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‘Sleepy बाइडेन के लिए बोले..’, जिनपिंग ने की US की बेइज्जती, ट्रंप का बयान वायरल


चीन के दौरे पर गए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने ही शी जिनपिंग ने कह दिया कि अमेरिका ढलान पर है। इस बार डोनाल्ड ट्रंप के तेवर काफी ढीले नजर आए और वह जिनपिंग की बातों में हां में हां मिलाते दिखे। अब उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट किया है जो वायरल हो गया है। इस पोस्ट में देखा जा सकता है कि डोनाल्ड ट्रंप ने जिनपिंग पर पलटवार करने के बजाय उनकी बातों से सहमति जताई है। इतना ही नहीं, जिनपिंग की बातों को सही साबित करने के लिए वह पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल की याद दिलाने लगे और उन्हें ‘Sleepy बाइडेन’ बता दिया।

 

डोनाल्ड ट्रंप ने जो बाइडेन के कार्यकाल के बहाने उन्हें घेरते हुए लिखा है कि उस समय टैक्स ज्यादा थे, बॉर्डर खुले थे, महिलाओं के खेल में मर्द खेल रहे थे और अपराध बढ़ गया था। ट्रंप ने यह भी कहा कि दो साल पहले तो सच में अमेरिका ढलान पर था। उन्होंने कहा कि लेकिन अब अमेरिका दुनिया में सबसे हॉट देश है और उम्मीद है कि अमेरिका और चीन के रिश्ते पहले की तुलना में सबसे बेहतर होंगे।

जिनपिंग ने क्या कहा था?

इन दिनों डोनाल्ड ट्रंप दो दिन के चीन दौरे पर हैं। उनके दौरे के पहले ही दिन उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई। इस मौके पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चीन का विरोधी नहीं सहयोगी है। इससे पहले शी जिनपिंग ने कहा था कि अमेरिका ढलान पर है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन और अमेरिका साथ मिलकर काम कर सकते हैं और इसमें दोनों का ही फायदा है।

अब इसी मामले पर डोनाल्ड ट्रंप ने सफाई देते हुए कहा है कि जिनपिंग असल में जो बाइडेन के कार्यकाल की बात कर रहे थे। उन्होंने X पर लिखा है, ‘जब राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिका के ढलान की बात कर रहे थे तब वह स्लीपी जो बाइडेन के चार साल की बात कर रहे थे। बाइडेन प्रशासन के बारे में उनकी बात 100% पर सही है।  उस समय हमारा देश जूझ रहा था। बॉर्डर खुले हुए थे, टैक्स ज्यादा थे, ट्रांसजेंडर थे, महिलाओं के खेल में पुरुष खेल रहे थे और अपराध बढ़ा हुआ था।’

चीन पर नरम पड़ गए ट्रंप

ट्रंप ने आगे लिखा है, ‘राष्ट्रपति जिनपिंग ट्रंप प्रशासन के 16 महीनों के दौरान हुई शानदार प्रगति के बारे में बात नहीं कर रहे थे। इस दौरान स्टॉक मार्केट ने सबसे ऊंचे स्तर को छुआ है, सेना को जीत मिली है, वेनेजुएला में रिश्ते सुधरे हैं और ईरान की सेना कमजोर की गई है। राष्ट्रपति जिनपिंग ने तो इतने कम समय में शानदार कामयाबी के लिए मुझे बधाई दी है। 2 साल पहले सच में अमेरिका ढलान पर था और मैं इस बात पर जिनपिंग से सहमत हूं लेकिन अब अमेरिका दुनिया का सबसे हॉट देश बन चुका है।’

 

बता दें कि आज ट्रंप के चीन दौरे का दूसरा दिन है और वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात कर रहे हैं। दोनों की इस मीटिंग में लाखों करोड़ के समझौते हो सकते हैं। भारत के लिए इस मीटिंग को चुनौती के रूप में देख रहा है। बीते कुछ महीनों में भारत और अमेरिका के संबंधों को धक्का लगा है और अमेरिका अब भारत के जवाब में चीन से अपनी नजदीकी बढ़ा रहा है।

देश में दोषी कैदियों में ओडिशा आगे, विचाराधीन मामलों में टॉप पर है मध्य प्रदेश


देश की जेलों में बंद दोषी और विचाराधीन कैदियों को लेकर नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की प्रिजन स्टैटिस्टिक्स इंडिया 2024 रिपोर्ट (PSI 2024) जारी हुई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, दोषी कैदियों की संख्या में ओडिशा सबसे आगे हैं जबकि विचाराधीन कैदियों की संख्या मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा पाई गई है।

 

रिपोर्ट के अनुसार, 31 दिसंबर 2024 तक देश की उप-जेलों (Sub-Jails) में कुल 36,745 कैदी बंद थे। इनमें 2,285 दोषी कैदी और 34,460 विचाराधीन कैदी शामिल हैं। आंकड़ों से साफ है कि जेलों में विचाराधीन कैदियों की संख्या दोषी कैदियों की तुलना में कई गुना अधिक है। NCRB ने यह डेटा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर तैयार किया है।

 

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दोषी कैदियों का रिपोर्ट कार्ड

रिपोर्ट के मुताबिक, दोषी कैदियों की सबसे ज्यादा संख्या ओडिशा में है, जहां 693 कैदी दर्ज किए गए हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश का नंबर आता है, जहां 580 दोषी कैदी पाए गए हैं। तीसरे स्थान पर उत्तराखंड है, जहां 254 कैदी हैं। वहीं चौथे नंबर पर त्रिपुरा है, जहां 178 दोषी कैदी दर्ज किए गए हैं। पांचवें स्थान पर पंजाब है, जहां 114 दोषी कैदी उप-जेलों में बंद हैं।

 

जिन राज्यों की उप-जेलों में दोषी कैदियों की संख्या सबसे कम है, उनमें राजस्थान सबसे ऊपर है, जहां सिर्फ 3 दोषी कैदी बंद हैं। इसके बाद केरल, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना आते हैं, जहां मिलाकर कुल 10 दोषी कैदी हैं। वहीं असम और कर्नाटक की उप-जेलों में 19 दोषी कैदी बंद हैं।

 

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रिपोर्ट के मुताबिक कई राज्यों में दोषी कैदियों की संख्या शून्य भी दर्ज की गई है। अरुणाचल प्रदेश, गोवा, हरियाणा, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और तमिलनाडु के उप-जेलों में कोई भी दोषी कैदी नहीं है।

विचाराधीन कैदियों का रिपोर्ट कार्ड

विचाराधीन कैदियों की संख्या में भी मध्य प्रदेश सबसे आगे है, जहां 5,794 लोग अभी विचाराधीन कैदी के तौर पर जेल में बंद हैं। दूसरे नंबर पर राजस्थान है, जहां 4,108 विचाराधीन कैदी हैं। तीसरे स्थान पर पश्चिम बंगाल आता है, जहां 4,102 विचाराधीन कैदी हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पश्चिम बंगाल का 2024 का डेटा उपलब्ध नहीं होने की वजह से 2023 का डेटा इस्तेमाल किया गया है। इसके बाद बिहार का नंबर आता है, जहां 3,643 विचाराधीन कैदी हैं। वहीं पांचवें स्थान पर ओडिशा है, जहां 3,545 विचाराधीन कैदी बंद हैं।

 

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NCRB की PSI 2024 रिपोर्ट के अनुसार उप-जेलों में विचाराधीन कैदियों की सबसे कम संख्या वाले राज्यों में असम, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा और तेलंगाना शामिल हैं। असम में सबसे कम केवल 44 विचाराधीन कैदी दर्ज किए गए हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में यह संख्या 154 है। उत्तर प्रदेश की उप-जेलों में कुल 388 विचाराधीन कैदी बंद हैं। वहीं त्रिपुरा में 448 और तेलंगाना में 457 विचाराधीन कैदी दर्ज किए गए हैं।

 

डेटा के अनुसार अरुणाचल प्रदेश, गोवा, हरियाणा, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम जैसे राज्यों की उप-जेलों में विचाराधीन कैदियों की संख्या शून्य दिखाई गई है।

केंद्र शासित प्रदेशों में दोषी और विचाराधीन कैदियों का रिपोर्ट कार्ड

PSI 2024 रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेशों की उप-जेलों में कैदियों की स्थिति बेहद सीमित है। दोषी कैदियों के मामले में केवल अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 1 और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव में 3 कैदी दर्ज किए गए हैं, जबकि बाकी सभी केंद्र शासित प्रदेशों की उप-जेलों में इनकी संख्या शून्य है।

 

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वहीं, विचाराधीन कैदियों के मामले में दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव 111 कैदियों के साथ सबसे आगे है, इसके बाद जम्मू-कश्मीर में 65, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 31 और लक्षद्वीप में 5 कैदी दर्ज किए गए हैं।

 

खास बात यह है कि चंडीगढ़, दिल्ली, लद्दाख और पुडुचेरी की उप-जेलों में न तो कोई दोषी और न ही कोई विचाराधीन कैदी रिपोर्ट किया गया है। कुल मिलाकर, केंद्र शासित प्रदेशों की उप-जेलों में मात्र 4 दोषी और 212 विचाराधीन कैदी ही बंद हैं।

ऑफिस में बैठने से दुख जाती है पीठ? ये एक्सरसाइज आसान बना देंगी जिंदगी


डेस्क जॉब के कारण आजकल कई लोग दिन भर थकान, सुस्ती और शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द महसूस करते हैं। अगर आप भी ऑफिस में घंटों एक ही जगह बैठकर काम करते हैं और जिम जाने का समय नहीं निकाल पाते तो परेशान न हों। आप अपनी सीट पर ही कुछ आसान और असरदार एक्सरसाइज करके खुद को फिट रख सकते हैं। 

 

फिटनेस एक्सपर्ट और योग ट्रेनर साई श्रीवास्तव का कहना है कि ऑफिस की कुर्सी पर बैठे-बेठे केवल 5 मिनट का समय निकालकर आप मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रेस जैसी गंभीर समस्याओं को काफी हद तक कम कर सकते हैं। शरीर को फुर्तीला रखने के लिए आपको किसी भारी जिम मशीन या महंगे सामान की जरूरत नहीं है बल्कि काम के बीच में लिए गए छोटे-छोटे ब्रेक और सही स्ट्रेचिंग की मदद से आप खुद को कई बड़ी बीमारियों से बचा सकते हैं और अपनी कार्यकुशलता, दक्षता, योग्यता, सामर्थ्य, क्षमता को बढ़ा सकते हैं।

 

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1. सीटेड स्पाइनल ट्विस्ट (Seated Spinal Twist)

यह एक्सरसाइज आपकी रीढ़ की हड्डी के तनाव को कम करने के लिए जादू की तरह काम करती है। अपनी कुर्सी पर सीधे बैठें और पैरों को जमीन पर टिका कर रखें। अपने दाएं हाथ को कुर्सी के पिछले हिस्से पर रखें और अपने ऊपरी शरीर को धीरे-धीरे दाई ओर घुमाएं। अपनी बाई हथेली को दाएं घुटने पर रखकर थोड़ा और खिंचाव दें। 15 से 30 सेकंड तक रुकें, फिर यही प्रक्रिया बाई ओर भी दोहराएं। इससे आपकी पीठ की जकड़न तुरंत कम होगी।

2. शोल्डर ब्लेड स्क्वीज (Shoulder Blade Squeeze)

झुककर बैठने से हमारे कंधे आगे की ओर लटक जाते हैं। इसे ठीक करने के लिए सीधे बैठें और अपने दोनों कंधों के पीछे की हड्डियों को एक-दूसरे के पास लाने की कोशिश करें जैसे आप उनके बीच कोई चीज़ दबा रहे हों। इसे 5 सेकंड तक रोकें और फिर ढीला छोड़ दें। इसे 10 से 15 बार दोहराएं। यह आपके बैठने के तरीके यानी पोस्टर को एकदम सही कर देता है।

3. डेस्क पुश-अप्स (Desk Push-Ups)

यह एक्सरसाइज न सिर्फ आपकी पीठ बल्कि आपके कोर यानी पेट की मांसपेशियों और हाथों को भी मजबूत बनाती है। अपने डेस्क से दो कदम पीछे खड़े हों। अपने हाथ डेस्क के किनारे पर रखें,  कंधों की चौड़ाई के बराबर। अपनी छाती को डेस्क की तरफ नीचे ले जाएं और फिर हाथों के जोर से वापस खड़े हो जाएं। इसे 10 से 12 बार करें।

4. हिप फ्लेक्सर स्ट्रेच (Hip Flexor Stretch)

बैठे रहने से हमारे कूल्हों के सामने की मांसपेशियां बहुत सख्त हो जाती हैं जिससे निचली पीठ में दर्द होता है। इससे बचने के लिए अपनी कुर्सी से खड़े हो जाएं। एक पैर को आगे बढ़ाएं और दूसरे को पीछे रखें। अपने कूल्हों को धीरे-धीरे आगे की ओर धकेलें जब तक कि आपको पीछे वाले पैर के ऊपरी हिस्से में खिंचाव महसूस न हो। 20-30 सेकंड तक रुकें और फिर पैर बदल लें।

5. कैट-काउ स्ट्रेच (Seated Cat-Cow)

यह योग का एक बहुत ही आसान तरीका है जो आपकी रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है। अपनी कुर्सी पर बैठें और हाथों को घुटनों पर रखें। सांस अंदर लेते समय अपनी पीठ को आगे की तरफ झुकाएं और ऊपर की तरफ देखें इसे ‘काउ’ पोज कहते हैं। फिर सांस छोड़ते हुए अपनी पीठ को पीछे की तरफ गोल करें और अपनी ठुड्डी को छाती से लगाएं इसे ‘कैट’ पोज कहते हैं। इसे 5 से 10 बार करने से आपकी पूरी पीठ को बहुत आराम मिलता है।

 

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डेस्क एक्सरसाइज करने के कुछ और बड़े फायदे

इन आसान एक्सरसाइज को करने से न सिर्फ शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि दिमाग भी ज्यादा तेज काम करता है। जब आप काम के बीच में शरीर को हिलाते-डुलाते है तो शरीर में एंडोर्फिन जैसे अच्छे हार्मोन बनते हैं जो तनाव और चिड़चिड़ेपन को कम करते हैं। इससे काम में फोकस बढ़ता है और कंप्यूटर स्क्रीन के कारण होने वाली आंखों की थकान भी कम होती है। अच्छी सेहत के लिए इन एक्सरसाइज के साथ-साथ दिन भर ज्यादा पानी पीते रहें और हर दो-तीन घंटे में अपनी सीट से उठकर थोड़ी स्ट्रेचिंग जरूर करें।

क्या आज आप बुध ग्रह के योग से कमा पाएंगे करोड़ों रुपये?


14 मई 2026, गुरुवार का दिन कई लोगों के जीवन में एक नई ऊर्जा लेकर आ रहा है। पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज का मूलांक 5 है, जो बुध ग्रह का कारक माना जाता है, जिससे यह दिन बुद्धि से जुड़े कामकाज जैसे बिजनेस और आर्थिक निवेश के लिए बेहद शुभ रहने वाला है। ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो चंद्रमा आज मेष राशि में विराजमान रहेंगे, जबकि देवगुरु बृहस्पति अपनी कृपा सभी राशियों पर बनाए रखेंगे। यह ग्रहों का संयोग नई शुरुआत और आत्मविश्वास के लिए प्रेरणा देता है, जिससे अटके हुए काम तेज रफ्तार से पूरे हो सकते हैं।


आज की ऊर्जा सकारात्मक रहने वाली है। गुरुवार का दिन होने के कारण आध्यात्मिक विचारों में रुचि बढ़ेगी। मूलांक 5 होने की वजह से आप दिन भर उत्साहित महसूस करेंगे। बिजनेस करने वाले लोगों का आज का दिन बेहद शुभ रहने वाला है। आज नेटवर्किंग के नए रास्ते खुलेंगे। आज आप अपनी भाषा और स्किल के दम पर सफल काम कर पाएंगे।

 

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आज का राशिफल 


मेष


आज चंद्रमा आपकी ही राशि में हैं, जो आपका आत्मविश्वास बढ़ाएंगे। करियर में नए अवसर मिलेंगे और बिजनेस की नई योजनाएं सफल होंगी। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, लेकिन निवेश सोच-समझकर करें। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा।
आज क्या करें: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।
आज क्या न करें: जल्दबाजी में कोई बड़ा निवेश न करें।


वृषभ


आज खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए बजट का ध्यान रखें। ऑफिस में सहकर्मियों की मदद करें। बिजनेस में बाहरी नेटवर्क से लाभ होने के योग हैं। प्रेम जीवन सुखद रहेगा, लेकिन छोटी बातों पर बहस से बचें। हेल्थ पर ध्यान दें और रात को सही समय पर नींद लें।
आज क्या करें: जरूरतमंदों को चने की दाल दान करें।
आज क्या न करें: उधार लेने या देने से बचें।


मिथुन


मूलांक 5 का प्रभाव आपके लिए लाभकारी साबित होगा। करियर में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताएंगे। हेल्थ पहले से बेहतर रहेगा, मानसिक शांति मिलने वाली है।
आज क्या करें: पक्षियों को दाना डालें।
आज क्या न करें: किसी की बुराई या गॉसिप न करें।

 

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कर्क


आज आप नौकरी में अपने स्किल से सबको प्रभावित कर पाएंगे। बिजनेस में धन लाभ के नए स्रोत बनेंगे। पिता का मार्गदर्शन मिलेगा, जिसे अपनाकर तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। परिवार में किसी मांगलिक कार्य की प्लानिंग बन सकती है। हेल्थ अच्छा रहेगा लेकिन ठंडी चीजों के सेवन से परहेज करें।
आज क्या करें: माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।
आज क्या न करें: घर के बड़ों की बातों को अनसुना न करें।


सिंह


आज भाग्य आपका पूरा साथ देगा। लंबी दूरी वाली जगहों पर घूमने जा सकते हैं। करियर में किए गए पुराने प्रयास अब रंग लाएंगे। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। जीवनसाथी के साथ संबंध बेहतर होंगे। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, विशेषकर खान-पान का ध्यान रखें।
आज क्या करें: सूर्य देव को जल अर्पित करें।
आज क्या न करें: गुस्से को खुद पर हावी न होने दें।


कन्या


आज का दिन थोड़ा संभलकर चलने का है। ऑफिस के दुश्मनों से दूर रहें। आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतें। पारिवारिक जीवन में कुछ तनाव हो सकता है, धैर्य से काम लें। स्वास्थ्य के मामले में स्किन से जुड़ी समस्या हो सकती है।
आज क्या करें: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
आज क्या न करें: गाड़ी चलाते समय लापरवाही न बरतें।

 

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तुला


वैवाहिक जीवन और साझेदारी के लिए आज का दिन शानदार है। नौकरीपेशा लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। आर्थिक लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, योग और मेडिटेशन से लाभ मिलेगा।
आज क्या करें: मंदिर में घी का दीपक जलाएं।
आज क्या न करें: अपने लक्ष्यों को दूसरों को न बताएं।


वृश्चिक


आज आप दुश्मनों पर विजय पाने में सफल रहेंगे। करियर में कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। सरकारी कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, फिजूलखर्ची से बचें। परिवार में एकता बनी रहेगी। स्वास्थ्य में छोटी-मोटी मौसमी बीमारियां हो सकती हैं।
आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: कार्यस्थल पर किसी से बहस न करें।


धनु


छात्रों के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। करियर में नए एक्सपेरिमेंट सफल होंगे। आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी। प्रेम जीवन में नया उत्साह महसूस करेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, खेलकूद में रुचि बढ़ेगी।
आज क्या करें: केले के पेड़ की पूजा करें।
आज क्या न करें: जुआ या सट्टेबाजी से दूर रहें।

 

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मकर


आज सुख-सुविधाओं वाली चीजों पर खर्च हो सकता है। प्रॉपर्टी या गाड़ी खरीदने का सोच सकते हैं। कार्यक्षेत्र में काम का दबाव रहेगा, लेकिन आप उसे बखूबी संभाल लेंगे। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। परिवार में आपसी समझ बढ़ेगी।
आज क्या करें: पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करें।
आज क्या न करें: घर में कलह का माहौल न बनने दें।


कुंभ


आज आपको छोटे भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। करियर में नेटवर्किंग से लाभ होगा। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। जीवनसाथी के साथ बाहर घूमने का प्लान बन सकता है। स्वास्थ्य के लिहाज से दिन सुखद है।
आज क्या करें: किसी वृद्ध व्यक्ति की मदद करें।
आज क्या न करें: आलस्य को अपने काम में बाधा न बनने दें।


मीन


निवेश के लिए दिन शुभ है, भविष्य में अच्छे रिटर्न मिलेंगे। करियर में स्थिरता आएगी। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा और कोई पुराना विवाद सुलझ सकता है। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, आंखों का ख्याल रखें।
आज क्या करें: पीले कपड़े पहनें या पीले रंग का रुमाल अपने पास रखें।
आज क्या न करें: किसी से बुरी भाषा में बात न करें।


नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अपनी मेहनत पर विश्वास रखें और सकारात्मक सोच के साथ दिन का आनंद लें।

क्या इजरायली पीएम और UAE के राष्ट्रपति के बीच हुई सीक्रेट मीटिंग? सच आया सामने

ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष के बीच एक खबर ने पूरे मीडिल ईस्ट में राजनीति हलचल को तेज कर दिया था। इजरायल के इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दावा किया गया था कि नेतन्याहू ने युद्ध के दौरान UAE का एक सीक्रेट दौरा किया। दावा किया गया कि वह इस दौरे के दौरान नेतन्याहू ने  राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से सीक्रेट मुलाकात की। 

 

इजरायली पीएम के ऑफिस से जारी बयान के अनुसार, दोनों देशों के अध्यक्षों के बीच यह मुलाकात इजारयल के ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान के दौरान हुई। बयान में दावा किया गया है कि इस सीक्रेट मीटिंग से दोनों देशों के रिश्तों में ऐतिहासिक सफलता मिली है। हालांकि, अब यूएई की ओर से इजरायली पीएम ऑफिस के इन दावों पर बयान आ गया है। 

 

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यूएई ने क्या बताया?

यूएई ने इजरायल के इन दावों को खारिज कर दिया कि इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने यूएई का कोई सीक्रेट दौरा किया है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने इन रिपोर्ट्स को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है।

यूएई के विदेश मंत्रायल ने बयान जारी कर कहा कि देश (यूएई) में न तो नेतन्याहू का कोई गुप्त दौरा हुआ और न ही किसी इजरायली सैन्य प्रतिनिधिमंडल को बुलाया गया। मंत्रालय ने कहा कि यूएई और इजरायल के संबंध पूरी तरह सार्वजनिक और आधिकारिक हैं, इनमें किसी तरह की गुप्त व्यवस्था शामिल नहीं है।

 

इजरायल ने किया था दावा

इजरायल ने प्रधानमंत्री के ऑफिस से एक बयान जारी कर कहा था कि नेतन्याहू ने यूएई का दौरा किया है। बयान में कहा, ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुप्त रूप से संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया, जहां उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की। इस यात्रा से इजरायल और यूएई के संबंधों में ऐतिहासिक सफलता मिली है।’

 

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मोसाद के चीफ का दौरा

बेंजामिन नेतन्याहू से पहले यूएई के दौरे पर इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के चीफ डेविड बारनिया गए थे। द टाइम्स ऑफ इजराइ की रिपोर्ट के अनुसार, मोसाद चीफ कम से कम दो बार इस संघर्ष के दौरान यूएई गए हैं। इसके साथ ही बताया गया है कि दोनों देश एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर हमला करने की योजना भी मिलकर बना रहे हैं। 

…तो नहीं होगी तेस गैस की कमी, UAE के साथ बड़ी डील करेंगे PM मोदी


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दौरे पर जा रहे हैं। इस यात्रा के दौरान भारत और UAE के बीच ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई अहम समझौते होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक LPG यानी रसोई गैस और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण को लेकर दो बड़े करार किए जा सकते हैं। सरकार का मानना है कि इन समझौतों से भारत की ऊर्जा जरूरतों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

 

प्रधानमंत्री मोदी UAE में करीब चार घंटे रुकेंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान से होगी। दोनों नेताओं के बीच भारत-UAE रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, निवेश और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके बाद प्रधानमंत्री पांच दिन के यूरोप दौरे पर रवाना होंगे, जहां वह कई देशों के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे।

 

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ऊर्जा सुरक्षा पर रहेगा खास फोकस

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते संकट के कारण दुनिया भर में तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। दुनिया का लगभग 20 फीसदी कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए यूएई के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

व्यापार और निवेश बढ़ाने पर होगी चर्चा

भारत और UAE के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। पिछले 25 वर्षों में UAE भारत में निवेश का सातवां सबसे बड़ा स्रोत रहा है। माना जा रहा है कि इस दौरे में दोनों देश निवेश, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हो सकते हैं।

 

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यूरोप दौरे में कई अहम बैठकें

यूएई दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे। इस दौरान रक्षा, ग्रीन एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष, स्टार्टअप और नई तकनीकों जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी। सरकार को उम्मीद है कि इस यात्रा से भारत और यूरोपीय देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंध और मजबूत होंगे।

सुबह की चाय से लेकर रात की चॉकलेट तक, दिनभर में कितनी चीना खा रहे आप?

हम सभी जानते हैं कि चीनी सेहत के लिए हानिकारक है। इसकी वजह से विभिन्न प्रकार की बीमारियां होती हैं। दिन भर में एक चम्मच चीनी खाने से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है। दिक्कत तब शुरू होती है जब हम चीनी को अलग-अलग रूप में खाते हैं। हम भारतीयों को मीठा बहुत पसंद है। कोई भी त्योहार, शादी, मुंडन हो या श्राद्ध मीठा आपको जरूर मिलेगा। यu मीठा हमारे लिए किसी जहर से कम नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लोगों से अपील की थी चीनी का सेवन कम करें क्योंकि चीनी मधुमेह और डायबिटीज जैसी बीमारियों का मुख्य कारण है।

 

हम में से ज्यादातर लोग अपने दिन की शुरुआत एक कप चाय के साथ करते हैं। इसके बाद बिस्किट, कुकीज, चिप्स, चॉकलेट से लेकर तमाम चीजें खाते-पीते हैं। इन चीजों में नैचुरल और एडेड शुगर होती है। यह शुगर सेहत के लिए नुकसानदायक होती है। चीनी भी दो तरह की होती है एक नैचुरल और दूसरी एडेड शुगर। दूध, फल और सब्जियों में नैचुरल शुगर होती है। वहीं, बिस्किट, कुकीज, आइसक्रीम, चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक समेत अन्य खाने-पीने की चीजों में एडेड शुगर होती है। क्या आपने कभी सोचा है कि हम दिन भर में कितनी मात्रा में चीनी खाते हैं?

 

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दिन भर में कितनी चीनी खाते हैं आप?

आपको बता दें कि एक छोटे चम्मच चीनी में 4 ग्राम शुगर पाया जाता है। एक व्यक्ति अगर एक कप में चाय में 1 से 2 चम्मच चीनी का इस्तेमाल करता है तो वह एक बार में 8 ग्राम शुगर खा रहा है। आमतौर पर लोग सुबह और शाम के समय में एक कप चाय पीते हैं। इसका मतलब है कि 2 कप चाय में लगभग 16 ग्राम चीनी पाई जाती है।

 

बिस्किट

 

100 ग्राम के बिस्किट में 20 से 36 ग्राम तक शुगर होता है। शुगर की मात्रा बिस्किट के टाइप और उसके ब्रांड पर निर्भर करती है। एक बार में अगर आप 4 से 5 बिस्किट खाते हैं तो उसमें 2 से 8 ग्राम तक चीनी पाई जाती है। पॉपुलर ब्रांड पारले जी के 100 ग्राम के बिस्किट पैकेट में 33 ग्राम शुगर पाया जाता है।

 

 

जूस

 

पैकेट वाले 200 से 250 मिली लीटर के जूस में 20 से 30 ग्राम तक शुगर होता है जिसका मतलब है कि 5 से 8 चम्मच चीनी। इसमें नैचुरल और आर्टिफिशयल दोनों प्रकार का शुगर पाया जाता है।  

 

ब्रेड

 

अगर आप एक बार में 2 से 4 ब्रेड स्लाइस खा रहे हैं तो उसमें 1 से 2 ग्राम शुगर पाया जाता है। हालांकि शुगर की मात्रा ब्रेड के ब्रांड के हिसाब से कम और ज्यादा हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि आप ब्रेड पर न्यूट्रिशन लेबल जरूर देखें।

 

चावल

 

एक कटोरी में 150 से 200 ग्राम चवाल आते हैं। इसमें 0.1 से 0.3 ग्राम शुगर होता है। चावल में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट होता है जो एक दम से कार्ब्स को ग्लूकोज में बदल देता है। इस वजह से ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ता है।

 

रोटी

 

गेंहू की चार रोटियों में लगभग 60 ग्राम कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है जो पाचन के समय ग्लूकोज में टूटता है। इसका मतलब है डेढ से 2 चम्मच चीनी है। 4 रोटियों में 285 से 550 कैलोरी होती है। 

 

कॉफी

 

अगर आप ब्लैक कॉफी पी रहे हैं तो उसमें चीनी की मात्रा जीरो है। अगर आप एक कप कॉफी में दूध और चीनी मिला रहे हैं तो उसमें 4 ग्राम शुगर पाया जाता है।

 

सॉफ्ट ड्रिंक

 

सॉफ्ट ड्रिंक में सबसे ज्यादा चीनी का इस्तेमाल होता है। 600 मिली लीटर की बोतल में 35 से 65 ग्राम शुगर पाया जाता है। अगर आप रोजाना 250 मिली लीटर की कोल्ड ड्रिंक पी रहे हैं तो उसमें 25 से 27 ग्राम तक शुगर पाया जाता है।

 

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कुकीज

 

कुकीज में बिस्किट के मुकाबले ज्यादा शुगर होती है। 24 से 30 कुकीज में 180 ग्राम शुगर पाया जाता है। औसतन 4 से 5 कुकीज में 25 ग्राम शुगर पाया जाता है।

 

चॉकलेट

 

100 ग्राम चॉकलेट में 50 से 60 ग्राम शुगर पाया जाता है। डॉक चॉकलेट में शुगर की मात्रा कम होती है। चॉकलेट में शुगर की मात्रा उसके टाइप और ब्रांड पर निर्भर करती है। एक 20 ग्राम के पैकेट के चॉकलेट में 11 से 12 ग्राम शुगर पाया जाता है।

कितनी मात्रा में चीनी खाना सही?

एक व्यक्ति दिन भर में 140 से 150 ग्राम चीनी का सेवन करता है। यह आंकड़ा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के तय मानक से 6 गुना ज्यादा है। WHO के मुताबिक एक व्यक्ति को एक दिन में 6 चम्मच से ज्यादा मीठा नहीं खाना चाहिए। अगर आप कम चीनी खाते हैं तो डायबिटीज और मोटापे जैसी गंभीर बीमारियों से बचे सकते हैं। WHO के अनुसार एडेड शुगर आपकी डेली कैलोरी में 10% से ज्यादा नहीं होना चाहिए। 

किसे कितनी मात्रा में चीनी खाना चाहिए?

  • एक साल तक के बच्चे को 10 ग्राम से कम चीनी खाना चाहिए।
  • 2 से 3 साल के बच्चों को 14 ग्राम से ज्यादा चीनी नहीं खाना चाहिए।
  • 4 से 6 साल के बच्चे को 19 ग्राम से ज्यादा चीनी नहीं खाना चाहिए।
  • 7 से 10 साल के बच्चे को 24 ग्राम से ज्यादा चीनी नहीं खाना चाहिए।
  • एडल्ट्स 25 से 30 ग्राम चीनी खा सकते हैं।

हमारे खाने पीने की कई चीजों में एडेड शुगर होता है। अपनी डेली रूटीन में चीनी की जगह पर हेल्दी ऑप्शन को अपनाएं। सुबह की चाय या कॉफी की जगह अपने दिन की शुरुआत ब्लैक टी के साथ करें। ब्रेकफास्ट में ब्रेड की जगह पर इडली या फ्रूट्स खा सकते हैं। इसके अलावा लंच में छाछ पी सकते हैं। शाम में बाहर की तली-भूनी चीजों की जगह पर हेल्दी स्नैक्स खाएं। इसमें मखाना, नट्स और भूनी हुई मूंगफली खा सकते हैं।

 

उमानंद आइलैंड को क्यों कहते हैं ‘भस्माचल’, शिव मंदिर की कहानी क्या है?


असम की राजधानी गुवाहाटी के ब्रह्मपुत्र नदी के बीच उमानंद आइलैंड है, जो न सिर्फ अपनी खूबसूरती बल्कि धार्मिक महत्व के लिए भी जाना जाता है। इस आइलैंड में उमानंद मंदिर है, जहां उमानंद बाबा की पूजा-अर्चना की जाती है, जो शिव भगवान के एक रूप माने जाते हैं। उमानंद मंदिर में जो भी भक्त दर्शन करने आते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इसी वजह से इस मंदिर में हर साल हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं। खासकर शिवरात्रि के पर्व में हजारों भक्त मंदिर आते हैं। धार्मिक मान्यता के मुताबिक उमानंद द्वीप को भस्माचल भी कहा जाता है। इस नाम से जुड़ी एक पौराणिक कथा है।

 

असम के गुवाहाटी में ही मां कामाख्या का मंदिर है, जहां दर्शन करने आए भक्त शिव भगवान के इस मंदिर में भी दर्शन करने आते हैं। धार्मिक मान्यता के मुताबिक इसी जगह पर भगवान शिव ने कामदेव का वध किया था। अब सवाल उठता है कि उमानंद मंदिर का इतिहास क्या है, साथ ही सवाल उठता है कि इसे भस्माचल क्यों कहा जाता है?

 

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उमानंद मंदिर से जुड़ी कथा

 

धार्मिक कहानियों के मुताबिक उमानंद द्वीप शिवजी और मां सती के प्रेम का प्रतीक है। मां सती राजा दक्ष की बेटी थीं, जिन्हें शिवजी और सती जी का रिश्ता पसंद नहीं था। इसी वजह से मां सती ने राजा दक्ष से सारे रिश्ते तोड़ दिए और उमानंद द्वीप पर आकर रहने लगीं। सती जी और भगवान शिव ने कई सालों तक इसी जगह अपना जीवन बिताया था। इसी वजह से कई सालों बाद 1694 में यहां शिव जी का मंदिर बनाया गया।

 

भस्माचल नाम से जुड़ी पौराणिक कथा

 

पौराणिक कथाओं के मुताबिक एक बार राजा दक्ष ने पूजा समारोह रखवाया था, जिसमें मां सती को भी बुलाया था, जबकि भगवान शिव जी को नहीं बुलाया गया था। जिस वजह से सती जी दुखी हुईं और शिव जी से इच्छा जताई कि वह पूजा समारोह में जाएं। शिव जी ने सती की बात मान ली। जिसके बाद दोनों दक्ष के घर पहुंचे तो राजा दक्ष शिव भगवान को देख आगबबूला हो गए। पूरे समारोह में उन्होंने शिव जी और सतीजी का अपमान किया। जिसके बाद सती जी शिव भगवान का अपमान सह नहीं पाईं और आत्महत्या कर ली।

 

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सती जी के बिछड़ने के बाद शिव भगवान बेहद दुखी रहने लगे थे। जिसे देख भगवान विष्णु जी ने कामदेव को उमानंद द्वीप भेजा। कामदेव उमानंद में आकर नृत्य करने लगे, ताकि शिव जी का मन शांत हो जाए। उसी वक्त भगवान शिव बेहद गुस्से में थे, तब उन्होंने कामदेव को भस्म कर दिया। जिसके बाद कामदेव का सुंदर स्वरूप हमेशा के लिए खत्म हो गया। इसी वजह से इस मंदिर को भस्माचल नाम से जाना जाता है।

 

कैसे जाएं उमानंद मंदिर?

 

उमानंद मंदिर जाने के लिए आपको ट्रेन, फ्लाइट या टैक्सी के जरिए असम के गुवाहाटी पहुंचना होगा। गुवाहाटी शहर से 7.4 किलोमीटर दूर ब्रह्मपुत्र नदी के पास आना होगा। जिसके बाद नाव में बैठकर उमानंद मंदिर पहुंचा जा सकता है।

 

डिस्क्लेमर – यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक कथाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि नहीं की जाती।

न एक मिसाइल दागी, न ड्रोन अटैक किया, UAE कैसे निकाल रहा ईरान से दुश्मनी


अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी की तड़के ईरान पर हमला किया था। कुछ घंटे बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू की। ईरान ने करीब 83 फीसदी मिसाइल और ड्रोन हमलों को खाड़ी सहयोग परिषद यानी जीसीसी देशों पर अंजाम दिया। कुछ हमले सऊदी अरब पर भी किए गए। हालांकि बाद में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने सऊदी समकक्ष से बात की और स्पष्ट किया कि इन हमलों के पीछे ईरान नहीं है। खाड़ी में सबसे अधिक ईरानी हमलों को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने झेला है। मगर ईरान ने उसके समक्ष ऐसा कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया।

 

भौगोलिक नजदीकी और राजनयिक संबंधों के कारण यूएई को सबसे अधिक मार झेलनी पड़ी है। ईरान तट से संयुक्त अरब अमीरात की सीमा बेहद करीब है। उसके इजरायल और अमेरिका के अच्छे संबंध हैं। यूएई खाड़ी का इकलौता देश है, जिसने इजरायल को मान्यता दे रखी है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि युद्ध के वक्त इजरायल ने अपने एयर डिफेंस सिस्टमों को यूएई में तैनात किया था। ईरान को अपने दुश्मन के साथ यूएई की यह नजदीकियां नहीं पसंद आई।

 

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एक वजह यह है कि ईरान दुनिया का सबसे अहम व्यापारिक केंद्र है। वैश्विक वित्तीय और पर्यटन केंद्र है। ईरान यहां हमला करके पूरी दुनिया में दहशत फैलाना चाहता है। यही कारण है कि यूएई को सबसे अधिक नुकसान भी पहुंचाया। हाल ही में मिडिल ईस्ट आई ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि ईरानी अधिकारियों ने सऊदी अरब से कहा था कि वह यूएई को कुचलने की योजना बना रहा है। 

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएई का प्रशासन ईरानी हमलों के खिलाफ आवाज न उठाने वाले अपने अरब सहयोगियों से नाराज है। यूएई अब ईरान के खिलाफ निर्णायक जंग चाहता है। पहले संयुक्त अरब अमीरात ने धैर्य का परिचय दिखाया। मगर अब खुलकर ईरान के खिलाफ आवाज उठाने लगा है। मार्च महीने में ही यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने ईरान को ‘दुश्मन’ बताया था और कहा कि उनका देश आसान शिकार नहीं है।

 

जंग शुरु होने के अगले दिन ही यूएई ने ईरान में अपना दूतावास बंद कर दिया था। सभी कर्मचारियों को बुला लिया था। अपने देश में स्थित ईरानी सांस्कृतिक केंद्रों और स्कूल को भी बंद कर दिया। यहां तक कि यूएई ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने में सैन्य सहयोग देने की भी बात कही थी।

 

ईरान का आरोप है कि यूएई की धरती से ईरान के सैन्य ठिकानों और बंदरगाहों पर हमला किया जा रहा है। हालांकि इन दावों का यूएई ने खंडन किया। धमकी भरे लहजे में ईरान ने कहा कि हम आपको (UAE) अमेरिका और इजरायल के सैन्य अड्डा नहीं बनन देंगे। संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गरगाश भी ईरान को अपने देश का मुख्य दुश्मन बता चुके हैं।

 

ईरान भले ही आज यूएई पर मिसाइलों की बारिश कर रहा, लेकिन यूएई उसके लिए एक अहम वाणिज्यिक केंद्र है। मौजूदा युद्ध ने दोनों देशों को संबंध तोड़ने की कगार पर पहुंच दिया है। इस बीच वीजा रद्द होने से यूएई में अपना व्यवसाय बनाने वाले लाखों ईरानी फंस चुके हैं।

 

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ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक यूएई में फंसे ईरानी नागरिकों को निकलने के लिए कुछ ही दिन का समय दिया गया। वहीं यूएई से किसी अन्य देश जाने वाले ईरानी नागरिकों को वापस आने नहीं दिया जा रहा है। यहां तक कि सामान लेने तक का भी समय नहीं दिया गया। यूएई के सरकार ने संपत्ति जब्त नहीं की। मगर कुछ ईरानी नागरिक अपनी संपत्ति का प्रबंधन नहीं कर सकते हैं। अन्य लोगों को विदेश में पैसा ट्रांसफर करने को कहा गया है।

 

चीन के बाद संयुक्त अरब अमीरात ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। यहां का जेबेल अली बंदरगाह वर्षों से ईरान का सबसे अहम वाणिज्यिक केंद्र है। ईरानी आयात और निर्यात का एक बड़ा हिस्सा यही से गुजरता है। मगर अब ईरान से जुड़े निर्यात ऑर्डरों को भी कैंसिल किया जा रहा है। दूसरी तरफ ईरानी अधिकारियों का भी मानना है कि अब यूएई के साथ उसके रिश्ते सामान्य नहीं होंगे। यही कारण है कि पाकिस्तान के बंदरगाह और कतर के हमाद पोर्ट को विकल्प के तौर पर ईरान देख रहा है। 

‘जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम’, NEET रद्द होने पर सरकार पर भड़के राहुल गांधी


NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद देश में सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राहुल ने तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृत काल अब देश के युवाओं के लिए विष काल में तब्दील हो चुका है। उन्होंने मोदी सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि बड़ी चोरी करने वाले को सरकार बड़ा इनाम देती है।

 

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि BJP सरकार उन लोगों को संरक्षण दे रही है जो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 22 लाख से अधिक छात्रों की कड़ी मेहनत, उनके सपने और परिवारों द्वारा दी गई कुर्बानियां इस भ्रष्ट व्यवस्था की भेंट चढ़ गई हैं। राहुल के अनुसार, यह केवल परीक्षा का रद्द होना नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के खिलाफ एक संगठित अपराध है।

 

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राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि आज शिक्षा व्यवस्था में मेहनत से ज्यादा पैसे और पहुंच का महत्व हो गया है। उन्होंने लिखा, ‘जिस बाजार में छात्रों के सपनों की नीलामी हो रही है, वहां सिर्फ एक नियम चलता है जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम।’ अपने इस पोस्ट में उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि एक काम कीजिए खुद Google कीजिए ‘NEET 2024 की भयंकर चोरी के दौरान NTA का DG कौन था और मोदी सरकार ने उसे आज कहां बैठाया है?’

एक और पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा, ‘परीक्षा नहीं, NEET अब नीलामी है। मोदी जी, जब आप अपनी हर नाकामी का बिल जनता पर डालते हैं, तो गरीब के बच्चों का भविष्य भी उसी बिल में आता है। 22 लाख बच्चों का भरोसा टूटा है। मोदी सरकार से बड़ा खतरा भारत के युवाओं के सपनों के लिए कोई नहीं।’ उन्होंने इस पोस्ट में आरोप लगाया कि कई सवाल परीक्षा से 42 घंटे पहले व्हाट्सएप पर बिक रहे थे।

 

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23 लाख छात्रों पर पड़ा असर

गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा में करीब 23 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा रद्द होने के बाद अब छात्रों के सामने दोबारा तैयारी करने की चुनौती खड़ी हो गई है। नई परीक्षा की तारीख और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी जल्द जारी की जाएगी। 

 

आपको बता दें कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को NEET UG 2026 परीक्षा रद्द करने का ऐलान किया। एजेंसी ने कहा कि पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं की शिकायतों के बाद यह फैसला लिया गया है। सरकार ने मामले की जांच के लिए CBI को जिम्मेदारी सौंपी है। NTA का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और छात्रों का भरोसा कायम रखने के लिए परीक्षा दोबारा कराई जाएगी।