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क्या है हाका डांस? जिससे न्यूजीलैंड में PM मोदी का हुआ स्वागत, इतिहास जान लीजिए


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 से 11 जुलाई तक 2026 तक तीन देशों (इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड) के दौरे पर थे। आज PM मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड के ऑकलैंड पहुंचे थे। गवर्नमेंट हाउस पहुंचने पर वहां की पारंपरिक माओरी जनजाति के ‘हाका’ नृत्य के साथ PM मोदी का भव्य स्वागत किया गया। PM मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। 

 

हाका नृत्य के बारे में बात करें तो यह न्यूज़ीलैंड की मूल निवासी माओरी जनजाति का एक पारंपरिक और बेहद जोशीला नृत्य है। यह कोई सामान्य नृत्य नहीं है, बल्कि इसमें पैर थपथपाना, सीने पर हाथ मारना, तेजी से सांस छोड़ना और जोरदार हुंकार भरना शामिल है।

 

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आपको याद होगा कि पिछले दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इसमें न्यूजीलैंड की संसद में युवा महिला सांसद हाना-रावहिती करैरिकी माईपी-क्लार्क सरकार के एक बिल के विरोध में पारंपरिक ‘हाका’ नृत्य किया था। सोशल मीडिया पर उनकी यह क्लिप आज भी खूब वायरल होती है।

क्या है हाका नृत्य? 

हाका न्यूजीलैंड के स्वदेशी माओरी (Maori) समुदाय का पारंपरिक नृत्य है, जिसे ‘वॉर डांस’ भी कहा जाता है। दरअसल, यह नृत्य  ऐतिहासिक रूप से योद्धाओं द्वारा युद्ध के मैदान में जाने से पहले अपने दुश्मनों को डराने और अपनी ताकत के प्रदर्शन के तौर पर किया जाता था। लेकिन इसका महत्व इससे कहीं ज्यादा है। मौजूदा समय में हाका नृत्य खास मेहमानों के स्वागत, शादी, अंतिम संस्कार, जीत के जश्न, राष्ट्रीय समारोह और अहम अवसरों पर किया जाने लगा। 

 

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हाका नृत्य में होता क्या है?

हाका नृत्य के दौरान एक साथ ऊंची आवाज में पारंपरिक शब्द बोले जाते हैं। कलाकार जोरदार कदमताल करते हुए छाती और जांघों पर हाथ मारते हैं। आंखें बड़ी करते हैं और जीभ बाहर निकालते हैं। यह नृत्य ताकत, साहस, एकजुटता और सम्मान का संदेश देता है। इसका उद्देश्य केवल सामने वाले को चुनौती देना ही नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और सामूहिक भावना को भी दर्शाना होता है। न्यूजीलैंड की अंतरराष्ट्रीय रग्बी टीम (ऑल ब्लैक्स) अंतरराष्ट्रीय मैचों से पहले हाका नृत्य करती है। यहां से इसे दुनियाभर में खूब प्रसिद्धि मिली।  

बताया जाता है कि माओरी जनजाति न्यूजीलैंड के मूल निवासी हैं, जो 13वीं या 14वीं शताब्दी के आसपास प्रशांत महासागर के द्वीपों से नावों के जरिये न्यूजीलैंड पहुंचे थे। माओरी जनजाति अपनी समृद्ध संस्कृति, अपनी भाषा (ते रेओ माओरी), और युद्ध के पारंपरिक नृत्य ‘हाका’ के लिए दुनिया भर में जानी जाती है। हाका नृत्य के अलावा माओरी संस्कृति में टैटू का भी बहुत महत्व है। वे अपने चेहरे और शरीर पर खास टैटू भी बनवाते हैं। यह उनके परिवार और सामाजिक स्थिति को दर्शाता है।  

माओरी संस्कृति के सबसे खास और पवित्र अनुष्ठान ‘पोविरी’ से आज PM मोदी का स्वागत किया गया। माओरी स्वागत समारोह ‘पोविरी’ चार चरणों में पूरा होता है। पहला- करंगा, जिसमें माओरी महिलाएं विशेष स्वर में मेहमानों का स्वागत करती हैं। दूसरा चरण- वाइकेरो, जिसमें एक योद्धा मेहमान के सामने प्रतीकात्मक वस्तु रखता है। उसे उठाना शांति और सद्भाव का संकेत माना जाता है। तीसरा- हाका, जिसमें पुरुष और महिलाएं ऊर्जा से भरपूर पारंपरिक हाका नृत्य प्रस्तुत करते हैं। आखिरी चरण- हौंगी का होता है। इसमें मेजबान और मेहमान नाक व माथा मिलाते हैं। माओरी संस्कृति में इसे आपसी सम्मान और आत्मिक जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है। 

अगले 48 घंटे में तेज बारिश, IMD का राज्यों के लिए अलर्ट, जानिए अपने शहर का हाल


देश के कई राज्यों में उमस बढ़ गई है। अब इन राज्यों में गरज-तड़क के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अनुमान जाया है कि मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्से में बने कम दबाव वाले क्षेत्र के असर की वजह से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 

बीते 24 घंटों में उत्तराखंड, हिमाचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। IMD के मुताबिक अगले 6-7 दिनों में मध्य भारत और दक्षिणी भारत में बारिश की गतिविधियां कम रहने वाली हैं। उत्तर-पश्चिमी राज्यों में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की उम्मीद है। 

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पिछले 24 घंटों में कहां बारिश हुई है?

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21 सेंटीमीटर या उससे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मेघालय, बिहार और हरियाणा में 12-20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश हुई। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पूर्वी राजस्थान और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में गुरुवार को 7-11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई।

कैसे रहेगा आज का मौसम?

10 से 12 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और 10 से 16 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10-13 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत बारिश भी हो सकती है।

मध्य भारत में कैसा रहेगा मौसम?

पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11 से 16 जुलाई तक, पूर्वी मध्य प्रदेश में 11 से 14 जुलाई और विदर्भ में 11 से 13 जुलाई तक कुछ जगहों पर बारिश रहेगी। पूर्वी मध्य प्रदेश 15-16 जुलाई को फिर से अच्छी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 40-60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी है।

पूर्वोत्तर में कैसा रहेगा हाल?

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 10 से 16 जुलाई तक पूरे क्षेत्र में बारिश होने की संभावना है। 10 से 11 जुलाई को इन राज्यों में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी अगले कई दिनों तक बारिश और आंधी-बिजली की गतिविधियां रहेंगी।

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पश्चिमी और दक्षिणी भारत में कैसा रहेगा मौसम?

कोंकण और गोवा में 10-16 जुलाई तक अच्छी बारिश जारी रहने की उम्मीद है। गुजरात, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश होगी। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, केरल और तटीय आंध्र प्रदेश में अगले दिनों व्यापक बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, तेलंगाना और रायलसीमा में कुछ जगहों पर बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना है। दिल्ली-NCR का 

मौसम कैसे रहेगा?

दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। दिल्ली में 11 से 13 जुलाई तक तापमान थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन बादल और हल्की बारिश जारी रहने की उम्मीद है।

कहां ज्यादा है खतरा?

IMD ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। 11 से 15 जुलाई तक अरब सागर के कई क्षेत्रों और 11-15 जुलाई तक बंगाल की खाड़ी में खतरनाक स्थिति रह सकती है। 

क्या है स्लीपमैक्सिंग, गहरी नींद के लिए क्या कर रहे हैं लोग?


स्लीपमैक्सिंग का चलन इन दिनों तेजी से बढ़ा है। स्लीपमैक्सिंग उन सभी तरीकों, गैजेट्स और नुस्खों को कहते हैं जिनसे लोग जल्दी और गहरी नींद पाने की कोशिश करते हैं। जैसे लोग अपने लुक्स सुधारने के लिए कुछ तरीके अपनाते हैं, वैसे ही अब नींद बेहतर करने के लिए स्लीपमैक्सिंग का इस्तेमाल हो रहा है। स्टैनफोर्ड हेल्थ केयर के एक्सपर्ट क्लीट ए. कुशिदा कहते हैं कि लोग अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को अच्छा करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। कुछ लोग नींद की परेशानी दूर करने के लिए आसान रास्ता ढूंढ रहे हैं।

आज के समय में लोग फिटनेस डिवाइस के जरिए अपनी नींद का डेटा देख सकते हैं। इससे उन्हें पता चलता है कि उनकी नींद कैसी है। सोशल मीडिया पर कई तरह के तरीके दिख रहे हैं। इनमें सोते समय मुंह पर टेप लगाना, नाक चौड़ी करने वाली चीजें इस्तेमाल करना, मैग्नीशियम वाली ड्रिंक्स पीना और सोने से पहले कीवी फल खाना शामिल है। कुछ लोग पीनियल ग्लैंड मेडिटेशन के बारे में भी बताते हैं। उनका दावा है कि इससे दस मिनट से कम समय में नींद आ जाती है।

 

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क्या ये तरीके सच में काम करते हैं?

स्टैनफोर्ड के एक्सपर्ट क्लीट ए. कुशिदा मेलाटोनिन जैसे सप्लीमेंट्स को असरदार मानते हैं। वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन की प्रोफेसर अनीता शेलगिकर का कहना है कि गहरी सांस लेने या ध्यान लगाने से तनाव कम होता है, जिससे नींद की क्वालिटी बेहतर होती है। रिसर्च के मुताबिक, कीवी खाने से शरीर में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन का स्तर बढ़ता है जो नींद लाने में मददगार है। इसके अलावा, ब्लू लाइट को रोकने वाले चश्मे शरीर की नेचुरल घड़ी को ठीक रखने में मदद करते हैं।

 

दूसरी तरफ कई ऐसे तरीके भी हैं जिनके लिए अभी कोई पक्का सबूत नहीं मिला है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मुंह पर टेप लगाने जैसे तरीकों का कोई ठोस टेस्ट नहीं हुआ है। इसी तरह, पीनियल ग्लैंड मेडिटेशन जैसे तरीकों के पीछे भी कोई ठोस आधार नहीं है। मैग्नीशियम सप्लीमेंट्स और व्हाइट नॉइज मशीनों के नतीजे भी हर व्यक्ति पर अलग-अलग रहे हैं। 

 

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नींद को बेहतर बनाने के सही तरीके

नींद को बेहतर बनाने के लिए नील वालिया की सलाह है कि लोग अपनी नींद को लेकर बहुत चिंता न करें। जो लोग बिना ज्यादा सोचे चैन से सोते हैं उन्हें सबसे अच्छी नींद आती है। स्लीप हाइजीन के तहत सोने वाले कमरे का तापमान 60 से 67 डिग्री फारेनहाइट के बीच रखना और सोने से पहले कमरे की रोशनी कम करना फायदेमंद होता है। नींद को परफेक्ट बनाने के चक्कर में लोग ऑर्थोसोनिया जैसी समस्या का शिकार हो सकते हैं। क्लीट ए. कुशिदा मुंह पर टेप लगाने जैसे तरीकों को खतरनाक बताते हैं,  इससे सांस लेने में दिक्कत और फेफड़ों में बलगम जाने का खतरा रहता है। 

योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलेगा?


10 जुलाई को आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे योगिनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। आज का दिन आध्यात्मिक और मानसिक शुद्धि के लिए बेहद पवित्र माना गया है। अंक ज्योतिष के अनुसार आज का मूलांक 1 है, जो सूर्य देव के प्रभाव को दर्शाता है। यह जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संकेत देता है। आज चंद्रमा वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही शुक्र और बुध की युति से लक्ष्मी नारायण योग का प्रभाव बना रहेगा, जो आर्थिक मामलों, कलात्मक कार्यों और सुख-सुविधाओं में वृद्धि के लिए बेहद शुभ संकेत दे रहा है।

 

शुक्रवार का दिन होने और चंद्रमा के वृषभ राशि में रहने से आज का दिन भौतिक सुखों में वृद्धि करेगा और रिश्तों में मजबूती लाएगा। हालांकि, मूलांक 1 के प्रभाव के कारण स्वभाव में थोड़ा अहंकार या जिद आ सकती है, जिससे बचने की आवश्यकता होगी। आज की ऊर्जा हमें व्यावहारिक रहते हुए अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहने की प्रेरणा देती है। आइए जानते हैं कि मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

 

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राशिफल

 

मेष राशि

 

करियर में नए अवसर मिलेंगे। ऑफिस के सहकर्मियों का सहयोग आपके काम को आसान बनाएगा। धन लाभ के योग हैं। जीवनसाथी के साथ संबंध अच्छे रहेंगे। परिवार में उत्सव का माहौल बन सकता है।

आज क्या करें: देवी लक्ष्मी को लाल फूल अर्पित करें।

आज क्या न करें: किसी भी काम में जल्दबाजी या हड़बड़ी न दिखाएं।

 

वृषभ राशि

 

चंद्रमा आपकी ही राशि में हैं, जिससे आपका प्रभाव बढ़ेगा। नौकरी में प्रमोशन के योग हैं। आर्थिक रूप से आज का दिन बेहद मजबूत रहेगा। अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। लव लाइफ में रोमांस बढ़ेगा और परिवार के साथ यादगार समय बीतेगा।

आज क्या करें: सफेद रंग के कपड़े पहनें या सफेद रुमाल पास रखें।

आज क्या न करें: आज किसी से उधार का लेनदेन करने से बचें।

 

मिथुन राशि

 

दफ्तर में काम का दबाव अधिक रह सकता है। बिजनेस में कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें। खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए बजट बनाकर चलें।

आज क्या करें: पक्षियों को दाना डालें और कपूर जलाएं।

आज क्या न करें: आज अपनी बातें किसी अजनबी से शेयर न करें।

 

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कर्क राशि

 

करियर में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। धन कमाने के नए स्रोत हाथ लग सकते हैं, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। दोस्तों के साथ मेलजोल बढ़ेगा। पारिवारिक जीवन में खुशहाली और तालमेल रहेगा।

आज क्या करें: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें।

आज क्या न करें: आज के दिन किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें।

 

सिंह राशि

 

नौकरीपेशा जातकों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में नई डील फाइनल हो सकती हैं, जो भविष्य में बड़ा लाभ देंगी। पैतृक संपत्ति से लाभ होने के योग हैं। माता-पिता का पूरा सहयोग मिलेगा और जीवनसाथी के साथ तालमेल बेहतरीन रहेगा।

आज क्या करें: उगते सूर्य को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें।

आज क्या न करें: अहंकार में आकर किसी का अपमान करने से बचें।

 

कन्या राशि

 

भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। नौकरी में बदलाव के लिए यह समय अच्छा है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। फंसा हुआ पैसा मिलने से राहत मिलेगी। जीवनसाथी के साथ किसी धार्मिक स्थल पर जा सकते हैं।

आज क्या करें: किसी मंदिर में हरी मूंग की दाल का दान करें।

आज क्या न करें: आज भाग्य के भरोसे बैठकर समय बर्बाद न करें।

 

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तुला राशि

 

ऑफिस में चुनौतियां आ सकती हैं। विरोधियों से सावधान रहें। बिजनेस में कोई भी नया प्रयोग करने के लिए दिन ठीक नहीं है। आज धन हानि हो सकती है, इसलिए सट्टा या लॉटरी से पूरी तरह दूर रहें।

आज क्या करें: छोटी कन्याओं को मिश्री या मिठाई खिलाएं।

आज क्या न करें: आज गाड़ी चलाते समय लापरवाही बिल्कुल न बरतें।

 

वृश्चिक राशि

 

नौकरी में आपके काम को अलग पहचान मिलेगी। धन कमाने के साधन बढ़ेंगे। सुख-सुविधाओं पर खर्च करने का मन बनेगा। प्रेम संबंधों में नया मोड़ आ सकता है। 

आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें और सिंदूर का तिलक लगाएं।

आज क्या न करें: आज शाम के समय किसी को धन उधार न दें।

 

धनु राशि

 

नौकरी में आपके विरोधी परास्त होंगे और आप अपने काम को समय पर पूरा कर पाएंगे। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। लोन या कर्ज चुकाने में सफलता मिल सकती है। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा। 

आज क्या करें: गाय को घी लगी रोटी और गुड़ खिलाएं।

आज क्या न करें: आज किसी भी अजनबी के विवाद में बीच-बचाव न करें।

 

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मकर राशि

 

विद्यार्थियों और कला जगत से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन शानदार है। आमदनी अच्छी रहेगी। रचनात्मक कार्यों से भी धन कमाने के मौके मिलेंगे। लव पार्टनर के साथ यादगार समय बिताएंगे।

आज क्या करें: शनि चालीसा का पाठ करें और गरीब को काले चने दान करें।

आज क्या न करें: आज भावनाओं में बहकर कोई फैसला न लें।

 

कुंभ राशि

 

ऑफिस में ज्यादा काम का बोझ आपको मानसिक तनाव दे सकता है। जमीन-जायदाद से जुड़े बिजनेस में थोड़ा संभलकर चलने की जरूरत है। सुख-साधनों और घर की मरम्मत पर खर्च होने की संभावना है।

आज क्या करें: शिवलिंग पर जल में काले तिल मिलाकर अर्पित करें।

आज क्या न करें: आज किसी करीबी से बहस या वाद-विवाद में न उलझें।

 

मीन राशि

 

ऑफिस में आज आपका साहस बढ़ेगा। सहकर्मियों के सहयोग से मुश्किल प्रोजेक्ट भी आसानी से पूरे कर लेंगे। आर्थिक लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे। बचत करने में सफल रहेंगे। भाई-बहनों के साथ संबंध मजबूत होंगे और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।

आज क्या करें: माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।

आज क्या न करें: आज आलस्य को अपने ऊपर हावी न होने दें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

 

तुर्की से सऊदी तक, इजरायल एफ-35 बेचने का विरोध क्यों करता है?


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तुर्की को दुनिया का सबसे घातक फाइटर जेट एफ-35 बेचने पर विचार कर रहे हैं। इजरायल अपने सहयोगी के इस कदम से खुश नहीं है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू खुलकर सामने आ चुके हैं। उनका कहना है कि तुर्की को किसी भी कीमत पर एफ- 35 फाइटर जेट नहीं मिलना चाहिए। हालांकि इस प्रस्ताव का विरोध करने वाला इजरायल इकलौता देश नहीं है। ग्रीस के रक्षा मंत्रालय ने भी एक बयान में कहा कि अगर तुर्की को एफ- 35 फाइटर जेट मिलता है तो इससे ग्रीस खुश नहीं होगा।

 

आइये समझते हैं कि तुर्की को एफ-35 विमान इजरायल बेचने का इजरायल विरोध क्यों कर रहा है, उसकी चिंता क्या है। इस बीच रूस ने ऐसा कौन सा कदम चल दिया है, जो न केवल इजरायल बल्कि अमेरिका की भी टेंशन बढ़ा देगा।

 

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ट्रंप तुर्की बेचना चाहते हैं एफ-35

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में तुर्की में आयोजित नाटो सम्मेलन में हिस्सा लिया। तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैय्यप एर्दोगन के साथ बैठक के बाद ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका तुर्की को एफ-35 लाइटनिंग II स्टील्थ स्ट्राइक फाइटर जेट बेचने पर विचार कर रहा है। अगर अमेरिका इस सौदे को मंजूरी देता है तो तु्र्की पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट हासिल करने वाला दुनिया पहला मुस्लिम बहुल देश होगा।

इजरायल को कौन सा डर सता रहा?

मध्य पूर्व में अभी सिर्फ इजरायल के पास ही दर्जनों एफ-35 लड़ाकू विमान है। यह विमान पूरे इलाके में इजरायल की हवाई श्रेष्ठता साबित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इजरायल को डर है कि अगर यह विमान तुर्की के हाथ लगे थे। मध्य पूर्व में न केवल शक्ति का संतुलन बदलेगा, बल्कि इजरायल की हवाई श्रेष्ठता को भी चुनौती मिलेगी।


बेंजामिन नेतन्याहू के बयान में भी इसकी झलक दिखती है। फॉक्स न्यूज से बातचीत में इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि उन्हें (तुर्की) एफ-35 या लड़ाकू विमानों के इंजन दिए जाने चाहिए। इस तरह की बिक्री से मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन बिगड़ जाएगा।’

कहां चूक गया था तुर्की?

नाटो का सदस्य होने के नाते तुर्की पहले एफ-35 जॉइंट स्ट्राइक फाइटर कार्यक्रम का हिस्सा था, लेकिन उसने 2019 में रूस से एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदा था। इसके बाद अमेरिका ने उसे कार्यक्रम से बाहर निकाल दिया था। स्टील्थ विमान खरीदने पर बैन भी लगा दिया था। हालांकि तुर्की का प्लान 100 एफ-35A फाइटर जेट हासिल करने का था। 

इंजन बेचने का भी विरोध

अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद तुर्की ने अपना फाइटर जेट प्रोग्राम शुरू किया। कान नाम से स्टील्थ फाइटर जेट बना रहा है। हालांकि उसे इसके लिए अमेरिकी इंजनों की जरूरत है। तुर्की अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक के एफ110 इंजन चाहता है। अमेरिका ने भी इन इंजनों को बेचने में दिलचस्पी दिखाई है। मगर इजरायल इसका विरोध कर रहा है। उसका कहना है कि तुर्की को इंजन भी नहीं मिलने चाहिए। 

 

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तुर्की के अलावा इन देशों का भी विरोध

ट्रंप प्रशासन ने सऊदी अरब को भी एफ-35 विमान बेचने पर दिलचस्पी दिखाई थी। उस वक्त भी इजरायल की सरकार और वायुसेना ने इसका विरोध किया था। इजरायली वायुसेना ने कहा था कि अगर मध्य पूर्व के कई देशों के पास आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट आ जाते हैं तो इजरायल की हवाई श्रेष्ठता कमजोर पड़ सकती है। तुर्की और सऊदी अरब के अलावा इजरायल संयुक्त अरब अमीरात को भी एफ-35 बेजने पर आपत्ति जता चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका एफ-35 विमान तुर्की, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को बेचता है तो पूरे इलाके में इजरायली सेना की मनमानी पर विराम लग सकता है। 

कहां फंस सकता तुर्की का पेंच?

तुर्की अबकी बार पहले वाली गलती नहीं करना चाहता है। 2019 में तुर्की को बेचे जाने वाले पहले एफ-35 विमान अंसेबली लाइन से निकल चुके थे। मगर एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने के कारण अमेरिका ने बैन लगा दिया और इन विमानों की डिलीवरी नहीं की। बाद में अमेरिकी एयरफोर्स ने इन विमानों को खरीद लिया था। 

 

अब भी तुर्की के सामने एक दिक्कत यह है कि अगर उसके पास एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम मौजूद रहता है तो अमेरिकी कांग्रेस एफ- 35 की बिक्री पर रोक लगा सकती है। मतलब साफ है कि तुर्की को अपने यहां से एस-400 को हटाना होगा। इस बीच खबर यह है कि तुर्की ने अपने एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को किसी तीसरे देश को बेचने की खातिर रूस से अनुमति मांगी है।

रूस जल्द ईरान को सौंपेगा फाइटर विमान

तुर्की के साथ एफ-35 डील के बीच रूस सुखोई 35 विमान का पहला बैच ईरान को सौंपने को तैयार है। माना जा रहा है कि साल के आखिरी और 2027 के शुरुआत तक 20 विमानों की डिलीवरी हो सकती है। ईरान की पुरानी वायुसेना काफी हद तक तबाह हो चुकी है। लेकिन इन विमानों की आपूर्ति से उसकी ताकत में इजाफा होगा।   

क्या फर्जी जानकारी देकर बेची जा रही है शराब? FSSAI ने जारी कर दिया नोटिस


फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) अब एनर्जी ड्रिंक के बाद शराब बनाने वाली कंपनियों पर सख्ती दिखा रहा है। FSSAI ने शराब बनाने वाली कंपनियों को नोटिस जारी कर दिया है और नियमों के उल्लंघन को लेकर नोटिस जारी किया है। FSSAI ने कहा है कि कुछ कंपनियां एक्स्ट्रा फ्लेवर का इस्तेमाल कर रही हैं और प्रोडक्ट लेबल पर प्रोडक्ट की उम्र से जुड़े भ्रामक दावे कर रही हैं। FSSAI अब इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। 

 

FSSAI के अनुसार, यह नोटिस खाद्य सुरक्षा और मानक (मादक पेय पदार्थ) विनियम, 2018 के तहत निर्धारित प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए FSS एक्ट, 2006 के तहत लाइसेंस प्राप्त कंपनियों फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को जारी किया गया है। इस नोटिस के बाद कंपनियों को निर्धारित समय में  जवाब देने के लिए कहा गया है। 

 

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सोशल मीडिया पर दी जानकारी

FSSAI ने इसको लेकर अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया है। FSSAI ने पोस्ट में कहा, ‘FSSAI ने शराब निर्माताओं को फ्लेवर मिलाने और उम्र से संबंधित भ्रामक दावों से संबंधित नियामक प्रावधानों का कथित रूप से पालन न करने के लिए नोटिस जारी किए हैं और यह स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।’

कहां खेल कर रही थी कंपनियां?

FSSAI ने इन कंपनियों के प्रोडक्ट्स की जांच की है। जांच में सामने आया कि कुछ कंपनियों अपने उत्पादों में ऐसे एक्स्ट्रा सिंथेटिक फ्लेवर का इस्तेमाल कर रही हैं, जो व्हिस्की, वाइन और अन्य शराब के प्रोडक्ट्स के नेचुरल स्वाद और खुशबू की नकल करते हैं। FSSAI का कहना है कि इस तरह अनाधिकृत फ्लेवर का उपयोग ना केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक गुणवत्ता के बारे में गुमराह किया जाता है। 

 

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उम्र को लेकर क्या विवाद?

शराब की बोतल के प्रोडक्ट लेबल पर प्रोडक्ट की एज को लेकर किए जा रहे दावों पर भी FSSAI ने सवाल उठाए हैं। शराब की बोतलों पर 8 से 12 साल पुरानी होने का दावा किया जाता है और FSSAI ने इसी को लेकर सवाल उठाए हैं। नियमों के अनुसार, किसी शराब के लेबल पर उसकी उम्र का दावा किया जाता है तो वह उस मिश्रण में मौजूद सबसे कम उम्र वाली स्पिरिट के आधार पर होना चाहिए। FSSAI की जांच में सामने आया है कि कंपनियां बहुत कम मात्रा में पुरानी स्पिरिट मिलाकर पूरी बोतल को एज्ड बताकर ज्यादा कीमत पर बेच रही हैं। इस तरह की लेबलिंग को भ्रामक और नियमों के खिलाफ बताया है। 

 

FSSAI ने कंपनियों से इस मामले में जवाब मांगा है और पूछा है कि उनके खिलाफ FSS एक्ट, 2006 के तहत कार्रवाई क्यों ना की जाए। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर FSSAI इन कंपनियों के जवाब से संतुष्ट नहीं हुई तो नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर जुर्माना लगाया जा सकता है या कुछ और सख्त कार्रवाई की जा सकती है। 

बारिश के मौसम में कैसे दिखें स्टाइलिश? जानिए टॉप मानसून फैशन ट्रेंड्स


बारिश का मौसम शुरू हो गया है। यह मौसम तपती गर्मी से राहत तो देता है लेकिन हमारे कपड़ों और स्टाइल के लिए कई परेशानियां भी साथ लाता है। अचानक तेज बारिश होना, हवा में बहुत ज्यादा उमस हो जाना और सड़कों पर कीचड़ जमा होना इस मौसम में आम बात है। ऐसे में खुद को सुंदर और आरामदायक रखना एक बड़ा काम होता है। इस साल के मानसून फैशन ट्रेंड्स में हल्के कपड़े, चमकदार रंग, आरामदायक फिटिंग और वाटरप्रूफ चीजें शामिल हैं। ये सभी चीजें आपको बारिश के मौसम में भी स्टाइलिश रखेंगी। ये ट्रेंड्स हर जगह के लिए बिल्कुल सही हैं चाहे आपको ऑफिस जाना हो, कॉलेज जाना हो, ट्रैवल करना हो या दोस्तों से मिलना हो।

 

बारिश के दिनों में सही कपड़ा चुनना सबसे जरूरी काम है। इस मौसम में पॉलिस्टर ब्लेंड्स, रेयॉन, नायलॉन और परफॉर्मेंस फैब्रिक्स बहुत ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। इन कपड़ों की खासियत यह है कि ये पानी को बहुत कम सोखते हैं और भीगने पर बहुत जल्दी सूख जाते हैं। ये कपड़े वजन में बहुत हल्के होते हैं। इस वजह से शरीर में हवा आसानी से आती-जाती है और उमस वाले दिनों में भी आपको गर्मी नहीं लगती। रोज पहनने के लिए ढीली शर्ट, आरामदायक टॉप और हल्की ड्रेसेस सबसे अच्छे ऑपशन हैं।

 

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ब्राइट रंगों का इस्तेमाल

इस मौसम में थोड़े ब्राइट रंगों के कपड़े पहनने का ट्रेंड काफी देखा जा रहा है। आजकल सनशाइन यलो, कोरल पिंक, एमरल्ड ग्रीन, स्काई ब्लू, लैवेंडर और ऑरेंज रंग बहुत ज्यादा चल रहे हैं। इसके अलावा सफेद रंग के कपड़ों पर रंग-बिरंगे प्रिंट्स भी खूब पसंद किए जा रहे हैं। इस साल फैशन में आराम को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है। आजकल बड़े साइज की शर्ट यानी ओवरसाइज्ड शर्ट को शॉर्ट्स, जींस या सीधी फिटिंग वाली पैंट के साथ पहना जा रहा है। यह स्टाइल देखने में बहुत अच्छा लगता है। कपड़े ढीले होने के कारण शरीर को हवा मिलती रहती है जिससे पसीना और चिपचिपाहट कम होती है। साथ ही अगर मौसम अचानक बदल जाए तो ऐसे कपड़ों के ऊपर दूसरी लेयर पहनना भी बहुत आसान होता है।

को-ऑर्ड सेट्स का फैशन

एक जैसे दिखने वाले मैचिंग को-ऑर्ड सेट्स इस समय के सबसे बड़े फैशन ट्रेंड्स में से एक हैं। हल्के सूती कपड़े और ऐसे फैब्रिक जिनमें सिलवटें नहीं पड़तीं, उनसे बने को-ऑर्ड सेट्स बारिश के लिए एकदम सही हैं। ये सेट्स बहुत काम के होते हैं। आप इन्हें पहनकर ऑफिस की मीटिंग में जा सकते हैं, शॉपिंग करने जा सकते हैं या दोस्तों के साथ बाहर घूमने जा सकते हैं। इन्हें पहनने में ज्यादा मेहनत भी नहीं लगती और लुक भी एकदम बढ़िया आता है।

वाटरप्रूफ आउटरवेयर

अब रेनकोट सिर्फ बारिश से बचने के लिए नहीं रह गए हैं बल्कि वे अब फैशन का हिस्सा बन चुके हैं। आजकल बाजार में बहुत ही सुंदर वाटरप्रूफ कपड़े मिल रहे हैं। इनमें आर-पार दिखने वाले ट्रांसपेरेंट रेनकोट, बड़े साइज के वाटरप्रूफ जैकेट्स, हल्के रंगों वाले पेस्टल रेन जैकेट्स, बेल्ट वाले ट्रेंच-स्टाइल रेनकोट और छोटे साइज के क्रॉप्ड वाटरप्रूफ विंडब्रेकर्स बहुत ज्यादा चलन में हैं। ये कपड़े आपको अचानक आने वाली बारिश से तो बचाते ही हैं साथ ही आपके पूरे लुक को भी शानदार बना देते हैं।

 

बारिश के दिनों में लंबी पैंट या ट्राउजर्स पहनना समझदारी नहीं है। जब आप पानी से भरी सड़कों पर चलते हैं तो लंबी पैंट नीचे से गीली और गंदी हो जाती है। इस परेशानी से बचने के लिए छोटी पैंट, टखनों तक आने वाली एंकल-लेंथ पैंट, क्युलॉट्स और शॉर्ट्स सबसे अच्छे विकल्प हैं। ये कपड़े नीचे से गीले नहीं होते। इनके साथ आप नॉर्मल स्नीकर्स, वाटरप्रूफ सैंडल या लोफर्स जूते आसानी से पहन सकते हैं।

वाटरप्रूफ जूते हैं सबसे जरूरी

बारिश के दिनों में लेदर के जूते बिल्कुल नहीं पहनने चाहिए क्योंकि वे पानी में खराब हो जाते हैं। उनकी जगह आजकल स्टाइलिश वाटरप्रूफ जूते चल रहे हैं। जैसे की वाटरप्रूफ स्नीकर्स, रबर के सैंडल, प्लेटफॉर्म सैंडल, रेन बूट्स, बिना फीते वाले स्लिप-रेसिस्टेंट लोफर्स और जल्दी सूखने वाले स्पोर्ट्स सैंडल्स शामिल हैं। जिन जूतों के नीचे का हिस्सा यानी सोल एंटी-स्लिप होता है वे आपको गीली सड़कों पर फिसलने से बचाते हैं।

 

ट्रांसपेरेंट एक्सेसरीज आजकल फैशन में छाई हुई हैं। ट्रांसपेरेंट हैंडबैग, साफ दिखने वाले छाते और वाटरप्रूफ पाउच देखने में बहुत मॉडर्न लगते हैं। ये हर तरह के कपड़ों के साथ अच्छे लगते हैं और आपके सामान को पानी से भी बचाते हैं। इसके अलावा पानी रोकने वाले कपड़े से बने छोटे क्रॉसबॉडी बैग्स भी बहुत काम आते हैं। इनमें आपका फोन और वॉलेट सुरक्षित रहता है और भीड़भाड़ में चलते समय आपके हाथ भी फ्री रहते हैं। 

 

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उमस वाले इस मौसम में एक के ऊपर एक भारी कपड़े पहनना बहुत मुश्किल होता है। इस बार फैशन में कम से कम लेयरिंग करने की सलाह दी गई है। जैसे आप टैंक टॉप के ऊपर खुली शर्ट पहन सकते हैं सूती टी-शर्ट के साथ हल्की जैकेट डाल सकते हैं बिना आस्तीन वाली ड्रेस के साथ छोटा आउटरवेयर पहन सकते हैं या लिनन मिक्स वाली शर्ट ऊपर से डाल सकते हैं। इससे आपको गर्मी भी नहीं लगेगी और आप अच्छे भी दिखेंगे।

प्रिंटेड कपड़ों की वापसी

अपने कपड़ों को मजेदार और सुंदर बनाने के लिए इस मौसम में बड़े और बोल्ड प्रिंट्स की वापसी हुई है। आजकल कपड़ों पर पत्तियां और फूल बने हुए ट्रॉपिकल फ्लोरल्स, एब्सट्रैक्ट डिज़ाइन, बॉटनिकल प्रिंट्स, जियोमेट्रिक डिज़ाइन, वॉटरकलर वाले प्रिंट्स और रंग-बिरंगी धारियों वाले कपड़े बहुत ज्यादा चल रहे हैं। ये प्रिंट्स बारिश के मौसम में आपके लुक में एक नई ताजगी भर देते हैं।

बारिश के मौसम के लिए कुछ आसान टिप्स

बारिश के दिनों में हमेशा ऐसे कपड़े चुनने चाहिए जिनमें सिलवटें ना पड़ें और जो भीगने पर बहुत जल्दी सूख जाएं। इस मौसम में भारी और मोटी जींस पहनने से पूरी तरह बचना चाहिए। यह भीगने पर बहुत भारी हो जाती है और जल्दी सूखती नहीं है। सड़कों पर चलने के दौरान सुरक्षित रहने और फिसलने से बचने के लिए हमेशा ऐसे जूते पहनने चाहिए जिनके सोल अच्छे हों और जो फिसले नहीं।

 

अपने साथ हमेशा एक छोटा और आसानी से बंद होने वाला कॉम्पैक्ट छाता बैग में जरूर रखना चाहिए। अपने फोन, लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक्स को सुरक्षित रखने के लिए पानी रोकने वाले वाटर-रेसिस्टेंट बैग का इस्तेमाल करना ही समझदारी है। इस मौसम में आराम से रहने के लिए बहुत भारी गहने या ज्वेलरी ना पहनें और बिल्कुल हल्की चीजें ही इस्तेमाल करें। इसके अलावा अगर बाहर अचानक ठंडक बढ़ जाए या मौसम बदल जाए तो अपने साथ एक एक्स्ट्रा स्कार्फ या हल्का कपड़ा रखना भी बहुत काम आता है।

आज किन 5 राशियों के लोगों को मिलेगा सुख, शांति और बुद्धि?


9 जुलाई को गुरुवार है, जिस वजह से आज कई लोगों पर बृहस्पति देव का आशीर्वाद रहेगा। आज आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। पंचांग के अनुसार आज का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अंक ज्योतिष के आधार पर आज का मूलांक 9 है, जो मंगल देव के प्रभाव को दर्शाता है। आज ग्रहों की स्थिति में देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा का विशेष प्रभाव रहेगा, जिससे ज्ञान, बुद्धि और मानसिक शांति में वृद्धि होगी। आज का दिन साहस, ऊर्जा और नई शुरुआत के लिए बेहद अनुकूल है, जो सभी राशियों को किसी न किसी रूप में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।

 

आज की समग्र ऊर्जा सकारात्मकता, अनुशासन और कर्मप्रधानता से भरी है। गुरुवार और मूलांक 9 का यह अनूठा संयोग करियर में आ रहे गतिरोध को दूर करने और आर्थिक फैसलों को मजबूती देने में मदद करेगा। हालांकि, मंगल के प्रभाव के कारण स्वभाव में थोड़ी जल्दबाजी या आक्रामकता आ सकती है, जिससे बचने की सलाह दी जाती है। वाणी पर संयम रखकर और धैर्य के साथ कदम आगे बढ़ाकर आज के दिन का अधिकतम लाभ उठाया जा सकता है। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

 

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राशिफल

 

मेष राशि


करियर में आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इस दिन व्यापार में नए सौदे मिल सकते हैं। धन लाभ के अच्छे योग हैं, लेकिन निवेश सोच-समझकर करें। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।

क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
क्या न करें: आज किसी से बहस करने से बचें।

 

वृषभ राशि


नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है। व्यापार में सामान्य गति बनी रहेगी। धन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। बेवजह की खरीदारी से बचें। लव पार्टनर के साथ विवाद हो सकता है।

क्या करें: गाय को हरा चारा खिलाएं।
क्या न करें: आज के दिन कोई बड़ा वित्तीय जोखिम न लें।

 

मिथुन राशि


सहकर्मियों के सहयोग से रुके हुए काम पूरे होंगे। आज धन कमाने के नए मौके मिलेंगे। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। भाई-बहनों के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। प्रेम जीवन सुखद रहेगा।

क्या करें: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।
क्या न करें: आज के दिन आलस्य को अपने ऊपर हावी न होने दें।

 

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कर्क राशि


नौकरी में तारीफ मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पैतृक संपत्ति से लाभ मिल सकता है। पारिवारिक माहौल शांतिपूर्ण रहेगा। बड़ों का आशीर्वाद मिलेगा। मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी और ताजगी महसूस होगी।

क्या करें: शिवलिंग पर जल का अभिषेक करें।
क्या न करें: नकारात्मक बातों को सोचकर समय बर्बाद न करें।

 

सिंह राशि


आज आपका आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। निवेश के लिए दिन बहुत अच्छा है। आर्थिक लाभ की पूरी संभावना है। लव पार्टनर के साथ रोमांटिक समय बीतेगा।

क्या करें: उगते सूर्य को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें।
क्या न करें: अति-उत्साह में आकर कोई गलत फैसला न लें।

 

कन्या राशि


ऑफिस की राजनीति से दूर रहें। आज आपका बजट बिगड़ सकता है। अचानक कोई बड़ा खर्च सामने आ सकता है। परिवार के सदस्यों के साथ तालमेल बिठाने में थोड़ी मुश्किल आ सकती है।

क्या करें: मंदिर में कपूर का दान करें या कपूर जलाएं।
क्या न करें: आज किसी अजनबी पर आंख बंद करके भरोसा न करें।

 

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तुला राशि


कला और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को नई पहचान मिलेगी। आर्थिक स्थिति आज स्थिर रहेगी, लेकिन विलासिता की वस्तुओं पर खर्च बढ़ सकता है। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बेहतरीन रहेगा। दोस्तों का सहयोग मिलेगा।

क्या करें: किसी जरूरतमंद को गुड़ या चने की दाल दान करें।
क्या न करें: आज अपनी योजनाओं का खुलासा दूसरों के सामने न करें।

 

वृश्चिक राशि


कोर्ट-कचहरी या विवादित मामलों में सफलता मिलेगी। नौकरी में आपका प्रभाव बढ़ेगा। रुका हुआ पैसा मिलने से बैंक बैलेंस बढ़ेगा। प्रॉपर्टी में निवेश फायदेमंद रहेगा। घर में किसी मांगलिक कार्य की रूपरेखा बनेगी।

क्या करें: माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।
क्या न करें: आज अपनी वाणी में कड़वाहट न आने दें।

 

धनु राशि


विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी। अचानक धन लाभ के योग हैं। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। बच्चों की तरफ से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। प्रेम संबंध अच्छे होंगे। पैरों में दर्द या थकान रह सकती है, इसलिए आराम को प्राथमिकता दें।

क्या करें: अपने गुरु या बड़ों का आशीर्वाद लेकर दिन की शुरुआत करें।
क्या न करें: आज शेयर बाजार में जल्दबाजी में बड़ा निवेश न करें।

 

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मकर राशि


आज आपको अपनी मेहनत का फल न मिलने से निराशा हो सकती है। इसलिए धैर्य से काम लें। आर्थिक तंगी महसूस हो सकती है। उधार के लेन-देन से पूरी तरह बचें। घरेलू मामलों को लेकर मानसिक तनाव रह सकता है।

क्या करें: पक्षियों के लिए दाना और पानी रखें।
क्या न करें: आज के दिन किसी नए काम की शुरुआत करने से बचें।

 

कुंभ राशि


दफ्तर में टीम वर्क से काम समय पर पूरे होंगे। धन कमाने के साधन बने रहेंगे, लेकिन लोन या कर्ज के लेन-देन से बचें। जीवनसाथी के साथ भविष्य की योजनाओं पर सकारात्मक बातचीत होगी।

क्या करें: हनुमान जी के मंदिर में चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
क्या न करें: आज नौकरी में सहकर्मियों की उपेक्षा न करें।

 

मीन राशि


नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा। व्यापार में मुनाफा होगा। बचत बढ़ाने में सफल रहेंगे। पुराना कर्ज चुकाने में आसानी होगी। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी।

क्या करें: केले के वृक्ष की पूजा करें और जल अर्पित करें।
क्या न करें: आज किसी भी काम में टालमटोल की आदत से बचें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

योगिनी एकादशी की कथा क्या है? तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि भी जानिए


हिंदू धर्म में आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी का बहुत बड़ा महत्व है। इस एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है। साल 2026 में योगिनी एकादशी का व्रत 10 जुलाई शुक्रवार को रखा जाएगा। ऐसी मान्यता है कि जो लोग इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करते हैं उन्हें कोढ़ की बीमारी से छुटकारा मिल जाता है। इस व्रत को करने से इंसान के सारे पाप भी खत्म हो जाते हैं। यह भी माना जाता है कि जो लोग योगिनी एकादशी का व्रत करते हैं उन्हें मौत के बाद भगवान विष्णु के चरणों में जगह मिलती है। 

 

इस व्रत को करने से जीवन में सुख और समृद्धि आती है। साल 2026 में एकादशी तिथि की शुरुआत 10 जुलाई शुक्रवार को सुबह 08:16 मिनट पर होगी। यह तिथि अगले दिन यानी 11 जुलाई 2026 शनिवार को सुबह 05:22 मिनट पर खत्म होगी।

 

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व्रत की तारीख को लेकर न हों परेशान

बहुत से लोग व्रत की तारीख को लेकर उलझन में पड़ सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि 11 जुलाई को सूरज निकलने के तुरंत बाद ही एकादशी तिथि खत्म हो रही है। शास्त्रों के नियमों के मुताबिक जो लोग परिवार के साथ रहते हैं यानी गृहस्थ जीवन जीते हैं वे लोग 10 जुलाई शुक्रवार को ही व्रत रखेंगे। वहीं दूसरी तरफ जो लोग वैष्णव संप्रदाय को मानते हैं, वे लोग 11 जुलाई को व्रत रख सकते हैं।

 

व्रत का पूरा फल पाने के लिए सही समय पर व्रत खोलना बहुत जरूरी होता है। व्रत खोलने को पारण कहा जाता है। योगिनी एकादशी व्रत के पारण का सही समय 11 जुलाई को दोपहर में 1: 50 मिनट से शुरू होगा। यह समय शाम को 4:56 मिनट तक रहेगा। आपको इसी समय के बीच में अपना व्रत खोलना चाहिए।

क्यों खास है योगिनी एकादशी?

पद्म पुराण में बताया गया है कि योगिनी एकादशी का व्रत करने से बहुत पुण्य मिलता है। यह पुण्य 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर होता है। यह व्रत जाने-अनजाने में हुए हर पाप के असर को खत्म कर देता है। पुरानी कथाओं के मुताबिक कुबेर देव के एक सेवक थे जिनका नाम हेममाली था। भगवान शिव के शाप के कारण हेममाली को कोढ़ की बीमारी हो गई थी। तब मार्कण्डेय ऋषि ने उन्हें योगिनी एकादशी का व्रत करने के लिए कहा था। हेममाली ने यह व्रत किया और इसके असर से उनकी बीमारी पूरी तरह ठीक हो गई। वह पहले की तरह ही सुंदर भी हो गए। इसी वजह से शरीर के दुखों और बीमारियों को दूर करने के लिए यह व्रत सबसे अच्छा माना जाता है।

 

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योगिनी एकादशी की आसान पूजा विधि

योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की एक साथ पूजा की जाती है। 10 जुलाई की सुबह सूरज निकलने से पहले उठें और स्नान करें। इसके बाद साफ पीले रंग के कपड़े पहनें। फिर अपने हाथ में थोड़ा सा जल लेकर व्रत रखने का संकल्प लें। घर के मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं। भगवान को पीले फूल, फल, अक्षत यानी बिना टूटे हुए चावल, चंदन और प्रसाद चढ़ाएं। भगवान विष्णु के प्रसाद में तुलसी का पत्ता जरूर रखें। तुलसी के पत्ते के बिना भगवान विष्णु अपना प्रसाद स्वीकार नहीं करते हैं। पूजा करते समय योगिनी एकादशी की व्रत कथा को पढ़ें या दूसरों से सुनें। सबसे आखिरी में ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें और भगवान विष्णु जी की आरती उतारें।

 

‘तुम भारत में नहीं हो’, स्विस पड़ोसी पर भारतीय अरबपति की बेटी का नस्लभेद का आरोप


भारतीय मूल की उद्योगपति वसुंधरा ओसवाल इन दिनों स्विट्जरलैंड में नस्लीय भेदभाव के आरोपों को लेकर चर्चा में हैं। अरबपति कारोबारी पंकज ओसवाल की बड़ी बेटी वसुंधरा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया कि उनके एक स्विस पड़ोसी ने उनके परिवार के साथ नस्लभेदी व्यवहार किया और कहा, ‘तुम भारत में नहीं हो।’ इस वीडियो के सामने आने के बाद उन्होंने स्विट्जरलैंड में नस्लभेद और विदेशियों के प्रति भेदभाव पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

 

वसुंधरा ओसवाल का कहना है कि वह पिछले 8 वर्षों से अपने परिवार के साथ स्विट्जरलैंड में रह रही हैं लेकिन इसके बावजूद उन्हें और उनके परिवार को कई बार भेदभाव का सामना करना पड़ा है। उन्होंने भारतीयों से भी अपील की कि स्विट्जरलैंड में पर्यटन, पढ़ाई या बसने का फैसला करने से पहले वहां के सामाजिक माहौल को जरूर समझें।

 

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क्या है पूरा मामला?

वसुंधरा ओसवाल ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में बताया कि उनके घर का माली गुरुवार दोपहर लॉन मोवर से घास काट रहा था। तभी एक बुजुर्ग स्विस पड़ोसी वहां पहुंचा और इसका विरोध करते हुए कहा, ‘तुम भारत में नहीं हो।’ वसुंधरा ने जवाब दिया कि उस समय लॉन मोवर चलाने पर कोई कानूनी रोक नहीं है लेकिन इसके बावजूद पड़ोसी लगातार आपत्तिजनक और नस्लभेदी टिप्पणियां करता रहा। बाद में परिवार ने उसे अपनी संपत्ति से बाहर जाने के लिए कहा। उनका दावा है कि उसी समय एक स्थानीय व्यक्ति भी लॉन मोवर चला रहा था लेकिन पड़ोसी ने उसे कुछ नहीं कहा।

 

वीडियो के साथ शेयर किए गए लंबे पोस्ट में वसुंधरा ने लिखा कि स्विट्जरलैंड में नस्लभेद और विदेशियों के प्रति भेदभाव एक बड़ी लेकिन कम चर्चा की जाने वाली समस्या है। उन्होंने दावा किया कि वहां रहने वाले करीब 17 प्रतिशत लोगों ने किसी न किसी रूप में नस्लीय भेदभाव का सामना किया है। उनके अनुसार, आर्थिक रूप से विकसित देश होने का मतलब यह नहीं कि वहां सामाजिक समानता भी उतनी ही मजबूत हो। उन्होंने कहा कि भारतीयों को विदेश में रहने या निवेश करने से पहले इन पहलुओं पर भी विचार करना चाहिए।

 

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कौन हैं वसुंधरा ओसवाल?

वसुंधरा ओसवाल उद्योगपति पंकज ओसवाल और राधिका ओसवाल की बड़ी बेटी हैं। उनके माता-पिता ओसवाल ग्रुप ग्लोबल के संस्थापक हैं। इस ग्रुप का कारोबार उर्वरक, पेट्रोकेमिकल समेत कई बड़े सेक्टरों में फैला हुआ है।

 

वसुंधरा ने स्विट्जरलैंड की एक यूनिवर्सिटी से फाइनेंस में ऑनर्स की पढ़ाई की है। उन्हें इकोनॉमिक टाइम्स का ‘इंस्पायरिंग वुमन ऑफ द ईयर’ और ‘ग्लोबल यूथ आइकन अवॉर्ड 2023’ जैसे कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। वह अपने परिवार के साथ स्विट्जरलैंड में विला वारी नाम के एक बेहद आलीशान घर में रहती हैं, जिसे देश के सबसे महंगे निजी घरों में गिना जाता है।