Home Blog

‘आप RSS के कार्यक्रम में गईं’, जज स्वर्ण कांता के बारे में केजरीवाल ने क्या कहा?


दिल्ली की आबकारी नीति मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की जज स्वर्ण कांता शर्मा को अपने केस से हटाने की अपील कर रहे अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कोर्ट में खुद ही अपना पक्ष रखा। आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जज स्वर्ण कांता शर्मा राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) से जुड़े एक संगठन अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रम में चार बार गईं और यह बात संदेह पैदा करती है। उन्होंने एक-एक करके कुल 9 कारण गिनवाए कि क्यों स्वर्ण कांता शर्मा को इस केस की सुनवाई से अलग किया जाना चाहिए।

 

अरविंद केजरीवाल ने कोर्ट में अपना तर्क रखते हुए कहा कि 9 मार्च को कोर्ट में पहली सुनवाई हुई और इस कोर्ट में सीबीआई के अलावा कोई और पार्टी मौजूद नहीं थी लेकिन कोर्ट ने आदेश पारित कर दिया। उन्होंने आगे कहा, ‘जो ट्रायल कोर्ट ने 3 नवंबर से फरवरी के बीच में डेली बेसिस पर सुनवाई करके ऑर्डर पास किया था। उसको 5 मिनट में इस कोर्ट ने प्राथमिक तौर पर गलत बता दिया। जब यह आदेश आया था तो मेरा दिल बैठ गया। मेरे मन में शक हुआ कि क्या कोर्ट ही बायस्ड है और मुझे यहां न्याय मिलेगा कि नहीं? यही वजह थी कि मैंने चीफ जस्टिस को लिखा कि मेरा केस किसी और बेंच को ट्रांसफर किया जाए। बेसिक प्रिंसिपल ऑफ रेक्यूजल, सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट में दिया गया है।’

 

जज को हटाने के पीछे क्या तर्क दिया?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए केजरीवाल ने कहा, ‘उन्होंने कहा है कि जज का बायस होना जरूरी नहीं है लेकिन अगर पार्टी के मन में रीजनेबल डाउट हैं तो रेक्यूजल का केस बनता है। मेरे मन में संदेह हो गया है, मेरी छोटी सी आपत्ति है। मेरी आपत्ति और ये रेक्यूजल एप्लीकेशन कोर्ट और पार्टी के बीच में है। सीबीआई का इससे कोई लेना-देना नहीं है। सीबीआई को इसमें पार्टी नहीं बनाया जाना चाहिए।’

 

यह भी पढ़ें: TCS ऑफिस में अंडरकवर रहकर किया काम, पुलिस ने रेप केस में कैसे किया पर्दाफाश?

 

उन्होंने 5 केस का जिक्र करते हुए कहा, ‘इस केस के सामने 5 केस आ चुके हैं। मेरा केस आया था कि मेरी गिरफ्तारी अवैध थी या नहीं? बाकी जमानत थी। इस कोर्ट की राय लगभग फैसले की तरह थी। मेरा केस जो था, वह अवैध गिरफ्तारी से जुड़ा हुआ है। कोर्ट को यह तय करना था कि जांच अधिकारी के पास पर्याप्त कारण हैं या नहीं। कोर्ट को इसमें अंतिम फैसला नहीं देना था। ऐसा लगता है कि कोर्ट ने सिर्फ 2 सुनवाई में फैसला ही दे दिया।’ यहां केजरीवाल जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के उस फैसले का जिक्र कर रहे थे जिसमें उन्होंने केजरीवाल की गिरफ्तारी को सही ठहराया था।

 

केजरीवाल ने आगे कहा, ‘सीबीआई का पूरा केस अप्रूवर के बयान पर था। आपने अगर उसी पर प्रश्न चिह्न खड़ा कर दिया तो प्रैक्टिकली आपने पूरा ट्रायल कोर्ट ऑर्डर ही खारिज कर दिया। समस्या यह है कि जैसे आपने कहा कि बहुत बार होता है कि पहले कोई फाइंडिंग दी जाती है, आपकी अप्रूवर वाली फाइंडिंग थी। यह गंभीर शक पैदा करता है कि पिछले सारे ऑब्जर्वेशन कोर्ट के दिमाग पर जोर डाल रहे हैं। यह दिखाता है कि कोर्ट अभी भी अपने पहले ही फाइंडिंग पर निर्भर हैं। 9 मार्च को केवल सीबीआई की एक याचिका थी और ट्रायल कोर्ट का ऑर्डर था। ट्रायल कोर्ट का रेकॉर्ड भी नहीं था, इस ऑर्डर की जरूरत क्या थी?’

 

यह भी पढ़ें: जगह-जगह आगजनी, भड़के मजदूर, पुलिस से झड़प, क्यों सुलग उठा है नोएडा फेज-2?

 

उन्होंने आगे कहा, ‘इसकी क्या जरूरत या अर्जेंसी थी? उसकी वजह से एक शंका पैदा हुई।’ इस पर कोर्ट ने कहा, ‘ये तो आप क्वेश्चन नहीं कर सकते कि क्या जरूरत थी। यह आप मुझे मत बताओ, मैंने ऑर्डर कैसे लिखा यह आप सुप्रीम कोर्ट को बताओगे।’

 

इस पर केजरीवाल ने कहा, ‘जैसे एक केस है उनको एक ही सुनवाई में तीन महीने का समय दिया गया। दूसरे केस में 6 महीने का समय।’ केस की सुनवाई के दौरान ही केजरीवाल ने कहा, ‘मैम मैं पहली बार कोर्ट आया हूं, थोड़ा नर्वसनेस है।’ इस पर जज स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा, ‘मैं तो ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि आप कभी ना आएं। कोई भी ना आए।’

राइस वाटर में क्या है खास जिस वजह से कोरियन स्किन केयर में होता है इस्तेमाल?


गर्मी के मौसम में त्वचा का खास ख्याल रखना होता है। इस मौसम में त्वचा बेरूखी और बेजान नजर आती है। इस मौसम में धूप, धूल और प्रदूषण का प्रभाव त्वचा पर पड़ता है जिसकी वजह से दाग-धब्बे और मुंहासों की समस्या बढ़ जाती है। लोग त्वचा को फ्रेश और ग्लोइंग रखने के लिए मेकअप पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं। अगर हम आपसे कहे कि किचन में इस्तेमाल होने वाली एक चीज से ग्लोइंग स्किन पा सकते हैं। इस चीज का इस्तेमाल कोरियन प्रोडक्ट्स में भी होता है। हम बात कर रहे हैं घर के किचन में रखें चावलों की।

 

चावल का पानी आज के समय में ट्रेडिंग स्किनकेयर रूटीन है। इसका इस्तेमाल कर आप घर पर शीशे की तरह चमकती त्वचा पा सकते हैं। साथ ही दाग-धब्बों को भी कम करने में मदद करता है। आइए जानते हैं कि चावल के पानी में क्या खास होता है।

 

यह भी पढ़ें: खान-पान ही नहीं AC से भी बढ़ सकता है किडनी स्टोन का खतरा, डॉक्टर से जानें

चावल के पानी में क्या है खास?

चावल का पानी यानी राइस वाटर में विटामिन बी, ई और एमिनो एसिड्स पाए जाते हैं तो जो त्वचा की खोई नमी को लौटाने का काम करते हैं। इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट्स और फ्री रेडिकल्स फाइन लाइंस को कम करने में मदद करते हैं। इससे त्वचा में कसाव आता है। हालांकि आपको किसी भी तरह के प्रोडक्ट को लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए ताकि एलर्जी की समस्या से बचा जा सके।

कोरियन गर्ल्स का सीक्रेट

कोरियन स्किनकेयर रूटीन की दुनिया दीवानी है। कोरियन गर्ल्स के स्किन केयर में राइस वाटर शामिल होता है। आपको मार्केट में राइस वाटर टोनर मिल जाएगा। इसे बनाने के लिए आपको कुछ नहीं करना है। आपको रातभर चावल को पानी में भिगोकर रख देना है। सुबह इस पानी से चेहरा धोना है।

 

आप राइस वाटर का इस्तेमाल टोनर की तरह कर सकते हैं। इससे चेहरे में निखार आता हैं। आपको रात को सोने से पहले राइस वाटर लगाना है और सुखने के बाद धो लें।

 

यह भी पढ़ें: गर्मी में चिपचिपी त्वचा से हैं परेशान, भूलकर न करें ये गलतियां

फेस पैक की तरह इस्तेमाल करें

आपको 2 चम्मच चावल को 3 से 4 घंटे के लिए भिगोकर रख दें और बाद में उस पानी के साथ फ्रेश एलोवेरा जेल को मिक्स कर लें। इस मिश्रण को चेहरे पर 15 से 20 मिनट के लिए लगाकर रखें और बाद में गुनगुने पानी से धो लें। आप इस पैक का इस्तेमाल हफ्ते में 2 बार करें। इससे आपके त्वचा हाइड्रेटेड और ग्लोइंग नजर आएगी।

अमरनाथ यात्रा कब होगी शुरू, कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन जानिए पूरी प्रक्रिया


सनातन धर्म में अमरनाथ यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है। इस यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने घोषणा की है। उपराज्यपाल ने बताया है कि 2026 में अमरनाथ तीर्थयात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को समाप्त हो जाएगी। यानी इस साल अमरनाथ तीर्थयात्रा 57 दिनों तक चलेगी। तीर्थयात्रा का फैसला अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) की बैठक में लिया गया। उस दौरान लाखों की तादाद में लोग अमरनाथ यात्रा करने आने वाले हैं।


अमरनाथ तीर्थयात्रा में लाखों लोग यहां भगवान शिव का दर्शन करने आते हैं। इस यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर की सरकार ने कुछ काम किए हैं। पहलगाम की सड़कों को चौड़ा और पक्का किया है ताकि लोग आसानी से आ-जा सकें। इस यात्रा को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं, जैसे इस यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे कराया जा सकता है। साथ ही सवाल यह भी उठता है कि कितनी उम्र के लोग इस यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

 

यह भी पढ़ें: 18 या 19 अप्रैल, कब है परशुराम जयंती? सही तारीख जानिए


कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन?


जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बताया है कि इस यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू होगी, जिसमें 13 साल से लेकर 70 साल तक के लोग रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में होगी।


 रजिस्ट्रेशन कैसे कराएं?


ऑफलाइन  रजिस्ट्रेशन- देशभर के अनेक बैंकों के जरिए जैसे जम्मू-कश्मीर बैंक, एसबीआई (SBI), पीएनबी (PNB) और यस बैंक (Yes Bank) में जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।


ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन- लोग अपने फोन की मदद से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके लिए लोगों को श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा, जहां से वे अपनी यात्रा का रजिस्ट्रेशन करा पाएंगे।

 

यह भी पढ़ें: क्या है रावण संहिता, ज्योतिष में इस ग्रंथ का काम क्या है?


19 जून को पहली पूजा होगी

अमरनाथ तीर्थयात्रा से पहले ही 19 जून को पूजा होगी, क्योंकि इस दिन ज्येष्ठ पूर्णिमा है। 19 जून के दिन पवित्र गुफा में पहली पूजा होगी। इस पूजा में कई भक्त शामिल होने वाले हैं।

 

दो रास्तों से होगी यात्रा


यह तीर्थयात्रा दो रास्तों से होगी। जहां पहला अनंतनाग जिले का पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग होगा। वहीं दूसरा गांदरबल जिले का अपेक्षाकृत छोटा 14 किलोमीटर लंबा, लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाला बालटाल मार्ग होगा।

बिलियन डॉलर और सबसे सुंदर लड़की का हाथ, युगांडा ने तुर्की से क्या शर्त रख दी?


युगांडा के सेना प्रमुख जनरल मुहूजी कैनरुगाबा ने तुर्की को 30 दिनों का अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने तुर्की से 1 बिलियन डॉलर (लगभग 8,500 करोड़ रुपये) ‘सुरक्षा लाभ’ के रूप में मांगा है और तुर्की की ‘सबसे सुंदर महिला’ का हाथ मांगा है यानी कि अपनी पत्नी बनाने की मांग की है। अगर ये मांगे पूरी नहीं हुईं तो वे दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध तोड़ने की धमकी दे रहे हैं।

 

जनरल मुहूजी कैनरुगाबा युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के बेटे भी हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके ये बातें कहीं, हालांकि बाद में वे पोस्ट डिलीट कर दिए गए। शनिवार को उन्होंने लिखा कि तुर्की सोमालिया में सड़क, बंदरगाह और हवाई अड्डे जैसे प्रोजेक्ट बना रहा है और उससे फायदा कमा रहा है। वहीं युगांडा के सैनिक पिछले 20 साल से अल-शबाब आतंकियों से लड़ रहे हैं। इसलिए तुर्की को युगांडा को 1 बिलियन डॉलर देना चाहिए।

 

यह भी पढ़ें: नई जंग की आहट! क्यों भिड़े युगांडा और दक्षिण सूडान?

 

उन्होंने आगे लिखा, ‘1 बिलियन डॉलर के अलावा मुझे उस देश की सबसे सुंदर महिला पत्नी के रूप में चाहिए।’ एक और पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘उन्हें हमें पैसे देना होगा और पत्नियां सौंपनी होंगी! तब ही शांति रहेगी।’

संबंध खराब करने की धमकी

जनरल ने साफ कहा, ‘अगर 30 दिनों में हमारी बात नहीं मानी गई तो हम तुर्की के साथ सभी राजनयिक संबंध खत्म कर देंगे।’ उन्होंने यह भी कहा कि वह कंपाला में तुर्की का दूतावास बंद कर सकते हैं। तुर्की चाहे तो युगांडा का दूतावास भी बंद कर दे, उन्हें कोई समस्या नहीं।

 

उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन को ‘अंकल’’ कहते हुए कहा कि एक साल में उनका इस्तांबुल में हीरो की तरह स्वागत किया जाएगा और वे उनसे मुलाकात करेंगे।

 

यह भी पढ़ें: युगांडा में फैला डिंगा डिंगा वायरस,संक्रिमत होने पर हिलने लगता है मरीज

पहले भी विवाद में रहे हैं मुहूजी

जनरल मुहूजी पहले भी कई विवादास्पद बयानों की वजह से चर्चा में रहे हैं।

  • वर्ष 2022 में उन्होंने केन्या पर हमला करने और सिर्फ दो हफ्ते में नैरोबी पर कब्जा करने की बात कही थी।

  • इसके बाद उनके पिता की सरकार को माफी मांगनी पड़ी और उन्हें कमांड से हटाया गया था।

  • उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को भी शादी का प्रस्ताव दिया था और बदले में मवेशी देने की बात कही थी।

अभी तक तुर्की की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संसद में महिलाओं के आरक्षण को लेकर बीजेपी ने पकड़ी तेजी, जारी किया व्हिप


सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सांसदों को 16 से 18 अप्रैल तक संसद की विशेष बैठक में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने का व्हिप जारी कर दिया है। इस बैठक में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए तेजी से काम करने की तैयारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से इस कोटा को लागू करने के लिए समर्थन मांगा है।

 

2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास हो चुका है लेकिन यह आरक्षण सिर्फ जनगणना और परिसीमन (delimitation) के बाद ही लागू होगा। बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विशेष बैठक में दो बिल लाने की मंजूरी दे दी। इनमें 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले आरक्षण लागू करने और नई परिसीमन आयोग बनाने का प्रावधान है।

 

यह भी पढ़ें: ‘बिहार के विकास में बड़ा योगदान’, नीतीश के शपथ ग्रहण पर क्या बोले पीएम मोदी?

काफी सख्त है व्हिप

BJP का तीन लाइन का व्हिप काफी सख्त है। इसमें कहा गया है कि कोई छुट्टी नहीं दी जाएगी। सभी सदस्यों को बिना रुके सदन में मौजूद रहना होगा।

 

शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी ने सभी पार्टियों को पत्र लिखा। उन्होंने ‘सामूहिक कार्रवाई’ की अपील की ताकि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिलाओं का आरक्षण लागू हो जाए। मोदी ने लिखा, ’16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर ऐतिहासिक चर्चा होने जा रही है। यह विशेष बैठक हमारी लोकतंत्र को और मजबूत करने का मौका है।’

क्या बोले मोदी?

मोदी ने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी भारत की लंबी अवधि की प्रगति के लिए बहुत जरूरी है। ‘कोई भी समाज तभी आगे बढ़ता है जब महिलाएं आगे बढ़ने, फैसले लेने और नेतृत्व करने का मौका पाएं।’ उन्होंने अंतरिक्ष से खेल, सेना से स्टार्टअप तक हर क्षेत्र में महिलाओं की सफलता का जिक्र किया।

 

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि 2023 में यह कानून लगभग सर्वसम्मति से पास हुआ था। सभी पार्टियां एकजुट हुई थीं। अब वक्त आ गया है कि इसे पूरे देश में सही मायने में लागू किया जाए। उन्होंने सभी दलों से पार्टियों से ऊपर उठकर महिलाओं और आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी दिखाने की अपील की। मोदी को भरोसा है कि संसद एक स्वर में इस ऐतिहासिक काम को पूरा करेगी।

 

यह भी पढ़ें: ‘जहां महिलाओं ने वोट किया सरकार बनी…’, PM मोदी ने कहा- बंगाल में खेला होगा

कांग्रेस ने उठाया सवाल

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस विशेष बैठक के समय पर सवाल उठाया। उन्होंने मोदी को पत्र लिखकर कहा कि कानून पास हुए 30 महीने हो गए लेकिन अब बिना उनसे बात किए बैठक बुलाई गई। खड़गे ने कहा कि परिसीमन की कोई डिटेल्स बताए बिना उपयोगी चर्चा करना मुश्किल है। उन्होंने 29 अप्रैल के बाद सभी पार्टियों की बैठक बुलाने की मांग की, जब राज्य चुनाव खत्म हो जाएं।

 

सरकार का कहना है कि यह महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का बड़ा कदम है। विशेष बैठक में सभी सदस्य सक्रिय रूप से बहस में हिस्सा लेंगे। यह लोकतंत्र की मजबूत परंपरा को और आगे बढ़ाएगा।

महिला की नाक से निकला 1 इंच लंबा कीड़ा, डॉक्टर्स भी हुए हैरान


जब भी हमें सर्दी या जुकाम होता है तो नाक से पानी से पानी आने लगता है। क्या आपने कभी सुना है कि छींकते समय किसी की नाक से कीड़ा निकला है लेकिन यह सच है। इस खबर को सुनने के बाद कोई भी हैरान हो सकता है। यह घटना ग्रीक की है। वहां रहने वाली एक महिला की नाक से छींकते समय एक इंच लंबा कीड़ा निकला। इस घटना ने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया है।

 

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक ग्रीस की 58 साल की महिला के साथ अजीब घटना हुई जब वह अपने खेत पर सितंबर के महीने में काम कर रही थीं। उनके आसपास भेड़ें चर रही थीं। उस दौरान उनके चेहरे के आसपास कई मक्खियां भिनभिना रही थीं लेकिन उन्होंने इस बात को नजरअंदाज कर दिया।

 

यह भी पढ़ें: फलों और सब्जियों के छिलकों में छिपे हैं ब्यूटी सीक्रेट, समझिए कैसे काम आएंगे

महिला की नाक से निकले 10 लार्वा और 1 प्यूपा

एक हफ्ते के बाद महिला को साइनस की समस्या हो रही थी। उन्हें हल्का फुल्की सर्दी थी इसके अलावा कोई लक्षण नहीं था। 15 अक्टूबर के बाद सब कुछ बदल गया। जब वह छींक रही थी तब उनके नाक से छोटा सा कीड़ा बाहर निकला और वह तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचीं।

 

ENT विशेषज्ञ ने महिला की सर्जरी की और उनके नाक के अंदर से 10 लार्वा, एक प्यूपा निकाला। महिला के नाक से निकलने वाले कीड़े भेड़ों में पाए जाने वाले शीप बॉप फ्लाई के लार्वा थे। इस कीड़े को साइंस में Oestrus ovis कहा जाता है। ये कीड़े आमतौर पर भेड़ और बकरियों में पाए जाते हैं। इनका संक्रमण इंसानों में होना बहुत ही दुर्लभ है। 

 

यह भी पढ़ें: स्ट्रेस में ओवर ईटिंग से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है? जानिए बचने का तरीका

महिला के साथ ऐसा क्यों हुआ?

डॉक्टर ने बताया कि महिला की नाक के अंदर सेप्टम डिविएशन था। इस कारण नाक में ऐसा वातावरण बना जिसकी वजह से ये लार्वा जिंदा रह सके और बढ़ने लगे। आमतौर पर इंसानों की नाक में ऐसे कीड़े ज्यादा देर तक जिंदा नहीं रह पाते हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि ऐसा होना बहुत दुर्लभ है। हालांकि अब महिला पूरी तरह से ठीक हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति पशुओं के आसपास काम करता है और उसे लंबे समय तक साइनस की समस्या रहती है तो उन्हें सतर्क रहना चाहिए।

सोनहा साइबर सेल ने 20 हजार रुपए बरामद किए:गेमिंग लिंक से ठगी के शिकार व्यक्ति को लौटाए, पुलिस के तत्परता की सरहना

बस्ती में नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़:पांच गिरफ्तार, 4.20 लाख रुपए के नकली नोट और 7 फोन बरामद

रविवार के दिन सूर्य की बदल रही चाल, आपकी राशि पर क्या असर होगा? राशिफल पढ़ें


आज 12 अप्रैल 2026 है, दिन रविवार और चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। पंचांग के अनुसार आज का दिन सूर्य देव की ऊर्जा से ओत-प्रोत है, जिसका स्वामी अंक 1 और मूलांक 3 बनता है। मूलांक 3 होने के कारण आज के दिन पर देवगुरु बृहस्पति का भी प्रभाव रहेगा, जो ज्ञान, विस्तार और सकारात्मकता का प्रतीक है। ग्रहों की चाल को देखें तो आज चंद्रमा कुंभ राशि में संचरण करेंगे, जिससे वायु तत्व की प्रधानता रहेगी और लोगों के विचारों में नवीनता और सामाजिकता का भाव बढ़ेगा।

 

रविवार का दिन होने के कारण आज का दिन नई योजनाओं को आकार देने और आत्म-चिंतन के लिए श्रेष्ठ है। आज रवि योग का निर्माण हो रहा है, जो कार्यों में सफलता और यश की प्राप्ति कराएगा। ब्रह्मांडीय ऊर्जा आज हमें अनुशासन के साथ आगे बढ़ने और अपने लक्ष्यों के प्रति केंद्रित रहने के लिए प्रेरित कर रही है। कुल मिलाकर, आज का दिन साहस और बुद्धिमत्ता के मेल से लाभ कमाने का है, जहाँ पुराने अटके हुए काम गति पकड़ सकते हैं।

 

यह भी पढ़ें: कभी बंद नहीं होता दादाजी धूनी वाले मंदिर, ग्रहण के दौरान भी रहता है खुला

 

राशिफल और उपाय

 

मेष


आज आपका आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य के लिए लाभकारी होंगी। व्यापार में साझेदारों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, लेकिन निवेश में सावधानी बरतें। प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी और परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, बस आंखों का ख्याल रखें।

क्या करें: सूर्य को जल अर्पित करें।

क्या न करें: जल्दबाजी में कोई वित्तीय निर्णय न लें।

 

वृषभ 


आज का दिन शांतिपूर्ण रहेगा। भाग्य प्रतिशत: 70%। नौकरीपेशा लोगों को काम का दबाव महसूस हो सकता है, लेकिन आपकी मेहनत रंग लाएगी। आर्थिक रूप से दिन सामान्य है, खर्चों पर नियंत्रण रखें। परिवार में किसी बात को लेकर बहस हो सकती है, वाणी पर संयम रखें। स्वास्थ्य में थोड़ी थकान महसूस हो सकती है।

क्या करें: जरूरतमंदों को गुड़ का दान करें।

क्या न करें: आज किसी को उधार देने से बचें।

 

यह भी पढ़ें: वृंदावन में इस जगह नहीं पहुंचा कलियुग, टटिया की अनोखी परंपरा का सच जानिए

 

मिथुन 


बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी। करियर में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा और व्यापार में नए सौदे हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। प्रेम संबंधों में गहराई आएगी और जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बढ़ेगा। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, मौसमी बीमारियों से बचें।

क्या करें: गाय को हरा चारा खिलाएं।

क्या न करें: अनजान लोगों पर भरोसा न करें।

 

कर्क


आज आप भावुक महसूस कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में एकाग्रता की कमी रह सकती है, इसलिए महत्वपूर्ण कार्यों को ध्यान से करें। व्यापार में मध्यम लाभ के योग हैं। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा। खान-पान में लापरवाही न बरतें, पेट संबंधी समस्या हो सकती है।

क्या करें: शिव चालीसा का पाठ करें।

क्या न करें: पुरानी नकारात्मक बातों को याद न करें।

 

यह भी पढ़ें: वृंदावन में इस जगह नहीं पहुंचा कलियुग, टटिया की अनोखी परंपरा का सच जानिए

 

सिंह

 
आज का दिन आपके मान-सम्मान में वृद्धि करेगा। करियर में पदोन्नति के योग बन रहे हैं। व्यापार में बड़ा मुनाफा हो सकता है। आर्थिक स्थिति में जबरदस्त उछाल आएगा। पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा और बच्चों की तरफ से शुभ समाचार मिलेगा। ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा।

क्या करें: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

क्या न करें: अहंकार को अपने रिश्तों पर हावी न होने दें।

 

कन्या 


आज आप अपनी कार्यकुशलता से सबको प्रभावित करेंगे।  नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापारिक यात्रा सफल रहेगी। आर्थिक लाभ की संभावना है। प्रेम जीवन में विश्वास बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव से बचने के लिए योग का सहारा लें।

क्या करें: मंदिर में चने की दाल दान करें।

क्या न करें: अपनी योजनाओं को गुप्त रखें, किसी से साझा न करें।

 

तुला

 
आज का दिन मिलाजुला रहेगा। करियर में चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन धैर्य से काम लें। व्यापार में सोच-समझकर बदलाव करें। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी। परिवार के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा।

क्या करें: पक्षियों को दाना डालें।

क्या न करें: आज घर में कलह न होने दें।

 

यह भी पढ़ें: वृंदावन में इस जगह नहीं पहुंचा कलियुग, टटिया की अनोखी परंपरा का सच जानिए

 

वृश्चिक


आज आप मानसिक रूप से मजबूत रहेंगे। करियर में कठिन परिश्रम का फल मिलेगा। व्यापार में नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। जीवनसाथी के साथ विवाद सुलझेंगे। सेहत के प्रति सजग रहें।

क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।

क्या न करें: क्रोध और उत्तेजना से बचें।

 

धनु 


आज भाग्य आपका साथ देगा। करियर में बड़ी सफलता के योग हैं। व्यापार विस्तार के लिए दिन उत्तम है। आर्थिक निवेश से लाभ होगा। परिवार में उत्सव जैसा माहौल रहेगा। प्रेम संबंधों में निकटता आएगी। स्वास्थ्य बेहतरीन रहेगा।

क्या करें: पीले रंग के वस्त्र धारण करें या पीला तिलक लगाएं।

क्या न करें: आलस्य के कारण काम न टालें।

 

यह भी पढ़ें: शनिवार को होगा भाग्य परिवर्तन, क्या कह रही हैं आपकी राशियां? पढ़ें राशिफल

 

मकर 


आज कार्यों में थोड़ी देरी हो सकती है। कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक करनी पड़ेगी। व्यापार में धैर्य रखें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। परिवार के बुजुर्गों का मार्गदर्शन लें। स्वास्थ्य में जोड़ों का दर्द परेशान कर सकता है।

क्या करें: शनि देव के मंत्र का जाप करें।

क्या न करें: आज कोई नया वाहन या भूमि न खरीदें।

 

कुंभ 


आज चंद्रमा आपकी राशि में है, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। करियर में रचनात्मक विचारों की सराहना होगी। व्यापार में लाभ के नए स्रोत खुलेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य के लिहाज से दिन अच्छा है।

क्या करें: शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।

क्या न करें: दूसरों के निजी मामलों में दखल न दें।

 

मीन 


आज का दिन शुभ फलदायी है। करियर में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में वृद्धि होगी। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा और प्रेम संबंधों में मधुरता रहेगी। सेहत के प्रति लापरवाही न करें, पर्याप्त नींद लें।

क्या करें: बड़ों का आशीर्वाद लेकर दिन की शुरुआत करें।

क्या न करें: नकारात्मक विचारों को मन में न आने दें।

 

नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अपनी मेहनत पर भरोसा रखें और सकारात्मकता के साथ दिन का आनंद लें

 

अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता शुरू, पर दोनों के बीच खास मुद्दे क्या हैं?


अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और ईरान के संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ के नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल शनिवार को पाकिस्तान पहुंचा। दोनों पक्षों का मकसद है कि हाल ही में हुए युद्धविराम को मजबूत किया जाए और दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष को हमेशा के लिए खत्म करने का रास्ता निकाला जाए।

 

दोनों प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अलग-अलग मिले। अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। युद्धविराम के बावजूद स्थिति काफी नाजुक है। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच दक्षिणी लेबनान की सीमा पर अभी भी गोलीबारी हो रही है। ईरान ने औपचारिक बातचीत शुरू करने से पहले कई शर्तें रखी हैं।

 

यह भी पढ़ें: ईरान और अमेरिकी की मध्यस्थता, पाकिस्तान के लिए ‘सेल्फ गोल’ क्यों?

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बैठक से कुछ घंटे पहले कहा, ‘हम देखेंगे कि क्या चल रहा है। वे सैन्य रूप से हार चुके हैं।’ ईरान की मुख्य शर्तें हैं – होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण, युद्ध के नुकसान की भरपाई, उसके ब्लॉक किए गए संपत्ति को छोड़ना और पूरे क्षेत्र में युद्धविराम। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका लेबनान में युद्धविराम और उसके ऊपर लगे प्रतिबंध हटाने की गारंटी नहीं देता, तब तक औपचारिक बातचीत शुरू नहीं हो सकती।

लेबनान बड़ा मुद्दा

लेबनान का मुद्दा सबसे महत्वपूर्ण है। ईरान लेबनान में युद्धविराम चाहता है जहां इजरायली हमलों में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के लगभग 2000 लोग मारे गए हैं। इजरायल और अमेरिका कहते हैं कि लेबनान का मामला ईरान-अमेरिका युद्धविराम से अलग है लेकिन तेहरान इसे सीधे जुड़ा हुआ मानता है। 

 

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हिजबुल्लाह के साथ कोई युद्धविराम नहीं होगा। हालांकि इजरायल ने बेरूत के दक्षिणी इलाकों के लोगों को निकलने को लेकर चेतावनी दी है लेकिन अभी बड़े हमले नहीं हुए हैं।

इजरायल ने दी चेतावनी

ट्रंप ने कहा कि लेबनान में इजरायल के अभियान अब कम तीव्र होंगे। अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि इजरायल और लेबनान के बीच सीधी बातचीत अगले हफ्ते वॉशिंगटन में होगी। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक्स पर लिखा कि अगर ये कार्रवाइयां जारी रहीं तो बातचीत बेकार हो जाएगी। उन्होंने कहा, ‘हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं। हम अपने लेबनानी भाई-बहनों को कभी नहीं छोड़ेंगे।’

होर्मुज दूसरा बड़ा मुद्दा

दूसरा बड़ा मुद्दा होर्मुज जलडमरूमध्य है। दुनिया के तेल परिवहन का यह बहुत महत्वपूर्ण रास्ता है। ईरान चाहता है कि इस पर उसका अधिकार माना जाए, वह होर्मुज में टोल वसूलने और उस पर नियंत्रण का अधिकार चाहता है, जबकि अमेरिका का कहना है कि यह रास्ता सभी जहाजों के लिए बिना किसी रोक-टोक के खुला रहना चाहिए। 

 

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान ‘बहुत खराब काम’ कर रहा है और समझौते का सम्मान नहीं कर रहा। फिलहाल होर्मुज से बहुत कम जहाज गुजर रहे हैं और सैकड़ों जहाज तथा 20,000 नाविक फंस गए हैं। ईरान ने नए रास्ते बनाने की घोषणा की है ताकि मुख्य इलाके में एंटी-शिप माइन्स से बचा जा सके।

परमाणु कार्यक्रम बड़ा मुद्दा

परमाणु कार्यक्रम सबसे विवादास्पद मुद्दा है। ईरान यूरेनियम संवर्धन जारी रखना चाहता है लेकिन ट्रंप इसे बिल्कुल मंजूर नहीं करते। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी इसलिए शुरू किया ताकि ईरान कभी परमाणु हथियार न बना सके। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी कहा कि ईरान को कभी परमाणु क्षमता नहीं मिलेगी। मिसाइल कार्यक्रम पर भी दोनों पक्षों में बड़ा मतभेद है। इजरायल और अमेरिका ईरान की मिसाइल क्षमता घटाना चाहते हैं लेकिन ईरान अपनी मिसाइल क्षमता को बनाए रखना चाहता है।

 

यह भी पढ़ें: ईरान पर मौत की बारिश करने वाला अमेरिकी सॉफ्टवेयर, ट्रंप ने भी तारीफ की

फंड रिलीज करने की मांग

ईरान प्रतिबंध हटाने और उसके ब्लॉक फंड को रिलीज करने की मांग कर रहा है। यह फंड करीब 6 अरब डॉलर का है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट को खारिज किया है कि अमेरिका ने फंड रिलीज करने पर सहमति दे दी है। साथ ही ईरान, अमेरिका से मिडिल ईस्ट एरिया से अपनी सैन्य ताकत हटाने, सभी मोर्चों पर लड़ाई बंद करने और कोई हमला न करने की गारंटी भी चाहता है। लेकिन ट्रंप ने कहा है कि अंतिम शांति समझौता होने तक अमेरिकी सैन्य उपस्थिति बनी रहेगी। अगर ईरान समझौता नहीं मानता तो बड़ी लड़ाई हो सकती है।

केन-बेतवा लिंक परियोजना का हजारों आदिवासी विरोध क्यों कर रहे हैं?


केन और बेतवा दोनों मध्य प्रदेश की बड़ी नदियों में शुमार हैं। यह दोनों ही यमुना की सहायक नदियां हैं। केन बांदा तो बेतवा हमीरपुर जिले में आकर यमुना में मिलती है। दोनों मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड संभाग की पानी की जरूरतों को पूरा करती हैं। इस बड़े और शुष्क इलाके में इन दोनों नदियों की इतनी अहमियत है कि यहां की खेती, बिजली और पीने के पानी की जरूरत पूरी होती है। इसके लिए दोनों नदियों पर बांध बनाया जा रहा है। 427 किलोमीटर लंबी केन और 590 किलोमीटर बेतवा नदी को जोड़ने के लिए परियोजना चलाई जा रही है, जिससे दोनों नदियों को जोड़कर  मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों की जरूरतें पूरी की जा सकें। 

 

केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना भारत की सबसे महत्वपूर्ण और पहली नदी जोड़ो परियोजना है। इसका मकसद पानी की कमी वाले क्षेत्रों को राहत देना है। इसे खास तौर पर बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिए बनाया जा रहा है। परियोजना के तहत केन नदी से अतिरिक्त पानी लेकर बेतवा नदी में पहुंचाना है। 

 

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत प्रस्तावित दौधन बांध बनाया जा रहा है। प्रस्तावित दौधन बांध का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, लेकिन यह निर्माण कार्य अधर में अटक गया है। मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में बन रहे इस बांध को लेकर बड़े स्तर पर विरोध हो रहा है। ऐसे में आइए इस परियोजना का विरोध क्यों हो रहा है और इलाके के लाखों आदिवासी इसके खिलाफ क्यों खड़े हो गए हैं… 

 

यह भी पढ़ें: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को मिली बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर एक हफ्ते की रोक

बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन

मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना का आदिवासी समाज बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन कर रहा है। यही वजह है कि महत्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के तहत प्रस्तावित दौधन बांध का निर्माण कार्य लगातार शुक्रवार को छठवें दिन भी बंद रहा। ग्रामीण आदिवासी सरकार से उचित मुआवजे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान कुछ ग्रामीणों ने जमीन पर लेटकर शवों की तरह प्रतीकात्मक रूप से अपना विरोध दर्ज कराया। 

 

यह प्रदर्शन स्थानीय नेता अमित भटनागर के नेतृत्व में हो रहा है। प्रदर्शन में मझगांव, विशरनगंज-नेगवा, दौधन, पलकोन्हा, खरयानी, सुकवाहा और मैनारी सहित 40 से अधिक गांवों के लोग हिस्सा ले रहे हैं। बांध के निर्माण स्थल पर प्रदर्शनकारियों ने शिविर लगा लिया है। उन्होंने विस्थापित परिवारों के लिए 12.5 लाख रुपये के मुआवजे के पैकेज की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने सागर संभाग के कमिश्नर के साथ बातचीत करने पर जोर दिया है। बिजावर और राजनगर के उप-संभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) ने घटनास्थल का दौरा किया, लेकिन प्रदर्शनकारी कमिश्नर से बात करने पर अड़े हुए हैं। 

प्रदर्शनकारियों ने लगाया गंभीर आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि पन्ना जिले में पहले की बांध परियोजनाओं से विस्थापित हुए लोगों को भी पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने राहत और पुनर्वास लाभ में समानता की मांग की। प्रदर्शनकारी कर रहे हैं कि पहले के वादे पूरे नहीं किए गए हैं। इसमें सरकार ने हमसे अधिक मुआवजे देने का वादा किया था, लेकिन वह नहीं दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि केन-बेतवा परियोजना के लिए शुरुआती समर्थन के बावजूद, प्रभावित परिवारों को अभी तक पर्याप्त भुगतान नहीं मिला है।

भुसोर नाका के पास सुरक्षा कड़ी

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि लाभार्थियों के केवल एक छोटे हिस्से को मुआवजा मिला है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी इसका इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन ने बाहरी लोगों के प्रवेश को रोकने के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व के भुसोर नाका के पास सुरक्षा कड़ी कर दी थी, लेकिन प्रदर्शनकारी वैकल्पिक रास्तों से प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए। हालांकि, अधिकारी बातचीत के जरिए इस स्थिति को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।

 

यह भी पढ़ें: कैश कांड में फंसे जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा, महाभियोग की थी तैयारी

परिजोयना से पैदा होने वाला खतरा

इस परिजोयना को लेकर आदिवासी और पर्यावरणविद पर्यावरणीय चिंता भी जता रहे हैं। इस परियोजना में यह बड़ी रुकावट है। दरअसल, दोनों नदियों के पानी पर बनने वाले बांध से पन्ना टाइगर रिजर्व का एक बड़े हिस्से के डूब क्षेत्र में आ जाएगा। इससे यहां के जंगल और वन्यजीवों पर खतरा पैदा हो जाएगा। इसके अलावा ग्रामीणों के सामने विस्थापन का खतरा है। यहां रहने वाले लोग सदियों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं, जिसमें हजारों लोगों को यहां से हटाना पड़ेगा। इसमें 24 गांवों का सीधा विस्थापन हो रहा है और 8 गांव सीधे तौर पर डूब जाएंगे।

केन-बेतवा लिंक कैसे होगी?

केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत मध्य प्रदेश से निकलने वाली केन और बेतवा नदी को नहर के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इसके तहत केन नदी का पानी बेतवा नदी में बहाया जाएगा, जिससे न सिर्फ जल स्तर में बढोतरी होगी, बल्कि सिंचाई और पेयजल के लिए भरपूर पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो सकेगी। इस परियोजना के पहले चरण के तहत वर्तमान में दौधन बांध पर काम शुरू हुआ है। इस चरण में केन नदी पर 77 मीटर ऊंचा एक बांध प्रस्तावित है। 

 

इस परियोजना में बिजली उत्पादन के लिए दो पावर हाउस, एक बांध के निचले स्तर में और दूसरा निचले स्तर की सुरंग के आउटलेट पर भी प्रस्तावित है। लिंक नहर की कुल लंबाई 221 किलोमीटर होगी जिसमें 2 किलोमीटर सुरंग भी शामिल है।

परियोजना का मुख्य उद्देश्य

केन-बेतवा लिंक परियोजना के मुख्य लक्ष्य किसानों के खेतों की प्यास बुझाना है। इससे एमपी-यूपी के लगभग 10 लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी। दोनों राज्यों में तकरीबन 62 लाख लोगों को पीने का पानी दिया जा सकेगा। इस परियोजना से लगभग 100 से ज्यादा मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। वहीं, इससे सूखाग्रस्त बुंदेलखंड के विकास में कृषि और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

किन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा?

उत्तर प्रदेश के झांसी, बांदा, महोबा और ललितपुर जिलों के लोगों को फायदा पहुंचाएगी। वहीं, मध्य प्रदेश के पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों को फायदा मिलेगा। यह सभी जिले बुंदेलखंड क्षेत्र में आते हैं, जो लंबे समय से सूखे की समस्या की मार झेल रहा है। इस सूखे क्षेत्र पानी की उपलब्ध होने से जल संकट का समाधान हो सकेगा। अगर इस परियोजना के लागत की बात की जाए तो इसपर कुल लागत लगभग 45,000 करोड़ रुपये आ सकती है। वहीं, इसके पूरा होने में लगभग 8 साल का समय लग सकता है।