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16 जून का राशिफल, बजरंगबली की कृपा से किस राशि को मिलेगा करियर में लाभ?


16 जून को मंगलवार है। आज का मूलांक 7 है, जो केतु का अंक होने के कारण मानसिक स्पष्टता, आध्यात्मिक चेतना को जागृत करता है। आकाश मंडल में चंद्रमा आज मिथुन राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जहां उनका संयोग बुध और सूर्य के साथ हो रहा है। इसके साथ ही मंगल अपनी ही स्वराशि मेष में रहेंगे। ग्रह-नक्षत्रों का यह ताना-बाना आज के दिन को गतिशील, बौद्धिक रूप से समृद्ध और फैसले लेने के लिए योग्य बनाता है।

 

आज की ऊर्जा कर्मप्रधान है। मंगलवार का दिन होने से हनुमान जी की विशेष कृपा बरसेगी, जिससे बाधाओं का नाश होगा और साहस में बढ़ोतरी होगी। यह दिन अधूरे कामों को तेज रफ्तार देने और नई रणनीतियों पर विचार करने के लिए शानदार है। हालांकि, मूलांक 7 के प्रभाव के कारण जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना होगा। आइए जानते हैं कि ग्रहों की यह विशेष जुगलबंदी मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों के जीवन पर क्या प्रभाव डालने वाली है।

 

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राशिफल

मेष राशि

 

ऑफिस में आपका प्रभाव बढ़ेगा। व्यापार में नए सौदे फायदेमंद रहेंगे। धन लाभ के योग हैं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा, परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।

आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।

आज क्या न करें: किसी भी काम में जल्दबाजी न दिखाएं।

 

वृषभ राशि

 

नौकरी में सीनियर्स की सराहना मिलेगी। व्यापार में धीमी शुरुआत होगी। फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है, बचत पर ध्यान दें। आपकी बातचीत से पारिवारिक विवाद सुलझेंगे। रिश्तों में नजदीकियां आएंगी।

आज क्या करें: पक्षियों को दाना डालें।

आज क्या न करें: आज किसी को उधार देने से बचें।

 

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मिथुन राशि

 

आज चंद्रमा आपकी राशि में है, जिससे बौद्धिक क्षमता बढ़ेगी। नई योजनाएं सफल होंगी। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। लव लाइफ में रोमांच रहेगा। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा।

आज क्या करें: गाय को हरा चारा खिलाएं।

आज क्या न करें: खुद पर नकारात्मक विचारों को हावी न होने दें।

 

कर्क राशि

 

ऑफिस में विवादों से दूर रहें। खर्चों की अधिकता रहेगी, बजट बनाकर चलना समझदारी होगी। जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करें, घरेलू मामलों में धैर्य रखें।

आज क्या करें: ॐ नमः शिवाय का जाप करें।

आज क्या न करें: आज कोई बड़ा निवेश न करें।

 

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सिंह राशि

 

करियर में बड़ा उछाल आने के संकेत हैं। व्यापारियों को बड़ा मुनाफा होगा। धन कमाने के मजबूत योग हैं, निवेश के लिए दिन उत्तम है। बड़े भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा।

आज क्या करें: सूर्य देव को अर्घ्य दें।

आज क्या न करें: अहंकार की भावना को खुद पर हावी न होने दें।

 

कन्या राशि

 

कार्यस्थल पर आपके काम की तारीफ होगी। नया बिजनेस शुरू करने का विचार बनेगा। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। माता-पिता का आशीर्वाद मिलेगा। पैतृक संपत्ति के मामले सुलझेंगे।

आज क्या करें: जरूरतमंदों को फल दान करें।

आज क्या न करें: ऑफिस के काम को कल पर न टालें।

 

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तुला राशि

 

आज भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में ट्रांसफर या प्रमोशन की बात चल सकती है। खर्च और आमदनी में संतुलन बना रहेगा। धार्मिक कार्यों में खर्च होगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थल घूमने जा सकते हैं।

आज क्या करें: किसी मंदिर में कपूर दान करें।

आज क्या न करें: भाग्य के भरोसे बैठकर मेहनत करना न छोड़ें।

 

वृश्चिक राशि

 

ऑफिस में चुनौतियां आ सकती हैं। दुश्मनों से सावधान रहने की जरूरत है। पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें। जीवनसाथी के साथ बहस हो सकती है, शांति से बात सुलझाएं।

आज क्या करें: सुंदरकांड का पाठ करें या सुनें।

आज क्या न करें: आज कोई नया कीमती सामान न खरीदें।

 

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धनु राशि

 

पार्टनरशिप के बिजनेस में बड़ा फायदा होगा। नौकरी में नए अधिकार मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन रुका हुआ पैसा वापस मिलने से आर्थिक तंगी दूर होगी।

आज क्या करें: माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।

आज क्या न करें: आज किसी साझा सौदे में लापरवाही न बरतें।

 

मकर राशि

 

नौकरी में आपको मेहनत के अनुसार परिणाम मिलेंगे। नौकरीपेशा लोग राजनीति का शिकार होने से बचें। पुराने कर्ज से मुक्ति मिलने के रास्ते खुलेंगे। खर्च नियंत्रित रहेगा। परिवार में तालमेल बना रहेगा।

आज क्या करें: चींटियों को आटा डालें।

आज क्या न करें: विरोधियों को कमजोर समझने की भूल न करें।

 

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कुंभ राशि

 

आज विद्यार्थियों के लिए दिन बेहतरीन है। व्यापार में नए आइडियाज सफल होंगे। अचानक धन लाभ हो सकता है। लॉटरी या शेयर मार्केट से फायदा संभव है। लवमेट के साथ क्वालिटी टाइम बिताएंगे।

आज क्या करें: हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं।

आज क्या न करें: भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला न लें।

 

मीन राशि

 

आज वर्क फ्रॉम होम कर रहे लोगों को सफलता मिलेगी। ऑफिस के काम का थोड़ा दबाव रह सकता है। सुख-सुविधाओं की चीजों पर धन खर्च होगा, जिससे बजट प्रभावित हो सकता है।

आज क्या करें: शिवलिंग पर जल अर्पित करें।

आज क्या न करें: आज के दिन घर में क्लेश न करें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर बताया गया है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

उड़ान भरते ही जमीन पर गिर पड़ा अमेरिका का B-52 बॉम्बर विमान, 8 लोगों की मौत


अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक बड़ा हादसा हुआ है। अमेरिकी वायुसेना का एक B-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस बॉम्बर विमान उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी 8 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने शुरुआती जांच के बाद हादसे को नॉन-सर्वाइवेबल बताया है यानी इस हादसे में किसी के भी बचने के उम्मीद कम है। 

 

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हादसा कैलिफोर्निया के मोजावे रेगिस्तान क्षेत्र में स्थित एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस पर हुआ। जानकारी के अनुसार, विमान स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 11:20 बजे उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद विमान में आग लग गई और मौके पर धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया।

 

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टेस्टिंग के दौरान हुआ हादसा

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह विमान किसी युद्ध अभियान का हिस्सा नहीं था, बल्कि नियमित परीक्षण उड़ान का हिस्सा था। बताया गया कि विमान रडार मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम से जुड़ी टेस्ट उड़ान पर था। उड़ान शुरू होने के कुछ ही समय बाद विमान कंट्रोल खो बैठा और जमीन पर गिर गया।

8 लोगों की मौत

एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस के अधिकारियों ने प्रेस ब्रीफिंग में हादसे की पुष्टि करते हुए कहा कि इस दुर्घटना में आठ अमेरिकियों की जान गई है। दुर्घटना के बाद इमरजेंसी टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं, लेकिन प्रारंभिक स्थिति देखकर स्पष्ट हो गया कि किसी को बचाया नहीं जा सकता। इसके बाद बचाव अभियान को रिकवरी ऑपरेशन में बदल दिया गया।

 

रिपोर्ट के अनुसार, विमान में सैन्य कर्मियों के साथ कुछ सरकारी और तकनीकी सहयोगी भी मौजूद थे। कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि मृतकों में विमान निर्माण और तकनीकी परीक्षण से जुड़े लोग भी शामिल थे। खबर लिखे जाने तक मृतकों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी। 

क्यों हुआ हादसा?

फिलहाल हादसे की वजह आधिकारिक तौर पर साफ नहीं की गई है। जांच एजेंसियों ने तकनीकी खराबी, फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम और परीक्षण प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि टेस्ट मिशन सामान्य उड़ानों की तुलना में अधिक जोखिम वाले होते हैं क्योंकि इनमें नए सिस्टम और बदलावों का परीक्षण किया जाता है।

 

B-52 अमेरिकी वायुसेना के सबसे पुराने और रणनीतिक बॉम्बर विमानों में गिना जाता है। यह विमान दशकों से सेवा में है और लगातार तकनीकी अपग्रेड के साथ इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में इस दुर्घटना को अमेरिकी सेना लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

कौन उठा रहा सोनम रघुवंशी का खर्च? जमानत मिलने के बाद खुद किए कई बड़े खुलासे


मध्यप्रदेश के इंदौर का चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। इस मामले में मुख्य आरोपी और मृतक राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी ने अब मीडिया के सामने आकर कई खुलासे किए हैं। उन्होंने कहा कि वह नेपाल नहीं भागी थी। सोनम ने कहा कि उनके बारे में झूठ फैलाया जा रहा है और जनता अफवाह पर भरोसा ना करे। सोनम रघुवंशी अपने पति राजा रघुवंसी की हत्या के मामले में आरोपी हैं और फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं। 

 

जेल से रिहा होने के बाद सोनम शिलॉन्ग में रह रही है। सोनम ने वहां के एक लोकल चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा है कि मैं शिलॉन्ग में ही हूं। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि उनका फिलहाल इंदौर जाने का कोई प्लान नहीं है। सोनम ने कहा कि वह इस मामले में जांच में सहयोग करेंगी। उन्होंने कहा, ‘मैंने हमेशा कोर्ट की कार्यवाही में पूरा सहयोग किया है। आगे भी करती रहूंगी।’

 

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राजा के भाई ने लगाया था आरोप

राजा रघुवंशी का परिवार सोमन रघुवंशी की जमानत का विरोध कर रहा है। हालांकि, कोर्ट ने सोनम को जमानत दे दी है। इसके बाद राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने आरोप लगाया था कि सशर्त जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद सोनम देश छोड़कर नेपाल भाग गई है। उन्होंने मामले की CBI जांच कराने की भी मांग की थी।

 

हालांकि, सोमन में इन आरोपों के बाद साफ जवाब दिया है कि वह नेपाल नहीं गई हैं। उन्होंने कहा कि वह जमानत की शर्तों का पालन कर रही हैं। सोनम ने कहा, ‘कोर्ट ने जमानत के लिए जो भी शर्तें रखी हैं,  मैंने हमेशा उनका पूरी तरह पालन किया है और मैं उस दायरे को कभी नहीं तोड़ूंगी।’

कौन उठा रहा सोनम का खर्च?

सोनम ने इंटरव्यू में साफ किया कि वर्तमान में वह शिलॉन्ग में ही रह रही है। उन्होंने कहा कि मैं शिलॉन्ग से बाहर बिल्कुल नहीं गई हूं। इसके साथ ही उनसे इंटरव्यू में खर्च को लेकर भी सवाल किया गया। इस सवाल के जवाब में सोनम ने कहा कि उसके बारे में मैं कुछ नहीं बताना चाहती। सोनम ने कहा कि खर्च उनका निजी मामला है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों की वजह से शिलॉन्ग के भीतर अपने सटीक रहने के स्थान को सार्वजनिक नहीं कर सकती।

 

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हत्या पर क्या बोली?

इंटरव्यू में सोनम से उनके पति की हत्या के बारे में भी पूछा गया। इस बारे में जवाब देते हुए सोनम ने कहा कि मैं इस पर कुछ नहीं बोलूंगी। अभी मेरा केस ट्रायल में चल रहा है। मैंने कोर्ट का हमेशा सहयोग किया है। हालांकि, उन्होंने नेपाल भागने के आरोपों का खंडन किया। 


सोनम रघुवंशी की शादी 2025 में राजा रघुवंशी से हुई थी। इसके बाद वह अपने पति के साथ हनीमून पर कई थी। हनीमून के दौरान ही सोनम के पति राजा रघुवंशी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले की चर्चा पूरे देश में हुई थी। सोनम रघुवंशी इस मर्डर के बाद कुछ दिन गायब रही थी लेकिन बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। अब कोर्ट में वह अपने पति की हत्या के मामले में ट्रायल का सामना कर रही है।  

हर वक्त ऑनलाइन रहना जरूरी नहीं, डिजिटल डिटॉक्स के अपनाएं आसान तरीके


आज के समय में मोबाइल फोन हमारी जरूरत से ज्यादा हमारी आदत बन चुका है। सुबह आंख खुलते ही सबसे पहले हम फोन देखते हैं और रात को सोने से ठीक पहले भी सोशल मीडिया चलाना ज्यादातर लोगों की आदत बन गया है। काम, पढ़ाई, खरीदारी और मनोरंजन का बड़ा हिस्सा अब पूरी तरह फोन की स्क्रीन तक सिमट गया है। इससे आंखों पर दबाव, गर्दन में दर्द, नींद की समस्या और मानसिक थकान जैसी परेशानियां बढ़ रही हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम डिजिटल दुनिया से इतने ज्यादा जुड़ गए हैं कि असली दुनिया की छोटी-छोटी खुशियां कहीं खो सी गई हैं। 

 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि डिजिटल डिटॉक्स का मतलब तकनीक को पूरी तरह छोड़ना नहीं है। इसका मतलब है कि हम तकनीक का इस्तेमाल सही तरीके से करें ताकि हम अपनी असल जिंदगी का आनंद ले सकें। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लगातार डिजिटल शोर में रहने से दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए हफ्ते के अंत में यानी वीकेंड पर फोन से दूरी बनाना मन को शांत करने, परिवार के साथ समय बिताने और खुद को तरोताजा करने का बहुत अच्छा तरीका है।

 

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फोन चलाने की अपनी आदतों को पहचानें

डिजिटल डिटॉक्स शुरू करने के लिए पहले यह देखें कि आप दिन में कितनी बार फोन चेक करते हैं। अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर यह देखें कि आप किस ऐप पर सबसे ज्यादा समय बिता रहे हैं। जब आपको पता चल जाएगा कि आपका समय कहां ज्यादा खर्च हो रहा है, तो आप उन ऐप्स का इस्तेमाल कम कर सकते हैं जो आपके लिए बहुत जरूरी नहीं हैं। अपनी डिजिटल लाइफ को सुधारने की दिशा में यह पहला और जरूरी कदम है।

सुबह के पहले घंटे में फोन का उपयोग न करें

उठते ही फोन देखने की आदत हमारे पूरे दिन की ऊर्जा पर बुरा असर डालती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जागने के बाद का कम से कम पहला एक घंटा आप बिना फोन के बिताएं। उस समय आप टहलने जाएं, कसरत करें या कोई किताब पढ़ें। यह छोटी सी आदत आपके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है और आपको पूरे दिन शांत महसूस करने में मदद करती है।

जरूरी न हो तो नोटिफिकेशन बंद रखें

फोन में आने वाले हर नोटिफिकेशन की हमें जरूरत नहीं होती। ये नोटिफिकेशन हमारा ध्यान बार-बार भटकाते हैं और हमारे काम में रुकावट डालते हैं। आप उन ऐप्स के नोटिफिकेशन बंद कर दें जो आपके लिए जरूरी नहीं हैं। इससे आप फोन के गुलाम नहीं बनेंगे और आप खुद तय कर पाएंगे कि आपको फोन कब और क्यों देखना है।

घर में फोन के लिए नो फोन जोन बनाएं

अपने घर की कुछ जगहों को पूरी तरह से फोन से दूर रखें। जैसे कि डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय और बेडरूम में सोने से पहले फोन का इस्तेमाल न करें। जब आप खाना खाते हैं या परिवार के साथ बैठते हैं, तो फोन को पास न रखें। इससे आपसी बातचीत बढ़ेगी और आपके रिश्ते मजबूत होंगे। बेडरूम में फोन न ले जाने से आपकी नींद अच्छी आएगी और आप हानिकारक रोशनी से बच सकेंगे।

वीकेंड को बनाएं डिजिटल डिटॉक्स डे

पूरे हफ्ते काम के दबाव के बाद वीकेंड पर खुद को तकनीक से दूर रखना बहुत जरूरी है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, छुट्टी के दिन डिजिटल दुनिया से दूर रहकर आप अपना तनाव कम कर सकते हैं और जीवन की छोटी खुशियों को महसूस कर सकते हैं। छुट्टी के दिन कम से कम कुछ घंटे या पूरा एक दिन सोशल मीडिया से दूरी बनाएं। इस दौरान आप दोस्तों से मिलें, बाहर घूमने जाएं या अपने पसंदीदा काम करें। यह बदलाव आपको मानसिक शांति देगा और आप नई ऊर्जा के साथ काम पर लौट सकेंगे।

ऑफलाइन शौक को समय दें

फोन चलाने के बजाय खाली समय में कुछ और काम करें। आप पेंटिंग कर सकते हैं, पौधे लगा सकते हैं, योग कर सकते हैं, रनिंग कर सकते हैं या अच्छा संगीत सुन सकते हैं। जब आप अपनी पसंद का काम करेंगे, तो आपको फोन की याद कम आएगी और आपको ज्यादा खुशी मिलेगी। ये गतिविधियां आपको यह बताती हैं कि बिना फोन के भी जिंदगी कितनी सुखद और अच्छी हो सकती है।

 

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सोने से कम से कम एक घंटा पहले फोन का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। मोबाइल की स्क्रीन से आने वाली नीली रोशनी हमारी नींद के हार्मोन को खराब करती है। अगर आप सोने से पहले फोन नहीं देखेंगे, तो आपको गहरी और अच्छी नींद आएगी। रात को फोन से दूरी बनाकर आप अपनी सेहत का ध्यान रख सकते हैं।

 

साप्ताहिक राशिफल: 15 से 21 जून तक सूर्य गोचर का आप पर क्या होगा असर?


15 जून से 21 जून का यह सप्ताह ग्रहों की एक बेहद महत्वपूर्ण हलचल के साथ शुरू हो रहा है। मिथुन राशि में सूर्य, बुध और शुक्र ग्रह की युति होगी, जिससे बेहद शुभ ‘बुधादित्य’ और ‘लक्ष्मी नारायण’ योग का निर्माण हो रहा है। सोमवार का दिन होने के कारण चंद्र देव की कृपा पूरे सप्ताह बनी रहेगी। अंक ज्योतिष के नजरिए से देखें तो सप्ताह के पहले दिन का मूलांक 6 बनता है, जो शुक्र देव का अंक है। यह मूलांक हमारे जीवन में प्रेम, ऐश्वर्य और भौतिक सुख-सुविधाओं को बढ़ाने वाला साबित होगा।

 

इस सप्ताह मंगल देव अपनी स्वराशि मेष में प्रवेश करेंगे, जिससे लोगों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। वहीं, गुरु बृहस्पति वृषभ राशि में बैठकर हमारी बुद्धि में स्थिरता लाएंगे। ग्रहों का यह ताना-बाना इस सप्ताह सभी 12 राशियों के लिए मिले-जुले लेकिन बेहद खास परिणाम लेकर आया है। यह समय नए लक्ष्यों को जमीन पर उतारने के लिए उत्तम है। आइए जानते हैं आपकी राशि के लिए यह सप्ताह कैसा रहेगा।

 

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राशिफल और उपाय

 

मेष राशि

 

ऑफिस में आपका प्रभाव बढ़ेगा। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत रहेगी लेकिन सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है। जीवनसाथी के साथ संबंध अच्छे होंगे।

क्या करें: हर दिन सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करें।

क्या न करें: कोई भी बड़ा व्यापारिक निर्णय लेने से बचें।

 

वृषभ राशि

 

नौकरी में प्रमोशन या सैलरी बढ़ सकती है। व्यापारियों के लिए कोई नई डील फाइनल हो सकती है। आर्थिक रूप से यह सप्ताह बेहद मजबूत है। लव लाइफ में रोमांस बढ़ेगा। परिवार के साथ किसी मनोरंजक यात्रा पर जा सकते हैं।

क्या करें: शुक्रवार के दिन छोटी कन्या को सफेद मिठाई खिलाएं।

क्या न करें: किसी भी व्यक्ति पर पैसों के मामले में आंख मूंदकर भरोसा न करें।

 

मिथुन राशि

 

आपकी राशि में तीन ग्रहों का मिलन होगा, इस वजह से आपके हर काम तेज रफ्तार से पूरे होंगे। आमदनी अच्छी रहेगी। जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करें। इस सप्ताह आपको आंखों में जलन या नींद न आने की समस्या परेशान कर सकती है।

क्या करें: बुधवार को गाय को हरा चारा या पालक खिलाएं।

क्या न करें: किसी के साथ बहसबाजी में न उलझें।

 

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कर्क राशि

 

नौकरीपेशा जातकों को काम के सिलसिले में विदेश जाना पड़ सकता है। इस सप्ताह धन खर्च ज्यादा होगा, जिससे बजट बिगड़ सकता है। भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा। बच्चों की तरक्की से मन खुश होगा।

क्या करें: सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।

क्या न करें: इस सप्ताह किसी को भी पैसा उधार देने की गलती न करें।

 

सिंह राशि

 

करियर में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। बिजनेस करने वालों को इस सप्ताह बड़ा लाभ संभव है। आर्थिक स्थिति में जबरदस्त सुधार होगा। दोस्तों के साथ अच्छा समय बीतेगा।

क्या करें: रविवार के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

क्या न करें: अपने भीतर अहंकार की भावना को न पनपने दें।

 

कन्या राशि

 

ऑफिस में आपके काम की तारीफ होगी। बेरोजगारों को नई नौकरी के बेहतरीन अवसर मिल सकते हैं। इस सप्ताह जमीन या गाड़ी खरीदने के योग बन रहे हैं। माता-पिता के आशीर्वाद से कोई अटका काम पूरा होगा।

क्या करें: भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करें।

क्या न करें: किसी की पीठ पीछे बुराई न करें।

 

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तुला राशि

 

भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक या शैक्षणिक कार्यों से जुड़े लोगों के लिए समय बेहद शानदार है। आर्थिक स्थिति मिली-जुली रहेगी। जीवनसाथी के साथ किसी धार्मिक स्थल की यात्रा पर जा सकते हैं। प्रेम जीवन में आपसी समझ बढ़ेगी।

क्या करें: किसी जरूरतमंद व्यक्ति को काले चने का दान करें।

क्या न करें: दस्तावेजों पर बिना पढ़े साइन न करें।

 

वृश्चिक राशि

 

ऑफिस में काम का दबाव अधिक रहेगा। दुश्मनों से सावधान रहें, वे आपकी छवि बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। धन हानि के संकेत हैं, इसलिए सट्टेबाजी या लॉटरी जैसे कामों से दूर रहें। जीवनसाथी के साथ छोटी-मोटी बातों पर अनबन हो सकती है।

क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।

क्या न करें: इस सप्ताह किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।

 

धनु राशि

 

पार्टनरशिप में चल रहे व्यापार में बड़ा मुनाफा होने के योग हैं। नौकरी में नए प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी मिल सकती है। इस सप्ताह सुख-सुविधाओं की चीजों पर धन खर्च करने में आनंद आएगा।

क्या करें: गुरुवार के दिन माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं।

क्या न करें: दूसरों के मामलों में दखल देने से बचें।

 

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मकर राशि

 

नौकरी में आपके विरोधी परास्त होंगे। इस सप्ताह खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। कर्ज लेने या देने की स्थिति से पूरी तरह बचें। जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा।

क्या करें: शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

क्या न करें: काम को कल पर टालने की आदत से बचें।

 

कुंभ राशि

 

विद्यार्थियों और मीडिया से जुड़े लोगों के लिए यह सप्ताह सफलता लेकर आया है। नई नौकरी के मौके मिलेंगे। शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड से लाभ हो सकता है। लव पार्टनर के साथ रोमांटिक समय बिताने का मौका मिलेगा।

क्या करें: शनिवार के दिन शनि चालीसा का पाठ करें।

क्या न करें: भावनाओं में आकर कोई फैसला न लें।

 

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मीन राशि

 

ऑफिस के कामकाज में बदलाव हो सकते हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े बिजनेस को फायदा होने की उम्मीद है। सुख-साधनों पर खर्च होगा। हालांकि, अटका हुआ धन मिलने से आर्थिक संतुलन बना रहेगा।

क्या करें: गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा करें।

क्या न करें: अपने मन की बात किसी से भी शेयर न करें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर बताया गया है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

‘हम पर लागू नहीं, हम आजाद देश’, ईरान से ट्रंप की डील को इजरायल ने किया खारिज


एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया कि अब ईरान से उनकी डील हो गई है और अब हमले नहीं होंगे। पहली बार ईरान ने भी इसकी पुष्टि कर दी। सब ठीक लग ही रहा था कि इजरायल ने इसे मानने से ही इनकार कर दिया है। इजरायल ने दो टूक कहा है कि ट्रंप का यह समझौता उस पर लागू नहीं होता। ईरान ने कहा है कि जितनी बार उसने अंतरराष्ट्रीय दबाव में समझौता किया, हर बार उसने अपना खून बहाकर कीमत चुकाई है। इजरायल ने यह भी कहा है कि वह स्वतंत्र और संप्रभु देश है तो अमेरिका की बात उस पर लागू नहीं होती है।

 

इससे पहले एलान किया गया था कि 60 दिनों तक कोई भी हमला नहीं होगा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। यह कहा गया था कि 19 जून को जिनेवा में इस समझौते पर दस्तखत किए जाएंगे। इसी समझौते में यह भी कहा गया कि इजरायल बनाम हिज्बुल्लाह की जंग भी खत्म होगी। हालांकि, इजरायल अब इस पर राजी नहीं है। वहीं, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी अभी कोई समझौता नहीं हुआ है और इस पर अगले 60 दिनों में बातचीत होनी है।

 

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इजरायल ने क्या कहा?

इजरायल की ओर से उसके नेशनल सिक्योरिटी मंभी इतमार बेन-गवीर ने बयान जारी करके कहा है, ‘ट्रंप का समझौता हम पर लागू नहीं होता। इजरायल अमेरिका का हिस्सा नहीं है। हम एक आजाद और संप्रभु देश हैं। जितनी बार भी हम अंतरराष्ट्रीय दबाव में झुके हैं, हर बार हमारा खून बहा है और हमने इसकी कीमत चुकाई है। ओस्लो समझौते में यही हुआ, 2006 के लेबनान समझौते में यही हुआ और गाजा को लेकर हर बार यही हुआ और हमारे सामने धमाके होते रहे। हम कहना चाहते हैं कि हम अमेरिका को पसंद करते हैं और राष्ट्रपति ट्रंप के शुक्रगुजार हैं लेकिन इजरायल कोई बनाना रिपब्लिक नहीं है।’

 

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उन्होंने आगे कहा है, ‘मैं हर बार प्रधानमंत्री को यही कहता हूं और ऐतिहासिक मौकों पर हर बार बंदे कमरे में यही बात दोहराता हूं। ऐसे मौकों पर ऐतिहासिक फैसले लिए जाने चाहिए। हमने एकदम साफ किया है कि अगर लेबनान की तरफ से एक भी ड्रोन, UAV या मिसाइल हमला होगा तो इजरायल दहिया (लेबनान) पर हमला करेगा।’

 

दरअसल, अमेरिका अब चाहता है कि विवाद और ना बढ़े क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बार-बार बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है और इसका असर अमेरिका पर भी पड़ने लगा है। उधर इजरायल का कहना है कि लेबनान समर्थित हिजुबुल्लाह हमेशा से उसके लिए नासूर बना हुआ है और अब वह इसका खात्मा करके ही रहेगा। ईरान बार-बार कह रहा है कि वह तभी कोई डील करेगा जब लेबनान पर हमले बंद हों। डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल की रजामंदी के बिना ही यह बात स्वीकार कर ली है कि लेबनान पर हमले नहीं होंगे। इसी को लेकर अब इजरायल भड़क गया है।

 

डीजल की कालाबाजारी कैसे रुकेगी? सरकार ने तय की खरीद सीमा


सरकार ने पेट्रोल पंपों से डीजल खरीदने को लेकर नए और सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब कोई भी गाड़ी वाला या ग्राहक एक दिन में किसी भी पेट्रोल पंप से 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं खरीद पाएगा। यह बड़ा फैसला सरकार ने इसलिए लिया है ताकि पेट्रोल पंपों पर डीजल की जमाखोरी को रोका जा सके और आम लोगों को ईंधन आसानी से मिलता रहे। साथ ही, इसका उद्देश्य सरकारी तेल कंपनियों को हो रहे नुकसान को कम करना भी है।  

 

सरकार के नए नोटिफिकेशन के अनुसार, अब पेट्रोल पंप डीलर किसी भी गाड़ी या ग्राहक को एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं दे सकेंगे। इसके साथ ही, पंप से खरीदे गए डीजल को दोबारा बेचने यानी रीसेल करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। पेट्रोल पंप चलाने वालों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे डीजल सिर्फ गाड़ी की टंकी में या ‘पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन’ (PESO) से मंजूर किए गए कंटेनर में ही डालें। यह आदेश तुरंत लागू कर दिया गया है और यह अभी अगले 3 महीने यानी 90 दिनों तक प्रभावी रहेगा।  

 

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बड़े खरीदारों के लिए नई व्यवस्था

मॉल, अस्पताल, बड़ी फैक्ट्रियां, ट्रैवल एजेंसियां और निजी बस चलाने वाले जैसे थोक खरीदार अब रिटेल पेट्रोल पंपों से तेल नहीं खरीद पाएंगे। सरकार ने इन सभी संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे अपनी जरूरत का डीजल सिर्फ अधिकृत ‘बल्क सेल पॉइंट्स’ यानी थोक बिक्री केंद्रों से ही लें। उन्हें पेट्रोल पंपों पर जाकर तेल लेने की इजाजत नहीं होगी।

 

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सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?

पेट्रोल पंपों पर डीजल का दाम और थोक में मिलने वाले डीजल के दाम में बहुत बड़ा अंतर है। उदाहरण के तौर पर, दिल्ली में रिटेल पंप पर डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है जबकि थोक में यह 134.50 रुपये प्रति लीटर है। इसी कीमत के अंतर का फायदा उठाने के लिए कई औद्योगिक खरीदार अपने थोक स्रोतों के बजाय आम पेट्रोल पंपों पर जाकर तेल लेने लगे थे। इससे पेट्रोल पंपों पर अचानक तेल की कमी होने लगी और तेल कंपनियों को राजस्व का बहुत नुकसान होने लगा।  

 

अगर कोई व्यक्ति या संस्था इन नए नियमों को तोड़ती है या डीजल की जमाखोरी करती है, तो उन पर ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955’ के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम तेल के गलत इस्तेमाल और डायवर्जन को रोकने के लिए बहुत जरूरी था।  

दौड़ के बहाने दोस्ती, भारत के शहरों में क्यों बढ़ा रनिंग क्लब्स का क्रेज?


आजकल बड़े शहरों में रहने वाले लोग जिम की चारदीवारी से बाहर निकलकर सड़कों और पार्कों में एक साथ दौड़ना पसंद कर रहे हैं। इस बदलाव के पीछे सिर्फ अपनी फिटनेस सुधारना ही मुख्य कारण नहीं है बल्कि यह बड़े शहरों में दोस्तों का नया नेटवर्क बनाने और अकेलापन दूर करने का एक बहुत अच्छा जरिया बन गया है। काम की भागदौड़ और मानसिक दबाव से बचने के लिए लोग सुबह जल्दी उठकर एक साथ दौड़ने का फैसला ले रहे हैं। जब लोग एक साथ दौड़ते हैं तो उनके बीच आपसी तालमेल और दोस्ती बहुत गहरी हो जाती है जो इस दौड़ को एक सामाजिक गतिविधि बना देती है। ‘स्वेट टुगेदर’ (Sweat Together) नाम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में रनिंग कम्युनिटी के सदस्यों की संख्या अब 2.6 मिलियन तक पहुंच गई है।

 

भारत के प्रमुख शहरों में रनिंग क्लब्स की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। बेंगलुरु को भारत की ‘रनिंग कैपिटल’ माना जाता है जहां 150 से ज्यादा सक्रिय रनिंग ग्रुप्स हैं। दिल्ली और एनसीआर का इलाका भी इस मामले में बहुत आगे है जहां लगभग 120 बड़े रनिंग क्लब्स मौजूद हैं। इसी तरह मुंबई में भी 90 से ज्यादा ग्रुप्स काम कर रहे हैं।

 

फिल्टर कॉफी की ‘इंडिया फिटनेस इकोसिस्टम’ रिपोर्ट के मुताबिक, पुणे और हैदराबाद जैसे शहरों में भी पिछले कुछ सालों में रनिंग ग्रुप्स की संख्या में 35 प्रतिशत तक का उछाल आया है। ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि शहरों में रहने वाले लोग अब अकेले वर्कआउट करने के बजाय एक कम्युनिटी के साथ रहना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। बड़े इवेंट्स की बात करें तो, टाटा मुंबई मैराथन जैसे आयोजनों में अब 65,000 से अधिक लोग हिस्सा लेते हैं जबकि ‘गीक्स ऑन फीट’ के 2026 के आंकड़ों के अनुसार, बेंगलुरु के TCS वर्ल्ड 10K मैराथन में 16,000 से अधिक धावकों ने भाग लिया है।

 

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युवाओं की सेहत पर इसका अच्छा असर

आजकल की युवा पीढ़ी अपनी सेहत को लेकर पहले से कहीं ज्यादा जागरूक है। स्वास्थ्य जानकारों और रिपोर्ट्स के मुताबिक, नियमित रूप से रनिंग क्लब के साथ दौड़ने वाले युवाओं में दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा 30 प्रतिशत तक कम हो जाता है। ‘ई-पीक’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 44 प्रतिशत धावकों ने माना है कि दौड़ने से उनकी मानसिक सेहत में वैसा ही सुधार हुआ है जैसा एंटी-डिप्रेसेंट दवाओं से होता है। दौड़ने के दौरान शरीर में ‘हैप्पी हार्मोन्स’ निकलते हैं जो पूरे दिन की थकान को दूर रखते हैं और एकाग्रता को बढ़ाते हैं। एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि रनिंग क्लब में आने वाले 70 प्रतिशत लोग यह मानते हैं कि ग्रुप में दौड़ने से उनका मानसिक तनाव काफी कम हुआ है। साथ ही 89 प्रतिशत धावकों ने माना है कि नियमित दौड़ने से वे पहले के मुकाबले ज्यादा खुश रहते हैं।

कौन है इसमें शामिल?

ज्यादातर रनिंग क्लब्स को वे लोग होस्ट करते हैं जिन्हें दौड़ने का बहुत ज्यादा शौक है। इन क्लब्स को चलाने के लिए अक्सर किसी बड़ी स्पोर्ट्स कंपनी से मदद ली जाती है या फिर सभी सदस्य मिलकर थोड़े पैसे जमा करते हैं ताकि पानी के स्टॉल और फर्स्ट एड किट जैसी चीजें आसानी से मिल सकें। इन क्लब्स का नेतृत्व अक्सर ऐसे लोग करते हैं जो फिटनेस कोच हैं या पुराने खिलाड़ी रहे हैं। जो लोग इन क्लब्स में शामिल हो रहे हैं उनमें 22 से 40 साल की उम्र के ऑफिस में काम करने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। खास बात यह है कि ‘गीक्स ऑन फीट’ के 2026 के डेटा के मुताबिक, TCS वर्ल्ड 10K बेंगलुरु मैराथन में 25 से 30 साल की उम्र के युवाओं का ग्रुप सबसे बड़ा था जो यह दिखाता है कि अब युवा पीढ़ी इसे अपना रही है।

 

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करियर का नया रास्ता

रनिंग क्लब अब केवल दौड़ने की जगह ही नहीं रह गए हैं बल्कि ये एक अनौपचारिक नेटवर्किंग हब भी बन गए हैं। रेड लैब रिपोर्ट के मुताबिक, लोग अब शराब और बार के बजाय फिटनेस ग्रुप्स में सोशल नेटवर्किंग करना पसंद कर रहे हैं। ऑफिस की मीटिंग्स और माहौल से हटकर यहां होने वाली बातचीत ज्यादा सीधी और ईमानदार होती है। अब ये क्लब महीने में बड़े इवेंट्स भी आयोजित करते हैं जिसमें 500 से 1,000 लोग एक साथ शामिल होते हैं जिससे यह पूरी प्रक्रिया एक बहुत बड़ी सोशल कम्युनिटी बन गई है।

मिथुन संक्रांति पर ओडिशा में क्यों मनाया जाता है रज पर्व? जानिए पर्व की परंपरा


इस साल 15 जून को ज्योतिषीय गणना के अनुसार मिथुन संक्रांति है। इस दिन सूर्य देव मिथुन राशि में गोचर करेंगे। इसी अवसर पर ओडिशा में रज पर्व मनाया जाएगा। यह पर्व तीन दिनों तक मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 14 जून से लेकर 16 जून तक मनाया जाएगा।जहां एक तरफ मिथुन संक्रांति के दिन सूर्य देव को जल अर्पित करने की परंपरा है ताकि उनकी कृपा भक्तों पर बनी रहे, वहीं ओडिशा में इस दिन धरती मां की आराधना की जाती है। रज त्योहार नारीत्व से जुड़ी परंपराओं का उत्सव मनाया जाता है।

 

रज त्योहार में ओडिशा के लोग धरती मां को विश्राम देते हैं। इन तीन दिनों तक किसान खेती-बाड़ी का काम नहीं करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पर्व में धरती मां की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। इसी कारण लोग इन दिनों धरती की पूजा-अर्चना करते हैं। अब सवाल उठता है कि इस पर्व में धरती मां को क्यों आराम दिया जाता है?

 

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रज पर्व में धरती मां को क्यों दिया जाता है विश्राम?

 

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इन तीन दिनों में भूदेवी मां के रजस्वला होने का प्रतीकात्मक रूप से सम्मान किया जाता है। माना जाता है कि धरती दुनिया के सभी जीवों का पालन-पोषण करती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जिस प्रकार महिलाओं को मासिक धर्म होता है, उसी प्रकार रज त्योहार के दौरान धरती मां भी रजस्वला होती हैं। इसी वजह से तीन दिनों तक खेती नहीं की जाती, ताकि धरती मां को विश्राम मिल सके।

 

रज पर्व के दौरान ओडिशा की महिलाओं को भी घर के कामकाज से राहत दी जाती है ताकि वे आराम कर सकें। इन तीन दिनों तक सभी लोग मिलकर उत्सव मनाते हैं। कई गांवों में झूले लगाए जाते हैं और महिलाएं झूला झूलती हैं। इसके अलावा लोग अपने-अपने घरों में स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेते हैं। इस त्योहार में खास तौर पर पोड़ो पीठा और चाकुली पीठा बनाया और खाया जाता है।

 

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मानसून का प्रतीक

 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मिथुन संक्रांति को मानसून के आगमन का प्रतीक भी माना जाता है। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बाद बारिश का मौसम शुरू होता है। वर्षा धरती को भिगोकर नई फसल के लिए तैयार करती है। इसी वजह से किसान अपने खेतों को तीन दिनों तक आराम देते हैं ताकि भूमि नई फसल के लिए तैयार हो सके।

 

नोट: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और लोक परंपराओं पर आधारित है। इसकी सत्यता और सटीकता की हम पुष्टि नहीं करते हैं।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद ट्रंप से पहली बार फ्रांस में मिलेंगे पीएम मोदी


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्रांस में मुलाकात करेंगे। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह दोनों नेताओं की पहली मुलाकात होगी। डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा शांति बोर्ड में शामिल होने और मिस्र में आयोजित इजरायल-हमास संघर्ष विराम समझौते का न्योता भेजा था, लेकिन पीएम मोदी ने इन दोनों कार्यक्रम से दूरी बना ली थी। 

 

पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की आखिरी मुलाकात फरवरी 2025 में हुई थी। पिछले एक साल में डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार भारत विरोधी बयान देकर मोदी सरकार को असहज कर दिया था। टैरिफ मामले में दोनों देशों के बीच तनाव और भी चरम पर पहुंच गया था।

 

 

 

फ्रांस में होगी भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय वार्ता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसके बाद जी-7 नेताओं, जी-7 आउटरीच सहयोगियों और ग्लोबल टेक सीईओ के साथ इनोवेशन और एआई पर वर्किंग लंच करेंगे। फ्रांस से रवाना होने से पहले डोनाल्ड ट्रंप फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ वर्साय के महल में डिनर भी करेंगे। 

 

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माना जा रहा है कि फ्रांस में मुलाकात के दौरान भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर चर्चा होगी। अमेरिका अधिकारियों ने भी इसकी संभावना जताई है। उनका कहना है कि हमने इस साल की शुरुआत में एक जॉइंट फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर साइन किया था। पिछले एक साल से हम भारत के साथ काफी गहन बातचीत कर रहे हैं। कुछ हफ्ते पहले अमेरिका की एक टीम भारत गई थी। हमारी उनसे अक्सर बातचीत होती रहती है।

किन-किन नेताओं के साथ होगी ट्रंप की बैठक?

अमेरिका अधिकारियों के मुताबिक सोमवार सुबह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस से फ्रांस के एवियन के लिए रवाना होंगे। दोपहर तक उनके पहुंचने की उम्मीद है। जी-7 समिट में डोनाल्ड ट्रंप अपने सहयोगियों के साथ आर्थिक विकास, सप्लाई चेन की मजबूती, अवैध आव्रजन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

 

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सोमवार की शाम फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। मंगलवार को जी-7 देशों के नेताओं के सात औपचारिक स्वागत और वर्किंग डिनर होगा। इसी दिन ट्रंप यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से भी मुलाकात करेंगे। कतर के अमीर और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के साथ भी द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। दोपहर में जी-7 और मध्य पूर्व के नेताओं के साथ वर्किंग लंच आयोजित किया जाएगा। मंगलवार शाम को डोनाल्ड ट्रंप को एक सोशल डिनर और सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होना है।