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पीरियड्स में महिलाएं करती हैं ये गलतियां, सेहत पर पड़ता है असर


पिछले कुछ सालों में पीरियड्स को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। इसके बारे में लोग खुलकर बात कर रहे हैं जो कि अच्छा बदलाव है। क्या सिर्फ जागरूकता बढ़ाना काफी है। पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई रखना बेहद जरूरी है। अगर आप साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते हैं तो बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। 

 

Everteen Menstrual Hygiene Survey 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 71.6% महिलाएं पीरियड्स से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन लेती हैं और 11.5% महिलाएं ही परेशानी या इमरजेंसी में ऑनलाइन मिली जानकारी पर भरोसा करती हैं। महिलाओं को पीरियड्स के समय होने वाले दर्द को सामान्य बात समझने की सलाह दी जाती है। पीरियड्स में साफ-सफाई नहीं रखने की वजह से संक्रमण, यूरिन इंफेक्शन, त्वचा में रैशेज की समस्या हो सकती है। महिलाएं पीरियड्स में कुछ बातों को अक्सर इग्नोर कर देती हैं। आप इस तरह की गलती न करें।

 

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पीरियड्स में न करें ये गलतियां 

  • लंबे समय तक एक ही पेड का इस्तेमाल करना।
  • कई महिलाएं आज भी गीले और गंदे कपड़े का इस्तेमाल करती हैं।
  • अधिक मात्रा में स्टेंड स्प्रे, क्रीम और एंटी सेप्टिक का इस्तेमाल करना। कुछ स्टडी में पाया गया है कि प्राइवेट पार्ट में पाउडर लगाने से ओवेरियन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
  • अधिक मात्रा में वेजाइनल डिस्चार्ज होने पर खुजली, जलन, रैशेज और बदबू आने की समस्या को नजर अंदाज करना।
  • अधिक दर्द और ब्लीडिंग होने पर भी दवाई नहीं लेने की आदत।
  • बिना जांच करवाएं कोई भी दर्द की दवा ले लेना।

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पीरियड्स में ऐसे रखें सेहत का ध्यान

  • साफ और सुरक्षित प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें।
  • हर 4 से 6 घंटे पर अपनी जरूरत के हिसाब से पेड बदलें।
  • प्राइवेट पार्ट को पानी से साफ करें।
  • प्रोडक्ट्स के बदल से पहले और बाद में साबुन से जरूर हाथ धोएं।
  • पीरियड्स में साफ कपड़े का इस्तेमाल करें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, पौष्टिक आहार लें और आयरन वाली चीजों का सेवन करें।

साप्ताहिक राशिफल, इस हफ्ते आपके भाग्य में क्या बदलाव लाएंगे ग्रह-नक्षत्र? जानिए


जून महीने के दूसरे हफ्ते की शुरुआत हो चुकी है। इस हफ्ते ग्रहों की चाल 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव लेकर आ रही है। पंचांग के अनुसार, 8 जून से 14 जून 2026 के इस सप्ताह की शुरुआत ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि से हो रही है। अंक ज्योतिष के नजरिए से देखें तो सप्ताह के पहले दिन का मूलांक 8 है, जो शनि देव के प्रभाव को दर्शाता है। यानी यह सप्ताह कर्म और अनुशासन प्रधान रहेगा। ग्रहों के राजा सूर्य और बुध वृषभ राशि में बुधादित्य योग बना रहे हैं, जबकि मंगल अपनी स्वराशि मेष में रहकर जातकों को असीम ऊर्जा प्रदान करेंगे। शनि देव कुंभ राशि में विराजमान होकर निर्णय लेने की प्रेरणा दे रहे हैं।

 

इस हफ्ते की ऊर्जा मिली-जुली रहेगी। जहां एक तरफ ग्रहों की यह विशेष स्थिति व्यापार और करियर में नए अवसर देगी, वहीं दूसरी तरफ आत्ममंथन और रिश्तों को मजबूत करने का मौका भी देगी। इस सप्ताह जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। अगर हम अपने भीतर के साहस और बाहरी परिस्थितियों में संतुलन बनाकर चलेंगे, तो यह समय जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाला साबित हो सकता है। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों के लिए यह सप्ताह कैसा रहने वाला है।

 

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राशिफल

 

मेष राशि

 

यह सप्ताह आपके लिए नई ऊर्जा और उत्साह लेकर आएगा। आप अपने अधूरे कामों को तेजी से निपटाने में सफल रहेंगे। ऑफिस में आपके काम की तारीफ होगी। धन लाभ के अच्छे योग हैं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।

क्या करें: रोजाना सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करें।

क्या न करें: गुस्से में आकर किसी को कड़वे शब्द न बोलें।

 

वृषभ राशि

 

बुधादित्य योग का सबसे ज्यादा लाभ आपको मिलने वाला है। सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी और मन प्रसन्न रहेगा। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। लव लाइफ में रोमांस बढ़ेगा। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा।

क्या करें: मां लक्ष्मी की पूजा करें।

क्या न करें: पैसों के लेन-देन में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।

 

मिथुन राशि

 

इस सप्ताह आपको अपनी जुबान और व्यवहार पर थोड़ा संयम रखने की जरूरत है। आपको मेहनत का फल देर से ही सही, लेकिन मिलेगा जरूर। ऑफिस की राजनीति से दूर रहें। परिवार में भाई-बहनों से मतभेद हो सकते हैं। बातचीत से मसले सुलझाएं।

क्या करें: गाय को हरा चारा खिलाएं।

क्या न करें: किसी भी व्यक्ति के साथ अपनी बातें शेयर न करें।

 

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कर्क राशि

 

यह सप्ताह आपके लिए भावनात्मक उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। ऑफिस के सहकर्मियों के सहयोग से प्रोजेक्ट समय पर पूरे होंगे। अचानक धन लाभ होने से आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। लव पार्टनर के साथ किसी बात पर अनबन हो सकती है, इसलिए धैर्य रखें।

क्या करें: सोमवार को शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं।

क्या न करें: भावनाओं में आकर फैसले न लें।

 

सिंह राशि

 

इस हफ्ते आपको कई उपलब्धियां मिलेंगी, जिससे समाज में आपका मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। सरकारी क्षेत्र से जुड़े कामों में बड़ी सफलता मिलेगी। बिजनेस में नए ग्राहकों से जुड़ने का मौका मिलेगा।

क्या करें: माता-पिता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।

क्या न करें: काम के दौरान अहंकार या घमंड दिखाने से बचें।

 

कन्या राशि

 

इस हफ्ते आपको अपने लक्ष्यों के बारे में किसी को नहीं बताना चाहिए। भाग्य का साथ मिलने से बिगड़े काम भी बनने लगेंगे। नौकरीपेशा लोगों के लिए ट्रांसफर या बदलाव के योग हैं। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। धार्मिक कार्यों में धन खर्च हो सकता है।

क्या करें: बुधवार को गणेश जी की पूजा करें।

क्या न करें: अपनी योजनाओं का खुलासा न करें।

 

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तुला राशि

 

तुला राशि के जातकों को इस सप्ताह मिले-जुले परिणाम मिलेंगे। ऑफिस में काम का दबाव बढ़ सकता है। इस हफ्ते धन का आगमन होगा, लेकिन साथ ही अचानक बड़े खर्चे भी सामने आ सकते हैं। आपको जीवनसाथी की सेहत की चिंता हो सकती है।

क्या करें: शुक्रवार को किसी जरूरतमंद को चावल या चीनी का दान करें।

क्या न करें: जल्दबाजी में कोई भी दस्तावेज साइन न करें।

 

वृश्चिक राशि

 

सप्ताह की शुरुआत बहुत अच्छी रहेगी। आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी, जिससे आप कठिन चुनौतियों को भी आसानी से पार कर लेंगे। नौकरी में आपके काम की तारीफ होगी। रुपयों के निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है, जिससे बैंक बैलेंस बढ़ेगा।

क्या करें: हनुमान चालीसा का प्रतिदिन पाठ करें।

क्या न करें: किसी भी विवादित मामले में बीच-बचाव करने से बचें।

 

धनु राशि

 

यह सप्ताह आपकी बौद्धिक क्षमताओं और ज्ञान में वृद्धि करेगा। शिक्षा और कंसल्टेंसी से जुड़े लोगों को बड़ा लाभ होगा। नौकरी में स्थिति मजबूत रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, हालांकि लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान देना बेहतर रहेगा।

क्या करें: गुरुवार को माथे पर चंदन या हल्दी का तिलक लगाएं।

क्या न करें: किसी को उधार देने का वादा न करें।

 

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मकर राशि

 

शनि देव के प्रभाव के कारण आपको इस सप्ताह कड़ी मेहनत करनी होगी। सफलता की राह में थोड़ी धीमी रफ्तार रह सकती है। ऑफिस में काम का बोझ रहेगा। जीवनसाथी के साथ   गलतफहमियां बढ़ सकती हैं, इसलिए बैठकर बात करें।

क्या करें: शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

क्या न करें: शॉर्टकट अपनाकर पैसा कमाने की कोशिश न करें।

 

कुंभ राशि

 

यह सप्ताह आपके लिए मिले-जुले प्रभाव लेकर आ रहा है। सामाजिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। नौकरीपेशा जातकों को मेहनत का श्रेय मिलेगा। व्यापारियों के लिए मुनाफे की नई राहें खुलेंगी। परिवार के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर जाने के योग हैं। प्रेम जीवन सामान्य रहेगा।

क्या करें: शनिवार के दिन शनि चालीसा का पाठ करें।

क्या न करें: आलस को अपने ऊपर हावी न होने दें।

 

मीन राशि

 

सप्ताह की शुरुआत सुखद रहेगी। आपके पुराने प्रयास अब रंग लाने वाले हैं, जिससे आपके मन का बोझ हल्का होगा। रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को बड़ी सफलता मिलेगी। परिवार के सदस्यों के बीच आपसी तालमेल बेहतर होगा। पार्टनर के साथ यादगार समय बिताएंगे।

क्या करें: केले के पेड़ की पूजा करें।

क्या न करें: किसी की बातों में आकर कोई फैसला न लें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर बताया गया है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

कौन है यह महिला पत्रकार, जिसने इंटरव्यू में ट्रंप को पिला दिया पानी?


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एनबीसी चैनल के ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में पहुंचे। चैनल की एंकर क्रिस्टन वेल्कर ने ट्रंप का इंटरव्यू लिया। सबकुछ बढ़िया चल रहा था। इस बीच ट्रंप ने कैलिफोर्निया में धीमी मतगणना पर सवाल उठाया और चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। एंकर ने दुनिया के सबसे ताकतवर राष्ट्रपति को बीच में रोका और धांधली के सबूत मांग लिए, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप इससे भड़क गए। 

 

उन्होंने एंकर को बेईमान और भ्रष्ट तक कह डाला। इसके बाद माइक को जमीन पर पटक दिया और बीच में इंटरव्यू छोड़ दिया। ऐसे में हर कोई इस महिला एंकर के बारे में जानना चाहता है, जिसने अमेरिकी राष्ट्रपति को भी पानी पिला दिया। 

 

 

 

 

ट्रंप के साथ किया था ‘मीट द प्रेस’ का पहला इंटरव्यू

क्रिस्टन वेल्कर साल 2011 से एनबीसी न्यूज से जुड़ी हैं। वह व्हाइट हाउस को कवर करती हैं। यह कोई पहली बार नहीं जब क्रिस्टन वेल्कर ने ट्रंप का इंटरव्यू लिया है। इससे पहले भी वह कई बार ट्रंप का इंटरव्यू ले चुकी हैं। मीट द प्रेस की मुख्य एंकर के तौर पर वेल्कर ने अपना पहला एपिसोड डोनाल्ड ट्रंप के साथ ही शूट किया था।  इसके अलावा 2020 के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन के बीच हुई बहस में भी एनबीसी की तरफ से शामिल हुई थीं।

 

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क्रिस्टन के पिता यहूदी और मां अश्वेत

फिलाडेल्फिया की रहने वाली क्रिस्टन ने जर्मनटाउन फ्रेंड्स स्कूल से स्नातक किया। हार्वर्ड कॉलेज से भी पढ़ाई की। उनके पिता यहूदी और मां अश्वेत हैं। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही क्रिस्टन ने 1997 में TODAY में इंटर्नशिप की। बाद में उन्होंने रोड आइलैंड के प्रोविडेंस, WLNE-TV और रेडिंग, कैलिफोर्निया के KRCR-TV में भी काम किया।

 

2023 में मिली ‘मीट द प्रेस’ की जिम्मेदारी

2005 में उन्होंने डब्ल्यूसीएयू ज्वाइन किया। यहां उन्हें रिपोर्टर और वीकेंड एंकर की जिम्मेदारी सौंपी गई। 2010 में कैलिफोर्निया में संवाददाता के तौर पर एनबीसी न्यूज से जुड़ीं। अगले साल ही उन्हें व्हाइट हाउस संवाददाता बना दिया गया। 2020 में क्रिस्टन को वीकेंड टुडे का सह-एंकर बनाया गया। 2023 में उन्हें एनबीसी न्यूज नाउ के ‘मीट द प्रेस’ और ‘स्पिन-ऑफ मीट द प्रेस नाउ’ का भी एंकर बना दिया गया।

दो बच्चों की मां हैं क्रिस्टन

वेल्कर अपने पति जॉन ह्यूजेस के साथ वाशिंगटन डीसी में रहती हैं। वह एक बच्ची और एक बेटे की मां हैं। 2021 में सरोगेट के जरिये वेल्कर ने बच्ची को जन्म दिया था। 2024 में वह एक बेटे की मांग बनीं। उनके पति मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव हैं। दो की शादी 4 मार्च 2017 को हुई थी।   

‘कॉकरोच प्रदर्शन से दूर रहो’, अपने युवाओं से मुस्लिम समाज क्यों कर रहा ये अपील?


दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के बीच मुस्लिम समुदाय बिल्कुल सतर्क है। मस्जिदों के इमाम और अभिभावक प्रदर्शन में शामिल न होने की अपील करने में जुटे हैं। इंस्टाग्राम रील्स, फेसबुक पोस्ट और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी लोगों को आगाह किया जा रहा है। इसमें मुस्लिमों से इस प्रदर्शन से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।

 

टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोट में बताया कि शाहीन बाग की एक मस्जिद से इमाम ने मुस्लिम युवाओं से प्रदर्शन में सोच समझकर शामिल होने की अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि भावनाएं अहम हैं, लेकिन निर्णय जिम्मेदारी और विवेक से लिया जाना चाहिए। वहीं बटला हाउस मस्जिद शहाब के इमाम अहमद ने कहा कि इस्लाम हमें न्याय की खातिर खड़ा होना सिखाता है, लेकिन अराजकता और अनावश्यक नुकसान से भी खुद को बचाना सिखाता है।

 

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एक फेसबुक पोस्ट में भी मुस्लिमों से प्रदर्शन और आसपास के इलाके से दूर रहने को कहा गया। अब तक करीब 20 लाख लोग इस पोस्ट को देख चुके हैं। इसमें कहा गया, ‘हमेशा की तरह मुसलमान को बलि का बकरा बनाया जाएगा।’ आगे कहा कि अगर कोई अशांति फैली तो लंबी कैद, राष्ट्र विरोधी और मीडिया ट्रायल होगा।

 

अखबार ने एक कॉलेज छात्र अशरफ मसूद का जिक्र किया। अशरफ ने बताया कि उनके पिता ने विरोध प्रदर्शन में शामिल न होने को कहा था। पिता ने कहा कि पहले करियर में ध्यान दो, इसके बाद लोगों की मदद करना। हम मुसीबत को न्योता नहीं देंगे।

 

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बता दें कि शनिवार को अमेरिका से कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके वापस आने के बाद जंतर-मंतर में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। करीब 7000 लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पार्टी का ऐलान है कि अब आंदोलन को देश के अलग-अलग शहरों में फैलाया जाएगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान का इस्तीफा ही सीजेपी की सबसे बड़ी मांग है। 

 

पिछले महीने ऑनलाइन अभियान के तहत सीजेपी अस्तित्व में आई। इंस्टाग्राम पर उसके 22 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं। पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को पार्टी ने प्रमुख मुद्दा बनाया है। 

दीपिका कक्कड़ की शुरू हुई इम्यूनोथेरेपी, क्या होती है यह थेरेपी?


अभिनेत्री दीपिका कक्कड़ अपने जिंदगी के मुश्किल समय से गुजर रही हैं। उनका लिवर कैंसर का इलाज चल रहा है। हाल ही में उनके ससुर को ब्रेन हेमरेज हुआ था जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था। शोएब ने अपने लेटेस्ट यूट्यूब व्लॉग में अपने पिता और पत्नी दीपिका के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी थी। 

 

शोएब ने वीडियो में बताया कि दीपिका अपने पहले इम्यूनोथेरेपी सेशन के लिए जाएंगी। जहां उन्हें 3 से 4 घंटे का समय लगेगा। उन्होंने उम्मीद करते हुए कहा कि इम्यूनोथेरेपी काम करें और वह जल्द ठीक हो जाए। ऐसे में जानना जरूरी है कि इम्यूनोथेरेपी क्या है और ये थेरेपी किन लोगों को दी जाती है?

 

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इम्यूनोथेरेपी क्या होती है?

कैंसर के इलाज के लिए इम्यूनोथेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। पिछले कुछ सालों में इस थेरेपी से कई लोगों की जान बची है। यह थेरेपी इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है ताकि वह कैंसर की कोशिकाओं को ढूंढकर नष्ट कर सके और इसके परिणाम बेहद प्रभावशाली है।

 

इम्यूनोथेरेपी दो तरह की होती है।

 

सीएआर टी सेल थेरेपी- इस प्रक्रिया में ब्लड से टी सेल को निकाला जाता था। फिर उन सेल्स को लैब में इस तरह से बदलना कि वे कैंसर कोशिकाओं को ढूंढकर हमला कर सकें। इन टी सेल्स को मजबूत करके शरीर में वापस छोड़ देना होता है।

 

इम्यून चेकपॉइंट इनहिबिटर्स – ये ऐसी दवाइयां है जो कैंसर से लड़ने के लिए शरीर के इम्यून सिस्टम को ऐक्टिव करती है। इस थेरेपी को कैंसर के टाइप, स्टेज ऑफ कैंसर, उम्र, स्वास्थ्य संबंधी अन्य बीमारियों और दवाइयों के हिसाब से किया जाता है।

 

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इम्यूनोथेरेपी के साइड इफेक्ट

  • त्वचा में रैशेज
  • थकान
  • उल्टी, डायरिया और चक्कर आना
  • बुखार, मांस पेशियों में दर्द

शिवजी की गले की मुंडमाला कैसे बयां करती है शिव और पार्वती की अमर प्रेम कहानी? 


हिंदू ग्रंथों के अनुसार, भगवान शिव अपने शरीर पर भस्म लगाते हैं और गले में 108 सिरों वाली मुंडमाला पहनते हैं। इस माला से जुड़ी एक पौराणिक कथा है, जिसे सुनकर सिर्फ आप ही नहीं बल्कि माता पार्वती भी हैरान हो गई थीं। पौराणिक कथा के मुताबिक, एक बार देवर्षि नारद ने माता पार्वती से पूछा कि भगवान शिव यह मुंडमाला क्यों पहनते हैं और इसका रहस्य क्या है। इस सवाल का जवाब माता पार्वती को भी नहीं पता था। इसलिए उन्होंने भगवान शिव से यही प्रश्न किया। तब शिवजी ने बताया कि यह मुंडमाला माता पार्वती और भगवान शिव के अमर प्रेम का प्रतीक है।

 

पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव अमर हैं, जबकि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कई जन्म लिए थे। हर जन्म में उन्होंने अलग-अलग रूप धारण कर शिवजी को प्राप्त किया था। मान्यता है कि माता सती यानी पार्वती ने 108 बार जन्म लिया था। शिवजी के कंठ पर विराजमान मुंडमाला इसी बात का प्रतीक है। इस माला का प्रत्येक सिर माता सती के एक-एक जन्म का प्रतिनिधित्व करता है।

 

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क्या है मुंडमाला का प्रतीक?

 

पौराणिक कथा के अनुसार, जब माता पार्वती ने मुंडमाला के बारे में कई बार पूछा, तब शिवजी ने इसका रहस्य बताया। उन्होंने कहा कि मुंडमाला में मौजूद 108 सिर माता पार्वती के 108 जन्मों के प्रतीक हैं। इसी वजह से धार्मिक जानकारों का मानना है कि मुंडमाला माता पार्वती और भगवान शिव की अमर प्रेम कहानी का प्रतीक है।

 

इस सवाल का जवाब मिलने के बाद माता पार्वती ने एक और प्रश्न पूछा। उन्होंने कहा कि मुझे बार-बार जन्म लेना पड़ता है और हर जन्म में शरीर का त्याग करना पड़ता है, जबकि आप अमर हैं। आपके अमर होने का रहस्य क्या है? इस सवाल का जवाब देते हुए शिवजी ने एक कथा सुनाई थी।

 

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क्या है शिवजी की अमर कथा?

 

पौराणिक कथा के मुताबिक, भगवान शिव ने अमर कथा सुनाने के लिए एक एकांत स्थान चुना था, जिसे आज अमरनाथ गुफा के नाम से जाना जाता है। कथा सुनाने से पहले उन्होंने गुफा के चारों ओर अग्नि प्रज्ज्वलित कर दी थी, ताकि कोई भी वहां प्रवेश न कर सके और अमर कथा न सुन पाए।

 

इसके बाद भगवान शिव माता पार्वती को अमर कथा सुनाने लगे। कथा सुनते-सुनते माता पार्वती को नींद आ गई, लेकिन शिवजी को लगा कि वह कथा सुन रही हैं। कुछ समय बाद भगवान शिव ने देखा कि माता पार्वती सो रही हैं। वहीं गुफा में मौजूद दो कबूतरों ने पूरी कथा सुन ली थी। यह देखकर शिवजी क्रोधित हो गए। तब दोनों कबूतरों ने उनसे क्षमा मांगी। एक कबूतर ने कहा कि यदि आप हमें मार देंगे, तो यह अमर कथा असत्य हो जाएगी। कबूतरों की बात सुनकर शिवजी शांत हो गए और उन्होंने कहा कि आज से इन दोनों कबूतरों को शक्ति और अमरता का प्रतीक माना जाएगा।

 

नोट: यह कथा धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक कथाओं पर आधारित है। इसकी ऐतिहासिक या वैज्ञानिक पुष्टि नहीं की जा सकती।

‘यह झूठ फैलाने का फोरम नहीं’, भारत ने UN में पाकिस्तान को खूब खरी-खरी सुनाई


पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र के मंच पर जम्मू-कश्मीर का जिक्र किया। भारत ने पाकिस्तान के इस कदम की न केवल कड़ी आलोचना की, बल्कि खूब लताड़ भी लगाई। संयुक्त राष्ट्र में भारत के दूत परवथानेनी हरीश ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और आगे भी रहेगा। हरीश ने कहा कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र के मंच का गलत इस्तेमाल किया और गलत व गुमराह करने वाली जानकारी फैलाई। 

 

परवथानेनी हरीश ने कहा, ‘पाकिस्तान ने भारत के अंदरूनी मामले यानी केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर का बिना वजह जिक्र किया और मुझे जवाब देने पर मजबूर किया। पाकिस्तान ने इस फोरम को भी अपने बांटने वाले राजनीतिक फायदों की खातिर यूएन के बड़े प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करने से नहीं बख्शा है।’

 

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‘यह झूठ फैलाने का फोरम नहीं है’

उन्होंने आगे कहा, ‘सिक्योरिटी काउंसिल में अपनी मौजूदगी का पाकिस्तान ने गलत इस्तेमाल किया। इसमें कई गलत जानकारी और गुमराह करने वाले संदेशों का प्रसार शामिल है। मैं पाकिस्तान को याद दिलाना चाहूंगा कि यूएन सिक्योरिटी काउंसिल का सदस्य होना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। यह एकतरफा और झूठी बातें फैलाने का फोरम नहीं है।’

 

 

 

 

आपको बता दें कि एक दिन पहले यानी शुक्रवार को ही संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने यूएन महासभा में ‘सुरक्षा परिषद की वार्षिक रिपोर्ट’ के दौरान अपने संबोधन में जम्मू-कश्मीर का जिक्र किया था। भारत ने सख्त लहजे में कह दिया है कि पाकिस्तानी खोखली बातों से सच्चाई नहीं बदलेगी। जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा।

 

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जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा, सच्चाई नहीं बदलने वाली

परवथानेनी हरीश ने कहा, ‘मैं यह साफ-साफ कहना चाहूंगा कि जम्मू और कश्मीर भारत का एक जरूरी और अटूट हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा। इसके उलट कोई भी दावा बेबुनियाद, ऐतिहासिक तथ्यों से अलग और मेल नहीं खाता। पाकिस्तान की खोखली बातें और खोखले दावे इस बुनियादी सच्चाई को नहीं बदलेंगे।’

जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन, जुटने लगे समर्थक, अब आगे क्या


देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का बड़ा प्रदर्शन होने जा रहा है। जेन Z युवाओं की इस पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने यूनियन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर यह प्रदर्शन बुलाया है। सुबह 9 बजे शुरू होने वाले इस प्रदर्शन में NEET-UG 2026 पेपर लीक और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) में हुई गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया जाएगा।

पार्टी के प्रवक्ताओं ने बताया कि अभिजीत दीपके पहले पुलिस से अनुमति लेंगे। प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों को संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के पास पहुंचने को कहा गया है। लद्दाख के प्रसिद्ध कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस प्रदर्शन में शामिल होने वाले हैं। आगे क्या-क्या होगा, जानने के लिए आप यह लाइव ब्लॉग पढ़ते रहिए।

‘सिर्फ चीनी की मीठी गोलियां’, अनुष्का ने होम्योपैथी का सपोर्ट किया, भड़का डॉक्टर


बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा सुर्खियों में छाई हुई हैं। उन्होंने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया था जिसके बाद सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया। लोग उन्हें अनपढ़ कहने लगे। कुछ लोगों ने उनका सपोर्ट भी किया। आइए जानते हैं अनुष्का ने ऐसा क्या पोस्ट किया कि सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।

 

अनुष्का ने अपने पोस्ट में बताया कि होम्योपैथी ने उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही उन्होंने हेल्थ और वेलनेस के डॉक्टर डॉ. राजन शंकरन के अप्रोच की भी तारीफ की है। 

 

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अनुष्का के पोस्ट पर छिड़ी बहस

अनुष्का ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर डॉक्टर शंकरन और नमिता थापर के बातचीत का वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ‘होम्योपैथी मेरी जिंदगी का अहम हिस्सा रहा है और डॉक्टर राजन शंकरन उस जर्नी का अहम हिस्सा रहे हैं। हेल्थ और माइंडफुल लिविंग पर मैं उनकी गहरी समझी को बहुत अहमियत देती हूं।’ इस वीडियो में डॉक्टर शंकरन का कहना है कि होम्योपैथी बीमारी नहीं इंसान के पूरे इलाज पर भरोसा रखता है।

 

 

अनुष्का के इस पोस्ट का कई होम्योपैथी डॉक्टर ने स्वागत किया है। सोशल मीडिया पर एक होम्योपैथी की डॉक्टर ने बताया कि लोग हमारे प्रोफेशन का मजाक उड़ाते हैं लेकिन आपको फिर भी आना हमारे पास ही पड़ता है। अनुष्का के समर्थन में कुछ लोगों का कहना है कि यह हर व्यक्ति का निजी चुनाव है। कुछ का कहना है कि सेलेब्स पैसों के लिए कुछ भी बोल सकते हैं। ये अपनी पर्सनल लाइफ में क्या करते हैं? किसे पता है?

 

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द लिवर डॉक ने निकाली भड़ास

वहीं ‘द लिवर डॉक’ के नाम से मशहूर लिवर विशेषज्ञ डॉक्टर साइिएख एबी फिलिप्स अनुष्का के पोस्ट को देखकर भड़क गए। उन्होंने अपने पोस्ट में बताया, ‘होम्योपैथी की दवाइयों सिर्फ पानी, अल्कोहल और चीनी की गोलियां होती है जिसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘कुछ लोगों को लगता है कि उनकी बीमारी होम्योपैथी दवाई लेने से ठीक हुई है लेकिन कई बीमारियां समय के साथ खुद ठीक हो जाती है। यूके एनएचएस, फ्रांस, स्पेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने इसकी फंडिंग को रोक दिया है लेकिन भारत में इसे आयुष मंत्रालय के तहत मान्यता दी गई है।’

 

 

 

डॉक्टर लिवर डॉक ने अपने पोस्ट में कहा, ‘ये सिर्फ चीनी की मीठी गोलियां हैं और सेलिब्रिटीज इसका प्रमोशन भी कर रहे हैं। इनमें से कोई भी डॉक्टर नहीं है। आप अपने बच्चों को ये दवाइयां न दें।’

प्रतिदिन करें विष्णु चालीसा का पाठ, भगवान विष्णु देंगे मोक्ष


सनातन धर्म के अनुसार भगवान विष्णु ही सृष्टि के पालनहार हैं। उनकी कृपा से कोई भी भक्त अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते है। भगवान विष्णु की आराधना करने से भक्त दुखों पर विजय पाते हैं। साथ ही विष्णु चालीसा पढ़ने से भक्त को सुख, संपत्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस वजह से कई धार्मिक जानकारों का मानना है कि हर भक्त को कोशिश करनी चाहिए कि वह भगवान विष्णु की पूजा के बाद विष्णु चालीसा का पाठ करें।


कई लोग सिर्फ एकादशी के दिन विष्णु चालीसा का पाठ करते हैं, जबकि उन्हें कोशिश करनी चाहिए कि वे हर रोज कम से कम एक बार विष्णु चालीसा पढ़ें। जो लोग हर रोज विष्णु चालीसा नहीं पढ़ पाते हैं, उन्हें कोशिश करनी चाहिए कि वे गुरुवार के दिन विष्णु चालीसा का पाठ करें। गुरुवार को भगवान विष्णु का दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक, विष्णु चालीसा पढ़ने से भक्तों को न सिर्फ भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि मां लक्ष्मी की कृपा भी बरसती है।

 

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विष्णु चालीसा

 

दोहा

 

विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय।
कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय।


 
चौपाई

 


नमो विष्णु भगवान खरारी।
कष्ट नशावन अखिल बिहारी॥
 
प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी।
त्रिभुवन फैल रही उजियारी॥
 
सुन्दर रूप मनोहर सूरत।

सरल स्वभाव मोहनी मूरत॥
 
तन पर पीतांबर अति सोहत।
बैजन्ती माला मन मोहत॥
 
शंख चक्र कर गदा बिराजे।
देखत दैत्य असुर दल भाजे॥
 
सत्य धर्म मद लोभ न गाजे।
काम क्रोध मद लोभ न छाजे॥
 
संतभक्त सज्जन मनरंजन।
दनुज असुर दुष्टन दल गंजन॥
 
सुख उपजाय कष्ट सब भंजन।
दोष मिटाय करत जन सज्जन॥

 

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पाप काट भव सिंधु उतारण।
कष्ट नाशकर भक्त उबारण॥
 
करत अनेक रूप प्रभु धारण।
केवल आप भक्ति के कारण॥
 
धरणि धेनु बन तुमहिं पुकारा।
तब तुम रूप राम का धारा॥
 
भार उतार असुर दल मारा।
रावण आदिक को संहारा॥
 
आप वराह रूप बनाया।
हरण्याक्ष को मार गिराया॥
 
धर मत्स्य तन सिंधु बनाया।
चौदह रतनन को निकलाया॥
 
अमिलख असुरन द्वंद मचाया।
रूप मोहनी आप दिखाया॥
 
देवन को अमृत पान कराया।
असुरन को छवि से बहलाया॥

 

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कूर्म रूप धर सिंधु मझाया।
मंद्राचल गिरि तुरत उठाया॥
 
शंकर का तुम फन्द छुड़ाया।
भस्मासुर को रूप दिखाया॥
 
वेदन को जब असुर डुबाया।
कर प्रबंध उन्हें ढूंढवाया॥
 
मोहित बनकर खलहि नचाया।
उसही कर से भस्म कराया॥
 
असुर जलंधर अति बलदाई।
शंकर से उन कीन्ह लडाई॥
 
हार पार शिव सकल बनाई।
कीन सती से छल खल जाई॥
 
सुमिरन कीन तुम्हें शिवरानी।
बतलाई सब विपत कहानी॥

 

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तब तुम बने मुनीश्वर ज्ञानी।
वृन्दा की सब सुरति भुलानी॥
 
देखत तीन दनुज शैतानी।
वृन्दा आय तुम्हें लपटानी॥
 
हो स्पर्श धर्म क्षति मानी।
हना असुर उर शिव शैतानी॥
 
तुमने ध्रुव प्रहलाद उबारे।
हिरणाकुश आदिक खल मारे॥
 
गणिका और अजामिल तारे।
बहुत भक्त भव सिन्धु उतारे॥
 
हरहु सकल संताप हमारे।
कृपा करहु हरि सिरजन हारे॥
 
देखहुं मैं निज दरश तुम्हारे।
दीन बन्धु भक्तन हितकारे॥
 
चहत आपका सेवक दर्शन।
करहु दया अपनी मधुसूदन॥
 
जानूं नहीं योग्य जप पूजन।
होय यज्ञ स्तुति अनुमोदन॥
 
शीलदया सन्तोष सुलक्षण।
विदित नहीं व्रतबोध विलक्षण॥

 

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करहुं आपका किस विधि पूजन।
कुमति विलोक होत दुख भीषण॥
 
करहुं प्रणाम कौन विधिसुमिरण।
कौन भांति मैं करहु समर्पण॥
 
सुर मुनि करत सदा सेवकाई।
हर्षित रहत परम गति पाई॥
 
दीन दुखिन पर सदा सहाई।
निज जन जान लेव अपनाई॥
 
पाप दोष संताप नशाओ।
भव-बंधन से मुक्त कराओ॥
 
सुख संपत्ति दे सुख उपजाओ।
निज चरनन का दास बनाओ॥
 
निगम सदा ये विनय सुनावै।
पढ़ै सुनै सो जन सुख पावै॥

 

 दोहा 

भक्त हृदय में वास करें पूर्ण कीजिये काज ।
शंख चक्र और गदा पद्म हे विष्णु महाराज ॥