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सावन का हर दिन सोमवार जितना ही क्यों पवित्र है? समझिए क्या होता है ‘शिव वास’


सनातन धर्म में सावन महीने को शिवभक्ति के लिए सबसे विशेष महीना माना जाता है। इस महीने लाखों भक्त न सिर्फ भगवान शिव की आराधना करते हैं, बल्कि सोमवार के दिन व्रत भी रखते हैं। कई लोगों का मानना है कि सावन के चार सोमवार बेहद खास होते हैं, जिस दिन भगवान शिव अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। जबकि धार्मिक मान्यता के मुताबिक, सावन महीने का हर दिन बेहद खास और पवित्र होता है।

 

धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन महीने में भगवान शिव से जुड़ी ऐसी घटनाएं हुई थीं, जो इस महीने को बेहद विशेष और पवित्र बनाती हैं। इसी वजह से एक तरफ कई भक्त भगवान शिव की पूजा करते हैं, तो वहीं कई लोग महामृत्युंजय जाप, रुद्राभिषेक और कीर्तन भी करते हैं। अब सवाल उठता है कि सावन महीने का हर दिन अपने आप में खास और पवित्र क्यों है? साथ ही यह भी सवाल उठता है कि शिव वास क्या होता है?

 

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सावन महीने का हर दिन क्यों है पवित्र

 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन महीने में भगवान शिव की कृपा सिर्फ सोमवार तक सीमित नहीं रहती। इस महीने भगवान शिव पृथ्वी लोक में निवास करते हैं, इसलिए इस महीने का हर दिन पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी महीने भगवान शिव अपने ससुराल हरिद्वार आते हैं। जब भगवान शिव पृथ्वी लोक में रहते हैं, तब वे हर दिन अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। इसी वजह से सिर्फ सोमवार ही नहीं, बल्कि सावन का हर दिन विशेष माना जाता है। इसके अलावा माना जाता है कि सावन का हर सोमवार एक अलग महत्व को दर्शाता है। अब सवाल उठता है कि शिव वास का अर्थ क्या है? आइए जानते हैं।

शिव वास का अर्थ 

 

धार्मिक ग्रंथ शिव पुराण के अनुसार, शिव वास का अर्थ है भगवान शिव का निवास स्थान। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भगवान शिव हर तिथि पर अलग-अलग स्थानों पर निवास करते हैं। माना जाता है कि इस दौरान भगवान शिव कभी कैलाश पर्वत पर विराजमान होते हैं, तो कभी नंदी भगवान पर सवार होते हैं।

 

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धार्मिक ग्रंथों मुताबिक, भगवान शिव अलग-अलग स्थानों पर निवास करते हैं। इसी आधार पर तय किया जाता है कि कोई तिथि कितनी शुभ है। शिव वास के आधार पर तिथि की गणना की जाती है। अगर गणना में दिन शुभ हो, तो उस दिन रुद्राभिषेक कराना बेहद फलदायी माना जाता है। इसी सिलसिले में नारद जी ने बताया है

 

कैलाशे लभते सौख्यं गौर्या च सुखसम्पदः।
वृषभेऽभीष्ट सिद्धिः सभायां संतापकारिणी।।
भोजने च भवेत् पीड़ा क्रीडायां कष्टमेव च।
श्मशाने मरणं ज्ञेयं फलमेवं विचारयेत्।।

 

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इस श्लोक का अर्थ है कि अगर भगवान शिव कैलाश पर्वत पर विराजमान हों, तो धार्मिक अनुष्ठान कराने से सुख-समृद्धि मिलती है। जब भगवान शिव माता गौरी के साथ विराजमान रहते हैं, तब धार्मिक कार्य करने पर संपत्ति और वैभव की प्राप्ति होती है। जब शिवजी नंदी भगवान पर सवार होते हैं, तब भक्तों को सिद्धि प्राप्त होती है। अगर भगवान शिव भोजन कर रहे हों, तब आराधना करना पीड़ादायक माना जाता है। वहीं जब शिवजी श्मशान में विराजमान हों, तब उस समय आराधना करना कष्टदायी माना गया है।

 

नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

ईरान ने पकड़े मोसाद के 30 एजेंट, इजरायल तक हड़कंप; दो को फांसी भी हो चुकी


इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने ईरान में अपनी जड़ें कभी अंदर तक जमा ली है। मोसाद के एजेंटों से मिली सटीक जानकारी ने तेहरान की शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने में मदद की। पूरे ईरान में मोसाद के एजेंटों का खौफ है। अब ईरान की सरकार इजरायल के एजेंटों को चुन-चुनकर खोज रही है। हाल ही में ईरान ने दावा किया कि उसने मोसाद से जुड़े 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। तेहरान के इंटेलिजेंस मंत्रालय ने इन्हें भाड़े का एजेंट बताया।

 

ईरान की सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB की रिपोर्ट के अनुसार सभी लोगों को दक्षिण-पूर्वी केरमान प्रांत में पकड़ा गया है। ईरान के इंटेलिजेंस मंत्रालय ने बताया कि 30 लोगों को इजरायल की मोसाद खुफिया एजेंसी से संबंध रखने और सैन्य और हवाई रक्षा स्थलों पर जानकारी इकट्ठा करने समेत विभिन्न आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के बीच हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों में इन लोगों ने हिस्सा लिया था।

 

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मोसाद का जासूस बता दो लोगों की दी फांसी

ईरान ने 3 अगस्त को ही इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में दो लोगों को फांसी दी। पिछले साल के विरोध प्रदर्शन और युद्ध के बीच ईरान में प्रदर्शनकारियों को लगातार फांसी दी जा रही है। ईरान की न्यायपालिका ने ओमिद बेहजाद और पूरिया सफवत को 3 अगस्त को फांसी दी। इससे पहले उन्हें मोसाद के लिए जासूसी करने का दोषी ठहराया। यह भी कहा गया कि इन लोगों ने मोसाद को संवेदनशील जानकारी भेजी।  

 

मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक दुनियाभर में चीन के बाद सबसे अधिक फांसी ईरान में दी जाती हैं। ईरान ह्यूमन राइट्स और टुगेदर अगेंस्ट द डेथ पेनल्टी की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान में पिछले साल कम से कम 1,639 लोगों को फांसी दी गई। यह 1989 के बाद से सबसे अधिक आंकड़ा है।

 

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प्रदर्शन में गई हजारों लोगों की जान

पिछले साल दिसंबर और इस साल जनवरी में ईरान में महंगाई के खिलाफ जनता का गुस्सा फूटा। 10 विश्वविद्यालयों के छात्रों समेत आम जनता सड़क पर उतर आई। हिंसक विरोध प्रदर्शन के खिलाफ ईरानी सुरक्षा बलों ने दमन का रास्ता चुना। कई पश्चिमी मानवाधिकार संगठनों ने दावा किया कि ईरानी बलों ने 30 से 60 हजार लोगों को मारा। हालांकि ईरान आधिकारिक तौर पर 3117 मौतों को स्वीकार करता है।

 

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने गुरुवार को एक इंटव्यू में कहा कि विरोध प्रदर्श के दौरान हजारों लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा कि 3000 लोगों की जान गई और आरोप लगाया कि देश के बाहर बैठे लोगों ने आंकड़े को 30 से 40 हजार कर दिया।

 

 

दोषी साबित हुए तरुण तेजपाल, बॉम्बे हाई कोर्ट ने पलटा निचली अदालत का फैसला

बॉम्बे हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए पत्रकार तरुण तेजपाल को दोषी करार दिया है। साल 2013 के यौन उत्पीड़न केस में निचली अदालत ने तरुण तेजपाल को बरी कर दिया था। एक जूनियर सहयोगी के यौन उत्पीड़न के आरोप में यह मुकदमा नवंबर 2013 में दर्ज कराया गया था। इसी मामले में मापुसा की सेशन्स कोर्ट ने साल 2021 में तरुण तेजपाल को बरी कर दिया था। इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी और अब लगभग 5 साल के बाद हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने इस पर अपना फैसला सुनाया है।

 

गुरुवार को हाई कोर्ट की गोवा बेंच की जस्टिस नीला गोखले और जस्टिस अमित जमसंदेकर की बेंच ने गोवा सरकार की ओर से दायक की गई याचिका पर सुनाई की। इस बेंच ने तरुण तेजपाल को आईपीसी की धारा 376 (2)F), 376 (2)(K), 354 (A) और 354 (B) के तहत रेप और यौन उत्पीड़न का दोषी पाया है। तरुण तेजपाल को क्या और कितनी सजा होगी इस पर अलग से सुनवाई होगी। 

 

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कोर्ट में क्या हुआ?

इस केस में तरुण तेजपाल के वकील आबाद पोंडा ने अपील की कि उनके क्लाइंट के प्रति थोड़ी रियायत बरती जाए और कम से कम 8 हफ्ते के लिए इस फैसले पर रोक लगा दी जाए। उन्होंने यह समय सुप्रीम कोट में अपील दायर करने के लिए मांगा है। उन्होंने दलील दी कि यह केस 13 साल पुराना है और तरुण तेजपाल के खिलाफ कोई  दूसरा मुकदमा या FIR तक नहीं है। सुनवाई के दौरान खुद तरुण तेजपाल भी कोर्ट में मौजूद थे।

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रियायत देने की मांग का विरोध करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गोवा सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा, ‘पीड़िता की उम्र उनकी बेटी के बराबर थी, फिर भी उन्होंने यह जुर्म किया। वह उसके लिए पिता समान थे और उन्होंने ऐसा किया इसलिए एक उदाहरण पेश करने की जरूरत है। पीड़िता ने बार-बार विरोध किया लेकिन उन्होंने दो दिन तक वही काम किया। कोर्ट को यह संदेश देना चाहिए कि जब लड़की ना कहती है तो उसका मतलब ना है। ना का मतलब ना है।’

 

मैं 62 साल का हूं और मेरा मानना है कि मैं पीड़त हूं। मेरी एक पत्नी है और मुझे इससे ज्यादा कुछ नहीं कहता है। मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि हम अपील करेंगे। कृपया मेरे प्रति थोड़ी नरमी बरती जाए। बाकी सारे तथ्य रिकॉर्ड पर रखे जा चुके हैं।

हाई कोर्ट में बोले तरुण तेजपाल

 

क्या है तरुण तेजपाल का केस?

साल 2013 में तरुण तेजपाल के साथ ही काम करने वाली एक महिला पत्रकार ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। पीड़िता के मुताबिक, 7 और 8 नवंबर 2013 को तरुण तेजपाल ने एक होटल की लिफ्ट में उनका यौन उत्पीड़न किया। 18 नवंबर को पीड़िता ने इसकी शिकायत तहलका की तत्कालीन मैनेजिंग एडिटर शोमा चौधरी से की थी। अगले दिन तरुण तेजपाल ने एक लंबा चौड़ा ईमेल लिखकर माफी मांगी थी।

 

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इस ईमेल में तरुण तेजपाल ने लिखा था, ‘मैं बिना शर्त माफी मांगता हूं कि मेरे कुछ शर्मिंदा कर देने वाले फैसलों के चलते मैंने 7 और 8 नवंबर 2013 को मैंने इस तरह की हरकत की। मुझे दुख है कि आपके इनकार करने के बावजूद मैंने ऐसा किया।’ इसी ईमेल के बाद तरुण तेजपाल ने 6 महीने के लिए एडिटर के पद से इस्तीफा दे दिया था ताकि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जा सके।

 

 

 

कितनी तरह का होता है ब्लड कैंसर, जिससे हुई प्रदीप रावत की मौत; जानिए लक्षण


वेटरन अभिनेता प्रदीप रावत ने 74 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। वह लंबे समय से ब्लड कैंसर से लड़ रहे थे। उनके निधन से पूरी इंडस्ट्री में शोक की लहर है। उन्होंने भिवंडी के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली। आइए इस गंभीर बीमारी के लक्षणों के बारे में जानते हैं।

 

भगवान महावीर कैंसर अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर के मुताबिक भारत में हर साल 70,000 मौतें ब्लड कैंसर से होती है और हर साल 1,00,000 नए मामले आते हैं। ब्लड कैंसर एक ग्रुप है जिसमें ब्लड, बोन मैरो और लिम्फेटिक सिस्टम प्रभावित होता है।

 

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ब्लड कैंसर के टाइप

ब्लड कैंसर तीन प्रकार का होता है।

 

ल्यूकेमिया
लिंफोमा
मल्टीपल मायलोमा

 

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम के मुताबिक बच्चों और युवाओं में ब्लड कैंसर आम है। हर ब्लड कैंसर अलग टाइप का होता है। कुछ धीरे धीरे बढ़ते हैं और सालों तक नहीं बदलते हैं। जबकि कुछ में बहुत तेजी से बदलाव होता है। कैंसर कितनी तेजी से फैलेगा और यह कितना खतरनाक है उसके टाइप पर निर्भर करता है। अगर कैंसर तेजी से फैल रहा है तो उसका इलाज तुरंत करवाएं।

ब्लड कैंसर के लक्षण

शुरुआत में ब्लड कैंसर के ज्यादातर लक्षण नजर नहीं आते हैं। 

  • बुखार का ठीक न होना
  • एकदम से वजन घटना
  • बहुत अधिक थकान महसूस होना
  • बार-बार इंफेक्शन होना 
  • रात में पसीना आना
  • लिंफ नोड्स में सूजन
  • आसानी से चोट लगना या खून बहना
  • हड्डियों में दर्द होना
  • कमजोरी महसूस होना

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इलाज

अगर आपके अंदर ये लक्षण दिख रहे हैं तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं। ब्लड कैंसर की पहचान करने के लिए ब्लड टेस्ट, बोन मैरो की जांच, इम्यूनोफेनोटाइपिंग, साइटोजेनेटिक एनालिसिस और मॉलिक्यूलर टेस्टिंग है। कुछ ऐसे ब्लड कैंसर होते हैं जिनके बारे में अगर शुरुआत में पता चल जाता है तो इसका इलाज मुमकिन है।

 

धनु को आराम, कन्या का होगा धन लाभ, आपका दिन कैसा रहेगा?


बुधवार का यह दिन कई लोगों के लिए मिला-जुला रहेगा, जबकि धनु और कन्या राशि के लोगों के लिए यह दिन सुखद रहेगा। हिन्दू पंचांग के मुताबिक आज अष्टमी तिथि  है। आज का मूलांक 5 है, जो ज्ञान, बुद्धि और व्यापार का अंक माना जाता है। ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो चंद्र देव आज मेष राशि में विराजमान रहेंगे, जबकि सूर्य देव कर्क राशि में अपनी ऊर्जा बिखेरेंगे। मूलांक 5 और चंद्रमा की चाल की वजह से आज बौद्धिक कार्यों और वित्तीय निर्णयों में लोगों को दुविधा नहीं रहेगी।

 

आज की ऊर्जा बहुत ही संतुलित रहेगी। मेष, धनु और कन्या राशि के लोगों के लिए यह दिन ऊर्जावान रहेगा। आज का मुख्य मंत्र है सोच-समझकर कदम बढ़ाना, जिससे लंबे समय से अटके हुए काम अचानक पूरे हो सकते हैं। कई लोगों को आज दूसरों से सही तरीके से बातचीत करनी होगी। ऑफिस में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। आज लोगों को अपने व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर लक्ष्यों के बीच सही संतुलन बनाने की जरूरत है। साथ ही यह दिन मानसिक शांति बढ़ाने के लिए भी बहुत शानदार है।

 

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राशिफल

 

मेष राशि


आज चंद्रमा आपकी राशि में विराजमान रहेंगे, जिससे आपका मन शांत रहेगा। साथ ही आज का दिन खुशहाल बीतेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। लव पार्टनर के साथ डिनर का प्लान बन सकता है, जिससे रिश्तों में ताजगी आएगी।
आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: जल्दबाजी में कोई बड़ा वित्तीय निर्णय लेने से बचें।


वृषभ राशि


आज आप पर भी चंद्रमा का प्रभाव रहेगा, जिससे आपका आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। बिजनेस में उम्मीद से अधिक मुनाफा होने की संभावना है। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। साथ ही लोग आपकी भावनाओं का सम्मान करेंगे।
आज क्या करें: दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: अपनी योजनाओं को किसी के साथ शेयर न करें।


मिथुन राशि


आज मूलांक 5 के सहयोग से आपको बिजनेस में लाभ मिलेगा। ऑफिस में आपके नए विचारों की सराहना होगी। विदेश से जुड़े व्यापार में अच्छे नतीजे मिलेंगे। लव लाइफ में छोटी-मोटी गलतफहमियां हो सकती हैं। बातचीत के दौरान सौम्यता बनाए रखें।
आज क्या करें: ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का जाप करें।
आज क्या न करें: किसी भी तरह के अनावश्यक वाद-विवाद में न पड़ें।

 

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कर्क राशि


आपकी राशि में सूर्य की उपस्थिति से ऊर्जा बनी रहेगी। अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में खुशहाली बनी रहेगी। साथ ही परिवार के साथ खुशनुमा समय बिताने का मौका मिलेगा।
आज क्या करें: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल चढ़ाएं।
आज क्या न करें: अपनी सेहत की अनदेखी न करें, खान-पान संतुलित रखें।


सिंह राशि


करियर के लिहाज से आज का दिन उपलब्धियों भरा रहेगा। शेयर बाजार या प्रॉपर्टी में निवेश से लाभ होने के संकेत हैं। पार्टनर के साथ अच्छा तालमेल रहेगा। शाम को परिवार के साथ किसी मांगलिक कार्यक्रम में जाने का अवसर मिलेगा, जिससे मन प्रसन्न रहेगा।
आज क्या करें: सूर्य देव को जल अर्पित करें।
आज क्या न करें: अपने स्वभाव में अहंकार या अति-आत्मविश्वास न आने दें।


कन्या राशि


आज आपकी काम करने की क्षमता में निखार आएगा। लंबे समय से रुका हुआ काम आज पूरा हो सकता है। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। लव लाइफ में मिठास बनी रहेगी। अपने पार्टनर के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करेंगे।
आज क्या करें: भगवान विष्णु की पूजा करें।
आज क्या न करें: काम के बोझ तले अपनी सेहत को अनदेखा न करें।


तुला राशि


नौकरी में सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा लेकिन वित्तीय मामलों में थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कोई भी नया बड़ा निवेश करने से पहले विशेषज्ञों की सलाह लें। जीवनसाथी का सहयोग आपको संबल प्रदान करेगा।
आज क्या करें: मां लक्ष्मी की आरती करें।
आज क्या न करें: अपनी निजी बातों को उजागर न करें।


वृश्चिक राशि


आज बिजनेस में आपको अच्छा मुनाफा होगा। नए ग्राहकों के साथ रिश्ते बेहतर होंगे। नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं तो आज अच्छे अवसर मिल सकते हैं। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। पार्टनर आपकी किसी समस्या को सुलझाने में मददगार साबित होगा।
आज क्या करें: सुंदरकांड का पाठ करें।
आज क्या न करें: भावुक होकर कोई भी फैसला न लें।


धनु राशि


आज आपको काम के बोझ से आराम मिलेगा। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिल सकती है। आज आप अपने लव पार्टनर के साथ कुछ समय बिता पाएंगे, जिससे आपका मन खुश होगा।
आज क्या करें: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।
आज क्या न करें: ऑफिस में दूसरों पर भरोसा करने से बचें।

 

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मकर राशि


विद्यार्थियों के लिए आज का दिन शानदार है। जो लोग नौकरी करते हैं, उनकी प्रतिभा देखकर सहकर्मी उनकी तारीफ करेंगे। धन लाभ के नए साधन खुलेंगे। प्रेम संबंधों में रोमांस और नयापन रहेगा। साथी के साथ बिताए गए पल यादगार रहेंगे।
आज क्या करें: शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
आज क्या न करें: अपने लक्ष्यों से भटकने से बचें, ध्यान केंद्रित रखें।


कुंभ राशि


रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा। ऑफिस में अच्छा काम कर पाएंगे, लेकिन काम का दबाव महसूस हो सकता है। परिवार और पार्टनर के साथ घर के कामों में व्यस्त रहेंगे।
आज क्या करें: महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें।
आज क्या न करें: पारिवारिक मामलों में गुस्सा या तीखी प्रतिक्रिया देने से बचें।


मीन राशि


आपकी लीडरशिप क्वालिटी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत रहेगी। नेटवर्किंग से व्यापार में बड़ा फायदा हो सकता है। रुका हुआ धन मिलने से आर्थिक स्थिति सुधरेगी। लव लाइफ बहुत ही खुशनुमा और उत्साहपूर्ण रहेगी।
आज क्या करें: चने की दाल और गुड़ का दान करें।
आज क्या न करें: किसी भी काम को कल पर टालने की गलती न करें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

 

बिना कपड़ों के TikTok लाइव, खुद को चाकू से छीला, अस्पताल पहुंचे पेरेज़ हिल्टन


मशहूर ब्लॉगर और मीडिया पर्सनैलिटी पेरेज़ हिल्टन एक बार फिर चर्चा में हैं। भारत के समयानुसार बुधवार की सुबह उन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया। पेरिज़ हिल्टन TikTok लाइव पर खुद को चाकू से छील रहे थे और लहूलुहान हो चुके थे। वीडियो पुलिस तक पहुंचा तो तुरंत उन्हें रेस्क्यू किया गया और अब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 48 साल के पेरेज़ मायामी में अपने घर में अकेले थे। उनकी टीम को भी इस बारे में कुछ नहीं पता है कि आखिर पेरेज़ ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है। कुछ महीनों पहले ही पेरेज़ ने अपनी खराब सेहत के बारे में कई अहम बातें बताई थीं।

 

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका वीडियो देखने के बाद कई लोगों ने पुलिस को फोन किया। इसी सूचना के बाद पुलिस की टीम उनके घर पहुंची और उन्हें रेस्क्यू किया। इससे पहले पुलिस की टीम ने पेरेज़ के परिवार से भी बात की। रेस्क्यू के बाद पेरेज़ को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है। उनके परिवार की मदद के लिए मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल्स को भी बुलाया गया है और काउंसलिंग कराई जा रही है।

कौन हैं पेरेज़ हिल्टन?

अमेरिका के मशहूर ब्लॉगर पिछले ढाई दशक से मीडिया में सक्रिय हैं। खुद को ‘ओरिजिन इन्फ्लुएंसर’ बताने वाले पेरेज़ अलग-अलग सेलिब्रिटी के बारे में रोचक लेख, उनके रिलेशनशिप के बारे में अनफिल्टर्ड लेख छापने के लिए मशहूर रहे हैं। कुछ घंटों पहले ही उनके X प्रोफाइल पर एक लेख शेयर किया गया है जिसमें इन्फ्लुएंसर  Joe Felz  की मौत पर उनकी गर्लफ्रेंड की प्रतिक्रिया छापी गई है। 

 

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बता दें कि पेरेज़ हिल्टन का असली नाम मारियो अरमांडो लावनडिएरा जूनियर है औ वह तीन बच्चों के बाप हैं। ये तीनों ही बच्चे सरोगेसी के जरिए पैदा हुए हैं।

क्यों उठाया ऐसा कदम?

अब उनकी इस हरकत के बारे में पेरेज़ हिल्टन के प्रतिनिधि और गोल्डेन आर्टिस्ट्स एंटरटेनमेंट के CO-SEO डेंट रस्किओलेली और रेबेका कोचन ने एक बयान जारी करके कहा है कि उन्हें इस घटना की जानकारी है लेकिन वे पेरेज़ से संपर्क नहीं कर पाए हैं। उन्होंने अपील की है कि पेरेज़ की प्राइवेसी का ख्याल रखा जाए।

 

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बता दें कुछ महीनों पहले ही पेरेज़ ने अपनी सेहत के बारे में बताया था कि मार्च में उनकी तबीयत बिगड़ी थी और वह 21 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे थे। पेरेज़ के मुताबिक, उन्हें फ्लू हुआ था लेकिन उन्होंने खाने के साथ दवा ही नहीं ली। इसके बाद पहले तो उन्हें अल्सर हुआ, फिर परफोरेशन और फिर सेप्सिस। इसके बाद उन्होंने कहा था कि अब वह हमेशा समय से और अपने परिवार के साथ खाना खाएंगे।   

Gen Z इवेंट में मोहन भागवत को बुला रहे ऋषभ शाह कौन हैं और IIMUN क्या है?


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 6 अगस्त को मुंबई में Gen Z और Gen Alpha से संवाद करेंगे।  इस कार्यक्रम में को लेकर काफी चर्चा हो रही है और यह ऐसे समय में हो रहा है जब देशभर में Gen Z सुर्खियों में है। इस कार्यक्रम का आयोजन IIMUN कर रहा है। आयोजकों के मुताबिक, यह पारंपरिक भाषण नहीं होगा, बल्कि यह दोहरा संवाद होगा, जिसमें Gen Z और Gen Alpha को प्रश्न पूछने का मौका भी दिया जाएगा। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, विरोध-प्रदर्शन और अन्य मुद्दों पर युवा सवाल कर पाएंगे। 

 

इस कार्यक्रम का आयोजन इंडियास इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशन्स (IIMUN) कर रहा है। IIMUN के संस्थापक और अक्ष्यक्ष ऋषभ शाह ने इस कार्यक्रम के बारे में न्यूज एजेंसी एएनआई से बात की और बताया कि यह उनका सालाना कार्यक्रम है। इस साल यह कार्यक्रम 6 से 9 अगस्त तक आयोजित होगा। यह कार्यक्रम 15 देशों के 108 शहरों में होने वाले आयोजनों का समापन है।

 

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पहले भी शामिल हुए हैं मोहन भागवत

ऋषभ शाह ने कहा कि मोहन भागवत इससे पहले भी 2016-17 और 2020-21 में IIMUN के कार्यक्रमों में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह सार्वजनिक कार्यक्रमों के साथ-साथ कई निजी कार्यक्रमों में भी शामिल हुए हैं और इस बार उनका यह तीसरा सार्वजनिक संबोधन होगा। इस बार खास बात यह है कि युवाओं के आग्रह पर इसे भाषण की जगह संवाद का रूप दिया गया है, ताकि अलग-अलग विषयों पर सीधे सवाल-जवाब हो सकें। 

कौन हैं ऋषभ शाह?

सरसंघचालक के इस कार्यक्रम में शामिल होने के कारण पूरे देश में इसकी चर्चा हो रही है। IIMUN के संस्थापक ऋषभ शाह के बारे में भी लोग जानना चाह रहे हैं। ऋषभ शाह IIMUN के संस्थापक और अध्यक्ष हैं। उन्होंने 2011 में इस संगठन की शुरुआत की थी। ऋषभ शाह  अक्सर मीडिया और राष्ट्रीय मंचों पर शिक्षा प्रणाली, बेरोजगारी और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषयों पर अपने विचार रखते नजर आते हैं। इसके साथ ही वह अपना पारिवारिक बिजनेस भी संभालते हैं और सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कई किताबें भी लिखी हैं। 

क्या है IIMUN?

संस्था का कहना है कि इसकी शुरुआत एक मॉडल यूनाइटेड नेशंस पहल के रूप में हुई थी, जो बाद में एक बड़े युवा आंदोनल में बन गए। IIMUN की वेबसाइट के मुताबिक, ऋषभ शाह कई कॉलेजों में विजिटिंग फैकल्टी भी रहे हैं। संगठन का दावा है कि इसके साथ जुड़े कई पूर्व छात्र आज राजनीति, प्रशासन, कानून, व्यवसाय, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

 

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क्या है IIMUN?

इंडियास इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशन्स यानी IIMUN एक इंटरनेशनल संस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य 13 से 22 साल की उम्र के युवाओं में कूटनीति और नेतृत्व कौशल विकसित करना है। यह स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN), नेतृत्व विकास कार्यक्रम, साहित्य उत्सव, स्टडी टूर और सामाजिक जागरूकता अभियानों का आयोजन करता है। 

 

संस्था का कहना है कि उसका उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व, संवाद, कूटनीति, आलोचनात्मक सोच और समस्या समाधान जैसी क्षमताओं को विकसित करना है। संगठन का दावा है कि इसके साथ जुड़े कई पूर्व छात्र आज राजनीति, प्रशासन, कानून, व्यवसाय, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। 

संघ प्रमुख देगें छात्रों के सवालों का जवाब

ऋषभ शाह के अनुसार, इस बार का कार्यक्रम 15 देशों के 108 शहरों में होने वाले आयोजनों का समापन है। उनके अनुसार, यह कार्यक्रम इसलिए अलग होगा क्योंकि इसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत युवाओं के सवालों का सीधा जवाब देंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए छात्रों से पहले ही विभिन्न विषयों पर सवाल मंगवाए गए हैं। उनका कहना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, विरोध-प्रदर्शन और समकालीन मुद्दों से जुड़े सवाल कार्यक्रम में रखे जाएंगे। आयोजकों को उम्मीद है कि सरसंघचालक इन सभी विषयों पर खुलकर अपनी बात रखेंगे। 

बारिश में पकौड़े, समोसे खाने पर भी नहीं बढ़ेगा वजन, घर पर करें ये एक्सरसाइज

बारिश के मौसम में लोग चाय, पकौड़ा और समोसा खाना पसंद करते हैं। खासतौर से शाम के समय में अनहेल्दी चीजों को खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है। अगर आप वजन घटाना चाहते हैं तो खान पान पर ध्यान देने के साथ-साथ एक्सरसाइज को बिल्कुल मिस न करें। इसके अलावा कार्डियो एक्सरसाइज भी कर सकते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाता है, मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है, चोट लगने से बचाता है और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।

 

कई लोग बारिश के मौसम में जिम नहीं जा पाते हैं। अगर आप भी इस बात से परेशान है तो हम आपको कुछ आसान इंडोर एक्सरसाइज बता रहे हैं जिसे आप आसानी से घर के अंदर कर सकते हैं। इन एक्सरसाइज को करने से कैलोरी भी बर्न होगी और फिट भी रहेंगे। 

 

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घर पर करें ये एक्सरसाइज

बॉडीवेट स्क्वैट्स

 

 

अपने पैरों के कूल्हे या कंधे की चौड़ाई के बराबरा दूरी पर खड़े हो।
अपने शोल्डर को हल्का छोडे़ें।
गहरी सांस लें और कोर (मांसपेशियों) को टाइट करें और फिर पीछे की ओर झुकें जैसे किसी कुर्सी पर बैठे हो।
जब आपके पैर 90 डिग्री का कोण बना लें फिर अपने शुरुआती स्थिति में आ जाएं। इस एक्सरसाइज को फिर से दोहराएं।

 

डंबल उठाना

 

यह प्रभावी एक्सरसाइज है जो आपके पॉश्चर के लिए बहुत फायदेमंद है। यह एक्सरसाइज कर्ल्स, शोल्डर प्रेसेज और लंज जैसे मूवमेंट्स के लिए अच्छा है। हमेशा अपने हिसाब से वेट उठाएं।

 

पुश अप्स

 

पुश  अप्स के लिए अपने कंधों को अपनी कलाइयों के ऊपर रखें। अपने पैरों को कंधों की चौड़ाई के बराबर दूरी तक खोल कर रखें और अपनी पेट की मांसपेशियों को टाइट रखते हुए कूल्हों को अंदर की ओर खींच कर रखें। अपने शरीर को तब तक नीचे लें जाए जब तक कोहनियां 90 डिग्री का एंगल न बना लें। अपने शरीर को कुछ देर के लिए होल्ड करके रखें और फिर से रेस्ट की पोजिशन में आएं। इस एक्सरसाइज को 10 से 15 मिनट तक करना है।

 

 

ग्लूट ब्रिज

 

पीठ के बल लेट जाएं और अपने घुटनों को एक सीध में रखें और पेट की मांसपेशियों को टाइट करें। अपने पैरों से जमीन पर प्रेशर डाले और हिप्स को ऊपर की तरफ उठाएं। इस दौरान हिप्स की मांसपेशियों को टाइट करें। फिर से रेस्ट की पॉजिशन में आए औ इस एक्सरसाइज को दोहाराएं।

 

3-3-3 रूल फॉलो करें

 

हेल्दी रहने के लिए 3-3-3 रूल फॉलो करें। इसके लिए संतुलित आहार लें। खासतौर से इस मौसम में बाहर का जंक फूड खाने से परहेज करें। ऐसा करने से बीमारियों से दूर रहेंगे।

संतुलित आहार लें।
खाने की मात्रा का ध्यान रखें।
लगातार एक्सरसाइज करें।

क्या भाग्य नहीं, कर्म से बदलता है भविष्य? भगवद्गीता और गरुड़ पुराण से समझिए


हिन्दू धर्म ग्रंथों में साफ तौर पर लिखा है कि व्यक्ति का कर्म ही उसका धर्म है। जो व्यक्ति अपने कर्म का पालन नहीं करता, वह अपने धर्म का भी पालन नहीं कर रहा होता। इसके विपरीत कई लोगों का मानना है कि व्यक्ति के भाग्य में जो पहले से लिखा है, वही होकर रहेगा यानी व्यक्ति किसी चीज को पाने के लिए कितनी भी मेहनत क्यों न करे, उसे जीवन में वही मिलेगा जो उसके भाग्य में लिखा है। इसी वजह से मन में यह सवाल उठता है कि जीवन कर्म से या भाग्य से बदलता है।

 

हिन्दू धर्म में भगवद्गीता और गरुड़ पुराण को बेहद महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है। इनमें दिए गए उपदेशों और शिक्षाओं के आधार पर व्यक्ति अपने जीवन से जुड़े कई सवालों के उत्तर जान सकता है। इसी सिलसिले में कर्म और भाग्य को लेकर इन दोनों ग्रंथों में कई बातें बताई गई हैं, जिनके जरिए आप समझ सकते हैं कि व्यक्ति का भविष्य कर्म से बदलता है या किस्मत से। आइए जानते हैं कि भगवद्गीता और गरुड़ पुराण में क्या कहा गया है।

 

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 क्या है कर्म और भाग्य?

 

अक्सर जब व्यक्ति के साथ कुछ बुरा होता है, तो वह अपने कर्मों के बजाय भाग्य को दोषी ठहराता है। वह सोचता है कि यह चीज उसके भाग्य में नहीं लिखी थी, इसलिए उसे नहीं मिल पाई। लेकिन इस सोच के विपरीत भगवद्गीता में बताया गया है कि व्यक्ति कर्म करने के लिए बाध्य है, वह कभी भी कर्म किए बिना नहीं रह सकता।

 

भगवद्गीता में श्रीकृष्ण ने बताया है कि भाग्य कोई स्थायी नियति नहीं है। इसके बजाय व्यक्ति का भाग्य उसके पिछले जन्म के कर्मों के आधार पर बनता है। यानी इस जन्म का भाग्य, पिछले जन्म के कर्मों का फल है। इसी संदर्भ में श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा कि व्यक्ति को अपने कर्म पर ध्यान देना चाहिए, न कि उसके फल की चिंता करनी चाहिए। यही बात इस श्लोक में कही गई है

 

‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।’

 

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इस श्लोक का अर्थ है कि व्यक्ति का अधिकार केवल कर्म करने पर है, फल पर नहीं। इसका गहरा अर्थ यह है कि हम वर्तमान में जो कर्म करते हैं, वही भविष्य में हमारा भाग्य बनाते हैं।

 

गरुड़ पुराण में क्या लिखा है?

 

गरुड़ पुराण हिन्दू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक है। इसमें भी बताया गया है कि व्यक्ति के इस जन्म के कर्म ही अगले जन्म का भाग्य बनते हैं। यानी इस जन्म का भाग्य, पिछले जन्म के कर्मों का परिणाम है। इन्हीं कर्मों का फल व्यक्ति को मृत्यु के बाद भी भुगतना पड़ता है। इन्हीं कर्मों के आधार पर न केवल अगले जन्म का भाग्य तय होता है, बल्कि मृत्यु के बाद व्यक्ति को स्वर्ग या नरक की प्राप्ति भी होती है। अगर व्यक्ति के कर्म बुरे हैं, तो उसे अगले जन्म में उनके परिणाम भुगतने पड़ते हैं।

 

कर्म से बदलता है भविष्य?

हिन्दू धर्म के ग्रंथ भगवद्गीता और गरुड़ पुराण के अनुसार, व्यक्ति अपने कर्मों के आधार पर अपना भविष्य बदल सकता है क्योंकि भाग्य भी कर्मों के आधार पर ही बनता है। यदि व्यक्ति अच्छे कर्म नहीं करेगा, तो उसका भाग्य भी अच्छा नहीं होगा। इसलिए इन ग्रंथों में कर्म को भाग्य से अधिक महत्वपूर्ण माना गया है।

‘ट्रंप की मौत हुई तो फ्री बीयर पिलाऊंगा’, ऐसा एलान करने वाले का लाइसेंस कैंसल


अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य की मनोक्वा ब्रूइंग कंपनी एक बार फिर विवादों में घिर गई है। कंपनी के मालिक किर्क बैंगस्टैड ने हाल ही में एलान किया था कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौत होती है तो वह लोगों को मुफ्त बीयर देंगे। अब इस बयान के बाद उनकी कंपनी पर सरकारी कार्रवाई हुई है। राज्य सरकार ने ब्रुअरी का लाइसेंस रद्द करने का आदेश जारी कर दिया है। इस पर बैंगस्टैड का कहना है कि यह फैसला गलत है और वह इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

 

मिलवॉकी जर्नल सेंटिनल की रिपोर्ट के मुताबिक, विस्कॉन्सिन के राजस्व विभाग ने मिनोक्वा ब्रूइंग कंपनी की दो ब्रुअरी के बीयर बनाने के परमिट और एक शराब गोदाम का लाइसेंस रद्द कर दिया है। हालांकि, अगर कंपनी के मालिक किर्क बैंगस्टैड तय समय के अंदर इस फैसले को चुनौती देते हुए अपील करते हैं तो उस पर अंतिम फैसला आने तक उनकी ब्रुअरी पहले की तरह चलती रहेगी।

 

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यह पूरा विवाद कैसे शुरू हुआ?

पूरा विवाद जून में शुरू हुआ था, जब राज्य के अधिकारियों ने कंपनी की डिब्बाबंद बीयर जब्त कर ली थी। अधिकारियों का आरोप है कि यह बीयर इलिनॉय से बिना जरूरी परमिट और टैक्स चुकाए विस्कॉन्सिन लाई गई थी। इसी नियम उल्लंघन को आधार बनाकर विभाग ने लाइसेंस रद्द करने का फैसला लिया। बैंगस्टैड ने अपने समर्थकों को भेजे गए न्यूजलेटर और सोशल मीडिया पोस्ट में सरकारी कर्रवाई को अत्यधिक कठोर बताते हुए कहा कि मामूली प्रशासनिक आरोपों के लिए इतनी बड़ी सजा देना उचित नहीं है।

 

किर्क बैंगस्टैड ने साफ कहा है कि वह किसी भी कीमत पर अपनी ब्रुअरी बंद नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा, ‘मुझे मेरे टैपरूम से जबरन बाहर निकालना पड़ेगा तभी मैं बीयर बेचना बंद करूंगा।’ दूसरी ओर, विस्कॉन्सिन डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू का कहना है कि उसका दायित्व राज्य के शराब और कर संबंधी कानूनों का पालन सुनिश्चित कराना है। यदि कोई लाइसेंसधारी नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करना विभाग की जिम्मेदारी है।

 

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पहले भी विवादों में रह चुके हैं बैंगस्टैड

मिनोक्वा ब्रूइंग कंपनी अपनी राजनितिक सक्रियता के लिए भी जानी जाती है। कंपनी बर्नी ब्रू, टैमी शैंडी और एओसी आईपीए जैसे राजनीतिक नामों वाली बीयर बेचती है। इसी वर्ष बैंगस्टैड ने विस्कॉन्सिन के गवर्नर पद का चुनाव लड़ने की कोशिश की थी लेकिन पर्याप्त वैध सिग्नेचर नहीं होने के कराण उनका नाम मतपत्र में शामिल नहीं हो सका। अप्रैल में भी वह उस समय विवादों में आ गए थे जब ट्रंप पर हुए हमले के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर फ्री बीयर डे को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इस पोस्ट के बाद अमेरिकी FBI और सीक्रेट सर्विस ने उनसे पूछताछ की थी और उनकी टिप्पणी की आलोचना हुई थी।