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‘आस्था को गहरी चोट…’, राम मंदिर चोरी मामले पर पहली बार बोला RSS


अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी मामले में पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की प्रतिक्रिया सामने आई है। आरएसएस के सरकार्यवाह यानी महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की घटना ने पूरे समाज की भावनाओं और आस्था को गहरी ठेस पहुंचाई है। संघ ने राम मंदिर की दान पेटियों से चोरी को दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया। साथ ही उसका कहना है कि वह इस चोरी से बहुत दुखी और आक्रोशित है।

 

दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि हिंदू विरोधी और राष्ट्रविरोधी ताकतें इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का फायदा उठाकर हिंदू धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने पूरे हिंदू समाज से भी अपील की कि वह इस कठिन समय में धैर्य और संयम बनाए रखें जिससे कि इस तरह की सभी साजिशों को नाकाम किया जा सके।

 

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कमियों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए

होसबाले ने एक बयान में कहा, ‘अयोध्या स्थित श्रीराम लला मंदिर में रखे दानपात्रों से चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे समाज और रामभक्तों की भावनाओं तथा आस्था को गहरी ठेस पहुंचाई है। इस घटना से हम सभी बहुत दुखी और आक्रोशित हैं।’ होसबाले ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समेत पूरे हिंदू समाज की न्यास से स्वाभाविक ही अपेक्षा है कि वह इस अत्यंत निंदनीय घटना को असाधारण मामला मानते हुए मंदिर के प्रबंधन और संचालन में मौजूद सभी कमियों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए।

 

 

 

भ्रम की स्थिति समाप्त होनी चाहिए

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मौजूदा भ्रम और अनिश्चितता की स्थिति समाप्त होनी चाहिए। होसबाले ने कहा, ‘इस संबंध में हमें अपेक्षा है कि मंदिर प्रबंधन और सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) सभी जरूरी कदम उठाएंगे।’

 

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श्रद्धा, आस्था और भक्ति का केंद्र है मंदिर

उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष तथा करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग और बलिदान के कारण पूरे हिंदू समाज की श्रद्धा, आस्था और भक्ति का केंद्र है। उन्होंने कहा, ‘हमारा यह विश्वास है कि समुचित वित्तीय प्रबंधन, सुचारू संचालन के लिए पारदर्शी व्यवस्थाओं एवं शुद्धता और शुचिता से परिपूर्ण धार्मिकता से ओतप्रोत वातावरण के द्वारा श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास हिन्दू समाज की आस्था एवं विश्वास को सुदृढ़ बनाए रखेगा।’

मानसून में चटपटा खाने का कर रहा है मन? शेफ रणवीर ने बताई पालक चाट की रेसिपी


मानसून का मौसम शुरू होते ही लोगों को कुछ अच्छा और मसालेदार खाने की इच्छा होने लगती है। इस सुहाने मौसम को ध्यान में रखते हुए मशहूर मास्टरशेफ रणवीर बराड़ ने टेस्टी पालक पत्ता चाट की आसान रेसिपी शेयर की है। इस डिश को बनाने में कोई झंझट नहीं है। अगर आप मानसून में पकोड़ों से हटकर कुछ नया और स्वादिष्ट खाना चाहते हैं तो रणवीर बराड़ की यह पालक पत्ता चाट जरूर ट्राई करें। 

मानसून आते ही हर तरफ स्पेशल डिशेस बनने लगती हैं। ज्यादातर लोग इस मौसम में चाय और पकोड़े खाने के बारे में सोचते हैं। लेकिन कुछ अलग ट्राई करने वाले लोगों के लिए शेफ रणवीर बराड़ लाए हैं कुरकुरे पालक पत्ता चाट की रेसिपी। यह डिश मानसून के नाश्ते या स्नैक्स की सारी क्रेविंग पूरी कर देती है। इसमें कुरकुरापन, तीखा स्वाद और मीठा फ्लेवर दोनों का मजा मिलता है। रणवीर बराड़ की इस आसान रेसिपी को घर पर बनाकर मानसून का आनंद दोगुना करें।

 

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पालक पत्ता चाट की सामग्री

  • 8-10 बड़े पालक के पत्ते
  • 1 कप बेसन
  • ½ कप चावल का आटा
  • 4-5 लहसुन की कलियां
  • 2 हरी मिर्च
  • 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट
  • ½ छोटा चम्मच हल्दी
  • ½ छोटा चम्मच अजवाइन
  • 1 छोटा चम्मच दरदरा धनिया
  • नमक स्वादानुसार
  • ½ छोटा चम्मच बेकिंग सोडा
  • तलने के लिए तेल

टॉपिंग के लिए

  • फेंटा हुआ मीठा दही
  • इमली या अमचूर की मीठी चटनी
  • अनार के दाने
  • बारीक सेव
  • तली हुई स्वीट कॉर्न और हरी मिर्च (ऑप्शनल)
  • थोड़ा चाट मसाला और लाल मिर्च पाउडर

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बनाने की विधि

स्टेप 1: सबसे पहले पालक के पत्तों को अच्छी तरह धोकर सुखा लें।
स्टेप 2: बेसन, चावल का आटा, लहसुन, हरी मिर्च, अदरक-लहसुन पेस्ट, हल्दी, नमक और थोड़ा-सा पानी डालकर मिक्सर में पीस लें। इससे चिकना घोल तैयार होगा। अब इसमें अजवाइन, दरदरा धनिया और बेकिंग सोडा मिलाकर दोबारा फेंट लें। ध्यान रहे घोल न ज्यादा पतला हो और न ज्यादा गाढ़ा।
स्टेप 3: कढ़ाही में तेल गर्म करें। पालक के पत्तों को तैयार घोल में अच्छी तरह डुबोकर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तल लें। अगर आप चाहें तो स्वीट कॉर्न और हरी मिर्च को भी घोल में लपेटकर तल सकते हैं।
स्टेप 4: अब एक प्लेट में सबसे पहले तले हुए पालक के पत्ते रखें। इनके ऊपर मीठा दही डालें और फिर अमचूर या इमली की चटनी डालें।
स्टेप 5: आखिर में अनार के दाने, बारीक सेव, तली हुई स्वीट कॉर्न, थोड़ा चाट मसाला और लाल मिर्च पाउडर छिड़कें।

शेफ रणवीर बरार की खास टिप

इस रेसिपी का सबसे अहम हिस्सा घोल है। इसे हाथ से फेंटने की बजाय मिक्सर में तैयार करें ताकि यह बिल्कुल स्मूद बने। साथ ही घोल की कंसिस्टेंसी मीडियम रखें न बहुत पतली और न बहुत गाढ़ी। इससे पालक के पत्ते ज्यादा कुरकुरे बनेंगे।

परिवार नहीं दे रहा लव मैरिज  की मंजूरी? तो लाल किताब में बताए ये उपाय अजामाए


आज के दौर में युवा पीढ़ी अपनी मर्जी के हिसाब से जीना पसंद करते हैं। वे अपने जीवन के हर फैसले खुद लेना चाहते हैं। इसी वजह से आज के समय में लोग अपनी पसंद के साथी से शादी करना पसंद करते हैं। वे अरेंज मैरिज के बजाय लव मैरिज को बेहतर समझते हैं। हालांकि, कई लोगों के परिवार लव मैरिज की मंजूरी नहीं देते हैं, जिससे प्रेम विवाह में देरी होती है। इस चुनौती का समाधान ज्योतिष शास्त्र के प्रसिद्ध ग्रंथ लाल किताब में बताया गया है। मान्यता है कि इसके उपाय अपनाकर व्यक्ति अपने माता-पिता की सहमति और आशीर्वाद लेकर प्रेम विवाह कर सकता है।

 

लाल किताब एक ऐसा ग्रंथ है, जिसमें ज्योतिष से जुड़ी कई जानकारियां दी गई हैं। इस किताब में कुंडली से जुड़ी कई बाते लिखी है। लाल किताब के अनुसार हर व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों का एक विशेष योग बनता है। इन्हीं ग्रह योगों के आधार पर माना जाता है कि व्यक्ति का लव मैरिज होगा या अरेंज मैरिज। लाल किताब के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में शुक्र, शनि या मंगल ग्रह शुभ भाव में नहीं होते है, उन्हें विशेष रूप से लव मैरिज में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में इन ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं, जिनके प्रभाव से विवाह में आ रही रुकावटें दूर हो सकती हैं।

 

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लव मैरिज की मंजूरी के लिए उपाय


चांदी की अंगूठी पहनें


लाल किताब के अनुसार, जब व्यक्ति की कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर होता है, तो शादी में बाधाएं आ सकती हैं। इसलिए शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए हाथ की सबसे छोटी उंगली में चांदी की अंगूठी पहनने की सलाह दी जाती है। अंगूठी पहनने से पहले उसे दूध में धो लें। इसके बाद ‘ॐ शुक्राय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए उसे सबसे छोटी उंगली में धारण करें। चांदी की अंगूठी केवल शुक्रवार के दिन ही पहनें।


लाल किताब के अनुसार शुक्र ग्रह आकर्षण, प्रेम और विवाह का कारक ग्रह माना जाता है। इसलिए जिन लोगों की शादी में रुकावटें आ रही हैं, उन्हें शुक्रवार के दिन मिठाई का दान करना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इससे विवाह के योग जल्द बन सकते हैं।

 

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शिवलिंग पर जल चढ़ाएं


सनातन धर्म में माना जाता है कि भगवान शिव अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इसलिए लव मैरिज की इच्छा रखने वाले लोगों को हर सोमवार शिव मंदिर जाना चाहिए। वहां श्रद्धा और विश्वास के साथ शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए और भगवान शिव से प्रेम विवाह की मनोकामना करनी चाहिए।


नीले रंग के कपड़े न पहनें


लाल किताब के अनुसार, शनिवार के दिन प्रेमी जोड़ों को नीले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। नीला रंग शनि ग्रह का रंग माना जाता है। मान्यता है कि शनिवार को नीले रंग के कपड़े पहनने से शनि का प्रभाव बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में प्रेम संबंधों में तनाव या दूरी आने की आशंका रहती है। इसलिए शनिवार को नीले रंग के कपड़ों से परहेज करने की सलाह दी जाती है।

 

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घर में सकारात्मक ऊर्जा रखें


लाल किताब में बताया गया है कि प्रेमी जोड़ों को अक्सर लोगों की बुरी नजर लग जाती है, जिसके कारण उनके विवाह में बाधाएं आने लगती हैं और दोनों परिवार शादी के लिए आसानी से राजी नहीं होते। इसलिए लाल किताब के अनुसार, लड़का और लड़की को अपने परिवार से लव मैरिज की बात करने से पहले घर में गुलाबजल का छिड़काव करना चाहिए, ताकि घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर हो सके। ऐसी मान्यता है कि इससे परिवार के लोग शादी के लिए मान सकते हैं।


नोट: यह लेख ज्योतिषीय मान्यताओं और ग्रंथों पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

‘खामेनेई के जनाजे में जिहादियों पर बम मारो…’, ट्रंप की दोस्त लॉरा लूमर की अपील


अमेरिकी दक्षिणपंथी कार्यकर्ता लॉरा लूमर ने एक बार फिर ईरान के खिलाफ इजरायल को भड़काया है। वह चाहती हैं कि ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामनेई की अंतिम यात्रा के दौरान उमड़ी भीड़ पर इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) के जवान हमला बोलें।

लॉरा लूमर ने कहा है कि ईरान के जिहादियों को मार देने की जरूरत है। 9 जुलाई को आयतुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा निकलेगी, इसी दिन लॉरा लूमर चाहती हैं कि बेंजामिन नेतन्याहू अपनी सेना को हमले का आदेश दें। 

लॉरा लूमर, डोनाल्ड ट्रंप की करीबी नेताओं में शुमार हैं। वह पहले भी ईरान के खिलाफ हिंसक कार्रवाई की पक्षधर रही हैं। वह ईरान को दी जाने वाली किसी भी छूट की धुर आलोचक हैं। लॉरा लूमर यह भी नहीं चाहती हैं कि ईरान के साथ कोई शांति वार्ता करे। 

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अब लूमर ने क्या कहा है?

लॉरा लूमर ने गुरुवार को ईरान पर बमबारी का संकेत दिया है। उन्होंने एक पोस्ट का जवाब देते हुए कहा , ‘खामेनेई का अतिम संस्कार? इसे कहते हैं कि बमबारी के लिए तैयार माहौल।’

लॉरा लूमर:-
इजरायली डिफेंस फोर्स के पास यह करने के लिए मजेदार अवसर है। 

 

 

लॉरा लूमर चाहती हैं कि ईरान में जब आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में लाखों लोग उमड़े हों, तभी इजरायली डिफेंस फोर्स के जवान ईरान पर हमला करें, जिसमें ईरान की आम जनता के साथ-साथ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC), ईरानी सेना और समर्थक मारे जाएं। 

लॉरा लूमर:-
अगर मुझे अमेरिका या IDF की ओर से कुछ जिहादियों पर बमबारी करते देखने का मौका मिले तो मैं कभी मना नहीं करूंगी। 

 

 

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कौन हैं लॉरा लूमर?

दक्षिणपंथी विचारधारा की मुखर आवाज हैं। इस्लाम की आलोचक हैं। अब वह इस्लाम को जिहाद से जोड़कर देखती हैं। ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इजरायली कार्रवाई की आलोचना करने वाले लोगों को भी वह जिहादी बुलाते हैं। वह ईरान के साथ बातचीत की पक्षधर नहीं हैं। 

खामेनेई का जनाजा खास क्यों है?

आयतुल्ला अली खामेनेई अपने जीवनकाल तक ईरान के सुप्रीम लीडर रहे हैं। उन्हें 9 जुलाई को इमाम रजा के मकबरे में 9 जुलाई को दफनाया जाएगा। तेहरान में 6 जुलाई, कोम में 7 जुलाई और मशहद में 9 जुलाई को अंतिम संस्कार समारोह आयोजित किया जा रहा है। 28 फरवरी को अली खामेनई की अमेरिकी हमले में मौत हो गई थी। 4 महीने बाद भी उनका अंतिम संस्कार अब तक नहीं हो पाया है। उनके जनाजे में लाखों की भीड़ उमड़ सकती है।

गुजरात, बिहार और एमपी की इन सीटों पर उपचुनाव, ECI ने किया ऐलान


भारत निर्वाचन आयोग ने तीन राज्यों में तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान कर दिया है। 30 जुलाई को बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन सीटों पर वोटिंग होगी। 3 अगस्त को नतीजे आएंगे। बिहार की बांकीपुर, मध्य प्रदेश की दतिया और गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होंगे।

 

चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 13 जुलाई है। 14 जुलाई को नामांकन जांच की अंतिम तारीख है। 16 जुलाई तक प्रत्याशी अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को मतगणना होगी। 4 जुलाई को चुनाव प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी।

 

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तीन सीटों पर क्यों हो रहे चुनाव?

बांकीपुर विधानसभा सीट बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। वहीं दतिया के विधायक राजेंद्र भारती को अयोग्य ठहराने के बाद यहां चुनाव होंगे। गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट से विधायक योगेशभाई नारनदास पटेल के निधन के बाद से यह सीट खाली थी। 

 

 

 

 

दतिया विधानसभा सीट पर 2023 में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती ने जीत हासिल की थी। इसी साल अप्रैल में कोऑपरेटिव बैंक घोटाला मामले में अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया और तीन साल की सजा सुनाई। इसके बाद विधायक को अयोग्य घोषित कर दिया गया।

 

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बांकीपुर में किसका दबदबा

बांकीपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी का दबदबा है। 2010 से यहां नितिन नबीन लगातार विधायक रहे। 2010 से पहली बार यहां से चुनाव जीता। 2015 में दूसरी बार और 2020 में तीसरी और हाल ही में पिछले साल चौथी बार विधायक बने। अबकी बार जनसुराज ने भी बांकीपुर सीट से हुंकार भरने का ऐलान किया है। प्रशांत किशोर ने खुद कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह बांकीपुर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।

 

बच्चों ने खराब कर दिए नए कपड़े? घरेलू नुस्खे जो गायब करेंगे जिद्दी दाग


छोटे बच्चे अक्सर अपने कपड़ों पर खाना गिरा देते हैं। दाल, सब्जी, चॉकलेट, जूस या हल्दी जैसे दाग अगर समय पर साफ न किए जाएं तो उनका हटना मुश्किल हो जाता है। कपड़े पर इस दाग को छुटाना किसी झंझट से कम नहीं है। इसी परेशानी को देखते हुए हम आपके लिए कुछ आसान घरेलू उपाय लेकर आए हैं जिनके इस्तेमाल से कपड़े नए जैसे दिखने लगेंगे। बिना महंगे प्रोडक्ट्स के भी इन जिद्दी दागों को हटाया जा सकता है।

 

बच्चों के कपड़ों पर दाग सिर्फ खाने की वजह से ही नहीं लगते, बल्कि खेलते समय मिट्टी, स्कूल में स्याही, पेंट या दूसरी कई चीजों के कारण भी कपड़े गंदे हो जाते हैं। महंगे डिटर्जेंट इस्तेमाल करने के बाद भी दाग पूरी तरह से कपड़ो से नहीं निकलता है जिससे नए कपड़े भी पुराने की तरह दिखने लगते हैं। हालांकि ऐसी कई असरदार चीजें आपके घर की रसोई में ही मौजूद हैं जिनकी मदद से कपड़ों के दाग काफी हद तक साफ किए जा सकते हैं।

 

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1. ठंडे पानी से तुरंत धोएं

दाग लगते ही कपड़े को ठंडे पानी से धो लें। इससे दाग कपड़े के रेशों में गहराई तक नहीं जाता और बाद में साफ करना आसान हो जाता है। गर्म पानी का इस्तेमाल करने से कुछ दाग और ज्यादा पक्के हो सकते हैं।

2. बेकिंग सोडा का पेस्ट लगाएं

एक चम्मच बेकिंग सोडा में थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इसे दाग वाली जगह पर 20 मिनट तक लगाकर रखें और फिर हल्के हाथों से रगड़कर धो लें। इससे तेल और खाने के कई तरह के दाग हल्के हो जाते हैं।

3. नींबू का रस और नमक

नींबू के रस में थोड़ा नमक मिलाकर दाग पर लगाएं। 10–15 मिनट बाद कपड़े को धो लें। यह तरीका हल्के रंग के कपड़ों पर ज्यादा असरदार होता है। रंगीन कपड़ों पर पहले किसी छिपी जगह पर टेस्ट जरूर करें।

 

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4. सफेद सिरके का इस्तेमाल करें

एक कप पानी में थोड़ा सफेद सिरका मिलाकर दाग वाली जगह पर लगाएं। 15 मिनट बाद सामान्य डिटर्जेंट से कपड़ा धो लें। इससे कई तरह के खाने और जूस के दाग आसानी से निकल सकते हैं।

5. लिक्विड डिशवॉश से तेल के दाग हटाएं

अगर दाग घी, मक्खन या तैलीय खाने का है, तो उस पर थोड़ा-सा लिक्विड डिशवॉश लगाकर 10 मिनट छोड़ दें। इसके बाद हल्के हाथों से रगड़कर धो लें।

6. दही से हल्दी के दाग कम करें

हल्दी के दाग हटाने के लिए दाग वाली जगह पर थोड़ा दही लगाकर 20–30 मिनट तक छोड़ दें। इसके बाद सामान्य तरीके से धो लें। इससे हल्दी का रंग काफी हद तक हल्का हो सकता है।

7. धूप में सुखाएं

दाग साफ करने के बाद कपड़ों को हल्की धूप में सुखाएं। नेचुरल धूप कई हल्के दागों को फीका करने में मदद करती है। हालांकि रंगीन कपड़ों को तेज धूप में ज्यादा देर तक न रखें।

ध्यान रखने वाली बातें

  • दाग जितनी जल्दी साफ करेंगे उतनी आसानी से निकलेंगे।
  • कपड़ों पर कोई भी घरेलू उपाय अपनाने से पहले एक छोटे हिस्से पर टेस्ट जरूर करें।
  • बच्चों की त्वचा संवेदनशील होती है। इसलिए कपड़े धोने के बाद उन्हें अच्छी तरह पानी से जरूर निकालें ताकि किसी भी चीज का अवशेष न रह जाए।
  • बहुत पुराने या जिद्दी दागों के लिए कपड़े के फैब्रिक के अनुसार उचित क्लीनिंग प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें।

अकाल मृत्यु के कारण और उससे बचने के उपाय वेद-पुराणों से समझिए


हिंदू धर्म में जीवन और मृत्यु को संसार का परम सत्य माना गया है, जिसे कोई भी व्यक्ति टाल नहीं सकता। कई लोगों की अकाल मृत्यु होती है, यानी किसी दुर्घटना, एक्सीडेंट या उम्र से पहले व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार व्यक्ति को उसके कर्मों की वजह से अकाल मृत्यु मिलती है। गरुड़ पुराण में बताया गया है कि कोई भी व्यक्ति अपने पुण्य कर्मों की वजह से जीवन को खुशहाल बना सकता है, जबकि बुरे कर्म करके व्यक्ति अपने जीवन को कष्टदायी बना देता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को अकाल मृत्यु का भी सामना करना पड़ सकता है।

 

वेदों में अकाल मृत्यु के कारणों का ज्यादा उल्लेख नहीं किया गया है, बल्कि व्यक्ति की आयु बढ़ाने वाले यानी अकाल मृत्यु से बचने के उपाय बताए गए हैं। वेदों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जो व्यक्ति अपने जीवन में कुछ खास कर्म करता है, वह न सिर्फ अपने जीवन के कष्टों को दूर कर सकता है, बल्कि अकाल मृत्यु जैसी स्थिति से भी बच सकता है। आइए जानते हैं कि गरुड़ पुराण में अकाल मृत्यु के क्या कारण बताए गए हैं। उसके बाद जानते हैं अकाल मृत्यु से बचने के क्या उपाय हैं।

 

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अकाल मृत्यु के कारण

 

धर्म का त्याग गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जो व्यक्ति धार्मिक कार्य नहीं करता, उसका आचरण दूषित हो जाता है। इससे वह दुष्कर्म करने लगता है, जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को अकाल मृत्यु प्राप्त हो सकती है।

 

विश्वासघात – जो व्यक्ति अपने रिश्तों में धोखा देता है, यानी यदि पति या पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति के साथ प्रेम संबंध हो, तो ऐसे कर्मों को गंभीर पाप माना गया है और इनके कारण अकाल मृत्यु का सामना करना पड़ सकता है।

 

बड़ों और गुरुओं का अपमान-  जो व्यक्ति अपने माता-पिता का अपमान करता है तथा गुरुओं का तिरस्कार करता है, उसके इन कर्मों को पाप कर्म माना गया है।

 

पिछले जन्म के बुरे कर्म-  गरुड़ पुराण में बताया गया है कि केवल इस जन्म के कर्मों की वजह से ही व्यक्ति की अकाल मृत्यु नहीं होती, बल्कि पिछले जन्म के बुरे कर्मों के कारण भी अकाल मृत्यु मिल सकती है।

 

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अकाल मृत्यु से बचने के उपाय

 

हिंदू धर्म के धार्मिक ग्रंथ यजुर्वेद और ऋग्वेद में अकाल मृत्यु से बचने के कई उपाय बताए गए हैं, जबकि गरुड़ पुराण में अकाल मृत्यु के कारण बताए गए हैं।

 

1. महामृत्युंजय मंत्र

 

ऋग्वेद में बताया गया है कि महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से व्यक्ति अपने जीवन की रक्षा के लिए भगवान शिव से प्रार्थना कर सकता है। ऋग्वेद में रुद्र यानी शिव भगवान को मृत्यु पर विजय दिलाने वाले देवता माना गया है।इस मंत्र के बारे में परंपरागत मान्यता है कि इसमें आरोग्य प्रदान करने वाली शक्तियां हैं, जिनके जप से ऐसी सकारात्मक तरंगें उत्पन्न होती हैं जो व्यक्ति को मृत्यु के भय से मुक्त करती हैं। इसी कारण इसे मोक्ष मंत्र भी कहा जाता है। इस मंत्र के माध्यम से व्यक्ति भगवान शिव से मृत्यु पर विजय प्राप्त करने का आशीर्वाद मांगता है।

 

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

 

 इस मंत्अर का अर्थ हे भगवान शिव हमें मृत्यु के बंधन से मुक्त करें। धार्मिक मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से व्यक्ति के मन में ऐसी ऊर्जा जागती है, जिससे वह मृत्यु के भय से मुक्त हो जाता है। इसलिए इसे मोक्ष मंत्र भी कहा जाता है।

 

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2. हवन-यज्ञ करें

 

यजुर्वेद में महामृत्युंजय मंत्र के जाप के साथ-साथ हवन-यज्ञ की विधि का भी उल्लेख किया गया है। यजुर्वेद के अनुसार महामृत्युंजय मंत्र के माध्यम से व्यक्ति भगवान शिव का स्मरण कर सकता है। इसके साथ रुद्राभिषेक तथा घी की आहुति देकर हवन करने से भी व्यक्ति अकाल मृत्यु जैसी विपत्तियों से रक्षा की प्रार्थना कर सकता है।

बेल्जियम में 10 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, अब तक 6 की मौत


बेल्जियम के एंटवर्प शहर में एक 10 मंजिला अपार्टमेंट बिल्डिंग में भीषण आग लगने से छह लोगों की जान चली गई। कई अन्य लोगों के झुलसने की आशंका है। बताया जा रहा है कि 10 मंजिला इमारत में कुल 80 अपार्टमेंट हैं। इनमें 200 से ज्यादा लोग रहते हैं। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया कि आग की चपेट में और कितने लोग आए हैं। पुलिस के मुताबिक घटना बुधवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे की है। 

 

यह इमारत एंटवर्प के लिंकरेओवर इलाके में है। एंटवर्प पुलिस ने बताया कि भूतल पर तकनीकी खराबी के कारण लगी। देखते ही देखते अन्य फ्लोर को अपनी चपेट में लिया। आग की सूचना मिलने के तुरंत बाद दमकल की गाड़ियां, एम्बुलेंस और आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं। इमारत में धुआं अधिक होने के कारण दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी समय लगा। 

 

 

 

 

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पुलिस ने बताया कि दस मंजिला इमारत को खाली करा लिया गया। लोगों को चेतावनी दी गई कि वे अपने फ्लैट के खिड़की-दरवाजे बंद रखें। उधर, बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा ‘लिंकरेओवर में लगी भयानक आग के पीड़ितों के साथ उनकी संवेदनाएं हैं। मैं आपातकालीन सेवाओं के कर्मियों की सराहना करना चाहता हूं जो आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।’

 

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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक शख्स इमारत के ऊपरी मंजिल में फंसा है। धुआं से घिरा शख्स बालकनी से लटका था। एक अन्य शख्स ने बताया कि पहले बिजली गई। करीब तीन मिनट बाद फायर अलार्म बजा। तब तक कॉरिडोर में धुआं भर चुका था। हम छत पर मदद का इंतजार करने लगे। करीब 10 मिनट बाद दमकल विभाग की टीम ने सीढ़ी लगाकर छत से उतारा।

कौन हैं IPS दीपक गहलावत, जिन्हें 3 करोड़ की रिश्वत मामले में CBI ने अरेस्ट किया


केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी 3 करोड़ रिश्वत मामले में हुई है। 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी मौजूदा समय में दिल्ली में ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में तैनात हैं। सीबीआई के मुताबिक आरोपियों ने नकली दवा निर्माण घोटाले की जांच को प्रभावित करने और आरोपियों को राहत दिलाने के बदले रिश्वत मांगी थी। 

 

क्षेत्रीय निदेशक के पद पर तैनात दीपक पर आरोप है कि उन्होंने पुडुचेरी के नकली दवा रैकेट के मुख्य आरोपी को सीबीआई जांच में राहत दिलाने के नाम पर 3 करोड़ की रिश्वत मांगी। सीबीआई ने 8 जून को दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर और दो अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 

 

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व्यवसायी को भी बनाया गया आरोपी

इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह और एक कथित बिचौलिए राजकुमार को एक करोड़ की पहली किस्त बतौर रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। सीबीआई ने पुडुचेरी के व्यवसायी एन. राजा उर्फ राजशेखर को भी आरोपी बनाया। सीबीआई ने डिजिटल डिवाइस, हार्ड डिस्क और दस्तावेज जब्त किए हैं।

90 लाख की रकम पकड़ी

सीबीआई ने जांच में पाया कि दीपक गहलावत ने गैर-कानूनी तरीके से रिश्वत की मांग की। उसने दावा किया कि वह अपने निजी प्रभाव का इस्तेमाल करके पुडुचेरी में नकली दवाओं की बिक्री से जुड़े सीबीआई के मामले में निजी लोगों को राहत दिला सकता है। सीबीआई ने ट्रैप बिछाकर दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर और 6 अन्य प्राइवेट लोगों को पकड़ा। लगभग करीब 25 लाख रुपये की ट्रैप राशि और 90 लाख रुपये बरामद किए गए। जांच में अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले।

दीपक गहलावत पर क्या आरोप?

आईपीएस दीपक गहलावत पर आरोप है कि उन्होंने अपने कथित संपर्कों का हवाला दिया और रिश्वत मांगी। हवाला नेटवर्क के माध्यम से कुछ राशि पहले ही ट्रांसफर की जा चुकी।  गहन जांच करने के बाद सीबीआई ने आज यानी बुधवार को दीपक गहलावत को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आपराधिक साजिश और रिश्वतखोरी के तहत कार्रवाई की जा रही है।

 

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आईपीएस दीपक गहलावत केंद्रीय प्रतिनियुक्त से पहले हरियाणा पुलिस में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वे गुरुग्राम समेत कई जिलों में एसपी और डीसीपी के पद पर तैनात रह चुके हैं। फिटनेस और पावरलिफ्टिंग के शौकीन दीपक को हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था।

मिनोक्सीडिल की जगह बालों में लगाएं ये चीजें, नहीं होगा साइड इफेक्ट!


झड़ते बालों की समस्या से हर कोई परेशान है। फिर चाहें वह व्यक्ति 25 साल का हो या फिर 45 साल का है। खराब खान पान की वजह से बालों का वॉल्यूम धीरे-धीरे कम होने लगता है। लोग पतले और झड़ते बालों की समस्या से परेशान है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए कई लोग मिनोक्सीडिल का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये झड़ते बालों की समस्या को ठीक करता है।

 

क्या आप जानते हैं कि हर व्यक्ति को मिनोक्सीडिल से फायदा नहीं मिलता है। कुछ लोगों को मिनोक्सीडिल लगाने के बाद स्कैल्प में खुजली और इरिटेशन की समस्या होती है। क्या आप जानते हैं कि कई ऐसी चीजें हैं जो बालों में लगाने से फायदा पहुंचता है। आइए उन चीजों को बारे में जानते हैं।

 

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मिनोक्सीडिल की जगह लगाएं ये चीजें

कैफीन बेस्ड सीरम

 

अगर आप जानते हैं कि सुबह की कॉफी में मौजूद कैफीन बालों के लिए बहुत फायदेमंद है। आप बालों को मजबूत रखने के लिए कैफीन बेस्ड सीरम का इस्तेमाल करें। कई स्टडी में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि कैफीन बालों के लिए बहुत फायदेमंद है। कैफीन हेयर फॉलिकल्स को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह एकदम से आपके बालों पर काम नहीं करता है लेकिन धीरे-धीरे आपको असर दिखेगा।

 

रोजमेरी ऑयल

 

कुछ सालों से रोजमेरी तेल की डिमांड बढ़ गई है। इस तेल को लगाने से बाल झड़ने की समस्या को कम किया जा सकता है। SKINmed के अध्ययन में पाया गया कि रोजमेरी बालों की ग्रोथ को बढ़ाने का काम करता है। रोजमेरी का तेल लगाने से बालों में खुजली, इरिटेशन की समस्या नहीं होती है, साथ ही ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने में मदद करता है। आप रोजमेरी तेल को नारियल तेल, बादाम या फिर जोजोबा ऑयल में मिलाकर लगाए।

 

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ट्रॉपिकल मेलाटोनिन

 

ट्रॉपिकल मेलाटोनिन एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट है जो बालों की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद करता है। यह हेयर फॉलिकल्स (जिसमें बाल उगते है) को नुकसान पहुंचाने से बचता है। कई त्वचा विशेषज्ञ भी इस दवाई को देते हैं। कई स्टडी में पाया गया कि मेलेटोनिन बेस्ड स्कैल्प सॉल्यूशन लगाने से बाल के झड़ने की समस्या कम हो जाती है।

 

सीताफल के बीज

 

सीताफल के बीज में कई प्रकार के पौषक तत्व पाए जात हैं लकिन इसमें फाइटोस्ट्रोरल नाम  का कंपाउड भी पाया जाता है जो 5 अल्फा रिडक्टेज एंजाइम की एक्टिविटी की कम करता है। अध्ययनों में भी यह बात सामने आई है कि सीताफल का बीज बालों के लिए फायदेमंद माना जाता है। 

 

बालों की ग्रोथ को बढ़ाने के लिए स्वस्थ खान पान और अच्छी नींद बेहद जरूरी है। इसके अलावा तनाव कम से कम लें। अपने बालों में किसी भी तरह का प्रोडक्ट लगाने से पहले अपने त्वचा विशेषज्ञ से जरूर बात करें।