपाल के साथ सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है और सीमा संबंधी लंबित मुद्दों को संवाद के जरिए सुलझाने को तैयार है।’

नेपाल को यह खटकता क्यों है?

नेपाल, लिपुलेख दर्रे को अपना मानता है। भारत कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए लिपुलेख का इस्तेमाल करता रहा है। नेपाल का दावा है कि ब्रिटिश काल के दौरान साल 1816 में भारत और नेपाल के बीच सुगौली संधि हुई थी। यह संधि, महाकाली नदी के पूर्व में स्थित, लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा पर नेपाल को संप्रभुता का हक देती है। 

विदेश सचिव विक्रम मिस्री का दौरा रद्द

नेपाल के इस बदलते रवैये को देखते हुए भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री का नेपाल दौरा तय था लेकिन बीच में ही यह दौरा रद्द करना पड़ा। उन्हें 11 मई को दो दिवसीय यात्रा के लिए काठमांडू पहुंचना था। भारत सरकार ने नेपाल की नई बालेंद्र शाह सरकार के साथ बातचीत करने और उसकी प्राथमिकताओं को समझने के लिए अपने विदेश सचिव विक्रम मिस्री को काठमांडू भेजने का फैसला किया था। इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों की भविष्य की दिशा तय होने की उम्मीद थी लेकिन अब ये दौरा टल गया है।

 

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पड़ोसियों के साथ रिश्ते पहले ही ठीक नहीं 

खास बात ये है कि भारत के अपने पड़ोसियों के साथ रिश्ते पहले ही ठीक नहीं हैं। पाकिस्तान से भारत के संबंध कैसे हैं यह किसी से नहीं छिपा है। हाल के वर्षों में बांग्लादेश कई बार भारत को आंख दिखा चुका है। मालदीव भी आंख दिखाकर चीन के करीब जा चुका है, हालांकि बाद में भारत ने कुटनीतिक चालों से मालदीव को सामान्य किया। ऐसे में एक और पड़ोसी देश नेपाल का नाराज होना भारत के लिए अच्छा नहीं होगा।

 

खासतौर से चीन नेपाल को वर्षों से साधने की कोशिश में रहा है। चीन यहां भारी निवेश करके नेपाल की जमीन को भारत के खिलाफ रणनीतिक रूप से इस्तेमाल करना चाहता है। मगर, भारत लंबे समय से नेपाल को अपने पक्ष में किए हुए है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या सच में दिल्ली घेरी जा रही है? क्योंकि भारत का आखिरी पड़ोसी देश भी बागी हो रहा है।

कौन हैं अली अल जैदी? समर्थन करके ट्रंप इराक का PM क्यों बनाना चाहते हैं?


अमेरिका लगातार मिडिल ईस्ट के देशों पर नजर गड़ाए हुए है। ईरान में हमला करने और कई मोर्चों पर घेरने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर इराक पर गड़ गई है। दरअसल, इराक में प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव होने वाले हैं। इस रेस में इराक के जाने-माने उद्योगपति अली अल जैदी भी हैं। डोनाल्ड ट्रंप अली जैदी का समर्थन कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप बाहरी देशों में उन नेताओं को समर्थन करते हैं, जो बाद में पद पाने के बाद अमेरिकी हितों के लिए काम करे।

   

हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने अली जैदी को मिलने के लिए वाशिंगटन बुलाया था। इस मुलाकात के बाद ट्रंप ने कहा था कि वह जैदी के साथ हर तरीके से खड़े हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह समर्थन एक शर्त के साथ दी है। शर्त है कि अली जैदी अगर इराक के प्रधानमंत्री बनते हैं कि वह ईरान के समर्थन वाले मिलिशिया ग्रुप को देश से बाहर कर दें। साथ ही इराक में ईरान के प्रभाव को कम करें।

 

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अमेरिका की प्लानिंग क्या है?

साफ है कि अमेरिका लगातार ईरान के घेरने के लिए उसके ही पड़ोसी देशों का इस्तेमाल कर रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की खबर के मुताबिक, साल 2024 में अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने अली जैदी के एक बैंक के साथ डॉलर के लेन-देन पर रोक लगा दी थी। अमेरिका के शक था कि जिस बैंक का इस्तेमाल अली जैदी कर रहे थे वह ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े एक मिलिशिया नेता के साथ बिजनेस कर रहा था।

जैदी पर समझौते का दबाव बना रहे ट्रंप

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट बताती है कि अली अल जैदी शुरू में इराक के प्रधानमंत्री के लिए ट्रंप की पसंद नहीं थे। उनका नाम तब सामने आया जब ट्रंप ने इराक को अमेरिकी मदद बंद करने की धमकी दी थी। इराक में इसी साल ईरान के करीबी माने जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी प्रधानमंत्री पद के लिए मजबूत उम्मीदवार के तौर पर आमने आए हैं। यही वजह है कि ट्रंप अली जैदी को समर्थन कर रहे हैं।

 

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ट्रंप की धमकी के बाद इराक में काम करे वाले अमेरिकी ऑर्डिनेशन ग्रुप ने पिछले महीने ही अली जैदी की तरफ रुख करना शुरू किया है।

ईरान मिलिशिया को बाहर करने के खिलाफ क्यों?

इन घटनाक्रमों के बीच इराक में ईरान के IRGC में टॉप अधिकारी इस्माइल कानी ने मांग की है कि इराक मिलिशिया नेताओं को सरकार से बाहर रखने के ट्रंप के ऑर्डर को खारिज करे या ग्रुप्स को हथियार देने की कोशिश करे।

 

इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्रालय इराक में मौजूद मिलिशिया के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की सोच रहा है। दरअसल, अमेरिका का आरोप है कि इन्हीं मिलिशिया ग्रुप्स ने US-इजरायल युद्ध के दौरान इराक में अमेरिकी डिप्लोमैटिक और सैन्य बेसों पर 600 हमले किए हैं।

PM मोदी ने सोमनाथ मंदिर के शिखर का कुंभाभिषेक क्यों किया? असली कहानी पता चल गई


गुजरात के सोमनाथ मंदिर में आज यानी 11 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ अमृत महोत्सव के अवसर पर मंदिर के 90 मीटर ऊंचे शिखर का कुंभाभिषेक किया। मंदिर के हजारों साल के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी प्रधानमंत्री ने शिखर का इस तरह से अभिषेक किया है। यह आयोजन मंदिर की आधुनिक प्राण-प्रतिष्ठा के 75 साल पूरे होने पर किया गया जिसकी शुरुआत 11 मई 1951 को देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने की थी।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर के गर्भस्थान में रुद्राभिषेक करने के साथ-साथ शिखर का कुंभाभिषेक भी किया। इसके लिए देश के 11 अलग-अलग पवित्र तीर्थों से जल लाया गया था। मंदिर का शिखर बहुत ऊंचा है इसलिए 90 मीटर लंबी क्रेन की मदद से पवित्र जल का कलश ऊपर पहुंचाया गया। प्रधानमंत्री ने नीचे से ही रिमोट दबाकर इस अभिषेक को पूरा किया। इतिहास में पहली बार शिखर पर इस तरह जल अर्पण हुआ है।

 

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फूलों की बारिश

सोमनाथ अमृत महोत्सव को भव्य बनाने के लिए भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण टीम ने आसमान में करीब 15 मिनट तक शानदार शो दिखाए। इन विमानों ने जामनगर एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरकर मंदिर के ऊपर अपनी सलामी दी। इसके साथ ही चेतक हेलीकॉप्टर से पूरे मंदिर परिसर पर फूलों की वर्षा की गई। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया और मंदिर के म्यूजियम का दौरा भी किया।

सोमनाथ मंदिर की खासियत

यह मंदिर अपनी अद्भुत बनावट और वास्तुकला के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसे चालुक्य शैली में बनाया गया है और इसे ‘कैलाश महामेरु प्रासाद’ भी कहा जाता है। मंदिर का शिखर 155 फीट ऊंचा है और इसके ऊपर 10 टन भारी सोने का कलश लगा है। मंदिर के पास समुद्र किनारे एक ‘बाण स्तंभ’ स्थित है। इस स्तंभ की खासियत यह है कि यहां से साउथ पोल तक समुद्र के बीच में कोई भी जमीन का टुकड़ा या पहाड़ नहीं आता है।

 

 

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक सोमनाथ को भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला माना जाता है। ‘सोम’ का अर्थ चंद्रमा होता है। पौराणिक कथा है कि जब राजा दक्ष ने चंद्रमा को श्राप दिया था तब चंद्रमा ने इसी जगह पर शिवजी की कठिन तपस्या की थी। भगवान शिव ने प्रसन्न होकर चंद्रमा को श्राप से मुक्ति दी थी जिसके बाद यहां मंदिर की स्थापना हुई। 

 

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1000 साल पुराना संघर्ष

इस मंदिर की भव्यता को देखकर विदेशी हमलावरों ने इसे 17 बार लूटा और करीब 7 बार नष्ट करने की कोशिश की। सबसे बड़ा हमला 1026 में महमूद गजनवी ने किया था जिसे आज ठीक 1000 साल पूरे हो रहे हैं। अलाउद्दीन खिलजी और औरंगजेब ने भी मंदिर को नुकसान पहुंचाया लेकिन हर बार भक्तों ने इसे फिर से बनवाया।

 

आजादी के बाद जब सरदार वल्लभभाई पटेल जूनागढ़ आए तो उन्होंने मंदिर की जर्जर हालत देखकर इसे दोबारा बनाने का निर्णय लिया। महात्मा गांधी के कहने पर मंदिर के लिए सरकारी पैसा इस्तेमाल नहीं हुआ बल्कि जनता ने इसके लिए दान दिया। सरदार पटेल के प्रयासों से ही 11 मई 1951 को नया मंदिर बनकर तैयार हुआ। आज का आयोजन उसी ऐतिहासिक दिन की याद में रखा गया है।

ओवेरियन कैंसर की पहचान हैं ये 5 लक्षण, बिल्कुल न करें नजरअंदाज


ओवेरियन कैंसर महिलाओं में होने वाला तीसरा सबसे आम कैंसर है। हर साल कैंसर से लाखों लोगों की मौत होती है। GLOBOCAN की डेटा के मुताबिक साल 2022 तक भारत में ओवेरियन कैंसर के 47 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए थे। इस कैंसर की वजह से 33 हजार से ज्यादा महिलाओं की मौत हो चुकी है। इस साइलेंट कैंसर भी कहा जाता है। इस कैंसर के लक्षण इतने आम होते हैं कि शुरुआत में पता नहीं चलता है और बाद में एंडवांस स्टेज में पता चलता है।

 

हर साल 8 मई को वर्ल्ड कैंसर डे मनाया जाता है। इस दिन लोगों को ओवेरियन कैंसर के बारे में जागरूक किया जाता है। अपोलो एथेना महिला कैंसर केंद्रों में गायनी-ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी की प्रमुख डॉ. रूपिंदर सेखों ने एचटी को दिए इंटरव्यू में बताया कि ओवेरियन कैंसर के लक्षण को कैसे पहचान सकते हैं? उन्होंने बताया कि अगर ये 5 लक्षण आपके शरीर में दिख रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

 

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ओवेरियन कैंसर के लक्षण

ब्लोटिंग- कभी कभी खान पान की वजह से पेट खूलने की समस्या आम बात है। अगर आपको लगातार पेट फूलने की समस्या हो रही है। हर दिन लग रहा है कि कपड़े टाइट हो रहे हैं तो ये ओवेरियन से जुड़ी ब्लोटिंग हो सकती है।

 

कम खाना- थोड़ा सा खाने के बाद ही पेट फूलने की समस्या। ऐसे इस वजह से हो सकता है कि ट्यूमर बढ़ रहा है जिसकी वजह से आपकी भूख कम हो रही है।

 

पेट या नीचले हिस्से में दर्द- पेट के निचले या पेल्विक वाले हिस्से में अक्सर दर्द होना।

 

आदतों में बदलाव- एक दम से तेज पेशाब आना, बार-बार कब्ज या डायरिया की समस्या होना।

 

अधिक थकान- आराम करने के बावजूद बहुत ज्यादा थकान महसूस होना।

क्यों कहा जाता है साइलेंट किलर?

दरअसल ओवेरियन कैंसर के शुरुआत लक्षण बिल्कुल ऐसे लगते हैं जैसे आपको पेट संबंधी समस्याएं हैं। ऐसे में महिलाएं शुरुआत में इन लक्षणों को नजर अंदाज कर देती हैं। परिणाम स्वरूप उन्हें एंडवांस स्टेज में इसके बारे में पता चलता है।

 

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इलाज

ओवेरियन कैंसर का कोई इलाज नहीं है। अगर शुरुआत में इस बीमारी के लक्षण पता चल गए तो इसे फैलने से रोका जा सकता है। कैंसर को शरीर में फैलन से रोकने के लिए कीमोथेरेपी, हार्मोन थेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, सर्जरी की जाती है।

सूर्य लाएंगे आपके जीवन में धन-संपदा, मिलेगा मान-सम्मान? पढ़ें राशिफल


आज 10 मई 2026, दिन रविवार है। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। आज का मूलांक 1 है, जो सूर्य का प्रतीक माना जाता है। वहीं रविवार का दिन भी सूर्य देव को समर्पित है। ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो चंद्रमा आज कुंभ राशि में रहेंगे, जिससे वायु तत्व वाली राशियों की प्रधानता रहेगी। ग्रहों का यह योग आज साहस और नई शुरुआत को निखारने वाला है। आज की समग्र ऊर्जा आत्मविश्वास से भरी रहने वाली है।


सूर्य और चंद्रमा ग्रह के तालमेल की वजह से समाज में मान-सम्मान मिलेगा। पुराने रुके हुए काम तेजी से पूरे हो जाएंगे। रविवार होने के कारण जहां एक ओर मानसिक शांति और विश्राम की इच्छा बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर भविष्य की योजनाएं भी बनेंगी। आज का दिन आत्म-चिंतन करने का मौका देगा। आइए जानते हैं आज आपके भाग्य में क्या है?

 

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आज का राशिफल


मेष राशि


आज आप नई ऊर्जा से भरे रहेंगे। करियर में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे आपका आत्मसम्मान बढ़ेगा। बिजनेस में मुनाफा कमा पाएंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, निवेश के लिए दिन शुभ है। परिवार का सहयोग बना रहेगा और जीवनसाथी का भरपूर साथ मिलेगा।

क्या करें: सूर्य देव को जल चढ़ाएं।
क्या न करें: आज किसी से उधार न लें।


वृषभ राशि


आज का दिन सोच-समझकर फैसला लेने का है। नौकरीपेशा लोगों को काम का बोझ महसूस हो सकता है। फिजूल खर्चों की वजह से मानसिक तनाव बढ़ सकता है। परिवार में छोटी-मोटी बहस हो सकती है, ऐसे में संयम रखें। थकान और नींद न आने की समस्या हो सकती है।
क्या करें: सफेद कपड़े पहनें।
क्या न करें: निवेश के मामलों में जल्दबाजी न करें।

 

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मिथुन राशि


आज आपकी क्रिएटिविटी काम आएगी। करियर में नए अवसर मिलेंगे, खासकर उन लोगों को जो मीडिया या लेखन के क्षेत्र में काम करते हैं। बिजनेस यात्राएं सफल रहेंगी। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। प्रेम जीवन में प्यार बढ़ेगा।
क्या करें: पक्षियों को दाना डालें।
क्या न करें: अहम काम करने में आलस न करें।


कर्क राशि


भावनाओं में न बहें। ऑफिस में सहकर्मियों के साथ बहस हो सकती है, शांति बनाए रखें। आर्थिक लेनदेन में सावधानी बरतें। पारिवारिक माहौल ठीक रहेगा, माता के स्वास्थ्य पर ध्यान रखें। पेट से जुड़ी बीमारी हो सकती है।
क्या करें: शिव चालीसा का पाठ करें।
क्या न करें: अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें।

 

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सिंह राशि


आज आप चर्चा के केंद्र बने रहेंगे। करियर में प्रमोशन या सम्मान के योग हैं। आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। जीवनसाथी के साथ रोमांटिक समय बिताएंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा।
क्या करें: लाल चंदन का तिलक लगाएं।
क्या न करें: आज अहंकार में आकर कुछ भी न बोलें।


कन्या राशि


नौकरी में आपके काम की सराहना होगी। बिजनेस से जुड़ी प्लानिंग किसी को न बताएं, तभी सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थल पर घूमने जा सकते हैं। आंखों या सिरदर्द की समस्या हो सकती है, आराम करें।
क्या करें: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।
क्या न करें: किसी के व्यक्तिगत मामलों में दखल न दें।

 

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तुला राशि


अगर नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं तो यह समय सही है। व्यापार में पार्टनरशिप से लाभ होगा। प्रेम संबंध बेहतर होंगे और परिवार में खुशहाली रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा लेकिन बाहर के खाने से परहेज करें।
क्या करें: जरूरतमंदों को फल दान करें।
क्या न करें: कानूनी मामलों में लापरवाही न बरतें।


वृश्चिक राशि


आज का दिन मिलाजुला रहेगा। करियर में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, धैर्य रखें। उधारी लेने से बचें। घर में शांति बनाए रखने के लिए विवादों को टालें। गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतें, चोट लग सकती है।
क्या करें: हनुमान जी के दर्शन करें।
क्या न करें: आज मांस-मदिरा का सेवन न करें।

 

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धनु राशि


आज आपको भाग्य का साथ मिलेगा। करियर में बढ़त के रास्ते खुलेंगे। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। परिवार में मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य में सुधार होगा, खुद को तरोताजा महसूस करेंगे।
क्या करें: पीली वस्तुओं का दान करें।
क्या न करें: बड़े बुजुर्गों की बात न टालें।


मकर राशि


मेहनत का फल मिलने का समय है। करियर में आपका फोकस सफलता दिलाएगा। बिजनेस में नई मशीनरी या तकनीक का प्रयोग लाभ देगा। आर्थिक लाभ के योग हैं। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। घुटनों या जोड़ों का दर्द परेशान कर सकता है।
क्या करें: शनि देव की आरती करें।
क्या न करें: आज किसी का अनादर न करें।

 

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कुंभ राशि


आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नौकरी में नए प्रोजेक्ट मिलने से उत्साह बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, विलासिता की वस्तुओं पर खर्च हो सकता है। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा।
क्या करें: जरूरतमंदों की मदद करें।
क्या न करें: पुराने विवादों को फिर से न कुरेदें।


मीन राशि


आज के दिन करियर में भागदौड़ अधिक रहेगी। धन का निवेश सोच-समझकर करें। पारिवारिक सदस्यों के बीच आपसी समझ बढ़ेगी।
क्या करें: गायत्री मंत्र का जाप करें।
क्या न करें: आज उधार देने से बचें।


नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अपनी मेहनत पर विश्वास रखें और सकारात्मक सोच के साथ दिन का आनंद लें।

70 लाशें और टूटी जेल, माली में अलकायदा का सबसे बड़ा एक्शन


पश्चिम अफ्रीकी देश माली में बामको और उसके आसपास के इलाकों में जिहादी हमलों के कारण भारी तबाही हुई है। राजधानी बामको से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित केनीरोबा सेंट्रल जेल और आसपास के गांवों में हुए इन हमलों में अब तक 70 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। स्थानीय अधिकारियों का अनुमान है कि मृतकों की संख्या 80 ज्यादा भी हो सकती है। अल-कायदा से जुड़े संगठन ‘जमात नुसरत अल-इस्लाम वल मुस्लिमीन’ (JNIM) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है।

 

माली के कई गांवों में बुधवार को अचानक छापा मारा गया जिसमें 30 ग्रामीणों की हत्या कर दी गई। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक इन गांवों को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने आतंकी संगठन JNIM द्वारा पेश किए गए स्थानीय समझौतों पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था। इसके बाद शुक्रवार को भी सिलसिलेवार हमले किए गए जिसमें मरने वालों की संख्या बढ़ गई।

 

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सेंट्रल जेल पर हमला

आतंकियों ने बामको के पास स्थित नई बनी हुई केनीरोबा सेंट्रल जेल पर धावा बोल दिया। इस जेल में पूरे 2,500 कैदी बंद थे। हमले के दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्था खतम हो गई और कई कैदी फरार होने में सफल रहे। फरार होने वालों में 72 ऐसे कैदी शामिल हैं जिन्हें सरकार ने सबसे ज्यादा खतरनाक की जगह में रखा था। सुरक्षा एजेंसियां अब इन कैदियों की तलाश में जुटी हैं।

 

JNIM ने पिछले हफ्ते एक अधिकारिक घोषणा की थी जिसमें उन्होंने राजधानी बामको की घेराबंदी करने की योजना बताई थी। संगठन ने कहा है कि वे राजधानी की ओर जाने वाली सभी मुख्य सड़कों पर अपने चेकपॉइंट बनाएंगे। उनका इरादा शहर में आने-जाने वाले सामान और राशन को रोकना है ताकि सरकार को पूरी तरह बेबस किया जा सके।

 

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सेना पर सवाल

वहां के लोग अपनी ही सेना से काफी नाराज हैं। लोगों का कहना है कि सेना पास में ही थी लेकिन बार-बार बुलाने पर भी वह बचाने नहीं आई। इससे पहले अप्रैल के आखिर में हुए एक बड़े हमले में माली के रक्षा मंत्री सादियो कैमारा भी मारे गए थे। बिगड़ते हालात को देखते हुए रुसी सैनिकों को भी किडल जैसे महत्वपूर्ण शहर से पीछे हटना पड़ा है।

 

माली की सेना के बड़े अफसर जिब्रिला मैगा ने बताया कि पिछले कुछ समय से हमले इसलिए बढ़े हैं क्योंकि दो अलग-अलग आतंकी गुट अब एक साथ मिल गए हैं। हालांकि सेना का कहना है कि वे आतंकियों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।