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मानसून में बिजली का बिल क्यों बढ़ जाता है? बचत के तरीके जानिए


मॉनसून आते ही लोगों को गर्मी से राहत तो मिलती है लेकिन कई घरों में बिजली का बिल पहले से ज्यादा आने लगता है। ऐसे में लोग अक्सर सोचते हैं कि जब गर्मी कम हो गई है तो बिल बढ़ क्यों गया। बारिश के मौसम में कुछ ऐसी वजहें होती हैं जिनसे बिजली की खपत बढ़ जाती है। हवा में नमी बढ़ने, कम धूप निकलने और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के ज्यादा इस्तेमाल का सीधा असर बिजली की खपत पर पड़ता है। कई बार लोग बिना वजह बढ़े हुए बिल को बिजली कंपनी की गलती मान लेते हैं जबकि इसकी वजह घर में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी हो सकते हैं।

 

अगर आप भी हर महीने बढ़ते बिजली बिल से परेशान हैं तो इसके पीछे की वजह जानना जरूरी है। साथ ही कुछ आसान आदतें अपनाकर बिजली की खपत को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि मानसून में बिजली का बिल किन कारणों से बढ़ता है और इसे कम करने के लिए आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

 

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मॉनसून में बिजली का बिल ज्यादा क्यों आता है?

बारिश के मौसम में हवा में नमी बढ़ जाती है। इसकी वजह से कई लोग एसी को लंबे समय तक चलाते हैं या उसे ड्राई मोड पर इस्तेमाल करते हैं जिससे बिजली की खपत बढ़ सकती है। वहीं लगातार बारिश होने पर कपड़े जल्दी नहीं सूखते इसलिए कई लोग ड्रायर या वॉशिंग मशीन के ड्राई फीचर का ज्यादा इस्तेमाल करने लगते हैं। इससे भी बिजली का बिल बढ़ने की संभावना रहती है। इसके अलावा बारिश के दिनों में धूप कम निकलती है और घर के अंदर अंधेरा ज्यादा रहता है। ऐसे में दिन के समय भी लाइट, पंखे और दूसरे बिजली के उपकरण ज्यादा देर तक चलते हैं। वहीं अगर फ्रिज का दरवाजा बार-बार खोला जाए या उसमें जरूरत से ज्यादा सामान भर दिया जाए तो उसे ठंडा रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है जिससे बिजली की खपत और बढ़ सकती है।

 

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बिजली का बिल कम करने के तरीके

  • एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें।
  • जरूरत न होने पर लाइट, पंखे और दूसरे उपकरण बंद कर दें।
  • जहां पॉसिबल हो LED बल्ब का इस्तेमाल करें।
  • कपड़ों को ड्रायर की बजाय नेचुरल हवा में सुखाने की कोशिश करें।
  • एसी और फ्रिज की समय-समय पर सर्विस कराएं ताकि वह बेहतर तरीके से काम करें।
  • टीवी, चार्जर और दूसरे उपकरणों को स्टैंडबाय मोड में छोड़ने की बजाय प्लग से बंद करें।
  • दिन में जितना हो सके नेचुरल रोशनी का इस्तेमाल करें।

सूर्य ग्रह का प्रभाव कैसे जीवन को कर सकता है बर्बाद? लाल किताब से समझिए


ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रह को बेहद खास माना जाता है। सूर्य को ग्रहों का राजा भी कहा जाता है। कुंडली के अलग-अलग भावों में सूर्य देव के प्रवेश करने से उसका प्रभाव व्यक्ति के भाग्य पर अलग तरीके से पड़ता है। इससे व्यक्ति का भाग्य संवर भी सकता है और बिगड़ भी सकता है। जब सूर्य ग्रह कुंडली के शुभ भाव में विराजमान होता है, तो व्यक्ति को न सिर्फ सुख और संपत्ति मिलती है, बल्कि उसे करियर में भी नई ऊंचाइयां हासिल होती हैं। इसके विपरीत, जब कुंडली के अशुभ भाव में सूर्य देव विराजमान हों, तो व्यक्ति को जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, सेहत से जुड़ी समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं।


लाल किताब के अनुसार, जब सूर्य अपने मित्र ग्रहों के साथ बैठता है, तो उसे शुभ स्थिति माना जाता है। सूर्य मित्र ग्रहों के साथ बैठकर व्यक्ति पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। वहीं, जब सूर्य अपने शत्रु ग्रहों या उनकी राशियों में बैठा हो, तो उसका प्रभाव नकारात्मक रहता है। सूर्य के नकारात्मक प्रभाव से व्यक्ति गुस्सैल, बीमार और ईर्ष्यालु हो सकता है।

 

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सूर्य ग्रह के प्रभाव


लाल किताब के अनुसार, सूर्य के मित्र ग्रह बृहस्पति, मंगल और चंद्रमा हैं, जबकि शनि, राहु और केतु शत्रु ग्रह माने जाते हैं। जब सूर्य इन शत्रु ग्रहों के घर में प्रवेश कर जाए या उनकी राशि में उनके साथ बैठ जाए, तो व्यक्ति के भाग्य पर बुरा असर पड़ सकता है। अब सवाल उठता है कि यदि सूर्य शत्रु ग्रहों के साथ बैठा हो, तो कुंडली के अलग-अलग भावों के अनुसार व्यक्ति के जीवन में किस प्रकार की बाधाएं आती हैं।


कुंडली के 12 भाव में सूर्य ग्रह


पहला भाव-लाल किताब के अनुसार, कुंडली का पहला भाव स्वयं का भाव होता है। अगर यहां सूर्य अपने मित्र ग्रहों के साथ बैठा हो, तो व्यक्ति के स्वभाव में आत्मविश्वास, साहस और नेतृत्व क्षमता आती है। इसके विपरीत, यदि सूर्य शत्रु ग्रहों के साथ बैठा हो, तो व्यक्ति को अपने व्यवहार में संघर्ष करना पड़ सकता है।


दूसरा भाव-इसे पैतृक संपत्ति का भाव माना जाता है। अगर यहां सूर्य अशुभ स्थिति में बैठा हो, तो व्यक्ति को पैतृक धन की हानि का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, बचपन से ही आर्थिक चुनौतियां झेलनी पड़ सकती हैं।


तीसरा भाव-इस भाव में सूर्य ग्रह मौजूद हो, तो व्यक्ति में बोलने का गुण आता है। इसके विपरीत, अगर सूर्य अशुभ स्थिति में हो, तो व्यक्ति को अपनी बात रखने में कठिनाई आ सकती है।

 

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चौथा भाव-इसे माता का भाव माना जाता है। यदि यहां सूर्य शत्रु ग्रहों के साथ बैठ जाए, तो व्यक्ति को मानसिक अशांति का सामना करना पड़ सकता है।


पांचवां भाव-लाल किताब में इस भाव को संतान का भाव माना गया है। इस भाव में मौजूद ग्रहों के अनुसार संतान का स्वभाव तय होता है। अगर यहां सूर्य देव अशुभ स्थिति में बैठ जाएं, तो व्यक्ति को संतान संबंधी कष्ट झेलने पड़ सकते हैं।


छठा भाव-अगर इस भाव में सूर्य देव राहु, शनि या अन्य शत्रु ग्रहों के साथ बैठ जाएं, तो व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में आंखों की बीमारी या ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं हो सकती हैं।


सातवां भाव-अगर इस भाव में सूर्य और चंद्रमा एक साथ बैठ जाएं, तो व्यक्ति को लव लाइफ में तनाव का सामना करना पड़ सकता है।


आठवां भाव– इस भाव में सूर्य देव बैठ जाएं, तो व्यक्ति को धन हानि का सामना करना पड़ सकता है।

 

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नौवां भाव-यहां भाव में सूर्य देव बैठ जाएं, तो व्यक्ति की अपने पिता के साथ अनबन हो सकती है। साथ ही, उसे पिता का प्रेम भी नहीं मिल पाता।


दसवां भाव-यह भाव व्यक्ति के करियर को दर्शाता है। यदि यहां सूर्य अशुभ स्थिति में बैठा हो, तो व्यक्ति को करियर में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।


ग्यारहवां भाव- इस भाव पर सूर्य का नकारात्मक प्रभाव हो, तो व्यक्ति को बार-बार नौकरी बदलनी पड़ सकती है, जिससे उसकी आय और सैलरी में अस्थिरता बनी रह सकती है।


बारहवां भाव-सूर्य अपने शत्रु ग्रहों के साथ बैठा हो, तो वह बेहद नकारात्मक प्रभाव देता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को मानसिक परेशानियों या मानसिक रोगों का सामना करना पड़ सकता है।

 

नोट: यह लेख ग्रंथ और  ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

जॉर्डन पर सबसे अधिक हमले क्यों कर रहा ईरान, उसकी रणनीति क्या है?


अमेरिका और ईरान के बीच 12 दिनों से जंग जारी है। मगर सबसे अधिक हमलों की मार जॉर्डन को झेलनी पड़ रही है। ईरान की सेना और आईआरजीसी ने जॉर्डन के कई एयरबेस पर हमलों को अंजाम दिया। पोर्ट शहर अकाबा पर भी कई बार बैलेस्टिक मिसाइल से अटैक हो चुका है। 

 

ईरानी हमले में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत भी हो चुकी है। बहरीन, कुवैत और कतर की तुलना में ईरान जॉर्डन को अधिक ताकत के साथ निशाना बना रहा है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि सिर्फ जॉर्डन पर ही तेहरान इतना गुस्सा क्यों दिख रहा है… आइये इसे समझे हैं। 

 

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जॉर्डन और ईरान की ताजा दुश्मनी क्या है?

युद्ध शुरू होने से पहले ईरान ने स्पष्ट किया था कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह पूरे क्षेत्र में हमलों को अंजाम देगा। खासकर उन देशों पर जहां अमेरिकी बेस और उसकी सेना की मौजूदगी है। इसके बाद सऊदी अरब समेत तमाम खाड़ी के देशों ने अपने यहां अमेरिकी सेना की तैनाती पर रोक लगा दी। यह भी कहा कि उनकी धरती से ईरान पर कोई हमला नहीं होगा। अमेरिकी हमले सिर्फ रक्षात्मक होंगे।

 

  • जॉर्डन ने अन्य खाड़ी देशों से अलग राह पकड़ी। उसने अपने यहां से अमेरिका को ईरान पर हमला करने की अनुमति दी। अमेरिका के फाइटर जेट, गोला-बारूद और सैनिकों की मेजबानी की। आज ईरान पर अमेरिका अधिकांश हमले जॉर्डन और फारस की खाड़ी पर मौजूद अपने विमानवाहक पोतों से कर रहा है।

 

  • कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान इन हमलों को जॉर्डन पर अमेरिका को पनाह देने की सजा के तौर पर थोप रहा, ताकि अन्य खाड़ी देशों तक यह संदेश जाए कि अमेरिका की मेजबानी करने का नतीजा क्या होता है? 

 

  • वहीं कुछ का तर्क यह है कि ईरान की रणनीति युद्ध को सीमित रखने की है। उसे पता है कि अगर इजरायल पर हमला किया तो जंग का दायर बढ़ सकता है। संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब भी एक सीमा के बाद पलटवार कर सकते हैं। मगर जॉर्डन का ऐसा करना लगभग नामुमकिन है।

 

  • जॉर्डन की सरकार ने लगातार हो रहे ईरानी हमलों की समय-समय पर निंदा की। पिछले रविवार को ईरान और जॉर्डन के बीच राजनयिक तनाव भी देखने को मिला। जॉर्डन ने ईरानी राजदूत को तलब किया और तुरंत हमले रोकने की मांग की।

अमेरिका ने जॉर्डन में सैनिकों को क्यो भेजा?

रिपोर्ट के मुताबिक रक्षा सहयोग समझौते के तहत जॉर्डन के सैन्य ठिकानों तक अमेरिका की पहुंच है। यही समझौता आज जॉर्डन को भारी पड़ रहा है। हालांकि मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच जॉर्डन आज भी तटस्थ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान में जॉर्डन में लगभग 4000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। कतर, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन से कई अमेरिकी सैनिकों को जॉर्डन में भेजा गया है। इसकी वजह यह है कि इन देशों की तुलना में जॉर्डन अधिक सुरक्षित है।

 

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जॉर्डन में अमेरिका को कितना नुकसान?

पिछले हफ्ते ईरान ने जॉर्डन में पांच बड़े हमलों को अंजाम दिया। इनमें तीन अमेरिकी सैनिकों की जान गई और बड़ी संख्या में जवान घायल भी हुए। ईरान ने अपना पहला हमला किंग फैसल एयर बेस के आवासीय परिसर पर किया। यहां पांच अमेरिकी सैनिकों को चोट आई। दूसरा हमला एक अन्य बेस पर किया गया। यहां बड़ी संख्या में ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर को नुकसान पहुंचा है।

 

तीसरा हमला मुवफ्फक साल्टी एयरबेस पर किया गया। गनीमत रही की किसी को कोई चोट नहीं आई। इसके बाद 17 जुलाई को ईरान ने इसी एयरपोर्ट पर दोबारा हमला किया। इस हमले में तीन सैनिकों की जान गई और 20 जवान घायल हुए।  

‘असामाजिक तत्व उठा रहे फायदा’, सोनम वांगचुक ने की शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील


दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन जारी है। इसी प्रदर्शन को देखते हुए देश के कई राज्यों में भी नीट और अन्य पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन चल रहे हैं। प्रयागराज, पटना, नासिक, मुंबई, हैदराबाद आदि शहरों में आंदोलन हो रहे हैं। मगर, इन प्रदर्शनों में कई जगह हिंसा भी देखने को मिली है। ऐसे में सोनम वांगचुक ने छात्रों से प्रदर्शन में अहिंसा और शांति बनाए रखने की अपील की है।

 

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक यह शांति की अपील अस्पताल से की है। वह इस समय गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। वांगचुक शुरुआत से ही छात्रों के इस प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चलाने के पक्षधर हैं। 

 

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वांगचुक की छात्रों से अपील


सोनम वांगचुक ने गुरुवार को अपनी भूख हड़ताल के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर छात्रों से अपील की। उन्होंने लिखा, ‘दिन 26 शांति और सिर्फ शांति ही मेरा रास्ता है।’

 

 

 

 

‘शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का गलत फायदा उठा रहे’

 

उन्होंने कहा, ‘जंतर-मंतर पर जहां विरोध-प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण बना हुआ है, वहीं मुझे ये जानकर बेहद दुख हुआ है कि दूसरी जगहों पर कुछ असामाजिक तत्व हिंसा भड़काने के लिए इन शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का गलत फायदा उठा रहे हैं।’

 

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उन्होंने आंदोलन में शामिल युवाओं कहा कि वो ऐसे तत्वों के बहकावे में बिल्कुल न आएं और अपनी एकजुटता को किसी भी तरह की हिंसा का शिकार न होने दें। सोनम वांगचुक ने आगे कहा कि सामने वाला चाहे जो भी करे, हमारा जवाब सिर्फ फूल होना चाहिए। कृपया हर कीमत पर इस परंपरा को बनाए रखें।

बड़े आराम से करा पाएंगी ब्रेस्ट फीडिंग, नई मां जान लें मैटरनिटी ब्रा के फायदे


प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं की ब्रेस्ट में बदलाव आना सामान्य बात है। यह बदलाव डिलीवरी तक रहते हैं। डिलीवरी के बाद महिलाओं को ब्रेस्ट में दर्द की समस्या रहती है। इन समस्याओं को कम करने के लिए आपको मैटरनिटी ब्रा पहननी चाहिए। आज के समय में नई मांओं में मैटरनिटा ब्रा का ट्रेंड बढ़ गया है। पहले क समय में मैटर्निटी ब्रा की सुविधा नहीं थी इसलिए नॉर्मल ब्रा से काम चलाया जाता था। इस वजह से उनके ब्रेस्ट का साइज बिगड़ जाता था और अन्य परेशानियां भी होती थी। आज नई मांओं के पास मार्केट में मैटर्निटी ब्रा का ऑप्शन उपल्बध है। इस ब्रा को पहनने से ब्रेस्ट शेप में रहते हैं। साथ ही यह आरामदायक भी होता है। आइए जानते हैं मैटनिटी ब्रा क्यों पहनना चाहिए?

 

एक्सपर्ट्स के मुताबिक दूसरी तिमाही में ही मैटर्निटी ब्रा पहनना शुरू कर देना चाहिए ताकि आपको ब्रेस्ट में हो रहे बदलाव के दौरान कम परेशानी महसूस हो। मैटरनिटी ब्रा गर्भावस्था के दौरान पहनना चाहिए और नर्सिंग ब्रा डिलीवरी के बाद पहनना चाहिए। इस पहनने से बच्चे को दूध पिलाना आसान होता है।

 

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बच्चे को दूध पिलाना आसान है

बच्चे के जन्म के बाद ब्रेस्ट भारी हो जाते हैं। ऐसे में इसका कवरेज ऐरिया ज्यादा होता है। साथ ही यह सॉफ्ट कपड़े से बना होता है जिसकी वजह से आपको चुभते नहीं है। शुरुआत में हर दो घंटे के बाद बच्चे को भूख लगती है। इस तरह के फ्रंट ब्रा की बहुत जरूरत होती है ताकि आप अपने बच्चे को आसानी से दूध पिला पाएं।

सही फिटिंग जरूरी

ज्यादातर महिलाएं सही फिटिंग वाली ब्र नहीं पहनती है। गलत साइज की ब्रा पहनने से ब्रेस्ट का शेप बढ़ता और बिगड़ता है। ब्रा खरीदने से पहले अपने साइज का खास ध्यान रखें। खासतौर से गर्भावस्था से डिलिवरी तक ब्रेस्ट के साइज में काफी बदलाव आता है। ऐसे में सही कप और एस्ट्रा हुक वाली ब्रा चुनें ताकि पहनने में अनकंफर्टेबल महसूस न करें।

कॉटन के कपड़े वाली ब्रा खरीदें

हमेशा कॉटन वाली ब्रा खरीदनी चाहिए। खासतौर से प्रेग्रेंसी के दौरान कॉटन वाली ब्रा पहननी चाहिए ताकि रैशेज की समस्या न हो।

 

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इन बातों का रखें ध्यान

  • मैटरनिटी ब्रा बहुत ही मुलायम कपड़े से बना होता है जिसकी वजह से त्वचा पर रैशेज नहीं पड़ते हैं। इस ब्रा को धोने के लिए लिक्विड डिटर्जेंट का इस्तेमाल करें। हमेशा ब्रा क हाथों से धोकर हल्की धूप में सुखाएं जिससे ब्रा की इलास्टिक खराब नहीं होता है और लंबे समय तक चलता है।
  • डिलीवरी के कम से कम 6 महीनों तक अंडर वायर ब्रा नहीं पहननी चाहिए।

मीन और धनु राशि वाले लोगों को करियर में सफलता मिलेगी?


आज का दिन मीन और धनु राशि वालों के लिए बेहद शानदार रहने वाला है, जहां उन्हें करियर में नई सफलता मिलेगी। आज का सूर्योदय नई सकारात्मक ऊर्जा और नए अवसरों की सौगात लेकर आया है। पंचांग के अनुसार आज आषाढ़ महीने की दशमी तिथि है। साथ ही आज मूलांक 5 बनता है, जो बुध ग्रह का प्रतीक माना जाता है। मूलांक 5 बुद्धि, तर्कशक्ति और जल्द फैसला लेने की क्षमता को बढ़ावा देगा। आज के दिन आकाशीय मंडल में ग्रहों का विशेष योग बना हुआ है, जहां बुध और गुरु की नजर से बौद्धिक क्षमता बढ़ेगी।

 

गुरुवार का दिन होने के कारण देवगुरु बृहस्पति का प्रभाव आज ज्ञान, भाग्य और धर्म-कर्म के कामों में बढ़ोतरी लाएगा। आज की ऊर्जा बेहद ऊर्जावान, व्यावहारिक और दूरगामी सोच को बढ़ावा देने वाली है। नए विचारों पर काम करने के लिए आज का दिन बेहद शुभ है। इसके अलावा आज के दिन अटके हुए कामों को सही रणनीति से पूरा करने के लिए भी आज का दिन शुभ है। रिश्तों में संवाद और समझदारी बनी रहेगी, बस आवश्यकता है कि आप अपनी ऊर्जा को सही दिशा में चलाएं। आइए जानते हैं कि आज का दिन आपकी राशि के लिए क्या खास संकेत दे रहा है।

 

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राशिफल

 

मेष राशि

 

ऑफिस में आपके काम की सराहना होगी। नया प्रोजेक्ट शुरू करने का मौका मिलेगा। अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। लव पार्टनर के साथ किसी खूबसूरत जगह की यात्रा की योजना बन सकती है।

आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।

आज क्या न करें: किसी से उग्र भाषा में बात न करें।

 

वृषभ राशि

 

नौकरीपेशा जातकों पर आज काम का बोझ थोड़ा बढ़ सकता है। धन निवेश करने से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह अवश्य लें। पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा। पार्टनर के साथ पुराने मतभेद सुलझाने का सही समय है।

आज क्या करें: भगवान विष्णु को केले अर्पित करें।

आज क्या न करें: ज्यादा धन खर्चों से बचें और उधार का लेन-देन न करें।

 

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मिथुन राशि

 

मूलांक 5 का प्रभाव आज आपकी राशि के लिए बेहद शुभ है। आपकी बातचीत से कोई भी काम आसानी से पूरे हो जाएंगे। रिश्तों में मिठास बढ़ेगी। अपने पार्टनर के साथ दिल की बात  शेयर करेंगे।

आज क्या करें: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।

आज क्या न करें: एक समय में कई कामों में हाथ न डालें।

 

कर्क राशि

 

दफ्तर में सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा, लेकिन वित्तीय मामलों में थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। आज बजट बनाकर चलना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। परिवार के सदस्यों के साथ कुछ समय बिताएं।

आज क्या करें: शिवलिंग पर दूध और जल से अभिषेक करें।

आज क्या न करें: नकारात्मक विचारों को खुद पर हावी न होने दें।

 

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सिंह राशि

 

आपकी लीडरशिप क्वालिटी आज रंग लाएगी। सीनियर अधिकारियों से प्रोत्साहन मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। लव लाइफ में उत्साह बना रहेगा। जीवनसाथी की कोई बड़ी उपलब्धि घर में खुशियां लाएगी।

आज क्या करें: सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।

आज क्या न करें: सहकर्मियों के सुझावों को अनदेखा न करें।

 

कन्या राशि

 

व्यापार करने वाले लोगों के लिए आज का दिन बेहद शुभ होगा। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। जीवनसाथी के साथ तालमेल बेहतरीन रहेगा। 

आज क्या करें: किसी कन्या को मिठाई खिलाएं।

आज क्या न करें: बहकावे में आकर अपनी योजनाएं उजागर न करें।

 

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तुला राशि

 

नौकरी में स्थिति सामान्य रहेगी। साझेदारी के काम में अच्छा मुनाफा होने की संभावना है। आर्थिक स्थिति आज ठीक-ठाक रहेगी, इसलिए फिजूलखर्च पर नियंत्रण रखें। लव लाइफ में नया मोड़ आ सकता है। 

आज क्या करें: जरूरतमंदों को चने की दाल दान करें।

आज क्या न करें: जल्दबाजी में कोई फैसला न लें।

 

वृश्चिक राशि

 

ऑफिस के दुश्मनों पर आज आपको जीत होगी, जो भविष्य में लाभकारी सिद्ध होगी। पैसों का लेन-देन ध्यानपूर्वक करें। संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। लव पार्टनर के साथ आपसी समझ और विश्वास में बढ़ोतरी होगी।

आज क्या करें: हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग लगाएं।

आज क्या न करें: स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।

 

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धनु राशि

 

आपकी राशि के स्वामी गुरु का प्रभाव आज आपके ज्ञान और निर्णय क्षमता को बढ़ाएगा। व्यापार में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। शेयर बाजार या निवेश से लाभ संभव है। पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा। जीवनसाथी के साथ घूमने जाएंगे।

आज क्या करें: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

आज क्या न करें: किसी विवादित मामले में दखल देने से बचें।

 

मकर राशि

 

ऑफिस में काम का दबाव महसूस हो सकता है। आर्थिक मामलों में आज सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। घर के सदस्यों का मार्गदर्शन मिलेगा। पार्टनर के साथ संवादहीनता की स्थिति न बनने दें।

आज क्या करें: शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

आज क्या न करें: किसी भी व्यक्ति से बिना बात के बहस न करें।

 

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कुंभ राशि

 

नई तकनीक और नए विचारों के प्रयोग से कार्यक्षेत्र में बड़ा लाभ मिलेगा। धन कमाने के नए रास्ते साफ होंगे। दोस्तों और लव पार्टनर के साथ सुखद समय व्यतीत होगा। जीवनसाथी का हर मोड़ पर सहयोग प्राप्त होगा।

आज क्या करें: पक्षियों को दाना डालें ।

आज क्या न करें: अपनी बातों को दूसरों के साथ शेयर करने से बचें।

 

मीन राशि

 

नौकरीपेशा लोगों के लिए यह दिन शानदार  है। अधिकारी आपके काम से खुश होंगे। पैसों की स्थिति में सुधार होगी और रुका हुआ धन प्राप्त होने के योग हैं। प्रेम जीवन में ताजगी और सकारात्मकता बनी रहेगी।

आज क्या करें: गुरुजन और माता-पिता का आशीर्वाद लें।

आज क्या न करें: आलस के कारण काम को टालने की भूल न करें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

‘हर जहाज पर हमले के बदले में पुल और पावर प्लांट तबाह करेंगे’, ट्रंप की धमकी


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक और धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी जहाज पर हमला करता है तो उसके बदले में अमेरिका उसके एक पुल या पावर प्लांट पर हमला करेगा। ट्रंप की यह धमकी ईरान के लारक द्वीप पर हमले के कुछ समय बाद आई है। एक अन्य बयान में ट्रंप ने कहा कि ईरान को अमेरिकी सैनिकों की हत्या के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

 

अपने ट्रुथ सोशल पर धमकी भरी पोस्ट में ट्रंप ने कहा, ‘ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में जब भी किसी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से हमला करेगा तो अमेरिका एक पुल या पावर प्लांट पर बम गिराकर उसे तबाह कर देगा। इसमें राजधानी तेहरान या उसके पास स्थित पुल और पावर प्लांट भी शामिल होंगे।’

 

 

ईरान के आईआरजीसी से जुड़े तसनीम न्यूज के मुताबिक अमेरिकी सेना ने बुधवार को फारस की खाड़ी में लारक द्वीप पर मिसाइल हमला किया है। द्वीप पर रहने वाले लोगों ने एक बड़े धमाके की आवाज सुनी है।

जॉर्डन के दो एयरबेस पर हमला का दावा

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन के दो एयरबेस पर हमले का दावा किया। बुधवार को एक बयान में आईआरजीसी ने बताया कि उसने जॉर्डन के किंग फैसल और प्रिंस हसन एयर बेस पर हमला किया। यहां पर अमेरिकी सेना तैनात है।

आठ ड्रोन किए तबाह: ईरान

आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने एफ-15 और एक ड्रोन हैंगर हमला किया। यहां पैकेजिंग में ही मौजूद आठ बिल्कुल नए एमक्यू-9 ड्रोन को असेंबली से पहले ही तबाह कर दिया गया। वहीं हैंगर के बाहर मौजूद दो अन्य ड्रोनों को भी नुकसान पहुंचाने का दावा किया। 

ईरान का दावा- हमले में कई अमेरिकी सैनिकों की मौत

आईआरजीसी ने आगे दावा किया कि उसने एक हेलीकॉप्टर हैंगर को भी निशाना बनाया। इसमें दो भारी अमेरिकी हेलीकॉप्टरों को भारी क्षति पहुंची है। एक आवास सुविधा पर हमले में कई अमेरिकी सैनिकों की जान गई और कई अन्य घायल है।

जंतर-मंतर पर फिर बढ़ा तनाव, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले; इंटरनेट सेवा भी बंद


दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग इलाके में बुधवार शाम प्रदर्शन के दौरान एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव बढ़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, जबकि एहतियात के तौर पर इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्ता और कड़ी कर दी गई है।

 

मीडिया रिपोर्ट में आए शुरुआती जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों के उग्र होने के बाद हालात बिगड़ गए। बताया जा रहा है कि पार्क होटल के पास प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने एक पुलिसकर्मी का पीछा किया, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कार्रवाई की। इसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती करनी पड़ी।

 

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जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाएं बंद

जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट बंद होने का दावा कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने किया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया गया है, जिससे लोगों के बीच अफरातफरी मच गई है। वहीं, AAP के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी दावा किया कि जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाएं रोक दी गई हैं और इलाके में अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि चल रहे प्रदर्शन को देखते हुए सेंट्रल दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी जाए। बताया जा रहा है कि जंतर-मंतर के आसपास करीब 1.5 किलोमीटर के दायरे में यह बंदी कल सुबह 6 बजे तक लागू रहेगी।

 

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कमिश्नर ने लिया हालात का जायजा

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने बताया कि संसद मार्ग के पास हुई ताजा झड़प में कम से कम 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इनमें 2 ACP, 1 इंस्पेक्टर, 1 हेड कांस्टेबल और 1 कांस्टेबल शामिल हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों में कितने लोग घायल हुए हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। घटना के बाद दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार संसद मार्ग थाने पहुंचे और अधिकारियों के साथ हालात की समीक्षा की। पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

कूलर में आ रही है बदबू? इन घरेलू उपायों और आसान तरीकों से मिनटों में करें दूर


गर्मी के मौसम में अगर आपका कूलर चालू करते ही उसमें से बदबू आने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह समस्या अक्सर कूलर के टैंक में लंबे समय तक पानी जमा रहने, उसमें फंगस लगने या घास के सड़ने के कारण होती है।कुछ आसान तरीके और घरेलू उपाय अपनाकर इस बदबू को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।

 

ज्यादातर लोग सोचते हैं कि कूलर पुराना होने की वजह से उसमें से बदबू आ रही है जबकि ऐसा हमेशा नहीं होता है। बदबू के कारण कई लोगों को सिरदर्द या अनकंफर्टेबल महसूस होने लगता है। इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए हम आपके लिए कुछ आसान घरेलू उपाय और सफाई के तरीके लेकर आए हैं। इनकी मदद से न सिर्फ कूलर की बदबू दूर की जा सकती है बल्कि उसकी कूलिंग भी पहले जैसी बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

 

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कूलर से बदबू क्यों आती है?

कूलर के टैंक में कई दिनों तक एक ही पानी रहने से उसमें बैक्टीरिया, फंगस और काई बनने लगती है। इसके अलावा गंदे कूलिंग पैड, धूल से भरा पंखा और बंद पड़े कूलर को बिना साफ किए दोबारा चलाने से भी बदबू आने लगती है। अगर पानी की गुणवत्ता खराब हो तब भी कूलर से अजीब सी गंध आ सकती है।

सबसे पहले कूलर का पानी बदलें

अगर कूलर से बदबू आ रही है तो सबसे पहले उसका पुराना पानी पूरी तरह निकाल दें। इसके बाद टैंक को अच्छी तरह साफ करके ताजा पानी भरें। कोशिश करें कि गर्मियों में हर 4 से 7 दिन के बीच कूलर का पानी बदलते रहें। इससे बैक्टीरिया और काई बनने की संभावना कम रहती है।

कूलिंग पैड की सफाई जरूर करें

कूलर के पैड धूल और गंदगी को जल्दी पकड़ लेते हैं। जब ये ज्यादा गंदे हो जाते हैं तो उनमें से बदबू आने लगती है। पैड को साफ पानी से धो लें। अगर पैड बहुत पुराने हो गए हैं या उनमें फफूंदी लग गई है तो उन्हें बदल देना ही बेहतर रहेगा।

टैंक और पंखे की सफाई करें

कूलर के टैंक, पंखे और जाली पर जमी धूल भी बदबू की वजह बन सकती है। मुलायम ब्रश और साफ कपड़े से इन हिस्सों की सफाई करें। जरूरत हो तो हल्के लिक्विड साबुन से टैंक धो सकते हैं और बाद में साफ पानी से अच्छी तरह साफ कर दें।

 

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घेरलू उपाय से दूर करें कूलर की बदबू

अगर कूलर से हल्की या नॉर्मल बदबू आ रही तो कुछ घेरलू चीजों की मदद से भी इस समस्या को कम किया जा सकता है। अगर बदबू बहुत ज्यादा हो या कूलर में फफूंदी और गंदगी काफी जमा हो तो पहले उसकी अच्छी तरह सफाई करना जरूरी है। 

  • सफेद सिरका: एक बाल्टी पानी में आधा कप सफेद सिरका मिलाकर टैंक साफ करें। इससे बदबू और बैक्टीरिया कम हो सकते हैं।
  • बेकिंग सोडा: टैंक में 2-3 चम्मच बेकिंग सोडा डालकर कुछ देर बाद साफ करें। इससे बदबू दूर करने में मदद मिलती है।
  • नींबू का रस: टैंक की सफाई के दौरान थोड़ा नींबू का रस मिलाकर धोने से ताजगी बनी रहती है।
  • नीम की पत्तियां: साफ नीम की पत्तियों की छोटी पोटली कुछ घंटों के लिए टैंक में रखें। इससे बदबू पैदा करने वाले कीटाणुओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
  • धूप दिखाएं: कूलर को समय-समय पर खाली करके धूप में सुखाएं। इससे नमी और फफूंदी नहीं जमती।

शिव भक्ति के आगे क्यों हार गई मृत्यु? जानिए राजा श्वेतकेतु की प्रेरक कथा


हम अक्सर मानते हैं कि जीवन और मृत्यु दुनिया की रीति है। जिस व्यक्ति का जन्म हुआ है, उसकी एक न एक दिन मृत्यु भी अवश्य होगी। हिन्दू धर्म के अनुसार, जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करता है, उसकी रक्षा स्वयं शिव जी करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि शिव भगवान केवल पूजा-पाठ से ही प्रसन्न नहीं होते, बल्कि जो भक्त उन्हें सच्चे मन से याद करता है और अपना मानकर उनकी भक्ति करता है, उस पर वह विशेष कृपा करते हैं और उसके सभी कष्ट दूर करते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार शिव भगवान ने अपने प्रिय भक्त राजा श्वेतकेतु की रक्षा के लिए स्वयं काल को भी भस्म कर दिया था।


पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय ने संतों को यह कथा सुनाई थी। इस कथा के अनुसार, राजा श्वेतकेतु बेहद दयालु और शूरवीर थे। वे अपने राज्य की प्रजा के कल्याण के लिए सदैव कार्य करते थे। उन्होंने पूरे जीवन धर्म और शिव भक्ति का मार्ग अपनाया था, जिस कारण उन्हें भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त हुआ और उनकी मृत्यु भी टल गई। आइए जानते हैं कि भगवान शिव ने राजा श्वेतकेतु की जान कैसे बचाई।

 

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शिव जी ने कैसे बचाई जान?

पौराणिक कथा के मुताबिक, राजा श्वेतकेतु हमेशा भगवान शिव की भक्ति में लीन रहते थे। तभी उनके मृत्यु का समय आ गया। चित्रगुप्त ने यमराज को बताया कि राजा श्वेतकेतु का जीवनकाल पूरा हो चुका है। तब यमराज ने अपने दूतों को आदेश दिया कि वे श्वेतकेतु के प्राण हर लें।


जब यमदूत श्वेतकेतु के पास पहुंचे, तब वे मंदिर में शिवलिंग के सामने ध्यान में लीन थे। यह देखकर यमदूत लंबे समय तक मंदिर के बाहर इंतजार करते रहे। जब काफी देर तक वे उनके प्राण नहीं ले सके, तो यमराज क्रोधित हो गए। क्रोध में यमराज स्वयं श्वेतकेतु के प्राण लेने पहुंच गए। उन्होंने देखा कि श्वेतकेतु शिव भक्ति में पूरी तरह लीन हैं, लेकिन वे एक क्षण भी नहीं रुके। वे मंदिर के गर्भगृह में ही उनके प्राण लेने का प्रयास करने लगे। तभी भगवान शिव ने अपना तीसरा नेत्र खोल दिया। उनके तीसरे नेत्र के तेज से यमराज भस्म हो गए। यमराज के भस्म होने के बाद श्वेतकेतु का ध्यान टूटा।

 

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यमराज को किया दोबारा जीवित


जब श्वेतकेतु को पता चला कि भगवान शिव ने उनकी रक्षा के लिए यमराज को भस्म कर दिया है, तो उन्होंने भगवान शिव से विनम्र निवेदन किया कि यमराज के भय से ही लोग बुरे कर्म करने से बचते हैं। साथ ही, उनके डर से लोग अच्छे कर्म भी करते हैं। इसलिए उन्हें जीवनदान दे दीजिए।

 

श्वेतकेतु की प्रार्थना सुनकर भगवान शिव ने यमराज को जीवनदान दे दिया। दोबारा जीवित होने के बाद यमराज ने कहा कि जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करता है, गले में रुद्राक्ष की माला धारण करता है और शिव मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करता है, उसे कभी अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता।

 

नोट- यह लेख धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित है। खबरगांव इसकी पुष्टि नहीं करता है।