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धनु को आराम, कन्या का होगा धन लाभ, आपका दिन कैसा रहेगा?


बुधवार का यह दिन कई लोगों के लिए मिला-जुला रहेगा, जबकि धनु और कन्या राशि के लोगों के लिए यह दिन सुखद रहेगा। हिन्दू पंचांग के मुताबिक आज अष्टमी तिथि  है। आज का मूलांक 5 है, जो ज्ञान, बुद्धि और व्यापार का अंक माना जाता है। ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो चंद्र देव आज मेष राशि में विराजमान रहेंगे, जबकि सूर्य देव कर्क राशि में अपनी ऊर्जा बिखेरेंगे। मूलांक 5 और चंद्रमा की चाल की वजह से आज बौद्धिक कार्यों और वित्तीय निर्णयों में लोगों को दुविधा नहीं रहेगी।

 

आज की ऊर्जा बहुत ही संतुलित रहेगी। मेष, धनु और कन्या राशि के लोगों के लिए यह दिन ऊर्जावान रहेगा। आज का मुख्य मंत्र है सोच-समझकर कदम बढ़ाना, जिससे लंबे समय से अटके हुए काम अचानक पूरे हो सकते हैं। कई लोगों को आज दूसरों से सही तरीके से बातचीत करनी होगी। ऑफिस में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। आज लोगों को अपने व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर लक्ष्यों के बीच सही संतुलन बनाने की जरूरत है। साथ ही यह दिन मानसिक शांति बढ़ाने के लिए भी बहुत शानदार है।

 

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राशिफल

 

मेष राशि


आज चंद्रमा आपकी राशि में विराजमान रहेंगे, जिससे आपका मन शांत रहेगा। साथ ही आज का दिन खुशहाल बीतेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। लव पार्टनर के साथ डिनर का प्लान बन सकता है, जिससे रिश्तों में ताजगी आएगी।
आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: जल्दबाजी में कोई बड़ा वित्तीय निर्णय लेने से बचें।


वृषभ राशि


आज आप पर भी चंद्रमा का प्रभाव रहेगा, जिससे आपका आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। बिजनेस में उम्मीद से अधिक मुनाफा होने की संभावना है। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। साथ ही लोग आपकी भावनाओं का सम्मान करेंगे।
आज क्या करें: दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: अपनी योजनाओं को किसी के साथ शेयर न करें।


मिथुन राशि


आज मूलांक 5 के सहयोग से आपको बिजनेस में लाभ मिलेगा। ऑफिस में आपके नए विचारों की सराहना होगी। विदेश से जुड़े व्यापार में अच्छे नतीजे मिलेंगे। लव लाइफ में छोटी-मोटी गलतफहमियां हो सकती हैं। बातचीत के दौरान सौम्यता बनाए रखें।
आज क्या करें: ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का जाप करें।
आज क्या न करें: किसी भी तरह के अनावश्यक वाद-विवाद में न पड़ें।

 

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कर्क राशि


आपकी राशि में सूर्य की उपस्थिति से ऊर्जा बनी रहेगी। अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में खुशहाली बनी रहेगी। साथ ही परिवार के साथ खुशनुमा समय बिताने का मौका मिलेगा।
आज क्या करें: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल चढ़ाएं।
आज क्या न करें: अपनी सेहत की अनदेखी न करें, खान-पान संतुलित रखें।


सिंह राशि


करियर के लिहाज से आज का दिन उपलब्धियों भरा रहेगा। शेयर बाजार या प्रॉपर्टी में निवेश से लाभ होने के संकेत हैं। पार्टनर के साथ अच्छा तालमेल रहेगा। शाम को परिवार के साथ किसी मांगलिक कार्यक्रम में जाने का अवसर मिलेगा, जिससे मन प्रसन्न रहेगा।
आज क्या करें: सूर्य देव को जल अर्पित करें।
आज क्या न करें: अपने स्वभाव में अहंकार या अति-आत्मविश्वास न आने दें।


कन्या राशि


आज आपकी काम करने की क्षमता में निखार आएगा। लंबे समय से रुका हुआ काम आज पूरा हो सकता है। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। लव लाइफ में मिठास बनी रहेगी। अपने पार्टनर के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करेंगे।
आज क्या करें: भगवान विष्णु की पूजा करें।
आज क्या न करें: काम के बोझ तले अपनी सेहत को अनदेखा न करें।


तुला राशि


नौकरी में सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा लेकिन वित्तीय मामलों में थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कोई भी नया बड़ा निवेश करने से पहले विशेषज्ञों की सलाह लें। जीवनसाथी का सहयोग आपको संबल प्रदान करेगा।
आज क्या करें: मां लक्ष्मी की आरती करें।
आज क्या न करें: अपनी निजी बातों को उजागर न करें।


वृश्चिक राशि


आज बिजनेस में आपको अच्छा मुनाफा होगा। नए ग्राहकों के साथ रिश्ते बेहतर होंगे। नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं तो आज अच्छे अवसर मिल सकते हैं। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। पार्टनर आपकी किसी समस्या को सुलझाने में मददगार साबित होगा।
आज क्या करें: सुंदरकांड का पाठ करें।
आज क्या न करें: भावुक होकर कोई भी फैसला न लें।


धनु राशि


आज आपको काम के बोझ से आराम मिलेगा। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिल सकती है। आज आप अपने लव पार्टनर के साथ कुछ समय बिता पाएंगे, जिससे आपका मन खुश होगा।
आज क्या करें: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।
आज क्या न करें: ऑफिस में दूसरों पर भरोसा करने से बचें।

 

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मकर राशि


विद्यार्थियों के लिए आज का दिन शानदार है। जो लोग नौकरी करते हैं, उनकी प्रतिभा देखकर सहकर्मी उनकी तारीफ करेंगे। धन लाभ के नए साधन खुलेंगे। प्रेम संबंधों में रोमांस और नयापन रहेगा। साथी के साथ बिताए गए पल यादगार रहेंगे।
आज क्या करें: शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
आज क्या न करें: अपने लक्ष्यों से भटकने से बचें, ध्यान केंद्रित रखें।


कुंभ राशि


रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा। ऑफिस में अच्छा काम कर पाएंगे, लेकिन काम का दबाव महसूस हो सकता है। परिवार और पार्टनर के साथ घर के कामों में व्यस्त रहेंगे।
आज क्या करें: महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें।
आज क्या न करें: पारिवारिक मामलों में गुस्सा या तीखी प्रतिक्रिया देने से बचें।


मीन राशि


आपकी लीडरशिप क्वालिटी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत रहेगी। नेटवर्किंग से व्यापार में बड़ा फायदा हो सकता है। रुका हुआ धन मिलने से आर्थिक स्थिति सुधरेगी। लव लाइफ बहुत ही खुशनुमा और उत्साहपूर्ण रहेगी।
आज क्या करें: चने की दाल और गुड़ का दान करें।
आज क्या न करें: किसी भी काम को कल पर टालने की गलती न करें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

 

बिना कपड़ों के TikTok लाइव, खुद को चाकू से छीला, अस्पताल पहुंचे पेरेज़ हिल्टन


मशहूर ब्लॉगर और मीडिया पर्सनैलिटी पेरेज़ हिल्टन एक बार फिर चर्चा में हैं। भारत के समयानुसार बुधवार की सुबह उन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया। पेरिज़ हिल्टन TikTok लाइव पर खुद को चाकू से छील रहे थे और लहूलुहान हो चुके थे। वीडियो पुलिस तक पहुंचा तो तुरंत उन्हें रेस्क्यू किया गया और अब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 48 साल के पेरेज़ मायामी में अपने घर में अकेले थे। उनकी टीम को भी इस बारे में कुछ नहीं पता है कि आखिर पेरेज़ ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है। कुछ महीनों पहले ही पेरेज़ ने अपनी खराब सेहत के बारे में कई अहम बातें बताई थीं।

 

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका वीडियो देखने के बाद कई लोगों ने पुलिस को फोन किया। इसी सूचना के बाद पुलिस की टीम उनके घर पहुंची और उन्हें रेस्क्यू किया। इससे पहले पुलिस की टीम ने पेरेज़ के परिवार से भी बात की। रेस्क्यू के बाद पेरेज़ को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है। उनके परिवार की मदद के लिए मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल्स को भी बुलाया गया है और काउंसलिंग कराई जा रही है।

कौन हैं पेरेज़ हिल्टन?

अमेरिका के मशहूर ब्लॉगर पिछले ढाई दशक से मीडिया में सक्रिय हैं। खुद को ‘ओरिजिन इन्फ्लुएंसर’ बताने वाले पेरेज़ अलग-अलग सेलिब्रिटी के बारे में रोचक लेख, उनके रिलेशनशिप के बारे में अनफिल्टर्ड लेख छापने के लिए मशहूर रहे हैं। कुछ घंटों पहले ही उनके X प्रोफाइल पर एक लेख शेयर किया गया है जिसमें इन्फ्लुएंसर  Joe Felz  की मौत पर उनकी गर्लफ्रेंड की प्रतिक्रिया छापी गई है। 

 

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बता दें कि पेरेज़ हिल्टन का असली नाम मारियो अरमांडो लावनडिएरा जूनियर है औ वह तीन बच्चों के बाप हैं। ये तीनों ही बच्चे सरोगेसी के जरिए पैदा हुए हैं।

क्यों उठाया ऐसा कदम?

अब उनकी इस हरकत के बारे में पेरेज़ हिल्टन के प्रतिनिधि और गोल्डेन आर्टिस्ट्स एंटरटेनमेंट के CO-SEO डेंट रस्किओलेली और रेबेका कोचन ने एक बयान जारी करके कहा है कि उन्हें इस घटना की जानकारी है लेकिन वे पेरेज़ से संपर्क नहीं कर पाए हैं। उन्होंने अपील की है कि पेरेज़ की प्राइवेसी का ख्याल रखा जाए।

 

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बता दें कुछ महीनों पहले ही पेरेज़ ने अपनी सेहत के बारे में बताया था कि मार्च में उनकी तबीयत बिगड़ी थी और वह 21 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे थे। पेरेज़ के मुताबिक, उन्हें फ्लू हुआ था लेकिन उन्होंने खाने के साथ दवा ही नहीं ली। इसके बाद पहले तो उन्हें अल्सर हुआ, फिर परफोरेशन और फिर सेप्सिस। इसके बाद उन्होंने कहा था कि अब वह हमेशा समय से और अपने परिवार के साथ खाना खाएंगे।   

Gen Z इवेंट में मोहन भागवत को बुला रहे ऋषभ शाह कौन हैं और IIMUN क्या है?


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 6 अगस्त को मुंबई में Gen Z और Gen Alpha से संवाद करेंगे।  इस कार्यक्रम में को लेकर काफी चर्चा हो रही है और यह ऐसे समय में हो रहा है जब देशभर में Gen Z सुर्खियों में है। इस कार्यक्रम का आयोजन IIMUN कर रहा है। आयोजकों के मुताबिक, यह पारंपरिक भाषण नहीं होगा, बल्कि यह दोहरा संवाद होगा, जिसमें Gen Z और Gen Alpha को प्रश्न पूछने का मौका भी दिया जाएगा। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, विरोध-प्रदर्शन और अन्य मुद्दों पर युवा सवाल कर पाएंगे। 

 

इस कार्यक्रम का आयोजन इंडियास इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशन्स (IIMUN) कर रहा है। IIMUN के संस्थापक और अक्ष्यक्ष ऋषभ शाह ने इस कार्यक्रम के बारे में न्यूज एजेंसी एएनआई से बात की और बताया कि यह उनका सालाना कार्यक्रम है। इस साल यह कार्यक्रम 6 से 9 अगस्त तक आयोजित होगा। यह कार्यक्रम 15 देशों के 108 शहरों में होने वाले आयोजनों का समापन है।

 

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पहले भी शामिल हुए हैं मोहन भागवत

ऋषभ शाह ने कहा कि मोहन भागवत इससे पहले भी 2016-17 और 2020-21 में IIMUN के कार्यक्रमों में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह सार्वजनिक कार्यक्रमों के साथ-साथ कई निजी कार्यक्रमों में भी शामिल हुए हैं और इस बार उनका यह तीसरा सार्वजनिक संबोधन होगा। इस बार खास बात यह है कि युवाओं के आग्रह पर इसे भाषण की जगह संवाद का रूप दिया गया है, ताकि अलग-अलग विषयों पर सीधे सवाल-जवाब हो सकें। 

कौन हैं ऋषभ शाह?

सरसंघचालक के इस कार्यक्रम में शामिल होने के कारण पूरे देश में इसकी चर्चा हो रही है। IIMUN के संस्थापक ऋषभ शाह के बारे में भी लोग जानना चाह रहे हैं। ऋषभ शाह IIMUN के संस्थापक और अध्यक्ष हैं। उन्होंने 2011 में इस संगठन की शुरुआत की थी। ऋषभ शाह  अक्सर मीडिया और राष्ट्रीय मंचों पर शिक्षा प्रणाली, बेरोजगारी और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषयों पर अपने विचार रखते नजर आते हैं। इसके साथ ही वह अपना पारिवारिक बिजनेस भी संभालते हैं और सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कई किताबें भी लिखी हैं। 

क्या है IIMUN?

संस्था का कहना है कि इसकी शुरुआत एक मॉडल यूनाइटेड नेशंस पहल के रूप में हुई थी, जो बाद में एक बड़े युवा आंदोनल में बन गए। IIMUN की वेबसाइट के मुताबिक, ऋषभ शाह कई कॉलेजों में विजिटिंग फैकल्टी भी रहे हैं। संगठन का दावा है कि इसके साथ जुड़े कई पूर्व छात्र आज राजनीति, प्रशासन, कानून, व्यवसाय, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

 

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क्या है IIMUN?

इंडियास इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशन्स यानी IIMUN एक इंटरनेशनल संस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य 13 से 22 साल की उम्र के युवाओं में कूटनीति और नेतृत्व कौशल विकसित करना है। यह स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN), नेतृत्व विकास कार्यक्रम, साहित्य उत्सव, स्टडी टूर और सामाजिक जागरूकता अभियानों का आयोजन करता है। 

 

संस्था का कहना है कि उसका उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व, संवाद, कूटनीति, आलोचनात्मक सोच और समस्या समाधान जैसी क्षमताओं को विकसित करना है। संगठन का दावा है कि इसके साथ जुड़े कई पूर्व छात्र आज राजनीति, प्रशासन, कानून, व्यवसाय, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। 

संघ प्रमुख देगें छात्रों के सवालों का जवाब

ऋषभ शाह के अनुसार, इस बार का कार्यक्रम 15 देशों के 108 शहरों में होने वाले आयोजनों का समापन है। उनके अनुसार, यह कार्यक्रम इसलिए अलग होगा क्योंकि इसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत युवाओं के सवालों का सीधा जवाब देंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए छात्रों से पहले ही विभिन्न विषयों पर सवाल मंगवाए गए हैं। उनका कहना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, विरोध-प्रदर्शन और समकालीन मुद्दों से जुड़े सवाल कार्यक्रम में रखे जाएंगे। आयोजकों को उम्मीद है कि सरसंघचालक इन सभी विषयों पर खुलकर अपनी बात रखेंगे। 

बारिश में पकौड़े, समोसे खाने पर भी नहीं बढ़ेगा वजन, घर पर करें ये एक्सरसाइज

बारिश के मौसम में लोग चाय, पकौड़ा और समोसा खाना पसंद करते हैं। खासतौर से शाम के समय में अनहेल्दी चीजों को खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है। अगर आप वजन घटाना चाहते हैं तो खान पान पर ध्यान देने के साथ-साथ एक्सरसाइज को बिल्कुल मिस न करें। इसके अलावा कार्डियो एक्सरसाइज भी कर सकते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाता है, मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है, चोट लगने से बचाता है और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।

 

कई लोग बारिश के मौसम में जिम नहीं जा पाते हैं। अगर आप भी इस बात से परेशान है तो हम आपको कुछ आसान इंडोर एक्सरसाइज बता रहे हैं जिसे आप आसानी से घर के अंदर कर सकते हैं। इन एक्सरसाइज को करने से कैलोरी भी बर्न होगी और फिट भी रहेंगे। 

 

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घर पर करें ये एक्सरसाइज

बॉडीवेट स्क्वैट्स

 

 

अपने पैरों के कूल्हे या कंधे की चौड़ाई के बराबरा दूरी पर खड़े हो।
अपने शोल्डर को हल्का छोडे़ें।
गहरी सांस लें और कोर (मांसपेशियों) को टाइट करें और फिर पीछे की ओर झुकें जैसे किसी कुर्सी पर बैठे हो।
जब आपके पैर 90 डिग्री का कोण बना लें फिर अपने शुरुआती स्थिति में आ जाएं। इस एक्सरसाइज को फिर से दोहराएं।

 

डंबल उठाना

 

यह प्रभावी एक्सरसाइज है जो आपके पॉश्चर के लिए बहुत फायदेमंद है। यह एक्सरसाइज कर्ल्स, शोल्डर प्रेसेज और लंज जैसे मूवमेंट्स के लिए अच्छा है। हमेशा अपने हिसाब से वेट उठाएं।

 

पुश अप्स

 

पुश  अप्स के लिए अपने कंधों को अपनी कलाइयों के ऊपर रखें। अपने पैरों को कंधों की चौड़ाई के बराबर दूरी तक खोल कर रखें और अपनी पेट की मांसपेशियों को टाइट रखते हुए कूल्हों को अंदर की ओर खींच कर रखें। अपने शरीर को तब तक नीचे लें जाए जब तक कोहनियां 90 डिग्री का एंगल न बना लें। अपने शरीर को कुछ देर के लिए होल्ड करके रखें और फिर से रेस्ट की पोजिशन में आएं। इस एक्सरसाइज को 10 से 15 मिनट तक करना है।

 

 

ग्लूट ब्रिज

 

पीठ के बल लेट जाएं और अपने घुटनों को एक सीध में रखें और पेट की मांसपेशियों को टाइट करें। अपने पैरों से जमीन पर प्रेशर डाले और हिप्स को ऊपर की तरफ उठाएं। इस दौरान हिप्स की मांसपेशियों को टाइट करें। फिर से रेस्ट की पॉजिशन में आए औ इस एक्सरसाइज को दोहाराएं।

 

3-3-3 रूल फॉलो करें

 

हेल्दी रहने के लिए 3-3-3 रूल फॉलो करें। इसके लिए संतुलित आहार लें। खासतौर से इस मौसम में बाहर का जंक फूड खाने से परहेज करें। ऐसा करने से बीमारियों से दूर रहेंगे।

संतुलित आहार लें।
खाने की मात्रा का ध्यान रखें।
लगातार एक्सरसाइज करें।

क्या भाग्य नहीं, कर्म से बदलता है भविष्य? भगवद्गीता और गरुड़ पुराण से समझिए


हिन्दू धर्म ग्रंथों में साफ तौर पर लिखा है कि व्यक्ति का कर्म ही उसका धर्म है। जो व्यक्ति अपने कर्म का पालन नहीं करता, वह अपने धर्म का भी पालन नहीं कर रहा होता। इसके विपरीत कई लोगों का मानना है कि व्यक्ति के भाग्य में जो पहले से लिखा है, वही होकर रहेगा यानी व्यक्ति किसी चीज को पाने के लिए कितनी भी मेहनत क्यों न करे, उसे जीवन में वही मिलेगा जो उसके भाग्य में लिखा है। इसी वजह से मन में यह सवाल उठता है कि जीवन कर्म से या भाग्य से बदलता है।

 

हिन्दू धर्म में भगवद्गीता और गरुड़ पुराण को बेहद महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है। इनमें दिए गए उपदेशों और शिक्षाओं के आधार पर व्यक्ति अपने जीवन से जुड़े कई सवालों के उत्तर जान सकता है। इसी सिलसिले में कर्म और भाग्य को लेकर इन दोनों ग्रंथों में कई बातें बताई गई हैं, जिनके जरिए आप समझ सकते हैं कि व्यक्ति का भविष्य कर्म से बदलता है या किस्मत से। आइए जानते हैं कि भगवद्गीता और गरुड़ पुराण में क्या कहा गया है।

 

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 क्या है कर्म और भाग्य?

 

अक्सर जब व्यक्ति के साथ कुछ बुरा होता है, तो वह अपने कर्मों के बजाय भाग्य को दोषी ठहराता है। वह सोचता है कि यह चीज उसके भाग्य में नहीं लिखी थी, इसलिए उसे नहीं मिल पाई। लेकिन इस सोच के विपरीत भगवद्गीता में बताया गया है कि व्यक्ति कर्म करने के लिए बाध्य है, वह कभी भी कर्म किए बिना नहीं रह सकता।

 

भगवद्गीता में श्रीकृष्ण ने बताया है कि भाग्य कोई स्थायी नियति नहीं है। इसके बजाय व्यक्ति का भाग्य उसके पिछले जन्म के कर्मों के आधार पर बनता है। यानी इस जन्म का भाग्य, पिछले जन्म के कर्मों का फल है। इसी संदर्भ में श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा कि व्यक्ति को अपने कर्म पर ध्यान देना चाहिए, न कि उसके फल की चिंता करनी चाहिए। यही बात इस श्लोक में कही गई है

 

‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।’

 

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इस श्लोक का अर्थ है कि व्यक्ति का अधिकार केवल कर्म करने पर है, फल पर नहीं। इसका गहरा अर्थ यह है कि हम वर्तमान में जो कर्म करते हैं, वही भविष्य में हमारा भाग्य बनाते हैं।

 

गरुड़ पुराण में क्या लिखा है?

 

गरुड़ पुराण हिन्दू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक है। इसमें भी बताया गया है कि व्यक्ति के इस जन्म के कर्म ही अगले जन्म का भाग्य बनते हैं। यानी इस जन्म का भाग्य, पिछले जन्म के कर्मों का परिणाम है। इन्हीं कर्मों का फल व्यक्ति को मृत्यु के बाद भी भुगतना पड़ता है। इन्हीं कर्मों के आधार पर न केवल अगले जन्म का भाग्य तय होता है, बल्कि मृत्यु के बाद व्यक्ति को स्वर्ग या नरक की प्राप्ति भी होती है। अगर व्यक्ति के कर्म बुरे हैं, तो उसे अगले जन्म में उनके परिणाम भुगतने पड़ते हैं।

 

कर्म से बदलता है भविष्य?

हिन्दू धर्म के ग्रंथ भगवद्गीता और गरुड़ पुराण के अनुसार, व्यक्ति अपने कर्मों के आधार पर अपना भविष्य बदल सकता है क्योंकि भाग्य भी कर्मों के आधार पर ही बनता है। यदि व्यक्ति अच्छे कर्म नहीं करेगा, तो उसका भाग्य भी अच्छा नहीं होगा। इसलिए इन ग्रंथों में कर्म को भाग्य से अधिक महत्वपूर्ण माना गया है।

‘ट्रंप की मौत हुई तो फ्री बीयर पिलाऊंगा’, ऐसा एलान करने वाले का लाइसेंस कैंसल


अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य की मनोक्वा ब्रूइंग कंपनी एक बार फिर विवादों में घिर गई है। कंपनी के मालिक किर्क बैंगस्टैड ने हाल ही में एलान किया था कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौत होती है तो वह लोगों को मुफ्त बीयर देंगे। अब इस बयान के बाद उनकी कंपनी पर सरकारी कार्रवाई हुई है। राज्य सरकार ने ब्रुअरी का लाइसेंस रद्द करने का आदेश जारी कर दिया है। इस पर बैंगस्टैड का कहना है कि यह फैसला गलत है और वह इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

 

मिलवॉकी जर्नल सेंटिनल की रिपोर्ट के मुताबिक, विस्कॉन्सिन के राजस्व विभाग ने मिनोक्वा ब्रूइंग कंपनी की दो ब्रुअरी के बीयर बनाने के परमिट और एक शराब गोदाम का लाइसेंस रद्द कर दिया है। हालांकि, अगर कंपनी के मालिक किर्क बैंगस्टैड तय समय के अंदर इस फैसले को चुनौती देते हुए अपील करते हैं तो उस पर अंतिम फैसला आने तक उनकी ब्रुअरी पहले की तरह चलती रहेगी।

 

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यह पूरा विवाद कैसे शुरू हुआ?

पूरा विवाद जून में शुरू हुआ था, जब राज्य के अधिकारियों ने कंपनी की डिब्बाबंद बीयर जब्त कर ली थी। अधिकारियों का आरोप है कि यह बीयर इलिनॉय से बिना जरूरी परमिट और टैक्स चुकाए विस्कॉन्सिन लाई गई थी। इसी नियम उल्लंघन को आधार बनाकर विभाग ने लाइसेंस रद्द करने का फैसला लिया। बैंगस्टैड ने अपने समर्थकों को भेजे गए न्यूजलेटर और सोशल मीडिया पोस्ट में सरकारी कर्रवाई को अत्यधिक कठोर बताते हुए कहा कि मामूली प्रशासनिक आरोपों के लिए इतनी बड़ी सजा देना उचित नहीं है।

 

किर्क बैंगस्टैड ने साफ कहा है कि वह किसी भी कीमत पर अपनी ब्रुअरी बंद नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा, ‘मुझे मेरे टैपरूम से जबरन बाहर निकालना पड़ेगा तभी मैं बीयर बेचना बंद करूंगा।’ दूसरी ओर, विस्कॉन्सिन डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू का कहना है कि उसका दायित्व राज्य के शराब और कर संबंधी कानूनों का पालन सुनिश्चित कराना है। यदि कोई लाइसेंसधारी नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करना विभाग की जिम्मेदारी है।

 

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पहले भी विवादों में रह चुके हैं बैंगस्टैड

मिनोक्वा ब्रूइंग कंपनी अपनी राजनितिक सक्रियता के लिए भी जानी जाती है। कंपनी बर्नी ब्रू, टैमी शैंडी और एओसी आईपीए जैसे राजनीतिक नामों वाली बीयर बेचती है। इसी वर्ष बैंगस्टैड ने विस्कॉन्सिन के गवर्नर पद का चुनाव लड़ने की कोशिश की थी लेकिन पर्याप्त वैध सिग्नेचर नहीं होने के कराण उनका नाम मतपत्र में शामिल नहीं हो सका। अप्रैल में भी वह उस समय विवादों में आ गए थे जब ट्रंप पर हुए हमले के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर फ्री बीयर डे को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इस पोस्ट के बाद अमेरिकी FBI और सीक्रेट सर्विस ने उनसे पूछताछ की थी और उनकी टिप्पणी की आलोचना हुई थी।

बाबरी मस्जिद विध्वंस की जांच करने वाले जज का निधन, जानिए कौन थे एम.एस. लिब्रहान?


उत्तर प्रदेश के अयोध्या में हुए बाबरी विध्वंस की जांच करने के लिए बने आयोग की अध्यक्षता करने वाले पूर्व जस्टिस मनमोहन सिंह लिब्रहान का निधन हो गया है। रविवार को चंडीगढ़ में 87 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें परिवार से जुड़े लोग और उनके करीबी ही शामिल रहे। 

 

जस्टिस लिब्रहान का जन्म 11 नवंबर 1938 को चंडीगढ़ के पास हुआ था। उन्होंने 1962 में वकालत शुरू की और बाद में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में जज बने। इसके बाद उन्हें मद्रास हाई कोर्ट और फिर आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। रिटायर्मेंट के बाद वह कई चर्चित आयोगों के अध्यक्ष के रूप में सेवा देते रहे। बाबरी मस्जिद के विध्वंस की जांच के लिए बने आयोग की अध्यक्षता भी उन्होंने ही की थी। 

 

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बाबरी विध्वंस की जांच 

जस्टिस लिब्रहान उस समय सबसे अधिक चर्चा में आए, जब उन्हें बाबरी मस्जिद के विध्वंश की जांच के लिए बने आयोग का अध्यक्ष बनाया गया। 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के कुछ दिनों बाद तत्कालीन केंद्र सरकार ने 16 दिसंबर 1992 को इस पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए एक सदस्यीय आयोग का गठन किया। इस आयोग की जिम्मेदारी जस्टिस एम.एस. लिब्रहान को सौंपी गई थी। आयोग को शुरुआत में तीन महीने के भीतर रिपोर्ट देनी थी, लेकिन जांच का दायरा बढ़ने के कारण इसका कार्यकाल कई बार बढ़ाया गया। पूरी दुनिया की नजरें इस आयोग की जांच पर टिकी हुई थीं।

17 साल तक चली जांच

इस विध्वंस की जांच के लिए बने आयोग को ‘लिब्रहान आयोग’ के नाम से जाना गया और यह भारत के सबसे लंबे समय तक चलने वाले जांच आयोगों में शामिल रहा। आयोग ने करीब 17 सालों तक सुनवाई की, सैकड़ों गवाहों के बयान दर्ज किए और लास्ट में 30 जून 2009 को अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी। रिपोर्ट तैयार करने में आयोग ने 399 से अधिक बैठकें कीं और इसे पूरा करने के लिए कई बार आयोग का समय बढ़ाया गया।

जांच रिपोर्ट में क्या बताया?

लिब्रहान आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद का ढहाया जाना अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि यह प्लान करके की गई कार्रवाई थी। आयोग ने कई राजनीतिक नेताओं और संगठनों की भूमिका पर सवाल उठाए थे। हालांकि, बाद के सालों में इस मामले की न्यायिक प्रक्रिया अलग दिशा में आगे बढ़ी, लेकिन जस्टिस लिब्रहान अपने निष्कर्षों पर अंत तक कायम रहे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनके सामने आए सबूत एक सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करते हैं।

 

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सबसे चर्चित आयोग

लिब्रहान आयोग भारतीय इतिहास के सबसे चर्चित जांच आयोगों में गिना जाता है। आयोग की रिपोर्ट संसद में साल 2009 में पेश की गई थी और इसने बाबरी मस्जिद विध्वंस को लेकर लंबे समय तक राजनीतिक और कानूनी बहस को प्रभावित किया। जस्टिस एम.एस. लिब्रहान का नाम इसी आयोग के कारण देशभर में सबसे अधिक जाना गया। हालांकि, उन्होंने कई हाई कोर्ट्स में जज की भूमिका भी निभाई। अब 87 साल की उम्र में उनका निधन हो गया है। 

ऑफिस लंच के लिए 5 हेल्दी और टेस्टी रेसिपी, मिनटों में करें तैयार

आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ में ऑफिस का काम, मीटिंग्स और डेडलाइन्स के बीच हम सबसे ज्यादा अपनी सेहत से ही समझौता करते हैं। सुबह-सुबह जल्दी में या तो हम टिफिन ले जाना भूल जाते हैं या फिर कैंटीन के समोसे, छोले-भटूरे और पकौड़े खाकर काम चलाते हैं। लगातार बाहर का यह अनहेल्दी खाना न सिर्फ हमारी जेब खाली करता है बल्कि पेट खराब, वजन बढ़ना और एसिडिटी जैसी बीमारियां भी फ्री में दे जाता है।

 

अगर आप भी रोज-रोज ऑफिस में ये सोचकर परेशान हैं कि आज लंच में क्या खाया जाए तो अब टेंशन छोड़िए। हमने कुछ ऐसे टेस्टी और झटपट बनने वाले लंच बॉक्स आइडियाज तैयार किए हैं जो 15-20 मिनट में बन जाते हैं। ये रेसिपी जितनी बनने में आसान हैं उससे कहीं ज्यादा हेल्दी भी साबित होती हैं। इन फूड्स की मदद से न सिर्फ आपका पेट खुश रहेगा बल्कि आप दिनभर एनर्जेटिक भी महसूस करोगे।

 

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1. पनीर और वेजी रोल

अगर आपको दोपहर में बैठकर आराम से प्लेट लगाकर खाने का टाइम नहीं मिलता है तो यह रोल आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है। इसमें प्रोटीन और फाइबर बहुत ज्यादा होता है जिससे आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है और बार-बार कुछ उल्टा सीधा का मन नहीं करता है। इसे आप लैपटॉप पर काम करते करते भी आराम से खा सकते हैं।

कैसे बनाएं

इसे बनाना बहुत आसान है। नॉर्मल गेहूं या मल्टीग्रेन रोटी लें। उस पर थोड़ी सी घर की बनी हरी चटनी या दही लगा लें। अब एक पैन में थोड़ा सा तेल डालकर कद्दूकस किया हुआ पनीर या टोफू, बारीक कटी शिमला मिर्च, प्याज और टमाटर को 2 मिनट के लिए हल्का सा भून लें। इसमें नमक और थोड़ा सा चाट मसाला मिलाएं। अब इस स्टफिंग को रोटी के बीच में रखें, रोल बनाएं और फॉयल पेपर में लपेटकर टिफिन में पैक कर लें।

2. स्प्राउट्स और मूंग दाल चिल्ला 

 

यह लंच उन लोगों के लिए बेस्ट है जो वजन घटाना चाहते हैं या जिन्हें दोपहर में लंच करने के बाद बहुत ज्यादा आलस और नींद आती है। मूंग दाल पचने में बहुत हल्की होती है और शरीर को तुरंत एनर्जी देती है। इसे खाने के बाद आपका पेट तो भर जाएगा लेकिन भारीपन बिल्कुल महसूस नहीं होगा।

कैसे बनाएं 

इसके लिए आपको सुबह ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं है। बस रात को ही धुली मूंग दाल को भिगोकर पीस लें और फ्रिज में रख दें। सुबह इस घोल में थोड़ा सा नमक, हरी मिर्च, कटा हुआ धनिया और अपनी पसंद की सब्जियां मिला लें। तवे पर हल्का सा तेल या घी लगाकर डोसे की तरह फैलाएं और दोनों तरफ से सेक लें। साथ में थोड़े से उबले हुए चने या मूंग (Sprouts) रख लें।

3. वेजी पुलाव या क्विनोआ 

 

जब सुबह उठने में देर हो जाए और समझ न आए कि क्या बनाएं तब यह ‘वन-पॉट मील’ सबसे बड़ा सहारा बनता है। इसमें ढेर सारी सब्जियां होने की वजह से आपको भरपूर विटामिन्स मिलते हैं। अगर आप इसमें सोयाबीन या पनीर डाल देते हैं तो यह एक कम्पलीट न्यूट्रिशियस डाइट बन जाती है जो आपको दिनभर तरोताजा रखती है।

कैसे बनाएं 

कुकर में एक चम्मच तेल या घी गरम करें। उसमें थोड़ा सा जीरा, कटी हुई गाजर, मटर, बीन्स और सोयाबीन वड़ी (उबली हुई) डालें। अब इसमें धुले हुए चावल या क्विनोआ (Quinoa) डालें, स्वाद अनुसार नमक और हल्का सा गरम मसाला मिलाएं। जरूरत के हिसाब से पानी डालकर कुकर का ढक्कन बंद करें और एक सीटी लगा लें। 10 मिनट में आपका गरमा-गरम और टेस्टी लंच तैयार है।

 

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4. मिक्स वेज परांठा और गाढ़ा दही 

 

अगर आपको देसी खाना पसंद है और रोटी-सब्जी के बिना आपका पेट नहीं भरता तो परांठा और दही का कॉम्बिनेशन बेस्ट है। दही में गुड बैक्टीरिया होते हैं जो आपके डाइजेशन को सही रखते हैं और ऑफिस के स्ट्रेस की वजह से होने वाली एसिडिटी से बचाते हैं। यह खाना आपको पूरे दिन एनर्जी से भरपूर रखता है।

कैसे बनाएं 

इसके लिए आपको अलग से सब्जी पकाने की जरूरत नहीं है। रात की बची हुई सब्जी को आटे में मैश करके गूंद लें। अगर ताजा बनाना चाहें तो आटे में कद्दूकस की हुई लौकी, मेथी या पालक मिलाकर आटा गूंद लें। कम तेल या घी में परांठा सेकें। इसे अचार की जगह एक छोटे डिब्बे में ताजा, गाढ़ा दही रखकर उसके साथ पैक करें।

5. सिंपल तड़का दाल, चावल और खीरा

 

दाल-चावल को भारतीय खाने का ‘किंग’ माना जाता है। जब काम का बहुत ज्यादा प्रेशर हो तो यह सिंपल खाना दिमाग को बहुत सुकून देता है। मूंग या अरहर की दाल आसानी से पच जाती है और इसमें भरपूर प्रोटीन होता है। साथ में खीरा या सलाद खाने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती।

कैसे बनाएं 

सुबह कुकर में मूंग या अरहर की दाल हल्दी और नमक डालकर उबाल लें। एक छोटे पैन में राई, जीरा, हींग और हरी मिर्च का सिंपल तड़का लगाएं और दाल में मिला दें। साथ में सादे चावल बना लें। टिफिन में एक तरफ दाल-चावल रखें और दूसरी तरफ खीरा, गाजर या टमाटर काट कर रख लें। अगर इंसुलेटेड टिफिन हो तो दोपहर में गर्म-गर्म दाल-चावल खाने का मजा ही अलग है।

14 या 15 अगस्त कब है? मुहूर्त और व्रत नियम जानें


सनातन धर्म में Hariyali Teej को बेहद खास पर्व माना जाता है। इस पर्व में लाखों महिलाएं अपने पति और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। इसके साथ ही महिलाएं अपने पति के साथ मिलकर महादेव की पूजा करती हैं। वहीं, अविवाहित लड़कियां भी व्रत रखती हैं ताकि उन्हें एक अच्छा पति मिले। धार्मिक परंपरा के अनुसार, इस पर्व पर शादीशुदा महिलाएं सोलह शृंगार करती हैं, साथ ही हरी चूड़ियां पहनती हैं।

 

हरियाली तीज में सिर्फ सुखी जीवन और समृद्धि की कामना नहीं की जाती, बल्कि इस पर्व में मानसून के आगमन की खुशी भी मनाई जाती है। इसी वजह से कई सुहागन महिलाएं सोलह शृंगार करने के बाद झूला झूलती हैं। साथ ही कई महिलाएं अपनी लोकभाषा में गीत भी गाती हैं। अब सवाल उठता है कि इस साल हरियाली तीज कब मनाई जाएगी? आइए जानते हैं।

 

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Hariyali Teej 2026 Date: कब है हरियाली तीज?

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल 14 अगस्त की शाम 6 बजकर 46 मिनट पर हरियाली तीज की तिथि शुरू हो रही है, जो 15 अगस्त की शाम 5 बजकर 28 मिनट पर खत्म होगी। इस पर्व की उदया तिथि 15 अगस्त है। इसी वजह से 15 अगस्त को ही हरियाली तीज मनाना चाहिए। हरियाली तीज का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:50 से 05:35 तक रहेगा। इस समय जागकर भक्तों को पूजा-पाठ करनी चाहिए।

पूजा की विधि

इस पर्व में विशेष रूप से भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। साथ ही भक्तों को भगवान शिव के पूरे परिवार की भी पूजा करनी चाहिए। पूजा के दौरान भक्तों को शिवलिंग पर जलाभिषेक करना चाहिए। यह जलाभिषेक सिर्फ जल और कच्चे दूध से ही नहीं, बल्कि गंगाजल से भी करना चाहिए।

 

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पूजा के दौरान भगवान शिव और मां पार्वती को वस्त्र अर्पित करें। साथ ही मां पार्वती को सोलह शृंगार का सामान चढ़ाएं। इसके साथ मिठाई और फल भी अर्पित करें। पूजा के अंत में हरियाली तीज की व्रत कथा का पाठ करें। इसके बाद प्रेम भाव से आरती करें।

हरियाली तीज के व्रत के नियम

  1. हरियाली तीज के पर्व पर निर्जला व्रत रखें। हालांकि, आप अपने स्वास्थ्य के अनुसार फलाहारी व्रत भी रख सकते हैं।
  2. जो व्यक्ति व्रत रखता है, उसे सुबह पूजा करने से पहले व्रत का संकल्प लेना चाहिए, वरना व्रत अधूरा माना जाता है।
  3. व्रत रखने वाले भक्तों को व्रत कथा पढ़नी या सुननी चाहिए, वरना व्रत अधूरा माना जाता है।
  4. इस दिन सुहागन महिलाओं को सोलह शृंगार करना चाहिए। खासतौर पर हरे रंग की चूड़ियां पहनें और हरे रंग की साड़ी या सूट धारण करें।
  5. हरियाली तीज का व्रत रखने वाली महिलाओं को रात के समय सोना नहीं चाहिए। साथ ही रात में जागरण करना चाहिए।

 

नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

 

डोनाल्ड ट्रंप का गाजा प्लान, विवाद सुलझाने की जगह इजरायल को उलझा क्यों रहा है?


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक एलान, इजरायल के लिए मुसीबत बनता नजर आ रहा है। उन्होंने कुछ दिनों पहले दावा किया था कि हमास और गाजा के सभी सशस्त्र समूह पूरी तरह से हथियार छोड़ने के लिए तैयार हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि हथियार छोड़ने के साथ ही इजरायली सेना गाजा से पीछे हटेगी और एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल नई फिलिस्तीनी पुलिस के साथ गाजा की सुरक्षा संभालेगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ऐतिहासिक समझौता बताया है लेकिन हमास ने साफ कहा है कि यह समझौता एक पैकेज है। हमास के वरिष्ठ नेता गाजी हमाद ने कई बार दोहराया है कि उनका संगठन, तब तक हथियार छोड़ने के लिए तैयार नहीं है, जब इजरायल ‘येलो लाइन’ से पीछे नहीं हटता है। 

येलो लाइन, गाजा पट्टी में इजरायली सेना (IDF) की ओर से बनाई गई एक नई सुरक्षा सीमा है।  यह इजरायल के कब्जे वाले इलाकों को बाकी गाजा से अलग करती है। अभी यह एक बफर जोन के तौर पर काम कर रही है, जिसे लेकर हमास ऐतराज जता रहा है।

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गाजी हमाद, सीनियर हमास नेता:-
हम हथियार तब तक नहीं छोड़ेंगे, जब तक इजरायल युद्ध रोक नहीं देता, अपने सैनिकों को ‘येलो लाइन’ तक पीछे नहीं खींच लेता, हत्याएं बंद नहीं करता और भरपूर मानवीय मदद नहीं आने देता।

क्यों ट्रंप का प्लान इजरायल को फंसा देगा?

हमास ने अमेरिका को साफ कह दिया है कि कोई भी भारी हथियार नष्ट नहीं होंगे, बल्कि उन्हें नेशनल कमेटी के अधीन रखा जाएगा। एक बार यह शर्त भी मान लिया जाए लेकिन हमास जोर दे रहा है कि एक आजाद फिलिस्तीनी राज्य भी बनना चाहिए। इजरायल को यह मंजूर नहीं है। इजरायल, हमास के साथ कोई भी समझौता नहीं चाहता है।

इजरायल को फंसा रहे हैं ट्रप?

इजरायल की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू चुप हैं। लेकिन इजरायल के दक्षिणपंथी मंत्री इस समझौते का विरोध कर रहे हैं। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि पहले हमास को पूरी तरह हथियार खत्म करने होंगे, उसके बाद ही कोई वापसी हो सकती है।

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इजरायल क्या अमेरिकी शर्त मानेगा?

इजरायल ने रफाह में मोरक्को और युगांडा के 200 सैनिकों वाले एक पायलट अंतरराष्ट्रीय बल को भेजने की मंजूरी दी है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह शर्तों पर आधारित समझौता है। एक चरण पूरा होगा, तभी अगले चरण पर बात होगी। विस्तृत योजना दो हफ्ते में जारी हो सकती है। गाजा के लोग उम्मीद और डर दोनों महसूस कर रहे हैं। बीते साल अक्टूबर में हुए सीजफायर के बाद भी हिंसा जारी रही और गाजा में स्थिति बेहद खराब है।  

अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप की अगुवाई वाले समझौते भरोसे के काबिल कम होते हैं। ईरान के साथ उन्होंने संघर्ष विराम समझौता किया था, जिसे वह कब का तोड़ चुके हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज आज भी टकराव का केंद्र बना हुआ है। हर दिन किसी न किसी जहाज पर हमला हो रहा है। अब देखना होगा कि बार-बार अपने किए वादों से पलटने वाले डोनाल्ड ट्रंप, इस समझौते को लेकर कितने गंभीर हैं, यह नया समझौता कितना टिकता है। अगर इजरायल, अमेरिका की बात मानकर पीछे हटता गया तो एक बार फिर अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में ही इजरायली डिफेंस फोर्स घिर सकती है।