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डीके शिवकुमार बने कांग्रेस विधायक दल के नेता, 3 जून को लेंगे सीएम पद की शपथ


सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद डीके शिवकुमार को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। जल्द ही वे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। दो दिन पहले यानी 28 मई को हाईकमान के निर्देश पर सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। बदले में कांग्रेस हाईकमान ने उन्होंने राज्यसभा जाने का ऑफर दिया था। हालांकि उन्होंने विनम्रता से इसे अस्वीकार कर दिया था।

 

 2023 में कांग्रेस को कर्नाटक में मिली जीत के बाद डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच सीएम पद की रस्साकशी चली थी। तब सिद्धारमैया ने बाजी मारी थी। बता दें कि कर्नाटक में 2028 में विधानसभा चुनाव होने हैं।

 

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कर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विधान सौध में हुई बैठक में विधायक दल के नए नेता के तौर पर डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा। जी परमेश्वर ने प्रस्ताव का समर्थन किया। बैठक में सर्वसम्मति से शिवकुमार को नेता चुना गया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला भी बैठक में मौजूद थे। बीच में बैठक करीब 10 मिनट तक रुकी रही।

 

मुख्यमंत्री के कमरे में रणदीप सुरजेवाला और वेणुगोपाल ने सिद्धारमैया से चर्चा की। बाद में तीनों नेता एक साथ कॉन्फ्रेंस हाल में लौटे। जहां वेणुगोपाल ने नए सीएलपी नेता के तौर पर डीके शिवकुमार के नाम की घोषणा की।  

 

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अब तीन जून को डीके शिवकुमार लोक भवन स्थित ‘ग्लास हाउस’ में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। सीएलपी नेता चुने जाने के बाद सिद्धारमैया सरकार में डिप्टी सीएम रहे डीके शिवकुमार ने भी एक प्रस्ताव पेश किया। इसमें सीएम के तौर पर सिद्धारमैया के कार्यों और सेवाओं की सराहना की। 

 

बता दें कि सिद्धारमैया ने कांग्रेस हाईकमान के अनुरोध पर गुरुवार यानी 28 मई को अपने पद से इस्तीफा दिया था। हालांकि उस वक्त कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत राज्य में मौजूद नहीं थे। बेंगलुरु लौटने पर उन्होंने अगले दिन यानी शुक्रवार को सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार किया और मंत्रिपरिषद को भंग किया।

मास्टरशेफ विनर पंकज भदौरिया को हुआ ब्रेस्ट कैंसर, जानिए इस बीमारी के लक्षण


‘मास्टर शेफ सीजन 1’ की विनर पंकज भदौरिया को ब्रेस्ट कैंसर हो गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। पकंज ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर पोस्ट शेयर किया है। इस पोस्ट में वह अस्पताल के बेड पर लेटी हुई नजर आ रही हैं। उन्होंने अपनी फोटो शेयर करते हुए लिखा, ‘मुझे ब्रेस्ट कैंसर हुआ है और आपकी दुआओं की जरूरत है।’ इस खबर को जानने के बाद उनके जल्द ठीक होने की दुआ कर रहे हैं। उन्हें किस स्टेज का कैंसर हुआ है? इसके बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

 

पंकज भदौरिया सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव हैं। वह फैंस संग हर अपडेट शेयर करती हैं। उन्होंने 17 मई को एक पोस्ट शेयर किया था जिसमें बताया था कि हेल्थ चेकअप के लिए आई हैं। उन्होंने कहा था कि मुझे लगता है कि आप 45 के ऊपर हैं तो अपना हेल्थ चेकअप करवाते रहना चाहिए। पंकज से पहले हिना खान, सोनाली बेंद्रे और छवि मित्तल समेत कई कलाकार ब्रेस्ट कैंसर से जंग लड़ चुके हैं। आइए इस जानलेवा बीमारी के गंभीर लक्षणों के बारे में जानते हैं।

 

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महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर

WHO की रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में 2.3 मिलियन महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित है। यह महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर है। जब ब्रेस्ट की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती है तो उसे ब्रेस्ट कैंसर कहा जाता है। इस गंभीर बीमारी का कोई इलाज नहीं है। जितनी जल्दी इस बीमारी के बारे में पता चलेगा उतना अच्छा है। एडवांस स्टेज में इस बीमारी को ठीक किया जा सकता है। इस बीमारी के होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं।

ब्रेस्ट कैंसर होने के क्या कारण हो सकते हैं?

कुछ लोगों में यह जेनेटिक होता है। इसके अलावा पीरियड्स का जल्दी शुरू होना, देर से मेनपॉज होना, अनहेल्दी लाइफस्टाइल, सिगरेट और शराब पीने की लत, लंबे समय तक हार्मोनल थेरेपी लेना आदि समेत कई कारण हो सकते हैं।

 

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ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण क्या है?

  • स्तन में गांठ होना
  • ब्रेस्ट के आकार में बदलाव
  • निप्पल से डिस्टार्च निकलना
  • त्वचा का लाल होना 

कौन हैं पंकज भदौरिया?

पंकज भदौरिया शेफ बनने से पहले टीचर थीं। उन्हें कुकिंग का शौक था। उन्होंने अपने इस पैशन को फॉलो किया और मास्टर शेफ में हिस्सा लिया। इस शो से उन्हें घर-घर में पहचान मिली। वह लखनऊ की रहने वाली हैं। वह अपने सोशल मीडिया पर फैंस संग कुकिंग रेसिपी और टिप्स शेयर करती रहती हैं।  

 

बृहस्पति और शनिदेव की कृपा से मिलेगा मेहनत का फल या नहीं? जानिए


30 मई का यह दिन कुछ लोगों के लिए बेहद रोचक और ऊर्जावान रहने वाला है। हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। आज शनिवार है, इस वजह से हर राशि पर शनिदेव की कृपा का दिन है, जो ज्ञान, संयम और कर्मप्रधानता के कारक हैं। अंक ज्योतिष के नजरिए से देखें तो आज का मूलांक 3 है, जिसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। ऐसे में आज सभी जातकों के भाग्य में कर्म और ज्ञान का एक अनोखा संगम देखने को मिलेगा। आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक शांति बढ़ेगी।

 

आज के दिन की ऊर्जा बेहद सकारात्मक रहेगी, जिसमें हमें पुराने अधूरे काम निपटाने का मौका मिलेगा। साथ ही भविष्य को लेकर ठोस योजनाएं बना सकते हैं। शनिवार का दिन होने से किसी भी काम में जल्दबाजी करने से बचना चाहिए, बल्कि स्थिरता पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा। नौकरी करने वाले लोगों को अपना काम करने के बाद दोबारा रीचेक करना चाहिए। पारिवारिक नजरिए से आज का दिन रिश्तों में गहराई और जिम्मेदारी का अहसास कराने वाला रहेगा। आइए जानते हैं कि मेष से लेकर मीन राशि तक के सभी जातकों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

 

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राशिफल और उपाय

 

 मेष राशि

 

आज आपको ऑफिस में थोड़ा ज्यादा मेहनत करना पड़ सकता है। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी। हालांकि आज अनचाहे खर्च हो सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर धन खर्च करें। जीवनसाथी के साथ बहस हो सकती है, जिसमें आपको शांत रहकर बातचीत के जरिए मसले को सुलझाना चाहिए।

आज क्या करें: शनि चालीसा का पाठ करें।

आज क्या न करें: किसी भी व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।

 

 वृषभ राशि

 

नौकरीपेशा जातकों को आज अपने सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। साथ ही सीनियर्स आपके काम की तारीफ करेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। निवेश के पुराने मामलों से अच्छा रिटर्न मिल सकता है।

आज क्या करें: किसी जरूरतमंद को काले तिल दान करें।

आज क्या न करें: आज के दिन बड़े आर्थिक फैसले टालें।

 

 मिथुन राशि

 

नौकरी में सीनियर्स का दबाव बढ़ सकता है, हालांकि आप अपनी समझदारी से काम समय पर पूरा कर देंगे। जो लोग बिजनेस करते हैं, उन्हें दुश्मनों से मुकाबला करना पड़ सकता है। घर में किसी बात को लेकर बहस हो सकती है।

आज क्या करें: हनुमान जी को सिंदूर और चोला चढ़ाएं।

आज क्या न करें: अपनी योजनाओं को किसी के साथ शेयर न करें।

 

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कर्क राशि

 

आज का दिन क्रिएटिव काम करने के लिए बेहतरीन है। नौकरी में प्रमोशन हो सकता है। व्यापार की नई योजनाएं सफल होंगी। आज आपको अचानक धन लाभ हो सकता है, जिसे देखकर आप बेहद खुश होने वाले हैं।

आज क्या करें: शिवलिंग पर जल अर्पित करें।

आज क्या न करें: काम में आलस न दिखाएं।

 

 सिंह राशि

 

ऑफिस की राजनीति का शिकार होने से बचें। इसके लिए आप अपने काम से काम रखें। आज जमीन या गाड़ी पर धन खर्च होने के योग बन रहे हैं। आज आपकी मां की तबीयत खराब हो सकती है, जिसको लेकर पूरे परिवार में चिंता बनी रहेगी।

आज क्या करें: पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

आज क्या न करें: आज किसी वाद-विवाद में न उलझें।

 

 कन्या राशि

 

आज आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। दफ्तर में आपका प्रभाव बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। भाई-बहनों का सहयोग रहेगा। परिवार के साथ किसी यात्रा पर जा सकते हैं। प्रेम संबंधों में आपसी विश्वास और मजबूत होगा।

आज क्या करें: शनिदेव के मंत्र ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ का जाप करें।

आज क्या न करें: आज किसी को भी कड़वे शब्द न बोलें।

 

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तुला राशि

 

नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन सामान्य रहेगा। व्यापार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने से बिक्री में इजाफा होगा। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी। परिवार की जरूरतों पर कुछ पैसा खर्च हो सकता है। जीवनसाथी का हर मोड़ पर सहयोग मिलेगा।

आज क्या करें: चींटियों को आटा और चीनी डालें।

आज क्या न करें: आज किसी से उधार न लें और न ही दें।

 

 वृश्चिक राशि

 

चंद्रमा आपकी ही राशि में होने से आज आप आकर्षण का केंद्र रहेंगे। ऑफिस में बड़े फैसले लेने के लिए यह दिन बेहद अच्छा है। धन लाभ के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। लंबे समय से रुका हुआ पैसा आज वापस मिल सकता है।

आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।

आज क्या न करें: गुस्से की भावना को खुद पर हावी न होने दें।

 

धनु राशि

 

आज ऑफिस में कुछ रुकावटें आ सकती हैं। नौकरी करने वाले लोगों को ऑफिस में सतर्क रहना होगा। आज के दिन जीवनसाथी के साथ तालमेल बिठाने की जरूरत है। घर के मामलों में बाहरी लोगों का दखल न होने दें।

आज क्या करें: पक्षियों को दाना डालें।

आज क्या न करें: आज देर रात तक जागने से बचें।

 

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 मकर राशि

 

आज का दिन आपके लिए तरक्की के नए रास्ते खोलेगा। व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने की पूरी उम्मीद है। नौकरी में आपके काम की सराहना होगी। पैसे के निवेश के लिए दिन बहुत उत्तम है, जिससे भविष्य में बड़ा लाभ मिल सकता है।

आज क्या करें: शनि मंदिर में काले तिल और सरसों का तेल अर्पित करें।

आज क्या न करें: आज किसी भी काम को कल पर न टालें।

 

 कुंभ राशि

 

ऑफिस में आपकी स्थिति मजबूत होगी। बॉस आपके काम से बेहद प्रभावित होंगे। नए प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाकर आप लाभ कमा पाएंगे। घर-परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा। जीवनसाथी के करियर से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है।

आज क्या करें: शाम को शमी के पौधे के पास दीपक जलाएं।

आज क्या न करें: आज अनैतिक कार्यों से पूरी तरह दूर रहें।

 

 मीन राशि

 

आज भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। आज का दिन आध्यात्मिक कार्यों से जुड़े लोगों के लिए बेहद शुभ रहेगा। व्यापार में रुका हुआ काम अचानक रफ्तार पकड़ेगा। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी। परिवार में किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है।

आज क्या करें: मंदिर में चने की दाल या पीली मिठाई का दान करें।

आज क्या न करें: आज किसी भी वरिष्ठ व्यक्ति का अनादर न करें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर बताया गया है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

‘इजरायल के प्रति भारत में जबरदस्त प्रेम’, नेतन्याहू ने जमकर की तारीफ


इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जॉर्डन घाटी में एक कार्यक्रम के दौरान भारत की जमकर तारीफ की। उन्होंने भारत को एक विशाल शक्ति बताया। यह भी कहा कि दुनिया के अन्य हिस्सों में यहूदी राष्ट्र की वैधता पर सवाल उठाने के प्रयासों के बावजूद भारत में इजराइल के लिए जबरदस्त प्रेम है।

 

उन्होंने आगे कहा कि भारत के साथ इजरायल के अद्वितीय संबंध है। मैं यह कहूंगा कि दुनिया के कई हिस्सों में हमारी वैधता पर सवाल उठाए जाते हैं लेकिन भारत में नहीं। भारत में इजराइल के लिए जबरदस्त प्रेम है, वाकई जबरदस्त। मुझे लगता है कि मेरे सबसे अधिक ‘फॉलोअर’ भारत से हैं। बता दें कि इजरायली प्रधानमंत्री पहले ही कई बार सार्वजनिक मंच से भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ कर चुके हैं। 

 

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एक अन्य वीडियो में नेतन्याहू ने कहा, ‘हम अपने गठबंधनों का विस्तार कर रहे हैं और आप जिस बारे में बात कर रहे हैं, वह इन गठबंधनों को एक बड़े दायरे तक ले जाने की बात है। यह बड़ा दायरा वास्तव में भारत नाम की एक बहुत बड़ी शक्ति के साथ हमारे विशिष्ट संबंधों से जुड़ा है।’

 

बेंजामिन नेतन्याहू के बयान पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘इजरायल के साथ हमारे संबंध मजबूत, अच्छे और सौहार्दपूर्ण हैं।’

 

 

 

अलग-थलग पड़ रहा इजरायल

गाजा और लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ युद्ध और ईरान पर हमले के बाद इजरायल पश्चिमी दुनिया में काफी अलग-थलग पड़ रहा है। फ्रांस और ब्रिटेन जैसे कई सहयोगी खुलकर उसकी निंदा करने में जुटे हैं। अमेरिका में भी एक धड़ा इजरायल के खिलाफ आवाज उठाने लगा है। अभी तक ईरान मसले का कोई हल नहीं निकला है। सीरिया में तुर्की के साथ भी इजरायल का तनाव जारी है। इन सभी परिस्थितियों में भारत का जिक्र और इजरायल के प्रति प्रेम का अपना रणनीतिक महत्व है।

 

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भारत और इजरायल का बढ़ रहा सहयोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 से 26 फरवरी तक इजरायल की यात्रा की थी। 2017 के बाद यह उनका पहला इजरायल दौरा था। आज भारत इजरायल के साथ कृषि, रक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता, सुरक्षा और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्र में काम कर रहा है। दोनों ही देश IMEC कॉरिडोर का भी हिस्सा है।  इसके अलावा I2U2 का भी हिस्सा है। यह एक रणनीतिक समूह है। इसमें भारत, इजरायल, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं। 

प्राइमरी शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य, एक साल समयसीमा बढ़ी


सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में प्राइमरी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET पास करना अनिवार्य कर दिया है। हालांकि शीर्ष अदालत ने टीईटी पास करने की मौजूदा समयसीमा 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया है। जस्टिस दीपांकर दत्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह अहम फैसला सुनाया है। 

 

एक आंकड़े के मुताबिक देशभर में करीब 30 लाख शिक्षक टीईटी उत्तीर्ण नहीं है। अब शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि इन शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक टीईटी पास करना होगा। 

 

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कई राज्य सरकारों और शिक्षक संगठनों की पुनर्विचार याचिका पर न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई की। याचिका में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को छूट देने की मांग की गई थी। हालांकि अदालत ने सेवारत शिक्षकों को छूट देने से इनकार कर दिया है।

 

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अदालत ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए योग्य शिक्षक जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सितंबर में सेवारत शिक्षकों और भविष्य में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य किया था। वहीं जिन शिक्षकों के पास पांच साल से कम की सेवा शेष बची थी, उन्हें छूट दी गई थी। हालांकि यह भी स्पष्ट किया था कि उन्हें प्रमोशन नहीं मिलेगा।

क्या गर्मी में ऑयली स्किन वालों को स्लगिंग करनी चाहिए?


सोशल मीडिया पर हर कोई ग्लास जैसी त्वचा के बारे में बात कर रहा है। क्या आप जानते हैं कि ग्लास जैसी त्वचा पाने के लिए आपको अपने स्किन केयर रूटीन में स्लगिंग को शामिल करना पड़ता है। स्लगिंग एक ऐसी प्रकिया है जो त्वचा को मॉश्चराइज रखने में मदद करता है। क्या यह तरीका उन लोगों के लिए फायदमेंद है जिनकी त्वचा ऑयली है? हमारे यहां पर तापमान ज्यादा गर्म और उमस भरा होता है। ऐसे में स्लगिंग करने से ओवर मॉश्चराइजेशन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि क्या स्लगिंग सबके लिए फायदेमंद है।

 

स्लगिंग एक स्किन केयर रूटीन है जिसमें हम चेहरे पर रात में सोने से पहले पेट्रोलियम जेली या मॉश्चराइजर का इस्तेमाल करते हैं। इससे त्वचा में नमी बनी रहती है, ड्राइनेस और इरिटेशन की समस्या कम होती है। पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल करने के बाद हमारी त्वचा ग्लास की तरह चमकने लगती है।

 

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क्या भारतीयों के लिए फायदेमंद है स्लगिंग?

स्लगिंग भारतीयों के लिए बहुत फायदेमंद है। इससे आपकी त्वचा डिहाइड्रेटेड नहीं लगती है। अगर आपकी ऑयली स्किन है तो स्लगिंग करने से बचना चाहिए। स्लगिंग की वजह से मुंहासे की समस्या बढ़ जाती है।

स्लगिंग हर किसी के लिए नहीं होता है। अगर आपको एक्ने की समस्या है तो स्लगिंग करने से बचना चाहिए। ये आपकी परेशानियों को बढ़ाने का काम कर सकता है।

कैसे करें स्लगिंग?

सबसे पहले चेहरे को फेसवॉश से चेहरे को धो लें। 
इसके बाद सीरम और मॉश्चराइज लगाएं।
चेहरे में जब सभी चीजें अच्छे से एब्जॉर्ब हो जाएं तब चेहरे पर पेट्रोलियम जेली लगाएं।
पेट्रोलियम जेली लगाने के 30 मिनट तक इंतजार करें ताकि सभी प्रोडक्ट्स अच्छे से सेटल हो जाएं।

 

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स्लगिंग का फायदा

  • एजिंग को रोकता है-  स्लगिंग करने से त्वचा मुलायम और मॉश्चराइज रहती है जिससे झुर्रियां कम होती है।
  • फ्री रेडिकल्स से बचाता है- स्लगिंग त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाती है जिससे इरिटेशन की समस्या नहीं होती है।
  • डैमेज से बचाता है- स्लगिंग करने से वॉटर लॉस नहीं होता है और नमी बनी रहती है।

प्रतिदिन करें गणेश चालीसा का पाठ, हर कार्य में मिलेगी सफलता


गणेश चालीसा का पाठ बेहद खास होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो भक्त गणेश चालीसा का पाठ करता है, उनके जीवन के सारे विघ्नों यानी संकटों को गणेश भगवान खत्म कर देते हैं। इसी वजह से गणेश भगवान को विघ्नहर्ता कहा जाता है। गणेश भगवान जी को सफलता, सुख-समृद्धि, शुभ आरंभ और बुद्धि का भगवान माना जाता है। गणेश भगवान के स्मरण से व्यक्ति को सुख-समृद्धि और मानसिक शांति मिलती है। धार्मिक जानकारों के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति को कोई शुभ काम शुरू करने से पहले गणेश चालीसा पढ़ना चाहिए। इससे नई शुरुआत सफल होगी।

 

विघ्नहर्ता गणेश भगवान जी का स्मरण करने से भक्तों के हर काम सफल होते हैं। जो लोग हर रोज गणेश चालीसा पढ़ते हैं, उन पर गणेश भगवान का खास आशीर्वाद मिलता है। इस वजह से भक्तों को कोशिश करनी चाहिए कि वे रोज गणेश चालीसा पढ़ें। इसके अलावा, जो व्यक्ति हर रोज गणेश चालीसा का पाठ नहीं कर पाते हैं, उन्हें बुधवार के दिन गणेश चालीसा पढ़ना चाहिए। बुधवार को गणेश भगवान का दिन माना जाता है।

 

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गणेश चलीसा

 

दोहा

 

जय गणपति सद्गुण सदन कविवर बदन कृपाल।
विघ्न हरण मंगल करण जय जय गिरिजालाल॥
 
 चौपाई 

 

जय जय जय गणपति राजू।
मंगल भरण करण शुभ काजू॥

 

जय गजबदन सदन सुखदाता।
विश्व विनायक बुद्धि विधाता॥
 
वक्र तुण्ड शुचि शुण्ड सुहावन।
तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन॥

 

राजित मणि मुक्तन उर माला।
स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला॥
 
पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं।
मोदक भोग सुगन्धित फूलं॥

 

सुन्दर पीताम्बर तन साजित।
चरण पादुका मुनि मन राजित॥
 
धनि शिवसुवन षडानन भ्राता।
गौरी ललन विश्व-विधाता॥

 

ऋद्धि सिद्धि तव चंवर डुलावे।
मूषक वाहन सोहत द्वारे॥

 

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कहौ जन्म शुभ कथा तुम्हारी।
अति शुचि पावन मंगल कारी॥
 
एक समय गिरिराज कुमारी।
पुत्र हेतु तप कीन्हा भारी॥
 
भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा।
तब पहुंच्यो तुम धरि द्विज रूपा।
 
अतिथि जानि कै गौरी सुखारी।
बहु विधि सेवा करी तुम्हारी॥
 
अति प्रसन्न ह्वै तुम वर दीन्हा।
मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा॥
 
मिलहि पुत्र तुहि बुद्धि विशाला।
बिना गर्भ धारण यहि काला॥
 
गणनायक गुण ज्ञान निधाना।
पूजित प्रथम रूप भगवाना॥
 
अस कहि अन्तर्धान रूप ह्वै।
पलना पर बालक स्वरूप ह्वै॥

 

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बनि शिशु रुदन जबहि तुम ठाना।
लखि मुख सुख नहिं गौरि समाना॥
 

सकल मगन सुख मंगल गावहिं।
नभ ते सुरन सुमन वर्षावहिं॥
 
शम्भु उमा बहुदान लुटावहिं।
सुर मुनि जन सुत देखन आवहिं॥
 
लखि अति आनन्द मंगल साजा।
देखन भी आए शनि राजा॥
 
निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं।
बालक देखन चाहत नाहीं॥
 
गिरजा कछु मन भेद बढ़ायो।
उत्सव मोर न शनि तुहि भायो॥
 
कहन लगे शनि मन सकुचाई।
का करिहौ शिशु मोहि दिखाई॥
 
नहिं विश्वास उमा कर भयऊ।
शनि सों बालक देखन कह्यऊ॥
 
पड़तहिं शनि दृग कोण प्रकाशा।
बालक शिर उड़ि गयो आकाशा॥

 

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गिरजा गिरीं विकल ह्वै धरणी।
सो दुख दशा गयो नहिं वरणी॥
 
हाहाकार मच्यो कैलाशा।
शनि कीन्ह्यों लखि सुत को नाशा॥
 
तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधाए।
काटि चक्र सो गज शिर लाए॥
 
बालक के धड़ ऊपर धारयो।
प्राण मन्त्र पढ़ शंकर डारयो॥
 
नाम गणेश शम्भु तब कीन्हे।
प्रथम पूज्य बुद्धि निधि वर दीन्हे॥
 
बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा।
पृथ्वी की प्रदक्षिणा लीन्हा॥
 
चले षडानन भरमि भुलाई।
रची बैठ तुम बुद्धि उपाई॥
 
चरण मातु-पितु के धर लीन्हें।
तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें॥
 
धनि गणेश कहि शिव हिय हरषे।
नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे॥
 
तुम्हरी महिमा बुद्धि बड़ाई।
शेष सहस मुख सकै न गाई॥
 
मैं मति हीन मलीन दुखारी।
करहुं कौन बिधि विनय तुम्हारी॥
 
भजत रामसुन्दर प्रभुदासा।
लख प्रयाग ककरा दुर्वासा॥
 
अब प्रभु दया दीन पर कीजै।
अपनी शक्ति भक्ति कुछ दीजै॥

 

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दोहा

 

श्री गणेश यह चालीसा पाठ करें धर ध्यान।
नित नव मंगल गृह बसै लहे जगत सन्मान॥
 
सम्वत् अपन सहस्र दश ऋषि पंचमी दिनेश।
पूरण चालीसा भयो मंगल मूर्ति गणेश॥

 

‘ओमान को उड़ा देंगे’, 200 साल पुराने साथी को अमेरिका ने क्यों धमकी दी?


ईरान के बाद मध्य पूर्व में अब अमेरिका और ओमान के बीच रिश्ते बिगड़ते दिख रहे हैं। यह तब हो रहा है जब दोनों देशों के बीच 200 साल के ऐतिहासिक रिश्ते हैं। ओमान हमेशा से अमेरिका का सक्रिय सहयोगी रहा है। ईरान से युद्ध शुरू होने से पहले परमाणु वार्ता में बेहद अहम किरदार निभाया। जंग शुरू हुई तो अमेरिका का करीबी होने की सजा भी भुगतनी पड़ी।

 

ईरान ने 1 मार्च को ओमान के दुक्म वाणिज्यिक बंदरगाह पर दो ड्रोन से हमला किया। 3 मार्च को एक ईंधन टैंक पर अटैक किया। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को उड़ा देने की धमकी दी। आइये समझते हैं कि ट्रंप को यह धमकी क्यों देनी पड़ी, इसके पीछे क्या वजह है?

 

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डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को वाशिंगटन में कैबिनेट की बैठक बुलाई। तभी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बारे में ट्रंप ने कहा, इसे कोई काबू नहीं करने वाला है। यह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र है। ओमान भी बाकी देशों की तरह व्यवहार करेगा। वरना हमें उन्हें उड़ा देना होगा।

 

शुरुआत में लोगों को लगा कि ट्रंप ने गलती से ईरान की जगह ओमान बोल दिया है, क्योंकि ट्रंप ऐसी गलती कई बार कर चुके हैं। बाद में अमेरिकी विदेश मंत्रालय के सोशल मीडिया पोस्ट ने साफ कर दिया कि ट्रंप ने ओमान को ही धमकी दी है। अब सवाल उठता है कि ट्रंप ने ओमान को धमकी क्यों दी?

यह है धमकी के पीछे की वजह

ईरान के सरकारी टीवी ने ट्रंप के बयान से पहले दावा किया कि अमेरिका और ईरान एक समझौते के बेहद करीब हैं। इसके तहत ईरान और ओमान मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नियंत्रित करेंगे। यहां से गुजरने वाले जहाजों को ‘सेवा शुल्क’ देना होगा। अब माना जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन इसी बात से नाराज है, क्योंकि अमेरिका की पूरी कोशिश कब्जा मुक्त स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है। अगर वहां ईरान और ओमान का नियंत्रण हो जाता है तो वैश्विक स्तर पर यह अमेरिका की बड़ी हार होगी। बुधवार को जब ट्रंप से ईरान और ओमान के नियंत्रण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने ओमान को उड़ाने की धमकी दी।

 

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डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र का हिस्सा है। हालांकि उनका यह तथ्य सही नहीं है। इसका अधिकांश भाग ओमान और ईरान के जलक्षेत्र में पड़ता है। कुछ हिस्सा संयुक्त अरब अमीरात में पड़ता है। हालांकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अंतरराष्ट्रीय स्ट्रेट है। यहां करीब 20 फीसद पेट्रोलियम और गैस का निर्यात होता है।

 

28 फरवरी के तड़के अमेरिका और इजरायल ने एक साथ ईरान पर बमबारी शुरू की। इसके बाद तेहरान ने स्ट्रेट को बंद कर दिया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में न होने की स्थिति में भी कोई देश प्राकृतिक जलडमरूमध्य पर शुल्क नहीं लगा सकता है। अगर ऐसा किया जाता है तो यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। 

 

‘जितने कटे, उसके दोगुने पेड़ लगाए जाएं’, ललितपुर-सिंगरौली लाइन पर बोले रेलमंत्री


उत्तर प्रदेश के ललितपुर और मध्य प्रदेश के सिंगरौली को जोड़ने के लिए रेल लाइन का काम जारी है। हाल ही में खबरें आईं कि इसका जो रूट तय किया गया उस पर 54 हजार से ज्यादा पेड़ काट दिए गए और अब रूट को ही बदला जा रहा है। इसके चलते और पेड़ काटे जाएंगे। इन खबरों का संज्ञान लेते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने निर्देश दिए हैं कि इसका फिर से अध्ययन किया जाए ताकि पेड़ों को बचाया जा सके। इतना ही नहीं, उन्होंने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्र में जितने पेड़ हैं, उनसे दोगुने ज्यादा पेड़ लगाए जाएं।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खजुराहो-पन्ना सेक्शन पर रेलवे लाइन बिछाने से पहले 54,578 पेड़ कटवा दिए गए और इस पर 24.78 करोड़ रुपये खर्च हुए। फिर  रेलवे ने कहा कि इस रूट पर 6 खतरनाक मोड़ हैं जिनके चलते ट्रेन का संचालन सुरक्षित नहीं था। अब इस रूट को बदलल दिया गया है और नया रूट पहले वाली जगह से लगभग 1 किलोमीटर दूर से प्रस्तावित किया गया है। इसके लिए फिर से पेड़ों को काटा जाना है और वन विभाग ने पेड़ों की गिनती भी शुरू कर दी है। 

 

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दोगुने पेड़ लगाने के निर्देश

 

पन्ना के जंगल के अलाइनमेंट से जुड़ी खबरों का रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संज्ञान लिया है। अलाइनमेंट के ड्रोन फोटोज और टोपो शीट का अध्ययन किया गया है। साथ ही, टीम को निर्देश दिया गया है कि वर्तमान अलाइनमेंट में तकनीकी विशेषज्ञों को बुलाकर रेलवे लाइन निर्माण का एक बार फिर अध्ययन किया जाए ताकि पेड़ों को बचाया जा सके। इतना ही नहीं, यह भी निर्देश दिया गया कि प्रभावित क्षेत्र में जितने पेड़ हैं, उनसे दोगुने से अधिक पेड़ आगामी मानसून से पहले लगाए जाएंगे।

 

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बता दें कि ललितपुर–सिंगरौली रेल लाइन परियोजना बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण रेल कनेक्टिविटी परियोजना है। यह परियोजना मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ती है। सिंगरौली–ललितपुर रेलवे लाइन पन्ना के जंगलों से होकर गुजरती है। यह लाइन मध्य प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र को झांसी–भोपाल की मुख्य रेल लाइन से जोड़ती है।

गर्मी में क्यों बढ़ गई है खांसी-जुकाम की समस्या? डॉक्टर से जानें बचाव का तरीका


गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखने के लिए हम एसी, कूलर और पंखे का इस्तेमाल करते हैं। इस मौसम में हम दिन भर धूप और गर्मी में बाहर रहते हैं और घर आने पर एसी में बैठ जाते हैं। इस वजह से कुछ लोग सर्द-गर्म की समस्या हो जाती है। इसके अलावा हीटवेव की वजह से हवा ड्राई और डस्टी हो सकती है। इन कारणों से खांसी, जुकाम, गले में खराश की समस्या बढ़ जाती है। हमने इस बारे में बेंगलुरु के एस्टर आरवी अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के लीड कंसल्टेंट डॉ. अरविंदा एस. एन. से बात की।

 

डॉक्टर एस. एन के मुताबिक हीट वेव की वजह से हवा सूखी और धूल भरी हो जाती थी जिससे गला, नाक और सांस लेने की नलियों में इरिटेशन महसूस होती है। इस मौसम में धुआं और प्रदूषण की वजह से एलर्जी और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ जाती है। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी होने से गला और नाक की अंदरूनी परत सूख जाती है जिससे सूखी खांसी, छींक और गले में खराश की समस्या बढ़ जाती है।

 

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कौन से लक्षण नजर आते हैं?

अस्थमा, साइनेस और एलर्जी से पीड़ित लोगों को ज्यादा परेशानी होती है। लंबे समय तक गर्म हवाओं, धूल और खराब एयर क्वॉलिटी के संपर्क में आने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

  • सूखी खांसी
  • बार-बार छींक आना
  • गले में खराश या जलन
  • नाक बंद होना
  • आंखों से पानी आना
  • सांस लेने में तकलीफ होना
  • सिरदर्द

कुछ लोगों को थकान, सीने में जकड़न या सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आना शामिल हैं।
 
खांसी और छींक का इलाज क्या है?

  • गर्मी के मौसम में खांसी और छींक की समस्या का इलाज मुख्य रूप से शरीर को डिहाइड्रेशन से बचना है। इसके अलावा गर्म हवा, धूल, प्रदूषण से दूर रहे।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। इससे गला और सांस की नलियों में नमी बनी रहती है जिससे जलन कम होती है। 
    बाहर धूप में निकलने से बचें।
  • डॉक्टर आपको एंटीहिस्टाइमन दवाएं, नेजल स्प्रे, इनहेलर और खांसी को कम करने के लिए दवा देते हैं। अगर आपको हल्की खांसी है तो भाप लें, गुनगुना पानी पिएं, नमक वाले गुनगुन पानी से गरारे करें और शहद का सेवन करें। 
  • इसके अलावा जिन लोगों को अस्थमा या एलर्जी की समस्या है उन्हें अपनी नियमित दवाएं लेनी चाहिए। गर्मी से धूल से बचकर रहे।

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क्या घरेलू नुस्खों से आराम मिलेगा?

हल्की खांसी और छींक की समस्या को घरेलू उपाय से ठीक किया जा सकता है। गुनगुना पानी, हर्बल चाय और मौसमी फलों का सेवन करें जिससे शरीर हाइड्रेटेड रहे।
कमरे में सही वेंटिलेशन या ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें।

दवा लेने के बाद ठीक न होने पर क्या करें?

अगर दवा लेने के बाद भी खांसी और छींक की समस्या ठीक नहीं हो रही है तो डॉक्टर आपको कुछ टेस्ट लेने की सलाह देते हैं जिसमें चेस्ट एक्स रे शामिल होता है जिससे फेफड़ों में संक्रमण या सांस से जुड़ी अन्य बीमारियों का पता लगाया जाता है। 
पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (PMT) से यह पता चलता है कि कहीं अस्थमा या सांस की नलियों में कोई परेशानी तो नहीं है। इसके अलावा ब्लड टेस्ट की सलाह दी जाती है ताकि शरीर में सूजन का पता लगता है। अगर लंबे समय तक साइनेस या एलर्जी बनी हुई है तो डॉक्टर साइनस जांच या सीटी स्कैन कराने की सलाह दे सकते हैं।