Home Blog

1982 के बाद लेबनान पर इजरायल का सबसे भीषण हमला, कहां गया युद्धविराम?


28 फरवरी को ईरान के साथ जारी युद्ध के बाद पहली बार इजरायली सेना ने लेबनान में सबसे बड़ा हमला किया है। इजरायली वायुसेना के मुताबिक 10 मिनट में 100 ठिकानों पर 160 से अधिक बमों से हमला किया गया है। दक्षिणी लेबनान, बेका घाटी और राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह के कमांड और अन्य बुनियादी ढांचों को तबाह किया गया है।

 

इजरायली सेना ने अपने बयान में बताया कि ऑपरेशन रोरिंग लायन के बाद हिजबुल्लाह के खिलाफ यह सबसे बड़ा हमला है। इनमें से कई ठिकानें आबादी के बीचोंबीच मौजूद थे। यह हिजबुल्लाह की वह घिनौनी साजिश है, जिसमें वह लेबनानी नागरिकों को मानव ढाल बनाता है, ताकि वह अपने अभियान को सुरक्षित रख सके। इजरायली सेना ने आगे बताया कि उसने हमलों में रादवान फोर्स, सौनिक यूनिट के बुनियादी ढांचे, रॉकेट, खुफिया मुख्यालय और कार्यालय को निशाना बनाया है।

 

यह भी पढ़ें: ‘ईरान को हथियार देने वाले देश पर लगाएंगे 50% टैरिफ’, ट्रंप की दुनिया को नई धमकी

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल की ताजा बमबारी में पूरे लेबनान में सैकड़ों नागरिकों की जान गई है। अदलून शहर में तीन लड़कियों की मौत हुई है। वहीं तटीय शहर सैदा में लेबनान के प्रसिद्ध शिक्षाविद और धार्मिक शख्सियत अल-नाबुलसी की मौत की भी खबर है। उधर, बेका घाटी के एक गांव में अंतिम संस्कार हो रहा था। तभी यहां इजरायल ने हमला कर दिया। कम से कम 10 लोगों की मौत की खबर है। रेड क्रॉस का कहना है कि हमले के बाद से 100 एंबुलेंस लोगों को मदद पहुंचा रही हैं।

निहत्थे लोगों को मार रहा इजरायल: लेबनानी पीएम

लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इजरायल पर घनी आबादी वाले इलाके पर हमला करने और निहत्थे लोगों को मारने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘इजरायल युद्ध को रोकने के सभी क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की पूरी तरह से अनदेखी कर रहा है। वह अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के सिद्धांतों का भी पूरी तरह से उल्लंघन कर रहा है।’ लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इजरायली हमलों को बर्बर बताया और कड़ी निंदा की। 

युद्धविराम के बाद ईरान ने कहां-कहां किया हमला?

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के कुछ घंटे बाद ही लवान द्वीप पर स्थित एक ईरानी तेल रिफाइनरी पर हमले की खबर है। बदले में ईरान ने कुवैत, बहरीन और यूएई पर हमला करके जवाब दिया है। हालांकि इजरायल ने हमले की बाद से इंकार किया है।

 

संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश का एयर डिफेंस सिस्टम ईरानी मिसाइलों और ड्रोन का सामना कर रहा है। वहीं बुधवार तड़के अबू धाबी के हबशान गैस परिसर में मलबा गिरने से लगी आग के बाद यहां अस्थायी तौर पर परिचालन निलंबित कर दिया गया है। दो अमीराती और एक भारतीय नागरिक के घायल होने की भी खबर है।

 

यह भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप ईरान को उजाड़ने चले थे, पाकिस्तान ने बचा लिया, कैसे? इनसाइड स्टोरी

 

कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान के शत्रुतापूर्ण हमलों का जवाब दिया है। कुल 28 ड्रोन को मार गिराया है। कुछ ड्रोनों ने बिजली और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है।

 

बहरीन की राजधानी मनामा में बुधवार सुबह तेज धमाकों की आवाज सुनी गई। बहरीन के गृह मंत्रालय ने हमलों की पुष्टि की और कहा कि मलबा गिरने से दो नागरिकों को मामूली चोट आई है। कई घरों को नुकसान पहुंचा है। उधर, सऊदी अरब ने भी बताया कि कुछ घंटे में ही नौ ड्रोनों को रोका गया है। 

GDP वृद्धि में आ सकती बाधा, मुद्रास्फीति भी बढ़ सकती; RBI गवर्नर की चेतावनी


पश्चिम एशिया संकट का असर देश की जीडीपी वृद्धि पर पड़ने का अनुमान है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​ने चेताया है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वित्त वर्ष 2027 में विकास दर कम रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 में जहां अनुमानित विकास दर 7.6 फीसद थी। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में इसके 6.9 रहने का अनुमान है। बता दें कि ईरान युद्ध के कारण सप्लाई चेन में रुकावट आई है। ईंधन की बढ़ती कीमत का असर अन्य क्षेत्रों पर पड़ रहा है। 

 

आईबीआई ने बुधवार को वित्तवर्ष 2026-27 के लिए पहली द्वि-मासिक मौद्रिक नीति जारी की।  आईबीआई की मौद्रिक नीति कमेटी ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। 5.25% रेपो रेट को बरकरार रखा। वित्तीय वर्ष 2027 में जीडीपी विकास दर 6.9 फीसद रहने का अनुमान है। पहले क्वार्टर में यह अनुमान 6.9% से घटाकर 6.8% कर दिया गया है। वहीं दूसरे क्वार्टर में भी इसे 7% से घटाकर 6.7% कर दिया गया है। तीसरे और चौथे क्वार्टर में अनुमानित विकास दर 7% और 7.2% रहने का अनुमान है।

 

यह भी पढ़ें: कोई गरीब, किसी के पास ₹1,049 करोड़, तमिलनाडु के उम्मीदवारों का लेखा-जोखा

 

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने कहा कि प्रमुख शिपिंग मार्गों में व्यवधान और माल ढुलाई व बीमा लागत में इजाफा के कारण माल निर्यात पर बुरा असर पड़ सकता है। दूसरी ओर सेवा क्षेत्र में लगातार बनी गति, जीएसटी युक्तिकरण का बना हुआ असर, विनिर्माण क्षेत्र में बढ़ती क्षमता उपयोगिता और वित्तीय संस्थानों व कॉरपोरेट्स की मजबूत बैलेंस शीट घरेलू मांग को समर्थन देना जारी रखेंगी।

 

आरबीआई गवर्नर ने आगे कहा कि भारत के व्यापक आर्थिक बुनियादी तत्व मजबूत वृद्धि और कम मुद्रास्फीति के साथ आत्मविश्वास जगाते हैं। मार्च में संघर्ष क्षेत्र के विस्तार और उसके तेज होने के साथ स्थितियां प्रतिकूल हो गईं। उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से विकास में बाधा आ सकती है। वहीं आयातित मुद्रास्फीति बढ़ने की संभावना है।

 

यह भी पढ़ें: पटवारी करेंगे सर्वे, MCD देगी कागज, दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों में क्या बदलेगा?

 

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी तत्व मौजूदा समय में पिछले संकटों और कई अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक मजबूत स्थिति में हैं। यह इसे झटकों को झेलने की अधिक क्षमता देते हैं। मगर ऊर्जा की बढ़ती कीमतें, अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई व बीमा लागत से जुड़ी अधिक इनपुट लागत, साथ ही सप्लाई चेन में रुकावटें वृद्धि को बाधित करेंगी।

 

उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति समिति का मानना ​​है कि संघर्ष की तीव्रता और अवधि तथा इसके नतीजे में ऊर्जा और अन्य बुनियादी ढांचों को होने वाला नुकसान मुद्रास्फीति और वृद्धि के लिहाज से जोखिम पैदा करता है। 

a

उम्र 55 पार, फिटनेस में 30 वाले शर्मा जाएं, मिलिंद, अक्षय, सलमान करते क्या हैं?

आज 7 अप्रैल 2026 को पूरी दुनिया ‘वर्ल्ड हेल्थ डे’ मना रही है। इस साल की थीम स्वास्थ्य को हर किसी की पहुंच में लाने पर जोर देती है और जब बात अच्छी सेहत की आती है, तो बॉलीवुड के ये दिग्गज कलाकार सबसे बड़े उदाहरण बनकर सामने आते हैं। अक्सर 50 की उम्र के बाद लोग फिटनेस को लेकर ढीले पड़ जाते हैं लेकिन अक्षय कुमार (58), अनिल कपूर (69), और सुनील शेट्टी (64) जैसे सितारों ने यह साबित कर दिया है कि सही लाइफस्टाइल से बुढ़ापे को भी मात दी जा सकती है। इन सितारों ने अपनी डेली लाइफ में कड़े अनुशासन, कुदरती खान-पान और सही वर्कआउट को इस तरह शामिल किया है कि ये अपनी उम्र से कहीं ज्यादा जवान और एक्टिव नजर आते हैं।

 

बॉलीवुड के ये सुपरस्टार्स न सिर्फ अपनी फिल्मों के लिए बॉडी बनाते हैं, बल्कि बीमारियों से दूर रहने के लिए भी खुद को मेंटेन रखते हैं। इंटरनेट और मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार, इन एक्टर्स ने अपनी डाइट से लेकर सोने-जागने के समय तक में ऐसे बदलाव किए हैं, जो उनकी ‘एवरग्रीन’ इमेज को बरकरार रखते हैं। वर्ल्ड हेल्थ डे के इस मौके पर हमने इन सितारों के उन फिटनेस सीक्रेट्स को निकाला है, जो उन्हें आज भी इस इंडस्ट्री का सबसे फिट अभिनेता बनाते हैं।

 

यह भी पढ़ें: दिमाग को सुन्न कर दे रहा है रील देखने का चस्का, हैरान कर देगी यह स्टडी

फिटनेस के मामले में उम्र को मात देने वाले बॉलीवुड सुपरस्टार्स

इंटरनेट पर मौजूद जानकारी और इन सितारों के इंटरव्यूज को देखें तो यह साफ पता चलता है कि इनकी फिटनेस के पीछे कोई जादुई दवा नहीं, बल्कि सालों की कड़ी मेहनत है। इन एक्टर्स ने अपनी लाइफस्टाइल में कुछ ऐसे छोटे और आसान बदलाव किए हैं, जो इन्हें 50 की उम्र के बाद भी सुपर-एक्टिव बनाए रखते हैं। इन सितारों के वर्कआउट और डाइट प्लान को देखकर कोई भी अपनी सेहत सुधारने की प्रेरणा ले सकता है।

अक्षय कुमार का फिटनेस रूटीन

अक्षय कुमार को बॉलीवुड का सबसे अनुशासित खिलाड़ी माना जाता है। उनका मंत्र बहुत सीधा है ‘प्रकृति के करीब रहना’। अक्षय रोज सुबह सूरज निकलने से पहले 4 बजे उठ जाते हैं और किक-बॉक्सिंग, स्विमिंग या योगा करते हैं। वह जिम की भारी मशीनों के बजाय अपने शरीर के वजन से एक्सरसाइज करना पसंद करते हैं। उनकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह शाम 7 बजे के बाद खाना नहीं खाते और चीनी या बाहर के जंक फूड से पूरी तरह दूरी बनाकर रखते हैं।

 

सलमान खान का वर्कआउट प्रेम

60 साल की उम्र में भीसलमान खान की मस्कुलर बॉडी हर किसी को हैरान कर देती है। सलमान अपनी फिटनेस के लिए घंटों जिम में पसीना बहाते हैं। वह भारी वेट ट्रेनिंग के साथ-साथ लंबी दूरी तक साइकिलिंग करना भी पसंद करते हैं। सलमान की डाइट में प्रोटीन का खास ध्यान रखा जाता है, जिसमें मछली, चिकन और अंडे की सफेदी शामिल होती है। वह अक्सर देर रात को भी वर्कआउट करते हैं ताकि उनकी फिटनेस में कोई कमी न आए।

 

अनिल कपूर की एवरग्रीन सेहत

69 साल की उम्र में भी अनिल कपूर की फर्ती का कोई जवाब नहीं है। वह रोजाना दौड़ने और हल्की वेट ट्रेनिंग को समय देते हैं। अनिल कपूर की फिटनेस का एक बड़ा हिस्सा उनकी डाइट है, वह दिन भर में 5-6 बार थोड़ा-थोड़ा खाना खाते हैं जिसमें प्रोटीन और ताजी सब्जियां भरपूर होती हैं। वह अक्सर कहते हैं कि खुश रहना और टेंशन कम लेना ही हमेशा जवान दिखने का असली राज है।

 

सुनील शेट्टी की स्ट्रौंग बॉडी

सुनील शेट्टी आज के दौर में फिटनेस के सबसे बड़े आइकन बनकर उभरे हैं। उन्होंने उम्र के इस पड़ाव पर अपनी बॉडी को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बनाया है। सुनील शेट्टी सुबह जल्दी उठकर योग और प्राणायाम करते हैं और पूरी तरह से घर के बने सादे खाने पर भरोसा करते हैं। उनका मानना है कि उम्र बढ़ने के बाद बहुत भारी वजन उठाने के बजाय शरीर के लचीलेपन पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए ताकि चोट न लगे।

 

 

यह भी पढ़ें: 50+ उम्र वाले जरूर कराएं प्रोस्टेट की जांच, ऐसी सलाह क्यों दे रहे अक्षय कुमार?

मिलिंद सोमन की रनिंग

60 साल के मिलिंद सोमन किसी महंगे जिम के मोहताज नहीं हैं। वह अक्सर लंबी दूरी की मैराथन नंगे पैर दौड़कर पूरी करते हैं। मिलिंद का मानना है कि इंसान को हर वक्त एक्टिव रहना चाहिए। वह बाजार में मिलने वाले डिब्बाबंद खाने या प्रोटीन शेक के बजाय घर की बनी दाल-रोटी, फल और सूखे मेवे खाना पसंद करते हैं। उनकी फिटनेस यह बताती है कि अगर आप सादगी और अनुशासन से रहें, तो उम्र सिर्फ एक गिनती बनकर रह जाती है।

 

सुरा देवी: राक्षस को बचाने वाली देवी, जिन्हें पूजते हैं लोग, कहां है मंदिर?


उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सुरा देवी मंदिर स्थित है, जो देहरादून के पहाड़ों के बजाय राजपुर गांव के पास घने जंगलों में स्थित है। सुरा देवी मंदिर के दर्शन करने दूर-दूर से लोग आते हैं। नवरात्रों के दिनों में हजारों लोग सुरा देवी मंदिर पहुंचते हैं। इस मंदिर में देवी वरुणी की पूजा-अर्चना की जाती है, जिन्हें देहरादून में सुरा देवी के नाम से जाना जाता है। सुरा देवी के बारे में मान्यता है कि उनका जन्म समुद्र मंथन से उत्पन्न चार अप्सराओं में से एक के रूप में हुआ था।

 

कई धार्मिक जानकारों का मानना है कि जो लोग सच्चे मन से अपनी मनोकामना पूरी होने की आशा लेकर आते हैं, उनकी मनोकामना पूरी होती है। इसके अलावा सुरा मां को भक्तों की रक्षा करने वाली देवी के रूप में जाना जाता है। अब सवाल उठता है कि सुरा देवी मंदिर की यात्रा किस महीने में करनी चाहिए, इसके अलावा यह भी सवाल उठता है कि इस मंदिर तक कैसे पहुंचें।

 

यह भी पढ़ें: मंगल और केतु बदलेंगे आपकी किस्मत? राशिफल में बड़ा परिवर्तन

क्या है सुरा देवी मंदिर का इतिहास?

सुरा देवी मंदिर की स्थापना महंत नारायण दास ने कराई थी, जो साल 1854 से 1874 के बीच बनी थी। माना जाता है कि मंदिर की मूर्ति किसी कारीगर द्वारा बनाई नहीं गई थी बल्कि स्वयं प्रकट हुई थी। इस मंदिर के पास ही महंत नारायण दास का आश्रम है। माना जाता है कि समुद्र मंथन में चार अप्सराएं उत्पन्न हुई थीं, जिनमें से एक सुरा देवी थीं। उन्होंने राक्षस जालंधर से इंद्रदेव की रक्षा की थी, जिस वजह से उन्हें रक्षा की देवी के रूप में पूजा जाता है। यह मंदिर बेहद खूबसूरत है क्योंकि इसके आसपास सुंदर जंगल हैं, जहां अनेक पेड़-पौधे हैं।

मंदिर का दर्शन कब करें?

सुरा देवी मंदिर के दर्शन के लिए भक्त पूरे साल आते हैं लेकिन मंदिर के दर्शन का सबसे अच्छा समय शारदीय नवरात्र होता है। इस दौरान मंदिर के पास भव्य मेला लगता है और मंदिर को फूलों और लाइटों से सजाया जाता है। सितंबर और अक्टूबर के दौरान न ज्यादा गर्मी होती है और न ही ज्यादा ठंड होती है, इस वजह से भक्तों को मंदिर आने में ज्यादा थकान नहीं होगी।

 

यह भी पढ़ें: 6 अप्रैल के दिन इन राशियों पर बरेसगी भोलेनाथ की अमृत कृपा, पढ़ें राशिफल

सुरा देवी मंदिर कैसे पहुंचें?

सुरा देवी मंदिर के दर्शन के लिए आपको सबसे पहले अपने राज्य से बस, कार या ट्रेन द्वारा देहरादून पहुंचना होगा। उसके बाद आप राजपुर गांव बस या कार से जा सकते हैं, जो देहरादून से लगभग 3 घंटे दूर है। राजपुर गांव से सुरा देवी मंदिर 4.6 किलोमीटर दूर है, जहां जाने के लिए आप साइकिल, कार या बाइक का उपयोग कर सकते हैं। मंदिर जंगल के बीच स्थित है इसलिए कार और बाइक से जाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है क्योंकि रास्ता ऊबड़-खाबड़ और उतार-चढ़ाव से भरा है।


जिन लोगों को ट्रेकिंग का शौक है, वे राजपुर गांव से मंदिर तक पैदल ट्रेकिंग करके जा सकते हैं। मंदिर जाने से पहले ट्रेकिंग का अभ्यास कर लेना चाहिए ताकि रास्ते में कठिनाई का सामना न करना पड़े। राजपुर गांव से मंदिर तक पैदल जाने में लगभग 1.5 घंटा लग सकता है।


डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि नहीं की जाती है।

पूरे ईरान में इजरायल ने मचाई तबाही, कई पुलों को उड़ाया; 3 एयरपोर्ट पर भी हमला


युद्ध शुरू होने के 39वें दिन अमेरिका और इजरायल ने पहली बार ईरान के रेल नेटवर्क को निशाना बनाया है। वहीं खार्ग द्वीप पर तेल निर्यात केंद्र और सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की भी खबर है। दूसरी तरफ ईरान भर में पुलों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया गया है। कोम शहर के बाहर स्थित एक पुल को अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में तबाह कर दिया गया है। 

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार रात भर अमेरिका और इजरायल की सेना ने तेहरान में भीषण बमबारी की। यहां के मेहराबाद एयरपोर्ट पर भी हमला किया गया है। खोरमाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अलावा एक अन्य एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया गया है। यहां खड़े हेलीकॉप्टर और विमानों को नष्ट किया गया है। तेहरान में ही एक यहूदी प्रार्थना स्थल बमबारी में पूरी तरह से नष्ट हो गया है। शिराज और इस्फहान जैसे शहरों से भीषण बमबारी की खबर आ रही है। रातभर हुई बमबारी में 15 लोगों की जान गई है।

 

यह भी पढ़ें: ‘आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी’, ट्रंप की ईरान को सबसे भयानक धमकी

इजरायल ने उड़ाया रेलवे पुल

इजरायल की सेना ने मंगलवार रात 9 बजे तक लोगों से ट्रेन से यात्रा न करने की अपील की, ताकि उन्हें किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। यह हमला इजरायली सेना द्वारा ईरानियों को स्थानीय समयानुसार रात 9 बजे (17:30 जीएमटी) तक अपनी “सुरक्षा” के लिए ट्रेनों का उपयोग न करने की चेतावनी जारी करने के बाद हुआ है। चेतावनी के कुछ देर बाद ही इजरायल ने ईरान के काशान में एक रेलवे पुल को उड़ा दिया। इसमें 2 लोगों की जान गई है। ईरान ने जवाब में विध्वंसक कार्रवाई की बात कही है। उधर, ईरान ने मशहद में रेलवे सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एहतियाती कदम के तौर पर सभी ट्रेनों को रद्द किया गया है। यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी। 

ईरान ने तबाही मचाने की धमकी दी

अमेरिका और इजरायल के बढ़ते हमलों के बीच ईरान ने खाड़ी देशों में तबाही मचाने की धमकी दी है। माना जा रहा है कि अगर ईरान पर भारी बमबारी हुई तो वह खाड़ी देशों पर हमला करके बड़ा जवाब देने की कोशिश करेगा। मंगलवार को ऐसी ही एक प्रतिक्रिया देखने को मिली। शिराज शहर में इजरायल ने एक पेट्रोकेमिकल परिसर पर हमला किया। आईआरजीसी ने कहा कि उसने सऊदी अरब के जुबैल क्षेत्र में स्थित पेट्रोकेमिकल सुविधाओं पर जवाबी हमला किया है। यहां अमेरिकी कंपनियों सदरा, एक्सॉनमोबिल और डार्क केमिकल पर मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया है।

पुल और रेलवे पर हमला क्यों?

इजरायली मीडिया के मुताबिक ईरान भर में इजरायल ने 10 से अधिक पुलों और रेलवे ढांचे को निशाना बनाया। कराज और कजविन में रेललाइन को निशाना बनाया गया। काशान, तब्रीज-जंजन में पुलो को उड़ाया गया है। अमेरिकी आर्मी रेडिया ने बताया कि पुलों और रेलवे को इसलिए निशाना बनाया गया, ताकि ईरान की हथियार एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की क्षमता नष्ट हो जाए।

 

यह भी पढ़ें: खार्ग आईलैंड पर अमेरिका का हमला, ईरान बोला- संयम का समय खत्म

कुवैत में ईरानी हमले में 15 अमेरिकी घायल

ईरान के अल्बोरज प्रांत में आवासीय इलाके पर हुए हमले में दो बच्चों समेत 18 लोग मारे गए हैं। तेहरान प्रांत के शाहरियार शहर में भी नौ लोगों की जान गई है। उधर, कुवैत में ईरानी हमले में अली अल सलेम हवाई अड्डे पर 15 अमेरिकी नागरिक घायल हुए हैं। इजरायल के हाइफा शहर में ईरानी मिसाइल हमले में चार लोगों की जान गई है। सऊदी अरब की सेना ने दावा किया है कि उसने मंगलवार को 18 ड्रोन रोके हैं। ईरान की धमकी के बाद सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने किंग फहद कॉजवे पुल को बंद कर दिया गया है।

खत्म होगा खाद संकट? सरकार ने बढ़ाई फर्टिलाइजर प्लांट्स को गैस सप्लाई


मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट अभी भी बंद है। स्ट्रेट के बंद होने की वजह से विश्व के देशों में एनर्जी की किल्लत जारी है। इस बीच भारत सरकार ने फर्टिलाइजर सकंपनियों को लेकर बड़ा कगम उठाया है। इसमें सरकार ने 6 अप्रैल से गैस की खरीद करके सरकारी फर्टिलाइजर प्लांट्स को उनकी छह महीने की एवरेज खपत का 90 फीसदी गैस सप्लाई बढ़ा दी है। यह बात पेट्रोलियम और प्राकृति गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कही है।

 

सुजाता शर्मा के मुताबिक, यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब तेल कंपनियों ने फ्यूल की उपलब्धता का प्रबंध करके बाजार से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की खरीदी की है। मिडिल ईस्ट में जंग की वजह से खाड़ी देशों से गैस औक क्रूड ऑयल में आई रुकावट की वजह से सरकार ने शुरू में फर्टिलाइजर (यूरिया) प्लांट्स को गैस सप्लाई जरूरत के लगभग 60 फीसदी तक सीमित कर दी थी। बादल में इसे 75-80 फीसदी तक बढ़ा दिया गया था।

 

यह भी पढ़ें: ‘सुरक्षा घटाइए कि चीफ जस्टिस जैसे आम लोग बात कर सकें’, SC ने WB सरकार को फटकारा

LNG की सप्लाई बंद

कतर जैसे अन्य खाड़ी देशों से सरकार को LNG की सप्लाई बंद पड़ी है। इस स्थिती से निपटने के लिए भारतीय कंपनियां अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और रूस में दूसरे सप्लायर्स से LNG खरीद रही हैं।

देश में गैस की सप्लाई बढ़ी

सुजाता शर्मा ने कहा कि उपायों से देश में गैस की सप्लाई बढ़ी है। यही वजह है कि अलग-अलग सेक्टर्स के लिए सरकार ने कोटा बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क समेत दूसरे इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सेक्टर को गैस सप्लाई सोमवार से 10 फीसदी और बढ़ा दी जाएगी।

 

सबसे परीयता वाले सेक्टर्स को सबसे पहले गैस की सप्लाई दी जा रही है। इसमें घरेलू पाइप्ड कुकिंग गैस और ट्रांसपोर्ट के लिए सीएमजी की 100 फीसदी सप्लाई शामिल है।

 

यह भी पढ़ें: दिल्ली-NCR में बारिश, गर्मी कब आएगी? जानें मौसम का ताजा अपडेट

एलपीजी सप्लाई पर असर

उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों से कुकिंग गैस यानी एलपीजी सप्लाई पर असर पड़ रहा है। अभी भी बेहतर सप्लाई नहीं आ रही है लेकिन खाना पकाने के लिए लोगों को गैस सप्लाई ठीक से पूरी की जा रही है। उन्होंने आगे कहा, ‘मौजूदा जियोपॉलिटिकल हालात से एलपीजी सप्लाई पर असर पड़ रहा है लेकिन एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर किसी भी तरह की कमी की खबर नहीं है।’

 

सुजाता शर्मा ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य चल रही है। 1 मार्च 2026 से अब तक 18 करोड़ से ज्यादा सिलेंडर घरों में डिलीवर किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि होटलों और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाली कमर्शियल एलपीजी का राज्यों का कोटा, गैस संकट से पहले के लेवल का लगभग 70 फीसदी बढ़ा दिया गया है।

स्टडी में खुलासा, समय से पहले मेनोपॉज बढ़ाता है दिल की बीमारी का खतरा


आज के बदलते लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच महिलाओं की हेल्थ को लेकर एक रिसर्च स्टडी सामने आई है। जामा कार्डियोलॉजी की रिसर्च रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जिन महिलाओं को 40 साल की उम्र में मेनोपॉज होता है, उनमें दिल की बीमारी होने का खतरा 40 फीसदी तक बढ़ जाता है। जिन महिलाओं को 12 महीने तक पीरियड नहीं आता है उस स्थिति को मेनोपॉज कहा जाता है। मेनोपॉज अक्सर 45 से 50 की उम्र में होता है लेकिन आज के दौर में 40 की उम्र में भी मेनोपॉज होने लगा है, जिसके परिणाम में हार्ट अटैक, स्ट्रोक या अन्य हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है।

 

यह रिसर्च नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने की है, जिसमें 1964 से लेकर 2018 के बीच करीब 10,000 महिलाओं की हेल्थ रिपोर्ट पर नजर रखी गई। इन रिपोर्ट्स में पाया गया कि जिन महिलाओं को 40 साल से पहले कोई दिल की बीमारी नहीं थी, उन्हें 40 की उम्र में मेनोपॉज होने के बाद दिल की बीमारी होने लगी। इसे देखते हुए वैज्ञानिकों ने दावा किया कि कम उम्र में मेनोपॉज वाली महिलाओं में कोरोनरी हार्ट डिजीज का खतरा 40 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।

 

यह भी पढ़ें: बढ़ रही है उम्र लेकिन दिखना है हमेशा जवान? ग्रीन स्मूदी आपकी मदद कर सकती है

 

रिपोर्ट में चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पहले कम उम्र में मेनोपॉज होने वाली केवल 1 प्रतिशत महिलाओं को हार्ट डिजीज का खतरा था लेकिन अब यह खतरा 3 से 4 फीसदी तक बढ़ गया है। अब सवाल उठता है कि ऐसी क्या वजह है जिससे महिलाओं को कम उम्र में मेनोपॉज होता है और यह भी कि मेनोपॉज होने से दिल की बीमारी का खतरा क्यों बढ़ता है।

मेनोपॉज से कैसे होती है दिल की बीमारी?

महिलाओं को मेनोपॉज के दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव आते हैं खासकर एस्ट्रोजन हार्मोन तेजी से गिरने लगता है। एस्ट्रोजन हार्मोन महिलाओं के शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाकर और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करके दिल की रक्षा करता है। मेनोपॉज होने के बाद इसकी कमी के कारण हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा एस्ट्रोजन हार्मोन की गिरावट से महिलाओं के शरीर में कई दिक्कतें हो सकती हैं।

 

मानसिक स्वास्थ्य- एस्ट्रोजन की कमी से मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, जिससे डिप्रेशन और एंग्जायटी का खतरा बढ़ जाता है।


ब्लड प्रेशर की समस्या– एस्ट्रोजन की कमी से खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है।

 

यह भी पढ़ें: शरीर में घुसे नैनोप्लास्टिक को साफ कर देती है किमची, स्टडी में बड़ा दावा

एस्ट्रोजन की कमी कैसे दूर करें?

जिन महिलाओं को कम उम्र में मेनोपॉज हो जाता है, उन्हें फाइटोएस्ट्रोजन युक्त आहार लेना चाहिए, जो शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर को सपोर्ट करता है। इसके लिए महिलाओं को अलसी के बीज, तिल, चना, मसूर, राजमा, अनार, सेब और गाजर का सेवन करना चाहिए। ये आहार शरीर में एस्ट्रोजन रिसेप्टर्स को एक्टिवेट करने में मदद करते हैं और हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं।

6 अप्रैल के दिन इन राशियों पर बरेसगी भोलेनाथ की अमृत कृपा, पढ़ें राशिफल


आज 6 अप्रैल 2026, सोमवार का दिन है। पंचांग के अनुसार आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। आज का दिन चंद्रमा के वृश्चिक राशि में संचार और सूर्य के मीन राशि में उपस्थिति से प्रभावित रहेगा। अंक ज्योतिष के नजरिए से आज का मूलांक 6 है, जो शुक्र ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है और प्रेम, कला व सामंजस्य का प्रतीक है। ग्रहों की यह विशेष स्थिति आज एक मिश्रित ऊर्जा का निर्माण कर रही है, जहां एक ओर मानसिक संवेदनशीलता रहेगी, तो दूसरी ओर रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलने के प्रबल योग बनेंगे।

 

आज की आकाशीय गणना संकेत देती है कि व्यापारिक दृष्टिकोण से दिन सामान्य रहेगा लेकिन व्यक्तिगत संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। सोमवार का दिन होने के कारण भगवान शिव की कृपा बरसेगी, जिससे बाधाएं दूर होंगी। आज का दिन धैर्य और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने का है। विशेष रूप से उन लोगों के लिए समय अनुकूल है जो कला, सौंदर्य या सेवा क्षेत्र से जुड़े हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

 

यह भी पढ़ें: वेरोनिका और क्लोपास, वे किरदार कौन हैं, जिनकी वजह से दुनिया मनाती है ईस्टर?

आज का राशिफल 

 

 

मेष 


आज आपका आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त होगा।  निवेश के लिए दिन अच्छा है, धन लाभ के योग हैं। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बना रहेगा, घर में खुशी का माहौल होगा। सिरदर्द की समस्या हो सकती है, पर्याप्त नींद लें। 
क्या करें: भगवान शिव को जल अर्पित करें।
 क्या न करें: जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें।

 

वृषभ 


आज का दिन सुख-सुविधाओं में वृद्धि वाला है।  व्यापार में विस्तार की योजना सफल होगी। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। परिवार के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। खान-पान पर नियंत्रण रखें, पेट की खराबी हो सकती है।
 क्या करें: सफेद वस्तुओं का दान करें।
 क्या न करें: किसी अजनबी पर भरोसा न करें।

 

मिथुन 


बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी। ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना होगी। खर्चों में वृद्धि हो सकती है, बजट बनाकर चलें। प्रेम जीवन में थोड़ी गलतफहमी हो सकती है, बातचीत से सुलझाएं। मानसिक तनाव से बचें, योग करें। 
क्या करें: गणेश जी की आरती करें। 
क्या न करें: व्यर्थ के वाद-विवाद में न पड़ें।

यह भी पढ़ें: वैशाख माह की तृतीया तिथि, ग्रहों की बदलती चाल किस्मत बदलेगी? राशिफल पढ़ें

कर्क 


आज आप भावुक महसूस कर सकते हैं। काम का बोझ अधिक रहेगा, धैर्य बनाए रखें। आय के नए स्रोत बनेंगे लेकिन बचत कम होगी। माता के सहयोग से कोई बड़ा काम पूरा होगा।  जोड़ों के दर्द की समस्या हो सकती है। 
क्या करें: चंद्र देव के मंत्रों का जाप करें।
 क्या न करें: भावनाओं में बहकर कोई वादा न करें।

 

सिंह 


सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी, प्रमोशन के योग हैं। सुख-साधनों पर धन खर्च होगा। प्रेम व परिवार: संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। आज आप ऊर्जावान महसूस करेंगे। 
क्या करें: तांबे के लोटे से सूर्य को अर्घ्य दें। 
क्या न करें: अहंकार को अपने रिश्तों के बीच न आने दें।

 

यह भी पढ़ें: ईसाई धर्म में गुड फ्राइडे और ईस्टर संडे क्यों और कैसे मनाया जाता हैं? जानिए 

कन्या 


आज योजनाएं समय पर पूरी होंगी। नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक: निवेश से भविष्य में लाभ होगा। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा, घर का वातावरण सुखद रहेगा। : आंखों में जलन या दर्द की शिकायत हो सकती है।

क्या करें: जरूरतमंदों को अनाज दान करें।

 क्या न करें: किसी की बुराई न करें।

 

तुला 


अंक 6 के प्रभाव से आज आपका दिन शानदार रहेगा। रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, कार्यस्थल पर प्रभाव जमेगा। पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है।  पार्टनर के साथ यादगार समय बिताएंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, व्यायाम जारी रखें।

क्या करें: इत्र का प्रयोग करें और खुश रहें।

 क्या न करें: कर्ज लेने से बचें।

यह भी पढ़ें: शनिवार को किन राशियों पर शनिदेव मेहरबान हैं, पढ़ें राशिफल

वृश्चिक 


चंद्रमा आपकी राशि में होने से मानसिक चंचलता रहेगी। व्यवसाय में उतार-चढ़ाव आ सकता है, सतर्क रहें। लेन-देन में सावधानी बरतें। प्रेम व परिवार: जीवनसाथी की सलाह आपके काम आएगी।  अधिक काम की वजह से थकान महसूस होगी। 
क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
 क्या न करें: क्रोध पर नियंत्रण रखें।

 

धनु 


धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। विदेश से जुड़े व्यापार में लाभ होगा। अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाने की जरूरत है। मित्रों से मुलाकात होगी।  वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। 
क्या करें: पीली वस्तुओं का दान करें। 
क्या न करें: काम को कल पर न टालें।

 

मकर 


कठिन परिश्रम का फल मिलने का समय है। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आर्थिक: धन आगमन के प्रबल योग हैं। मांगलिक कार्यों की रूपरेखा बनेगी। हड्डी रोग से परेशानी हो सकती है, कैल्शियम युक्त आहार लें। 
क्या करें: शनि देव के दर्शन करें।
 क्या न करें: झूठ बोलने से बचें।

 

यह भी पढ़ें: ईसाई धर्म में गुड फ्राइडे और ईस्टर संडे क्यों और कैसे मनाया जाता हैं? जानिए 

कुंभ 


आज भाग्य आपका साथ देगा। नई तकनीक का प्रयोग कार्य में प्रगति लाएगा। लॉटरी या शेयर बाजार से लाभ के संकेत हैं। परिवार में तालमेल बढ़ेगा। मौसमी बीमारियों से सावधान रहें। 
क्या करें: पक्षियों को दाना डालें। 
क्या न करें: किसी का अपमान न करें।

 

मीन 


आध्यात्मिक शांति महसूस करेंगे। शिक्षा और शोध से जुड़े लोगों के लिए दिन बेहतरीन है। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। प्रेम व परिवार: जीवनसाथी के साथ रोमांटिक शाम बीतेगी।  मानसिक शांति के लिए ध्यान करें।

क्या करें: शिव चालीसा का पाठ करें। 
क्या न करें: नकारात्मक विचारों को हावी न होने दें।

 

नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अपनी मेहनत पर भरोसा रखें और सकारात्मकता के साथ दिन का आनंद लें।

 

 

ब्रिक्स देशों से ईरान ने कर दी ऐसी मांग, पूरी की तो ट्रंप हो जाएंगे नाराज


भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने ब्रिक्स देशों से बड़ी मांग की है। उन्होंने कहा कि तेहरान को उम्मीद है कि ब्रिक्स देशों का समूह युद्ध के बीच अमेरिका और जायोनी शासन के गैर-कानूनी और आपराधिक कृत्यों की निंदा करेगा। भारत के रुख से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत का संवाद और संयम का आह्वान सराहनीय और जिम्मेदार रुख है। हमारा मानना है कि इन परिस्थितियों में भारत जैसे देशों की भूमिका बेहद प्रभावी हो सकती है। 

 

मोहम्मद फथाली ने कहा कि ईरान ने कभी युद्ध करने की मंशा नहीं जाहिर की। उसने बार बार कहा कि वह कोई संघर्ष नहीं शुरू करेगा। हमने यह साफ बता दिया था कि अगर हम पर युद्ध थोपा गया तो इसका दायरा, समय और आखिर प्रबंधन सब ईरान के हाथों में होगा। आज जो हो रहा है, वह बाहरी हमले के खिलाफ वैध आत्मरक्षा है। 

 

यह भी पढ़ें: ‘नहीं खोलेंगे होर्मुज’, इस्लामाबाद समझौते पर बोला ईरान, अब क्या करेंगे ट्रंप?

 

राजदूत मोहम्मद फथाली ने कहा कि ईरान सभी आजाद और आजादी पसंद देशों से अमेरिका और इजरायल की सैन्य और आक्रामक कार्रवाइयों की स्पष्ट निंदा की अपेक्षा करता है। अमेरिका और इजरायल ने अस्पतालों, आवासीय क्षेत्रों, स्कूलों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। हमला करके ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंखन किया।  

ईरान भी ब्रिक्स का हिस्सा 

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर एक साथ ईरान पर धावा बोला था। अभी तक इस मामले में ब्रिक्स ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। मौजूदा समय में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान समेत 11 सदस्य देश हैं। यह समूह वैश्विक दक्षिण के देशों की आवाज है। मगर अभी तक ब्रिक्स समूह ने किसी के भी पक्ष में कोई बयान नहीं दिया है। 2024 में ईरान को इसका सदस्य बनाया गया था। मौजूदा समय में भारत ब्रिक्स का अध्यक्ष है।

दुविधा में ब्रिक्स समूह

ब्रिक्स के सामने असमंजस वाली स्थिति बनी है। चीन और रूस ने खुलकर ईरान का समर्थन किया। उन्होंने इजरायल और अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की। मगर ब्रिक्स का हिस्सा सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के मामले में चुप्पी साध रखी है।

 

यह भी पढ़ें: हमले से कांप गया ईरान, तेहरान के रिहायशी इलाके में एयरस्ट्राइक; 13 लोगों की मौत

 

अगर ब्रिक्स अमेरिका और इजरायल की निंदा करता है तो उसे सऊदी अरब और यूएई में होने वाले हमलों की भी निंदा करना होगा। इन हमलों को ईरान की आईआरजीसी अंजाम दे रही है। माना जा रहा है कि किसी एक के पक्ष में बयान देने से समूह में फूट पड़ सकता है। यही कारण है कि भारत और मिस्र समेत अन्य देशों ने सधा और संतुलित रुख अपनाया है।

यूपी में अगले 7 दिन के मौसम का हाल, दिल्ली में बारिश; जानें मौसम का ताजा अपडेट


अप्रैल का दूसरा हफ्ता शुरू हो गया है लेकिन गर्मियां दस्तक देते-देते रुक जा रही हैं। कारण पश्चिमी विक्षोभ के कारण चल रही तेज हवाएं और अचानक हो रही बारिश, जिसकी वजह से 6 अप्रैल को भी मौसम खुशनुमा बना हुआ है। इन दिनों दिन में तेज धूप के साथ में हल्की गर्मी हो रही है और शाम से लेकर अगली सुबह तक मौसम में ठंडक बनी हुई है। दिल्ली-एनसीआर में मौसम मार्च के दूसरे हफ्ते से लेकर अप्रैल के पहले हफ्ते तक ऐसा ही बना रहा। यही हालात पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में देखने को मिला है।  

 

मौसम विभाग ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि आज हल्की बारिश हो सकती है, साथ ही 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग की मानें तो यह बारिश और तेज हवाएं पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आ रहे हैं। इसी वजह से देश के एक बड़े भाग में मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

 

यह भी पढ़ें: प्रदर्शन न जनाधार फिर भी इन नेताओं को राज्यों की कमान क्यों सौंपती है कांग्रेस?

उत्तर प्रदेश में अगले 10 दिनों का मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में आज का मौसम कुछ बादल हुआ है। प्रदेश में दिन का तापमान 32 डिग्री रहेगा। जबकि यूपी में मंगदलवार को मौसम साफ रहेगा और कल का तापमान 34 डिग्री रहने की संभावना है। इसके अलावा प्रदेश में मंगलवार और बुधवार को आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। वहीं, गुरुवार और शुक्रवार को मौसम साफ रहेगा।

 

यह भी पढ़ें: तीन पासपोर्ट मामले में हिमंता ने पवन खेड़ा पर किया पलटवार, कहा- केस करेंगे

दिल्ली-एनसीआर में बारिश और हवाएं

दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को हल्के बादल छाए रहेंगे, तेज तेज धूप खिली रहेगी। इस पूरे भाग में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक जाने का पूर्वानुमान है। जबकि रात का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस बना रह सकता है। वहीं, आज मौसम पूरा दिन साफ रहेगा और हवाएं 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।

 

हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में 7-8 अप्रैल को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 7 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ के कारण आंधी-तूफान आने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ में धूल भरी आंधी भी चल सकती है। इसके बाद दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश भी हो सकती है।