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‘भारत में रहने पर शर्म आती है’, सिब्बल ने ऐसा क्या कहा जो भड़क गई बीजेपी


देश के जाने-माने वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने रविवार को एक ऐसा बयान दिया, जिससे बीजेपी आगबबूला हो गई। सिब्बल ने रविवार को कहा था कि उन्हें ऐसे देश में रहने पर शर्म आती है, जहां सत्तारूढ़ पार्टी लोकतंत्र की नींव को खत्म करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। इसी बयान पर बीजेपी ने सिब्बल पर हमला बोला है।

 

बीजेपी ने अपनी आलोचना करने के लिए वकील कपिल सिब्बल पर तीखा हमला बोला। बीजेपी ने कहा कि कपिल सिब्बल भारत से नफरत करने करते हैं। पार्टी का कहना है कि सिब्बल 2021 में पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा पर चुप थे।

 

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बीजेपी ने प्रतिक्रिया दी

दरअसल, उन्होंने यह बयान तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर दिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक वीडियो में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कपिल सिब्बल ने देश के सर्वोच्च न्यायालय में वकालत करके करोड़ों रुपये कमाए हैं, फिर भी वह भारत में रहने पर शर्म महसूस करने की बात करते हैं।

…तब क्यों चुप रहे सिब्बल?

पूनावाला ने कहा, ‘कपिल सिब्बल का कहना है कि उन्हें भारत में रहने पर शर्म आती है। सवाल यह है कि जब 2021 में चुनाव बाद हिंसा हुई और कथित तौर पर 300 से अधिक बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई, तब कपिल सिब्बल ने एक शब्द नहीं कहा। यही कपिल सिब्बल आरजी कर और संदेशखालि जैसे मामलों में भी चुप रहे।’

 

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भारत से नफरत क्यों?

शहजाद पूनावाला ने कहा कि सरकार से राजनीतिक मतभेद होना स्वीकार्य है, लेकिन कुछ विपक्षी नेताओं की प्रवृत्ति बीजेपी विरोध की आड़ में देश को निशाना बनाने की है। उन्होंने कहा, ‘बीजेपी का विरोध करना एक बात है, लेकिन भारत का विरोध क्यों? आप राजनीतिक मतभेद रख सकते हैं, लेकिन भारत से नफरत क्यों?’

 

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बारे में पूनावाला ने कहा कि किसी ने भी उनके साथ हुई बदसलूकी या हमले को सही नहीं ठहराया है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों के तृणमूल कांग्रेस से संबंध होने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि जो भी हो, किसी ने भी इस घटना को उचित नहीं ठहराया है।

मन की बात में जिन आमों की खूब हुई तारीफ, उनके बारे में क्या जानते हैं आप?


भारत में गर्मियों का मौसम आते ही हर घर में बस एक ही चर्चा शुरू हो जाती है और वह है फलों के राजा आम की। हमारे देश में शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहां गर्मियों के दिनों में आम के स्वाद की बात न होती हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस बात को सामने रखा है कि भारत में मिलने वाली आम की अलग-अलग किस्में हमारे देश की असली शान हैं। उन्होंने बताया कि किस तरह देश के अलग-अलग राज्यों के आमों की अपनी खूबी हैं और क्यों ये इतने खास हैं। जगह बदलने के साथ ही आम का रूप, रंग और स्वाद पूरी तरह बदल जाता है और यही विविधता हमारे देश को सबसे अलग बनाती है।

 

इस सफर में महाराष्ट्र और कोंकण का हापुस यानी अल्फांसो हो या गुजरात का केसर ये सभी आमरस की जान माने जाते हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश का दशहरी, हमारी काशी का लंगड़ा और बिहार का जर्दालु आम, जिसकी खुशबू को लोग दूर से ही पहचान लेते हैं। जब हम दक्षिण भारत की बात करते हैं तो वहां बंगनपल्ली, तोतापरी, नीलम और मालगोवा जैसे आमों का स्वाद मिलता है जबकि बंगाल का हिमसागर और ओडिशा और आंध्र प्रदेश का सुवर्णरेखा आम अपनी मिठास देता है। 

 

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अल्फांसो या हापुस

महाराष्ट्र के कोंकण इलाके से आने वाले अल्फांसो को आमों का राजा कहा जाता है। यह भारत के सबसे महंगे और मशहूर आमों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें रेशा बिल्कुल नहीं होता है। इसका चमकीला पीला रंग, तेज मिठास और बेहतरीन खुशबू हर किसी को पसंद आती है। इसके बिना गर्मियों में आमरस का मजा अधूरा रहता है।

केसर आम

गुजरात के जूनागढ़ और अहमदाबाद के इलाकों में होने वाला केसर आम अपनी खास खुशबू के लिए जाना जाता है। इसका नाम ‘केसर’ इसलिए है क्योंकि इसके अंदर का हिस्सा बिल्कुल असली केसर की तरह गहरा पीला और संतरी होता है। इस आम की खुशबू दूर से ही पहचानी जा सकती है और इसका स्वाद शहद की तरह मीठा होता है। लोग इसे भी आमरस बनाने के लिए बहुत खरीदते हैं।

दशहरी आम

उत्तर प्रदेश का दशहरी आम पूरी दुनिया में अपनी पतली गुठली और बेहद मीठे गूदे के लिए लोकप्रिय है। इसे भारत के सबसे पुराने और राजसी आमों में से एक माना जाता है। इसका छिलका बहुत पतला और हरा-पीला होता है। चूसकर खाने के लिए यह आम उत्तर भारत के लोगों की पहली पसंद है।

लंगड़ा आम

काशी का लंगड़ा आम उत्तर भारत के लोगों को सबसे ज्यादा पसंद आता है। यह आम पकने के बाद भी बाहर से हरे रंग का ही दिखता है लेकिन अंदर से यह बहुत रसीला और मीठा होता है। इसकी खुशबू बेहद तेज होती है और इसका स्वाद सबको बचपन के दिनों की याद दिला देता है।

जर्दालु आम

बिहार का जर्दालु आम अपनी प्यारी खुशबू के लिए जाना जाता है जिसे लोग दूर से ही पहचान लेते हैं। इसका हल्का पीला रंग और खास मिठास इसे बाकी आमों से बिल्कुल अलग बनाती है। इस आम की मांग देश के साथ-साथ विदेशों में भी बहुत ज्यादा है।

चौसा आम

बिहार और उत्तर भारत के इलाकों में पाया जाने वाला चौसा आम अपनी तेज मिठास और रस के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यह आम बाकी आमों के मुकाबले सीजन के थोड़े आखिरी दिनों में आता है। इसका छिलका चमकीला पीला होता है और इसका स्वाद बहुत ही लाजवाब होता है।

मालदा आम

बिहार का मालदा आम अपनी पतली त्वचा और बहुत ज्यादा गूदे के लिए पसंद किया जाता है। इसमें रेशा बिल्कुल नहीं होता जिसके कारण इसका इस्तेमाल चटनी, शेक और जूस बनाने में बहुत ज्यादा होता है। यह खाने में हल्का खट्टा-मीठा और बहुत रसीला होता है।

तोतापरी

दक्षिण भारत का यह आम अपने अलग आकार की वजह से आसानी से पहचान में आ जाता है। इसका नीचे का हिस्सा तोते की चोंच जैसा मुड़ा होता है इसलिए इसे तोतापरी कहते हैं। इसका छिलका थोड़ा मोटा होता है और यह स्वाद में बहुत ज्यादा मीठा नहीं होता। हल्का खट्टा होने की वजह से इसका इस्तेमाल सलाद, अचार और कमर्शियल मैंगो जूस बनाने में सबसे ज्यादा किया जाता है।

बंगनपल्ली 

आंध्र प्रदेश के कर्नूल जिले से आने वाला यह आम आकार में काफी बड़ा और अंडाकार होता है। इसका छिलका बहुत चिकना और हल्के पीले रंग का होता है। बंगनपल्ली की खास बात यह है कि इसका छिलका भी खाया जा सकता है और इसमें बहुत अच्छी महक होती है। दक्षिण भारत के घरों में गर्मियों की शुरुआत इसी आम को खाकर होती है।

सुवर्णरेखा

ओडिशा और आंध्र प्रदेश के इलाकों में मिलने वाला सुवर्णरेखा आम देखने में बहुत सुंदर होता है। इसके छिलके पर हल्के लाल और सुनहरे रंग की लाइनें दिखाई देती हैं जिसकी वजह से इसका नाम सुवर्णरेखा पड़ा है। यह आम स्वाद में बहुत मीठा और रसीला होता है। यह जल्दी खराब नहीं होता इसलिए इसे दूर-दूर के बाजारों में आसानी से भेजा जाता है।

नीलम आम

नीलम आम की खूबी यह है कि यह आकार में थोड़ा छोटा होता है और बाजारों में काफी लंबे समय तक देखने को मिल जाता है। वैसे तो यह गर्मियों में आता है लेकिन बारिश के मौसम में मिलने वाला नीलम आम सबसे ज्यादा स्वादिष्ट होता है। इसका स्वाद मीठे और खट्टे का एक बहुत बढ़िया मिक्स होता है।

 

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मालगोवा

दक्षिण भारत के सबसे अच्छे आमों में गिना जाने वाला मालगोवा आकार में काफी गोल और भारी होता है। इस एक आम का वजन काफी ज्यादा हो सकता है। हरे और पीले रंग की रंगत वाला यह आम अपने गाढ़े और मलाईदार गूदे के लिए मशहूर है जिसका स्वाद बहुत ही शानदार होता है।

हिमसागर

पश्चिम बंगाल का हिमसागर आम अपनी बढ़िया बनावट और तेज मिठास के लिए जाना जाता है। यह बाजार में बहुत कम समय के लिए आता है लेकिन लोग इसका बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस आम के अंदर रेशा बिल्कुल नहीं होता जिससे मैंगो शेक और पारंपरिक बंगाली मिठाइयां बहुत स्वादिष्ट बनती हैं।

ग्रहों की चाल से आप होंगे मालामाल? जान लीजिए


1 से 7 जून का यह हफ्ता कई लोगों के लिए बेहद खास और लाभकारी रहने वाला है। हफ्ते की शुरुआत उत्साह और परिवर्तन की सोच को बढ़ावा देगी, जबकि हफ्ते के आखिर में कई लोगों का उत्साह कम हो सकता है। हफ्ते के पहले दिन का मूलांक 1 है, जो आत्मविश्वास और नई शुरुआत का प्रतीक है। इस हफ्ते ग्रहों के गोचर की वजह से लोगों के जीवन में बड़े बदलाव होंगे। देवगुरु बृहस्पति वृषभ राशि में रहेंगे, वहीं सूर्य और बुध मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे। इसके अलावा मंगल देव मीन राशि में रहेंगे। ग्रहों की इस स्थिति का 12 राशियों के जीवन पर खास प्रभाव पड़ेगा।

 

इस पूरे सप्ताह ऊर्जा का मिश्रित प्रभाव रहेगा, जो हमें आर्थिक समृद्धि, करियर में नए मौके और पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाने का मार्ग दिखाएगा। हफ्ते के शुरुआती दिन नई योजनाओं पर काम करना उत्तम रहेगा। साथ ही इस हफ्ते जुबान और गुस्से पर काबू पाना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक के सभी जातकों के लिए यह समय कैसा रहेगा और कौन से उपाय उनके भाग्य को चमका सकते हैं।

 

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राशिफल 

 

1. मेष राशि

 

ऑफिस में आपकी लीडरशिप क्षमता की तारीफ होगी। धन लाभ के योग हैं। जीवनसाथी के साथ तालमेल बना रहेगा। आप परिवार में किसी मंगल कार्य की रूपरेखा बना सकते हैं। स्वास्थ्य के नजरिए से आपको सिरदर्द या आंखों में थकान महसूस हो सकती है।

आज क्या करें: सुबह तांबे के कलश से सूर्य देव को जल चढ़ाएं।

आज क्या न करें: किसी भी व्यक्ति की बातों में आकर पैसा निवेश न करें।

 

2. वृषभ राशि

 

इस हफ्ते नौकरी करने वाले लोगों को प्रमोशन मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। घर में सुख-शांति का माहौल रहेगा। प्रेम जीवन भी सुखद रहेगा। इस हफ्ते आपकी ऊर्जा सामान्य से ज्यादा रहेगी। साथ ही जंक फूड खाने से बचें।

आज क्या करें: माता लक्ष्मी की पूजा करें।

आज क्या न करें: किसी को भी उधार देने से बचें।

 

3. मिथुन राशि

 

ऑफिस में पूरे हफ्ते काम का बोझ अधिक रहेगा। साथ ही सहकर्मियों के साथ बहस हो सकती है। इस हफ्ते आप फिजूलखर्ची कर सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर पैसे खर्च करें। परिवार में गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। जीवनसाथी का सहयोग आपको संभाल लेगा।

आज क्या करें: पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करें।

आज क्या न करें: इस हफ्ते कोई नया काम शुरू न करें।

 

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4. कर्क राशि

 

यह हफ्ता मीडिया से जुड़े लोगों के लिए शानदार रहेगा। व्यापारियों को लंबी दूरी की यात्रा से लाभ होगा। आमदनी सामान्य रहेगी। माता-पिता का भरपूर आशीर्वाद मिलेगा। दोस्तों के साथ कहीं बाहर घूमने का प्लान बन सकता है।

आज क्या करें: शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाएं।

आज क्या न करें: भावनाओं में आकर फैसला न लें।

 

5. सिंह राशि

 

नौकरी में आपके काम की तारीफ होगी। पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है। सुख-सुविधाओं की चीजों पर धन खर्च हो सकता है। जीवनसाथी के साथ तालमेल बढ़ेगा। इस हफ्ते आपको अपने आलस से बचना होगा।

आज क्या करें: गाय को रोटी खिलाएं।

आज क्या न करें: ऑफिस में किसी पर गुस्सा न करें।

 

6. कन्या राशि

 

यदि आप नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं तो अच्छे प्रस्ताव मिल सकते हैं। इस हफ्ते आप अपना पुराना कर्ज चुकाने में सफल रहेंगे। परिवार में भाई-बहनों के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। प्रेम जीवन में कोई सुखद सरप्राइज मिल सकता है।

आज क्या करें: भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाएं।

आज क्या न करें: किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर न करें।

 

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7. तुला राशि

 

नौकरीपेशा लोगों को अपने काम पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। इस हफ्ते अपने जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करें। घर के बुजुर्गों के स्वास्थ्य की चिंता हो सकती है।

आज क्या करें: किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न दान करें।

आज क्या न करें: घरेलू मामलों में किसी बाहरी व्यक्ति का दखल न होने दें।

 

8. वृश्चिक राशि

 

ऑफिस में आपका सम्मान बढ़ेगा। जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें सफलता मिल सकती है। व्यापार में मुनाफा बढ़ेगा। आर्थिक रूप से यह समय उन्नतिदायक है। लॉटरी या सट्टेबाजी से दूर रहें।

आज क्या करें: हनुमान जी के मंदिर जाकर सिंदूर और चोला चढ़ाएं।

आज क्या न करें: इस हफ्ते लड़ाई-झगड़े से बचें।

 

9. धनु राशि

 

शिक्षा और कंसल्टेंसी से जुड़े लोगों के लिए यह हफ्ता बेहद शुभ रहेगा। आप जमीन खरीदने की योजना बना सकते हैं, जो भविष्य के लिए अच्छा निवेश साबित होगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।

आज क्या करें: बड़ों का आशीर्वाद लें।

आज क्या न करें: काम के सिलसिले में बहुत ज्यादा जल्दबाजी करने से बचें।

 

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10. मकर राशि

 

इस हफ्ते आपको मेहनत का फल मिलेगा। पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें। उधार दिया हुआ पैसा वापस मिलने में थोड़ी कठिनाई आ सकती है। व्यस्तता के कारण परिवार को कम समय दे पाएंगे, जिससे जीवनसाथी थोड़ा नाराज हो सकता है। बैठकर बात सुलझाएं।

आज क्या करें: शनि चालीसा का पाठ करें और पीपल के वृक्ष के नीचे दीया जलाएं।

आज क्या न करें: किसी भी काम को कल पर टालने की आदत से बचें।

 

11. कुंभ राशि

 

ऑफिस में आपकी योजनाओं को बड़ी सफलता मिलेगी। शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। अविवाहित लोगों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। वहीं विवाहित लोगों के लिए भी यह हफ्ता सुखद रहेगा।

आज क्या करें: दिव्यांग लोगों की मदद करें।

आज क्या न करें: अपने लक्ष्यों को दूसरों के साथ साझा न करें।

 

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12. मीन राशि

 

नौकरी में सीनियर्स का पूरा सहयोग मिलेगा। प्रॉपर्टी के व्यवसाय से जुड़े लोगों को बड़ा मुनाफा हो सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। सुख-साधनों पर खर्च बढ़ सकता है, जिससे मन खुश रहेगा। पार्टनर के साथ डिनर पर जाने का प्लान बना सकते हैं।

आज क्या करें: भगवान विष्णु की पूजा करें।

आज क्या न करें: बिना सोचे-समझे किसी को सलाह न दें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर बताया गया है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

चीनी सीमा के पास दहला म्यांमार; 100 से ज्यादा घर उड़े, 45 से अधिक मौतें, 70 घायल


म्यांमार के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में रविवार को हुए एक भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। इस हादसे में अब तक 45 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 70 लोग घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक 100 से ज्यादा घर तबाह हो गए हैं। राहत और बचाव दलों के अनुसार, यह धमाका उस इमारत में हुआ, जहां खनन कार्यों में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक पदार्थ रखे गए थे।

 

यह घटना काउंगटुप गांव, नामखाम टाउनशिप में दोपहर के समय हुई। विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास के कई घर तबाह हो गए। यह इलाका चीन की सीमा से लगभग तीन किलोमीटर दूर है और यहां ताआंग नेशनल लिबरेशन आर्मी (TNLA) का नियंत्रण माना जाता है, जो म्यांमार की केंद्रीय सरकार के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष में शामिल है।

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राहत और बचाव कार्य जारी

न्यूज एजेंसी पीटीआई में छपे खबर में राहतकर्मियों के अनुसार रविवार शाम तक 46 शव बरामद किए जा चुके थे, जिनमें छह बच्चे भी शामिल हैं। सभी शवों को अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया है। वहीं 74 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर बचाव कार्य लगातार जारी है और आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।

 

स्थानीय राहत दलों के मुताबिक धमाके के आसपास 100 से अधिक घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई इलाकों में भारी मलबा और धुआं देखा गया है। कुछ रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 50 से 55 के बीच बताई जा रही है, जिससे स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई है।

 

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विस्फोटक भंडारण को बताया जा रहा कारण

चीनी सरकारी मीडिया CCTV के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि धमाका उस स्थान पर हुआ जहां खनन के लिए इस्तेमाल होने वाले बड़े पैमाने पर विस्फोटक रखे गए थे। TNLA ने भी स्वीकार किया है कि उनके आर्थिक विभाग द्वारा जेलिग्नाइट (Gelignite) खनन कार्यों के लिए रखा गया था और घटना की जांच जारी है।

 

म्यांमार 2021 के सैन्य तख्तापलट के बाद से लगातार राजनीतिक और सुरक्षा संकट से जूझ रहा है। देश के कई हिस्सों में सशस्त्र संघर्ष और विद्रोही समूहों की गतिविधियां जारी हैं। TNLA भी इन्हीं समूहों में से एक है, जो लंबे समय से क्षेत्रीय स्वायत्तता की मांग करता रहा है। फिलहाल स्थानीय प्रशासन राहत और पुनर्वास कार्यों में जुटा हुआ है, जबकि विस्फोट के कारणों की गहन जांच की जा रही है।

लद्दाख में 10 गुना बढ़ेंगी दुकानें, होटलों में भी पी सकेंगे शराब


केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना ने लद्दाख की नई एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। इस नई एक्साइज पॉलिसी आने से लद्दाख में कई चीजों में बदलाव होगा, जिससे प्रदेश का रेवेन्यू बढ़ेगा।

 

लद्दाख में आबकारी नीति लाने का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ती नशीले पदार्थों और ड्रग्स पर निर्भरता को नियंत्रित करना और लोगों को कम अल्कोहल सामग्री वाले पेय पदार्थों के अधिक विकल्प उपलब्ध कराना है। इसके अलावा इसके जरिए लद्दाख में आबकारी नीति का मकसद पारदर्शी, जवाबदेही और रेगुलेटेड तरीके से एक्साइज रेवेन्यू को अनुकूलन बनाना है।

 

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सरकारी बयान में क्या है?

लद्दाख प्रशासन के एक बयान के मुताबिक, लद्दाख में अधिकृत हार्ड शराब की उपलब्धता सीमित होने की वजह से नशीले पदार्थों की ओर झुकाव बढ़ रहा था। नई नीति इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। नई आबकारी नीति का फोकस हाई अल्कोहल सामग्री वाली शराब की जगह कम अल्कोहल सामग्री वाले पेय पदार्थों को बढ़ावा देना है, जिससे उपभोक्ताओं के बीच एक सुरक्षित और नियंत्रित विकल्प उपलब्ध हो सके।

 

 

 

किए गए कई महत्वपूर्ण सुधार

इसके अलावा नीति में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं, जिनका मकसद अवैध शराब व्यापार पर रोक लगाना, नियमन को मजबूत करना और पारदर्शी तरीके से आबकारी राजस्व को बढ़ाना है। सरकार का मानना है कि यह नीति न केवल राजस्व को सुव्यवस्थित करेगी बल्कि पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा देगी, क्योंकि अब पर्यटकों और स्थानीय लोगों को एक नियंत्रित और विविध विकल्प उपलब्ध होगा।

 

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ई-ऑक्शन के जरिए 20 शराब की दुकानें खुलेंगी

लद्दाख सरकार ने अपने पत्र में कहा है कि लोगों तक शराब की पहुंच को बेहतर बनाने और लगातार उपलब्धता पक्का करने के लिए, ई-ऑक्शन के जरिए 20 शराब की दुकानें खोली जाएंगी। पहले, लद्दाख में सिर्फ दो शराब की दुकानें ही चालू थीं। इसके मुताबिक, अब नए जिलों- नुब्रा, चांगथांग, शाम और जांस्कर में शराब मिलेगी, जिससे टूरिस्ट को ज्यादा आसानी होगी। पहले, शराब सिर्फ लेह शहर में ही मिलती थी।

 

इसमें कहा गया है कि अब होटल के कमरों सहित होटल के अंदर शराब पीने की इजाजत है। पहले, शराब सिर्फ बार में ही पी जा सकती थी। आबकारी नीति लाइसेंस लेने के लिए जरूरी दस्तावेजों की संख्या घटाकर सिर्फ 6 कर दी गई है। पहले, 16 दस्तावेजों की जरूरत होती थी।

गर्मी में क्यों बढ़ जाती है दाग-धब्बे और झाइयों की समस्या, कैसे करें बचाव?


गर्मी के मौसम में टैनिंग, अनइवन स्किन टोन, मुंहासे, दाग धब्बे और झाइयों की समस्या बढ़ जाती है। लोगों को लगता है कि गर्मी में सनस्क्रीन लगाने से सब ठीक हो जाएगा। यह हमारे स्किन केयर रूटीन के लिए जरूरी चीज है लेकिन इससे दाग-धब्बे ठीक नहीं होते हैं। ये त्वचा के दाग-धब्बों को नियंत्रित करता है।

 

दाग-धब्बे त्वचा में तब होते हैं जब शरीर अधिक मात्रा में मेलेनिन प्रोड्यूस करता है। ये पिगमेंट ही हमारी त्वचा की रंगत के लिए जिम्मेदार होता है। गर्मी के मौसम में मेलेनिन की मात्रा ज्यादा होती है जिसकी वजह से दाग-धब्बे ज्यादा दिखते हैं। कई लोगों को लगता है कि सिर्फ सनस्क्रीन लगाने से त्वचा सुरक्षित रहती है। ऐसा नहीं है। पिगमेंटेशन के बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं।

 

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सूरज की किरणें

सूरज से हानिकारक किरणें निकलती है जो पिगमेंटेशन को बढ़ाने का काम करती है। लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर में मेलेनिन का उत्पादन बढ़ता है। कई लोग सीधा धूप में जाने से बचते हैं लेकिन गर्म टेंपरेचर में काम करते हैं। इस वजह से पिगमेंटेशन और टैनिंग की समस्या बढ़ जाती है।

 

सिर्फ वातावरण ही नहीं हार्मोनल असंतुलन, थायराइड डिसऑर्डर और तनाव वजह से भी पिगमेंटेशन का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा अनहेल्दी लाइफस्टाइल की वजह से भी त्वचा में रेडनेस, मुंहासे, दाग-धब्बे बढ़ते हैं।

सनस्क्रीन लगाते समय न करें ये गलती

ज्यादातर लोग सिर्फ सुबह के समय में सनस्क्रीन लगाते हैं और सोचते हैं कि दिन भर सूरज की हानिकारक किरणों से बचे रहेंगे। आप इस तरह की गलती न करें।

 

सनस्क्रीन कैसे लगाएं?

  • हमेशा एसपीएफ 30 या उससे ज्यादा का सनस्क्रीन लगाएं।
  • हमेशा सही मात्रा में सनस्क्रीन लगाएं।
  • हर 2 से 3 घंटे के बाद सनस्क्रीन लगाना जरूरी होता है।

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त्वचा का ध्यान कैसे रखें?

  • घर से बाहर निकलते समय छाता या टोपी लेकर निकलें।
  • धूप में चश्मा लगाकर निकलें।
  • जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें।
  • स्किन केयर रूटीन फॉलो करें।
  • दाग-धब्बों को दूर करने के लिए हमेशा त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद ही दवा लें।

अगले जन्म में कौन बनेगा अमीर और कौन रहेगा दुखी? गरुड़ पुराण से जानिए


अक्सर कुछ लोगों के जीवन में संघर्ष बेहद अधिक होता है। उन्हें बचपन से आर्थिक तंगी और दुखों का सामना करना पड़ता है। कड़ी मेहनत के बाद ही वे सुख-समृद्धि प्राप्त कर पाते हैं। इसके ठीक उलट कुछ लोगों का जन्म अमीर परिवार में होता है, जिन्हें पूरे जीवन कभी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता। इन लोगों को करियर बनाने में भी ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती, वे अपने पिता के कारोबार को ही आगे बढ़ाते हैं। ऐसे में आपके मन में सवाल उठता होगा कि भगवान किसी को अमीर और किसी को गरीब घर में क्यों जन्म दिलाते हैं। इस सवाल का जवाब हिंदू धर्म ग्रंथ गरुड़ पुराण में छिपा है। गरुड़ पुराण के अनुसार, व्यक्ति के इस जन्म के कर्मों के आधार पर अगले जन्म में अमीरी या गरीबी मिलती है।


गरुड़ पुराण सनातन धर्म के 18 महापुराणों में से एक है, जिसमें व्यक्ति के जीवन, मृत्यु और कर्म चक्र के बारे में बताया गया है। इसमें व्यक्ति के कर्मों के बारे में खास बातें कही गई हैं। गरुड़ पुराण में कर्मों को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है पाप कर्म, पुण्य कर्म और मिश्रित कर्म। इन्हीं कर्मों के आधार पर व्यक्ति को अगले जन्म में दुख या अमीरी मिलती है। अब सवाल उठता है कि कर्मों की इन श्रेणियों में किस प्रकार के कर्म आते हैं। साथ ही यह भी सवाल उठता है कि किन कर्मों के आधार पर लोग अगले जन्म में अमीर या गरीब होते हैं।

 

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किस प्रकार के होते हैं कर्म?


पुण्य कर्म – जो व्यक्ति अपने जीवन में दूसरों की भलाई के लिए काम करता है, गरीबों को दान देता है, माता-पिता की सेवा करता है और मंदिर सेवा करता है, इस प्रकार के कर्मों को गरुड़ पुराण में पुण्य कर्म माना गया है।
पाप कर्म – जो व्यक्ति अपने जीवनकाल में दूसरों को परेशान करता है, किसी व्यक्ति का हक छीनता है, अपराध करता है जैसे चोरी, हत्या और जालसाजी, तो इन कर्मों को पाप कर्म की श्रेणी में रखा गया है।
मिश्रित कर्म – जिन लोगों के मन के विचार अच्छे नहीं होते, लेकिन वे अच्छे काम भी करते हैं, जैसे दूसरों की कठिन परिस्थिति में मदद करना। इस प्रकार के कर्मों  को मिश्रित कर्म कहा गया है।


गरुड़ पुराण के अनुसार, व्यक्ति की मृत्यु के बाद यमराज की सभा लगती है, जहां व्यक्ति के कर्मों का पूरा लेखा-जोखा दिया जाता है। इसी के आधार पर व्यक्ति के अगले जन्म की रूपरेखा तय की जाती है।

 

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अमीरी दिलाने वाले कर्म


1. दान करना – गरुड़ पुराण के मुताबिक, जो व्यक्ति हमेशा दूसरों से कुछ लेने के बजाय दूसरों को देने का भाव रखता है, उसे अगले जन्म में धन की कमी नहीं होती।
2. मंदिर की सेवा – जो लोग मंदिर में साफ-सफाई करते हैं, साथ ही मंदिर जाकर भगवान के दर्शन करते हैं, उन्हें अगले जन्म में सुख-समृद्धि मिलती है।
3. बड़ों की सेवा – जो लोग अपने माता-पिता और गुरुओं की सेवा करते हैं, उन्हें बड़ों का आशीर्वाद मिलता है, जिससे उन्हें अगले जन्म में अच्छा परिवार मिलता है।


खराब कर्मों से मिलता है दुख


1. हक छीनना – जब हम इस जन्म में दूसरों का हक छीनते हैं, जैसे जमीन या धन छीनना या चोरी करना, तो अगले जन्म में गरीबी का सामना करना पड़ता है।
2. धोखा देना – जो व्यक्ति किसी को दोस्ती या प्रेम में धोखा देता है, वह अगले जन्म में ऐसे परिवार में जन्म लेता है, जहां उसे परिवार की तरफ से प्रेम नहीं मिलता।
3. क्रूरता – जो लोग दूसरों पर अत्याचार करते हैं या मारपीट करते हैं, उन्हें अगले जन्म में अकेलेपन का सामना करना पड़ता है।

नाबालिग लड़कियों का शोषण करने वाले भारतीय को 10 साल की जेल, डिपोर्ट भी होगा


गुजरात का रहने वाला 27 साल का कवनकुमार पटेल अमेरिका के ओमाहा शहर के एक होटल में काम करता था। उसने एक नाबालिग लड़की का शोषण करने के लिए लड़कियों की सप्लाई करने वाले अपराधियों को पैसे दिए थे, जिसके आरोप में अमेरिकी कोर्ट ने उसे 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। कवनकुमार अमेरिका में गैरकानूनी तरीके से रह रहा था इसलिए अपनी सजा पूरी करने के बाद उसे वापस भारत भेज दिया जाएगा।

 

यह मामला पिछले साल जनवरी में तब सामने आया जब पुलिस को एक चोरी की रिपोर्ट मिली। जब पुलिस जांच करने पहुंची, तो वहां लड़कियों की जबरन खरीद-फरोख्त और धंधा कराने से जुड़े सबूत मिले। इसके बाद होमलैंड सिक्योरिटी और ओमाहा पुलिस ने मिलकर एक्शन लिया जिसमें 15 और 16 साल की दो नाबालिग लड़कियों को छुड़ाया गया। इन लड़कियों को दूसरे राज्य से लाकर एमेरिकइन होटल में रखा गया था।

 

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होटल स्टाफ को मिली छूट

लड़कियों ने पुलिस को बताया कि अपराधियों ने उन पर दबाव बनाया था कि वे होटल के स्टाफ के साथ संबंध बनाएं ताकि होटल के कमरे का किराया कम हो जाए और उन्हें वहां से निकाला न जाए। कवनकुमार पटेल ने माना कि उसने एक लड़की के लिए होटल के काउंटर वाले ड्रॉर से पैसे निकालकर उन अपराधियों को दिए थे। इसके बदले होटल के कर्मचारियों ने अपराधियों और उन लड़कियों को कई दिनों तक वहां रहने दिया।

 

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लड़कियों को डराकर रखते थे अपराधी

ये अपराधी इंटरनेट पर विज्ञापन देकर ग्राहक ढूंढते थे और लड़कियों से यह गलत काम करवाते थे। लड़कियों को बहुत कम खाना दिया जाता था और उन्हें मजबूर किया जाता था कि वे उनकी हर बात मानें। इस मामले में पुलिस ने लड़कियों को फंसाने वाले मुख्य आरोपियों के साथ-साथ होटल के दो और भारतीय कर्मचारियों सुमित चौधरी और विशाल गोस्वामी पर भी केस दर्ज किया है।

डीके शिवकुमार बने कांग्रेस विधायक दल के नेता, 3 जून को लेंगे सीएम पद की शपथ


सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद डीके शिवकुमार को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। जल्द ही वे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। दो दिन पहले यानी 28 मई को हाईकमान के निर्देश पर सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। बदले में कांग्रेस हाईकमान ने उन्होंने राज्यसभा जाने का ऑफर दिया था। हालांकि उन्होंने विनम्रता से इसे अस्वीकार कर दिया था।

 

 2023 में कांग्रेस को कर्नाटक में मिली जीत के बाद डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच सीएम पद की रस्साकशी चली थी। तब सिद्धारमैया ने बाजी मारी थी। बता दें कि कर्नाटक में 2028 में विधानसभा चुनाव होने हैं।

 

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कर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विधान सौध में हुई बैठक में विधायक दल के नए नेता के तौर पर डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा। जी परमेश्वर ने प्रस्ताव का समर्थन किया। बैठक में सर्वसम्मति से शिवकुमार को नेता चुना गया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला भी बैठक में मौजूद थे। बीच में बैठक करीब 10 मिनट तक रुकी रही।

 

मुख्यमंत्री के कमरे में रणदीप सुरजेवाला और वेणुगोपाल ने सिद्धारमैया से चर्चा की। बाद में तीनों नेता एक साथ कॉन्फ्रेंस हाल में लौटे। जहां वेणुगोपाल ने नए सीएलपी नेता के तौर पर डीके शिवकुमार के नाम की घोषणा की।  

 

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अब तीन जून को डीके शिवकुमार लोक भवन स्थित ‘ग्लास हाउस’ में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। सीएलपी नेता चुने जाने के बाद सिद्धारमैया सरकार में डिप्टी सीएम रहे डीके शिवकुमार ने भी एक प्रस्ताव पेश किया। इसमें सीएम के तौर पर सिद्धारमैया के कार्यों और सेवाओं की सराहना की। 

 

बता दें कि सिद्धारमैया ने कांग्रेस हाईकमान के अनुरोध पर गुरुवार यानी 28 मई को अपने पद से इस्तीफा दिया था। हालांकि उस वक्त कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत राज्य में मौजूद नहीं थे। बेंगलुरु लौटने पर उन्होंने अगले दिन यानी शुक्रवार को सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार किया और मंत्रिपरिषद को भंग किया।

मास्टरशेफ विनर पंकज भदौरिया को हुआ ब्रेस्ट कैंसर, जानिए इस बीमारी के लक्षण


‘मास्टर शेफ सीजन 1’ की विनर पंकज भदौरिया को ब्रेस्ट कैंसर हो गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। पकंज ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर पोस्ट शेयर किया है। इस पोस्ट में वह अस्पताल के बेड पर लेटी हुई नजर आ रही हैं। उन्होंने अपनी फोटो शेयर करते हुए लिखा, ‘मुझे ब्रेस्ट कैंसर हुआ है और आपकी दुआओं की जरूरत है।’ इस खबर को जानने के बाद उनके जल्द ठीक होने की दुआ कर रहे हैं। उन्हें किस स्टेज का कैंसर हुआ है? इसके बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

 

पंकज भदौरिया सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव हैं। वह फैंस संग हर अपडेट शेयर करती हैं। उन्होंने 17 मई को एक पोस्ट शेयर किया था जिसमें बताया था कि हेल्थ चेकअप के लिए आई हैं। उन्होंने कहा था कि मुझे लगता है कि आप 45 के ऊपर हैं तो अपना हेल्थ चेकअप करवाते रहना चाहिए। पंकज से पहले हिना खान, सोनाली बेंद्रे और छवि मित्तल समेत कई कलाकार ब्रेस्ट कैंसर से जंग लड़ चुके हैं। आइए इस जानलेवा बीमारी के गंभीर लक्षणों के बारे में जानते हैं।

 

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महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर

WHO की रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में 2.3 मिलियन महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित है। यह महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर है। जब ब्रेस्ट की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती है तो उसे ब्रेस्ट कैंसर कहा जाता है। इस गंभीर बीमारी का कोई इलाज नहीं है। जितनी जल्दी इस बीमारी के बारे में पता चलेगा उतना अच्छा है। एडवांस स्टेज में इस बीमारी को ठीक किया जा सकता है। इस बीमारी के होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं।

ब्रेस्ट कैंसर होने के क्या कारण हो सकते हैं?

कुछ लोगों में यह जेनेटिक होता है। इसके अलावा पीरियड्स का जल्दी शुरू होना, देर से मेनपॉज होना, अनहेल्दी लाइफस्टाइल, सिगरेट और शराब पीने की लत, लंबे समय तक हार्मोनल थेरेपी लेना आदि समेत कई कारण हो सकते हैं।

 

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ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण क्या है?

  • स्तन में गांठ होना
  • ब्रेस्ट के आकार में बदलाव
  • निप्पल से डिस्टार्च निकलना
  • त्वचा का लाल होना 

कौन हैं पंकज भदौरिया?

पंकज भदौरिया शेफ बनने से पहले टीचर थीं। उन्हें कुकिंग का शौक था। उन्होंने अपने इस पैशन को फॉलो किया और मास्टर शेफ में हिस्सा लिया। इस शो से उन्हें घर-घर में पहचान मिली। वह लखनऊ की रहने वाली हैं। वह अपने सोशल मीडिया पर फैंस संग कुकिंग रेसिपी और टिप्स शेयर करती रहती हैं।