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सर्दियों में क्यों जरूरी हो जाता है विटामिन C, जानें कारण


सर्दियों की शुरुआत होते ही हवा में नमी और तापमान में गिरावट के कारण बैक्टीरिया और वायरस अधिक ऐक्टिव हो जाते हैं। इस मौसम में हमारी शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं और खान-पान में बदलाव आता है, जिससे शरीर की संक्रमण से लड़ने की प्राकृतिक क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में विटामिन C एक ‘इम्यून बूस्टर’ के रूप में कार्य करता है और हमारी व्हाइट ब्लड सेल्स के उत्पादन को बढ़ाकर हमें बीमारियों से दूर रखता है।

 

इसके अलावा, सर्दियों की खुश्क हवा हमारे स्किन की नमी छीन लेती है, जिससे त्वचा रूखी और बेजान दिखने लगती है। विटामिन C शरीर में ‘कोलेजन’ को बनाने में मदद करता है, जो त्वचा को अंदर से रिपेयर करने के लिए अनिवार्य है। इसलिए, न केवल अंदरूनी स्वास्थ्य बल्कि बाहरी चमक के लिए भी इस मौसम में विटामिन C का सेवन बेहद जरूरी हो जाता है।

 

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सर्दियों में विटामिन C क्यों है जरूरी?

  • विटामिन C लिम्फोसाइट्स और फागोसाइट्स जैसे सेल्स के निर्माण में मदद करता है, जो इंफेक्शन के खिलाफ शरीर की पहली सुरक्षा लाइन हैं।
  • रिसर्च बताते हैं कि विटामिन C सर्दी-जुकाम को पूरी तरह खत्म तो नहीं करता लेकिन इसके लक्षणों की गंभीरता और बीमारी की अवधि को काफी कम कर सकता है।
  • यह शरीर की सेल्स को ‘फ्री रेडिकल्स’ से होने वाले नुकसान से बचाता है, जो ठंड में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण बढ़ सकते हैं।
  • सर्दियों में हम अक्सर हरी सब्जियां और साग ज्यादा खाते हैं। विटामिन C पौधों से मिलने वाले आयरन को सोखने में शरीर की मदद करता है, जिससे एनीमिया का खतरा टलता है।
  • ठंड के मौसम में ब्लड सेल्स थोड़ी सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। विटामिन C नसों को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

विटामिन C के नेचुरल सोर्स

  • आंवला को विटामिन C का सबसे शक्तिशाली और सस्ता स्रोत।
  • खट्टे फल जैसे संतरा, कीनू और नींबू।
  • अमरूद में संतरे से भी ज्यादा विटामिन C पाया जाता है।
  • सब्जियां जैसे ब्रोकली, शिमला मिर्च और पत्तेदार सब्जियां।

विटामिन C पानी में घुलनशील होता है, जिसका मतलब है कि हमारा शरीर इसे स्टोर नहीं कर सकता। इसलिए, सर्दियों में हर दिन इसे अपनी डाइट में शामिल करना अनिवार्य है।

रामनवमी पर मां सिद्धिदात्री की कृपा से किसकी किस्मत बदलेगी?


27 मार्च 2026, शुक्रवार का दिन चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के प्रभाव में रहेगा, जिसे ‘राम नवमी’ के पावन पर्व के रूप में मनाया जाएगा। आज का मूलांक 9 है, जिसके स्वामी मंगल देव हैं, जो अदम्य साहस, ऊर्जा और अनुशासन का प्रतीक माने जाते हैं। ग्रहों की चाल पर दृष्टि डालें तो चंद्रमा आज बुध की राशि मिथुन में गोचर करेंगे, जिससे बौद्धिक संवाद और तर्कशक्ति में प्रखरता आएगी। सूर्य और बुध का मीन राशि में होना और शुक्र का अपनी अनुकूल स्थिति में होना आज के दिन को भक्ति, प्रेम और आध्यात्मिक विजय की ऊर्जा से ओतप्रोत बना रहा है।

 

आज की समग्र ऊर्जा अत्यंत शुभ और संकल्पों को सिद्ध करने वाली है। शुक्रवार और मूलांक 9 का संयोग भौतिक सुखों के साथ-साथ कठिन कार्यों को पूरा करने का बल प्रदान करेगा। राम नवमी का अवसर होने के कारण आज मर्यादा और आदर्शों पर चलने की प्रेरणा मिलेगी, जो व्यक्तिगत संबंधों को सुधारने में सहायक होगी। मिथुन राशि का चंद्रमा आज नेटवर्किंग, लेखन और मीडिया से जुड़े जातकों के लिए सफलता के नए द्वार खोलेगा। यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए प्रगतिशील है जो समाज सेवा, राजनीति या रक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

 

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मेष 

आज आप नई ऊर्जा और उत्साह का अनुभव करेंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं को वरिष्ठों का समर्थन मिलेगा। व्यापार में नए अनुबंधों से भविष्य में लाभ होगा। धन लाभ के प्रबल योग हैं, निवेश के लिए दिन बहुत शुभ है। परिवार में मांगलिक उत्सव का माहौल रहेगा। जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता आएगी। सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन जोश में आकर शारीरिक क्षमता से अधिक कार्य न करें। 
आज क्या करें: श्री राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें। 
आज क्या न करें: किसी भी व्यक्ति पर अनावश्यक क्रोध न करें।

 

वृषभ

आज आपका ध्यान संचय और पारिवारिक सुखों पर केंद्रित रहेगा। व्यापार में स्थिरता बनी रहेगी। नौकरीपेशा लोगों को आज काम के सिलसिले में छोटी यात्रा करनी पड़ सकती है। धन का आगमन होगा लेकिन विलासिता की वस्तुओं पर खर्च बढ़ सकता है। रिश्तेदारों से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। वाणी में कोमलता बनाए रखें। गले या दांतों से जुड़ी हल्की समस्या हो सकती है। 
आज क्या करें: कन्याओं को खीर का प्रसाद बांटें। 
आज क्या न करें: आज किसी को उधार देने से बचें।

 

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मिथुन 

चंद्रमा आपकी ही राशि में होने से आज आप काफी सक्रिय और प्रभावशाली रहेंगे। संचार कौशल से आप बड़े सौदे हासिल कर सकते हैं। कार्यस्थल पर आपकी रचनात्मकता की सराहना होगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, नए निवेश के अवसर मिलेंगे। प्रेम संबंधों के लिए दिन अनुकूल है। मित्रों के साथ शाम सुखद बीतेगी। मानसिक शांति के लिए योग करें, त्वचा का ध्यान रखें। 
आज क्या करें: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें। 
आज क्या न करें: किसी के साथ झूठा वादा न करें।

 

कर्क

आज का दिन मिश्रित फलदायी रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में काम का दबाव अधिक रहेगा। व्यापार में कोई भी निर्णय जल्दबाजी में न लें। खर्चों की अधिकता मन को चिंतित कर सकती है। बजट का पालन करना अनिवार्य है। परिवार के बड़ों की सलाह को नजरअंदाज न करें। पार्टनर के साथ गलतफहमी हो सकती है। आंखों में थकान या अनिद्रा की समस्या हो सकती है। 
आज क्या करें: शिवलिंग पर जल अर्पित करें। 
आज क्या न करें: देर रात तक जागने और ठंडे खान-पान से बचें।

 

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सिंह 

आज आपकी इच्छाओं की पूर्ति का दिन है। कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता चमकेगी। व्यापारियों को आज बड़ा मुनाफा होने की उम्मीद है। आर्थिक स्थिति: आय के नए स्रोत बनेंगे। पुराने अटके हुए पैसे वापस मिल सकते हैं। प्रेम और परिवार: सामाजिक दायरे में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। स्वास्थ्य: आप खुद को ऊर्जावान और स्वस्थ महसूस करेंगे।

आज क्या करें: उगते सूर्य को जल चढ़ाएं और ‘राम’ नाम का जप करें।

आज क्या न करें: अहंकार में आकर किसी को सलाह न दें।

 

कन्या

आज आपका पूरा फोकस अपने करियर और सामाजिक छवि पर रहेगा। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में तकनीकी बदलाव लाभकारी रहेंगे। धन की स्थिति मजबूत रहेगी। संपत्ति में निवेश की योजना बन सकती है। पिता के साथ संबंध बेहतर होंगे। दांपत्य जीवन में खुशहाली रहेगी।  पैरों में दर्द या थकान महसूस हो सकती है, मालिश करवाएं। 
आज क्या करें: गाय को हरा चारा या गुड़ खिलाएं। 
आज क्या न करें: महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही न बरतें।

 

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तुला

 आज भाग्य की मदद से आपके रुके हुए काम गति पकड़ेंगे। उच्च शिक्षा से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी। व्यापार में लंबी दूरी की यात्राएं लाभदायक रहेंगी। भाग्यवश धन लाभ होगा। धार्मिक कार्यों में धन खर्च हो सकता है। परिवार के साथ किसी तीर्थ यात्रा की योजना बन सकती है। रिश्तों में प्रगाढ़ता आएगी। सेहत अच्छी रहेगी, पुरानी किसी बीमारी से राहत मिल सकती है। 
आज क्या करें: मंदिर में पीले रंग की मिठाई का दान करें। 
आज क्या न करें: आज किसी की बुराई न करें।

 

वृश्चिक

आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, धैर्य बनाए रखें। कार्यस्थल पर विरोधियों से सावधान रहें। व्यापारिक निर्णयों में किसी विशेषज्ञ की सलाह लें। धन के लेन-देन में सावधानी बरतें। अचानक कोई खर्च सामने आ सकता है। अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें, छोटे भाई-बहनों से अनबन हो सकती है। स्वास्थ्य: वाहन चलाते समय विशेष सतर्क रहें, चोट की आशंका है। 
आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
 आज क्या न करें: आज कोई नया काम शुरू न करें।

 

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धनु 

साझेदारी और वैवाहिक जीवन के लिए आज का दिन श्रेष्ठ है। नए बिजनेस पार्टनर मिल सकते हैं। टीम वर्क से कठिन कार्य भी आसानी से पूरे होंगे। आय स्थिर रहेगी, भविष्य की बचत के लिए निवेश कर सकते हैं।जीवनसाथी के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। घर का माहौल सुखद रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन जोड़ों के दर्द का ध्यान रखें। 
आज क्या करें: श्री राम दरबार की आरती करें।
 आज क्या न करें: पार्टनर पर शक करने से बचें।

 

मकर

आज आप अपनी मेहनत और अनुशासन से सफलता प्राप्त करेंगे।  कार्यस्थल पर काम की अधिकता रहेगी, लेकिन आप उसे समय पर पूरा कर लेंगे। कानूनी मामलों में पक्ष मजबूत होगा। धन की स्थिति सामान्य रहेगी। अनावश्यक खरीदारी से बचें। ननिहाल पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। बच्चों की प्रगति से प्रसन्नता होगी। पाचन तंत्र का ख्याल रखें, बाहर का खाना न खाएं।
 आज क्या करें: असहाय लोगों को भोजन कराएं।
 आज क्या न करें: आलस्य को अपने ऊपर हावी न होने दें।

 

कुंभ 

आज का दिन आपकी रचनात्मकता और बुद्धिमत्ता को प्रदर्शित करने का है। नए प्रोजेक्ट्स शुरू करने के लिए दिन अच्छा है। शेयर मार्केट और सट्टेबाजी से बचें। आर्थिक  लाभ के अवसर मिलेंगे। नया वाहन खरीदने का मन बना सकते हैं। प्रेम संबंधों में नयापन आएगा। मित्रों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। मानसिक रूप से फ्रेश रहने के लिए भरपूर पानी पिएं।
 आज क्या करें: शनि चालीसा का पाठ करें। 
आज क्या न करें: घर के बड़ों की सलाह को अनसुना न करें।

 

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मीन

 आज आप घरेलू सुख-शांति और माता-पिता की सेवा में समय बिताएंगे। कार्यस्थल पर किसी से बहस न करें। व्यापार में कागजी कार्रवाई को लेकर सतर्क रहें। सुख-सुविधाओं पर धन खर्च होगा। निवेश के लिए विशेषज्ञ की राय लें। घर में शांति बनी रहेगी। पुरानी यादें ताजा हो सकती हैं। छाती में जकड़न या सर्दी-जुकाम की संभावना है, सावधानी बरतें। 
आज क्या करें: ‘ॐ राम रामाय नमः’ का जप करें। 
आज क्या न करें: भ्रम की स्थिति में कोई बड़ा निवेश न करें।

 

 

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषी से संपर्क करें।

 

नोट पर डोनाल्ड ट्रंप के दस्तखत क्यों छपने वाले हैं? असली कारण समझिए


अमेरिका में इस साल वह होने जा रहा है जो अब तक के इतिहास में नहीं हुआ है। इस साल के आखिर तक अमेरिकी डॉलर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सिग्नेचर होंगे। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह अमेरिकी इतिहास में पहली बार होगा जब किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति का सिग्नेचर डॉलर नोटों पर होगा। ट्रंप के सिग्नेचर वाले नोट अमेरिका की 250वीं वीं वर्षगांठ के मौके पर जारी किया जाएगा। 

 

डॉलर के नोट 1861 में शुरू हउए थे और तब से अब तक किसी भी नोट पर मौजूदा राष्ट्रपति के सिग्नेचर नहीं पाए गए हैं। नोटों पर आमतौर पर अमेरिका के कोषाध्यक्ष और ट्रेजरी सचिव के सिग्नेचर होते हैं लेकिन आने वाले नए नोटों पर  डोनाल्ड ट्रंप और ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के सिग्नेचर होंगे। इस फैसले की चर्चा अब पूरी दुनिया में है। 

 

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क्यों लिया यह फैसला?

इस फैसले की जानकारी देते हुए ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका आर्थिक विकास, डॉलर के लंबे समय तक इंटरनेशनल दबदबे और मजबूत वित्तीय स्थित की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘हमारे महान देश और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ऐतिहासिक उपलब्धियों को पहचान देने का इससे ज्यादा शक्तिशाली तरीका कोई नहीं है कि अमेरिकी डॉलर के नोटों पर उनका नाम हो और यह बिल्कुल उचित है कि यह ऐतिहासिक करेंसी देश की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर जारी की जाएं।’

सिक्के पर ट्रंप की तस्वीर

अमेरिकी डॉलर पर अब तक किसी मौजूदा राष्ट्रपति के सिग्नेचर नहीं हुए हैं लेकिन अब ट्रंप इस परंपरा को तोड़ने वाले हैं। ट्रंप हर जगह अपनी छाप छोड़ने की कोशिश में लगे हुए हैं। इससे पहले पिछले सप्ताह भी उन्होंने कुछ इसी तरह का फैसला लिया था। उनके ही एक सलाहकार आयोग ने सोने के सिक्के के डिजाइन को मंजूरी दी, जिस पर डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर होगी। यह सिक्का भी 4 जुलाई को जारी होगा।  4 जुलाई 1776 को अमेरिका की स्थापना हुई थी और अमेरिका की 250वीं सालगिराह पर ट्रंप की तस्वीर वाला यह सिक्का जारी होगा। 

 

 

सिक्के के जिस डिजाइन को मंजूरी दी गई है उसकी एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप खड़े हुए दिखाया गया है, जबकि दूसरी तरफ पंख फैलाकर बैठे हुए एक ईगल को दिखाया गया है। वह किसी घंटी जैसी चीज पर बैठा हुआ है। इस सिक्के की कोई करेंसी वैल्यू नहीं है और ना ही इसकी कीमत अभी जारी की गई हैष। हालांकि, माना जा रहा है कि इस सिक्के की कीमत 1,000 डॉलर से ज्यादा हो सकती है। 

विरोधी कर रहे आलोचना

ट्रंप के इन फैसलों की उनके विरोधी आलोचना कर रहे हैं। ट्रंप के विरोधी इसे गैरकानूनी कह रहे हैं। उनका तर्क है कि ट्रंप के यह फैसले संघीय कानून के खिलाफ जाते हैं जिसमें कहा गया है कि कोई भी जीवित राष्ट्रपति अमेरिकी करेंसी पर नहीं दिखाया जा सकता। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने सिक्के के बाद अब डॉलर नोट पर भी ट्रंप के सिग्नेचर होने की घोषणा कर दी है। 

 

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क्या कहता है कानून?

सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप का यह फैसला अमेरिकी कानून के कारण सवालों के घेरे में है। अमेरिकी कानून के अनुसार, मौजूदा राष्ट्रपति की तस्वीर नहीं हो सकती है। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति की तस्वीर भी करेंसी पर नहीं हो सकती है। हालांकि, कानून में यह प्रावधान है कि राष्ट्रपति की मौत के बाद उनकी तस्वीर करेंसी पर लगाई जा सकती है लेकिन उसके लिए भी मौत को कम से कम दो साल का समय पूरा होना चाहिए। अमेरिका के 30वें राष्ट्रपति के बाद से ऐसा किसी भी राष्ट्रपति के लिए नहीं किया गया है। 

होटल वाले नहीं मांग सकते गैस चार्ज, शिकायत करने का तरीका जान लीजिए


सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने देशभर के होटल और रेस्टोरेंट्स को सख्त चेतावनी दी है। अब खाने के बिल में ‘LPG चार्ज’, ‘गैस सरचार्ज’ या ‘फ्यूल कॉस्ट रिकवरी’ जैसे पैसे जोड़ना पूरी तरह गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया है। अथॉरिटी ने साफ किया है कि ऐसा करना ग्राहकों के साथ धोखा है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब भारी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

CCPA ने नया आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि गैस, बिजली या दुकान चलाने का कोई भी दूसरा खर्च होटल के अपने बिजनेस का हिस्सा होता है। रेस्टोरेंट्स को इन निजी खर्चों को अलग से बिल में जोड़ने का कोई कानूनी हक नहीं है। नियम के अनुसार, मेन्यू कार्ड पर जो कीमत लिखी है, ग्राहक को सिर्फ वही और उस पर लगने वाला सरकारी टैक्स (GST) ही देना होगा। इसके अलावा किसी भी तरह का गुप्त चार्ज वसूलना अब मुमकिन नहीं होगा।

 

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सर्विस चार्ज के बदले निकाला था नया रास्ता

जांच में यह बात सामने आई है कि जब से सर्विस चार्ज वसूलने पर पाबंदी लगी है, कई रेस्टोरेंट्स ने ग्राहकों की जेब काटने के लिए ‘LPG चार्ज’ जैसे नए नाम खोज लिए थे। नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर ऐसी शिकायतों की बाढ़ आ गई थी कि लोग खाने के दाम के अलावा भी कई तरह के अतिरिक्त चार्ज दे रहे हैं। CCPA ने इसे ‘अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस’ माना है और कहा है कि ग्राहकों को गुमराह करना अब बंद करना होगा।

 

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ग्राहक अब अपनी शिकायत यहां दर्ज कराएं

अथॉरिटी ने साफ कर दिया है कि इन नियमों को नजरअंदाज करने वाले संस्थानों पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ा एक्शन लिया जाएगा। अगर कोई रेस्टोरेंट बिल में जबरदस्ती अतिरिक्त चार्ज जोड़ता है, तो ग्राहक तुरंत उसे हटाने की मांग कर सकते हैं। इसके बाद भी अगर रेस्टोरेंट मालिक नहीं मानता है तो आप हेल्पलाइन नंबर 1915 पर कॉल करके या ‘ई-जाग्रति’ पोर्टल के जरिए अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।

सप्लीमेंट्स नहीं, रोज का खाना ही पूरा करेगा विटामिन B6 की कमी


आजकल जब कमजोरी और थकान जैसे लक्षण महसूस होते हैं तो लोग तुरंत दवाइयों और सप्लीमेंट्स की ओर भागते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके शरीर के लिए जरूरी कई पोषक तत्व आपकी रोज की थाली में ही मौजूद होते हैं। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण विटामिन है विटामिन बी6, जिसकी कमी को पूरा करने के लिए सिर्फ दवा नहीं बल्कि सही आहार ही काफी है।

 

विटामिन बी6 शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह न केवल भोजन को ऊर्जा में बदलता है बल्कि दिमाग को स्वस्थ रखने, मूड बेहतर करने और इम्यूनिटी मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाता है। इसके बावजूद लोग अक्सर इसकी कमी पूरी करने के लिए सीधे सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं, जो हर बार जरूरी नहीं होता है।

 

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट के मुताबिक, विटामिन बी6 शरीर में 100 से अधिक एंजाइमिक प्रतिक्रियाओं के लिए अहम है, जिसमें अमीनो एसिड और हीमोग्लोबिन का निर्माण शामिल है। इसलिए शरीर की कमजोरी, डिप्रेशन और लो हीमोग्लोबिन से लड़ने के लिए विटामिन बी6 बेहद जरूरी है।

 

अब सवाल उठता है कि विटामिन बी6 किस प्रकार के भोजन से मिल सकता है। हमारे रोजमर्रा के भोजन जैसे चना, चिकन, केले, आलू और टमाटर का सूप खाने से शरीर को विटामिन बी6 मिलता है। अब सवाल उठता है कि इन फलों और सब्जियों को हर दिन कितनी मात्रा में खाना चाहिए ताकि हम संतुलित मात्रा में विटामिन की पूर्ति कर सकें।

 

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कौन से आहार खाने से मिलता है विटामिन बी6?

केला- एक सामान्य आकार का केला रोज एक बार खाने से करीब 0.4 मिलीग्राम विटामिन बी6 मिलता है। इसके अलावा केला खाने से शरीर को विटामिन C और पोटेशियम भी मिलता है। केले को नाश्ते से 2 घंटे पहले खाना सही माना जाता है।

 

आलू- लगभग एक कप उबले हुए आलू खाने से करीब 0.4 मिलीग्राम विटामिन बी6 मिलता है। आलू से पोटैशियम, विटामिन C और फाइबर भी मिलता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आलू के छिलकों में भी विटामिन और फाइबर होता है। इसलिए आलू को अच्छी तरह धोकर उबालना चाहिए। उबले हुए आलू खाने से ही विटामिन मिलता है क्योंकि तले हुए आलू में विटामिन नष्ट हो जाते हैं।

 

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चिकन- 85 ग्राम चिकन ब्रेस्ट खाने से करीब 0.5 मिलीग्राम विटामिन बी6 मिलता है। चिकन पकाते समय ध्यान रखें कि इसे उबालकर या भाप में पकाया जाए ताकि इसके पोषक तत्व बरकरार रहें।

 

टमाटर- एक कप टमाटर का सूप पीने से लगभग 0.4 मिलीग्राम विटामिन बी6 मिलता है। इसके अलावा इसमें विटामिन A, विटामिन C और पोटैशियम भी होता है, जो दिल और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।

 

चना – दिनभर में आधा कप चना खाने से करीब 0.55 मिलीग्राम विटामिन बी6 मिलता है। चना खाने से शरीर को पोटैशियम भी मिलता है। विटामिन बी6 की कमी से जूझ रहे लोगों को ऐसे आहार जरूर खाने चाहिए।

 

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के शोध के मुताबिक हर व्यक्ति को अपनी उम्र के हिसाब से विटामिन बी6 युक्त आहार लेना चाहिए। 19 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को रोजाना 1.3 मिलीग्राम विटामिन बी6 का सेवन करना चाहिए।

 

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विटामिन बी6 के फायदे

विटामिन युक्त आहार खाना हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।


हीमोग्लोबिन बनना- विटामिन बी6 हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जिससे व्यक्तियों को एनीमिया का खतरा कम हो जाता है।


स्वस्थ हृदय– यह शरीर के खून में पाए जाने वाले अमीनो एसिड यानी होमोसिस्टीन की मात्रा कम करता है, जिससे हृदय संबंधी रोगों का खतरा कम हो जाता है।


स्वस्थ त्वचा – विटामिन बी6 युक्त आहार खाने से त्वचा स्वस्थ रहती है।


स्वस्थ मानसिक स्वास्थ्य – विटामिन बी6 शरीर में न्यूरोट्रांसमीटर ( chemical messenger) बनाने में अहम भूमिका निभाता है। न्यूरोट्रांसमीटर से दिमाग तेजी से काम करता है।

 

विटामिन बी6 की कमी के लक्षण

जिन लोगों के शरीर में विटामिन बी6 की कमी होती है उनमें कई लक्षण दिखाई देते हैं।


मानसिक तनाव -डिप्रेशन, चिंता और चिड़चिड़ापन विटामिन की कमी के कारण हो सकते हैं।


खराब स्किन -विटामिन बी6 त्वचा की चमक बनाए रखने में मदद करता है, इसकी कमी से स्किन प्रॉब्लम हो सकती है।


कमजोरी – इसकी कमी से शरीर में थकावट और कमजोरी महसूस होती है।


होठ फटना -विटामिन की कमी से होंठ फटना और टैनिंग जैसी समस्या हो सकती है।

 

विटामिन बी6 की कमी से होने वाली बीमारियां

विटामिन बी6 की कमी कई बीमारियों का कारण बन सकती है, जैसे हीमोग्लोबिन की कमी और एनीमिया।
हीमोग्लोबिन की कमी – विटामिन बी6 की कमी से हीमोग्लोबिन कम हो जाता है, जिससे थकान और कमजोरी होती है।
डिप्रेशन – इसकी कमी से मानसिक स्थिति प्रभावित होती है और डिप्रेशन की समस्या हो सकती है।

शुक्राचार्य की आंख भगवान ने फोड़ क्यों दी थी?


भारतीय पुराणों में वर्णित शुक्राचार्य से जुड़ी कथा हमेशा चर्चा में रहती है, जिसमें बताया गया है कि किस तरह भगवान विष्णु के वामन अवतार के दौरान असुर गुरु शुक्राचार्य की एक आंख नष्ट हो गई थी। यह प्रसंग न केवल देव–असुर संघर्ष से जुड़ा है, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा, दान की मर्यादा और धर्म-अधर्म के टकराव को भी उजागर करता है। राजा बलि के यज्ञ, तीन पग भूमि के वरदान और भगवान की लीला से जुड़ी यह कथा आज भी लोगों को यह संदेश देती है कि अहंकार और पक्षपात जब विवेक पर हावी हो जाते हैं, तो सबसे बड़े ज्ञानी को भी परिणाम भुगतने पड़ते हैं।

 

शुक्राचार्य को असुरों का गुरु (गुरु शुक्र) कहा जाता है। वह महर्षि भृगु के पुत्र थे और महान तपस्वी, ज्योतिषाचार्य और विद्वान माने जाते थे। शुक्राचार्य को संजीवनी विद्या का ज्ञान था, जिससे वह मरे हुए असुरों को दोबारा जीवित कर सकते थे। इसी वजह से देवताओं और असुरों के युद्ध में असुर बार-बार हारने के बाद भी फिर शक्तिशाली हो जाते थे।

 

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भगवान ने शुक्राचार्य की आंख क्यों फोड़ी – कथा

यह प्रसंग वामन अवतार से जुड़ा हुआ है। असुर राजा बलि बहुत शक्तिशाली हो गए थे और तीनों लोकों पर अधिकार करना चाहते थे। देवताओं की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने वामन ब्राह्मण का रूप धारण किया और बलि के यज्ञ में पहुंचे।

 

वामन ने बलि से केवल तीन पग भूमि दान में मांगी। राजा बलि तुरंत दान देने को तैयार हो गए लेकिन शुक्राचार्य ने अपनी दिव्य दृष्टि से पहचान लिया कि यह कोई साधारण ब्राह्मण नहीं बल्कि स्वयं भगवान विष्णु हैं। उन्होंने बलि को दान देने से रोकने का प्रयास किया।

 

जब बलि ने गुरु की बात नहीं मानी, तो शुक्राचार्य ने यज्ञ के कमंडलु (जल पात्र) की टोंटी में अपना रूप छोटा कर प्रवेश कर लिया, जिससे जलधारा रुक जाए और दान पूरा न हो सके। वामन रूप में भगवान विष्णु ने यह जान लिया और पास रखी कुशा (घास) या दर्भ से कमंडलु की टोंटी को साफ किया।

 

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इसी दौरान कुशा शुक्राचार्य की एक आंख में चुभ गई और उनकी एक आंख नष्ट हो गई। तभी से उन्हें एकाक्षी शुक्राचार्य कहा जाने लगा।

आंख फूटने का आध्यात्मिक अर्थ

यह घटना केवल शारीरिक चोट नहीं बल्कि एक गहरे प्रतीक को दर्शाती है। शुक्राचार्य असुरों के हित की वजह से धर्म से हटकर सोच रहे थे। उनकी एक आंख का नष्ट होना यह दर्शाता है कि जब बुद्धि पर अहंकार और पक्षपात हावी हो जाता है, तो विवेक की दृष्टि कमजोर हो जाती है।

शुक्राचार्य की महानता

आंख खोने के बावजूद शुक्राचार्य की विद्या, तप और ज्ञान कम नहीं हुआ। वह नवग्रहों में शुक्र ग्रह के अधिष्ठाता बने और आज भी वैदिक ज्योतिष में उन्हें वैभव, सुख, ऐश्वर्य और कला का कारक माना जाता है।

एक साल में ट्रंप से भिड़ने वाले नेता; न डरे, न दबे… तानाशाही से भी लड़े


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तानाशाह जैसा व्यवहार करने में जुटे हैं। अगर कोई नेता उनसे असहमत होता है तो उसे वह खुलेआम धमकी देते हैं। उस देश को नतीजे भुगतने की बात कहते हैं। दुनिया के अधिकांश नेता ट्रंप से बहस की जगह बायपास करने की नीति अपनाने में जुटे हैं। मगर तमाम धमकियों के बावजूद कुछ ऐसे नेता भी हैं, जो ट्रंप के सामने झुकाने को तैयार नहीं हैं। उनके साथ क्या होगा, यह भविष्य ही बताएगा, लेकिन दो बड़े नेताओं के साथ अमेरिका ने क्या किया है, इसे दुनिया देख चुकी है। आइये जानते हैं उन नेताओं के बारे में, जो पिछले एक साल में ट्रंप से भिड़ चुके हैं।

 

अली खामेनेई: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को 28 फरवरी की सुबह अमेरिका और इजरायल ने मार डाला। अमेरिका ने ईरान को 10 दिन का समय दिया था। दो मार्च को यह समय सीमा खत्म हो रही थी। मगर दो दिन पहले ही एयर स्ट्राइक में अली खामेनेई की जान ले ली गई। अमेरिका उन पर नरसंहार, दमन और आतंक फैलाने का आरोप लगाता है। सबसे बड़ा आरोप परमाणु बम बनाने का है। ईरान कई बार इसका खंडन कर चुका है। तेहरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांति और नागरिक उद्देश्यों के लिए है। अली खामेनेई के सामने अमेरिका से समझौता करने का विकल्प था। मगर उन्होंने दूसरा रास्ता चुना।

 

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निकोलस मादुरो: पिछले कार्यकाल से ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और ट्रंप के बीच तनातनी चल रही थी। दूसरे कार्यकाल में यह चरम पर पहुंच गई। अमेरिका की निगाह वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर है। उसने मादुरो पर चुनाव में धांधली और विरोधियों के दमन का आरोप लगाया। अमेरिका ने कई बार समझौता करने का दबाव बनाया, लेकिन मादुरो झुके नहीं। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने ट्रंप को पकड़ने की धमकी भी दी थी। इसी साल 3 जनवरी की तड़के अमेरिकी सेना ने एक ऑपरेशन में मादुरो को उनकी पत्नी के साथ अगवा करके अमेरिका उठा ले गई।

 

सिरिल रामफोसा:  डोनाल्ड ट्रंप और सिरिल रामफोसा के झगड़े को भी दुनिया जानती हैं। पिछले साल रामफोसा अमेरिका गए थे। ओवल ऑफिस में ट्रंप से मुलाकात की थी। मगर यह मुलाकात झगड़े में बदल गई थी। ट्रंप ने अफ्रीकी सरकार पर फर्जी तरीके से श्वेत लोगों के नरसंहार का आरोप लगाया। जवाब में रामफोसा ने कहा था कि मेरे पास आपको देने के लिए जहाज नहीं है। दरअसल, कुछ दिन पहले ही कतर ने एक लग्जरी जहाज ट्रंप को गिफ्ट किया था। रामफोसा का इशारा इसी तरफ था। दोनों के बीच विवाद जी-20 सम्मेलन के दौरान और बढ़ गया। ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका में आयोजित जी20 सम्मेलन का बहिष्कार किया और इस साल अमेरिका में आयोजित समिट से प्रतिबंधित कर दिया। 

 

गुस्तावो पेट्रो: कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो कई मौकों पर ट्रंप से सीधे भिड़ चुके हैं। पिछले साल गुस्तावो पेट्रो ने ट्रंप की आव्रजन नीति का खुलकर विरोध किया था। लोगों को हथकड़ी के साथ अमेरिका से निकालने की खबरों के बाद पेट्रो ने अमेरिकी जहाजों को कोलंबिया के एयरस्पेस में घुसने से मना कर दिया था। ट्रंप ने 30 फीसद टैरिफ की धमकी दी। मगर अमल अभी तक नहीं किया। जब निकोलस मादुरो को अगवा किया गया तो भी पेट्रो ने खुलकर ट्रंप का विरोध किया। उन्होंने गिरफ्तार करने की चुनौती तक दे डाली। जवाब में ट्रंप ने कोलंबिया पर ड्रग्स रॉकेट चलाने का आरोप लगाया। पिछले साल कोलंबियाई राष्ट्रपति ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर हजारों फिलिस्तीन समर्थक की रैली को संबोधित किया। बाद में अमेरिका ने उनका वीजा भी रद्द कर दिया था।

 

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पेड्रो सांचेज: ट्रंप से साथ ताजा विवाद स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज का हुआ। सांचेज ने ईरान के खिलाफ अपने रोटा और मोरोन एयरबेस के इस्तेमाल की अनुमति अमेरिका को नहीं दी। स्पेन की सरकार ने गाजा, वेनेजुएला, यूक्रेन और ईरान मामले में अमेरिका के खिलाफ रुख अपनाया है। मगर ताजा मामले ने ट्रंप को नाराज कर दिया। बेस पर पाबंदी लगाने की जानकारी मिलने के बाद ट्रंप ने स्पेन के साथ सभी तरह के व्यापार बंद करने की धमकी दी और कहा कि स्पेन का रवैया बेहद खराब है। ट्रंप ने यह भी धमकी दी कि हम चाहें तो अड्डे का इस्तेमाल कर सकते हैं। हमें कोई रोक नहीं सकता है।

‘मानता हूं कि किरेन रिजीजू बहुत हस्तक्षेप करते हैं…’, ऐसा क्यों बोले अमित शाह?


लोकसभा के मौजूदा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए मंगलवार को संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया। विपक्ष ने ओम बिरला पर आरोप लगाए कि वह संविधान और सदन की मर्यादा का उल्लंघन करते हैं। कांग्रेस सांसदों ने कहा कि बार-बार रोकटोक की जाती है और नेता प्रतिपक्ष तक को बोलने से रोका गया। इसी को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने तंज कसते हुए कहा कि वह मानते हैं कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू बहुत हस्तक्षेप करते हैं। उन्होंने विपक्ष का आड़े हाथ लेते हुए कहा कि इससे पहले इतना गैरजिम्मेदार विपक्ष भी कभी नहीं देखा गया।

 

अब अमित शाह का यह जवाब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इससे पहले विपक्ष की ओर से तरुण गोगोई और कई अन्य नेताओं ने सवाल उठाए कि जब ओम बिरला को ही हटाने के लिए प्रस्ताव लाया गया है तो उनकी ओर से तय पैनल में से कोई स्पीकर की कुर्सी पर बैठ सकता है। जब ये सवाल उठाए गए तब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जगदंबिका पाल पीठासीन अधिकारी की भूमिका निभा रहे थे। इस दौरान गौरव गोगोई ने सीधे-सीधे पूछा कि आखिर जगदंबिका पाल स्पीकर की कुर्सी पर कैसे बैठ सकते हैं?

 

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क्या बोले अमित शाह?

 

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि गौरव गोगोई अपनी बात रख रहे हैं। वह कहते हैं, ‘भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड को देखते हुए जब रिसर्च होगी तब एक रिसर्च यह भी होगी कि विपक्ष के बोलते समय सबसे ज्यादा हस्तक्षेप करने वाले संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजीजू हैं।’ इसी पर अमित शाह खड़े हुए और कहा, ‘मैं भी विधानसभा में रह चुका हूं। संसदीय कार्यमंत्री को तभी खड़ा होना पड़ता है जब संसद के नियमों से दूर कोई चीज होती है। यह बात सही है कि संसदीय कार्यमंत्री के रूप में सबसे ज्यादा हस्तक्षेप किरेन रिजीजू ने किया है, मैं सहमत हूं लेकिन ऐसा गैरजिम्मेदार विपक्ष भी कभी नहीं आया है।’

 

ओम बिरला को लोकसभा स्पीकर की कुर्सी से हटाने के लिए कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने प्रस्ताव सदन में प्रस्तुत किया। इस प्रस्ताव के बारे में गौरव गोगोई ने कहा, ‘देश को पता होना चाहिए कि किस तरह से संविधान और सदन की मर्यादा का उल्लंघन हो रहा है। बिरला जी का व्यक्तिगत रूप से सभी के साथ रिश्ता अच्छा है। हमें यह संकल्प लाना पड़ रहा है। इस सदन की मर्यादा को बचाने और सदन में जनता का विश्वास कायम रखने के लिए धर्म का पालन करते हुए हम यह अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं।’  उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष ओम बिरला पर व्यक्तिगत रूप से हमला नहीं कर रहा है।

 

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राहुल के भाषण के दौरान हुई थी रोकटोक

 

उनका कहना था, ‘इस मंदिर (संसद) का दरवाजा सबके लिए खुला हुआ है और इसके संचालन में अध्यक्ष की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। फरवरी में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जब नेता प्रतिपक्ष बोलने के लिए खड़े हुए तब 20 बार व्यवधान पैदा किया गया। यह सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वह कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना चाहते थे। जब भारत की सीमा पर पड़ोसी देश के टैंक आ रहे थे तो सेना राजनीतिक नेतृत्व की तरफ देखा रही थी लेकिन उस समय देश के मुखिया कहते हैं कि जो उचित लगे वह कर लो।’

 

गौरव गोगोई ने इस बात का का भी जिक्र किया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने यह विषय भी सदन में उठाया था कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता दबाव में किया गया है। उनके मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष ने कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए तो लोकसभा अध्यक्ष ने तथ्यों को सत्यापित करने के लिए कहा और नेता प्रतिपक्ष सत्यापित करने के लिए तैयार हुए लेकिन सत्तापक्ष के लोग नहीं चाहते थे कि विषय उठाया जाए। गौरव गोगोई ने दावा किया कि नेता प्रतिपक्ष को पहले भी बोलने से रोका गया है।

सर्दियों में मोजे पहनने के बाद भी लगती हैं पैरों में ठंड, जानिए वजह


सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए हम कपड़ों की लेयररिंग करते हैं। कुछ लोगों को हाथों और पैरों में जरूरत से ज्यादा ठंड लगती हैं। ये लोग सोते समय पैर में मोजे पहनकर सोते हैं। इसके बावजूद पैर बर्फ की तरह ठंड रहते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? आइए इसके पीछे का कारण जानते हैं।

 

पैरों के ठंडे रहने का सबसे आम कारण खराब ब्लड सर्कुलेशन है। जब पैरों तक खून सही से नहीं पहुंचता है तब पैर ज्यादा देर तक ठंड रहते हैं। सर्दियों में शरीर स्वाभाविक रूप से अंदरूनी अंगों को गर्म रखने के लिए हाथ और पैर में ब्लड सर्कुलेशन कम कर देता है। इसके अलावा जिन लोगों को डायबिटीज, आर्टरीज संबंधी समस्याएं हैं उनके पैर लंबे समय तक ठंडे रहते हैं।

 

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मोजे पहनने के बाद भी क्यों लगती है ठंड?

हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल- ब्लड में कोलेस्ट्रॉल का लेवल ज्यादा होने से सर्कुलेशन कमजोर हो जाता है और ब्लड सेल्स सिकुड़ जाते हैं। इस वजह से पैरों में ठंड लगती है।

 

नर्व डैमेज- कभी-कभी पैरों को ठंड तापमान की वजह से महसूस नहीं होती है बल्कि में नर्व में डैमेज होने की वजह से ऐसा महसूस होता है। नर्व के डैमेज होने को न्यूरोपैथी कहा जाता है। खासतौर से डायबिटीज वाले लोगों को ज्यादा ठंड लगती है।

 

बॉडी टेंपरेचर रेगुलेशन- सर्दियों में शरीर के काम करने का तरीका अलग है। आपका सिस्टम आपके हाथों और पैरों में रक्त वाहिकाओं को सिकुड़ देता है जिससे शरीर का तापमान स्थिर रहता है लेकिन आपके अंगों को ठंडा छोड़ देता है। मोजे के साथ भी आपके पैर ठंड रहते हैं क्योंकि शरीर अंदरूनी अंगों को गर्म रखता है।

 

थायरॉइड- अगर शरीर में थायरॉइड हार्मोन कम बनता है। इसकी वजह से मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है और गर्मी पैदा करने की क्षमता भी धीमी हो जाती है। इस वजह से पैर हमेशा ठंडे रहते हैं।

 

अधिक तनाव– अगर आप अधिक तनाव लेते हैं तब शरीर में ज्यादा एड्रेनालाईन बनता है जिससे हाथ-पैर के ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं। इस वजह से पैरों में ज्यादा ठंड लगती हैं। 

 

अनहेल्दी लाइफस्टाइल- हमारे खराब का लाइफस्टाइल का असर भी पड़ता है। स्मोकिंग, इनएक्टिविटी, डिहाइड्रेशन, खराब डाइट सर्कुलेशन पर असर डालता है। आयरन, विटामिन बी12 की कमी की वजह से भी पैरों में ज्यादा ठंड लगती हैं।

क्या रात में मोजे पहनकर सोना फायदेमंद है?

हां, रात में मोजे पहनकर सोना फायदेमंद होता है। इससे आपको अच्छी नींद आती है। मोजे पहनने से शरीर गर्म रहता है। ऐसा करने से आपको अच्छी नींद आती है। नेशनल स्लीप फाउंडेशन के मुताबिक पैर गर्म रहने से जल्दी नींद आती है। मोजे पहनने से पैर गर्म रहते हैं जिससे ब्लड वेसल्स फैलती है इस प्रोसेस को वेसोडिलेशन कहते हैं। इसके अलावा जिन लोगों को रेनॉल्ड्स अटैक के चांस कम हो जाते हैं। मोजे पहनकर सोने से क्रैक्ड हील्स रिपेयर होती हैं।

 

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किन लोगों को ज्यादा ठंड लगती है?

  • बुजुर्ग लोगों को ज्यादा ठंड लगती है।
  •  जिन्हें एनीमिया की समस्या है।
  • थायरॉइड के मरीज।
  • जिन्हें रेनॉल्ड्स डिजीज है।
  • जिनका ब्लड सर्कुलेशन कम होता है।
  • स्ट्रेस या एंग्जाइटी की समस्या होने पर।

किन्हें मोजा नहीं पहनना चाहिए?

  • जिनकी स्किन सेंसिटिव है।
  • डायबिटीज के मरीज।
  • जिन्हें ज्यादा पसीना आता है।
  • जिन्हें फंगल इंफेक्शन होता है।
  • जिन्हें त्वचा संबंधी समस्याएं है।

 

 

14 या 15 जनवरी, किस दिन मनाई जाएगी मकर संक्रांति? जानें पुण्य काल का समय


साल 2026 की शुरुआत के साथ ही देशभर में मकर संक्रांति को लेकर लोगों में उत्साह दिखने लगा है। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण की शुरुआत के रूप में मनाया जाने वाला यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि इसका सीधा संबंध प्रकृति, खेती-किसानी और भारतीय परंपराओं से भी है। हर साल जनवरी के मध्य में आने वाली मकर संक्रांति इस बार भी 14 जनवरी को मनाई जाएगी। 

 

इस अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान, सूर्य उपासना, दान-पुण्य और तिल-गुड़ के प्रसाद की परंपरा निभाई जाती है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे उत्तरायण, पोंगल, लोहड़ी और माघ बिहू जैसे नामों से मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उत्तरायण काल को शुभ माना जाता है और इस दिन किए गए पुण्य कर्मों का विशेष फल मिलता है। इसी वजह से मकर संक्रांति को आत्मशुद्धि, नई शुरुआत और सामाजिक सौहार्द का पर्व माना जाता है, जिसकी तैयारियां अब पूरे देश में तेज हो गई हैं।

 

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मकर संक्रांति 2026 में कब है?

मकर संक्रांति हर साल 14 या 15 जनवरी को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी। यह उन गिने-चुने हिंदू त्योहारों में से एक है जिसकी तारीख लगभग हर साल तय रहती है, क्योंकि यह चंद्रमा नहीं बल्कि सूर्य की स्थिति पर आधारित है।

 

वैदिक पंचांग के अनुसार, मकर संक्रांति का पर्व माघ महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाएगा। इस तिथि की शुरुआत 14 जनवरी 2026 के दिन होगी। 

 

मकर संक्रांति पुण्य काल- 14 जनवरी 2026 के दिन दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से शाम 5 बजकर 45 मिनट तक रहेगा।

 

मकर संक्रांति महा पुण्य काल- 14 जनवरी 2026 के दिन दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से शाम 4 बजकर 58 मिनट तक रहेगा।

 

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मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है

मकर संक्रांति उस दिन मनाई जाती है जब सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इस खगोलीय घटना को सूर्य का उत्तरायण होना कहा जाता है। इसी दिन से सूर्य उत्तर दिशा की ओर गति करते हैं और दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। इसे अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का संकेत माना जाता है, इसलिए यह पर्व सकारात्मकता, ऊर्जा और नए आरंभ का प्रतीक माना जाता है।

मकर संक्रांति के पीछे की वजह

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, उत्तरायण काल देवताओं का दिन माना जाता है। इस अवधि में किए गए दान, जप, तप और पुण्य कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है। मकर संक्रांति कृषि से भी जुड़ा पर्व है, क्योंकि इसी समय नई फसल घर आती है। किसान इस दिन सूर्य देव का आभार व्यक्त करते हैं और समृद्धि की कामना करते हैं।

मकर संक्रांति से जुड़ी पौराणिक मान्यता

पौराणिक कथा के अनुसार, इसी दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि देव से मिलने जाते हैं। शनि देव मकर राशि के स्वामी हैं, इसलिए यह दिन पिता-पुत्र के मिलन का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से मकर संक्रांति को आपसी मतभेद समाप्त करने और संबंधों में मधुरता लाने का पर्व भी कहा जाता है।

 

एक अन्य मान्यता के अनुसार, महाभारत के महान योद्धा भीष्म पितामह ने इसी दिन अपने शरीर का त्याग किया था। उन्होंने उत्तरायण का इंतजार किया क्योंकि इस काल में देह त्याग करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

मकर संक्रांति की धार्मिक और सामाजिक विशेषता

इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, सूर्य को अर्घ्य, तिल-गुड़ का दान, खिचड़ी, तिल के लड्डू और गुड़ से बने व्यंजन बनाने की परंपरा है। तिल और गुड़ को शरीर में ऊष्मा बनाए रखने वाला माना जाता है, इसलिए इसका सेवन स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी होता है।

 

देश के अलग-अलग हिस्सों में यह पर्व अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। उत्तर भारत में मकर संक्रांति, गुजरात में उत्तरायण, पंजाब में लोहड़ी, असम में माघ बिहू और तमिलनाडु में पोंगल के रूप में इसे धूमधाम से मनाया जाता है।