इजरायल की घरेलू खुफिया एजेंसी शिन बेट ने पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट की हत्या की साजिश रचने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार 22 वर्षीय युवक की पहचान अमी गैदारोव के रूप में हुई है। वह हाइफा का रहने वाला है। इजरायली पुलिस और शिन बेट के मुताबिक युवक ईरान के संपर्क में था और विस्फोटक तैयार कर रहा था, ताकि पूर्व पीएम नेफ्ताली बेनेट को की हत्या को अंजाम दिया जा सके।
इजरायली खुफिया एजेंसी ने बताया कि आरोपी युवक 2025 के अगस्त महीने से ही ईरानी हैंडलर के संपर्क में था। भारी धनराशि के बदले वह कई कार्यों को अंजाम कर चुका था। अबकी बार उसे विस्फोटक सामग्री तैयार करने का निर्देश मिला था।
उसने विशेष संचार उपकरण खरीदे, ताकि अपने हैंडलर और सहयोगियों से सुरक्षित तरीके से बाचती की जा सके। उसने हाइफा में ही एक अपार्टमेंट भी किराये पर लिया। उसने अपनी हर गतिविधि की फोटो और वीडियो बनाए। इन्हें आगे ईरानी हैंडलरों तक भेजा। इससे ईरानी हैंडलर को इससे काम पूरा होने का मैसेज गया। आरोपी ने ईरानी हैंडलर के कहने पर विस्फोटक सामग्री जुटाई और कुछ अन्य लोगों को भी भर्ती किया।
इजरायली पुलिस ने दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है। उन्होंने कच्चा माल हासिल करने, विस्फोटक को छिपाने और टेस्टिंग करने में मदद की। आरोपियों ने इजरायल के अंदर कई स्थानों पर अलग-अलग जगह विस्फोटक का परीक्षण भी किया था।
ईरान पर इजरायली हमले के वक्त गैदारोव को खुफिया जानकारी जुटाने का काम मिला। उसे हाइफा बंदरगाह और मिसाइल से तबाह होने वाली जगह की तस्वीरें लेने को कहा गया था। हालांकि अमी गैदारोव कोई घटना को अंजाम देता, उससे पहले ही मार्च महीने में उसे लाहाव 433 राष्ट्रीय अपराध इकाई और शिन बेट के संयुक्त अभियान में गिरफ्तार कर लिया गया।
देशभर में मौसम का मिजाज बदला है। इस साल अप्रैल महीने में भी तापमान सामान्य से काफी कम है। उत्तर भारत से दक्षिण भारत तक मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, देशभर में अगले कुछ दिनों तक मौसम की मार जारी रह सकती है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया है कि एक पश्चिमी विक्षोभ अभी भी सक्रिय और इसका असर अगले कुछ दिनों तक रह सकता है। इससे उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के साथ-साथ 12 राज्यों में आंधी-बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण किसान परेशान हैं
दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक मौसम साफ रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 9 अप्रैल से 11 अप्रैल तक मौसम साफ रहने का अनुमान है। कल दिल्ली में भले ही बारिश हुई हो लेकिन अगले कुछ दिनों तक अब मौसम साफ रहने वाला है। बीते करीब एक महीने से मौसम में बदलाव के कारण वायु प्रदूषण से भी लोगों को राहत मिली है। हालांकि, आने वाले 3 से 4 दिनों तक तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।
देश के सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने यूपी के बांदा, फतेहपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई फरेखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सहारनपुर, शामती मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद मैनपुरी, इटावा, औरेया और बिजनौर में बारिश होने की संभावना जताई है। इसके साथ ही आसमानी बिजली गिरने की भी संभावना है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में कुछ जिलों में ओले गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है। गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा के आसपास के इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
बिहार में कैसा रहेगा मौसम?
बिहार में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने आंधी बारिश और ठनका गिरने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बिहार के दरभंगा, मधुबनी, अररिया, समस्तीपुर, वैशाली, सिवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और किशनगंज समेत आसपास के जिलों में आज हल्की बारिश हो सकती है। कल यानी 10 अप्रैल से मौसम शुष्क रहने की संभावना है और किसी भी हिस्से में बारिश होने की संभावना नहीं है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश की बात करें तो इन दोनों राज्यों के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। पश्चिमी विक्षोभ का असर राजस्थान में भी देखने को मिलेगा और राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। हालांकि, आज रात से मौसम में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है। कल से तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी और गर्मी का दौर शुरू हो सकता है। हालांकि, आज कुछ जिलों में हल्की बारिश और ओले गिरने की संभावना है। राज्य के 10 से ज्यादा शहरों में अभी तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे है और अगले 10 दिनों तक मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है।
मध्य प्रदेश के 32 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकला, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, निवाड़ी, मैहर, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर और टीकमगढ़ में बारिश होने की संभावना है। इस राज्य में भी राजस्थान की तरह ही कल से मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
पहाड़ी राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?
पश्चिमी विक्षोभ का असर देश के पहाड़ी राज्यों में भी देखने को मिल रहा है, जहां मौसम की गतिविधायां जारी हैं। उत्तराखंड के कुछ पर्वतीय हिस्सों में बर्फबारी जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, 9 अप्रैल को राज्य में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कल भी मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है जिससे तापमान में और ज्यादा गिरावट दर्ज की जाएगी।
हिमाचल की बात करें तो हिमाचल के कई हिस्सों में आज बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई जिलों में बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने शिमला, कांगड़ा, कसौल, कुफरी समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
अन्य राज्यों का हाल
मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के करीब 13 राज्यों में आंधी-तूफान, गरज-चमक और अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है। दक्षिण भारत में केरल, गोवा और तमिलाडु में मौसम खराब रहने की संभावना है। इसके साथ ही ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। आज असम और मेघालय में भारी बारिश और ओले गिरने की संभावना है, जिसको देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर दिया है। इसके अलावा पूर्वोत्तर के ज्यादातर राज्यों में मौसम की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं और यह 11 अप्रैल तक जारी रह सकती हैं।
ग्लोइंग स्किन पाने के लिए लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का उपयोग करते हैं लेकिन फल और सब्जियों के छिलकों की सहायता से हम ग्लोइंग स्किन पा सकते हैं। जिन्हें हम अक्सर बेकार समझकर कूड़ेदान में फेंक देते हैं, वे वास्तव में स्किन के लिए किसी खजाने से कम नहीं हैं। आलू, केले, पपीते, संतरे और खीरे के छिलकों में विटामिन सी, ए, एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, जो स्किन को अंदर से पोषण देते हैं। ये न सिर्फ डार्क सर्कल, पिग्मेंटेशन और टैनिंग को कम करने में मदद करते हैं बल्कि स्किन को नेचुरल ग्लो बनाए रखने में भी काफी असरदार साबित होते हैं। खास बात यह है कि ये उपाय पूरी तरह से नेचुरल होते हैं, जिससे साइड इफेक्ट्स का खतरा भी बहुत कम होता है।
अगर आप रोजमर्रा की जिंदगी में इन छिलकों का सही तरीके से इस्तेमाल करना सीख जाएं तो बिना ज्यादा खर्च किए आप अपनी स्किन की देखभाल कर सकते हैं। जो चीजें अब तक आपके लिए सिर्फ कचरा थीं, वही अब आपकी स्किन के लिए सबसे सस्ता, आसान और असरदार ब्यूटी सीक्रेट बन सकती हैं। अब सवाल उठता है कि इन छिलकों को अपने चेहरे और स्किन पर कैसे लगाएं, जिससे हमारी स्किन ग्लो करे।
आलू के छिलके हमारी स्किन का ग्लो बढ़ा सकते हैं क्योंकि इनमें विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जिससे हमारे चेहरे पर न सिर्फ ग्लो आता है बल्कि दाग-धब्बे भी हल्के होने लगते हैं। आलू के छिलकों को चेहरे पर कई तरह से लगाया जा सकता है।
कैसे करें यूज?
आलू के छिलकों का प्रयोग हम अपनी स्किन की समस्या के मुताबिक कर सकते हैं। जैसे, अगर हमारे चेहरे पर दाग-धब्बे हैं, तो आलू के छिलके को चेहरे पर 5 से 10 मिनट रगड़ लें, उसके बाद साफ पानी से चेहरा धो लें। जिन लोगों की आंखों के पास डार्क सर्कल हैं, वे आलू के छिलके का रस निकाल लें, उसमें रुई डुबोकर आंखों के पास रख दें।
केले के छिलकों में पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो चेहरे के पिंपल्स कम करने के लिए फायदेमंद होते हैं। केले के छिलकों का उपयोग न केवल चेहरे बल्कि हाथ-पैर पर रगड़ने से भी स्किन में नमी बनाए रखता है। इसके उपयोग से स्किन को पोषण मिलता है, जिससे ज्यादा उम्र के लोगों की स्किन भी जवान दिख सकती है।
कैसे करें यूज?
केले के छिलकों का स्किन केयर के लिए प्रयोग करना सबसे आसान और सरल है। सबसे पहले केले के छिलकों को साफ पानी से धो लें, उसके बाद उन्हें चेहरे पर हल्के हाथों से रगड़ें। इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो बार इस्तेमाल कर सकते हैं।
संतरे के छिलकों में विटामिन सी होता है, जो हमारे चेहरे की चमक बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा यह चेहरे को फ्रेश बनाए रखने में भी सहायक होता है। इसका उपयोग हम फेस पैक के तौर पर कर सकते हैं।
कैसे करें यूज?
संतरे के छिलकों को सबसे पहले धूप में सुखा लें, उसके बाद उन्हें पीसकर एक जार में रख लें। फिर हफ्ते में दो दिन उस पाउडर को दूध या दही में मिलाकर पेस्ट बना लें और चेहरे पर लगाएं। पेस्ट लगाने के 15 मिनट बाद चेहरा धो लें।
4. पपीते के छिलके
पपीते के छिलकों में विटामिन ए और सी होते हैं, जो हमारे चेहरे की डेड स्किन को हटाकर नई और चमकदार स्किन लाने में मदद करते हैं। इनके उपयोग से चेहरा पहले से ज्यादा जवान और मुलायम बन जाता है, जिससे व्यक्ति की सुंदरता और बढ़ जाती है।
पपीते के छिलकों को सबसे पहले सुखा लें, उसके बाद उन्हें मिक्सर की सहायता से पीस लें और पाउडर को एक डिब्बे में रख लें। फिर इस पाउडर को एलोवेरा जेल में मिलाकर लगा सकते हैं। 2 चम्मच छिलके के पाउडर में 1 चम्मच एलोवेरा जेल मिलाकर पेस्ट बना लें।
5. खीरे के छिलके
खीरे के छिलके हमारे चेहरे के ब्लैकहेड्स और पोर्स की गंदगी दूर करने में मदद करते हैं। इसके अलावा इनके उपयोग से चेहरे के दाग-धब्बे भी कम हो जाते हैं। साथ ही खीरे के छिलकों को चेहरे पर लगाने से स्किन फ्रेश महसूस करती है।
कैसे करें यूज?
खीरे के छिलकों को साफ पानी से धो लें, उसके बाद उन्हें पीस लें। फिर इस पेस्ट को चेहरे पर 10 से 15 मिनट के लिए लगाएं और बाद में धो लें। इस तरह जिन छिलकों को आप अब तक बेकार समझते थे, वही आपकी स्किन के लिए एक असरदार और नेचुरल ब्यूटी सीक्रेट बन सकते हैं।
हिंदू धर्म में वरुथिनी एकादशी व्रत का खास महत्व है। इस व्रत में सभी भक्त भगवान विष्णु की उपासना करते हैं। हिंदू पंचांग के मुताबिक यह व्रत वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष में मनाया जाता है, जो इस साल अप्रैल महीने में पड़ रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो व्यक्ति इस व्रत को पूर्ण श्रद्धा और सच्ची भावना से रखता है, उनकी सभी मनोकामनाएं भगवान विष्णु पूरी करते हैं। धार्मिक जानकारों के मुताबिक वरुथिनी एकादशी के व्रत को किसी सन्यांसी के 10 हजार साल की तपस्या के बराबर माना गया है। इस व्रत को रखने से भक्तों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।
इस साल कई लोगों को कन्फ्यूजन है कि वरुथिनी एकादशी व्रत की सही तारीख क्या है। जहां कुछ लोगों का मानना है कि 13 अप्रैल को व्रत हैं, वहीं कुछ लोगों को लगता है कि यह व्रत 14 अप्रैल को है। ऐसे में सवाल उठता है कि किस दिन व्रत रखना शुभ रहेगा? आइए जानते हैं सही तारीख, पारण का समय और पूजा विधि।
साल 2026 में वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है। इस साल यह व्रत सोमवार के दिन पड़ रहा है। एकादशी तिथि 13 अप्रैल की रात 1:16 बजे शुरू होगी और 14 अप्रैल की रात 1:08 बजे समाप्त होगी।
कब करें पारण?
वरुथिनी एकादशी व्रत का पारण 14 अप्रैल की सुबह 6:54 बजे से शुरू होकर 8:31 बजे तक रहेगा। इस समय के बीच पारण करना सबसे शुभ माना जाता है।
पूजा की विधि
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर घर के पूजा स्थान या मंदिर में जाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। पूजा के दौरान भगवान को फल, फूल और मिठाई का भोग लगाएं। इसके बाद शुद्ध देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें। भगवान की पूजा के बाद तुलसी जी की पूजा अवश्य करें। इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद लोगों को दान देना चाहिए। दान में कपड़े और अन्न दे सकते हैं। जो लोग व्रत नहीं रखते, उन्हें भी इस दिन चावल खाने से बचना चाहिए।
दिन में न सोएं – व्रत रखने वाले लोगों को दोपहर में सोने से बचना चाहिए। नकारात्मक भाषा का प्रयोग न करें – इस दिन गुस्सा करने और झूठ बोलने से बचें। तामसिक भोजन न करें – लहसुन, प्याज, मांस और शराब से दूर रहें। चावल न खाएं -जो लोग व्रत नहीं रखते, उन्हें भी चावल खाने से बचना चाहिए। तुलसी के पत्ते न तोड़ें – इस दिन तुलसी जी की पूजा की जाती है इसलिए पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि नहीं की जाती है।
28 फरवरी को ईरान के साथ जारी युद्ध के बाद पहली बार इजरायली सेना ने लेबनान में सबसे बड़ा हमला किया है। इजरायली वायुसेना के मुताबिक 10 मिनट में 100 ठिकानों पर 160 से अधिक बमों से हमला किया गया है। दक्षिणी लेबनान, बेका घाटी और राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह के कमांड और अन्य बुनियादी ढांचों को तबाह किया गया है।
इजरायली सेना ने अपने बयान में बताया कि ऑपरेशन रोरिंग लायन के बाद हिजबुल्लाह के खिलाफ यह सबसे बड़ा हमला है। इनमें से कई ठिकानें आबादी के बीचोंबीच मौजूद थे। यह हिजबुल्लाह की वह घिनौनी साजिश है, जिसमें वह लेबनानी नागरिकों को मानव ढाल बनाता है, ताकि वह अपने अभियान को सुरक्षित रख सके। इजरायली सेना ने आगे बताया कि उसने हमलों में रादवान फोर्स, सौनिक यूनिट के बुनियादी ढांचे, रॉकेट, खुफिया मुख्यालय और कार्यालय को निशाना बनाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल की ताजा बमबारी में पूरे लेबनान में सैकड़ों नागरिकों की जान गई है। अदलून शहर में तीन लड़कियों की मौत हुई है। वहीं तटीय शहर सैदा में लेबनान के प्रसिद्ध शिक्षाविद और धार्मिक शख्सियत अल-नाबुलसी की मौत की भी खबर है। उधर, बेका घाटी के एक गांव में अंतिम संस्कार हो रहा था। तभी यहां इजरायल ने हमला कर दिया। कम से कम 10 लोगों की मौत की खबर है। रेड क्रॉस का कहना है कि हमले के बाद से 100 एंबुलेंस लोगों को मदद पहुंचा रही हैं।
निहत्थे लोगों को मार रहा इजरायल: लेबनानी पीएम
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इजरायल पर घनी आबादी वाले इलाके पर हमला करने और निहत्थे लोगों को मारने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘इजरायल युद्ध को रोकने के सभी क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की पूरी तरह से अनदेखी कर रहा है। वह अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के सिद्धांतों का भी पूरी तरह से उल्लंघन कर रहा है।’ लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इजरायली हमलों को बर्बर बताया और कड़ी निंदा की।
युद्धविराम के बाद ईरान ने कहां-कहां किया हमला?
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के कुछ घंटे बाद ही लवान द्वीप पर स्थित एक ईरानी तेल रिफाइनरी पर हमले की खबर है। बदले में ईरान ने कुवैत, बहरीन और यूएई पर हमला करके जवाब दिया है। हालांकि इजरायल ने हमले की बाद से इंकार किया है।
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश का एयर डिफेंस सिस्टम ईरानी मिसाइलों और ड्रोन का सामना कर रहा है। वहीं बुधवार तड़के अबू धाबी के हबशान गैस परिसर में मलबा गिरने से लगी आग के बाद यहां अस्थायी तौर पर परिचालन निलंबित कर दिया गया है। दो अमीराती और एक भारतीय नागरिक के घायल होने की भी खबर है।
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान के शत्रुतापूर्ण हमलों का जवाब दिया है। कुल 28 ड्रोन को मार गिराया है। कुछ ड्रोनों ने बिजली और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है।
बहरीन की राजधानी मनामा में बुधवार सुबह तेज धमाकों की आवाज सुनी गई। बहरीन के गृह मंत्रालय ने हमलों की पुष्टि की और कहा कि मलबा गिरने से दो नागरिकों को मामूली चोट आई है। कई घरों को नुकसान पहुंचा है। उधर, सऊदी अरब ने भी बताया कि कुछ घंटे में ही नौ ड्रोनों को रोका गया है।
पश्चिम एशिया संकट का असर देश की जीडीपी वृद्धि पर पड़ने का अनुमान है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने चेताया है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वित्त वर्ष 2027 में विकास दर कम रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 में जहां अनुमानित विकास दर 7.6 फीसद थी। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में इसके 6.9 रहने का अनुमान है। बता दें कि ईरान युद्ध के कारण सप्लाई चेन में रुकावट आई है। ईंधन की बढ़ती कीमत का असर अन्य क्षेत्रों पर पड़ रहा है।
आईबीआई ने बुधवार को वित्तवर्ष 2026-27 के लिए पहली द्वि-मासिक मौद्रिक नीति जारी की। आईबीआई की मौद्रिक नीति कमेटी ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। 5.25% रेपो रेट को बरकरार रखा। वित्तीय वर्ष 2027 में जीडीपी विकास दर 6.9 फीसद रहने का अनुमान है। पहले क्वार्टर में यह अनुमान 6.9% से घटाकर 6.8% कर दिया गया है। वहीं दूसरे क्वार्टर में भी इसे 7% से घटाकर 6.7% कर दिया गया है। तीसरे और चौथे क्वार्टर में अनुमानित विकास दर 7% और 7.2% रहने का अनुमान है।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि प्रमुख शिपिंग मार्गों में व्यवधान और माल ढुलाई व बीमा लागत में इजाफा के कारण माल निर्यात पर बुरा असर पड़ सकता है। दूसरी ओर सेवा क्षेत्र में लगातार बनी गति, जीएसटी युक्तिकरण का बना हुआ असर, विनिर्माण क्षेत्र में बढ़ती क्षमता उपयोगिता और वित्तीय संस्थानों व कॉरपोरेट्स की मजबूत बैलेंस शीट घरेलू मांग को समर्थन देना जारी रखेंगी।
आरबीआई गवर्नर ने आगे कहा कि भारत के व्यापक आर्थिक बुनियादी तत्व मजबूत वृद्धि और कम मुद्रास्फीति के साथ आत्मविश्वास जगाते हैं। मार्च में संघर्ष क्षेत्र के विस्तार और उसके तेज होने के साथ स्थितियां प्रतिकूल हो गईं। उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से विकास में बाधा आ सकती है। वहीं आयातित मुद्रास्फीति बढ़ने की संभावना है।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी तत्व मौजूदा समय में पिछले संकटों और कई अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक मजबूत स्थिति में हैं। यह इसे झटकों को झेलने की अधिक क्षमता देते हैं। मगर ऊर्जा की बढ़ती कीमतें, अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई व बीमा लागत से जुड़ी अधिक इनपुट लागत, साथ ही सप्लाई चेन में रुकावटें वृद्धि को बाधित करेंगी।
उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति समिति का मानना है कि संघर्ष की तीव्रता और अवधि तथा इसके नतीजे में ऊर्जा और अन्य बुनियादी ढांचों को होने वाला नुकसान मुद्रास्फीति और वृद्धि के लिहाज से जोखिम पैदा करता है।
आज 7 अप्रैल 2026 को पूरी दुनिया ‘वर्ल्ड हेल्थ डे’ मना रही है। इस साल की थीम स्वास्थ्य को हर किसी की पहुंच में लाने पर जोर देती है और जब बात अच्छी सेहत की आती है, तो बॉलीवुड के ये दिग्गज कलाकार सबसे बड़े उदाहरण बनकर सामने आते हैं। अक्सर 50 की उम्र के बाद लोग फिटनेस को लेकर ढीले पड़ जाते हैं लेकिन अक्षय कुमार (58), अनिल कपूर (69), और सुनील शेट्टी (64) जैसे सितारों ने यह साबित कर दिया है कि सही लाइफस्टाइल से बुढ़ापे को भी मात दी जा सकती है। इन सितारों ने अपनी डेली लाइफ में कड़े अनुशासन, कुदरती खान-पान और सही वर्कआउट को इस तरह शामिल किया है कि ये अपनी उम्र से कहीं ज्यादा जवान और एक्टिव नजर आते हैं।
बॉलीवुड के ये सुपरस्टार्स न सिर्फ अपनी फिल्मों के लिए बॉडी बनाते हैं, बल्कि बीमारियों से दूर रहने के लिए भी खुद को मेंटेन रखते हैं। इंटरनेट और मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार, इन एक्टर्स ने अपनी डाइट से लेकर सोने-जागने के समय तक में ऐसे बदलाव किए हैं, जो उनकी ‘एवरग्रीन’ इमेज को बरकरार रखते हैं। वर्ल्ड हेल्थ डे के इस मौके पर हमने इन सितारों के उन फिटनेस सीक्रेट्स को निकाला है, जो उन्हें आज भी इस इंडस्ट्री का सबसे फिट अभिनेता बनाते हैं।
फिटनेस के मामले में उम्र को मात देने वाले बॉलीवुड सुपरस्टार्स
इंटरनेट पर मौजूद जानकारी और इन सितारों के इंटरव्यूज को देखें तो यह साफ पता चलता है कि इनकी फिटनेस के पीछे कोई जादुई दवा नहीं, बल्कि सालों की कड़ी मेहनत है। इन एक्टर्स ने अपनी लाइफस्टाइल में कुछ ऐसे छोटे और आसान बदलाव किए हैं, जो इन्हें 50 की उम्र के बाद भी सुपर-एक्टिव बनाए रखते हैं। इन सितारों के वर्कआउट और डाइट प्लान को देखकर कोई भी अपनी सेहत सुधारने की प्रेरणा ले सकता है।
अक्षय कुमार का फिटनेस रूटीन
अक्षय कुमार को बॉलीवुड का सबसे अनुशासित खिलाड़ी माना जाता है। उनका मंत्र बहुत सीधा है ‘प्रकृति के करीब रहना’। अक्षय रोज सुबह सूरज निकलने से पहले 4 बजे उठ जाते हैं और किक-बॉक्सिंग, स्विमिंग या योगा करते हैं। वह जिम की भारी मशीनों के बजाय अपने शरीर के वजन से एक्सरसाइज करना पसंद करते हैं। उनकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह शाम 7 बजे के बाद खाना नहीं खाते और चीनी या बाहर के जंक फूड से पूरी तरह दूरी बनाकर रखते हैं।
सलमान खान का वर्कआउट प्रेम
60 साल की उम्र में भीसलमान खान की मस्कुलर बॉडी हर किसी को हैरान कर देती है। सलमान अपनी फिटनेस के लिए घंटों जिम में पसीना बहाते हैं। वह भारी वेट ट्रेनिंग के साथ-साथ लंबी दूरी तक साइकिलिंग करना भी पसंद करते हैं। सलमान की डाइट में प्रोटीन का खास ध्यान रखा जाता है, जिसमें मछली, चिकन और अंडे की सफेदी शामिल होती है। वह अक्सर देर रात को भी वर्कआउट करते हैं ताकि उनकी फिटनेस में कोई कमी न आए।
अनिल कपूर की एवरग्रीन सेहत
69 साल की उम्र में भी अनिल कपूर की फर्ती का कोई जवाब नहीं है। वह रोजाना दौड़ने और हल्की वेट ट्रेनिंग को समय देते हैं। अनिल कपूर की फिटनेस का एक बड़ा हिस्सा उनकी डाइट है, वह दिन भर में 5-6 बार थोड़ा-थोड़ा खाना खाते हैं जिसमें प्रोटीन और ताजी सब्जियां भरपूर होती हैं। वह अक्सर कहते हैं कि खुश रहना और टेंशन कम लेना ही हमेशा जवान दिखने का असली राज है।
सुनील शेट्टी की स्ट्रौंग बॉडी
सुनील शेट्टी आज के दौर में फिटनेस के सबसे बड़े आइकन बनकर उभरे हैं। उन्होंने उम्र के इस पड़ाव पर अपनी बॉडी को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बनाया है। सुनील शेट्टी सुबह जल्दी उठकर योग और प्राणायाम करते हैं और पूरी तरह से घर के बने सादे खाने पर भरोसा करते हैं। उनका मानना है कि उम्र बढ़ने के बाद बहुत भारी वजन उठाने के बजाय शरीर के लचीलेपन पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए ताकि चोट न लगे।
60 साल के मिलिंद सोमन किसी महंगे जिम के मोहताज नहीं हैं। वह अक्सर लंबी दूरी की मैराथन नंगे पैर दौड़कर पूरी करते हैं। मिलिंद का मानना है कि इंसान को हर वक्त एक्टिव रहना चाहिए। वह बाजार में मिलने वाले डिब्बाबंद खाने या प्रोटीन शेक के बजाय घर की बनी दाल-रोटी, फल और सूखे मेवे खाना पसंद करते हैं। उनकी फिटनेस यह बताती है कि अगर आप सादगी और अनुशासन से रहें, तो उम्र सिर्फ एक गिनती बनकर रह जाती है।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सुरा देवी मंदिर स्थित है, जो देहरादून के पहाड़ों के बजाय राजपुर गांव के पास घने जंगलों में स्थित है। सुरा देवी मंदिर के दर्शन करने दूर-दूर से लोग आते हैं। नवरात्रों के दिनों में हजारों लोग सुरा देवी मंदिर पहुंचते हैं। इस मंदिर में देवी वरुणी की पूजा-अर्चना की जाती है, जिन्हें देहरादून में सुरा देवी के नाम से जाना जाता है। सुरा देवी के बारे में मान्यता है कि उनका जन्म समुद्र मंथन से उत्पन्न चार अप्सराओं में से एक के रूप में हुआ था।
कई धार्मिक जानकारों का मानना है कि जो लोग सच्चे मन से अपनी मनोकामना पूरी होने की आशा लेकर आते हैं, उनकी मनोकामना पूरी होती है। इसके अलावा सुरा मां को भक्तों की रक्षा करने वाली देवी के रूप में जाना जाता है। अब सवाल उठता है कि सुरा देवी मंदिर की यात्रा किस महीने में करनी चाहिए, इसके अलावा यह भी सवाल उठता है कि इस मंदिर तक कैसे पहुंचें।
सुरा देवी मंदिर की स्थापना महंत नारायण दास ने कराई थी, जो साल 1854 से 1874 के बीच बनी थी। माना जाता है कि मंदिर की मूर्ति किसी कारीगर द्वारा बनाई नहीं गई थी बल्कि स्वयं प्रकट हुई थी। इस मंदिर के पास ही महंत नारायण दास का आश्रम है। माना जाता है कि समुद्र मंथन में चार अप्सराएं उत्पन्न हुई थीं, जिनमें से एक सुरा देवी थीं। उन्होंने राक्षस जालंधर से इंद्रदेव की रक्षा की थी, जिस वजह से उन्हें रक्षा की देवी के रूप में पूजा जाता है। यह मंदिर बेहद खूबसूरत है क्योंकि इसके आसपास सुंदर जंगल हैं, जहां अनेक पेड़-पौधे हैं।
मंदिर का दर्शन कब करें?
सुरा देवी मंदिर के दर्शन के लिए भक्त पूरे साल आते हैं लेकिन मंदिर के दर्शन का सबसे अच्छा समय शारदीय नवरात्र होता है। इस दौरान मंदिर के पास भव्य मेला लगता है और मंदिर को फूलों और लाइटों से सजाया जाता है। सितंबर और अक्टूबर के दौरान न ज्यादा गर्मी होती है और न ही ज्यादा ठंड होती है, इस वजह से भक्तों को मंदिर आने में ज्यादा थकान नहीं होगी।
सुरा देवी मंदिर के दर्शन के लिए आपको सबसे पहले अपने राज्य से बस, कार या ट्रेन द्वारा देहरादून पहुंचना होगा। उसके बाद आप राजपुर गांव बस या कार से जा सकते हैं, जो देहरादून से लगभग 3 घंटे दूर है। राजपुर गांव से सुरा देवी मंदिर 4.6 किलोमीटर दूर है, जहां जाने के लिए आप साइकिल, कार या बाइक का उपयोग कर सकते हैं। मंदिर जंगल के बीच स्थित है इसलिए कार और बाइक से जाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है क्योंकि रास्ता ऊबड़-खाबड़ और उतार-चढ़ाव से भरा है।
जिन लोगों को ट्रेकिंग का शौक है, वे राजपुर गांव से मंदिर तक पैदल ट्रेकिंग करके जा सकते हैं। मंदिर जाने से पहले ट्रेकिंग का अभ्यास कर लेना चाहिए ताकि रास्ते में कठिनाई का सामना न करना पड़े। राजपुर गांव से मंदिर तक पैदल जाने में लगभग 1.5 घंटा लग सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि नहीं की जाती है।
युद्ध शुरू होने के 39वें दिन अमेरिका और इजरायल ने पहली बार ईरान के रेल नेटवर्क को निशाना बनाया है। वहीं खार्ग द्वीप पर तेल निर्यात केंद्र और सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की भी खबर है। दूसरी तरफ ईरान भर में पुलों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया गया है। कोम शहर के बाहर स्थित एक पुल को अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में तबाह कर दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार रात भर अमेरिका और इजरायल की सेना ने तेहरान में भीषण बमबारी की। यहां के मेहराबाद एयरपोर्ट पर भी हमला किया गया है। खोरमाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अलावा एक अन्य एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया गया है। यहां खड़े हेलीकॉप्टर और विमानों को नष्ट किया गया है। तेहरान में ही एक यहूदी प्रार्थना स्थल बमबारी में पूरी तरह से नष्ट हो गया है। शिराज और इस्फहान जैसे शहरों से भीषण बमबारी की खबर आ रही है। रातभर हुई बमबारी में 15 लोगों की जान गई है।
इजरायल की सेना ने मंगलवार रात 9 बजे तक लोगों से ट्रेन से यात्रा न करने की अपील की, ताकि उन्हें किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। यह हमला इजरायली सेना द्वारा ईरानियों को स्थानीय समयानुसार रात 9 बजे (17:30 जीएमटी) तक अपनी “सुरक्षा” के लिए ट्रेनों का उपयोग न करने की चेतावनी जारी करने के बाद हुआ है। चेतावनी के कुछ देर बाद ही इजरायल ने ईरान के काशान में एक रेलवे पुल को उड़ा दिया। इसमें 2 लोगों की जान गई है। ईरान ने जवाब में विध्वंसक कार्रवाई की बात कही है। उधर, ईरान ने मशहद में रेलवे सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एहतियाती कदम के तौर पर सभी ट्रेनों को रद्द किया गया है। यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी।
ईरान ने तबाही मचाने की धमकी दी
अमेरिका और इजरायल के बढ़ते हमलों के बीच ईरान ने खाड़ी देशों में तबाही मचाने की धमकी दी है। माना जा रहा है कि अगर ईरान पर भारी बमबारी हुई तो वह खाड़ी देशों पर हमला करके बड़ा जवाब देने की कोशिश करेगा। मंगलवार को ऐसी ही एक प्रतिक्रिया देखने को मिली। शिराज शहर में इजरायल ने एक पेट्रोकेमिकल परिसर पर हमला किया। आईआरजीसी ने कहा कि उसने सऊदी अरब के जुबैल क्षेत्र में स्थित पेट्रोकेमिकल सुविधाओं पर जवाबी हमला किया है। यहां अमेरिकी कंपनियों सदरा, एक्सॉनमोबिल और डार्क केमिकल पर मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया है।
पुल और रेलवे पर हमला क्यों?
इजरायली मीडिया के मुताबिक ईरान भर में इजरायल ने 10 से अधिक पुलों और रेलवे ढांचे को निशाना बनाया। कराज और कजविन में रेललाइन को निशाना बनाया गया। काशान, तब्रीज-जंजन में पुलो को उड़ाया गया है। अमेरिकी आर्मी रेडिया ने बताया कि पुलों और रेलवे को इसलिए निशाना बनाया गया, ताकि ईरान की हथियार एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की क्षमता नष्ट हो जाए।
ईरान के अल्बोरज प्रांत में आवासीय इलाके पर हुए हमले में दो बच्चों समेत 18 लोग मारे गए हैं। तेहरान प्रांत के शाहरियार शहर में भी नौ लोगों की जान गई है। उधर, कुवैत में ईरानी हमले में अली अल सलेम हवाई अड्डे पर 15 अमेरिकी नागरिक घायल हुए हैं। इजरायल के हाइफा शहर में ईरानी मिसाइल हमले में चार लोगों की जान गई है। सऊदी अरब की सेना ने दावा किया है कि उसने मंगलवार को 18 ड्रोन रोके हैं। ईरान की धमकी के बाद सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने किंग फहद कॉजवे पुल को बंद कर दिया गया है।
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट अभी भी बंद है। स्ट्रेट के बंद होने की वजह से विश्व के देशों में एनर्जी की किल्लत जारी है। इस बीच भारत सरकार ने फर्टिलाइजर सकंपनियों को लेकर बड़ा कगम उठाया है। इसमें सरकार ने 6 अप्रैल से गैस की खरीद करके सरकारी फर्टिलाइजर प्लांट्स को उनकी छह महीने की एवरेज खपत का 90 फीसदी गैस सप्लाई बढ़ा दी है। यह बात पेट्रोलियम और प्राकृति गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कही है।
सुजाता शर्मा के मुताबिक, यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब तेल कंपनियों ने फ्यूल की उपलब्धता का प्रबंध करके बाजार से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की खरीदी की है। मिडिल ईस्ट में जंग की वजह से खाड़ी देशों से गैस औक क्रूड ऑयल में आई रुकावट की वजह से सरकार ने शुरू में फर्टिलाइजर (यूरिया) प्लांट्स को गैस सप्लाई जरूरत के लगभग 60 फीसदी तक सीमित कर दी थी। बादल में इसे 75-80 फीसदी तक बढ़ा दिया गया था।
कतर जैसे अन्य खाड़ी देशों से सरकार को LNG की सप्लाई बंद पड़ी है। इस स्थिती से निपटने के लिए भारतीय कंपनियां अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और रूस में दूसरे सप्लायर्स से LNG खरीद रही हैं।
देश में गैस की सप्लाई बढ़ी
सुजाता शर्मा ने कहा कि उपायों से देश में गैस की सप्लाई बढ़ी है। यही वजह है कि अलग-अलग सेक्टर्स के लिए सरकार ने कोटा बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क समेत दूसरे इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सेक्टर को गैस सप्लाई सोमवार से 10 फीसदी और बढ़ा दी जाएगी।
सबसे परीयता वाले सेक्टर्स को सबसे पहले गैस की सप्लाई दी जा रही है। इसमें घरेलू पाइप्ड कुकिंग गैस और ट्रांसपोर्ट के लिए सीएमजी की 100 फीसदी सप्लाई शामिल है।
उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों से कुकिंग गैस यानी एलपीजी सप्लाई पर असर पड़ रहा है। अभी भी बेहतर सप्लाई नहीं आ रही है लेकिन खाना पकाने के लिए लोगों को गैस सप्लाई ठीक से पूरी की जा रही है। उन्होंने आगे कहा, ‘मौजूदा जियोपॉलिटिकल हालात से एलपीजी सप्लाई पर असर पड़ रहा है लेकिन एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर किसी भी तरह की कमी की खबर नहीं है।’
सुजाता शर्मा ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य चल रही है। 1 मार्च 2026 से अब तक 18 करोड़ से ज्यादा सिलेंडर घरों में डिलीवर किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि होटलों और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाली कमर्शियल एलपीजी का राज्यों का कोटा, गैस संकट से पहले के लेवल का लगभग 70 फीसदी बढ़ा दिया गया है।