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जंतर-मंतर पर फिर बढ़ा तनाव, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले; इंटरनेट सेवा भी बंद


दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग इलाके में बुधवार शाम प्रदर्शन के दौरान एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव बढ़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, जबकि एहतियात के तौर पर इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्ता और कड़ी कर दी गई है।

 

मीडिया रिपोर्ट में आए शुरुआती जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों के उग्र होने के बाद हालात बिगड़ गए। बताया जा रहा है कि पार्क होटल के पास प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने एक पुलिसकर्मी का पीछा किया, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कार्रवाई की। इसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती करनी पड़ी।

 

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जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाएं बंद

जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट बंद होने का दावा कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने किया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया गया है, जिससे लोगों के बीच अफरातफरी मच गई है। वहीं, AAP के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी दावा किया कि जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाएं रोक दी गई हैं और इलाके में अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि चल रहे प्रदर्शन को देखते हुए सेंट्रल दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी जाए। बताया जा रहा है कि जंतर-मंतर के आसपास करीब 1.5 किलोमीटर के दायरे में यह बंदी कल सुबह 6 बजे तक लागू रहेगी।

 

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कमिश्नर ने लिया हालात का जायजा

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने बताया कि संसद मार्ग के पास हुई ताजा झड़प में कम से कम 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इनमें 2 ACP, 1 इंस्पेक्टर, 1 हेड कांस्टेबल और 1 कांस्टेबल शामिल हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों में कितने लोग घायल हुए हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। घटना के बाद दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार संसद मार्ग थाने पहुंचे और अधिकारियों के साथ हालात की समीक्षा की। पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

कूलर में आ रही है बदबू? इन घरेलू उपायों और आसान तरीकों से मिनटों में करें दूर


गर्मी के मौसम में अगर आपका कूलर चालू करते ही उसमें से बदबू आने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह समस्या अक्सर कूलर के टैंक में लंबे समय तक पानी जमा रहने, उसमें फंगस लगने या घास के सड़ने के कारण होती है।कुछ आसान तरीके और घरेलू उपाय अपनाकर इस बदबू को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।

 

ज्यादातर लोग सोचते हैं कि कूलर पुराना होने की वजह से उसमें से बदबू आ रही है जबकि ऐसा हमेशा नहीं होता है। बदबू के कारण कई लोगों को सिरदर्द या अनकंफर्टेबल महसूस होने लगता है। इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए हम आपके लिए कुछ आसान घरेलू उपाय और सफाई के तरीके लेकर आए हैं। इनकी मदद से न सिर्फ कूलर की बदबू दूर की जा सकती है बल्कि उसकी कूलिंग भी पहले जैसी बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

 

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कूलर से बदबू क्यों आती है?

कूलर के टैंक में कई दिनों तक एक ही पानी रहने से उसमें बैक्टीरिया, फंगस और काई बनने लगती है। इसके अलावा गंदे कूलिंग पैड, धूल से भरा पंखा और बंद पड़े कूलर को बिना साफ किए दोबारा चलाने से भी बदबू आने लगती है। अगर पानी की गुणवत्ता खराब हो तब भी कूलर से अजीब सी गंध आ सकती है।

सबसे पहले कूलर का पानी बदलें

अगर कूलर से बदबू आ रही है तो सबसे पहले उसका पुराना पानी पूरी तरह निकाल दें। इसके बाद टैंक को अच्छी तरह साफ करके ताजा पानी भरें। कोशिश करें कि गर्मियों में हर 4 से 7 दिन के बीच कूलर का पानी बदलते रहें। इससे बैक्टीरिया और काई बनने की संभावना कम रहती है।

कूलिंग पैड की सफाई जरूर करें

कूलर के पैड धूल और गंदगी को जल्दी पकड़ लेते हैं। जब ये ज्यादा गंदे हो जाते हैं तो उनमें से बदबू आने लगती है। पैड को साफ पानी से धो लें। अगर पैड बहुत पुराने हो गए हैं या उनमें फफूंदी लग गई है तो उन्हें बदल देना ही बेहतर रहेगा।

टैंक और पंखे की सफाई करें

कूलर के टैंक, पंखे और जाली पर जमी धूल भी बदबू की वजह बन सकती है। मुलायम ब्रश और साफ कपड़े से इन हिस्सों की सफाई करें। जरूरत हो तो हल्के लिक्विड साबुन से टैंक धो सकते हैं और बाद में साफ पानी से अच्छी तरह साफ कर दें।

 

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घेरलू उपाय से दूर करें कूलर की बदबू

अगर कूलर से हल्की या नॉर्मल बदबू आ रही तो कुछ घेरलू चीजों की मदद से भी इस समस्या को कम किया जा सकता है। अगर बदबू बहुत ज्यादा हो या कूलर में फफूंदी और गंदगी काफी जमा हो तो पहले उसकी अच्छी तरह सफाई करना जरूरी है। 

  • सफेद सिरका: एक बाल्टी पानी में आधा कप सफेद सिरका मिलाकर टैंक साफ करें। इससे बदबू और बैक्टीरिया कम हो सकते हैं।
  • बेकिंग सोडा: टैंक में 2-3 चम्मच बेकिंग सोडा डालकर कुछ देर बाद साफ करें। इससे बदबू दूर करने में मदद मिलती है।
  • नींबू का रस: टैंक की सफाई के दौरान थोड़ा नींबू का रस मिलाकर धोने से ताजगी बनी रहती है।
  • नीम की पत्तियां: साफ नीम की पत्तियों की छोटी पोटली कुछ घंटों के लिए टैंक में रखें। इससे बदबू पैदा करने वाले कीटाणुओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
  • धूप दिखाएं: कूलर को समय-समय पर खाली करके धूप में सुखाएं। इससे नमी और फफूंदी नहीं जमती।

शिव भक्ति के आगे क्यों हार गई मृत्यु? जानिए राजा श्वेतकेतु की प्रेरक कथा


हम अक्सर मानते हैं कि जीवन और मृत्यु दुनिया की रीति है। जिस व्यक्ति का जन्म हुआ है, उसकी एक न एक दिन मृत्यु भी अवश्य होगी। हिन्दू धर्म के अनुसार, जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करता है, उसकी रक्षा स्वयं शिव जी करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि शिव भगवान केवल पूजा-पाठ से ही प्रसन्न नहीं होते, बल्कि जो भक्त उन्हें सच्चे मन से याद करता है और अपना मानकर उनकी भक्ति करता है, उस पर वह विशेष कृपा करते हैं और उसके सभी कष्ट दूर करते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार शिव भगवान ने अपने प्रिय भक्त राजा श्वेतकेतु की रक्षा के लिए स्वयं काल को भी भस्म कर दिया था।


पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय ने संतों को यह कथा सुनाई थी। इस कथा के अनुसार, राजा श्वेतकेतु बेहद दयालु और शूरवीर थे। वे अपने राज्य की प्रजा के कल्याण के लिए सदैव कार्य करते थे। उन्होंने पूरे जीवन धर्म और शिव भक्ति का मार्ग अपनाया था, जिस कारण उन्हें भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त हुआ और उनकी मृत्यु भी टल गई। आइए जानते हैं कि भगवान शिव ने राजा श्वेतकेतु की जान कैसे बचाई।

 

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शिव जी ने कैसे बचाई जान?

पौराणिक कथा के मुताबिक, राजा श्वेतकेतु हमेशा भगवान शिव की भक्ति में लीन रहते थे। तभी उनके मृत्यु का समय आ गया। चित्रगुप्त ने यमराज को बताया कि राजा श्वेतकेतु का जीवनकाल पूरा हो चुका है। तब यमराज ने अपने दूतों को आदेश दिया कि वे श्वेतकेतु के प्राण हर लें।


जब यमदूत श्वेतकेतु के पास पहुंचे, तब वे मंदिर में शिवलिंग के सामने ध्यान में लीन थे। यह देखकर यमदूत लंबे समय तक मंदिर के बाहर इंतजार करते रहे। जब काफी देर तक वे उनके प्राण नहीं ले सके, तो यमराज क्रोधित हो गए। क्रोध में यमराज स्वयं श्वेतकेतु के प्राण लेने पहुंच गए। उन्होंने देखा कि श्वेतकेतु शिव भक्ति में पूरी तरह लीन हैं, लेकिन वे एक क्षण भी नहीं रुके। वे मंदिर के गर्भगृह में ही उनके प्राण लेने का प्रयास करने लगे। तभी भगवान शिव ने अपना तीसरा नेत्र खोल दिया। उनके तीसरे नेत्र के तेज से यमराज भस्म हो गए। यमराज के भस्म होने के बाद श्वेतकेतु का ध्यान टूटा।

 

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यमराज को किया दोबारा जीवित


जब श्वेतकेतु को पता चला कि भगवान शिव ने उनकी रक्षा के लिए यमराज को भस्म कर दिया है, तो उन्होंने भगवान शिव से विनम्र निवेदन किया कि यमराज के भय से ही लोग बुरे कर्म करने से बचते हैं। साथ ही, उनके डर से लोग अच्छे कर्म भी करते हैं। इसलिए उन्हें जीवनदान दे दीजिए।

 

श्वेतकेतु की प्रार्थना सुनकर भगवान शिव ने यमराज को जीवनदान दे दिया। दोबारा जीवित होने के बाद यमराज ने कहा कि जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करता है, गले में रुद्राक्ष की माला धारण करता है और शिव मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करता है, उसे कभी अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता।

 

नोट- यह लेख धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित है। खबरगांव इसकी पुष्टि नहीं करता है।

अमेरिकी हमलों का ईरान ने लिया बदला, 3 देशों में US ठिकानों पर हमला


मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान का दावा है कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। वहीं, होर्मुज स्ट्रेट में एक तेल टैंकर पर हुए हमले ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। इस घटना के बाद वैश्विक ऊर्जा सप्लाई और समुद्री व्यापार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिकी सैनिकों की मौत में ईरान का हाथ हुआ तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इनमें सैन्य कमांड सेंटर, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, एयर डिफेंस सिस्टम और नौसैनिक अड्डे शामिल थे।

 

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ईरानी मीडिया के मुताबिक, शिराज, कोनारक, चाबहार और पश्चिमी ईरान के कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि, दोनों देशों की ओर से किए गए कई सैन्य दावों की अब तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

ईरान ने किया बड़ा दावा

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उन्होंने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। बहरीन में अमेरिकी सैन्य कर्मियों के ठहरने वाले परिसर और एक अमेरिकी कंपनी से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। वहीं, जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसने ईरान के पांच ड्रोन मार गिराए। कुवैत में हमलों के बाद बिजली उत्पादन और समुद्री जल शोधन संयंत्रों की कुछ इकाइयों को एहतियातन बंद कर दिया गया।

होर्मुज और लाल सागर में बढ़ा खतरा

ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। हमले के बाद हालात इतने खराब हो गए कि जहाज के चालक दल को उसे छोड़कर बाहर निकलना पड़ा। उधर, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का ऐलान कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि सऊदी बंदरगाहों से जुड़े किसी भी जहाज को निशाना बनाया जा सकता है। इन घटनाओं का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी दिखा और कच्चे तेल की कीमतों में करीब 2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

 

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युद्धविराम की कोशिशें भी तेज

बढ़ते तनाव के बीच मामला सिर्फ जंग के मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिशें भी जारी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ मध्यस्थ देशों ने ईरान के सामने 10 दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है। पाकिस्तान भी दोनों देशों के बीच बातचीत कराने की कोशिश में जुटा हुआ है। वहीं, अमेरिकी विदेश विभाग ने दुनियाभर में रह रहे अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी करते हुए मध्य पूर्व के हालात को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। जानकारों का कहना है कि अगर यह टकराव और बढ़ा तो इसका असर सिर्फ इस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया भर में तेल की सप्लाई, अंतरराष्ट्रीय कारोबार और वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।

‘बेटे की फिक्र है लेकिन पीछे नहीं हटने देंगे’, बोले अभिजीत दिपके के पिता


जंतर-मंतर पर चलो संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के माता-पिता का बयान सामने आया है। उन्होंने अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई लेकिन साफ कहा कि वह उसे आंदोलन वापस लेने के लिए नहीं कहेंगे। साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना भी की।

 

अभिजीत दिपके के पिता भगवान दिपके ने कहा कि उनके बेटे ने यह आंदोलन अपनी इच्छा और सोच के साथ शुरू किया है। ऐसे में अब उसे पीछे हटने की सलाह देना उचित नहीं होगा। उनका कहना है कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए था लेकिन उनकी आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया। उन्होंने सरकार के रवैये पर भी सवाल उठाए।

 

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पुलिस कार्रवाई देखकर भावुक हुए दिपके के माता-पिता

अभिजीत की मां अनीता दिपके ने भी पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा कि 18 से 20 साल के छात्र पिछले कई दिनों से अपने भविष्य को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांगों पर बातचीत करने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया जो बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने मोबाइल पर प्रदर्शन का वीडियो देखा तो उनकी आंखों में आंसू आ गए। उनके अनुसार, सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए थी और बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए था।

पिता ने सरकार के रवैये पर उठाए सवाल

भगवान दिपके ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल छात्र पढ़े-लिखे और जिम्मेदार हैं। उनके मुताबिक, उन्होंने न तो हिंसा की और न ही किसी तरह का उपद्रव मचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद पुलिस ने बल प्रयोग किया। महाराष्ट्र औद्दोगिक विकास निगम (MIDC) से रिटायर्ड इंजीनियर भगवान दिपके ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि छात्रों के प्रदर्शन पर इस तरह की कार्रवाई होगी।

 

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प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने किया बड़ा दावा

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि CJP के चलो संसद मार्च के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी उग्र हो गए थे। पुलिस के अनुसार, उन्होंने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और पुलिसकर्मियों पर हमला किया। पुलिस का दावा है कि उस दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों को कई बार चेतावनी दी गई लेकिन उन्होंने निषोधाज्ञा का उल्लंघन किया। फिलहाल इस पूरे मामले में प्रदर्शनकारियों, पुलिस और सरकार के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

पार्टनर के साथ रिश्ता मजबूत बनाने की 7 आदतें, प्यार के साथ बढ़ेगा भरोसा


आज की लाइफ इतनी बिजी हो गई है कि कई बार पार्टनर्स एक दूसरे के लिए समय ही नहीं निकाल पाते हैं। हर रिश्ता प्यार, भरोसे और आपसी समझ पर टिका होता है लेकिन काम का दबाव, समय की कमी और छोटी- छोटी गलतफहमियां रिश्तों में दूरियां बढ़ा सकती हैं। ऐसे में अगर समय रहते रिश्ते पर ध्यान दिया जाए तो उसे मजबूत और खुशहाल बनाए रखा जा सकता है। आइए जानते हैं उन 7 आदतों के बारे में जिन्हें अपनाकर आप अपने रिश्ते को पहले से बेहतर बना सकते हैं।

 

चाहे आप शादीशुदा हो या रिलेशनशिप में, एक मजबूत रिश्ता हमेशा अच्छी बातचीत और आपसी सम्मान पर टिका होता है। रिश्ते को मजबूत बनाने कि लिए आपको हमेशा महेंगे गिफ्ट या बड़े सरप्राइज की जरूरत नहीं होती। रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी आदतें भी रिश्ते में प्यार और भरोसा बढ़ा सकती हैं। अगर आपके रिश्ते में भी दूरियां या खटास आ गई है तो घबराने की जरूरत नहीं है। एक रिश्ता एक दिन में नहीं बनता है बल्कि हर दिन की छोटी-छोटी कोशिश और अच्छी आदतों से मजबूत होता है।

 

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1. हर दिन कुछ समय सिर्फ एक-दूसरे के लिए निकालें

काम कितना भी बिजी क्यों न हो, दिन में कम से कम 20 से 30 मिनट अपने पार्टनर के साथ जरूर बिताएं। इस दौरान मोबाइल से दूरी बनाकर खुलकर बातें करें। इससे एक-दूसरे की भावनाओं को समझने का मौका मिलता है और रिश्ता मजबूत होता है।

2. खुलकर बात करने की आदत डालें

किसी भी रिश्ते में बातचीत सबसे जरूरी होती है। अगर कोई बात परेशान कर रही है तो उसे मन में रखने की बजाय शांत तरीके से अपने पार्टनर से शेयर करें। अगर गलतफहमियां समय रहते दूर हो जाएं तो रिश्ते में स्ट्रेस कम रहता है।

3. छोटी-छोटी बातों की तारीफ करें

पार्टनर के अच्छे काम, कोशिश या किसी छोटी अचीवमेंट की तारीफ जरूर करें। एक ‘धन्यवाद’, ‘तुमने अच्छा किया’ या ‘मुझे तुम पर गर्व है’ जैसे शब्द रिश्ते में अपनापन और सम्मान बढ़ाते हैं।

4. एक-दूसरे की बात ध्यान से सुनें

कई बार लोग सिर्फ अपनी बात कहने पर ध्यान देते हैं लेकिन सामने वाले की बात पूरी नहीं सुनते। जब आपका पार्टनर कुछ कह रहा हो तो बीच में टोके बिना उसकी बात सुनें। इससे उसे महसूस होगा कि आप उसकी भावनाओं की कद्र करते हैं।

5. गुस्से में फैसले लेने से बचें

हर रिश्ते में कभी न कभी बहस हो सकती है लेकिन गुस्से में कही गई बातें लंबे समय तक दिल दुखा सकती हैं। अगर किसी बात पर नाराजगी हो तो पहले खुद को शांत करें और फिर आराम से बात करें।

6. एक-दूसरे की पसंद और सपनों का सम्मान करें

हर व्यक्ति की अपनी पसंद, शौक और लक्ष्य होते हैं। अपने पार्टनर के फैसलों और सपनों का सम्मान करें और जरूरत पड़ने पर उनका साथ दें। इससे रिश्ते में भरोसा और मजबूती आती है।

7. छोटी-छोटी खुशियां साथ में मनाएं

किसी खास मौके का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। साथ में चाय पीना, वॉक पर जाना, पसंदीदा फिल्म देखना या घर पर साथ खाना बनाना जैसी छोटी-छोटी बातें भी रिश्ते को खुशहाल बनाती हैं।

 

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इन गलतियों से बचें

  • हर छोटी बात पर बहस करना।
  • पार्टनर को किसी और से कंपेयर करना।
  • एक दूसरे को समय न देना।
  • हर बात पर शक करना।
  • गुस्से में अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करना।
  • सिर्फ अपनी बात को सही मानना।

रिश्ता मजबूत होने के क्या फायदे हैं?

  • आपसी भरोसा बढ़ता है।
  • स्ट्रेस और गलतफहमियां कम होती हैं। 
  • बातचीत बेहतर होती है।
  • मुश्किल समय में एक दूसरे का साथ मिलता है।
  • रिश्ता लंबे समय तक खशहाल बना रहता है।

21 जुलाई का राशिफल, मंगलवार को किन 5 राशियों पर रहेगा बृहस्पति का प्रभाव? जानिए


आज एक तरफ कई लोगों का दिन अच्छा रहेगा क्योंकि उन्हें कुछ नया सीखने को मिलेगा। वहीं दूसरी तरफ कई लोगों की तबीयत बिगड़ सकती है। पंचांग के अनुसार आज आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। अंक ज्योतिष के नजरिए से देखें तो आज का मूलांक 3 बनता है, जो देवगुरु बृहस्पति की कृपा को दर्शाता है। आज का दिन साहस और ऊर्जा का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो मंगल का मजबूत प्रभाव व्यक्ति की सीखने की क्षमता बढ़ाएगा, जबकि चंद्रमा की बदलती चाल से लोगों को मानसिक शांति मिलेगी।

 

आज का दिन इच्छाओं को पूरा करने के लिए बेहद खास है। मंगलवार होने की वजह से आज कई लोगों पर हनुमान जी की कृपा बरसेगी। आज आपको अपने लक्ष्यों को लेकर जागरूक रहना होगा। साथ ही अपने आलस्य को पूरी तरह खत्म करना होगा। व्यापार और व्यक्तिगत, दोनों ही मोर्चों पर आज का दिन महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए बेहद खास है। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक के सभी जातकों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

 

 

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राशिफल 

 

मेष राशि

 

नौकरीपेशा जातकों के लिए आज का दिन तरक्की के नए रास्ते खोलेगा। व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने के योग हैं। सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा। जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे। लवमेट्स के साथ कहीं घूमने की योजना बन सकती है।

आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।

आज क्या न करें: जल्दबाजी में कोई भी बड़ा वित्तीय निर्णय न लें।

 

वृषभ राशि

 

ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना होगी। पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें। धन निवेश के लिए आज का दिन मिलाजुला है, इसलिए सोच-समझकर कदम बढ़ाएं। परिवार में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है। शाम को पार्टनर के साथ समय बिताएं।

आज क्या करें: पक्षियों को दाना डालें।

आज क्या न करें: किसी व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचें।

 

मिथुन राशि

 

आज आपको करियर में एक नई दिशा मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। प्रेम जीवन में रोमांस की एंट्री होगी। सिंगल लोगों को अपने प्रेमी-प्रेमिका के साथ अनबन हो सकती है।

आज क्या करें: जरूरतमंदों को हरे रंग का फल दान करें।

आज क्या न करें: दूसरों के फटे में टांग न अड़ाएं।

 

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कर्क राशि

 

दफ्तर में काम का दबाव अधिक रह सकता है। धन खर्चों में अचानक बढ़ोतरी होगी, जिससे आपका बजट बिगड़ सकता है। आज आप भावनाओं में आकर फैसला ले सकते हैं। जीवनसाथी की सेहत की चिंता रह सकती है।

आज क्या करें: शिवलिंग पर जल अर्पित करें।

आज क्या न करें: नकारात्मक विचारों को अपने ऊपर हावी न होने दें।

 

सिंह राशि

 

व्यापार में नए सौदे फायदेमंद साबित होंगे। नौकरी में ट्रांसफर या प्रमोशन की अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार में कोई मांगलिक कार्य होने की योजना बन सकती है। लव लाइफ में आपसी समझ और सम्मान बढ़ेगा।

आज क्या करें: सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें।

आज क्या न करें: अहंकार की भावना से बचें।

 

कन्या राशि

 

आज अपने करियर के लिए मेहनत करने वालों को भविष्य में लाभ मिलेगा। संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिलेगी। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बेहतरीन रहेगा। बच्चों की तरफ से कोई सुखद जानकारी मिल सकती है, जिससे मन प्रसन्न रहेगा।

आज क्या करें: गाय को हरी घास खिलाएं।

आज क्या न करें: काम को कल पर टालने की आदत से बचें।

 

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तुला राशि

 

नौकरी में काम का बोझ बढ़ सकता है, लेकिन आपकी सूझबूझ से काम समय पर पूरे होंगे। पार्टनर के साथ किसी बात पर अनबन हो सकती है। शांत रहकर बात को सुलझाने की कोशिश करें।

आज क्या करें: छोटी कन्याओं को कुछ मीठा खिलाएं।

आज क्या न करें: आज कर्ज लेने या देने से पूरी तरह बचें।

 

वृश्चिक राशि

 

आज आप ऊर्जा और उत्साह से भरपूर रहेंगे। नई नौकरी के प्रस्ताव मिल सकते हैं। अचानक धन लाभ हो सकता है। पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा। दोस्तों के साथ शाम का समय मजेदार बीतेगा।

आज क्या करें: बजरंग बाण का पाठ करें।

आज क्या न करें: शेयर बाजार या सट्टेबाजी में आज निवेश करने से बचें।

 

धनु राशि

 

शिक्षा और कंसल्टेंसी से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन बेहतरीन है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। घर के बड़ों का आशीर्वाद मिलेगा। प्रेम संबंधों में गंभीरता आएगी और शादी की बात आगे बढ़ सकती है।

आज क्या करें: माथे पर हल्दी या केसर का तिलक लगाएं।

आज क्या न करें: किसी भी कानूनी मामले में लापरवाही न बरतें।

 

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मकर राशि

 

आज मेहनत का फल थोड़ा देर से मिलेगा, इसलिए धैर्य रखें। आज आप व्यस्त रहेंगे, इस वजह से परिवार को समय नहीं दे पाएंगे। लव पार्टनर आपकी स्थिति को समझेगा और सहयोग करेगा।

आज क्या करें: शनि चालीसा का पाठ करें।

आज क्या न करें: गाड़ी चलाते समय लापरवाही न बरतें।

 

कुंभ राशि

 

क्रिएटिव काम से जुड़े लोगों को आज बड़ा मंच मिलेगा। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होगा। उधार दिया पैसा मिल सकता है। पुराने दोस्तों से मुलाकात होगी। पार्टनर के साथ लॉन्ग ड्राइव पर जाने का प्लान बन सकता है।

आज क्या करें: किसी गरीब को काले चने या भोजन का दान करें।

आज क्या न करें: बिना सोचे-समझे किसी से कोई बड़ा वादा न करें।

 

मीन राशि

 

ऑफिस में आपके आइडिया की तारीफ होगी। निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है। नौकरी बदलने के प्रयास सफल होंगे। पार्टनर के साथ आत्मिक जुड़ाव महसूस करेंगे। रिश्तों में आपसी भरोसा मजबूत होगा।

आज क्या करें: पीले रंग के कपड़े पहनें।

आज क्या न करें: अपनी बातें किसी बाहरी व्यक्ति को न बताएं।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

 

‘अब यह पूरी तरह युद्ध है…’, ईरान का बड़ा ऐलान; अमेरिकी ठिकानों पर हमले तेज


पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के बीच हो रही सैन्य कार्रवाई से पूरे खाड़ी क्षेत्र का माहौल गरमा गया है। इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अब उनका देश अमेरिका के साथ ‘आर-पार की लड़ाई’ लड़ रहा है। उनके इस बयान के बाद इलाके में हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।

 

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका ने लगातार नौवीं रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों और शहरों पर हवाई हमले किए। दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ा दी है।

 

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बहरीन और कुवैत में भी बढ़ी हलचल

तनाव का असर अब खाड़ी के अन्य देशों पर भी दिखाई देने लगा है। बहरीन ने दावा किया कि ईरानी ड्रोन ने उसके एयर नेविगेशन सिस्टम को निशाना बनाया, हालांकि इससे हवाई यातायात प्रभावित नहीं हुआ। वहीं कुवैत ने भी हमलों की पुष्टि की है। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि मौजूदा हालात में ईरान खुलकर युद्ध लड़ रहा है और देश को इसके परिणामों के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने की अपील भी की।

होर्मुज स्ट्रेट बना दुनिया की चिंता

ओमान के तट के पास, हॉर्मुज स्ट्रेट के नजदीक एक जहाज पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला होने की खबर है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी का कहना है कि हमले में जहाज को नुकसान पहुंचा है लेकिन राहत की बात यह है कि चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल सप्लाई रूट्स में से एक माना जाता है। इस इलाके में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी दिखा और कच्चे तेल की कीमतें कुछ समय के लिए 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं।

 

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अमेरिका का हमला जारी, 17 सैनिकों की मौत

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसने लगातार नौवीं रात ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चलाया। अमेरिका के अनुसार, इस दौरान ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, तटीय निगरानी केंद्र तथा संचार नेटवर्क को निशाना बनाया गया, ताकि हॉर्मुज स्ट्रेट में ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर की जा सके। इसी बीच अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस लड़ाई में जान गंवाने वाले अपने दो सैनिकों की पहचान सार्वजनिक कर दी है। दोनों सैनिक जॉर्डन में अमेरिकी मिशन के तहत तैनात थे। अमेरिकी सेना का कहना है कि इस संघर्ष में अब तक उसके 17 सैनिकों की मौत हो चुकी है।

दुलारा, दर्द पूछा और उठाई आवाज, CJP के आंदोलन में कैसे छा गईं डिंपल यादव?


कॉकरोच जनता पार्टी पिछले एक महीने से दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा मांगा रही थी। सोमवार को CJP ने पहले से तय संसद तक शांतिपूर्वक मार्च का आव्हान किया था लेकिन जैसे ही मार्च आगे बढ़ा दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री के जवानों ने उन्हें रास्ते में रोका और उनपर लाठीचार्ज कर दिया।

 

पुलिस की इस लाठीचार्ज में दर्जनों प्रदर्शनकारी युवा घायल हो गए। कई पुलिसकर्मी भी इसमें घायल हुए। मगर, पुलिसिया लाठीचार्ज में बुरी तरह से घायल छात्र-छात्राएं सड़क और फुटपाथ पर लेट गए। घायल युवाओं को या तो उनके साथियों ने संभाला या फिर समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता और कन्नैज से सांसद डिंपल यादव ने। 


दिनभर छात्रों के बीच रहीं डिंपल यादव

 

दरअसल, डिंपल यादव सपा के लगभग एक दर्जन सांसदों के साथ में छात्रों के इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंची थीं। वह दिनभर छात्रों के बीच रहीं, जिसके बाद पुलिस उनको पकड़कर संसद मार्ग पुलिस थाने ले आई। जब सांसद डिंपल थाने के अंदर बैठी थीं, उन्हीं के सामने कई छात्र और छात्राएं बुरी तरह से घायल अवस्था में आए।

 

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घायल छात्रों को दुलारते और नजर आईं

 

इस मंजर को देखने के बाद डिंपल यादव खुद को संभाल नहीं पाईं और वह घायल छात्रों को दुलारते और उनका दर्द बांटते हुई नजर आईं। उनके इन कदमों की सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है। एक प्रदर्शनकारी युवक पर पुलिस की लाठीचार्ज में बुरी तरह से घायल हो गया था, जिसको उसके साथियों ने एक फुटपाथ पर लिटा दिया। घायल और बेसुध युवक को डिंपल यादव ने जैसे ही देखा वह खुद को रोक नहीं पाईं और उसे प्यार से और अपनेपन के भाव से सहलाने लगीं।

 

 

 

 

डिंपल यादव ने अपना एक हाथ घायल युवक के सिर और दूसरा उसके सीने पर रखकर उसकी मदद की। इसके बाद उन्होंने उसे अपने हाथों से हवा करती नजर आईं और एंबुलेंस को बुलवाया। इसी समय वह एक घायल छात्रा को अपने हाथ से पानी पिलाते हुए नजर आईं। इस दौरान सपा के सभी सांसद वहीं खड़े रहे।

 

अभिभावक बनीं डिंपल

 

इसी तरह से एक और छात्रा पुलिसिया कार्रवाई में घायल होकर संसद मार्ग थाने में आई, जिसे सांसद डिंपल यादव एक अभिभावक की तरह दुलारते हुए नजर आईं। उनके इन कदमों की वजह से सोशल मीडिया पर लोग उनके लिए लिख रहे हैं कि डिंपल यादव सिर्फ एक नेत्री ही नहीं, बल्कि एक पत्नी, मां और बहु भी हैं।

 

 

 

 

प्रदर्शन का बताया आंखों देखा हाल

 

दिनभर युवाओं के साथ रहीं डिंपल यादव बाद में संसद पहुंचीं। उन्होंने यहां कहा, ‘युवा लड़के और लड़कियों के ऊपर लाठीचार्ज किया गया था। कुछ के सिर में चोटें आईं, जबकि दूसरों को छाती पर चोट लगी। अगर पुलिस को बल प्रयोग करना ही था तो उन्हें कमर के नीचे मारना चाहिए था लेकिन इसके बजाय उन्होंने छात्रों के सिर और छाती पर मारा। छात्र बहुत ज्यादा गुस्से में थे। उन्होंने कहा कि वे सिर्फ आंदोलन का समर्थन करने आए थे और किसी से लड़ने नहीं आए थे। आज हमने जो देखा वह परेशान करने वाला है और इसे देश के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।’

 

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मोदी सरकार पर बरसीं डिंपल यादव

 

सपा सांसद डिंपल यादव ने आगे कहा, ‘आज लोकतंत्र के इतिहास में ये काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा। पुलिस के आंखों में भी शर्मिंदगी दिख रही थी… कुछ पुलिसकर्मी गुंडे बने हुए थे। कुछ पुलिसवाले बिना वर्दी के आए और बच्चों को मारा है। बच्चों को करंट दिया। जहां नियम होता है कि आपको पैरों पर मारना है वहां बच्चों के सीने पर मारा है, ये आघात भारत माता के सीने पर किया है। हमारी मांग है कि शिक्षा मंत्री को हटाएं, सरकार जिम्मेदारी ले। इतनी अहंकारी कठोर और निर्दयी सरकार शायद ही देश के इतिहास ने देखी हो।’

 

 

 

भारत में पहली डेंगू वैक्सीन QDENGA को मिली मंजूरी, बिना टेस्ट लगेगा टीका


बारिश के मौसम में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। इस बीमारी के खिलाफ भारत में अभी तक कोई वैक्सीन नहीं थी। अब इस जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए भारत में पहली डेंगू वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने टेकेडा बायोफार्मास्युटिकल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की वैक्सीन QDENGA को बाजार में लाने की मंजूरी दे दी है। यह इस बीमारी से निपटने के लिए एक बड़ा कदम है। QDENGA को 4 से 60 साल के उम्र तक को लगाया जा सकता है।

 

यह वैक्सीन किसी भी व्यक्ति को पहले डेंगू हुआ हो या नहीं। इस बात की परवाह किए बिना दी जा सकती है। इस वैक्सीन को देने से पहले किसी प्रकार के टेस्ट की जरूरत नहीं होगी। इस वजह से डेंगू वाले इलाकों में इसका इस्तेमाल करना आसान हो जाता है। यह वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों प्रकार से सुरक्षा देती है। 

 

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यह वैक्सीन 2022 में लॉन्च हुई थी। अभी तक 43 देशों में इसे मंजूरी मिल चुकी हैं और दुनियाभर में इसकी 32 मिलियन से ज्यादा डोज बांटी जा चुकी हैं। पिछले 2 दशकों में भारत में डेंगू के मामले 11 गुना बढ़ चुके हैं। दुनियाभर में डेंगू के कुल मामलों का लगभग एक तिहाई हिस्सा भारत में दर्ज किया जाता है। हर साल इस बीमारी की चपेट में हजारों लोग आते हैं और कई लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। आइए जानते हैं डेंगू से कैसे बच सकते हैं?

डेंगू के लक्षण

डेंगू एडीज मच्छर से काटने से फैलती है। यह एक वायरल बीमारी है। इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में:

  • तेज बुखार
  • मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
  • लगातार सिरदर्द
  • त्वचा पर चकते
  • मतली
  • उल्टी

मामला गंभीर होने पर प्लेटलेट्स तेजी से गिरते हैं। इस दौरान मसूड़ों और नाक से खून भी आ सकता है।

 

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डेंगू के मच्छरों से कैसे बच सकते हैं?

  • मच्छरदानी लगाएं।
  • घर के आसपास पानी न जमा होने दें।
  • कूलर के पानी को रोजाना बदलें।
  • पानी की टंकी को ढक कर रखें।
  • अपने आस पास साफ सफाई रखें।
  • कीटनाशक का इस्तेमाल करें।