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‘बेटे की फिक्र है लेकिन पीछे नहीं हटने देंगे’, बोले अभिजीत दिपके के पिता


जंतर-मंतर पर चलो संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के माता-पिता का बयान सामने आया है। उन्होंने अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई लेकिन साफ कहा कि वह उसे आंदोलन वापस लेने के लिए नहीं कहेंगे। साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना भी की।

 

अभिजीत दिपके के पिता भगवान दिपके ने कहा कि उनके बेटे ने यह आंदोलन अपनी इच्छा और सोच के साथ शुरू किया है। ऐसे में अब उसे पीछे हटने की सलाह देना उचित नहीं होगा। उनका कहना है कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए था लेकिन उनकी आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया। उन्होंने सरकार के रवैये पर भी सवाल उठाए।

 

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पुलिस कार्रवाई देखकर भावुक हुए दिपके के माता-पिता

अभिजीत की मां अनीता दिपके ने भी पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा कि 18 से 20 साल के छात्र पिछले कई दिनों से अपने भविष्य को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांगों पर बातचीत करने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया जो बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने मोबाइल पर प्रदर्शन का वीडियो देखा तो उनकी आंखों में आंसू आ गए। उनके अनुसार, सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए थी और बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए था।

पिता ने सरकार के रवैये पर उठाए सवाल

भगवान दिपके ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल छात्र पढ़े-लिखे और जिम्मेदार हैं। उनके मुताबिक, उन्होंने न तो हिंसा की और न ही किसी तरह का उपद्रव मचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद पुलिस ने बल प्रयोग किया। महाराष्ट्र औद्दोगिक विकास निगम (MIDC) से रिटायर्ड इंजीनियर भगवान दिपके ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि छात्रों के प्रदर्शन पर इस तरह की कार्रवाई होगी।

 

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प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने किया बड़ा दावा

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि CJP के चलो संसद मार्च के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी उग्र हो गए थे। पुलिस के अनुसार, उन्होंने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और पुलिसकर्मियों पर हमला किया। पुलिस का दावा है कि उस दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों को कई बार चेतावनी दी गई लेकिन उन्होंने निषोधाज्ञा का उल्लंघन किया। फिलहाल इस पूरे मामले में प्रदर्शनकारियों, पुलिस और सरकार के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

पार्टनर के साथ रिश्ता मजबूत बनाने की 7 आदतें, प्यार के साथ बढ़ेगा भरोसा


आज की लाइफ इतनी बिजी हो गई है कि कई बार पार्टनर्स एक दूसरे के लिए समय ही नहीं निकाल पाते हैं। हर रिश्ता प्यार, भरोसे और आपसी समझ पर टिका होता है लेकिन काम का दबाव, समय की कमी और छोटी- छोटी गलतफहमियां रिश्तों में दूरियां बढ़ा सकती हैं। ऐसे में अगर समय रहते रिश्ते पर ध्यान दिया जाए तो उसे मजबूत और खुशहाल बनाए रखा जा सकता है। आइए जानते हैं उन 7 आदतों के बारे में जिन्हें अपनाकर आप अपने रिश्ते को पहले से बेहतर बना सकते हैं।

 

चाहे आप शादीशुदा हो या रिलेशनशिप में, एक मजबूत रिश्ता हमेशा अच्छी बातचीत और आपसी सम्मान पर टिका होता है। रिश्ते को मजबूत बनाने कि लिए आपको हमेशा महेंगे गिफ्ट या बड़े सरप्राइज की जरूरत नहीं होती। रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी आदतें भी रिश्ते में प्यार और भरोसा बढ़ा सकती हैं। अगर आपके रिश्ते में भी दूरियां या खटास आ गई है तो घबराने की जरूरत नहीं है। एक रिश्ता एक दिन में नहीं बनता है बल्कि हर दिन की छोटी-छोटी कोशिश और अच्छी आदतों से मजबूत होता है।

 

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1. हर दिन कुछ समय सिर्फ एक-दूसरे के लिए निकालें

काम कितना भी बिजी क्यों न हो, दिन में कम से कम 20 से 30 मिनट अपने पार्टनर के साथ जरूर बिताएं। इस दौरान मोबाइल से दूरी बनाकर खुलकर बातें करें। इससे एक-दूसरे की भावनाओं को समझने का मौका मिलता है और रिश्ता मजबूत होता है।

2. खुलकर बात करने की आदत डालें

किसी भी रिश्ते में बातचीत सबसे जरूरी होती है। अगर कोई बात परेशान कर रही है तो उसे मन में रखने की बजाय शांत तरीके से अपने पार्टनर से शेयर करें। अगर गलतफहमियां समय रहते दूर हो जाएं तो रिश्ते में स्ट्रेस कम रहता है।

3. छोटी-छोटी बातों की तारीफ करें

पार्टनर के अच्छे काम, कोशिश या किसी छोटी अचीवमेंट की तारीफ जरूर करें। एक ‘धन्यवाद’, ‘तुमने अच्छा किया’ या ‘मुझे तुम पर गर्व है’ जैसे शब्द रिश्ते में अपनापन और सम्मान बढ़ाते हैं।

4. एक-दूसरे की बात ध्यान से सुनें

कई बार लोग सिर्फ अपनी बात कहने पर ध्यान देते हैं लेकिन सामने वाले की बात पूरी नहीं सुनते। जब आपका पार्टनर कुछ कह रहा हो तो बीच में टोके बिना उसकी बात सुनें। इससे उसे महसूस होगा कि आप उसकी भावनाओं की कद्र करते हैं।

5. गुस्से में फैसले लेने से बचें

हर रिश्ते में कभी न कभी बहस हो सकती है लेकिन गुस्से में कही गई बातें लंबे समय तक दिल दुखा सकती हैं। अगर किसी बात पर नाराजगी हो तो पहले खुद को शांत करें और फिर आराम से बात करें।

6. एक-दूसरे की पसंद और सपनों का सम्मान करें

हर व्यक्ति की अपनी पसंद, शौक और लक्ष्य होते हैं। अपने पार्टनर के फैसलों और सपनों का सम्मान करें और जरूरत पड़ने पर उनका साथ दें। इससे रिश्ते में भरोसा और मजबूती आती है।

7. छोटी-छोटी खुशियां साथ में मनाएं

किसी खास मौके का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। साथ में चाय पीना, वॉक पर जाना, पसंदीदा फिल्म देखना या घर पर साथ खाना बनाना जैसी छोटी-छोटी बातें भी रिश्ते को खुशहाल बनाती हैं।

 

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इन गलतियों से बचें

  • हर छोटी बात पर बहस करना।
  • पार्टनर को किसी और से कंपेयर करना।
  • एक दूसरे को समय न देना।
  • हर बात पर शक करना।
  • गुस्से में अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करना।
  • सिर्फ अपनी बात को सही मानना।

रिश्ता मजबूत होने के क्या फायदे हैं?

  • आपसी भरोसा बढ़ता है।
  • स्ट्रेस और गलतफहमियां कम होती हैं। 
  • बातचीत बेहतर होती है।
  • मुश्किल समय में एक दूसरे का साथ मिलता है।
  • रिश्ता लंबे समय तक खशहाल बना रहता है।

21 जुलाई का राशिफल, मंगलवार को किन 5 राशियों पर रहेगा बृहस्पति का प्रभाव? जानिए


आज एक तरफ कई लोगों का दिन अच्छा रहेगा क्योंकि उन्हें कुछ नया सीखने को मिलेगा। वहीं दूसरी तरफ कई लोगों की तबीयत बिगड़ सकती है। पंचांग के अनुसार आज आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। अंक ज्योतिष के नजरिए से देखें तो आज का मूलांक 3 बनता है, जो देवगुरु बृहस्पति की कृपा को दर्शाता है। आज का दिन साहस और ऊर्जा का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो मंगल का मजबूत प्रभाव व्यक्ति की सीखने की क्षमता बढ़ाएगा, जबकि चंद्रमा की बदलती चाल से लोगों को मानसिक शांति मिलेगी।

 

आज का दिन इच्छाओं को पूरा करने के लिए बेहद खास है। मंगलवार होने की वजह से आज कई लोगों पर हनुमान जी की कृपा बरसेगी। आज आपको अपने लक्ष्यों को लेकर जागरूक रहना होगा। साथ ही अपने आलस्य को पूरी तरह खत्म करना होगा। व्यापार और व्यक्तिगत, दोनों ही मोर्चों पर आज का दिन महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए बेहद खास है। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक के सभी जातकों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

 

 

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राशिफल 

 

मेष राशि

 

नौकरीपेशा जातकों के लिए आज का दिन तरक्की के नए रास्ते खोलेगा। व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने के योग हैं। सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा। जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे। लवमेट्स के साथ कहीं घूमने की योजना बन सकती है।

आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।

आज क्या न करें: जल्दबाजी में कोई भी बड़ा वित्तीय निर्णय न लें।

 

वृषभ राशि

 

ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना होगी। पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें। धन निवेश के लिए आज का दिन मिलाजुला है, इसलिए सोच-समझकर कदम बढ़ाएं। परिवार में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है। शाम को पार्टनर के साथ समय बिताएं।

आज क्या करें: पक्षियों को दाना डालें।

आज क्या न करें: किसी व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचें।

 

मिथुन राशि

 

आज आपको करियर में एक नई दिशा मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। प्रेम जीवन में रोमांस की एंट्री होगी। सिंगल लोगों को अपने प्रेमी-प्रेमिका के साथ अनबन हो सकती है।

आज क्या करें: जरूरतमंदों को हरे रंग का फल दान करें।

आज क्या न करें: दूसरों के फटे में टांग न अड़ाएं।

 

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कर्क राशि

 

दफ्तर में काम का दबाव अधिक रह सकता है। धन खर्चों में अचानक बढ़ोतरी होगी, जिससे आपका बजट बिगड़ सकता है। आज आप भावनाओं में आकर फैसला ले सकते हैं। जीवनसाथी की सेहत की चिंता रह सकती है।

आज क्या करें: शिवलिंग पर जल अर्पित करें।

आज क्या न करें: नकारात्मक विचारों को अपने ऊपर हावी न होने दें।

 

सिंह राशि

 

व्यापार में नए सौदे फायदेमंद साबित होंगे। नौकरी में ट्रांसफर या प्रमोशन की अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार में कोई मांगलिक कार्य होने की योजना बन सकती है। लव लाइफ में आपसी समझ और सम्मान बढ़ेगा।

आज क्या करें: सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें।

आज क्या न करें: अहंकार की भावना से बचें।

 

कन्या राशि

 

आज अपने करियर के लिए मेहनत करने वालों को भविष्य में लाभ मिलेगा। संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिलेगी। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बेहतरीन रहेगा। बच्चों की तरफ से कोई सुखद जानकारी मिल सकती है, जिससे मन प्रसन्न रहेगा।

आज क्या करें: गाय को हरी घास खिलाएं।

आज क्या न करें: काम को कल पर टालने की आदत से बचें।

 

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तुला राशि

 

नौकरी में काम का बोझ बढ़ सकता है, लेकिन आपकी सूझबूझ से काम समय पर पूरे होंगे। पार्टनर के साथ किसी बात पर अनबन हो सकती है। शांत रहकर बात को सुलझाने की कोशिश करें।

आज क्या करें: छोटी कन्याओं को कुछ मीठा खिलाएं।

आज क्या न करें: आज कर्ज लेने या देने से पूरी तरह बचें।

 

वृश्चिक राशि

 

आज आप ऊर्जा और उत्साह से भरपूर रहेंगे। नई नौकरी के प्रस्ताव मिल सकते हैं। अचानक धन लाभ हो सकता है। पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा। दोस्तों के साथ शाम का समय मजेदार बीतेगा।

आज क्या करें: बजरंग बाण का पाठ करें।

आज क्या न करें: शेयर बाजार या सट्टेबाजी में आज निवेश करने से बचें।

 

धनु राशि

 

शिक्षा और कंसल्टेंसी से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन बेहतरीन है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। घर के बड़ों का आशीर्वाद मिलेगा। प्रेम संबंधों में गंभीरता आएगी और शादी की बात आगे बढ़ सकती है।

आज क्या करें: माथे पर हल्दी या केसर का तिलक लगाएं।

आज क्या न करें: किसी भी कानूनी मामले में लापरवाही न बरतें।

 

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मकर राशि

 

आज मेहनत का फल थोड़ा देर से मिलेगा, इसलिए धैर्य रखें। आज आप व्यस्त रहेंगे, इस वजह से परिवार को समय नहीं दे पाएंगे। लव पार्टनर आपकी स्थिति को समझेगा और सहयोग करेगा।

आज क्या करें: शनि चालीसा का पाठ करें।

आज क्या न करें: गाड़ी चलाते समय लापरवाही न बरतें।

 

कुंभ राशि

 

क्रिएटिव काम से जुड़े लोगों को आज बड़ा मंच मिलेगा। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होगा। उधार दिया पैसा मिल सकता है। पुराने दोस्तों से मुलाकात होगी। पार्टनर के साथ लॉन्ग ड्राइव पर जाने का प्लान बन सकता है।

आज क्या करें: किसी गरीब को काले चने या भोजन का दान करें।

आज क्या न करें: बिना सोचे-समझे किसी से कोई बड़ा वादा न करें।

 

मीन राशि

 

ऑफिस में आपके आइडिया की तारीफ होगी। निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है। नौकरी बदलने के प्रयास सफल होंगे। पार्टनर के साथ आत्मिक जुड़ाव महसूस करेंगे। रिश्तों में आपसी भरोसा मजबूत होगा।

आज क्या करें: पीले रंग के कपड़े पहनें।

आज क्या न करें: अपनी बातें किसी बाहरी व्यक्ति को न बताएं।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

 

‘अब यह पूरी तरह युद्ध है…’, ईरान का बड़ा ऐलान; अमेरिकी ठिकानों पर हमले तेज


पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के बीच हो रही सैन्य कार्रवाई से पूरे खाड़ी क्षेत्र का माहौल गरमा गया है। इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अब उनका देश अमेरिका के साथ ‘आर-पार की लड़ाई’ लड़ रहा है। उनके इस बयान के बाद इलाके में हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।

 

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका ने लगातार नौवीं रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों और शहरों पर हवाई हमले किए। दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ा दी है।

 

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बहरीन और कुवैत में भी बढ़ी हलचल

तनाव का असर अब खाड़ी के अन्य देशों पर भी दिखाई देने लगा है। बहरीन ने दावा किया कि ईरानी ड्रोन ने उसके एयर नेविगेशन सिस्टम को निशाना बनाया, हालांकि इससे हवाई यातायात प्रभावित नहीं हुआ। वहीं कुवैत ने भी हमलों की पुष्टि की है। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि मौजूदा हालात में ईरान खुलकर युद्ध लड़ रहा है और देश को इसके परिणामों के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने की अपील भी की।

होर्मुज स्ट्रेट बना दुनिया की चिंता

ओमान के तट के पास, हॉर्मुज स्ट्रेट के नजदीक एक जहाज पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला होने की खबर है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी का कहना है कि हमले में जहाज को नुकसान पहुंचा है लेकिन राहत की बात यह है कि चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल सप्लाई रूट्स में से एक माना जाता है। इस इलाके में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी दिखा और कच्चे तेल की कीमतें कुछ समय के लिए 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं।

 

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अमेरिका का हमला जारी, 17 सैनिकों की मौत

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसने लगातार नौवीं रात ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चलाया। अमेरिका के अनुसार, इस दौरान ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, तटीय निगरानी केंद्र तथा संचार नेटवर्क को निशाना बनाया गया, ताकि हॉर्मुज स्ट्रेट में ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर की जा सके। इसी बीच अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस लड़ाई में जान गंवाने वाले अपने दो सैनिकों की पहचान सार्वजनिक कर दी है। दोनों सैनिक जॉर्डन में अमेरिकी मिशन के तहत तैनात थे। अमेरिकी सेना का कहना है कि इस संघर्ष में अब तक उसके 17 सैनिकों की मौत हो चुकी है।

दुलारा, दर्द पूछा और उठाई आवाज, CJP के आंदोलन में कैसे छा गईं डिंपल यादव?


कॉकरोच जनता पार्टी पिछले एक महीने से दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा मांगा रही थी। सोमवार को CJP ने पहले से तय संसद तक शांतिपूर्वक मार्च का आव्हान किया था लेकिन जैसे ही मार्च आगे बढ़ा दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री के जवानों ने उन्हें रास्ते में रोका और उनपर लाठीचार्ज कर दिया।

 

पुलिस की इस लाठीचार्ज में दर्जनों प्रदर्शनकारी युवा घायल हो गए। कई पुलिसकर्मी भी इसमें घायल हुए। मगर, पुलिसिया लाठीचार्ज में बुरी तरह से घायल छात्र-छात्राएं सड़क और फुटपाथ पर लेट गए। घायल युवाओं को या तो उनके साथियों ने संभाला या फिर समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता और कन्नैज से सांसद डिंपल यादव ने। 


दिनभर छात्रों के बीच रहीं डिंपल यादव

 

दरअसल, डिंपल यादव सपा के लगभग एक दर्जन सांसदों के साथ में छात्रों के इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंची थीं। वह दिनभर छात्रों के बीच रहीं, जिसके बाद पुलिस उनको पकड़कर संसद मार्ग पुलिस थाने ले आई। जब सांसद डिंपल थाने के अंदर बैठी थीं, उन्हीं के सामने कई छात्र और छात्राएं बुरी तरह से घायल अवस्था में आए।

 

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घायल छात्रों को दुलारते और नजर आईं

 

इस मंजर को देखने के बाद डिंपल यादव खुद को संभाल नहीं पाईं और वह घायल छात्रों को दुलारते और उनका दर्द बांटते हुई नजर आईं। उनके इन कदमों की सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है। एक प्रदर्शनकारी युवक पर पुलिस की लाठीचार्ज में बुरी तरह से घायल हो गया था, जिसको उसके साथियों ने एक फुटपाथ पर लिटा दिया। घायल और बेसुध युवक को डिंपल यादव ने जैसे ही देखा वह खुद को रोक नहीं पाईं और उसे प्यार से और अपनेपन के भाव से सहलाने लगीं।

 

 

 

 

डिंपल यादव ने अपना एक हाथ घायल युवक के सिर और दूसरा उसके सीने पर रखकर उसकी मदद की। इसके बाद उन्होंने उसे अपने हाथों से हवा करती नजर आईं और एंबुलेंस को बुलवाया। इसी समय वह एक घायल छात्रा को अपने हाथ से पानी पिलाते हुए नजर आईं। इस दौरान सपा के सभी सांसद वहीं खड़े रहे।

 

अभिभावक बनीं डिंपल

 

इसी तरह से एक और छात्रा पुलिसिया कार्रवाई में घायल होकर संसद मार्ग थाने में आई, जिसे सांसद डिंपल यादव एक अभिभावक की तरह दुलारते हुए नजर आईं। उनके इन कदमों की वजह से सोशल मीडिया पर लोग उनके लिए लिख रहे हैं कि डिंपल यादव सिर्फ एक नेत्री ही नहीं, बल्कि एक पत्नी, मां और बहु भी हैं।

 

 

 

 

प्रदर्शन का बताया आंखों देखा हाल

 

दिनभर युवाओं के साथ रहीं डिंपल यादव बाद में संसद पहुंचीं। उन्होंने यहां कहा, ‘युवा लड़के और लड़कियों के ऊपर लाठीचार्ज किया गया था। कुछ के सिर में चोटें आईं, जबकि दूसरों को छाती पर चोट लगी। अगर पुलिस को बल प्रयोग करना ही था तो उन्हें कमर के नीचे मारना चाहिए था लेकिन इसके बजाय उन्होंने छात्रों के सिर और छाती पर मारा। छात्र बहुत ज्यादा गुस्से में थे। उन्होंने कहा कि वे सिर्फ आंदोलन का समर्थन करने आए थे और किसी से लड़ने नहीं आए थे। आज हमने जो देखा वह परेशान करने वाला है और इसे देश के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।’

 

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मोदी सरकार पर बरसीं डिंपल यादव

 

सपा सांसद डिंपल यादव ने आगे कहा, ‘आज लोकतंत्र के इतिहास में ये काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा। पुलिस के आंखों में भी शर्मिंदगी दिख रही थी… कुछ पुलिसकर्मी गुंडे बने हुए थे। कुछ पुलिसवाले बिना वर्दी के आए और बच्चों को मारा है। बच्चों को करंट दिया। जहां नियम होता है कि आपको पैरों पर मारना है वहां बच्चों के सीने पर मारा है, ये आघात भारत माता के सीने पर किया है। हमारी मांग है कि शिक्षा मंत्री को हटाएं, सरकार जिम्मेदारी ले। इतनी अहंकारी कठोर और निर्दयी सरकार शायद ही देश के इतिहास ने देखी हो।’

 

 

 

भारत में पहली डेंगू वैक्सीन QDENGA को मिली मंजूरी, बिना टेस्ट लगेगा टीका


बारिश के मौसम में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। इस बीमारी के खिलाफ भारत में अभी तक कोई वैक्सीन नहीं थी। अब इस जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए भारत में पहली डेंगू वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने टेकेडा बायोफार्मास्युटिकल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की वैक्सीन QDENGA को बाजार में लाने की मंजूरी दे दी है। यह इस बीमारी से निपटने के लिए एक बड़ा कदम है। QDENGA को 4 से 60 साल के उम्र तक को लगाया जा सकता है।

 

यह वैक्सीन किसी भी व्यक्ति को पहले डेंगू हुआ हो या नहीं। इस बात की परवाह किए बिना दी जा सकती है। इस वैक्सीन को देने से पहले किसी प्रकार के टेस्ट की जरूरत नहीं होगी। इस वजह से डेंगू वाले इलाकों में इसका इस्तेमाल करना आसान हो जाता है। यह वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों प्रकार से सुरक्षा देती है। 

 

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यह वैक्सीन 2022 में लॉन्च हुई थी। अभी तक 43 देशों में इसे मंजूरी मिल चुकी हैं और दुनियाभर में इसकी 32 मिलियन से ज्यादा डोज बांटी जा चुकी हैं। पिछले 2 दशकों में भारत में डेंगू के मामले 11 गुना बढ़ चुके हैं। दुनियाभर में डेंगू के कुल मामलों का लगभग एक तिहाई हिस्सा भारत में दर्ज किया जाता है। हर साल इस बीमारी की चपेट में हजारों लोग आते हैं और कई लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। आइए जानते हैं डेंगू से कैसे बच सकते हैं?

डेंगू के लक्षण

डेंगू एडीज मच्छर से काटने से फैलती है। यह एक वायरल बीमारी है। इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में:

  • तेज बुखार
  • मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
  • लगातार सिरदर्द
  • त्वचा पर चकते
  • मतली
  • उल्टी

मामला गंभीर होने पर प्लेटलेट्स तेजी से गिरते हैं। इस दौरान मसूड़ों और नाक से खून भी आ सकता है।

 

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डेंगू के मच्छरों से कैसे बच सकते हैं?

  • मच्छरदानी लगाएं।
  • घर के आसपास पानी न जमा होने दें।
  • कूलर के पानी को रोजाना बदलें।
  • पानी की टंकी को ढक कर रखें।
  • अपने आस पास साफ सफाई रखें।
  • कीटनाशक का इस्तेमाल करें।

महर्षि सौभरि के श्राप ने कैसे बचाई कालिया नाग की जान? जानिए पूरी कहानी


हिन्दू धर्म के ग्रंथों में कई ऐसी कहानियां और प्रसंग बताए गए हैं, जिनसे आज भी व्यक्ति को सीख मिलती है। धार्मिक ग्रंथों में देवी-देवताओं से जुड़े वरदान और श्राप की कई रोचक कथाएं वर्णित हैं। वरदान और श्राप का नाम सुनते ही लोगों के मन में यही विचार आता है कि वरदान मिलने से व्यक्ति का भला होता है और श्राप मिलने से उसका नुकसान होता है। जबकि श्रीमद्भागवत महापुराण में गरुड़ और कालिया नाग की एक ऐसी कथा मिलती है, जिसमें एक श्राप किसी दूसरे के प्राणों की रक्षा का कारण बनता है।

 

श्रीमद्भागवत महापुराण के स्कंध 10 के अध्याय 17 में कालिया नाग और गरुड़ की कथा का वर्णन मिलता है। इस कथा के अनुसार, राजा परीक्षित ने श्रीशुकदेव जी से पूछा था कि कालिया नाग ने रमणक द्वीप क्यों छोड़ दिया था। तब श्रीशुकदेव जी ने बताया कि कालिया नाग गरुड़ से अपनी जान बचाने के लिए रमणक द्वीप छोड़कर यमुना नदी में रहने लगे थे।

 

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गरुड़ और कालिया नाग के बीच युद्ध

 

कथा के अनुसार, रमणक द्वीप में प्रत्येक अमावस्या के दिन गरुड़ को एक सर्प अर्पित किया जाता था, ताकि वे अन्य नागों की रक्षा करते रहें। इसी परंपरा के तहत एक बार कालिया नाग की बारी आई। लेकिन गरुड़ का आहार बनने से बचने के लिए कालिया नाग वहां से भाग गया।

 

जब गरुड़ को कालिया नाग के भागने की खबर मिली तो वे अत्यंत क्रोधित हो गए और उन्होंने कालिया नाग को मारने का संकल्प लिया। इसके बाद दोनों के बीच भीषण युद्ध हुआ। कालिया नाग ने अपने विषैले दांतों से गरुड़ पर हमला किया लेकिन गरुड़ ने भी जोरदार पलटवार किया। गरुड़ अत्यंत शक्तिशाली थे, इसलिए युद्ध में कालिया नाग पर भारी पड़ने लगे। अपनी जान बचाने के लिए अंत में कालिया नाग वहां से भाग निकला।

 

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श्राप ने कैसे बचाई कालिया नाग की जान?


कालिया नाग और गरुड़ के युद्ध से पहले महर्षि सौभरि ने गरुड़ को श्राप दिया था। कथा के अनुसार, एक बार गरुड़ को भूख लगी और वे यमुना नदी में मछलियां खाने पहुंचे। वहां उन्होंने मत्स्यराज नाम की एक बड़ी मछली को अपना आहार बना लिया। इससे उस कुंड में रहने वाली अन्य मछलियां अत्यंत दुखी हो गईं।


मछलियों की यह स्थिति देखकर महर्षि सौभरि को बहुत दुख हुआ। उन्होंने मछलियों की रक्षा के लिए गरुड़ को श्राप दिया कि अब से यदि वे उस नदी में प्रवेश करेंगे या वहां किसी जीव का भक्षण करेंगे, तो उनके प्राण चले जाएंगे।


कालिया नाग को इस श्राप की जानकारी थी। इसलिए वह अपनी जान बचाने के लिए यमुना नदी में आकर रहने लगा। महर्षि सौभरि के इसी श्राप के कारण गरुड़ यमुना में नहीं जा सके और कालिया नाग के प्राण बच गए।

अमेरिका ने ईरान के परमाणु प्लांट पर किया अटैक, जंग और तेज होने का खतरा बढ़ा


ईरान की परमाणु एजेंसी ने अमेरिका पर डारखोविन परमाणु साइट पर हमला करने का आरोप लगाया। यह परमाणु प्लांट अभी निर्माणाधीन है। दक्षिण-पश्चिम ईरान के खुजेस्तान प्रांत में डारखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र का निर्माण साल 2022 से चल रहा है। परमाणु एजेंसी के मुताबिक सुबह लगभग 9 बजकर 39 मिनट के करीब प्लांट पर कई रॉकेट गिरे। एजेंसी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा उपायों के तहत एक शांतिपूर्ण परमाणु संयंत्र पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है।

 

डारखोविन परमाणु प्लांट पर हमले के मामले में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी प्रतिक्रिया दी। एजेंसी ने कहा, वह ईरान के दक्षिण-पश्चिमी खुजेस्तान प्रांत के दरखोविन में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा प्लांट के निर्माण स्थल पर रात भर हुए हमले की खबरों की जांच कर रही है। यह सुविधा निर्माण के बहुत प्रारंभिक चरण में है और जब आईएईए ने आखिरी बार इसका दौरा किया था तब इसमें कोई परमाणु सामग्री नहीं थी। आईएईए ने आगे कहा कि कथित हमले से किसी भी प्रकार का रेडियोलॉजिकल खतरा होने की आशंका नहीं है।

 

 

 

 

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अमेरिका की आतंकवादी और आपराधिक सरकार, जिसकी फितरत ही दादागीरी और कानून को न मानना ​​है। उसने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हुए एक आक्रामक और बर्बर हरकत की है। – ईरान परमाणु ऊर्जा संगठन।
 

बहरीन, कुवैत और जॉर्डन को निशाना बना रहा ईरान

ईरान की सेना और आईआरजीसी अमेरिका के हर हमलों का जवाब खाड़ी देशों पर पलटवार करके दे रही है। बहरीन और कुवैत पर ईरान ने ड्रोन और मिसाइल से हमला किया। कुवैत में एक पानी को शुद्ध करने वाले प्लांट और बिजली संयंत्र को नुकसान पहुंचा है। बहरीन की सेना ने भी ईरानी मिसाइल को निष्क्रिय करने की सूचना दी। वहीं जॉर्डन के अकाबा शहर को निशाना बनाकर दागी गई ईरानी मिसाइल को जॉर्डन और इजरायल की वायुसेना ने रोक दी।

अमेरिका ने तेज की बमबारी

उधर, ईरानी मीडिया ने बताया कि शनिवार की रात अमेरिका ने होर्मोजगान और खुजेस्तान प्रांत के अलावा केशम द्वीप पर बमबारी की। जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद डोनाल्ड ट्रंप की सेना ने ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। हालांकि खाड़ी देशों को डर सता रहा है कि लड़ाई तेज होने पर उनके बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है। 

 

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अमेरिकी हमलों में ईरान में 50 की मौत

अमेरिका सेना ने शनिवार को लगातार आठवीं रात ईरान पर भीषण बमबारी की। बुनियादी ढांचे और परमाणु प्लांट को निशाना बनाया। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 27 जून से 19 जुलाई तक अमेरिकी हमलों में 50 से अधिक लोगों की जान गई और 517 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 19 बच्चे और 35 महिलाएं भी शामिल हैं। वहीं मृतक में पांच महिलाएं और दो नाबालिग है।  468 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। 32 लोग अभी भर्ती हैं। 28 की सर्जरी करनी पड़ी है। 

‘अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक आंदोलनकारी नहीं, शिक्षक हैं’, पत्नी का भावुक संदेश


लद्दाख के शिक्षा सुधाकर और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगजुक का अनशन अब 22वें दिन में पहुंच गया है। इस बीच उनकी पत्नी ने एक भावुक लेख लिखकर उनके संघर्ष को एक अलग नजरिए से पेश किया है। उन्होंने कहा कि वह सोनम वांगचुक को किसी आंदोलनकारी के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे शिक्षक के रूप में देखती हैं जिसे देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के लिए अपनी असली जिसम्मेदारी छोड़कर सड़क पर उतना पड़ा।

 

उन्होंने कहा कि पिछले 30 वर्षों से दोनों का एक ही सपना रहा है शिक्षा के जरिए देश को बेहतर बनाना। सोमन वांगचुक ने SECMOL और HIAL जैसे संस्थानों के जरिए पढ़ाई को समाज और लोगों की जिंदगी से जोड़ने की कोशिश की। वहीं, उनकी पत्नी का मानना है कि शक्षा सिर्फ डिग्री या नौकरी पाने का जरिया नहीं, बल्कि इंसान के व्यक्तित्व को निखारने और उनकी छिपी हुई प्रतिभा को पहचानने का माध्यम होनी चाहिए।

 

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गीतांजलि ने शिक्षा के उद्देश्य का किया जिक्र

अपने लेख में सोनम वांगचुक की वाइफ गीतांजलि जे आंग्मो ने बताया कि साल 1989 में श्री अरविंद आश्रम की यात्रा ने उनकी सोच को पूरी तरह बदल दिया। वहीं उन्हें यह समझ मिली कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना या परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक विकास को भी आगे बढ़ाना है। उनका मानना है कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था युवाओं को रोजगार तो देती है लेकिन उन्हें जीवन का उद्देश्य खोजने में पर्याप्त मदद नहीं कर पाती।

 

उन्होंने कहा कि HIAL जैसे संस्थानों की स्थापना इसी सोच के साथ की गई जहां स्थानीय समस्याओं के समाधान, व्यावहारिक, शिक्षा, नवाचार, सहानुभूति और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जाता है। उनके मुताबिक, AI के दौर में भी इंसान की सबसे बड़ी ताकत उसकी संवेदनशीलता, रचनात्मक सोच और चरित्र ही रहेंगे। इसलिए शिक्षा प्रणाली में ऐसे सुधार जरूरी हैं जो बच्चों को केवल नौकरी के लिए नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी तैयार करें।

 

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गीतांजलि ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

सोनम वांगजुक की पत्नी ने लिखा कि उनके पति का अनशन केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्ता में बदलाव की मांग की प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनशन के दौरान सोमन वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया जहां भारी पुलिस मौजूदगी के कारण माहौल इलाज से अधिक हिरासत जैसा महसूस हो रहा है।

 

उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षा का मुद्दा संसद और सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल होगा। उनका कहना है कि सोनम वांगचुक के संघर्ष का सबसे बड़ा सम्मान यही होगा कि देश ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करे, जहां हर बच्चे को अपनी पूरी क्षमता पहचानने और समाज के लिए सार्थक योगदान देने का अवसर मिल सके।

वर्क लाइफ बैलेंस बिगड़ रहा है? आजमाएं ये 6 तरीके, तनाव कम होगा


आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग काम और निजी जीवन के बीच बैलेंस बनाने में मुश्किल महसूस करते हैं। ऑफिस का काम, घर की जिम्मेदारियां और लगातार मोबाइल या लैपटॉप पर जुड़े रहने की वजह से कई लोगों को अपने लिए समय ही नहीं मिल पाता है।

 

अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो इसका असर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ रिश्तों पर भी असर पड़ता है। ऐसे में कुछ आसान आदतें अपनाकर वर्क लाइफ बैलेंस को बेहतर बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं 6 आसान तरीके।

1. काम और निजी जीवन की सीमा तय करें

आजकल कई लोग ऑफिस का काम घर आने के बाद भी करते रहते हैं। इससे परिवार और खुद के लिए समय नहीं बचता। कोशिश करें कि ऑफिस के तय समय के बाद काम से जुड़ी कॉल, ईमेल और मैसेज से दूरी बनाएं। इससे आपको मानसिक आराम मिलेगा।

2. रोजाना अपने लिए थोड़ा समय निकालें

दिनभर काम करने के बाद कम से कम 30 मिनट अपनी पसंद की किसी एक्टिविटी के लिए जरूर निकालें। आप किताब पढ़ सकते हैं, संगीत सुन सकते हैं, टहलने जा सकते हैं या कोई नया शौक अपना सकते हैं। इससे तनाव कम होता है और मन शांत रहता है।

3. हर काम की पहले से योजना बनाएं

अगर दिन की शुरुआत बिना प्लानिंग के होती है तो काम का दबाव बढ़ सकता है। इसलिए सुबह या एक रात पहले ही जरूरी कामों की सूची बना लें। सबसे जरूरी काम पहले पूरे करें और बाकी काम बाद में करें।

4. काम के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लें

लगातार कई घंटे काम करने से थकान और तनाव बढ़ सकता है। हर 60 से 90 मिनट के बाद 5 से 10 मिनट का छोटा ब्रेक लें। इस दौरान थोड़ा टहलें, पानी पिएं या आंखों को आराम दें। इससे काम पर दोबारा बेहतर तरीके से ध्यान लगाया जा सकता है।

5. परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं

काम कितना भी जरूरी क्यों न हो, अपने परिवार और दोस्तों के लिए समय जरूर निकालें। उनके साथ बातचीत करने, खाना खाने या घूमने जाने से मन हल्का होता है और रिश्ते भी मजबूत होते हैं।

6. अच्छी नींद और सेहत को नजरअंदाज न करें

अगर आप पर्याप्त नींद नहीं लेते या खानपान पर ध्यान नहीं देते तो इसका असर आपके काम और मूड दोनों पर पड़ सकता है। रोज 7 से 8 घंटे की नींद लें, संतुलित भोजन करें और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज या योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

किन संकेतों से समझें कि आपका वर्क लाइफ बैलेंस बिगड़ रहा है?

  • हर समय काम का तनाव महसूस होना।
  • परिवार या दोस्तों के लिए समय न निकाल पाना।
  • नींद पूरी न होना।
  • छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन आना।
  • लगातार थकान महसूस होना।
  • छुट्टी के दिन भी काम के बारे में सोचना।