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परमा एकादशी पर भगवान विष्णु की कृपा बरसेगी या नहीं?


11 जून को गुरुवार है। आज आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे परमा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। अंक ज्योतिष के अनुसार आज का मूलांक 2 है, जो चंद्रमा की सुंदरता और भावनात्मक ऊर्जा को दर्शाता है। ग्रह-नक्षत्रों की बात करें तो आज चंद्रमा मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, जहां उनकी युति गुरु बृहस्पति से होगी। यह युति ज्ञान, समृद्धि और मानसिक शांति का प्रतीक है। सूर्य देव इस समय वृषभ राशि में रहेंगे, जिससे आज के दिन सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी।


गुरुवार का दिन और एकादशी का संयोग धार्मिक कार्यों और दान-पुण्य के लिए बेहद फलदायी रहेगा। आज के दिन लोगों में निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी, साथ ही व्यापारिक मामलों में सूझबूझ से काम लेने पर बड़े लाभ की संभावना बनेगी। यह दिन भागदौड़ के बजाय धैर्य और शांति से आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है। आइए जानते हैं कि मेष से लेकर मीन राशि तक के सभी जातकों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

 

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राशिफल


मेष राशि


ऑफिस में सीनियर्स का सहयोग मिलेगा। धन लाभ हो सकता है, हालांकि निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह लें। जीवनसाथी के साथ तालमेल बढ़ेगा।
आज क्या करें: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।
आज क्या न करें: जल्दबाजी में कोई भी निर्णय लेने से बचें।


वृषभ राशि


आपकी राशि में चंद्रमा और गुरु की युति के वजह से करियर में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। आर्थिक रूप से दिन बेहद मजबूत है। रुका हुआ धन वापस मिलने के योग हैं। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा।
आज क्या करें: माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।
आज क्या न करें: आज किसी को भी उधार देने से बचें।


मिथुन राशि


ऑफिस में काम का दबाव बढ़ सकता है। सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर चलें। खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। बजट बनाकर चलना आज बेहद जरूरी है। दोस्तों या रिश्तेदारों से बातचीत करते समय अपनी जुबान पर नियंत्रण रखें।
आज क्या करें: भगवान विष्णु की पूजा करें।
आज क्या न करें: आज के दिन किसी भी तरह के वाद-विवाद में न पड़ें।

 

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कर्क राशि


नौकरी में प्रमोशन के योग हैं। धन कमाने के नए स्रोत खुलेंगे। रुपयों के निवेश के लिए दिन बहुत अच्छा है। प्रेम जीवन सुखद रहेगा। संतान पक्ष से कोई सुखद समाचार मिल सकता है। आज पुरानी किसी बीमारी से राहत मिलने की संभावना है।
आज क्या करें: जरूरतमंदों में पीले फल का दान करें।
आज क्या न करें: अपनी योजनाओं को दूसरों को न बताएं।


सिंह राशि


राजनीति से जुड़े लोगों को बड़ी सफलता मिल सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलेगी। पैतृक संपत्ति से लाभ होने के योग हैं। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। पिता और बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। घर का माहौल शांतिपूर्ण रहेगा।
आज क्या करें: सूर्य देव को जल अर्पित करें।
आज क्या न करें: ऑफिस में सहकर्मियों पर अपना अहंकार न थोपें।


कन्या राशि


आज आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक यात्रा के योग बन रहे हैं, जो फलदायी होगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। अटका हुआ काम बनने से धन लाभ होगा। जीवनसाथी के साथ धार्मिक स्थल की यात्रा कर सकते हैं।
आज क्या करें: किसी मंदिर में कपूर और घी का दान करें।
आज क्या न करें: आलस को अपने ऊपर हावी न होने दें।


तुला राशि


करियर के दुश्मनों से सावधान रहें। कोई भी नया काम शुरू करने के लिए यह दिन शुभ नहीं है। अचानक कोई बड़ा खर्च सामने आ सकता है। शेयर बाजार या सट्टेबाजी से दूर रहें। परिवार के सदस्यों के साथ मतभेद हो सकते हैं।
आज क्या करें: संकट नाशन गणेश चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: आज किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें।

 

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वृश्चिक राशि


नौकरीपेशा लोगों को मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। सुख-सुविधाओं की चीजों पर धन खर्च हो सकता है। वैवाहिक जीवन में प्रेम और रोमांस बढ़ेगा।
आज क्या करें: भगवान शिव का जलाभिषेक करें।
आज क्या न करें: अपने साथी की भावनाओं की उपेक्षा न करें।


धनु राशि


नौकरी में आपके काम की सराहना होगी। विरोधियों पर आप भारी पड़ेंगे और हर चुनौती को पार करेंगे। सुख-साधनों पर खर्च होगा। घर में भाई-बहनों के साथ संबंध सुधरेंगे।
आज क्या करें: केले के पेड़ की पूजा करें।
आज क्या न करें: आज कर्ज लेने या देने से पूरी तरह बचें।


मकर राशि


विद्यार्थियों और कला जगत से जुड़े लोगों के लिए दिन शानदार है। नौकरी में आपके काम की तारीफ होगी। आज धन लाभ के योग हैं। लॉटरी या पुराने निवेश से फायदा मिल सकता है।
आज क्या करें: गायत्री मंत्र का 21 बार जाप करें।
आज क्या न करें: किसी भी काम में शॉर्टकट अपनाने की कोशिश न करें।


कुंभ राशि


ऑफिस में आज काम ज्यादा करना पड़ेगा। जमीन या प्रॉपर्टी से जुड़े काम करने वालों को लाभ मिल सकता है। सुख-साधनों की चीजों पर ज्यादा रुपये खर्च कर सकते हैं। इसलिए बजट का ध्यान रखें।
आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: आज घर में कलह न करें।

 

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मीन राशि


आपके साहस में वृद्धि होगी। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। पुराने किए गए निवेश का आज बेहतरीन रिटर्न मिल सकता है। घर में छोटे भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। सामाजिक जीवन में आपका सम्मान बढ़ेगा।
आज क्या करें: बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लें।
आज क्या न करें: आज उत्साह में आकर कोई गलत वादा न करें।


नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर बताया गया है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

ट्रंप की धमकी के बाद ईरान पर अमेरिका का जोरदार हमला, फिर बंद हुआ होर्मुज स्ट्रेट


अमेरिका और ईरान के बीच शांति की सारी कोशिशें बेकार हो गई हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक अमेरिकी हेलिकॉप्टर मार गिराए जाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप भड़के हुए हैं। इस बार उन्होंने कहा कि ईरान इसकी कीमत चुकाएगा और अमेरिका जोरदार हमले करेगा। डोनाल्ड ट्रंप की इस चेतावनी के बाद अमेरिका ने ईऱान के कई इलाकों पर जोरदार हमला कर दिया है। अमेरिका की ओर से हुई इस कार्रवाई के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को एक बार फिर से बंद कर दिया गया है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई इसलिए की जा रही है कि ईरान की ओर से बेवजह और बार-बार उकसाने वाली घटनाएं हो रही हैं। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन से हमले किए हैं।

 

ईरान की मीडिया के मुताबिक, बंदर अब्बास, मिनाब और सिरीक में धमाके सुने गए हैं। ईरान की ओर से दावा किया गया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है लेकिन अमेरिका का कहना है कि कमर्शियल शिप अभी भी गुजर रहे हैं।  अमेरिका के हमले और ईरान के पलटवार के बाद 22 देशों ने ईरान को कहा है कि वह उनकी धरती पर लोगों पर हमला बंद करे। यह संदेश देने वाले देशों में अमेरिका और यूरोप के देश शामिल हैं। एक संयुक्त बयान में इन देशों ने कहा है कि उनकी धरती पर लोगों को मारने, उनके धमकाने या फिर उनका अपहरण करने की कोशिशें बंद होनी चाहिए। इससे पहले बुधवार को भी अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर हमला किया था।

 

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अमेरिका ठिकानों पर ईरान का हमला

ईरान पर हुए हमले के बाद उसने पलटवार भी किया था। ईरान ने बहरीन, कुवैत और जोर्डन में उन ठिकानों पर हमले कर दिए थे जहां अमेरिका सेना के जवान मौजूद है। बता दें कि 2 महीने तक चले सीजफायर के बाद एक हफ्ते में ही तीन बार इस तरह के हमले हो चुके हैं। अब डोनाल्ड ट्रंप लगातार धमकी दे रहे हैं। उनका कहना है कि ईरान ने गलती की है और वह इसकी कीमत चुकाएगा। उनका कहना है कि इस बार हमले और तेज होंगे। 

 

इन हमलों के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTOM) फोर्सेज ने बयान जारी करके कहा है कि उसने ईरान में कई जगहों पर अपने हमले पूरे किए हैं। CENTOM का कहना है कि ईरान में ये हमले मिलिट्री सर्विलांस, कम्युनिकेशन सिस्टम और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाकर किए गए। इसके अलावा, अमेरिका के मरीन कॉर्प्स, एयर फोर्स और नेवी ने उन जगहों को निशाना बनाया जो अमेरिका सेना और कमर्शियल शिप के लिए खतरा बन रहे थे।

 

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दूसरी तरफ, ट्रंप यह भी कप रहे हैं कि अगर इस युद्ध को खत्म करना है तो ईरान को चाहिए कि वह डील कर ले और मामले को सुलझा ले। इस पर ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका सच में कोई डील करना चाहता है तो उसे धमकी वाले रवैये से बाहर आना होगा। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत सईद इरवानी ने कहा, ‘ईरान ने कभी भी धमकी के जर से या दबाव में कोई समझौता नहीं किया है।’ उधर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का रुख अभी भी स्पष्ट है। वह चाहते हैं कि ईरानी की सरकार तबाह कर दी जाए, उसका न्यूक्लियर प्रोग्राम खत्म हो और लेबनान में ईरान के समर्थन से काम करने वाले हिज्बुल्लाह को बर्बाद कर दिया जाए।

अमेरिकी राजनयिक तलब, तेल टैंकर पर हमले के बाद भारत सख्त


ओमान तट के करीब हाल ही में अमेरिका ने एक कमर्शियल जहाज पर हमला किया था। जहाज पर पलाऊ का झंडा लगा था। इस पर करीब 24 भारतीय सवार थे। इनमें से 21 को सफलतापूर्वक बचा लिया गया। वहीं तीन भारतीय नागरिक लापता हैं। भारत सरकार ने न केवल अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की, बल्कि बुधवार को अमेरिकी ‘चार्ज डी अफेयर्स’ (राजनयिक प्रतिनिधि) को तलब भी किया।

 

भारतीय विदेश मंत्रालय ने वाणिज्यिक जहाज पर हमले की निंदा की और कमर्शियल शिपिंग और बुनियादा ढांचे को निशाना न बनाने का आह्वान किया। यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर स्वतंत्र और बिना रोक-टोक के आवाजाही को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए। 

 

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अमेरिका ने जहाज पर क्या आरोप लगाए?

बता दें कि ‘सेटेबेलो’ नाम का जहाज ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबादी से बचने का प्रयास कर रहा था। जहाज पर चालक दल के तौर पर 24 भारतीय सवार थे और इस पर पलाऊ का झंडा लगा था। इसी बीच अमेरिकी नौसेना ने जहाज पर हमला कर दिया। बाद में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी हमले की पुष्टि की और दावा किया कि जहाज ने ईरान से तेल ले जाने का प्रयास और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन किया। बयान में अमेरिकी सेना ने आगे कहा कि ओमान के तट से गुजरते वक्त अमेरिकी सेना के निर्देशों का पालन नहीं करने पर विमान से जहाज के इंजन रूम पर सटीक हमला किया गया।

 

हमले तुरंत बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा था, ‘हम ओमान के तट के पास कमर्शियल जहाज सेटेबेलो पर हुए हमले की निंदा करते हैं। जहाज पर मौजूद 24 भारतीय चालक दल में से 21 को बचा लिया गया है। तीन भारतीय लापता बताए जा रहे हैं।’

 

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तुरंत तनाव को कम किया जाए: भारत

विदेश मंत्रालय ने तनाव को तुरंत कम करने की मांग उठाई और कहा कि इस क्षेत्र में जहाजों पर हमलों की लगातार घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और यह क्षेत्र में चल रहे संघर्ष का सीधा नतीजा हैं। उधर, ओमान में स्थित भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। खोजबीन और बचाव अभियान में स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय भी जारी है।

 

लटकती तोंद से हैं परेशान, वजन घटाने के लिए डाइट में लें कौन सा प्रोटीन?


जब भी बात वजन घटाने की आती है तब हम हाई प्रोटीन डाइट की तरफ रूख करते हैं। प्रोटीन वाली चीजें आपकी भूख और क्रेविंग को कम करती है और पेट लंबे समय तक भरा रहता है। इसके अलावा कैलोरी बर्न करने का काम करता है। प्रोटीन हमारी सेहत के लिए बहुत फायदमेंद है लेकिन कौन सा प्रोटीन लेने से वजन घटाने में मदद मिलती है? इसके बारे में भी जानना जरूरी है।

 

हाई प्रोटीन वाली चीजें खाने से वजन घटाने में मदद मिलती है, साथ ही मांसपेशियों को भी बढ़ाने में मदद मिलती है। यह आपके पेट को लंबे समय तक भरे रखता है। इस वजह से आपका कैलोरी इनटेक कम हो जाता है। इसके अलावा प्रोटीन डाइट को पचाने में ज्यादा कैलोरी खर्च होती जिससे भूख लगने वाले हार्मोन का लेवल हो जाता है।

 

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वजन घटाने के लिए कौन सा प्रोटीन लेना चाहिए?

शोधकर्तओं के मुताबिक एक स्वस्थ व्यक्ति को  20 से 30 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए। कुछ स्टडी में बताया गया कि लंबे समय कर प्रोटीन वाली चीजें लेने से एनर्जी का सही इस्तेमाल होता है, मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और वजन घटाने में भी मदद मिलती है।

 

उदाहरण के लिए अंडे खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और आपकी भूख को कम करता है। इसके अलावा डाइट में नट्स, बीन्स और दालों को शामिल करें। ये चीजें भूख को कम करती है और वजन को घटाने में मदद करती है। प्लांट और एनिमल बेस्ड, दोनों प्रोटीन वजन घटाने के लिए फायदेमंद है। कुछ स्टडी में दावा किया गया है कि वजन घटाने के लिए एनिमल बेस्ड प्रोटीन ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

 

वे प्रोटीन

 

वे मिल्क बेस्ड प्रोटीन होता है जो आसानी से शरीर में एब्जॉर्ब हो जाता है जो वजन घटाने में मदद करता है और पेट को लंबे समय तक भरे रखता है। वे प्रोटीन किडनी और लिवर के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। वे प्रोटीन फैट मास को कम करता है और लीन मसल्स को बढ़ाता है।

 

केसिन प्रोटीन

 

वे प्रोटीन की तरह केसिन भी मिल्क बेस्ड है और सभी जरूरी एमिनो एसिड्स पाए जाते हैं। हालांकि इस अब्जॉर्ब होने में ज्यादा समय लगता है। केसिन प्रोटीन आपके पेट को लंबे समय तक भरा रखता है लेकिन यह मांसपेशियों को बढ़ाने का काम नहीं है। इस प्रोटीन को पचने में ज्यादा समय लगता है। यह प्रोटीन वजन घटाने में ज्यादा असरदार होता है।

 

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सोय प्रोटीन 

 

यह एक प्लांट बेस्ड प्रोटीन है जो सोयाबीन से बना है। यह अन्य प्लांट बेस्ड प्रोटीन की तरह होता है जिसमें जरूरी एमिनो एसिड पाए जाते हैं। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा होती है। रिसर्च के मुताबिक सोय प्रोटीन वजन घटाने में ज्यादा फायदेमंद नहीं होता है।

 

न्यूट्रीप्लस की डायरेक्टर और सीनियर क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉक्टर अंजलि फाटक के मुताबिक वजन घटाने के लिए वे प्रोटीन सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है।

 

जल्दी पचता है।
हाई प्रोटीन, कम कार्ब्स और फैट।
वर्कआउट के बाद मसल्स बचाने में मदद करता है।
वजन घटाने के दौरान भूख कम करने में सहायक।

 

डाइट में शामिल करें ये प्रोटीन 

  • पनीर
  • टोफू
  • सोया चंक्स
  • मूंग दाल
  • चना
  • राजमा
  • लो-फैट दही
  • ग्रीक योगर्ट
  • अंकुरित दालें

वजन घटाने में केवल प्रोटीन पाउडर नहीं, बल्कि पूरे दिन पर्याप्त प्रोटीन लेना ज्यादा जरूरी है।

 

परमा एकादशी पर व्रत कथा पढ़ना है जरूरी, मुहूर्त भी जान लीजिए


हिन्दू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। एकादशी का पर्व साल में 24 बार आता है, जिनमें परमा एकादशी का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने से भक्तों को न सिर्फ भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि गरीबी दूर होती है और जीवन में धन-संपत्ति की प्राप्ति भी होती है। इस साल परमा एकादशी 11 जून को है। इस दिन व्रत रखना सभी भक्तों के लिए बेहद लाभकारी माना गया है, जिससे सुख, संपत्ति और वैभव की प्राप्ति होती है। धार्मिक जानकारों के मुताबिक इस दिन सभी भक्तों को व्रत कथा पढ़नी चाहिए, ताकि व्रत का महत्व समझ में आए।

 

11 जून को रात 12 बजकर 57 मिनट पर परमा एकादशी व्रत शुरू हो रहा है। इस दिन व्रत रखने के साथ भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। उसके बाद व्रत कथा पढ़नी चाहिए और फिर मंत्रों का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से व्रत का दोगुना लाभ मिल सकता है।

 

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परमा एकादशी व्रत कथा

एक समय की बात है कि काम्पिल्य नगरी में सुमेधा नाम का एक ब्राह्मण अपनी पत्नी के साथ रहता था। वह बेहद दयालु था लेकिन उसे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा था। पति-पत्नी दोनों अत्यंत गरीबी में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे। ब्राह्मण दूसरों से भिक्षा मांगकर अपने लिए भोजन जुटाता था। वहीं ब्राह्मण की पत्नी पति और घर आए मेहमानों का बहुत आदर-सम्मान करती थी। जब घर में कोई अतिथि आता, तो वह स्वयं भूखी रहकर भी अतिथि को भोजन कराती थी।

 

एक दिन ब्राह्मण भिक्षा मांगने गया लेकिन लोगों ने उसे भिक्षा देने से मना कर दिया। इसके बाद उसने सोचा कि भिक्षा मांगने की बजाय परदेस जाना चाहिए, ताकि कोई काम करके धन कमा सके। उसने अपनी पत्नी से कहा, ‘हे प्रिय, गृहस्थी धन के बिना नहीं चलती। यदि तुम्हारी सहमति हो तो मैं परदेस जाकर कोई काम करूं, जिससे कुछ धन कमा सकूं। कई विद्वानों ने भी कर्म और मेहनत की सराहना की है।’

 

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इस पर ब्राह्मण की पत्नी ने कहा, ‘मनुष्य को उसके पिछले जन्म के कर्मों का फल मिलता है। सुमेरु पर्वत पर रहने पर भी बिना पुण्य कर्मों के स्वर्ण नहीं मिलता। जो व्यक्ति पिछले जन्म में विद्या और भूमि का दान करता है, उसे अगले जन्म में विद्या और भूमि की प्राप्ति होती है। कुल मिलाकर भगवान ने भाग्य में जो कुछ लिखा है, उसे टाला नहीं जा सकता। इस कारण हम जो कर्म करते हैं, उसी का फल हमें मिलता है।’

 

इसके बाद ब्राह्मण की पत्नी ने कहा कि उसे अकेला छोड़कर परदेस जाना उचित नहीं है। यह बातचीत एक ऋषि ने सुन ली, जिन्होंने सुमेधा ब्राह्मण की प्रशंसा की। पति-पत्नी ने ऋषि का आदर-सत्कार किया और उन्हें भोजन कराया। तब ऋषि ने दंपत्ति को बताया कि मलमास के कृष्ण पक्ष की परमा एकादशी का व्रत रखने से दुख और गरीबी दूर हो जाती है। ऋषि की बात मानकर दोनों ने परमा एकादशी का व्रत रखा। इसके प्रभाव से उनकी सारी परेशानियां दूर हो गईं और वे धनवान बन गए।

 

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परमा एकादशी में इन बातों का रखें ध्यान

 

1.परमा एकादशी के एक दिन पहले ही भक्तों को लहसुन, प्याज और मांस-मछली का सेवन नहीं करना चाहिए।
2.परमा एकादशी के दिन सुबह स्नान करें और स्नान के जल में गंगाजल मिलाएं।
 3. इस साल परमा एकादशी के दिन पीले रंग के कपड़े पहनें। साथ ही काले रंग के कपड़े न पहनें।
4. सुबह की पूजा के बाद व्रत कथा पढ़ें। जो लोग व्रत कथा नहीं पढ़ सकते, उन्हें व्रत कथा सुननी चाहिए।
5. परमा एकादशी के दिन जरूरतमंद लोगों को धन, अन्न और वस्त्र का दान करना चाहिए।

 

नोट- इस खबर में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी सत्यता या प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करते हैं।

एक हेलिकॉप्टर के बदले चौतरफा हमला, अब ईरान पर क्यों भड़क गया अमेरिका?


एक तरफ तो अमेरिकी राष्ट्रपति हर दिन एलान कर रहे हैं कि बातचीत आखिरी दौर में है और ईरान-इजरायल के बीच सब ठीक हो जाएगा। दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान फिर से भिड़ गए हैं। एक हेलिकॉप्टर मार गिराए जाने के बाद अमेरिका भड़क गया है और उसने ईरान के कई शहरों पर एक साथ हमला कर दिया है। इन हमलों के बाद ईरान ने भी कहा है कि जवाब दिया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बयान जारी करके सेना को निर्देश दिए हैं कि इस हमले का जवाब दिया जाए। अमेरिका के लिए राहत की बात है कि जिस हेलिकॉप्टर पर हमला हुआ उसमें सवार दोनों पायलट सुरक्षित हैं।

 

इस हमले और डोनाल्ड ट्रंप के एलान के बाद ईरान में कई जगहों पर धमाके सुने गए गए हैं। ईरानी मीडिया एजेंसियों के मुताबिक, बंदर अब्बास के अल्वा सिरीक, मिनाब और कोउहेस्तक जैसे शहरों में धमाके हुए हैं। अब अमेरिका ने बताया है कि उसने ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और सर्विलांस राडार साइट्स को निशाना बनाया है। दोनों तरफ से हुई इस तरह की कार्रवाई से शांति वार्ता प्रभावित हुई है। वह भी तब जब डोनाल्ड ट्रंप बार-बार इजरायल को समझा रहे हैं कि वह लेबनान में हमले रोक दे ताकि शांति स्थापित की जा सके।

 

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कैसे शुरू हुआ विवाद?

अमेरिका ने मंगलवार को बताया कि उसका एक अपाचे A-64 हेलिकॉप्टर मार गिराया गया है। बाद में यह भी पता चला कि दोनों पायलटों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बचाए जाने से पहले ये दोनों पायलट लगभग 2 घंटों तक समुद्र में ही थी। इस घटनाक्रम के बारे में ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है, ‘अगर हमारे क्षेत्र में कोई भी विदेशी ताकत घुसेगी तो उसे खतरा तो होगा ही। उनके साथ हादसा हो सकता है या वे क्रॉस फायरिंग का शिकार हो सकते हैं। सबसे अच्छा समाधान है कि वे यहां से चले जाएं।’

 

हेलिकॉप्टर पर हमले से भड़का अमेरिका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसके बारे में सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘मुझे सूचना मिली है कि ईरानियों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पेट्रोलिंग कर रहे हमारे एक अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराया। उसमें दो पायलट थे, दोनों सुरक्षित हैं। हालांकि, अमेरिका को इस हमले का जवाब देने की जरूरत है।’

 

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US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक बयान जारी करके कहा है कि आत्मरक्षा में शाम 5 बजे से ईरान के खिलाफ हमले शुरू किए गए हैं। CENTCOM ने बताया कि अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद कमांडर इन चीफ की अनुमति से यह ऑपरेशन शुरू किया गया है।

अब CENTOM ने एक और बयान जारी करके बताया है कि अमेरिकी एयर फोर्स और नेवी के फाइटर जेट्स के जरिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास स्थित ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और सर्विलांस राडार साइट्स पर हमला किया गया है। उसने एक बार फिर से दोहराया है यह हमला अमेरिकी सेना और समुद्र से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर हुए हमले के जवाब में किया गया। साथ ही, अमेरिका ने यह भी कहा है कि वह आगे भी ऐसी कार्रवाई के लिए तैयार है।

रेलवे की देरी से CRPF जवानों का बुरा हाल, शाम 5 बजे मिला सुबह का नाश्ता


चुनावी ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा बलों की आवाजाही व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर बताया है कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव ड्यूटी पर भेजे गए जवानों को न तो समय पर ट्रेन मिली और न ही समय पर भोजन। कई मामलों में जवानों को सुबह का नाश्ता शाम 5 बजे तक मिला, क्योंकि उनकी विशेष ट्रेनें 10 से 25 घंटे तक देरी से चलीं।

 

CRPF के इंस्पेक्टर जनरल की ओर से भेजे गए विस्तृत पत्र में यह शिकायत की गई है। यह पत्र चुनाव प्रक्रिया के अंतिम चरण के दौरान रेलवे बोर्ड को भेजा गया था। इसमें असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में तैनात जवानों को हुई परेशानियों का विस्तार से उल्लेख किया गया है।

 

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230 में से 200 ट्रेनें लेट

पत्र के मुताबिक, चुनाव ड्यूटी के लिए चलाई गई 230 स्पेशल ट्रेनों में से करीब 200 ट्रेनें लेट पहुंचीं। इनमें से 150 से ज्यादा ट्रेनें 10 से 15 घंटे तक देरी से चलीं, जबकि करीब 50 ट्रेनें तो 20 से 25 घंटे तक लेट रहीं। इस भारी देरी की वजह से जवानों के खाने और आराम की व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा।

 

देरी की वजह से खाने-पीने की पूरी व्यवस्था गड़बड़ा गई। कई बार जवानों को दिन का पहला खाना यानी सुबह का नाश्ता शाम 5 बजे के बाद मिला। IRCTC ने समय पर खाना पहुंचाने की कोशिश की लेकिन ट्रेनों के लगातार लेट होने की वजह से यह व्यवस्था ठीक से काम नहीं कर पाई।

 

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कोच की कमी और खराब व्यवस्था पर भी नाराजगी

CRPF ने अपने पत्र में यह भी बताया कि कई ट्रेनों में पर्याप्त कोच उपलब्ध नहीं कराए गए। जहां 24 कोच की जरूरत थी, वहां केवल 19 से 20 कोच दिए गए, जिससे जवानों को बेहद भीड़भाड़ में यात्रा करनी पड़ी। कई जगहों पर कोचों की सफाई और रखरखाव भी खराब पाया गया, जिससे महिला जवानों सहित सभी कर्मियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

सेलिब्रिटीज जैसे चमकदार और लंबे बाल चाहिए तो फॉलो करें ये घरेलू नुस्खे


हमारे खानपान और लाइफस्टाइल का प्रभाव हमारे बालों पर पड़ता है। इन दोनों चीजों की वजह से बाल झड़ने, सफेद बाल और पतले बाल की समस्या से गुजरना पड़ता है। इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आज भी दादी और नानी के नुस्खे सबसे ज्यादा फायदेमंद है। घेरलू नुस्खे बालों को मजबूत और चमकदार बनाए रखने में मदद करते हैं। इन घरेलू उपायों का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है।

 

कैटीरना कैफ, आलिया भट्ट, शिल्पा शेट्टी समते कई अभिनेत्रियां अपने बालों को खूबसूरत बनाए रखने के लिए इन उपायों का इस्तेमाल करती हैं। आइए इन घरेलू उपायों के बारे में जानते हैं।

 

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बालों को स्वस्थ रखने के लिए फॉलो करें ये टिप्स

कैटरीना कैफ मां बनने के बाद हाल ही में नजर आई थीं। उनके लंबे सुंदर बालों ने लोगों को दिल जीत लिया। कैटरीना अपने लंबे बालों के लिए खास तरीके का तेल लगाती है। वह नारियल तेल में प्याज, करी पत्ता, आंवला और मेथी के दानों को मिलाती है। इन सभी चीजों को मिलाकर वह तेल बनाती है और इसका इस्तेमाल अपने बालों में करती हैं। ये तेल स्कैल्प को मुलायम रखता है। साथ ही डैंड्रफ की समस्या से लड़ता और सफेद बालों की समस्या से भी छुटकारा दिलाता है।

 

आलिया भट्ट अपने बालों में खास तरीके का हेयर मास्क लगाती है। इस हेयर मास्क को बनाने के लिए नीम के पत्ते, तुलसी के पत्ते और लौंग चाहिए। ये मास्क खुजली और डैंड्रफ की समस्या से छुटकारा दिलाता है। साथ ही बालों को बढ़ाने मे भी मदद करता है। इस हेयर मास्क में एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो स्कैल्प को साफ रखने में मदद करता है। साथ ही स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है।

 

बालों में फ्रेश एलोवेरा जेल लगाएं। ये स्कैल्प को मॉश्चराइ करने का काम करता है और बालों में चमक लाता है। इस मास्क को बनाने के लिए आप नारियल या बादाम के तेल में फ्रेश एलोवेरा जेल मिलाएं। इस मास्क को अपने बालों पर लगाएं। 1996 में Journal of Dermatological Treatment में एक स्टडी पब्लिश हुई थी जिसमें बताया गया था कि एलोवेा स्कैल्प में इन्फ्लेमेशन को कम करने का काम करता है।

 

शिल्पा शेट्टी बालों की लंबाई बढ़ाने के लिए नेचुरल टोनर का इस्तेमाल करती हैं। ये टोनर हेयर फॉल की समस्या को कम करता है और बालों को मजबूत बनाता है। इस टोनर को बनाने के लिए मेथी के दाने, रोजमैरी, चावल और चाय की पत्तियां चाहिए। इन सभी चीजों को पानी में अच्छे से उबाल लें। ये टोनर बालों को बढ़ाने का काम करेगा। साथ ही जड़ों को भी मजबूत बनाएगा।

शिया, सुन्नी और सूफी समुदाय के लोग अलग तरीके से क्यों मनाते हैं मुहर्रम? जानिए


मुस्लिम धर्म में मुहर्रम को अल्लाह का पवित्र महीना माना जाता है। इस्लामिक कैलेंडर के हिसाब से मुहर्रम साल का पहला महीना होता है। इस महीने में मुस्लिम धर्म के लोग अल्लाह की इबादत करते हैं, जिसमें पैगंबर मुहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और उनके साथियों की कर्बला के युद्ध में शहादत हुई थी। इस वजह से इस महीने को उनकी शहादत की याद में मनाया जाता है। कई लोग इस महीने में अलग-अलग परंपराएं निभाते हैं। जहां एक तरफ शिया समुदाय मातम मनाता है, वहीं दूसरी तरफ सुन्नी समुदाय रोजा रखकर अल्लाह याद करते है। इसके अलावा सूफी समुदाय के लोग भी अपनी अलग परंपराओं के अनुसार मुहर्रम मनाते हैं।


धार्मिक मान्यता के अनुसार, मुहर्रम की 10वीं तारीख को आशूरा कहा जाता है। आशूरा के दिन शहादत को याद किया जाता है। इस त्योहार को लेकर शिया, सुन्नी और सूफी समुदाय में अलग-अलग मान्यताएं हैं। इसी वजह से त्योहार मनाने के तरीके भी अलग हैं। सुन्नी मुसलमान आशूरा के दिन रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं। अब सवाल उठता है कि मुहर्रम का त्योहार हर समुदाय किस प्रकार मनाते है?

 

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क्या शिया समुदाय मनाता है शोक?


शिया मुसलमानों के लिए मुहर्रम केवल एक महीना नहीं, बल्कि उनकी धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। वे लोग मुहर्रम के दसवें दिन यानी आशूरा पर इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद करते हैं। शिया मुस्लिम इस दिन शोक मनाते हैं। वे काले कपड़े पहनते हैं, जिसके बाद शोक और दुख व्यक्त करने वाली कविताओं का पाठ करते हैं। साथ ही लोग एक साथ सड़कों पर निकलकर अपना दुख व्यक्त करते हैं।


क्या सुन्नी मुस्लिम रखते हैं रोजा?


सुन्नी मुसलमान मुहर्रम को अलग नजरिए से देखते हैं। वे कर्बला की शहादत का सम्मान करते हैं, इसके साथ ही, आशूरा के दिन हजरत मूसा की कथा को भी विशेष महत्व देते हैं। हजरत मूसा की कहानी के मुताबिक आशूरा के दिन अल्लाह ने समुद्र को चीर दिया था, जिसके बाद मूसा और बनी इस्राईल फिरौन की गुलामी से मुक्त हुए थे। इस वजह से सुन्नी मुसलमान इस दिन रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं। इस दिन सुन्नी मुस्लिम मस्जिद में जाकर नमाज अदा करते हैं और खास तौर पर तिलावत पढ़ते हैं।

 

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सूफी समुदाय कैसे मनाता है मुहर्रम?


सूफी समुदाय के लोग मुहर्रम को अलग ढंग से मनाते हैं। वे न तो शोक मनाते हैं और न ही केवल रोजे पर जोर देते हैं। सूफी समुदाय का मानना है कि मुहर्रम आत्मिक चिंतन और अल्लाह के करीब होने का समय है। इस वजह से कई सूफी समुदाय के लोग इस दिन इबादत, जिक्र, सामूहिक प्रार्थना और दरगाहों पर विशेष कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। कई  दरगाहों पर लोग मिलकर कव्वाली भी करते हैं, जिसके जरिए अल्लाह के संदेशों को याद करते हैं।

 

नोट- इस खबर में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

आ रहा है गॉडजिला अल नीनो, इतना शोर क्यों मचा है? वजहें समझिए


अमेरिका में मौसम वैज्ञानिकों ने एक बहुत बड़ी चेतावनी जारी की है। इस हफ्ते के गुरुवार यानी 11 जून को समुद्र में एक बहुत बड़ा बदलाव शुरू होने वाला है। इस बदलाव को ‘गॉडजिला’ या ‘सुपर’ अल नीनो नाम दिया गया है। सरकारी संस्था ‘नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन’ (NOAA) के ‘क्लाइमेट प्रेडिक्शन सेंटर’ के वैज्ञानिक इसकी आधिकारिक घोषणा करेंगे। यूनाइटेड नेशंस (UN) के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने एक वीडियो में चेतावनी दी है कि इसके आने की संभावना 90% पक्की है। उन्होंने कहा कि दुनिया को इसे एक गंभीर चेतावनी की तरह लेना चाहिए क्योंकि यह पहले से गर्म होती दुनिया में आग में घी डालने का काम करेगा। इसका असर अमेरिका के मौसम पर पड़ेगा जिससे वहां अचानक बहुत भारी बाढ़, सूखा और खतरनाक तूफान आ सकते हैं।

 

अल नीनो मौसम में अपने आप होने वाला एक बदलाव है। इसमें पैसिफिक ओशन के बीच और पूर्वी हिस्से में पानी ऊपर से आम दिनों से बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है। स्पैनिश भाषा में ‘अल नीनो’ का मतलब ‘छोटा बच्चा’ या ‘क्राइस्ट चाइल्ड’ होता है। सबसे पहले साल 1600 के दशक में साउथ अमेरिका के मछुआरों ने इसे नोटिस किया था। उन्होंने क्रिसमस के दिनों में प्रशांत महासागर में अचानक गर्म पानी देखा था इसलिए उन्होंने इसका नाम यह रखा। इस पूरे प्रोसेस को आधिकारिक रूप से ‘अल नीनो, सदर्न ऑसिलेशन’ या ‘ENSO’ कहा जाता है। यह बदलाव प्रशांत महासागर में इक्वेटर के पास गर्म और ठंडे पानी के बीच होता रहता है। जब पानी ठंडा होता है तो उसे ‘ला नीना’ कहते हैं।

 

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इस बार यह कितना ताकतवर हो सकता है?

इस साल अल नीनो वाले इलाके में समुद्र का तापमान इस मौसम के हिसाब से अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। 31 मई से 5 जून के बीच वहां का पानी लगभग 1 डिग्री फारेनहाइट गर्म हो गया। यह तापमान पिछले 30 सालों के आम तापमान से लगभग 3 डिग्री ज्यादा गर्म था। कंप्यूटर मॉडल्स दिखा रहे हैं कि इस साल के खत्म होने तक यहां का पानी 5 डिग्री फारेनहाइट से भी ज्यादा गर्म हो सकता है। बरकेले अर्थ के वैज्ञानिक रॉबर्ट रोहडे ने बताया कि लगभग हर कंप्यूटर मॉडल अल नीनो के आने का इशारा कर रहा है। कुछ मॉडल्स इसे धीमा तो कुछ बहुत ताकतवर दिखा रहे हैं। कुछ मॉडल्स ने तो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड टूटने की बात भी कही है हालांकि रॉबर्ट रोहडे को लगता है कि ऐसा होना मुश्किल है। 

 

वैज्ञानिक और मीडिया इसको सुपर या गॉडजिला अल नीनो बोल रहे हैं। सुपर शब्द का इस्तेमाल तब होता है जब प्रशांत महासागर का तापमान कई महीनों तक आम तापमान से 3.6 डिग्री फारेनहाइट ज्यादा रहता है। साल 1950 के बाद से अब तक सिर्फ चार बार ऐसा हुआ है। सबसे आखिरी बार ऐसा बड़ा बदलाव साल 2015 और 2016 के बीच देखा गया था। यूनाइटेड नेशंस की मौसम एजेंसी (WMO) का कहना है कि इस गर्मियों में अल नीनो शुरू होने की संभावना 80% है और इसके नवंबर तक या उससे आगे चलने की उम्मीद 90% या उससे ज्यादा है।

 

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अमेरिका के मौसम पर इसका क्या असर होगा?

एनओऐऐ के मुताबिक, अल नीनो प्रशांत महासागर में छुपी हुई गर्मी को हवा में छोड़ देता है। इस वजह से पूरी दुनिया का औसत तापमान कुछ समय के लिए बढ़ जाता है। सरकारी वैज्ञानिक सर्दियों के मौसम का अंदाजा लगाने के लिए सबसे पहले इसी बदलाव को देखते हैं क्योंकि इसका सबसे ज्यादा असर ठंड के महीनों में होता है।

 

‘क्लाइमेट प्रेडिक्शन सेंटर’ के मुताबिक, अल नीनो की सर्दियों में अमेरिका का निचला यानी दक्षिणी हिस्सा आम दिनों से ज्यादा गीला रहता है और वहां ज्यादा बारिश होती है। वहीं अमेरिका का उत्तरी हिस्सा सूखा रहता है और वहां कम बारिश होती है। एनओऐऐ के तूफान विश्लेषक मैथ्यू रोजेंक्रान्स ने बताया कि अल नीनो के दौरान पूरे अमेरिका में सर्दियों का मौसम आम तौर पर गर्म रहता है खास कर पैसिफिक नॉर्थवेस्ट से लेकर ग्रेट लेक्स तक के इलाकों में।

 

यह गर्मी वेस्ट कोस्ट और साउथ-ईस्ट तक भी फैल सकती है पर वहां का असर अभी पूरी तरह पक्का नहीं है। ‘सीवियर वेदर यूरोप’ के मुताबिक, अगर यह सुपर अल नीनो होता है तो मौसम में बहुत बड़े बदलाव आएंगे जिससे आम मौसम अचानक भयानक बाढ़, भारी सूखे और खतरनाक तूफानों में बदल सकता है।