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परमा एकादशी पर व्रत कथा पढ़ना है जरूरी, मुहूर्त भी जान लीजिए


हिन्दू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। एकादशी का पर्व साल में 24 बार आता है, जिनमें परमा एकादशी का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने से भक्तों को न सिर्फ भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि गरीबी दूर होती है और जीवन में धन-संपत्ति की प्राप्ति भी होती है। इस साल परमा एकादशी 11 जून को है। इस दिन व्रत रखना सभी भक्तों के लिए बेहद लाभकारी माना गया है, जिससे सुख, संपत्ति और वैभव की प्राप्ति होती है। धार्मिक जानकारों के मुताबिक इस दिन सभी भक्तों को व्रत कथा पढ़नी चाहिए, ताकि व्रत का महत्व समझ में आए।

 

11 जून को रात 12 बजकर 57 मिनट पर परमा एकादशी व्रत शुरू हो रहा है। इस दिन व्रत रखने के साथ भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। उसके बाद व्रत कथा पढ़नी चाहिए और फिर मंत्रों का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से व्रत का दोगुना लाभ मिल सकता है।

 

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परमा एकादशी व्रत कथा

एक समय की बात है कि काम्पिल्य नगरी में सुमेधा नाम का एक ब्राह्मण अपनी पत्नी के साथ रहता था। वह बेहद दयालु था लेकिन उसे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा था। पति-पत्नी दोनों अत्यंत गरीबी में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे। ब्राह्मण दूसरों से भिक्षा मांगकर अपने लिए भोजन जुटाता था। वहीं ब्राह्मण की पत्नी पति और घर आए मेहमानों का बहुत आदर-सम्मान करती थी। जब घर में कोई अतिथि आता, तो वह स्वयं भूखी रहकर भी अतिथि को भोजन कराती थी।

 

एक दिन ब्राह्मण भिक्षा मांगने गया लेकिन लोगों ने उसे भिक्षा देने से मना कर दिया। इसके बाद उसने सोचा कि भिक्षा मांगने की बजाय परदेस जाना चाहिए, ताकि कोई काम करके धन कमा सके। उसने अपनी पत्नी से कहा, ‘हे प्रिय, गृहस्थी धन के बिना नहीं चलती। यदि तुम्हारी सहमति हो तो मैं परदेस जाकर कोई काम करूं, जिससे कुछ धन कमा सकूं। कई विद्वानों ने भी कर्म और मेहनत की सराहना की है।’

 

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इस पर ब्राह्मण की पत्नी ने कहा, ‘मनुष्य को उसके पिछले जन्म के कर्मों का फल मिलता है। सुमेरु पर्वत पर रहने पर भी बिना पुण्य कर्मों के स्वर्ण नहीं मिलता। जो व्यक्ति पिछले जन्म में विद्या और भूमि का दान करता है, उसे अगले जन्म में विद्या और भूमि की प्राप्ति होती है। कुल मिलाकर भगवान ने भाग्य में जो कुछ लिखा है, उसे टाला नहीं जा सकता। इस कारण हम जो कर्म करते हैं, उसी का फल हमें मिलता है।’

 

इसके बाद ब्राह्मण की पत्नी ने कहा कि उसे अकेला छोड़कर परदेस जाना उचित नहीं है। यह बातचीत एक ऋषि ने सुन ली, जिन्होंने सुमेधा ब्राह्मण की प्रशंसा की। पति-पत्नी ने ऋषि का आदर-सत्कार किया और उन्हें भोजन कराया। तब ऋषि ने दंपत्ति को बताया कि मलमास के कृष्ण पक्ष की परमा एकादशी का व्रत रखने से दुख और गरीबी दूर हो जाती है। ऋषि की बात मानकर दोनों ने परमा एकादशी का व्रत रखा। इसके प्रभाव से उनकी सारी परेशानियां दूर हो गईं और वे धनवान बन गए।

 

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परमा एकादशी में इन बातों का रखें ध्यान

 

1.परमा एकादशी के एक दिन पहले ही भक्तों को लहसुन, प्याज और मांस-मछली का सेवन नहीं करना चाहिए।
2.परमा एकादशी के दिन सुबह स्नान करें और स्नान के जल में गंगाजल मिलाएं।
 3. इस साल परमा एकादशी के दिन पीले रंग के कपड़े पहनें। साथ ही काले रंग के कपड़े न पहनें।
4. सुबह की पूजा के बाद व्रत कथा पढ़ें। जो लोग व्रत कथा नहीं पढ़ सकते, उन्हें व्रत कथा सुननी चाहिए।
5. परमा एकादशी के दिन जरूरतमंद लोगों को धन, अन्न और वस्त्र का दान करना चाहिए।

 

नोट- इस खबर में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी सत्यता या प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करते हैं।

एक हेलिकॉप्टर के बदले चौतरफा हमला, अब ईरान पर क्यों भड़क गया अमेरिका?


एक तरफ तो अमेरिकी राष्ट्रपति हर दिन एलान कर रहे हैं कि बातचीत आखिरी दौर में है और ईरान-इजरायल के बीच सब ठीक हो जाएगा। दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान फिर से भिड़ गए हैं। एक हेलिकॉप्टर मार गिराए जाने के बाद अमेरिका भड़क गया है और उसने ईरान के कई शहरों पर एक साथ हमला कर दिया है। इन हमलों के बाद ईरान ने भी कहा है कि जवाब दिया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बयान जारी करके सेना को निर्देश दिए हैं कि इस हमले का जवाब दिया जाए। अमेरिका के लिए राहत की बात है कि जिस हेलिकॉप्टर पर हमला हुआ उसमें सवार दोनों पायलट सुरक्षित हैं।

 

इस हमले और डोनाल्ड ट्रंप के एलान के बाद ईरान में कई जगहों पर धमाके सुने गए गए हैं। ईरानी मीडिया एजेंसियों के मुताबिक, बंदर अब्बास के अल्वा सिरीक, मिनाब और कोउहेस्तक जैसे शहरों में धमाके हुए हैं। अब अमेरिका ने बताया है कि उसने ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और सर्विलांस राडार साइट्स को निशाना बनाया है। दोनों तरफ से हुई इस तरह की कार्रवाई से शांति वार्ता प्रभावित हुई है। वह भी तब जब डोनाल्ड ट्रंप बार-बार इजरायल को समझा रहे हैं कि वह लेबनान में हमले रोक दे ताकि शांति स्थापित की जा सके।

 

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कैसे शुरू हुआ विवाद?

अमेरिका ने मंगलवार को बताया कि उसका एक अपाचे A-64 हेलिकॉप्टर मार गिराया गया है। बाद में यह भी पता चला कि दोनों पायलटों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बचाए जाने से पहले ये दोनों पायलट लगभग 2 घंटों तक समुद्र में ही थी। इस घटनाक्रम के बारे में ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है, ‘अगर हमारे क्षेत्र में कोई भी विदेशी ताकत घुसेगी तो उसे खतरा तो होगा ही। उनके साथ हादसा हो सकता है या वे क्रॉस फायरिंग का शिकार हो सकते हैं। सबसे अच्छा समाधान है कि वे यहां से चले जाएं।’

 

हेलिकॉप्टर पर हमले से भड़का अमेरिका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसके बारे में सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘मुझे सूचना मिली है कि ईरानियों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पेट्रोलिंग कर रहे हमारे एक अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराया। उसमें दो पायलट थे, दोनों सुरक्षित हैं। हालांकि, अमेरिका को इस हमले का जवाब देने की जरूरत है।’

 

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US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक बयान जारी करके कहा है कि आत्मरक्षा में शाम 5 बजे से ईरान के खिलाफ हमले शुरू किए गए हैं। CENTCOM ने बताया कि अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद कमांडर इन चीफ की अनुमति से यह ऑपरेशन शुरू किया गया है।

अब CENTOM ने एक और बयान जारी करके बताया है कि अमेरिकी एयर फोर्स और नेवी के फाइटर जेट्स के जरिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास स्थित ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और सर्विलांस राडार साइट्स पर हमला किया गया है। उसने एक बार फिर से दोहराया है यह हमला अमेरिकी सेना और समुद्र से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर हुए हमले के जवाब में किया गया। साथ ही, अमेरिका ने यह भी कहा है कि वह आगे भी ऐसी कार्रवाई के लिए तैयार है।

रेलवे की देरी से CRPF जवानों का बुरा हाल, शाम 5 बजे मिला सुबह का नाश्ता


चुनावी ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा बलों की आवाजाही व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर बताया है कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव ड्यूटी पर भेजे गए जवानों को न तो समय पर ट्रेन मिली और न ही समय पर भोजन। कई मामलों में जवानों को सुबह का नाश्ता शाम 5 बजे तक मिला, क्योंकि उनकी विशेष ट्रेनें 10 से 25 घंटे तक देरी से चलीं।

 

CRPF के इंस्पेक्टर जनरल की ओर से भेजे गए विस्तृत पत्र में यह शिकायत की गई है। यह पत्र चुनाव प्रक्रिया के अंतिम चरण के दौरान रेलवे बोर्ड को भेजा गया था। इसमें असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में तैनात जवानों को हुई परेशानियों का विस्तार से उल्लेख किया गया है।

 

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230 में से 200 ट्रेनें लेट

पत्र के मुताबिक, चुनाव ड्यूटी के लिए चलाई गई 230 स्पेशल ट्रेनों में से करीब 200 ट्रेनें लेट पहुंचीं। इनमें से 150 से ज्यादा ट्रेनें 10 से 15 घंटे तक देरी से चलीं, जबकि करीब 50 ट्रेनें तो 20 से 25 घंटे तक लेट रहीं। इस भारी देरी की वजह से जवानों के खाने और आराम की व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा।

 

देरी की वजह से खाने-पीने की पूरी व्यवस्था गड़बड़ा गई। कई बार जवानों को दिन का पहला खाना यानी सुबह का नाश्ता शाम 5 बजे के बाद मिला। IRCTC ने समय पर खाना पहुंचाने की कोशिश की लेकिन ट्रेनों के लगातार लेट होने की वजह से यह व्यवस्था ठीक से काम नहीं कर पाई।

 

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कोच की कमी और खराब व्यवस्था पर भी नाराजगी

CRPF ने अपने पत्र में यह भी बताया कि कई ट्रेनों में पर्याप्त कोच उपलब्ध नहीं कराए गए। जहां 24 कोच की जरूरत थी, वहां केवल 19 से 20 कोच दिए गए, जिससे जवानों को बेहद भीड़भाड़ में यात्रा करनी पड़ी। कई जगहों पर कोचों की सफाई और रखरखाव भी खराब पाया गया, जिससे महिला जवानों सहित सभी कर्मियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

सेलिब्रिटीज जैसे चमकदार और लंबे बाल चाहिए तो फॉलो करें ये घरेलू नुस्खे


हमारे खानपान और लाइफस्टाइल का प्रभाव हमारे बालों पर पड़ता है। इन दोनों चीजों की वजह से बाल झड़ने, सफेद बाल और पतले बाल की समस्या से गुजरना पड़ता है। इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आज भी दादी और नानी के नुस्खे सबसे ज्यादा फायदेमंद है। घेरलू नुस्खे बालों को मजबूत और चमकदार बनाए रखने में मदद करते हैं। इन घरेलू उपायों का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है।

 

कैटीरना कैफ, आलिया भट्ट, शिल्पा शेट्टी समते कई अभिनेत्रियां अपने बालों को खूबसूरत बनाए रखने के लिए इन उपायों का इस्तेमाल करती हैं। आइए इन घरेलू उपायों के बारे में जानते हैं।

 

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बालों को स्वस्थ रखने के लिए फॉलो करें ये टिप्स

कैटरीना कैफ मां बनने के बाद हाल ही में नजर आई थीं। उनके लंबे सुंदर बालों ने लोगों को दिल जीत लिया। कैटरीना अपने लंबे बालों के लिए खास तरीके का तेल लगाती है। वह नारियल तेल में प्याज, करी पत्ता, आंवला और मेथी के दानों को मिलाती है। इन सभी चीजों को मिलाकर वह तेल बनाती है और इसका इस्तेमाल अपने बालों में करती हैं। ये तेल स्कैल्प को मुलायम रखता है। साथ ही डैंड्रफ की समस्या से लड़ता और सफेद बालों की समस्या से भी छुटकारा दिलाता है।

 

आलिया भट्ट अपने बालों में खास तरीके का हेयर मास्क लगाती है। इस हेयर मास्क को बनाने के लिए नीम के पत्ते, तुलसी के पत्ते और लौंग चाहिए। ये मास्क खुजली और डैंड्रफ की समस्या से छुटकारा दिलाता है। साथ ही बालों को बढ़ाने मे भी मदद करता है। इस हेयर मास्क में एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो स्कैल्प को साफ रखने में मदद करता है। साथ ही स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है।

 

बालों में फ्रेश एलोवेरा जेल लगाएं। ये स्कैल्प को मॉश्चराइ करने का काम करता है और बालों में चमक लाता है। इस मास्क को बनाने के लिए आप नारियल या बादाम के तेल में फ्रेश एलोवेरा जेल मिलाएं। इस मास्क को अपने बालों पर लगाएं। 1996 में Journal of Dermatological Treatment में एक स्टडी पब्लिश हुई थी जिसमें बताया गया था कि एलोवेा स्कैल्प में इन्फ्लेमेशन को कम करने का काम करता है।

 

शिल्पा शेट्टी बालों की लंबाई बढ़ाने के लिए नेचुरल टोनर का इस्तेमाल करती हैं। ये टोनर हेयर फॉल की समस्या को कम करता है और बालों को मजबूत बनाता है। इस टोनर को बनाने के लिए मेथी के दाने, रोजमैरी, चावल और चाय की पत्तियां चाहिए। इन सभी चीजों को पानी में अच्छे से उबाल लें। ये टोनर बालों को बढ़ाने का काम करेगा। साथ ही जड़ों को भी मजबूत बनाएगा।

शिया, सुन्नी और सूफी समुदाय के लोग अलग तरीके से क्यों मनाते हैं मुहर्रम? जानिए


मुस्लिम धर्म में मुहर्रम को अल्लाह का पवित्र महीना माना जाता है। इस्लामिक कैलेंडर के हिसाब से मुहर्रम साल का पहला महीना होता है। इस महीने में मुस्लिम धर्म के लोग अल्लाह की इबादत करते हैं, जिसमें पैगंबर मुहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और उनके साथियों की कर्बला के युद्ध में शहादत हुई थी। इस वजह से इस महीने को उनकी शहादत की याद में मनाया जाता है। कई लोग इस महीने में अलग-अलग परंपराएं निभाते हैं। जहां एक तरफ शिया समुदाय मातम मनाता है, वहीं दूसरी तरफ सुन्नी समुदाय रोजा रखकर अल्लाह याद करते है। इसके अलावा सूफी समुदाय के लोग भी अपनी अलग परंपराओं के अनुसार मुहर्रम मनाते हैं।


धार्मिक मान्यता के अनुसार, मुहर्रम की 10वीं तारीख को आशूरा कहा जाता है। आशूरा के दिन शहादत को याद किया जाता है। इस त्योहार को लेकर शिया, सुन्नी और सूफी समुदाय में अलग-अलग मान्यताएं हैं। इसी वजह से त्योहार मनाने के तरीके भी अलग हैं। सुन्नी मुसलमान आशूरा के दिन रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं। अब सवाल उठता है कि मुहर्रम का त्योहार हर समुदाय किस प्रकार मनाते है?

 

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क्या शिया समुदाय मनाता है शोक?


शिया मुसलमानों के लिए मुहर्रम केवल एक महीना नहीं, बल्कि उनकी धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। वे लोग मुहर्रम के दसवें दिन यानी आशूरा पर इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद करते हैं। शिया मुस्लिम इस दिन शोक मनाते हैं। वे काले कपड़े पहनते हैं, जिसके बाद शोक और दुख व्यक्त करने वाली कविताओं का पाठ करते हैं। साथ ही लोग एक साथ सड़कों पर निकलकर अपना दुख व्यक्त करते हैं।


क्या सुन्नी मुस्लिम रखते हैं रोजा?


सुन्नी मुसलमान मुहर्रम को अलग नजरिए से देखते हैं। वे कर्बला की शहादत का सम्मान करते हैं, इसके साथ ही, आशूरा के दिन हजरत मूसा की कथा को भी विशेष महत्व देते हैं। हजरत मूसा की कहानी के मुताबिक आशूरा के दिन अल्लाह ने समुद्र को चीर दिया था, जिसके बाद मूसा और बनी इस्राईल फिरौन की गुलामी से मुक्त हुए थे। इस वजह से सुन्नी मुसलमान इस दिन रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं। इस दिन सुन्नी मुस्लिम मस्जिद में जाकर नमाज अदा करते हैं और खास तौर पर तिलावत पढ़ते हैं।

 

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सूफी समुदाय कैसे मनाता है मुहर्रम?


सूफी समुदाय के लोग मुहर्रम को अलग ढंग से मनाते हैं। वे न तो शोक मनाते हैं और न ही केवल रोजे पर जोर देते हैं। सूफी समुदाय का मानना है कि मुहर्रम आत्मिक चिंतन और अल्लाह के करीब होने का समय है। इस वजह से कई सूफी समुदाय के लोग इस दिन इबादत, जिक्र, सामूहिक प्रार्थना और दरगाहों पर विशेष कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। कई  दरगाहों पर लोग मिलकर कव्वाली भी करते हैं, जिसके जरिए अल्लाह के संदेशों को याद करते हैं।

 

नोट- इस खबर में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

आ रहा है गॉडजिला अल नीनो, इतना शोर क्यों मचा है? वजहें समझिए


अमेरिका में मौसम वैज्ञानिकों ने एक बहुत बड़ी चेतावनी जारी की है। इस हफ्ते के गुरुवार यानी 11 जून को समुद्र में एक बहुत बड़ा बदलाव शुरू होने वाला है। इस बदलाव को ‘गॉडजिला’ या ‘सुपर’ अल नीनो नाम दिया गया है। सरकारी संस्था ‘नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन’ (NOAA) के ‘क्लाइमेट प्रेडिक्शन सेंटर’ के वैज्ञानिक इसकी आधिकारिक घोषणा करेंगे। यूनाइटेड नेशंस (UN) के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने एक वीडियो में चेतावनी दी है कि इसके आने की संभावना 90% पक्की है। उन्होंने कहा कि दुनिया को इसे एक गंभीर चेतावनी की तरह लेना चाहिए क्योंकि यह पहले से गर्म होती दुनिया में आग में घी डालने का काम करेगा। इसका असर अमेरिका के मौसम पर पड़ेगा जिससे वहां अचानक बहुत भारी बाढ़, सूखा और खतरनाक तूफान आ सकते हैं।

 

अल नीनो मौसम में अपने आप होने वाला एक बदलाव है। इसमें पैसिफिक ओशन के बीच और पूर्वी हिस्से में पानी ऊपर से आम दिनों से बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है। स्पैनिश भाषा में ‘अल नीनो’ का मतलब ‘छोटा बच्चा’ या ‘क्राइस्ट चाइल्ड’ होता है। सबसे पहले साल 1600 के दशक में साउथ अमेरिका के मछुआरों ने इसे नोटिस किया था। उन्होंने क्रिसमस के दिनों में प्रशांत महासागर में अचानक गर्म पानी देखा था इसलिए उन्होंने इसका नाम यह रखा। इस पूरे प्रोसेस को आधिकारिक रूप से ‘अल नीनो, सदर्न ऑसिलेशन’ या ‘ENSO’ कहा जाता है। यह बदलाव प्रशांत महासागर में इक्वेटर के पास गर्म और ठंडे पानी के बीच होता रहता है। जब पानी ठंडा होता है तो उसे ‘ला नीना’ कहते हैं।

 

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इस बार यह कितना ताकतवर हो सकता है?

इस साल अल नीनो वाले इलाके में समुद्र का तापमान इस मौसम के हिसाब से अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। 31 मई से 5 जून के बीच वहां का पानी लगभग 1 डिग्री फारेनहाइट गर्म हो गया। यह तापमान पिछले 30 सालों के आम तापमान से लगभग 3 डिग्री ज्यादा गर्म था। कंप्यूटर मॉडल्स दिखा रहे हैं कि इस साल के खत्म होने तक यहां का पानी 5 डिग्री फारेनहाइट से भी ज्यादा गर्म हो सकता है। बरकेले अर्थ के वैज्ञानिक रॉबर्ट रोहडे ने बताया कि लगभग हर कंप्यूटर मॉडल अल नीनो के आने का इशारा कर रहा है। कुछ मॉडल्स इसे धीमा तो कुछ बहुत ताकतवर दिखा रहे हैं। कुछ मॉडल्स ने तो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड टूटने की बात भी कही है हालांकि रॉबर्ट रोहडे को लगता है कि ऐसा होना मुश्किल है। 

 

वैज्ञानिक और मीडिया इसको सुपर या गॉडजिला अल नीनो बोल रहे हैं। सुपर शब्द का इस्तेमाल तब होता है जब प्रशांत महासागर का तापमान कई महीनों तक आम तापमान से 3.6 डिग्री फारेनहाइट ज्यादा रहता है। साल 1950 के बाद से अब तक सिर्फ चार बार ऐसा हुआ है। सबसे आखिरी बार ऐसा बड़ा बदलाव साल 2015 और 2016 के बीच देखा गया था। यूनाइटेड नेशंस की मौसम एजेंसी (WMO) का कहना है कि इस गर्मियों में अल नीनो शुरू होने की संभावना 80% है और इसके नवंबर तक या उससे आगे चलने की उम्मीद 90% या उससे ज्यादा है।

 

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अमेरिका के मौसम पर इसका क्या असर होगा?

एनओऐऐ के मुताबिक, अल नीनो प्रशांत महासागर में छुपी हुई गर्मी को हवा में छोड़ देता है। इस वजह से पूरी दुनिया का औसत तापमान कुछ समय के लिए बढ़ जाता है। सरकारी वैज्ञानिक सर्दियों के मौसम का अंदाजा लगाने के लिए सबसे पहले इसी बदलाव को देखते हैं क्योंकि इसका सबसे ज्यादा असर ठंड के महीनों में होता है।

 

‘क्लाइमेट प्रेडिक्शन सेंटर’ के मुताबिक, अल नीनो की सर्दियों में अमेरिका का निचला यानी दक्षिणी हिस्सा आम दिनों से ज्यादा गीला रहता है और वहां ज्यादा बारिश होती है। वहीं अमेरिका का उत्तरी हिस्सा सूखा रहता है और वहां कम बारिश होती है। एनओऐऐ के तूफान विश्लेषक मैथ्यू रोजेंक्रान्स ने बताया कि अल नीनो के दौरान पूरे अमेरिका में सर्दियों का मौसम आम तौर पर गर्म रहता है खास कर पैसिफिक नॉर्थवेस्ट से लेकर ग्रेट लेक्स तक के इलाकों में।

 

यह गर्मी वेस्ट कोस्ट और साउथ-ईस्ट तक भी फैल सकती है पर वहां का असर अभी पूरी तरह पक्का नहीं है। ‘सीवियर वेदर यूरोप’ के मुताबिक, अगर यह सुपर अल नीनो होता है तो मौसम में बहुत बड़े बदलाव आएंगे जिससे आम मौसम अचानक भयानक बाढ़, भारी सूखे और खतरनाक तूफानों में बदल सकता है।

अब साल में 9 की जगह सिर्फ 4 सिलेंडर मिलेंगे सस्ते रेट पर


केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत बड़ा बदलाव किया है। अब इस योजना के लाभार्थियों को साल में 9 की जगह सिर्फ 4 गैस सिलेंडर ही सब्सिडी के साथ मिलेंगे। सरकार का कहना है कि यह फैसला परिवारों की औसत गैस खपत को ध्यान में रखकर लिया गया है। आपको बता दें कि उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में हुई थी, जिसमें पहले लाभार्थियों को साल में 12 सिलेंडर सब्सिडी पर दिए जाते थे। बाद में इसे घटाकर 9 किया गया और अब इसे और कम करके 4 सिलेंडर सालाना कर दिया गया है। सरकार का दावा है कि अधिकांश गरीब परिवार इसी सीमा में गैस का उपयोग करते हैं।


मई 2022 में सरकार ने प्रति सिलेंडर 200 रुपये की सब्सिडी शुरू की थी, जिसे सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजा जाता है। अक्टूबर 2023 में इसे बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया। यह लाभ 5 किलो के सिलेंडर पर भी लागू है। दिल्ली में 14.2 किलो वाला LPG सिलेंडर अब 942 रुपये का हो गया है। सब्सिडी के बाद उज्ज्वला लाभार्थियों को यह लगभग 642 रुपये में मिलता है।

 

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सरकार का क्या है तर्क?

पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी प्रवीण मल खनूजा के अनुसार, उज्ज्वला लाभार्थियों की औसत सालाना खपत को देखते हुए यह बदलाव किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार एक सिलेंडर पर लगभग 1000 रुपये तक की सहायता दे रही है। उनके मुताबिक, एक घरेलू सिलेंडर की असली लागत लगभग 1600 रुपये है लेकिन सरकार सब्सिडी देकर इसे सस्ता बनाती है। सरकार ने 2022 के बाद से अब तक लगभग 52,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है।

घाटे में चल रही हैं तेल कंपनियां

सरकार ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग के कारण घरेलू तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वर्तमान में कंपनियों को प्रति LPG सिलेंडर 700 रुपये, पेट्रोल पर 6 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर करीब 30 रुपये प्रति लीटर का घाटा (अंडर-रिकवरी) हो रहा है। इसी नुकसान की भरपाई के लिए पिछले महीने पेट्रोल-डीजल के दामों में 7.50 रुपये प्रति लीटर और CNG की कीमतों में 6 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई है, जिससे बाजार में महंगाई का दबाव और बढ़ गया है।

पीरियड्स में महिलाएं करती हैं ये गलतियां, सेहत पर पड़ता है असर


पिछले कुछ सालों में पीरियड्स को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। इसके बारे में लोग खुलकर बात कर रहे हैं जो कि अच्छा बदलाव है। क्या सिर्फ जागरूकता बढ़ाना काफी है। पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई रखना बेहद जरूरी है। अगर आप साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते हैं तो बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। 

 

Everteen Menstrual Hygiene Survey 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 71.6% महिलाएं पीरियड्स से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन लेती हैं और 11.5% महिलाएं ही परेशानी या इमरजेंसी में ऑनलाइन मिली जानकारी पर भरोसा करती हैं। महिलाओं को पीरियड्स के समय होने वाले दर्द को सामान्य बात समझने की सलाह दी जाती है। पीरियड्स में साफ-सफाई नहीं रखने की वजह से संक्रमण, यूरिन इंफेक्शन, त्वचा में रैशेज की समस्या हो सकती है। महिलाएं पीरियड्स में कुछ बातों को अक्सर इग्नोर कर देती हैं। आप इस तरह की गलती न करें।

 

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पीरियड्स में न करें ये गलतियां 

  • लंबे समय तक एक ही पेड का इस्तेमाल करना।
  • कई महिलाएं आज भी गीले और गंदे कपड़े का इस्तेमाल करती हैं।
  • अधिक मात्रा में स्टेंड स्प्रे, क्रीम और एंटी सेप्टिक का इस्तेमाल करना। कुछ स्टडी में पाया गया है कि प्राइवेट पार्ट में पाउडर लगाने से ओवेरियन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
  • अधिक मात्रा में वेजाइनल डिस्चार्ज होने पर खुजली, जलन, रैशेज और बदबू आने की समस्या को नजर अंदाज करना।
  • अधिक दर्द और ब्लीडिंग होने पर भी दवाई नहीं लेने की आदत।
  • बिना जांच करवाएं कोई भी दर्द की दवा ले लेना।

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पीरियड्स में ऐसे रखें सेहत का ध्यान

  • साफ और सुरक्षित प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें।
  • हर 4 से 6 घंटे पर अपनी जरूरत के हिसाब से पेड बदलें।
  • प्राइवेट पार्ट को पानी से साफ करें।
  • प्रोडक्ट्स के बदल से पहले और बाद में साबुन से जरूर हाथ धोएं।
  • पीरियड्स में साफ कपड़े का इस्तेमाल करें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, पौष्टिक आहार लें और आयरन वाली चीजों का सेवन करें।

साप्ताहिक राशिफल, इस हफ्ते आपके भाग्य में क्या बदलाव लाएंगे ग्रह-नक्षत्र? जानिए


जून महीने के दूसरे हफ्ते की शुरुआत हो चुकी है। इस हफ्ते ग्रहों की चाल 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव लेकर आ रही है। पंचांग के अनुसार, 8 जून से 14 जून 2026 के इस सप्ताह की शुरुआत ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि से हो रही है। अंक ज्योतिष के नजरिए से देखें तो सप्ताह के पहले दिन का मूलांक 8 है, जो शनि देव के प्रभाव को दर्शाता है। यानी यह सप्ताह कर्म और अनुशासन प्रधान रहेगा। ग्रहों के राजा सूर्य और बुध वृषभ राशि में बुधादित्य योग बना रहे हैं, जबकि मंगल अपनी स्वराशि मेष में रहकर जातकों को असीम ऊर्जा प्रदान करेंगे। शनि देव कुंभ राशि में विराजमान होकर निर्णय लेने की प्रेरणा दे रहे हैं।

 

इस हफ्ते की ऊर्जा मिली-जुली रहेगी। जहां एक तरफ ग्रहों की यह विशेष स्थिति व्यापार और करियर में नए अवसर देगी, वहीं दूसरी तरफ आत्ममंथन और रिश्तों को मजबूत करने का मौका भी देगी। इस सप्ताह जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। अगर हम अपने भीतर के साहस और बाहरी परिस्थितियों में संतुलन बनाकर चलेंगे, तो यह समय जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाला साबित हो सकता है। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों के लिए यह सप्ताह कैसा रहने वाला है।

 

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राशिफल

 

मेष राशि

 

यह सप्ताह आपके लिए नई ऊर्जा और उत्साह लेकर आएगा। आप अपने अधूरे कामों को तेजी से निपटाने में सफल रहेंगे। ऑफिस में आपके काम की तारीफ होगी। धन लाभ के अच्छे योग हैं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।

क्या करें: रोजाना सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करें।

क्या न करें: गुस्से में आकर किसी को कड़वे शब्द न बोलें।

 

वृषभ राशि

 

बुधादित्य योग का सबसे ज्यादा लाभ आपको मिलने वाला है। सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी और मन प्रसन्न रहेगा। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। लव लाइफ में रोमांस बढ़ेगा। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा।

क्या करें: मां लक्ष्मी की पूजा करें।

क्या न करें: पैसों के लेन-देन में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।

 

मिथुन राशि

 

इस सप्ताह आपको अपनी जुबान और व्यवहार पर थोड़ा संयम रखने की जरूरत है। आपको मेहनत का फल देर से ही सही, लेकिन मिलेगा जरूर। ऑफिस की राजनीति से दूर रहें। परिवार में भाई-बहनों से मतभेद हो सकते हैं। बातचीत से मसले सुलझाएं।

क्या करें: गाय को हरा चारा खिलाएं।

क्या न करें: किसी भी व्यक्ति के साथ अपनी बातें शेयर न करें।

 

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कर्क राशि

 

यह सप्ताह आपके लिए भावनात्मक उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। ऑफिस के सहकर्मियों के सहयोग से प्रोजेक्ट समय पर पूरे होंगे। अचानक धन लाभ होने से आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। लव पार्टनर के साथ किसी बात पर अनबन हो सकती है, इसलिए धैर्य रखें।

क्या करें: सोमवार को शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं।

क्या न करें: भावनाओं में आकर फैसले न लें।

 

सिंह राशि

 

इस हफ्ते आपको कई उपलब्धियां मिलेंगी, जिससे समाज में आपका मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। सरकारी क्षेत्र से जुड़े कामों में बड़ी सफलता मिलेगी। बिजनेस में नए ग्राहकों से जुड़ने का मौका मिलेगा।

क्या करें: माता-पिता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।

क्या न करें: काम के दौरान अहंकार या घमंड दिखाने से बचें।

 

कन्या राशि

 

इस हफ्ते आपको अपने लक्ष्यों के बारे में किसी को नहीं बताना चाहिए। भाग्य का साथ मिलने से बिगड़े काम भी बनने लगेंगे। नौकरीपेशा लोगों के लिए ट्रांसफर या बदलाव के योग हैं। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। धार्मिक कार्यों में धन खर्च हो सकता है।

क्या करें: बुधवार को गणेश जी की पूजा करें।

क्या न करें: अपनी योजनाओं का खुलासा न करें।

 

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तुला राशि

 

तुला राशि के जातकों को इस सप्ताह मिले-जुले परिणाम मिलेंगे। ऑफिस में काम का दबाव बढ़ सकता है। इस हफ्ते धन का आगमन होगा, लेकिन साथ ही अचानक बड़े खर्चे भी सामने आ सकते हैं। आपको जीवनसाथी की सेहत की चिंता हो सकती है।

क्या करें: शुक्रवार को किसी जरूरतमंद को चावल या चीनी का दान करें।

क्या न करें: जल्दबाजी में कोई भी दस्तावेज साइन न करें।

 

वृश्चिक राशि

 

सप्ताह की शुरुआत बहुत अच्छी रहेगी। आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी, जिससे आप कठिन चुनौतियों को भी आसानी से पार कर लेंगे। नौकरी में आपके काम की तारीफ होगी। रुपयों के निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है, जिससे बैंक बैलेंस बढ़ेगा।

क्या करें: हनुमान चालीसा का प्रतिदिन पाठ करें।

क्या न करें: किसी भी विवादित मामले में बीच-बचाव करने से बचें।

 

धनु राशि

 

यह सप्ताह आपकी बौद्धिक क्षमताओं और ज्ञान में वृद्धि करेगा। शिक्षा और कंसल्टेंसी से जुड़े लोगों को बड़ा लाभ होगा। नौकरी में स्थिति मजबूत रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, हालांकि लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान देना बेहतर रहेगा।

क्या करें: गुरुवार को माथे पर चंदन या हल्दी का तिलक लगाएं।

क्या न करें: किसी को उधार देने का वादा न करें।

 

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मकर राशि

 

शनि देव के प्रभाव के कारण आपको इस सप्ताह कड़ी मेहनत करनी होगी। सफलता की राह में थोड़ी धीमी रफ्तार रह सकती है। ऑफिस में काम का बोझ रहेगा। जीवनसाथी के साथ   गलतफहमियां बढ़ सकती हैं, इसलिए बैठकर बात करें।

क्या करें: शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

क्या न करें: शॉर्टकट अपनाकर पैसा कमाने की कोशिश न करें।

 

कुंभ राशि

 

यह सप्ताह आपके लिए मिले-जुले प्रभाव लेकर आ रहा है। सामाजिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। नौकरीपेशा जातकों को मेहनत का श्रेय मिलेगा। व्यापारियों के लिए मुनाफे की नई राहें खुलेंगी। परिवार के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर जाने के योग हैं। प्रेम जीवन सामान्य रहेगा।

क्या करें: शनिवार के दिन शनि चालीसा का पाठ करें।

क्या न करें: आलस को अपने ऊपर हावी न होने दें।

 

मीन राशि

 

सप्ताह की शुरुआत सुखद रहेगी। आपके पुराने प्रयास अब रंग लाने वाले हैं, जिससे आपके मन का बोझ हल्का होगा। रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को बड़ी सफलता मिलेगी। परिवार के सदस्यों के बीच आपसी तालमेल बेहतर होगा। पार्टनर के साथ यादगार समय बिताएंगे।

क्या करें: केले के पेड़ की पूजा करें।

क्या न करें: किसी की बातों में आकर कोई फैसला न लें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर बताया गया है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

कौन है यह महिला पत्रकार, जिसने इंटरव्यू में ट्रंप को पिला दिया पानी?


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एनबीसी चैनल के ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में पहुंचे। चैनल की एंकर क्रिस्टन वेल्कर ने ट्रंप का इंटरव्यू लिया। सबकुछ बढ़िया चल रहा था। इस बीच ट्रंप ने कैलिफोर्निया में धीमी मतगणना पर सवाल उठाया और चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। एंकर ने दुनिया के सबसे ताकतवर राष्ट्रपति को बीच में रोका और धांधली के सबूत मांग लिए, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप इससे भड़क गए। 

 

उन्होंने एंकर को बेईमान और भ्रष्ट तक कह डाला। इसके बाद माइक को जमीन पर पटक दिया और बीच में इंटरव्यू छोड़ दिया। ऐसे में हर कोई इस महिला एंकर के बारे में जानना चाहता है, जिसने अमेरिकी राष्ट्रपति को भी पानी पिला दिया। 

 

 

 

 

ट्रंप के साथ किया था ‘मीट द प्रेस’ का पहला इंटरव्यू

क्रिस्टन वेल्कर साल 2011 से एनबीसी न्यूज से जुड़ी हैं। वह व्हाइट हाउस को कवर करती हैं। यह कोई पहली बार नहीं जब क्रिस्टन वेल्कर ने ट्रंप का इंटरव्यू लिया है। इससे पहले भी वह कई बार ट्रंप का इंटरव्यू ले चुकी हैं। मीट द प्रेस की मुख्य एंकर के तौर पर वेल्कर ने अपना पहला एपिसोड डोनाल्ड ट्रंप के साथ ही शूट किया था।  इसके अलावा 2020 के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन के बीच हुई बहस में भी एनबीसी की तरफ से शामिल हुई थीं।

 

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क्रिस्टन के पिता यहूदी और मां अश्वेत

फिलाडेल्फिया की रहने वाली क्रिस्टन ने जर्मनटाउन फ्रेंड्स स्कूल से स्नातक किया। हार्वर्ड कॉलेज से भी पढ़ाई की। उनके पिता यहूदी और मां अश्वेत हैं। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही क्रिस्टन ने 1997 में TODAY में इंटर्नशिप की। बाद में उन्होंने रोड आइलैंड के प्रोविडेंस, WLNE-TV और रेडिंग, कैलिफोर्निया के KRCR-TV में भी काम किया।

 

2023 में मिली ‘मीट द प्रेस’ की जिम्मेदारी

2005 में उन्होंने डब्ल्यूसीएयू ज्वाइन किया। यहां उन्हें रिपोर्टर और वीकेंड एंकर की जिम्मेदारी सौंपी गई। 2010 में कैलिफोर्निया में संवाददाता के तौर पर एनबीसी न्यूज से जुड़ीं। अगले साल ही उन्हें व्हाइट हाउस संवाददाता बना दिया गया। 2020 में क्रिस्टन को वीकेंड टुडे का सह-एंकर बनाया गया। 2023 में उन्हें एनबीसी न्यूज नाउ के ‘मीट द प्रेस’ और ‘स्पिन-ऑफ मीट द प्रेस नाउ’ का भी एंकर बना दिया गया।

दो बच्चों की मां हैं क्रिस्टन

वेल्कर अपने पति जॉन ह्यूजेस के साथ वाशिंगटन डीसी में रहती हैं। वह एक बच्ची और एक बेटे की मां हैं। 2021 में सरोगेट के जरिये वेल्कर ने बच्ची को जन्म दिया था। 2024 में वह एक बेटे की मांग बनीं। उनके पति मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव हैं। दो की शादी 4 मार्च 2017 को हुई थी।