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दुनियाभर में छाया ताई ची वॉकिंग का ट्रेंड, कैसे करते हैं? जानें फायदे


आज के समय में लोग फिट रहने के लिए जिम में घंटों पसीना बहाने की बजाय मॉर्डन तरीकों को अपना रहे हैं। इन दिनों ताई ची वॉकिंग काफी ट्रेंड में है। इस वॉकिंग को दुनियाभर में पसंद किया जा रहा है। ताई ची वॉकिंग एक ऐसी प्रैक्टिस है जिसमें लोग चलते फिरते ध्यान कर सकते हैं और अपना बैलेंस भी बेहतर कर सकते हैं।

 

दुनियाभर में इसे पसंद किया जा रहा है क्योंकि यह आपके फिजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद है। खासतौर से बुजुर्गों को इसका सबसे ज्यादा फायदा हो रहा है। आइए जानते हैं ताई ची वॉकिंग क्या है और इसके क्या फायदे हैं?

 

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क्या होता है ताई ची वॉकिंग?

ताई ची एक चाइनीज शब्द है जिसका अर्थ मन और शरीर होता है। इसमें चलने फिरने की गति को बहुत धीमा कर दिया जाता है। हर कदम को संतुलन और सांस लेने की प्रक्रिया के साथ सही तालमेल बिठाकर उठाया जाता है। इसे मूविंग मेडिटेशन भी कहा जाता है जो शरीर और मन दोनों को जोड़ता है। इसमें सिर्फ फिटनेस पर ध्यान नहीं दिया जाता है बल्कि इसमें हर कदम, शरीर की मुद्रा, सांस लेने के तरीके और वजन के ट्रांसफर पर ध्यान दिया जाता है। जबकि आम वॉकिंग में लोग बिना सोचे समझे चलते हैं और उनका मन कहीं और भटकता रहता है।

 

वहीं, ताई ची वॉकिंग में आपका सारा ध्यान इसे करने में होना चाहिए। इसमें लोग मांसपेशियों को आराम की स्थिति में रखते हुए और शरीर का सही पॉश्चर बनाए हुए ध्यान से अपने शरीर का वजन एक पैर से दूसरे पैर पर ले जाते हैं। इस दौरान लोग बेहद सतर्क और जागरूक रहते हैं। इसी वजह से कई रिसर्चर इसे मूविंग मेडिटेशन मानते हैं। इस वॉक को रोजाना करने से मन शांत होता है, तनाव कम होता है, फोक्स बढ़ता है, साथ ही शरीर भी ऐक्टिव रहता है।

 

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ताई ची वॉक करने के फायदे क्या है?

कई क्लिनिकल स्टडी और पब्लिक हेल्थ ऑर्गनाइजेशन में पाया गया कि अगर कोई बुजुर्ग इस वॉक को करता है तो उन्हें गिरने का खतरा सबसे कम होता है। यह आपके बैलेंस और पॉश्चर को नियंत्रित रखता है। इसके अलावा शरीर के ऊपरी और निचले हिस्से में कोर्डिनेशन बना रहता है।

कितने देर तक करना चाहिए?

स्वस्थ लोगों के लिए ताई ची वॉकिंग बहुत सुरक्षित व्यायाम है क्योंकि आपको इसे धीरे से नियंत्रित होकर आराम से करना है। इसे करने के लिए योग, मेडिटेशन और और मार्शियल आर्ट्स में कोई अनुभव की जरूरत नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक शुरुआत में आपको 10 से 15 मिनट का शार्ट सेशन करना है। इस व्यायाम को करते समय अपने पॉश्चर, सांस और वजन को एक पैर से दूसरी पैर की तरफ भेजने पर ध्यान देना है।

इन राशियों के लिए आपदा नहीं अवसर है शनि की उल्टी चाल


27 जुलाई से 2 अगस्त 2026 का यह हफ्ता ग्रह-नक्षत्रों की चाल के हिसाब से बेहद सकारात्मक रहने वाला है। हफ्ते की शुरुआत में यानी 29 जुलाई को पूर्णिमा तिथि होगी, जिससे यह समय बेहद शुभ और फलदायी रहेगा। इस सप्ताह सूर्य कर्क राशि में, जबकि गुरु मिथुन राशि में विराजमान हैं। चंद्रदेव सप्ताह की शुरुआत में मकर राशि से गुजरते हुए कुंभ और मीन राशि में प्रवेश करेंगे। सप्ताह के मूलांक और ग्रहों की इस संयुक्त स्थिति के प्रभाव से समाज में रचनात्मकता, नए विचारों का प्रवाह और मानसिक शांति देखने को मिलेगी। कुल मिलाकर, यह समय आत्मचिंतन करने और पुराने उलझे मामलों को सुलझाने के लिए सही है।


इस हफ्ते की ऊर्जा बेहद सकारात्मक रहने वाली है। साथ ही, यह धैर्य से काम लेने की सलाह भी देती है। आर्थिक स्थिति इस हफ्ते कई राशियों की अच्छी रहेगी, वहीं व्यक्तिगत संबंधों में मिठास और आपसी समझ बढ़ेगी। ग्रहों का यह बदलाव आपको बड़े फैसले लेने के लिए प्रेरित करेगा, लेकिन जल्दबाजी में उठाए गए कदमों से बचने की जरूरत होगी। अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहकर और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने पर यह सप्ताह आपके लिए नए अवसर और सफलता लेकर आएगा।

 

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राशिफल


मेष


हफ्ते की शुरुआत में नौकरी में ज्यादा मेहनत करनी होगी। नए प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे कार्यस्थल पर आपका प्रभाव बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। साथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। 
क्या करें: रोजाना सूर्य देव को जल अर्पित करें।
क्या न करें: गुस्से में आकर कोई भी निर्णय न लें।


वृषभ


व्यापार में नए सौदे मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा। पुराने निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। जीवनसाथी के साथ किसी छोटी यात्रा का योग बन रहा है।
क्या करें: शुक्रवार को किसी जरूरतमंद को सफेद वस्तु दान करें।
क्या न करें: लेन-देन के मामलों में आंख मूंदकर किसी पर भरोसा न करें।


मिथुन


ऑफिस में आपकी योग्यता की सराहना होगी। नए विचार आपको आगे ले जाएंगे। धन लाभ के अवसर मिलेंगे। लव लाइफ में नया उत्साह रहेगा। दोस्तों और परिवार के साथ बिताया समय सुकून देगा।
क्या करें: बुधवार को भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें।
क्या न करें: एक साथ कई कामों में हाथ न डालें, ध्यान भटक सकता है।

 

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कर्क


करियर में कुछ उतार-चढ़ाव आ सकते है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। भावनाओं में बहकर कोई फैसला न लें। जीवनसाथी का स्वास्थ्य चिंता का कारण बन सकता है।
क्या करें: सोमवार को शिवलिंग पर जल से अभिषेक करें।
क्या न करें: ऑफिस में राजनीति या बहसबाज़ी से दूर रहें।


सिंह


आपका आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। व्यापारिक लाभ से बैंक बैलेंस बढ़ेगा। नए निवेश के लिए यह सही समय है। लव पार्टनर के साथ इस हफ्ते घूमने जा सकते हैं। अविवाहितों के लिए विवाह के नए प्रस्ताव आ सकते हैं।
क्या करें: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
क्या न करें: अपने स्वभाव में अहंकार न आने दें।


कन्या


नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। काम में बारीकियों पर ध्यान दें। आर्थिक मामलों में यह सप्ताह मिला-जुला रहेगा। उधार देने से बचें। परिवार में किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। अपनों के साथ तालमेल अच्छा रहेगा।
क्या करें: गाय को हरी घास खिलाएं और तुलसी के पौधे में जल चढ़ाएं।
क्या न करें: स्वास्थ्य और खान-पान में लापरवाही बिल्कुल न बरतें।

 

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तुला


क्रिएटिविटी से जुड़े काम करने वालों के लिए यह हफ्ता शानदार रहेगा। करियर में नए रास्ते खुलेंगे। शेयर बाजार या प्रॉपर्टी में सोच-समझकर धन निवेश करें। लव पार्टनर के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा।
क्या करें: मां लक्ष्मी की पूजा करें।
क्या न करें: किसी भी काम को कल पर टालने की आदत से बचें।


वृश्चिक


ऑफिस में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए समय शुभ है।आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। किसी बात को लेकर पार्टनर से गलतफहमी हो सकती है।
क्या करें: मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।
क्या न करें: गाड़ी चलाते समय या कोई काम करते वक्त लापरवाही न बरतें।


धनु


शिक्षा या विदेश से जुड़े काम करने वाले लोगों को करियर में सफलता मिलेगी। व्यापार में तरक्की के आसार हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। परिवार के साथ धार्मिक यात्रा का योग है। रिश्तों में आपसी सम्मान और प्रेम बढ़ेगा।
क्या करें: गुरुवार को पीले कपड़े पहने।
क्या न करें: अपनी योजनाओं को गुप्त रखें।

 

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मकर


काम का बोझ अधिक रह सकता है, लेकिन आपकी मेहनत रंग लाएगी। धैर्य से काम लें। अचानक किसी काम में धन खर्च हो सकता है। जीवनसाथी का सहयोग आपको मानसिक शांति देगा। पुराने दोस्तों से मुलाकात हो सकती है।
क्या करें: शनिवार को शनिदेव के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
क्या न करें: अत्यधिक तनाव लेने से बचें और अपनी सेहत का ध्यान रखें।


कुंभ


 नए लोगों से संपर्क आपके करियर को नई दिशा देगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। नए व्यावसायिक समझौतों से लाभ होने के योग हैं। प्रेम जीवन सुखद रहेगा। पार्टनर के साथ आपसी समझ और भरोसा बढ़ेगा।
क्या करें: किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं।
क्या न करें: दूसरों के मामलों में बेवजह दखल देने से बचें।


मीन


आपके काम करने के तरीके की तारीफ होगी। धन लाभ के नए अवसर मिलेंगे, लेकिन अनावश्यक खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है। पारिवारिक वातावरण खुशनुमा रहेगा। जीवनसाथी के साथ यादगार पल बिताएंगे।
क्या करें: गुरुवार को चने की दाल और गुड़ का दान करें।
क्या न करें: अपने लक्ष्यों से ध्यान न भटकने दें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

बर्लिन में प्राइड फेस्टिवल पर अटैक, संदिग्ध अब्दुल को खोज रही पुलिस


जर्मनी की राजधानी बर्लिन में शनिवार रात को आयोजित प्राइड समारोह में तेज रफ्तार कार से हमला किया गया। इसमें एक महिला की जान गई और 16 अन्य लोग घायल है। कुछ लोगों पर चाकू से भी हमला किया गया। हमले के बाद कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्स ने हमले की निंदा की और इसे जर्मन समाज पर एक जघन्य हमला बताया।

 

जर्मनी के गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंड्ट का कहना है कि प्राइड समारोह में हुए हमले के सभी सबूत अब तक इस्लामी आतंकवादी हमले की तरफ इशारा करते हैं। जर्मन पुलिस ने 21 वर्षीय अब्दुल बल्लौत की पहचान हमले के संदिग्ध के तौर पर हुई है। पूरे बर्लिन में पुलिस तलाशी अभियान चला रही है। उसके अलावा अभी तक किसी अन्य की गिरफ्तारी नहीं हुई है। लेकिन पुलिस को शक है कि हमले में कई और लोग भी शामिल हो सकते हैं।

 

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बर्लिन के टियरगार्टन जिले में एक अपार्टमेंट ब्लॉक के भारी संख्या में पुलिस तैनात दिखी। बताया जा रहा है कि संदिग्ध अब्दुल बल्लौत यही रहता था। पुलिस ने आरोपी की तस्वीर भी जारी की है। पुलिस का कहना है कि जिस कार से लोगों को निशाना बनाया गया है, उसका संबंध अब्दुल से है। पार्क में एक पेड़ से टकराने के बाद उसे जब्त कर लिया गया है।

 

जर्मन पुलिस के मुताबिक अब्दुल इस्लामी गुटों से जुड़ा है। वह इस्लामिक स्टेट का समर्थक है। गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंड्ट ने भी अपने बयान में कहा कि हम यहां एक संदिग्ध अपराधी से निपट रहे हैं, जिसने पहले भी बड़ी संख्या में आपराधिक कृत्यों, कट्टरपंथ और इस्लामी विचारधारा से जुड़ाव के माध्यम से ध्यान आकर्षित किया था।

 

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सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि अब्दुल बल्लौत लेबनानी मूल का जर्मन नागरिक है। लोगों से उसके बारे में जानकारी देने की अपील की गई है। हालांकि उसके पास न जाने की चेतावनी भी दी गई। पुलिस का कहना है कि वह खतरनाक हो सकता है, क्योंकि वह हथियारबंद है। अधिकारियों के मुताबिक अब्दुल ने पहले अपने वाहन से प्राइड फेस्टिवल में आए कई लोगों को घायल किया। वाहन से उतरकर भागते वक्त कई लोगों पर चाकू से हमला किया। 

‘हम पंजाब की प्लानिंग कर रहे हैं’, दिपके ने बढ़ाई केजरीवाल की टेंशन


पंजाब में कथित पेपर लीक का मुद्दा गर्माता जा रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि पंजाब की आप सरकार में कई बार पेपर लीक हो चुके हैं। बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का इस्तीफा मांगा है। उनका कहना है कि अगर केंद्र में धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे सकते हैं तो पंजाब में भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी इस्तीफे की मांग की है।

 

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके से जब पंजाब के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हम इसकी प्लानिंग कर रहे हैं। उस पर भी बात की जाएगी। बता दें कि कुछ दिनों से पंजाब के मुद्दे पर सीजेपी नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठने लगे थे। लोगों का कहना था कि अगर नीट पेपर लीक में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जा सकता है तो पंजाब के कथित पेपर लीक पर सीजेपी ने चुप्पी क्यों साध रखी है?

 

 

 

 

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हम पंजाब पर भी बोलेंगे: अभिजीत

पंजाब में कथित पेपर लीक के बारे में जब रविवार को अभिजीत दिपके से पूछा गया तो उन्होंने, ‘उस पर भी बोलेंगे और करेंगे हम। अभी हम उसकी ही प्लानिंग कर रहे हैं।’ आगे की रणनीति के बारे पूछने पर दिपके ने कहा, ‘हम जल्द ही आगे की स्ट्रैटेजी बताएंगे। यह (आंदोलन) कल ही खत्म हुआ है। प्लीज हमें थोड़ा समय दें।’ सरकार के साथ बातचीत पर अभिजीत ने बताया कि जो केस दर्ज किए गए हैं, उनके बारे में बातचीत चल रही है। किसी भी छात्र के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं होना चाहिए।

जंतर-मंतर पर पसरा सन्नाटा

उधर, कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन खत्म होते ही जंतर-मंतर में सन्नाटा पसर गया है। रविवार को प्रदर्शन स्थल पर दिनभर साफ-सफाई अभियान चलता रहा। शनिवार दोपहर तक जंतर-मंतर और आसपास का इलाका लोगों से भरा था। शोर-गुल और नारेबाजी चल रही थी। वहीं आंदोलन के आयोजक अभिजीत दिपके को टाइफफाइड हुआ है। वे घर पर हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अभी अस्पताल में है। सोमवार तक उन्हें छुट्टी मिलने की उम्मीद है।

 

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नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने जंतर-मंतर और उसके आसपास विशेष सफाई अभियान चलाया। 100 से अधिक सफाई कर्मचारी, भारी वाहन और मशीनों को लगाया गया। पूरे इलाके से लगभग 60 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया। सड़कों को प्रेशर-जेट मशीनों से धोया गया। नारे लिखीं दीवारों को दोबारा कलर किया गया। टूटे फुटपाथ और सड़कों की मरम्मत की जा रही है।

‘मन की बात’ की बात में PM की अपील, घर बनाएं गणपति बप्पा, लेकिन कैसे, तरीका जानिए


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में कहा कि पिछले साल की तरह इस बार भी गणेश उत्सव पर प्लास्टर ऑफ पेरिस या बाहर से आने वाली मूर्तियों को नहीं लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसकी जगह अपने देश की मिट्टी से बनी मूर्तियों की ही पूजा करनी चाहिए। पीएम मोदी ने सबसे कहा है कि लोग घर पर ही देश की मिट्टी से बप्पा की मूर्ति बनाएं। 

 

कई लोगों ने उन्हें मैसेज करके बताया कि उन्होंने यह बात मान ली है और वे घर पर ही मिट्टी से मूर्ति बना रहे हैं। जब हम घर की मिट्टी से मूर्ति बनाते हैं तो इससे देश की मिट्टी का मान बढ़ता है और हमारे पर्यावरण की भी रक्षा होती है। इस बार बाजार से केमिकल वाली मूर्ति लाने के बजाय घर पर ही साफ और प्राकृतिक मिट्टी से बप्पा की मूर्ति बनानी चाहिए।

 

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घर पर मिट्टी कैसे तैयार करें?

घर पर मिट्टी से गणेश मूर्ति बनाना बहुत आसान है और इसमें किसी भी तरह के केमिकल या नुकसान देने वाले रंगों का इस्तेमाल नहीं होता। सबसे पहले ऐसी मिट्टी लो जो बिल्कुल साफ हो और जिसमें कंकर या पत्थर न हों। अगर मिट्टी कड़ी है तो उसे कुछ देर पानी में भिगोकर रख दो ताकि वह नरम हो जाए। मिट्टी इतनी गीली होनी चाहिए कि आप उससे आसानी से आकार बना सको न तो बहुत ज्यादा पानी वाली और न ही बहुत सूखी। मूर्ति बनाने की शुरुआत सबसे पहले नीचे के हिस्से से करो। मिट्टी का एक छोटा सा गोला लेकर बप्पा के बैठने का आसन बनाओ। इसके बाद मिट्टी का थोड़ा बड़ा हिस्सा लेकर एक गोल या अंडाकार आकार बनाओ जो बप्पा का धड़ यानी पेट और छाती का हिस्सा बनेगा। इसमें थोड़ा सा पानी लगाकर जोड़ने से मिट्टी आपस में अच्छे से चिपक जाती है।

सिर, सूंड, हाथ और मुकुट कैसे जोड़ें?

अब एक और छोटा गोला बनाकर उसे धड़ के ऊपर जोड़ दो जो बप्पा का सिर बनेगा। इसके बाद मिट्टी का एक पतला टुकड़ा लेकर उसे हल्का सा गोल करते हुए सूंड का आकार दो और सिर के नीचे मुंह वाली जगह पर जोड़ दो। सूंड को आप अपनी पसंद के अनुसार बाएं या दाएं तरफ थोड़ा सा मोड़ भी सकते हैं। बप्पा के हाथों के लिए मिट्टी के छोटे-छोटे टुकड़े बनाकर उन्हें धड़ के दोनों तरफ जोड़ दो। कान बनाने के लिए मिट्टी की छोटी और पतली पट्टी बनाकर उन्हें सिर के दोनों तरफ थोड़ा सा गोल करके लगा दो। सबसे ऊपर मिट्टी का एक छोटा सा तिकोना डिजाइन बनाकर बप्पा का मुकुट लगा दो।

 

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मूर्ति को सुखाना और रंग कैसे करें?

जब मूर्ति पूरी तरह से बन जाए तब उसे किसी छांव वाली जगह पर एक से दो दिन के लिए सूखने के लिए रख दो। जब मिट्टी पूरी तरह सूख जाए तब आप उस पर हल्दी, चंदन या पानी में घुले हुए प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल कर सकते हो जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। इस तरह आपका घर पर ही बिल्कुल साफ और प्राकृतिक गणेश जी का रूप तैयार हो जाएगा।

ग्रह, नक्षत्र, तारे, क्या कर रहे हैं इशारे? पढ़ें 26 जुलाई का राशिफल


26 जुलाई 2026 को रविवार का दिन है। पंचांग के अनुसार आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि का सुंदर योग बन रहा है। इस दिन का मूलांक 8 है, जो शनिदेव के प्रभाव को दर्शाता है। शनिदेव के प्रभाव की वजह से लोगों को करियर में कठिन परिश्रम करना पड़ सकता है। इसके अलावा, रविवार का दिन होने के कारण सूर्य देव की विशेष कृपा से आज के वातावरण में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी। ग्रहों की गोचर स्थिति आज कर्म और आत्मबल का बेहतरीन संतुलन स्थापित कर रही है।


आज की ऊर्जा आपको अपने लक्ष्यों के प्रति गंभीर होने और आलस्य छोड़कर व्यावहारिक कदम उठाने का संदेश देती है। एक तरफ जहां सूर्य का प्रभाव आपको साहस और पहचान दिलाने में मदद करेगा, वहीं मूलांक 8 का प्रभाव आपको वित्तीय मामलों में समझदारी और धैर्य से काम लेने की सलाह देता है। यह दिन उन कामों को पूरा करने के लिए शुभ है, जिन्हें आप लंबे समय से टाल रहे थे। आइए जानते हैं कि आज का दिन सभी 12 राशियों के जातकों के लिए करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य के लिहाज से कैसा रहने वाला है।

 

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राशिफल

 


मेष राशि


आज आपके भीतर गजब का उत्साह रहेगा। ऑफिस में आपके नए विचारों की सराहना होगी। आर्थिक नजरिए से आज का दिन शानदार रहेगा। कहीं से रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। जीवनसाथी के साथ रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी।
आज क्या करें: सूर्य देव को जल अर्पित करें और लाल फल का दान करें।
आज क्या न करें: जल्दबाजी में कोई बड़ा वित्तीय निर्णय लेने से बचें।


वृषभ राशि


आज काम का बोझ थोड़ा अधिक रह सकता है लेकिन आपकी बुद्धिमत्ता से सभी कार्य समय पर पूरे होंगे। व्यापार में नए सौदों के अवसर मिल सकते हैं। प्रेम संबंधों में नयापन महसूस होगा। यदि पार्टनर के साथ कोई अनबन चल रही थी।
आज क्या करें: छोटी बच्चियों को मीठा भोजन या फल भेंट करें।
आज क्या न करें: कार्यस्थल पर सहयोगियों के साथ बहस में न उलझें।


मिथुन राशि


आज आपकी बातचीत करने की शैली आपको बड़ा लाभ दिला सकती है। नेटवर्किंग और मार्केटिंग से जुड़े लोगों के लिए बेहतरीन दिन है। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और आय के नए स्रोत सामने आ सकते हैं। 
आज क्या करें: किसी जरूरतमंद को हरी सब्जियां या अन्न दान करें।
आज क्या न करें: अपनी योजनाओं का बखान हर किसी के सामने न करें।

 

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कर्क राशि


आज मानसिक रूप से थोड़ा संवेदनशील महसूस कर सकते हैं। काम में मन लगाने के लिए थोड़ा प्रयास करना होगा। परिजनों के सहयोग से मन को शांति मिलेगी। जीवनसाथी की कोई बात आपके दिल को छू सकती है, जिससे आपसी प्रेम बढ़ेगा।
आज क्या करें: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल चढ़ाएं।
आज क्या न करें: नकारात्मक विचारों को अपने ऊपर हावी न होने दें।


सिंह राशि


रविवार का दिन और आपकी राशि के स्वामी सूर्य, आज आपका सितारा बुलंद रखेंगे। अटके हुए सरकारी काम आसानी से बन जाएंगे। प्रेम जीवन में उत्साह और गर्मजोशी रहेगी। पार्टनर के साथ आज का दिन बेहद यादगार रहेगा और कोई सरप्राइज मिल सकता है।
आज क्या करें: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
आज क्या न करें: अपने व्यवहार में अहंकार को बिल्कुल जगह न दें।


कन्या राशि


आज का दिन योजनाबद्ध तरीके से काम करने का है। दफ्तर में आपके काम की तारीफ होगी। धन संबंधी मामलों में दिन सामान्य रहेगा। घर-परिवार में किसी मांगलिक कार्य की चर्चा हो सकती है। 
आज क्या करें: गाय को हरा चारा या पालक खिलाएं।
आज क्या न करें: दूसरों के काम में बेवजह हस्तक्षेप करने से बचें।

 

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तुला राशि


व्यापारिक दृष्टिकोण से आज का दिन काफी लाभकारी रहने वाला है। कला, डिजाइनिंग और मीडिया से जुड़े लोगों को नए अवसर मिलेंगे। धन का आगमन आसानी से होगा,  सिंगल जातकों की किसी खास व्यक्ति से मुलाकात होने की संभावना है।
आज क्या करें: किसी मंदिर में कपूर जलाएं या सफेद मिठाई का भोग लगाएं।
आज क्या न करें: किसी भी स्थिति में अपना संतुलन और धैर्य न खोएं।


वृश्चिक राशि


दफ्तर में आज आपको थोड़ी ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। प्रतिस्पर्धी आपको चुनौती देने की कोशिश करेंगे, लेकिन आपका आत्मविश्वास आपको विजयी बनाएगा। धन के लेन-देन में थोड़ी सावधानी बरतें। लव लाइफ में पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें।
आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें और चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
आज क्या न करें: गुस्से या आवेश में आकर कोई फैसला न लें।


धनु राशि


आज भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। उच्च शिक्षा और विदेश से जुड़े काम बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और कहीं से अचानक धन लाभ होने के योग हैं। घर में मेहमानों के आगमन से चहल-पहल रहेगी।
आज क्या करें: अपने गुरु या घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें।
आज क्या न करें: अपनी जिम्मेदारियों से भागने की कोशिश न करें।

 

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मकर राशि


मूलांक 8 का प्रभाव आज आपकी कार्यशैली को और निखारेगा। कार्यक्षेत्र में अनुशासन और निरंतरता से बड़े नतीजे मिलेंगे। आर्थिक रूप से दिन स्थिर रहेगा। बजट बनाकर चलना समझदारी होगी।
आज क्या करें: पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
आज क्या न करें: सेहत के प्रति लापरवाही बिल्कुल न बरतें।


कुंभ राशि


साझेदारी के काम में आज अच्छा मुनाफा हो सकता है। नए व्यावसायिक संबंध बनेंगे, जो भविष्य में फलदायी सिद्ध होंगे। वित्तीय लेन-देन के लिए आज का दिन काफी शुभ है। लव पार्टनर के साथ रोमांटिक समय बिताने का मौका मिलेगा।
आज क्या करें: पक्षियों के लिए पीने के पानी और दाने का प्रबंध करें।
आज क्या न करें: किसी भी दस्तावेज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर न करें।


मीन राशि


आज का दिन मिले-जुले परिणाम लेकर आएगा। ऑफिस में अपने काम पर ध्यान केंद्रित रखें और राजनीति से दूर रहें। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन अनचाहे खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। पार्टनर के साथ संवाद बनाए रखें, ताकि कोई गलतफहमी न पनपे। दोस्तों का सहयोग आपका मनोबल बढ़ाएगा।
आज क्या करें: भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें।
आज क्या न करें: आलस्य के कारण आज का काम कल पर न टालें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

अमेरिका के साथ परमाणु डील ने कैसे सऊदी अरब को उलझन में डाला?


अमेरिका और सऊदी अरब के बीच ऐतिहासिक परमाणु समझौते ने जहां इजरायल की टेंशन बढ़ा दी तो वहीं रियाद के सामने असमंजस की स्थिति खड़ी कर दी है। 2009 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बाद मध्य पूर्व में यह अमेरिका का किसी इस्लामिक देश के साथ किया गया दूसरा परमाणु समझौता है। हालांकि सऊदी अरब के साथ की गई डील यूएई की डील से बेहद अलग है। ताजा डील के तहत सऊदी अरब अपने यहां यूरेनियम का संवर्धन कर सकेगा। 

 

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को निगरानी भी नहीं करनी होगी, जबकि यह छूट यूएई को हासिल नहीं है। मगर पूरी डील में एक पेच है। सऊदी अरब को डील के तहत इजरायल को मान्यता देनी होगी। इसका ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद कर चुके हैं। लेकिन सऊदी अरब प्रशासन ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इजरायल को मान्यता देने के मामले में बेहद सतर्क है। 

 

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  • सऊदी अरब में फिलिस्तीन के प्रति गहरी सहानुभूति है। अगर फिलिस्तीन राज्य के बिना सऊदी सरकार इजरायल को मान्यता देती है तो न केवल उसकी जनता, बल्कि मुस्लिम जगत में गलत संदेश जाएगा। इस्लामिक देशों में उसकी पकड़ कमजोर होगी। दुनियाभर के सुन्नी मुस्लिमों में सऊदी अरब का खास प्रभाव है। मान्यता देने से उसका यह प्रभाव भी घट सकता है।

 

  • हाल के दिनों में सऊदी अरब ने तुर्की के साथ अपने रिश्तों को बेहतर किया है। मौजूदा समय में तुर्की और इजरायल के बीच तनाव है। अगर इजरायल को रियाद मान्यता देता है तो तुर्की के साथ उसकी रणनीतिक साझेदारी कमजोर पड़ सकती है। हालांकि यह दूसरी बात है कि तुर्की ने पहले ही इजरायल को मान्यता दे रखी है।

 

  • लाल सागर में अपनी रणनीतिक पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से सऊदी अरब ने सोमालिया का खुलकर समर्थन किया। दूसरी तरफ इजरायल ने सोमालिया से अलग हुए सोमालीलैंड को मान्यता देने वाला दुनिया का पहला देश बना। इजरायल को मान्यता देने का मतलब सोमालिया में उसके हितों का टकराव बढ़ेगा। यहां अपनी मूल रणनीति भी बदलने पड़ेगी।

 

  • अमेरिका और इजरायल के साथ जंग के बीच ईरान ने उन देशों को धमकी दी थी, जो इजरायल के सहयोगी हैं। अभी खाड़ी में सिर्फ बहरीन और यूएई ही इजरायल को मान्यता देने वाले इस्लामिक देश है। इन देशों को जंग में इसका खामियाजा भी उठाना पड़ा। पहले चरण में यूएई और दूसरे में बहरीन को ईरान ने खूब निशाना बनाया। सउदी अरब को यह भी खतरा है कि इजरायल के साथ उसके संबंध सीधे ईरान के खिलाफ खड़े कर देंगे, जबकि मौजूदा संघर्ष में सऊदी अरब उलझने से बचता रहा है।

 

  • पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच घनिष्ठ आर्थिक और रक्षा संबंध है। यदि इजरायल के साथ रिश्ते बेहतर होते हैं तो पाकिस्तान के साथ संबंध बिगड़ सकते है। पाकिस्तान के धार्मिक गलियारों में इजरायल के खिलाफ भावना सबसे आक्रामक है। सऊदी अरब और इजरायल के बीच सीधे राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद पाकिस्तान सरकार को खुलकर समर्थन करना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि सरकार को घरेलू स्तर पर विरोध का सामना करना पड़ सकता है।

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हूती और ईरान का एंगल समझिए

यमन की सीमा भी सऊदी अरब से लगती है। यहां के हथियारबंद हूती विद्रोहियों की न सऊदी अरब से बनती है और न ही इजरायल से। अगर दोनों देशों के बीच रिश्ते सामान्य हुए तो हूती विद्रोही सऊदी अरब के खिलाफ मोर्चा खोल सकते हैं। वहीं मान्यता देने का मतलब यह होगा कि सऊदी अरब अपना परमाणु कार्यक्रम शुरू कर सकता है, लेकिन यह शुरू करना आसान नहीं है। ईरान और हूती विद्रोही कभी नहीं चाहेंगे कि रियाद के पास परमाणु बम आए। वो भी तब जब ईरान का परमाणु बम बनाने का सपना लगभग टूटने के कगार पर है।

बंद मेट्रो स्टेशन ने बढ़ाई मुश्किलें, महंगी कैब-ट्रैफिक से जूझते रहे लोग

जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने 39 दिनों तक लंबा आंदोलन किया, जिसकी बदौलत बीजेपी सांसद प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई) को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से दोपहर 2 बजकर 18 मिनट पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। आंदोलन को देखते हुए सरकार ने कई कदम उठाए थे। इन्हीं कदमों में से एक था दिल्ली मेट्रो द्वारा एक दर्जन से अधिक स्टेशनों को बंद करना। सरकार ने आंदोलन में सुरक्षा की दृष्टि से लुटीयंस दिल्ली में मौजूद 18 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा था। प्रधान का इस्तीफा और प्रदर्शन खत्म होते ही मेट्रो ने शनिवार शाम 6:22 बजे सभी गेट खोल दिए।

 

मगर, सरकार के इस कदम से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन कई दिनों से बंद था, जिसके चलते यहां मेट्रो से आने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली-एनसीआर से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन आने वाले यात्री मेट्रो से आते-जाते हैं। मेट्रो की यात्रा लोगों के लिए सस्ती और समय बचाने वाली होती है।

 

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खबरगांव ने जानी ग्राउंड पर लोगों की परेशानी

 

दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मेट्रो बंद होने की वजह से होने वाली परेशानियों को जानने के लिए ‘खबरगांव’ ने शनिवार दोपहर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले जाकर जायजा लिया। सामने आया कि स्टेशन आने वाले यात्रियों को ‘नई दिल्ली मेट्रो’ के बंद होने से समय और पैसों की भारी क्षति हुई। मेट्रो नहीं चलने की वजह से लोग कैब, ऑटो से स्टेशन आते-जाते मिले।

 

 

12 किलोमीटर के लिए 600 रुपये

 

पियूष नाम के एक यात्री अपने पिता के साथ बिहार के दरभंगा जिले से आए थे। उन्हें दिल्ली के भरत नगर (NFC) जाना था, जिसके लिए उन्होंने उबर से कैब बुक की थी। उन्होंने बताया कि जो कैब सामान्य दिनों में 250-300 रुपये में हो जाती थी वही कैब वाला आज 600 रुपये में आ रहा है। यात्री ने बताया कि मेट्रो बंद होने की वजह से उन्हें मजबूरन अधिक पैसे चुकाने पड़ रहे हैं। रेलवे स्टेशन से भरत नजर की दूरी 12 किलोमीटर है।

 

चांदनी चौक स्टेशन बना सहारा


प्रशांत नाम के एक यात्री चंडीगढ़ से दिल्ली आए। वह स्टेशन के अजमेरी गेट पर मेट्रो के ठीक सामने अपनी कैब का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उन्हें गुरुग्राम जाना है लेकिन यहां से मेट्रो नहीं चल रही। प्रशांत ने बताया कि वह हमेशा 60 रुपये मेट्रो में किराया देकर स्टेशन आते-जाते हैं। मगर, उन्होंने बताया की यहां से गुरुग्राम दूर है ऐसे में उन्होंने यहां से उबर बाइक की है, जिससे वह चांदनी चौक जाएंगे और वहां से मेट्रो पकड़कर गुरुग्राम निकलेंगे। जाते-जाते उन्होंने बताया कि मेट्रो बंद होने से दिक्कत हो रही है।

 

 

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बिहार के गोपालगंज से चेतन और नित्या को स्टेशन के बाहर फुटपाथ पर बैठकर काफी देर से अपनी कैब बुक कर रहे थे, लेकिन कैब वाला बार-बार उनकी राइड कैंसिल कर रहा था। पूछने पर उन्होंने बताया कि मेट्रो नहीं चलने की वजह से परेशानी हो रही है क्योंकि मेट्रो से उनके पैसे और समय दोनों की बचत होती है मगर, अब कैब के सहारे हमें निर्भर होना पड़ रहा है।

 

दोनों को द्वारका मोड़ जाना था। उन्होंने बताया कि वह चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन जाएंगे और वहां से द्वारका जाने वाली मेट्रो पकड़ेंगे।


मेट्रो बंद होने की वजह से डबल खर्च करने पड़े

 

इसी तरह से पिंटू अपनी पत्नी और बेटे को लेने के लिए उत्तम नगर से स्टेशन आए थे। वह करोल बाग तक मेट्रो से आए और वहां से ऑटो लेकर यहां आए। अपने परिवार के साथ स्टेशन के बाहर खड़े पिंटू ने बताया कि वह बैक बुक करके यहां से करोल बाग जाएंगे फिर वहां से उत्तम नगर जाने वाली मेट्रो पकड़ेंगे। उन्होंने बताया कि जो काम कम पैसों में हो जाता था वह मेट्रो बंद होने की वजह से डबल खर्च करने पड़ रहे हैं।

 

 

ओला, उबर और रैपिडो की मनमानी

 

नई दिल्ली मेट्रो बंद होने की वजह से ओला, उबर और रैपिडो जैसी कार सेवा देने वाली कंपनियां मनमानी करती दिखीं। लोगों ने आरोप लगाया कि मन-माफिक पैसे और लोकेशन ना मिलने से लोगों की दो से तीन साइड कैंसिल करती दिखीं। कई यात्रियों ने इसकी शिकायत कीं। एक यात्री तो दो राइड कैंसिल होने की वजह से झल्ला गया।

सुबह की ये 5 अच्छी आदतें रखेंगी पूरे दिन एनर्जी से भरपूर, आज से ही अपनाएं


सुबह की शुरुआत जैसी होती है अक्सर हमारा पूरा दिन भी वैसा ही बीतता है। अगर दिन की शुरुआत आलस और थकान के साथ होती है तो काम में मन नहीं लगता है। ऐसे में फिर शरीर भी सुस्त महसूस करने लगता है। वहीं सुबह की कुछ अच्छी आदतें अपनाने से शरीर और दिमाग दोनों तरोताजा महसूस करते हैं। इसलिए सुबह की दिनचर्या पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है। ये आदतें अपनाना मुश्किल नहीं है और इन्हें हर उम्र के लोग आसानी से अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बना सकते हैं।

 

अच्छी बात यह है कि पूरे दिन एनर्जी बनाए रखने के लिए आपको कोई मुश्किल काम करने की जरूरत नहीं है। रोज सुबह की कुछ आसान आदतें अपनाकर आप खुद को दिनभर फ्रैश और एक्टिव महसूस कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसी 5 आसान आदतों के बारे में जिन्हें अपने लाइफस्टाइल में शामिल करके आप पूरे दिन बेहतर महसूस कर सकते हैं।

 

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1. सुबह उठते ही एक गिलास पानी पिएं

रातभर सोने के बाद शरीर को पानी की जरूरत होती है। इसलिए सुबह उठते ही एक गिलास सादा या गुनगुना पानी पीने की आदत डालें। इससे शरीर फ्रैश महसूस करता है और दिन की शुरुआत भी अच्छी होती है। साथ ही शरीर में पानी की कमी भी पूरी होने लगती है।

2. कुछ देर धूप में जरूर बैठें

सुबह की हल्की धूप शरीर के लिए फायदेमंद मानी जाती है। रोज 10 से 15 मिनट धूप में बैठने या टहलने की कोशिश करें। इससे शरीर को विटामिन डी मिलता है और मन भी अच्छा महसूस करता है। सुबह की ताजी हवा भी शरीर को तरोताजा रखने में मदद करती है।

3. हल्की एक्सरसाइज या वॉक करें

सुबह 15 से 20 मिनट टहलना, स्ट्रेचिंग करना अच्छी आदत है। इससे शरीर में फुर्ती आती है और दिनभर काम करने में आसानी होती है। अगर समय कम हो तो घर पर ही कुछ आसान एक्सरसाइज कर सकते हैं।

 

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4. हेल्दी नाश्ता जरूर करें

कई लोग जल्दी के कारण सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। नाश्ते में फल, दूध, दही, दलिया, पोहा, ओट्स या अंडा जैसी पौष्टिक चीजें शामिल करें। अच्छा नाश्ता करने से शरीर को दिनभर काम करने की ताकत मिलती है और जल्दी भूख भी नहीं लगती है।

5. उठते ही मोबाइल चलाने से बचें

आजकल कई लोग सुबह आंख खुलते ही मोबाइल देखने लगते हैं। इससे दिमाग पर बेवजह का दबाव पड़ सकता है। कोशिश करें कि उठने के बाद कुछ मिनट मोबाइल से दूर रहें। इसकी जगह गहरी सांस लें, थोड़ा टहलें या दिनभर के जरूरी कामों की योजना बना लें। इससे दिन की शुरुआत शांत और अच्छी होती है।

देवशयनी एकादशी के दिन पढ़िए यह कथा, तभी बरसेगी भगवान विष्णु की कृपा


आज देवशयनी एकादशी का पर्व है। सनातन धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो भक्त इस दिन व्रत रखता है, सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करता है और व्रत कथा पढ़ता या सुनता है, उसे न केवल भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि अनजाने में किए गए पापों से भी मुक्ति मिलती है। साथ ही भक्त को मोक्ष की प्राप्ति होती है और उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।


इसी व्रत के बारे में एक बार युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा था कि देवशयनी एकादशी का क्या महत्व है। तब भगवान श्रीकृष्ण ने उत्तर दिया कि यह सभी एकादशी व्रतों में श्रेष्ठ है। इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति के पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में भक्त देवशयनी एकादशी का व्रत रखते हैं।

 

धार्मिक जानकारों के अनुसार, जिन लोगों ने देवशयनी एकादशी का व्रत रखा लेकिन व्रत कथा नहीं पढ़ी या सुनी, उनका व्रत अधूरा माना जाता है। ऐसे में भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण नहीं होतीं। इसलिए इस दिन व्रत के साथ व्रत कथा पढ़ना या सुनना भी बेहद जरूरी माना गया है। अब सवाल उठता है कि देवशयनी एकादशी की व्रत कथा क्या है? आइए जानते हैं।

 

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देवशयनी एकादशी व्रत कथा

 

कथा के अनुसार, प्राचीन समय में मांधाता नाम के एक राजा थे। वे अपनी प्रजा के हितों की रक्षा करते थे और राज्य के लोगों के कल्याण के लिए कार्य करते थे। उनके राज्य में कभी अकाल नहीं पड़ता था। हालांकि, एक बार उनके राज्य में लगातार तीन सालों तक बारिश नहीं हुई। बारिश न होने के कारण पूरे राज्य में भयंकर अकाल पड़ गया। लोग अन्न और जल के लिए तरसने लगे। अन्न और जल की कमी के कारण लोगों ने हवन, यज्ञ और पूजा जैसे धार्मिक अनुष्ठान भी करना छोड़ दिए। 

 

राज्य की ऐसी स्थिति देखकर राजा मांधाता बहुत दुखी और चिंतित हो गए। वे लगातार सोचने लगे कि इस समस्या का समाधान कैसे निकाला जाए। काफी विचार-विमर्श करने के बाद वे समाधान की खोज में जंगल की ओर निकल पड़े।

 

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जब राजा मांधाता घोड़े पर सवार होकर जंगल में घूम रहे थे, तब उन्हें ब्रह्माजी के पुत्र महर्षि अंगिरा का आश्रम दिखाई दिया। वे तुरंत आश्रम पहुंचे और हाथ जोड़कर बोले, ‘हे ऋषिवर मैं सदैव धर्म का पालन करता हूं, फिर भी मेरे राज्य में पिछले तीन साल से बारिश नहीं हुई है। कृपया कोई ऐसा उपाय बताइए, जिससे मेरे राज्य में फिर से बारिश हो और अकाल समाप्त हो जाए।’

 

तब महर्षि अंगिरा ने कहा, ‘हे राजन आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली देवशयनी एकादशी का व्रत करें। इस व्रत के प्रभाव से भक्तों को पापों से मुक्ति मिलती है। आप अपने राज्य के सभी लोगों के साथ मिलकर देवशयनी एकादशी का व्रत रखें और विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करें। इससे आपके राज्य की सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी।’ महर्षि अंगिरा से उपाय जानने के बाद राजा मांधाता अपने राज्य लौट आए। जब देवशयनी एकादशी का दिन आया, तब राजा ने पूरी प्रजा के साथ मिलकर व्रत रखा और विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की। व्रत के प्रभाव से राज्य में अच्छी बारिश हुई, चारों ओर हरियाली छा गई और राज्य से अकाल समाप्त हो गया।

 

नोट- यह कथा धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। खबरगांव इसकी पुष्टि नहीं करता है।