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पूरे ईरान में इजरायल ने मचाई तबाही, कई पुलों को उड़ाया; 3 एयरपोर्ट पर भी हमला


युद्ध शुरू होने के 39वें दिन अमेरिका और इजरायल ने पहली बार ईरान के रेल नेटवर्क को निशाना बनाया है। वहीं खार्ग द्वीप पर तेल निर्यात केंद्र और सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की भी खबर है। दूसरी तरफ ईरान भर में पुलों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया गया है। कोम शहर के बाहर स्थित एक पुल को अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में तबाह कर दिया गया है। 

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार रात भर अमेरिका और इजरायल की सेना ने तेहरान में भीषण बमबारी की। यहां के मेहराबाद एयरपोर्ट पर भी हमला किया गया है। खोरमाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अलावा एक अन्य एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया गया है। यहां खड़े हेलीकॉप्टर और विमानों को नष्ट किया गया है। तेहरान में ही एक यहूदी प्रार्थना स्थल बमबारी में पूरी तरह से नष्ट हो गया है। शिराज और इस्फहान जैसे शहरों से भीषण बमबारी की खबर आ रही है। रातभर हुई बमबारी में 15 लोगों की जान गई है।

 

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इजरायल ने उड़ाया रेलवे पुल

इजरायल की सेना ने मंगलवार रात 9 बजे तक लोगों से ट्रेन से यात्रा न करने की अपील की, ताकि उन्हें किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। यह हमला इजरायली सेना द्वारा ईरानियों को स्थानीय समयानुसार रात 9 बजे (17:30 जीएमटी) तक अपनी “सुरक्षा” के लिए ट्रेनों का उपयोग न करने की चेतावनी जारी करने के बाद हुआ है। चेतावनी के कुछ देर बाद ही इजरायल ने ईरान के काशान में एक रेलवे पुल को उड़ा दिया। इसमें 2 लोगों की जान गई है। ईरान ने जवाब में विध्वंसक कार्रवाई की बात कही है। उधर, ईरान ने मशहद में रेलवे सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एहतियाती कदम के तौर पर सभी ट्रेनों को रद्द किया गया है। यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी। 

ईरान ने तबाही मचाने की धमकी दी

अमेरिका और इजरायल के बढ़ते हमलों के बीच ईरान ने खाड़ी देशों में तबाही मचाने की धमकी दी है। माना जा रहा है कि अगर ईरान पर भारी बमबारी हुई तो वह खाड़ी देशों पर हमला करके बड़ा जवाब देने की कोशिश करेगा। मंगलवार को ऐसी ही एक प्रतिक्रिया देखने को मिली। शिराज शहर में इजरायल ने एक पेट्रोकेमिकल परिसर पर हमला किया। आईआरजीसी ने कहा कि उसने सऊदी अरब के जुबैल क्षेत्र में स्थित पेट्रोकेमिकल सुविधाओं पर जवाबी हमला किया है। यहां अमेरिकी कंपनियों सदरा, एक्सॉनमोबिल और डार्क केमिकल पर मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया है।

पुल और रेलवे पर हमला क्यों?

इजरायली मीडिया के मुताबिक ईरान भर में इजरायल ने 10 से अधिक पुलों और रेलवे ढांचे को निशाना बनाया। कराज और कजविन में रेललाइन को निशाना बनाया गया। काशान, तब्रीज-जंजन में पुलो को उड़ाया गया है। अमेरिकी आर्मी रेडिया ने बताया कि पुलों और रेलवे को इसलिए निशाना बनाया गया, ताकि ईरान की हथियार एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की क्षमता नष्ट हो जाए।

 

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कुवैत में ईरानी हमले में 15 अमेरिकी घायल

ईरान के अल्बोरज प्रांत में आवासीय इलाके पर हुए हमले में दो बच्चों समेत 18 लोग मारे गए हैं। तेहरान प्रांत के शाहरियार शहर में भी नौ लोगों की जान गई है। उधर, कुवैत में ईरानी हमले में अली अल सलेम हवाई अड्डे पर 15 अमेरिकी नागरिक घायल हुए हैं। इजरायल के हाइफा शहर में ईरानी मिसाइल हमले में चार लोगों की जान गई है। सऊदी अरब की सेना ने दावा किया है कि उसने मंगलवार को 18 ड्रोन रोके हैं। ईरान की धमकी के बाद सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने किंग फहद कॉजवे पुल को बंद कर दिया गया है।

खत्म होगा खाद संकट? सरकार ने बढ़ाई फर्टिलाइजर प्लांट्स को गैस सप्लाई


मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट अभी भी बंद है। स्ट्रेट के बंद होने की वजह से विश्व के देशों में एनर्जी की किल्लत जारी है। इस बीच भारत सरकार ने फर्टिलाइजर सकंपनियों को लेकर बड़ा कगम उठाया है। इसमें सरकार ने 6 अप्रैल से गैस की खरीद करके सरकारी फर्टिलाइजर प्लांट्स को उनकी छह महीने की एवरेज खपत का 90 फीसदी गैस सप्लाई बढ़ा दी है। यह बात पेट्रोलियम और प्राकृति गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कही है।

 

सुजाता शर्मा के मुताबिक, यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब तेल कंपनियों ने फ्यूल की उपलब्धता का प्रबंध करके बाजार से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की खरीदी की है। मिडिल ईस्ट में जंग की वजह से खाड़ी देशों से गैस औक क्रूड ऑयल में आई रुकावट की वजह से सरकार ने शुरू में फर्टिलाइजर (यूरिया) प्लांट्स को गैस सप्लाई जरूरत के लगभग 60 फीसदी तक सीमित कर दी थी। बादल में इसे 75-80 फीसदी तक बढ़ा दिया गया था।

 

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LNG की सप्लाई बंद

कतर जैसे अन्य खाड़ी देशों से सरकार को LNG की सप्लाई बंद पड़ी है। इस स्थिती से निपटने के लिए भारतीय कंपनियां अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और रूस में दूसरे सप्लायर्स से LNG खरीद रही हैं।

देश में गैस की सप्लाई बढ़ी

सुजाता शर्मा ने कहा कि उपायों से देश में गैस की सप्लाई बढ़ी है। यही वजह है कि अलग-अलग सेक्टर्स के लिए सरकार ने कोटा बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क समेत दूसरे इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सेक्टर को गैस सप्लाई सोमवार से 10 फीसदी और बढ़ा दी जाएगी।

 

सबसे परीयता वाले सेक्टर्स को सबसे पहले गैस की सप्लाई दी जा रही है। इसमें घरेलू पाइप्ड कुकिंग गैस और ट्रांसपोर्ट के लिए सीएमजी की 100 फीसदी सप्लाई शामिल है।

 

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एलपीजी सप्लाई पर असर

उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों से कुकिंग गैस यानी एलपीजी सप्लाई पर असर पड़ रहा है। अभी भी बेहतर सप्लाई नहीं आ रही है लेकिन खाना पकाने के लिए लोगों को गैस सप्लाई ठीक से पूरी की जा रही है। उन्होंने आगे कहा, ‘मौजूदा जियोपॉलिटिकल हालात से एलपीजी सप्लाई पर असर पड़ रहा है लेकिन एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर किसी भी तरह की कमी की खबर नहीं है।’

 

सुजाता शर्मा ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य चल रही है। 1 मार्च 2026 से अब तक 18 करोड़ से ज्यादा सिलेंडर घरों में डिलीवर किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि होटलों और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाली कमर्शियल एलपीजी का राज्यों का कोटा, गैस संकट से पहले के लेवल का लगभग 70 फीसदी बढ़ा दिया गया है।

स्टडी में खुलासा, समय से पहले मेनोपॉज बढ़ाता है दिल की बीमारी का खतरा


आज के बदलते लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच महिलाओं की हेल्थ को लेकर एक रिसर्च स्टडी सामने आई है। जामा कार्डियोलॉजी की रिसर्च रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जिन महिलाओं को 40 साल की उम्र में मेनोपॉज होता है, उनमें दिल की बीमारी होने का खतरा 40 फीसदी तक बढ़ जाता है। जिन महिलाओं को 12 महीने तक पीरियड नहीं आता है उस स्थिति को मेनोपॉज कहा जाता है। मेनोपॉज अक्सर 45 से 50 की उम्र में होता है लेकिन आज के दौर में 40 की उम्र में भी मेनोपॉज होने लगा है, जिसके परिणाम में हार्ट अटैक, स्ट्रोक या अन्य हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है।

 

यह रिसर्च नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने की है, जिसमें 1964 से लेकर 2018 के बीच करीब 10,000 महिलाओं की हेल्थ रिपोर्ट पर नजर रखी गई। इन रिपोर्ट्स में पाया गया कि जिन महिलाओं को 40 साल से पहले कोई दिल की बीमारी नहीं थी, उन्हें 40 की उम्र में मेनोपॉज होने के बाद दिल की बीमारी होने लगी। इसे देखते हुए वैज्ञानिकों ने दावा किया कि कम उम्र में मेनोपॉज वाली महिलाओं में कोरोनरी हार्ट डिजीज का खतरा 40 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।

 

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रिपोर्ट में चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पहले कम उम्र में मेनोपॉज होने वाली केवल 1 प्रतिशत महिलाओं को हार्ट डिजीज का खतरा था लेकिन अब यह खतरा 3 से 4 फीसदी तक बढ़ गया है। अब सवाल उठता है कि ऐसी क्या वजह है जिससे महिलाओं को कम उम्र में मेनोपॉज होता है और यह भी कि मेनोपॉज होने से दिल की बीमारी का खतरा क्यों बढ़ता है।

मेनोपॉज से कैसे होती है दिल की बीमारी?

महिलाओं को मेनोपॉज के दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव आते हैं खासकर एस्ट्रोजन हार्मोन तेजी से गिरने लगता है। एस्ट्रोजन हार्मोन महिलाओं के शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाकर और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करके दिल की रक्षा करता है। मेनोपॉज होने के बाद इसकी कमी के कारण हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा एस्ट्रोजन हार्मोन की गिरावट से महिलाओं के शरीर में कई दिक्कतें हो सकती हैं।

 

मानसिक स्वास्थ्य- एस्ट्रोजन की कमी से मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, जिससे डिप्रेशन और एंग्जायटी का खतरा बढ़ जाता है।


ब्लड प्रेशर की समस्या– एस्ट्रोजन की कमी से खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है।

 

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एस्ट्रोजन की कमी कैसे दूर करें?

जिन महिलाओं को कम उम्र में मेनोपॉज हो जाता है, उन्हें फाइटोएस्ट्रोजन युक्त आहार लेना चाहिए, जो शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर को सपोर्ट करता है। इसके लिए महिलाओं को अलसी के बीज, तिल, चना, मसूर, राजमा, अनार, सेब और गाजर का सेवन करना चाहिए। ये आहार शरीर में एस्ट्रोजन रिसेप्टर्स को एक्टिवेट करने में मदद करते हैं और हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं।

6 अप्रैल के दिन इन राशियों पर बरेसगी भोलेनाथ की अमृत कृपा, पढ़ें राशिफल


आज 6 अप्रैल 2026, सोमवार का दिन है। पंचांग के अनुसार आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। आज का दिन चंद्रमा के वृश्चिक राशि में संचार और सूर्य के मीन राशि में उपस्थिति से प्रभावित रहेगा। अंक ज्योतिष के नजरिए से आज का मूलांक 6 है, जो शुक्र ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है और प्रेम, कला व सामंजस्य का प्रतीक है। ग्रहों की यह विशेष स्थिति आज एक मिश्रित ऊर्जा का निर्माण कर रही है, जहां एक ओर मानसिक संवेदनशीलता रहेगी, तो दूसरी ओर रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलने के प्रबल योग बनेंगे।

 

आज की आकाशीय गणना संकेत देती है कि व्यापारिक दृष्टिकोण से दिन सामान्य रहेगा लेकिन व्यक्तिगत संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। सोमवार का दिन होने के कारण भगवान शिव की कृपा बरसेगी, जिससे बाधाएं दूर होंगी। आज का दिन धैर्य और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने का है। विशेष रूप से उन लोगों के लिए समय अनुकूल है जो कला, सौंदर्य या सेवा क्षेत्र से जुड़े हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

 

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आज का राशिफल 

 

 

मेष 


आज आपका आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त होगा।  निवेश के लिए दिन अच्छा है, धन लाभ के योग हैं। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बना रहेगा, घर में खुशी का माहौल होगा। सिरदर्द की समस्या हो सकती है, पर्याप्त नींद लें। 
क्या करें: भगवान शिव को जल अर्पित करें।
 क्या न करें: जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें।

 

वृषभ 


आज का दिन सुख-सुविधाओं में वृद्धि वाला है।  व्यापार में विस्तार की योजना सफल होगी। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। परिवार के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। खान-पान पर नियंत्रण रखें, पेट की खराबी हो सकती है।
 क्या करें: सफेद वस्तुओं का दान करें।
 क्या न करें: किसी अजनबी पर भरोसा न करें।

 

मिथुन 


बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी। ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना होगी। खर्चों में वृद्धि हो सकती है, बजट बनाकर चलें। प्रेम जीवन में थोड़ी गलतफहमी हो सकती है, बातचीत से सुलझाएं। मानसिक तनाव से बचें, योग करें। 
क्या करें: गणेश जी की आरती करें। 
क्या न करें: व्यर्थ के वाद-विवाद में न पड़ें।

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कर्क 


आज आप भावुक महसूस कर सकते हैं। काम का बोझ अधिक रहेगा, धैर्य बनाए रखें। आय के नए स्रोत बनेंगे लेकिन बचत कम होगी। माता के सहयोग से कोई बड़ा काम पूरा होगा।  जोड़ों के दर्द की समस्या हो सकती है। 
क्या करें: चंद्र देव के मंत्रों का जाप करें।
 क्या न करें: भावनाओं में बहकर कोई वादा न करें।

 

सिंह 


सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी, प्रमोशन के योग हैं। सुख-साधनों पर धन खर्च होगा। प्रेम व परिवार: संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। आज आप ऊर्जावान महसूस करेंगे। 
क्या करें: तांबे के लोटे से सूर्य को अर्घ्य दें। 
क्या न करें: अहंकार को अपने रिश्तों के बीच न आने दें।

 

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कन्या 


आज योजनाएं समय पर पूरी होंगी। नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक: निवेश से भविष्य में लाभ होगा। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा, घर का वातावरण सुखद रहेगा। : आंखों में जलन या दर्द की शिकायत हो सकती है।

क्या करें: जरूरतमंदों को अनाज दान करें।

 क्या न करें: किसी की बुराई न करें।

 

तुला 


अंक 6 के प्रभाव से आज आपका दिन शानदार रहेगा। रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, कार्यस्थल पर प्रभाव जमेगा। पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है।  पार्टनर के साथ यादगार समय बिताएंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, व्यायाम जारी रखें।

क्या करें: इत्र का प्रयोग करें और खुश रहें।

 क्या न करें: कर्ज लेने से बचें।

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वृश्चिक 


चंद्रमा आपकी राशि में होने से मानसिक चंचलता रहेगी। व्यवसाय में उतार-चढ़ाव आ सकता है, सतर्क रहें। लेन-देन में सावधानी बरतें। प्रेम व परिवार: जीवनसाथी की सलाह आपके काम आएगी।  अधिक काम की वजह से थकान महसूस होगी। 
क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
 क्या न करें: क्रोध पर नियंत्रण रखें।

 

धनु 


धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। विदेश से जुड़े व्यापार में लाभ होगा। अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाने की जरूरत है। मित्रों से मुलाकात होगी।  वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। 
क्या करें: पीली वस्तुओं का दान करें। 
क्या न करें: काम को कल पर न टालें।

 

मकर 


कठिन परिश्रम का फल मिलने का समय है। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आर्थिक: धन आगमन के प्रबल योग हैं। मांगलिक कार्यों की रूपरेखा बनेगी। हड्डी रोग से परेशानी हो सकती है, कैल्शियम युक्त आहार लें। 
क्या करें: शनि देव के दर्शन करें।
 क्या न करें: झूठ बोलने से बचें।

 

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कुंभ 


आज भाग्य आपका साथ देगा। नई तकनीक का प्रयोग कार्य में प्रगति लाएगा। लॉटरी या शेयर बाजार से लाभ के संकेत हैं। परिवार में तालमेल बढ़ेगा। मौसमी बीमारियों से सावधान रहें। 
क्या करें: पक्षियों को दाना डालें। 
क्या न करें: किसी का अपमान न करें।

 

मीन 


आध्यात्मिक शांति महसूस करेंगे। शिक्षा और शोध से जुड़े लोगों के लिए दिन बेहतरीन है। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। प्रेम व परिवार: जीवनसाथी के साथ रोमांटिक शाम बीतेगी।  मानसिक शांति के लिए ध्यान करें।

क्या करें: शिव चालीसा का पाठ करें। 
क्या न करें: नकारात्मक विचारों को हावी न होने दें।

 

नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अपनी मेहनत पर भरोसा रखें और सकारात्मकता के साथ दिन का आनंद लें।

 

 

ब्रिक्स देशों से ईरान ने कर दी ऐसी मांग, पूरी की तो ट्रंप हो जाएंगे नाराज


भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने ब्रिक्स देशों से बड़ी मांग की है। उन्होंने कहा कि तेहरान को उम्मीद है कि ब्रिक्स देशों का समूह युद्ध के बीच अमेरिका और जायोनी शासन के गैर-कानूनी और आपराधिक कृत्यों की निंदा करेगा। भारत के रुख से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत का संवाद और संयम का आह्वान सराहनीय और जिम्मेदार रुख है। हमारा मानना है कि इन परिस्थितियों में भारत जैसे देशों की भूमिका बेहद प्रभावी हो सकती है। 

 

मोहम्मद फथाली ने कहा कि ईरान ने कभी युद्ध करने की मंशा नहीं जाहिर की। उसने बार बार कहा कि वह कोई संघर्ष नहीं शुरू करेगा। हमने यह साफ बता दिया था कि अगर हम पर युद्ध थोपा गया तो इसका दायरा, समय और आखिर प्रबंधन सब ईरान के हाथों में होगा। आज जो हो रहा है, वह बाहरी हमले के खिलाफ वैध आत्मरक्षा है। 

 

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राजदूत मोहम्मद फथाली ने कहा कि ईरान सभी आजाद और आजादी पसंद देशों से अमेरिका और इजरायल की सैन्य और आक्रामक कार्रवाइयों की स्पष्ट निंदा की अपेक्षा करता है। अमेरिका और इजरायल ने अस्पतालों, आवासीय क्षेत्रों, स्कूलों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। हमला करके ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंखन किया।  

ईरान भी ब्रिक्स का हिस्सा 

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर एक साथ ईरान पर धावा बोला था। अभी तक इस मामले में ब्रिक्स ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। मौजूदा समय में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान समेत 11 सदस्य देश हैं। यह समूह वैश्विक दक्षिण के देशों की आवाज है। मगर अभी तक ब्रिक्स समूह ने किसी के भी पक्ष में कोई बयान नहीं दिया है। 2024 में ईरान को इसका सदस्य बनाया गया था। मौजूदा समय में भारत ब्रिक्स का अध्यक्ष है।

दुविधा में ब्रिक्स समूह

ब्रिक्स के सामने असमंजस वाली स्थिति बनी है। चीन और रूस ने खुलकर ईरान का समर्थन किया। उन्होंने इजरायल और अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की। मगर ब्रिक्स का हिस्सा सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के मामले में चुप्पी साध रखी है।

 

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अगर ब्रिक्स अमेरिका और इजरायल की निंदा करता है तो उसे सऊदी अरब और यूएई में होने वाले हमलों की भी निंदा करना होगा। इन हमलों को ईरान की आईआरजीसी अंजाम दे रही है। माना जा रहा है कि किसी एक के पक्ष में बयान देने से समूह में फूट पड़ सकता है। यही कारण है कि भारत और मिस्र समेत अन्य देशों ने सधा और संतुलित रुख अपनाया है।

यूपी में अगले 7 दिन के मौसम का हाल, दिल्ली में बारिश; जानें मौसम का ताजा अपडेट


अप्रैल का दूसरा हफ्ता शुरू हो गया है लेकिन गर्मियां दस्तक देते-देते रुक जा रही हैं। कारण पश्चिमी विक्षोभ के कारण चल रही तेज हवाएं और अचानक हो रही बारिश, जिसकी वजह से 6 अप्रैल को भी मौसम खुशनुमा बना हुआ है। इन दिनों दिन में तेज धूप के साथ में हल्की गर्मी हो रही है और शाम से लेकर अगली सुबह तक मौसम में ठंडक बनी हुई है। दिल्ली-एनसीआर में मौसम मार्च के दूसरे हफ्ते से लेकर अप्रैल के पहले हफ्ते तक ऐसा ही बना रहा। यही हालात पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में देखने को मिला है।  

 

मौसम विभाग ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि आज हल्की बारिश हो सकती है, साथ ही 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग की मानें तो यह बारिश और तेज हवाएं पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आ रहे हैं। इसी वजह से देश के एक बड़े भाग में मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

 

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उत्तर प्रदेश में अगले 10 दिनों का मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में आज का मौसम कुछ बादल हुआ है। प्रदेश में दिन का तापमान 32 डिग्री रहेगा। जबकि यूपी में मंगदलवार को मौसम साफ रहेगा और कल का तापमान 34 डिग्री रहने की संभावना है। इसके अलावा प्रदेश में मंगलवार और बुधवार को आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। वहीं, गुरुवार और शुक्रवार को मौसम साफ रहेगा।

 

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दिल्ली-एनसीआर में बारिश और हवाएं

दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को हल्के बादल छाए रहेंगे, तेज तेज धूप खिली रहेगी। इस पूरे भाग में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक जाने का पूर्वानुमान है। जबकि रात का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस बना रह सकता है। वहीं, आज मौसम पूरा दिन साफ रहेगा और हवाएं 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।

 

हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में 7-8 अप्रैल को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 7 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ के कारण आंधी-तूफान आने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ में धूल भरी आंधी भी चल सकती है। इसके बाद दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश भी हो सकती है।

हाई प्रोटीन डाइट का किडनी पर असर पड़ता है? यूरोलॉजिस्ट से समझिए


आजकल बॉडीबिल्डिंग और फिटनेस को लेकर बढ़ते रुझान की वजह से प्रोटीन सप्लीमेंट का चलन काफी बढ़ गया है। प्रोटीन सप्लीमेंट का किडनी पर बूरा असर पड़ता है, इस बात की पुष्टि एम्स के डॉ. परवेज ने की है। उन्होंने अपने यूट्यूब शॉर्ट वीडियो के जरिए बताया कि प्रोटीन सप्लीमेंट खाने से किडनी पर क्या असर पड़ता है।

 

जब हम बहुत ज्यादा प्रोटीन सप्लीमेंट लेते हैं तो किडनी को उसे प्रोसेस करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसे हाइपरफिल्ट्रेशन कहते हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए यह सामान्य हो सकता है लेकिन लंबे समय तक बिना जरूरत के बहुत अधिक सप्लीमेंट लेना किडनी को तनाव में डाल सकता है हालांकि बॉडीबिल्डिंग के दौरान प्रोटीन लेना जरूरी है लेकिन ज्यादा प्रोटीन सप्लीमेंट लेने से किडनी पर दबाव बढ़ता है। अब सवाल उठता है कि हमें एक दिन में कितना प्रोटीन लेना चाहिए।

 

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ज्यादा प्रोटीन सप्लीमेंट खाने से शरीर पर असर

 

एम्स के यूरोलॉजिस्ट डॉ. परवेज के अनुसार, जब हम प्रोटीन खाते हैं तो वह शरीर में पचकर अमीनो एसिड में बदल जाता है। इसके बाद कई अमीनो एसिड बनते हैं। जो अमीनो एसिड बच जाते हैं, उन्हें शरीर तोड़कर अमोनिया में बदल देता है।

 

अमोनिया हमारे शरीर के लिए बेहद टॉक्सिक होता है और इसे किडनी के जरिए शरीर से बाहर निकाला जाता है। अगर आप बहुत ज्यादा प्रोटीन लेते हैं, तो शरीर में ज्यादा अमोनिया बनेगा और किडनी पर ज्यादा दबाव पड़ेगा। इससे हाइपरफिल्ट्रेशन बढ़ता है। जिन लोगों की एक ही किडनी है या जो सीकेडी (Chronic Kidney Disease) के मरीज हैं, उनमें यह ओवरलोड और ज्यादा खतरनाक हो सकता है इसलिए संतुलित मात्रा में ही प्रोटीन लेना चाहिए।

 

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ज्यादा प्रोटीन खाने के नुकसान

 

नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. शफीक चीमा के अनुसार, ज्यादा प्रोटीन सप्लीमेंट लेने से कई समस्याएं हो सकती हैं।

 

नेफ्रोटिक सिंड्रोम – ज्यादा प्रोटीन लेने से पेशाब के जरिए प्रोटीन बाहर निकलने लगता है, जिससे पैरों में सूजन और कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है।


वजन बढ़ना – जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से वजन बढ़ सकता है।


अपच और कब्ज – ज्यादा प्रोटीन लेने से पाचन खराब हो सकता है और कब्ज की समस्या हो सकती है।

 

कितनी मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए?

 

नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ शफीक चीमा के अनुसार, व्यक्ति को अपने शरीर के वजन के अनुसार प्रोटीन लेना चाहिए। जैसे अगर किसी व्यक्ति का वजन 60 किलो है, तो उसे लगभग 60 ग्राम प्रोटीन रोज लेना चाहिए।

वेरोनिका और क्लोपास, वे किरदार कौन हैं, जिनकी वजह से दुनिया मनाती है ईस्टर?


ईस्टर संडे ईसाई धर्म का एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक त्योहार है, जो ईसा मसीह के पुनर्जन्म की याद में मनाया जाता है। यह केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि त्याग, करुणा और आशा की गहरी कहानी भी है। ईस्टर संडे से पहले की घटनाओं जैसे गुड फ्राइडे में कई ऐसे किरदार सामने आते हैं, जिन्होंने इस पूरी कहानी को आकार दिया। वेरोनिका और क्लोपास ऐसे ही दो किरदार हैं जिन्होंने किसी न किसी रूप में ईसा मसीह के जीवन के अंतिम दिनों और उनके पुनर्जन्म से जुड़े हैं।

 

इन किरदारों की भूमिका को समझे बिना ईस्टर संडे के बारे में वास्तविक अर्थ को पूरी तरह समझ पाना काफी मुश्किल है। इसलिए, ईस्टर संडे की कहानी केवल एक घटना नहीं, बल्कि कई किरदारों और उनके  व्यक्तित्वों और उनके कार्यों का समग्र चित्र है, जो इसे और भी अर्थपूर्ण बनाता है। अब सवाल उठता है कि वेरोनिका से क्लोपास तक क्या कहानियां हैं, जिनका सीधा संबंध ईसा मसीह से है।

 

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क्या है संत वेरोनिका की कहानी?

संत वेरोनिका वह महिला हैं जिनके बारे में परंपरागत तौर पर काफी चर्चा होती है। ईसाई मान्यताओं के मुताबिक, जब ईसा मसीह सूली पर चढ़ने जा रहे थे, तब वेरोनिका ने अपना दुपट्टा उन्हें दिया ताकि वे अपना पसीना पोंछ सकें। ईसा मसीह के स्पर्श से वेरोनिका के दुपट्टे पर उनके चेहरे की छाप पड़ गई थी।

 

संत वेरोनिका ने अपने दुपट्टे को पूरे जीवन संभाल कर रखा। मृत्यु से ठीक पहले उन्होंने यह दुपट्टा पोप क्लेमेंट को सौंप दिया था, जिसके बाद 8वीं शताब्दी के दौरान पोप जॉन के पास यह दुपट्टा रखा गया। यह कहानी बाइबल में नहीं लिखी गई है लेकिन कैथोलिक परंपरा में संत वेरोनिका की कहानी मौजूद है।

 

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क्या है क्लोपास की कहानी?

क्लोपास की कहानी का वर्णन बाइबल में किया गया है। इस कहानी के मुताबिक, ईस्टर संडे के दिन क्लोपास नाम का व्यक्ति अपने एक साथी के साथ इम्माऊस गांव जा रहा था। यह गांव येरूशलेम से लगभग सात मील दूर है। रास्ते में उन्हें ईसा मसीह मिले लेकिन वह उन्हें पहचान नहीं पाए। रास्ते में क्लोपास ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि ईसा मसीह कर्म और वचन में महान व्यक्ति थे लेकिन उन्हें सूली पर चढ़ा दिया गया। हमने सोचा था कि वही हमारा उद्धार करेंगे।

 

क्लोपास ने यह भी कहा कि उनकी मृत्यु को तीन दिन हो चुके हैं और जब कुछ स्त्रियां उनकी कब्र पर गईं, तो वहां उनका शरीर नहीं मिला। इसके बाद ईसा मसीह ने समझाया कि मसीहा के लिए कष्ट सहना कोई संयोग नहीं, बल्कि एक दैवीय योजना का हिस्सा था। बिना दुख और मृत्यु के पुनरुत्थान और महिमा संभव नहीं थी। यह त्याग और जीत के बीच संतुलन को दर्शाता है। इसके बाद जब ईसा मसीह ने उनके साथ बैठकर रोटी खाई, तब क्लोपास को एहसास हुआ वह ईसा मसीह है। जिसके बाद ईसा मसीह  वहां से ओझल हो गए।

 

डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि नहीं की जाती है।

 

तो खुल जाएगा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज! ओमान की ईरान के साथ बड़ी बैठक


होर्मुज की खाड़ी को खोलने की कवायद शुरू हो चुकी है। ओमान की राजधानी मस्कट में एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें ईरान और ओमान के विदेश मंत्रालय के उप मंत्री और विशेषत्र पहुंचे। दोनों पक्षों ने तमाम विकल्प और कई प्रस्तावों को एक-दूसरे के साथ साझा किया, ताकि मौजूदा स्थिति में भी होर्मुज की खाड़ी से यातायात को सामान्य किया जा सके।

 

ओमान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि चार अप्रैल 2026 को दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों में उप-मंत्रियों के स्तर पर एक बैठक आयोजित की। इसमें दोनों पक्षों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस बैठक में क्षेत्र में मौजूदा परिस्थितियों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से पारगमन के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने के संभावित विकल्पों पर बातचीत हुई। बैठक में दोनों पक्षों के विशेषज्ञों ने कई दृष्टिकोण और प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इनका आगे अध्ययन किया जाएगा।

 

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे अहम शिपिंग रूट में से एक है। यहां से वैश्विक तेल जरूरत का 20 फीसद हिस्सा गुजरता है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल हमले के बदले में ईरान ने यहां यातायात को बाधित कर दिया है। अब उनकी इजाजत के बगैर कोई जहाज नहीं गुजरता है। होर्मुज की खाड़ी बंद होने से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके हैं। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान पर भारी तबाह बना रहा है, ताकि खाड़ी को खुलवाया जा सके, लेकिन तेहरान झुकने को तैयार नहीं है।

 

ये घटनाक्रम गुरुवार को एक ईरानी अधिकारी के इस बयान के बाद सामने आए हैं कि ईरान जलडमरूमध्य में यातायात की निगरानी के लिए ओमान के साथ एक प्रोटोकॉल का मसौदा तैयार कर रहा है, जिससे होकर वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है, और जिसे ईरान ने देश पर चल रहे अमेरिका-इजरायल युद्ध के प्रतिशोध में गंभीर रूप से प्रतिबंधित कर दिया है।

 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज की खाड़ी के पास अब भी तीन हजार से अधिक जहाज फंसे हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानी आईआरजीसी ने भारत, पाकिस्तानी, फ्रांस और तुर्की समेत कुछ देशों के जहाजों को अनुमति दी है। रविवार को भी एक इराकी तेल टैंकर ईरान की अनुमति के बाद यहां से गुजरा। इसके अलावा लारक द्वीप के पास ओमान के तीन जहाज भी गुजरते दिखे। हाल ही में ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर 48 घंटे में होर्मुज की खाड़ी को नहीं खोला गया तो वे हर तरह तबाही मचा देंगे।

 

 

दिल्ली-NCR में फिर बारिश, खेतों में खड़ी फसल से किसानों की बढ़ी टेंशन


आज 5 अप्रैल है लेकिन दिल्ली-एनसीआर में अभी तक ठीक से गर्मी नहीं आ पाई है। पूरे क्षेत्र में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से दिल्ली-एनसीआर यूपी, मध्य प्रदेश के कई भागों में लगातार बादल छाए हुए हैं। इन इलाकों में तेज हवाएं चल रही हैं और कई जगहों पर बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई है। नोएडा में रविवार सुबह हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम ठंडा हो गया।

 

मौसम विभाग ने बाताया है कि दिल्ली-एनसीआर में रविवार को पूरे दिन बादल छाए रहने की संभावना है। इसके चलते शाम तक कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। 

 

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दिल्ली-एनसीआर में मौसम कैसा रहेगा?

दिल्ली-एनसीआर में सुबह बारिश होने की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में रविवार सुबह 6 बजे तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में मौसम साफ और खुशनुमा बना रहेगा और धूप खिलेगी। दिनभर हवा चल सकती है।

 

साथ ही अधिकतम तापमान 30 डिग्री, जबकि न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने बताया है कि आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर के मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

खत्म नहीं हुआ पश्चिमी विक्षोभ

पश्चिमी विक्षोभ अभी खत्म नहीं हुआ है। यह 7-8 अप्रैल तक रह सकता है। मौसम विभाग ने बताया है कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर-पश्चिमी भारत में बारिश और ओलावृष्टि का दौर आज जारी रह सकता है। इस हफ्ते में एक और पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित करने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ सबसे ज्यादा 7-8 अप्रैल को प्रभावित कर कता है। 

 

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किसानों की बढ़ी चिंता

मौसम विभाग के मुताबिक, यह अस्थिर स्थिति तीन दिन तक बनी रह सकती है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक दिनभर आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। गेहूं और सरसों की खड़ी फसलें तेज हवाओं और ओलों की मार से प्रभावित हुई हैं।