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योग करने से स्पर्म क्वॉलिटी होगी बेहतर, AIIMS के वैज्ञानिकों की स्टडी में दावा


योग सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह बात तो हम सब जानते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि योग करने से पुरुषों की फर्टिलिटी बेहतर होती है। इससे स्पर्म क्वॉलिटी बेहतर होती है, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और डीएनए डैमेज होने का खतरा कम होता। यह स्टडी ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ योग’ में पब्लिश हुई है।

 

दुनियाभर में 15% से ज्यादा कपल्स पुरुष इनफर्टिलिटी से प्रभावित है और इनफर्टिलिटी के लगभग आधे मामलों में पुरुषों से जुड़े कारण ही जिम्मेदार होते हैं। इस स्टडी को एम्स के रिसर्च ने किया है। डॉक्टर प्रभाकर तिवारी, डॉक्टर राजीव कुमार, डॉक्टर रीमा दादा और अंजलि यादव ने प्राइमरी इनफर्टिलिटी वाले पुरुषों पर 12 हफ्ते के व्यवस्थित योग प्रोग्राम के प्रभाव का विशलेषण किया। इसमें रिसर्चर्स ने पाया कि योग करने वाले पुरुषों में सीमिनल ऑक्सीडेटव स्ट्रेस, स्पर्म की क्वालिटी और डीएनए के फ्रेग्मेंटेंशन पर असर देखने को मिला है।

 

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पुरुषों में इनफर्टिलिटी के मुख्य कारण

स्टडी में डॉक्टर रीमा दादा ने बताया, ‘पुरुषों में इनफर्टिलिटी के मुख्य कारण अनहेल्दी लाइफस्टाइल, मोटापा, स्मोकिंग, शराब का सेवन, तनाव, प्रदूषण, माइक्रो नैनो प्लास्टिक, लेट शादी करना और लेट बच्चे करना है। इन सभी चीजों के वजह से माइटोकांड्रिया का नुकसान पहुंचता है जिससे ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है जो स्पर्म को नुकसान पहुंचाता है।

 

उन्होंने बताया कि इस स्टडी में बांझपन की समस्या से जूझ रहे हैं 78 पुरुषों को शामिल किया गया था जिनकी उम्र 25 से 40 साल के बीच में थी। इनमें से 42 पुरुषों ने ही 12 हफ्ते का योगा प्रोग्राम पूरा किया है। इन लोगों को हफ्ते में 5 दिन एक घंटे का योग करना था जिसमें योगा पॉश्चर, ब्रीथिंग एक्सरसाइज, मेडिटेशन और रिलैक्सेशन तकनीक शामिल था। स्टडी में पाया गया कि इन लोगों को योग करने से फायदा मिला है। इनका ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस और ऑक्सिडेटिव डीएनए डैमेज कम हो गया था। इसके अलावा डीएनए फ्रेग्मेंटेशन इंडेक्स भी कम पाया गया। 

 

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योग करने के फायदे

स्ट्रेस हार्मोन का कम होना
एंटी ऑक्सीडेंट डिफेंस सिस्टम को बेहतर करना
ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करना
सूजन का कम होना

 

डॉक्टर रीमा दादा के मुताबिक ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस की वजह से स्पर्म की क्वॉलिटी खराब होती है और डीएनए डैमेज होता है। अगर आप 6 महीने तक योग करेंगे तो ऑक्सिडेविट स्ट्रेस को कम किया जा सकता है। योग के साथ हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करें। संतुलित आहार लें, पर्याप्त मात्रा में नींद लें और स्मोकिंग और शराब छोड़ें।

तुला और सिंह राशि की लगेगी लॉटरी, आपको धन लाभ होगा या नहीं?


आज मां लक्ष्मी की कृपा से लाखों लोगों का दिन शुभ रहेगा, जिससे सिंह और तुला राशि के जातकों के जीवन में खुशहाली आएगी। पंचांग और ग्रहों की चाल लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव और नई ऊर्जा लेकर आ रही है। आज श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। शुक्रवार का दिन धन, वैभव, आकर्षण और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। यह दिन मां लक्ष्मी और शुक्र देव को समर्पित होता है। मूलांक की बात करें तो आज का मूलांक 07 है, जिसका स्वामी ग्रह केतु माना गया है। केतु का प्रभाव व्यक्ति को आध्यात्मिक बनाकर गहरे आत्म-विश्लेषण की ओर ले जाता है। मूलांक 7 और शुक्रवार के योग से आज का दिन भौतिक और आध्यात्मिक, दोनों मामलों में संतुलन बनाने का संकेत दे रहा है।

 

आज चंद्रमा की चाल कई लोगों के मन और भावनाओं पर सीधा असर डालेगी। शुक्र और चंद्रमा के तालमेल से कला, मीडिया, डिजाइनिंग और व्यापार से जुड़े लोगों को विशेष लाभ होगा। आज की ऊर्जा शांति, धैर्य और रणनीतिक योजनाएं बनाने के लिए बेहद अच्छी है। किसी नए विचार पर काम शुरू करना या आर्थिक मामलों में स्थिरता लाना आज आसान रहेगा। कुल मिलाकर, आज का दिन साहस के साथ निर्णय लेने और रिश्तों को संवारने का बेहतरीन अवसर लेकर आया है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

 

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राशिफल

 

मेष राशि

 

आज आपको बिजनेस डील करते समय सतर्क रहना चाहिए। किसी एक्सपर्ट की सलाह पर ही बिजनेस डील करें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। जीवनसाथी के साथ आपसी तालमेल बेहतरीन रहेगा। 

आज क्या करें: मां लक्ष्मी को लाल फूल चढ़ाएं।

आज क्या न करें: काम में जल्दबाजी या क्रोध करने से बचें।

 

वृषभ राशि

 

व्यापार के लिए आज का दिन लाभदायक है। नया निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह अवश्य लें। लव पार्टनर से बातचीत करें, क्योंकि किसी पुरानी गलतफहमी का समाधान बातचीत से संभव है।

आज क्या करें: किसी जरूरतमंद को सफेद मिठाई या दूध का दान करें।

आज क्या न करें: बेवजह के खर्चों पर नियंत्रण रखें, दिखावे से बचें।

 

मिथुन राशि

 

आप अपनी बुद्धि के जरिए काम में सफलता पाएंगे। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नए अवसर मिल सकते हैं। लव लाइफ में मिठास बनी रहेगी। पार्टनर आपकी भावनाओं का पूरा सम्मान करेगा।

आज क्या करें: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।

आज क्या न करें: किसी भी दस्तावेज पर बिना पढ़े साइन न करें।

 

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कर्क राशि

 

ऑफिस में आप पर काम का बोझ थोड़ा बढ़ सकता है। धैर्य से काम लें, दोपहर के बाद परिस्थितियां आपके पक्ष में होंगी। प्रेम संबंधों में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।

आज क्या करें: पक्षियों को दाना और पानी दें।

आज क्या न करें: नकारात्मक सोच वाले लोगों से दूर रहें।

 

सिंह राशि

 

आज आपका आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। सरकारी या अटके हुए कामों में सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत होगी। लव पार्टनर के साथ यात्रा की योजना बन सकती है। प्रेम जीवन में ताजगी महसूस होगी।

आज क्या करें: सूर्य देव को जल अर्पित करें।

आज क्या न करें: अपने व्यवहार में अहंकार को बिल्कुल न आने दें।

 

कन्या राशि

 

अगर आप आज प्लानिंग के साथ काम करेंगे तो सफलता मिलेगी। रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी आपकी बात मानेगा। दोनों के बीच विश्वास मजबूत होगा।

आज क्या करें: तुलसी के पौधे में जल चढ़ाएं और दीपक जलाएं।

आज क्या न करें: स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।

 

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तुला राशि

 

कला, मीडिया और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन शानदार है। वित्तीय मामलों में बड़ा लाभ हो सकता है। जीवनसाथी के साथ रोमांटिक शाम बिताएंगे। नए रिश्तों की शुरुआत के लिए दिन शानदार है।

आज क्या करें: छोटी कन्याओं को टॉफी या फल बांटें।

आज क्या न करें: लेन-देन में लापरवाही न बरतें।

 

वृश्चिक राशि

 

आज आपको मेहनत के हिसाब से परिणाम मिलने में थोड़ा समय लग सकता है। दफ्तर में सहकर्मियों का सहयोग लेते रहें। लव पार्टनर से किसी बात पर अनबन हो सकती है। अपनी वाणी पर संयम रखें।

आज क्या करें: हनुमान जी के दर्शन करें ।

आज क्या न करें: आज किसी भी बड़े निवेश से बचें।

 

धनु राशि

 

आज आपकी योजनाएं सफल होंगी। नए प्रोजेक्ट या व्यापारिक सौदे से भविष्य में बड़ा लाभ मिलेगा। लव पार्टनर के साथ आपसी समझ गहरी होगी। खुशियों भरा दिन रहेगा।

आज क्या करें: भगवान विष्णु के मंदिर में चने की दाल चढ़ाएं।

आज क्या न करें: काम को टालने की आदत से बचें।

 

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मकर राशि

 

नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, जिन्हें आप बखूबी निभाएंगे। संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक समाचार मिलेगा। जीवनसाथी के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। किसी पारिवारिक मुद्दे का मिलकर समाधान निकालेंगे।

आज क्या करें: शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

आज क्या न करें:  विवादित मामलों में दखल देने से बचें।

 

कुंभ राशि

 

आपके नए विचार और रचनात्मकता आपको भीड़ से अलग बनाएंगे। आय के अतिरिक्त स्रोत बन सकते हैं। प्रेम संबंधों में नयापन अनुभव होगा। पार्टनर से कोई प्यारा सरप्राइज मिल सकता है।

आज क्या करें: किसी असहाय व्यक्ति की आर्थिक मदद करें।

आज क्या न करें: उत्साह में आकर कोई गलत निर्णय न लें।

 

मीन राशि

 

विदेश से जुड़े काम या ऑनलाइन कारोबार में अच्छा लाभ होगा। हालांकि पैसों के लेन-देन में सतर्कता बरतें। जीवनसाथी की छोटी-मोटी गलतियों को नजरअंदाज करें। प्रेम में सहिष्णुता बनाए रखना जरूरी है।

आज क्या करें: बहते जल में थोड़ा-सा कच्चा दूध या सफेद तिल बहा दे।

आज क्या न करें: भावुक होकर कोई बड़ा फैसला न लें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

एक पर हमला… सभी पर माना जाएगा, पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब ने की डिफेंस डील


सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने शुक्रवार को एक संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता यमन के हूती विद्रोहियों के साथ रियाद के बढ़ते तनाव के बीच हुआ है। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मक्का में त्रिपक्षीय बैठक की। इसके बाद तीनों नेताओं ने रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। मक्का में बैठक आयोजित होने के कारण इस समझौते को ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौता’ नाम दिया गया है।

 

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि  इस रक्षा समझौते का उद्देश्य क्षेत्र और उसके बाहर शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देना है, ताकि एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य का निर्माण किया जा सके।

 

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ऐतिहासिक और भाईचारे पर आधारित समझौता

बयान में आगे कहा गया कि यह समझौता तीनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक संबंध, भाईचारे और इस्लामिक एकजुटता के मजबूत बंधनों और उनके साझा रणनीतिक हितों व लंबे समय से चले आ रहे डिफेंस सहयोग पर आधारित है।

एक देश पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा

मंत्रालय ने यह भी बताया, ‘इस समझौते का मकसद किसी भी तरह की आक्रामकता के खिलाफ सामूहिक प्रतिरोध को मजबूत करना है और इसमें यह प्रावधान भी है कि अगर तीनों देशों में से किसी एक पर भी कोई सशस्त्र हमला होता है तो उसे सभी पर हमला माना जाएगा।

पहले भी समझौता कर चुका पाकिस्तान

बता दें कि पाकिस्तान इस तरह का रक्षा समझौता सऊदी अरब के साथ पहले भी कर चुका है। इसे ‘स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट’ के नाम से जाना जाता है। हालांकि इस समझौते के बावजूद अफगान तालिबान ने पाकिस्तान पर हमला किया था। तब सऊदी अरब पाकिस्तान के समर्थन में खुलकर नहीं आया था। 

 

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समझौता किसी पक्ष के खिलाफ नहीं

टाइम्स ऑफ इजरायल ने तुर्की के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि यह रक्षा समझौता रक्षात्मक है। तीनों देशों ने सिर्फ रक्षा के लिए ही एक-दूसरे का समर्थन देने का वादा किया है। मतलब अगर किसी देश ने हमला किया तो बाकी दो देश सिर्फ उसे बचाने ही आएंगे, न कि हमलावर देश के खिलाफ जंग शुरू करेंगे। तुर्की के अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह समझौता किसी पक्ष के खिलाफ नहीं है।  

सऊदी अरब को हूतियों की खुली धमकी

रक्षा समझौते के बीच हूती विद्रोहियों ने सऊदी सेना और उसका समर्थन करने वालों को खुली धमकी दी। हूती विद्रोहियों के पॉलिटिकल ब्यूरो के सदस्य हिजाम अल-असद ने एक्स पर लिखा, ‘हमलावर सऊदी सेना, उनके किराये के सैनिकों और हमारी जमीन पर बने उनके कैंपों के लिए कोई सुरक्षा नहीं है।’

 

आगे कहा, ‘जो कोई भी हमारी सशस्त्र सेना के ऑपरेशनों की निंदा करता है, उसे सऊदी कैंप बनाने के लिए अपने देश और इलाके को खोल देना चाहिए। अपने ही लोगों में से किराये के सैनिकों की भर्ती और उन्हें शामिल करने की अनुमति देनी चाहिए।’

‘CM और सरकारों से कहेंगे कि हमें सौंप दो’, एक और मंदिर आंदोलन करेगा VHP?


1980 के दशक में शुरू हुए राम मंदिर आंदोलन ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जबरदस्त उभार दिया था। भले ही सत्ता बीजेपी को मिली लेकिन इसके पीछे मुख्य भूमिका विश्व हिंदू परिषद (VHP) की थी। अब हिंदू धर्मस्थलों के सरकारी नियंत्रण का मुद्दा उठाते हुए विश्व हिंदू परिषद ने एक और ‘मंदिर आंदोलन’ शुरू करने की बात कही है। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने गुरुवार को कर्नाटक के मेंगलुरु में कहा कि आने वाले समय में मुख्यमंत्रियों और सरकारों से कहा जाएगा कि वे हिंदू धर्म के मंदिरों को वापस कर दें। उनका कहना है कि इसके लिए जितना बड़ा आंदोलना करना होगा, उतना करेंगे और राम मंदिर आंदोलन की तरह सफलता हासिल की जाएगी। 

 

VHP के मुखिया आलोक कुमार ने बीते कुछ दिनों में राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर विपक्षी दलों के प्रदर्शनों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ही इन गड़बड़ियों पर एफआईआर करवाई और विशेष जांच दल (SIT) बनवाने की मांग की। उन्होंने संसद में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के उस ऐक्ट की आलोचना की जिसमें वह साधु बनकर चंदा चोरी करते दिखे थे। इस पर आलोक कुमार ने कहा कि ये लोग सनातन धर्म का अपमान कर रहे हैं और आगामी चुनाव में इसका करारा जवाब दिया जाएगा। 

 

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विश्व हिंदू परिषद का प्लान क्या है?

उनका कहना है कि आने वाले दिनों में विधायकों, सांसदों, मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों से मुलाकात करके उन्हें ज्ञापन सौंपा जाएगा और मांग की जाएगी कि मंदिरों को हिंदू समाज को लौटा दिया जाएगा। साथ ही, इस आंदोलन के पक्ष में जन समर्थन जुटाने के लिए देश के अलग-अलग शहरों में मशहूर हस्तियों के कार्यक्रम करवाए जाएंगे।

 

आलोक कुमार ने इस बारे में अपनी बात रखते हुए कहा है, ‘सरकार मस्जिद नहीं चलाती, गुरुद्वारा नहीं चलाती, चर्च नहीं चलाती, जैन आश्रम और बौद्ध मठ नहीं चलाती तो वह मंदिर क्यों चलाती है? मंदिर का पैसा क्यों अपने खजाने में जमा करती है? ऑडिट फीस के नाम पर अलग से पैसा लेती है और वहां एक CEO बिठाकर उस बाबू की तनख्वाह और बाकी चीजें भी मंदिर की आय में से ही लेती है। विश्व हिंदू परिषद ने यह मामला पूरे देश में उठाने का तय किया है।’

 

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उन्होंने आगे कहा है, ‘आने वाले समय में हम सभी मुख्यमंत्रियों और सरकारों को कहेंगे कि अब समय ऐसा आ गया है कि आपको हमारे मंदिर हमको वापस करने पड़ेंगे। जिस स्तर का आंदोलन चाहिए, जितना बड़ा आंदोलन चाहिए, वह आंदोलन करके और जिस तरह VHP ने राम जन्मभूमि के संघर्ष में सफलता पाई, राम सेतु के संघर्ष में सफल पाई। जैसे समान नागरिक संहिता अब देश के अधिकांश राज्यों में बन रही है, गोरक्षा का कानून अधिकांश राज्यों में बन गया और मजबूत हो रहा है, वैसे ही हम मंदिरों की मुक्ति के के लिए संघर्ष करेंगे। हम इस पर काम करेंगे कि भारत सरकार हमारे मंदिरों को हमें वापस सौंपे।’ 

क्या ल्यूकेमिया, थैलेसीमिया का इलाज है कॉर्ड ब्लड बैंकिंग? डॉक्टर से समझिए


हर बच्चा अपनी मां के गर्भनाल से जुड़ा रहता है। इसी गर्भनाल के जरिए गर्भावस्था के दौरान बच्चे को पोषण मिलता है। शिशु के जन्म के बाद अब इसे ब्लड बैंक में डिपोजट करके रखा जाता है क्योंकि गर्भनाल में हेमाटोपोइटिक स्टेम सेल और रक्त पाया जाता है जो भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचने में मदद करता है।

 

दुनियाभर में बच्चे के जन्म के बाद गर्भनाल को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का ट्रेंड बढ़ रहा है। अब भारत में भी लोग इसके प्रति जागरूक हो रहे हैं। हमने इसके बारे में गुरुग्राम के क्लाउडनाइन अस्पताल की स्त्री विशेषज्ञ डॉक्टर चेतना जैन से बात की।

 

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भारत में कॉर्ड ब्लड बैंकिंग का ट्रेंड क्यों बढ़ रहा है?

भारत में कॉर्ड ब्लड बैंकिंग के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है। इसके मुख्य कारण हैं:

  • स्टेम सेल थेरेपी और पुनर्जनन पर बढ़ता शोध।
  • माता-पिता का भविष्य की स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति अधिक सजग होना।
  • ल्यूकेमिया, थैलेसीमिया जैसी कुछ गंभीर बीमारियों के उपचार में स्टेम सेल ट्रांसप्लांट की भूमिका।
  • निजी और सार्वजनिक कॉर्ड ब्लड बैंकों की उपलब्धता।
  • प्रसूति विशेषज्ञों द्वारा गर्भावस्था के दौरान इस विषय पर परामर्श।

हालांकि, हर परिवार के लिए कॉर्ड ब्लड बैंकिंग आवश्यक हो, ऐसा नहीं है। इसका निर्णय चिकित्सा इतिहास और व्यक्तिगत परिस्थितियों के आधार पर लिया जाना चाहिए।

क्या इससे ल्यूकेमिया, थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज हो सकता है? 

कॉर्ड ब्लड में मौजूद हेमेटोपोएटिक स्टेम सेल्स (Hematopoietic Stem Cells) का उपयोग वर्तमान में 80 से अधिक रक्त एवं प्रतिरक्षा संबंधी बीमारियों के उपचार में किया जाता है।

 

इनमें प्रमुख हैं:

  • ल्यूकेमिया (कुछ प्रकार)
  • थैलेसीमिया मेजर
  • एप्लास्टिक एनीमिया
  • लिम्फोमा
  • कुछ जन्मजात इम्यूनोडेफिशिएंसी विकार

हालांकि, यह समझना महत्वपूर्ण है कि कॉर्ड ब्लड स्वयं हर बीमारी का इलाज नहीं है। उपचार की सफलता रोग, मरीज की स्थिति, स्टेम सेल की गुणवत्ता और उपयुक्त डोनर पर निर्भर करती है। कई जेनेटिक बीमारियों में बच्चे का अपना कॉर्ड ब्लड उपयोगी नहीं होता क्योंकि उसी में वही आनुवंशिक दोष मौजूद हो सकता है।

कॉर्ड ब्लड बैंकिंग कराने में कितना खर्च आता है?

भारत में निजी कॉर्ड ब्लड बैंकिंग की लागत का खर्च:

 

शुरुआत की प्रोसेसिंग फीस: लगभग ₹50,000–₹1,20,000

 

स्टोरेज की फीस: कई संस्थान 18–21 वर्ष तक का पैकेज देते हैं, जबकि कुछ सालाना फीस भी लेते हैं। अलग-अलग बैंक, स्टोरेज अवधि और सेवाओं के अनुसार लागत में अंतर हो सकता है।

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किन बीमारियों से लड़ने में मददगार होते हैं?

स्टेम सेल इन बीमारियों के इलाज के लिए मददागर साबित होता है

  • ब्लड कैंसर 
  • थैलेसीमिया
  • लिम्फोमा
  • बोन मैरो फेल्योर सिंड्रोम
  • कुछ जन्मजात ब्लड डिसॉर्डर
  • कुछ इम्यून सिस्टम संबंधी बीमारियां
  • कुछ मेटाबॉलिक डिसॉर्डर

इसके अलावा सेरेब्रल पाल्सी, ऑटिज्म, टाइप-1 डायबिटीज आदि में स्टेम सेल पर शोध जारी है, लेकिन इन स्थितियों के लिए यह अभी नियमित या स्थापित उपचार नहीं माना जाता।

इसे कितने समय तक स्टोर किया जा सकता है?

वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार उचित तापमान (लगभग -196°C, लिक्विड नाइट्रोजन में) पर सुरक्षित रखे गए कॉर्ड ब्लड स्टेम सेल कई दशकों तक जीवित और उपयोग योग्य रह सकते हैं। अब तक 25–30 वर्ष या उससे अधिक समय तक सुरक्षित रखे गए स्टेम सेल के सफल उपयोग की रिपोर्टें उपलब्ध हैं। इसलिए माना जाता है कि सही परिस्थितियों में इन्हें लंबे समय तक संरक्षित रखा जा सकता है।

कॉर्ड ब्लड बैंकिंग की सीमाएं क्या हैं?

कॉर्ड ब्लड बैंकिंग के कुछ महत्वपूर्ण सीमित पहलू हैं:

  • हर बच्चे को भविष्य में इसकी आवश्यकता पड़े, इसकी संभावना बहुत कम होती है।
  • एक यूनिट कॉर्ड ब्लड में स्टेम सेल की मात्रा सीमित होती है, जो बड़े वयस्क मरीजों के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती।
  • कई जेनेटिक बीमारियों में बच्चे का अपना कॉर्ड ब्लड उपयोगी नहीं होता।
  • सभी बीमारियों का इलाज कॉर्ड ब्लड से संभव नहीं है।
  • निजी बैंकिंग महंगी हो सकती है।

वर्तमान में स्टेम सेल थेरेपी के कई संभावित उपयोग अभी भी शोध के चरण में हैं और उन्हें प्रमाणित उपचार नहीं माना जाता। कॉर्ड ब्लड बैंकिंग एक महत्वपूर्ण चिकित्सा विकल्प है, लेकिन इसे भविष्य की गारंटी या हर बीमारी का इलाज समझना सही नहीं होगा। यदि परिवार में थैलेसीमिया, ब्लड कैंसर या अन्य जेनेटिक ब्लड डिसॉर्डर का रिकॉर्ड है, तो गर्भावस्था के दौरान अपने प्रसूति एवं स्टेम सेल विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही निर्णय लेना सबसे उचित रहता है।

सावन का हर दिन सोमवार जितना ही क्यों पवित्र है? समझिए क्या होता है ‘शिव वास’


सनातन धर्म में सावन महीने को शिवभक्ति के लिए सबसे विशेष महीना माना जाता है। इस महीने लाखों भक्त न सिर्फ भगवान शिव की आराधना करते हैं, बल्कि सोमवार के दिन व्रत भी रखते हैं। कई लोगों का मानना है कि सावन के चार सोमवार बेहद खास होते हैं, जिस दिन भगवान शिव अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। जबकि धार्मिक मान्यता के मुताबिक, सावन महीने का हर दिन बेहद खास और पवित्र होता है।

 

धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन महीने में भगवान शिव से जुड़ी ऐसी घटनाएं हुई थीं, जो इस महीने को बेहद विशेष और पवित्र बनाती हैं। इसी वजह से एक तरफ कई भक्त भगवान शिव की पूजा करते हैं, तो वहीं कई लोग महामृत्युंजय जाप, रुद्राभिषेक और कीर्तन भी करते हैं। अब सवाल उठता है कि सावन महीने का हर दिन अपने आप में खास और पवित्र क्यों है? साथ ही यह भी सवाल उठता है कि शिव वास क्या होता है?

 

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सावन महीने का हर दिन क्यों है पवित्र

 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन महीने में भगवान शिव की कृपा सिर्फ सोमवार तक सीमित नहीं रहती। इस महीने भगवान शिव पृथ्वी लोक में निवास करते हैं, इसलिए इस महीने का हर दिन पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी महीने भगवान शिव अपने ससुराल हरिद्वार आते हैं। जब भगवान शिव पृथ्वी लोक में रहते हैं, तब वे हर दिन अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। इसी वजह से सिर्फ सोमवार ही नहीं, बल्कि सावन का हर दिन विशेष माना जाता है। इसके अलावा माना जाता है कि सावन का हर सोमवार एक अलग महत्व को दर्शाता है। अब सवाल उठता है कि शिव वास का अर्थ क्या है? आइए जानते हैं।

शिव वास का अर्थ 

 

धार्मिक ग्रंथ शिव पुराण के अनुसार, शिव वास का अर्थ है भगवान शिव का निवास स्थान। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भगवान शिव हर तिथि पर अलग-अलग स्थानों पर निवास करते हैं। माना जाता है कि इस दौरान भगवान शिव कभी कैलाश पर्वत पर विराजमान होते हैं, तो कभी नंदी भगवान पर सवार होते हैं।

 

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धार्मिक ग्रंथों मुताबिक, भगवान शिव अलग-अलग स्थानों पर निवास करते हैं। इसी आधार पर तय किया जाता है कि कोई तिथि कितनी शुभ है। शिव वास के आधार पर तिथि की गणना की जाती है। अगर गणना में दिन शुभ हो, तो उस दिन रुद्राभिषेक कराना बेहद फलदायी माना जाता है। इसी सिलसिले में नारद जी ने बताया है

 

कैलाशे लभते सौख्यं गौर्या च सुखसम्पदः।
वृषभेऽभीष्ट सिद्धिः सभायां संतापकारिणी।।
भोजने च भवेत् पीड़ा क्रीडायां कष्टमेव च।
श्मशाने मरणं ज्ञेयं फलमेवं विचारयेत्।।

 

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इस श्लोक का अर्थ है कि अगर भगवान शिव कैलाश पर्वत पर विराजमान हों, तो धार्मिक अनुष्ठान कराने से सुख-समृद्धि मिलती है। जब भगवान शिव माता गौरी के साथ विराजमान रहते हैं, तब धार्मिक कार्य करने पर संपत्ति और वैभव की प्राप्ति होती है। जब शिवजी नंदी भगवान पर सवार होते हैं, तब भक्तों को सिद्धि प्राप्त होती है। अगर भगवान शिव भोजन कर रहे हों, तब आराधना करना पीड़ादायक माना जाता है। वहीं जब शिवजी श्मशान में विराजमान हों, तब उस समय आराधना करना कष्टदायी माना गया है।

 

नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

ईरान ने पकड़े मोसाद के 30 एजेंट, इजरायल तक हड़कंप; दो को फांसी भी हो चुकी


इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने ईरान में अपनी जड़ें कभी अंदर तक जमा ली है। मोसाद के एजेंटों से मिली सटीक जानकारी ने तेहरान की शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने में मदद की। पूरे ईरान में मोसाद के एजेंटों का खौफ है। अब ईरान की सरकार इजरायल के एजेंटों को चुन-चुनकर खोज रही है। हाल ही में ईरान ने दावा किया कि उसने मोसाद से जुड़े 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। तेहरान के इंटेलिजेंस मंत्रालय ने इन्हें भाड़े का एजेंट बताया।

 

ईरान की सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB की रिपोर्ट के अनुसार सभी लोगों को दक्षिण-पूर्वी केरमान प्रांत में पकड़ा गया है। ईरान के इंटेलिजेंस मंत्रालय ने बताया कि 30 लोगों को इजरायल की मोसाद खुफिया एजेंसी से संबंध रखने और सैन्य और हवाई रक्षा स्थलों पर जानकारी इकट्ठा करने समेत विभिन्न आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के बीच हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों में इन लोगों ने हिस्सा लिया था।

 

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मोसाद का जासूस बता दो लोगों की दी फांसी

ईरान ने 3 अगस्त को ही इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में दो लोगों को फांसी दी। पिछले साल के विरोध प्रदर्शन और युद्ध के बीच ईरान में प्रदर्शनकारियों को लगातार फांसी दी जा रही है। ईरान की न्यायपालिका ने ओमिद बेहजाद और पूरिया सफवत को 3 अगस्त को फांसी दी। इससे पहले उन्हें मोसाद के लिए जासूसी करने का दोषी ठहराया। यह भी कहा गया कि इन लोगों ने मोसाद को संवेदनशील जानकारी भेजी।  

 

मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक दुनियाभर में चीन के बाद सबसे अधिक फांसी ईरान में दी जाती हैं। ईरान ह्यूमन राइट्स और टुगेदर अगेंस्ट द डेथ पेनल्टी की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान में पिछले साल कम से कम 1,639 लोगों को फांसी दी गई। यह 1989 के बाद से सबसे अधिक आंकड़ा है।

 

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प्रदर्शन में गई हजारों लोगों की जान

पिछले साल दिसंबर और इस साल जनवरी में ईरान में महंगाई के खिलाफ जनता का गुस्सा फूटा। 10 विश्वविद्यालयों के छात्रों समेत आम जनता सड़क पर उतर आई। हिंसक विरोध प्रदर्शन के खिलाफ ईरानी सुरक्षा बलों ने दमन का रास्ता चुना। कई पश्चिमी मानवाधिकार संगठनों ने दावा किया कि ईरानी बलों ने 30 से 60 हजार लोगों को मारा। हालांकि ईरान आधिकारिक तौर पर 3117 मौतों को स्वीकार करता है।

 

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने गुरुवार को एक इंटव्यू में कहा कि विरोध प्रदर्श के दौरान हजारों लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा कि 3000 लोगों की जान गई और आरोप लगाया कि देश के बाहर बैठे लोगों ने आंकड़े को 30 से 40 हजार कर दिया।

 

 

दोषी साबित हुए तरुण तेजपाल, बॉम्बे हाई कोर्ट ने पलटा निचली अदालत का फैसला

बॉम्बे हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए पत्रकार तरुण तेजपाल को दोषी करार दिया है। साल 2013 के यौन उत्पीड़न केस में निचली अदालत ने तरुण तेजपाल को बरी कर दिया था। एक जूनियर सहयोगी के यौन उत्पीड़न के आरोप में यह मुकदमा नवंबर 2013 में दर्ज कराया गया था। इसी मामले में मापुसा की सेशन्स कोर्ट ने साल 2021 में तरुण तेजपाल को बरी कर दिया था। इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी और अब लगभग 5 साल के बाद हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने इस पर अपना फैसला सुनाया है।

 

गुरुवार को हाई कोर्ट की गोवा बेंच की जस्टिस नीला गोखले और जस्टिस अमित जमसंदेकर की बेंच ने गोवा सरकार की ओर से दायक की गई याचिका पर सुनाई की। इस बेंच ने तरुण तेजपाल को आईपीसी की धारा 376 (2)F), 376 (2)(K), 354 (A) और 354 (B) के तहत रेप और यौन उत्पीड़न का दोषी पाया है। तरुण तेजपाल को क्या और कितनी सजा होगी इस पर अलग से सुनवाई होगी। 

 

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कोर्ट में क्या हुआ?

इस केस में तरुण तेजपाल के वकील आबाद पोंडा ने अपील की कि उनके क्लाइंट के प्रति थोड़ी रियायत बरती जाए और कम से कम 8 हफ्ते के लिए इस फैसले पर रोक लगा दी जाए। उन्होंने यह समय सुप्रीम कोट में अपील दायर करने के लिए मांगा है। उन्होंने दलील दी कि यह केस 13 साल पुराना है और तरुण तेजपाल के खिलाफ कोई  दूसरा मुकदमा या FIR तक नहीं है। सुनवाई के दौरान खुद तरुण तेजपाल भी कोर्ट में मौजूद थे।

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रियायत देने की मांग का विरोध करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गोवा सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा, ‘पीड़िता की उम्र उनकी बेटी के बराबर थी, फिर भी उन्होंने यह जुर्म किया। वह उसके लिए पिता समान थे और उन्होंने ऐसा किया इसलिए एक उदाहरण पेश करने की जरूरत है। पीड़िता ने बार-बार विरोध किया लेकिन उन्होंने दो दिन तक वही काम किया। कोर्ट को यह संदेश देना चाहिए कि जब लड़की ना कहती है तो उसका मतलब ना है। ना का मतलब ना है।’

 

मैं 62 साल का हूं और मेरा मानना है कि मैं पीड़त हूं। मेरी एक पत्नी है और मुझे इससे ज्यादा कुछ नहीं कहता है। मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि हम अपील करेंगे। कृपया मेरे प्रति थोड़ी नरमी बरती जाए। बाकी सारे तथ्य रिकॉर्ड पर रखे जा चुके हैं।

हाई कोर्ट में बोले तरुण तेजपाल

 

क्या है तरुण तेजपाल का केस?

साल 2013 में तरुण तेजपाल के साथ ही काम करने वाली एक महिला पत्रकार ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। पीड़िता के मुताबिक, 7 और 8 नवंबर 2013 को तरुण तेजपाल ने एक होटल की लिफ्ट में उनका यौन उत्पीड़न किया। 18 नवंबर को पीड़िता ने इसकी शिकायत तहलका की तत्कालीन मैनेजिंग एडिटर शोमा चौधरी से की थी। अगले दिन तरुण तेजपाल ने एक लंबा चौड़ा ईमेल लिखकर माफी मांगी थी।

 

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इस ईमेल में तरुण तेजपाल ने लिखा था, ‘मैं बिना शर्त माफी मांगता हूं कि मेरे कुछ शर्मिंदा कर देने वाले फैसलों के चलते मैंने 7 और 8 नवंबर 2013 को मैंने इस तरह की हरकत की। मुझे दुख है कि आपके इनकार करने के बावजूद मैंने ऐसा किया।’ इसी ईमेल के बाद तरुण तेजपाल ने 6 महीने के लिए एडिटर के पद से इस्तीफा दे दिया था ताकि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जा सके।

 

 

 

कितनी तरह का होता है ब्लड कैंसर, जिससे हुई प्रदीप रावत की मौत; जानिए लक्षण


वेटरन अभिनेता प्रदीप रावत ने 74 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। वह लंबे समय से ब्लड कैंसर से लड़ रहे थे। उनके निधन से पूरी इंडस्ट्री में शोक की लहर है। उन्होंने भिवंडी के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली। आइए इस गंभीर बीमारी के लक्षणों के बारे में जानते हैं।

 

भगवान महावीर कैंसर अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर के मुताबिक भारत में हर साल 70,000 मौतें ब्लड कैंसर से होती है और हर साल 1,00,000 नए मामले आते हैं। ब्लड कैंसर एक ग्रुप है जिसमें ब्लड, बोन मैरो और लिम्फेटिक सिस्टम प्रभावित होता है।

 

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ब्लड कैंसर के टाइप

ब्लड कैंसर तीन प्रकार का होता है।

 

ल्यूकेमिया
लिंफोमा
मल्टीपल मायलोमा

 

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम के मुताबिक बच्चों और युवाओं में ब्लड कैंसर आम है। हर ब्लड कैंसर अलग टाइप का होता है। कुछ धीरे धीरे बढ़ते हैं और सालों तक नहीं बदलते हैं। जबकि कुछ में बहुत तेजी से बदलाव होता है। कैंसर कितनी तेजी से फैलेगा और यह कितना खतरनाक है उसके टाइप पर निर्भर करता है। अगर कैंसर तेजी से फैल रहा है तो उसका इलाज तुरंत करवाएं।

ब्लड कैंसर के लक्षण

शुरुआत में ब्लड कैंसर के ज्यादातर लक्षण नजर नहीं आते हैं। 

  • बुखार का ठीक न होना
  • एकदम से वजन घटना
  • बहुत अधिक थकान महसूस होना
  • बार-बार इंफेक्शन होना 
  • रात में पसीना आना
  • लिंफ नोड्स में सूजन
  • आसानी से चोट लगना या खून बहना
  • हड्डियों में दर्द होना
  • कमजोरी महसूस होना

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इलाज

अगर आपके अंदर ये लक्षण दिख रहे हैं तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं। ब्लड कैंसर की पहचान करने के लिए ब्लड टेस्ट, बोन मैरो की जांच, इम्यूनोफेनोटाइपिंग, साइटोजेनेटिक एनालिसिस और मॉलिक्यूलर टेस्टिंग है। कुछ ऐसे ब्लड कैंसर होते हैं जिनके बारे में अगर शुरुआत में पता चल जाता है तो इसका इलाज मुमकिन है।

 

धनु को आराम, कन्या का होगा धन लाभ, आपका दिन कैसा रहेगा?


बुधवार का यह दिन कई लोगों के लिए मिला-जुला रहेगा, जबकि धनु और कन्या राशि के लोगों के लिए यह दिन सुखद रहेगा। हिन्दू पंचांग के मुताबिक आज अष्टमी तिथि  है। आज का मूलांक 5 है, जो ज्ञान, बुद्धि और व्यापार का अंक माना जाता है। ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो चंद्र देव आज मेष राशि में विराजमान रहेंगे, जबकि सूर्य देव कर्क राशि में अपनी ऊर्जा बिखेरेंगे। मूलांक 5 और चंद्रमा की चाल की वजह से आज बौद्धिक कार्यों और वित्तीय निर्णयों में लोगों को दुविधा नहीं रहेगी।

 

आज की ऊर्जा बहुत ही संतुलित रहेगी। मेष, धनु और कन्या राशि के लोगों के लिए यह दिन ऊर्जावान रहेगा। आज का मुख्य मंत्र है सोच-समझकर कदम बढ़ाना, जिससे लंबे समय से अटके हुए काम अचानक पूरे हो सकते हैं। कई लोगों को आज दूसरों से सही तरीके से बातचीत करनी होगी। ऑफिस में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। आज लोगों को अपने व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर लक्ष्यों के बीच सही संतुलन बनाने की जरूरत है। साथ ही यह दिन मानसिक शांति बढ़ाने के लिए भी बहुत शानदार है।

 

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राशिफल

 

मेष राशि


आज चंद्रमा आपकी राशि में विराजमान रहेंगे, जिससे आपका मन शांत रहेगा। साथ ही आज का दिन खुशहाल बीतेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। लव पार्टनर के साथ डिनर का प्लान बन सकता है, जिससे रिश्तों में ताजगी आएगी।
आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: जल्दबाजी में कोई बड़ा वित्तीय निर्णय लेने से बचें।


वृषभ राशि


आज आप पर भी चंद्रमा का प्रभाव रहेगा, जिससे आपका आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। बिजनेस में उम्मीद से अधिक मुनाफा होने की संभावना है। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। साथ ही लोग आपकी भावनाओं का सम्मान करेंगे।
आज क्या करें: दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: अपनी योजनाओं को किसी के साथ शेयर न करें।


मिथुन राशि


आज मूलांक 5 के सहयोग से आपको बिजनेस में लाभ मिलेगा। ऑफिस में आपके नए विचारों की सराहना होगी। विदेश से जुड़े व्यापार में अच्छे नतीजे मिलेंगे। लव लाइफ में छोटी-मोटी गलतफहमियां हो सकती हैं। बातचीत के दौरान सौम्यता बनाए रखें।
आज क्या करें: ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का जाप करें।
आज क्या न करें: किसी भी तरह के अनावश्यक वाद-विवाद में न पड़ें।

 

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कर्क राशि


आपकी राशि में सूर्य की उपस्थिति से ऊर्जा बनी रहेगी। अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में खुशहाली बनी रहेगी। साथ ही परिवार के साथ खुशनुमा समय बिताने का मौका मिलेगा।
आज क्या करें: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल चढ़ाएं।
आज क्या न करें: अपनी सेहत की अनदेखी न करें, खान-पान संतुलित रखें।


सिंह राशि


करियर के लिहाज से आज का दिन उपलब्धियों भरा रहेगा। शेयर बाजार या प्रॉपर्टी में निवेश से लाभ होने के संकेत हैं। पार्टनर के साथ अच्छा तालमेल रहेगा। शाम को परिवार के साथ किसी मांगलिक कार्यक्रम में जाने का अवसर मिलेगा, जिससे मन प्रसन्न रहेगा।
आज क्या करें: सूर्य देव को जल अर्पित करें।
आज क्या न करें: अपने स्वभाव में अहंकार या अति-आत्मविश्वास न आने दें।


कन्या राशि


आज आपकी काम करने की क्षमता में निखार आएगा। लंबे समय से रुका हुआ काम आज पूरा हो सकता है। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। लव लाइफ में मिठास बनी रहेगी। अपने पार्टनर के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करेंगे।
आज क्या करें: भगवान विष्णु की पूजा करें।
आज क्या न करें: काम के बोझ तले अपनी सेहत को अनदेखा न करें।


तुला राशि


नौकरी में सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा लेकिन वित्तीय मामलों में थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कोई भी नया बड़ा निवेश करने से पहले विशेषज्ञों की सलाह लें। जीवनसाथी का सहयोग आपको संबल प्रदान करेगा।
आज क्या करें: मां लक्ष्मी की आरती करें।
आज क्या न करें: अपनी निजी बातों को उजागर न करें।


वृश्चिक राशि


आज बिजनेस में आपको अच्छा मुनाफा होगा। नए ग्राहकों के साथ रिश्ते बेहतर होंगे। नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं तो आज अच्छे अवसर मिल सकते हैं। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। पार्टनर आपकी किसी समस्या को सुलझाने में मददगार साबित होगा।
आज क्या करें: सुंदरकांड का पाठ करें।
आज क्या न करें: भावुक होकर कोई भी फैसला न लें।


धनु राशि


आज आपको काम के बोझ से आराम मिलेगा। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिल सकती है। आज आप अपने लव पार्टनर के साथ कुछ समय बिता पाएंगे, जिससे आपका मन खुश होगा।
आज क्या करें: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।
आज क्या न करें: ऑफिस में दूसरों पर भरोसा करने से बचें।

 

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मकर राशि


विद्यार्थियों के लिए आज का दिन शानदार है। जो लोग नौकरी करते हैं, उनकी प्रतिभा देखकर सहकर्मी उनकी तारीफ करेंगे। धन लाभ के नए साधन खुलेंगे। प्रेम संबंधों में रोमांस और नयापन रहेगा। साथी के साथ बिताए गए पल यादगार रहेंगे।
आज क्या करें: शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
आज क्या न करें: अपने लक्ष्यों से भटकने से बचें, ध्यान केंद्रित रखें।


कुंभ राशि


रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा। ऑफिस में अच्छा काम कर पाएंगे, लेकिन काम का दबाव महसूस हो सकता है। परिवार और पार्टनर के साथ घर के कामों में व्यस्त रहेंगे।
आज क्या करें: महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें।
आज क्या न करें: पारिवारिक मामलों में गुस्सा या तीखी प्रतिक्रिया देने से बचें।


मीन राशि


आपकी लीडरशिप क्वालिटी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत रहेगी। नेटवर्किंग से व्यापार में बड़ा फायदा हो सकता है। रुका हुआ धन मिलने से आर्थिक स्थिति सुधरेगी। लव लाइफ बहुत ही खुशनुमा और उत्साहपूर्ण रहेगी।
आज क्या करें: चने की दाल और गुड़ का दान करें।
आज क्या न करें: किसी भी काम को कल पर टालने की गलती न करें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।