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ईरान पर US ने फिर कर दिया हमला, समुद्र में बारूद बिछा रही नावों को बनाया निशाना


एक तरफ कहा जा रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत अंतिम दौर में है और जल्द ही पूरी तरह से शांति स्थापित हो सकती है। दूसरी तरफ अमेरिका ने जबरदस्त हमला कर दिया है। अमेरिका की ओर से ही बताया गया है कि यह हमला उसने ‘सेल्फ डिफेंस’ में किया है और समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली नाव को निशाना बनाया है। अमेरिका की ओर से कहा गया है कि ये हवाई हमले दक्षिणी ईरान में उन जगहों पर किए गए हैं जहां बारूदी सुरंग बिछाने के अलावा मिसाइल लॉन्चिंग के लिए जगह बनाने की कोशिश हो रही है।

 

यह हमला ऐसे वक्त हुआ है जब कयास लगाए जा रहे हैं कि अब अमेरिकी और ईरान के बीच सहमति बन जाएगी और ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलने पर सहमत हो जाएगा। अब दक्षिणी ईरान में हुए इस हमले के अलावा बंदर अब्बास में भी बम धमाके की खबर सामने आई है। उधर कतर की मध्यस्थता के जरिए ईरान और अमेरिका के बीच सहमति बनाने की कोशिश जारी है। हालांकि, इस सबके बावजूद इजरायल ने लेबनान पर हमले कम नहीं किए हैं और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन हमलों को और बढ़ाने के संकेत दिए हैं।

 

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क्यों किया ऐसा हमला?

 

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ये हमले अमेरिकी सैनिकों को ईरानी सेना से पैदा होने वाले खतरों से बचाने के लिए किए गए हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी नेवी के कैप्टन और सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने कहा, ‘अमेरिकी सेंट्रल कमांड हमारी सेना की रक्षा कर रही है।’ बता दें कि यह हमला उस वक्त हुआ जब बातचीत लगातार जारी है और दोनों देशों की ओर से सीजफायर जारी है।

इस हमले से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को या तो नष्ट कर दिया जाए या फिर उसे अमेरिका को सौंप दिया जाए। उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर लिखा है, ‘एनरिच्ड यूरेनियम को तत्काल अमेरिका को सौंप दिया जाए ताकि उसे वापस लाया जा सके और नष्ट किया जा सके या फिर ईरान के सहयोग और उसकी मदद से इसे किसी ऐसी जगह पर नष्ट किया जाए जिसके लिए अटॉमिक एनर्जी कमीशन सहमत हो और वह इसका गवाह भी बने।’

 

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डोनाल्ड ट्रंप का यह पोस्ट उस वक्त आया है जब कहा जा रहा है कि कतर में चल रही बातचीत आखिरी दौर में है और अमेरिका-ईरान के बीच सहमति बन सकती हैं। हालांकि, शुरू से यही देखा गया है कि ईरान न्यूक्लियर एनरिचमेंट या अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से बंद करने को राजी नहीं है और अमेरिका उससे ऐसा ही करवाना चाहता है। इसी को लेकर तमाम बार की बातचीत बेनतीजा भी साबित हुई है।

‘पत्नी घर का काम नहीं करती,’ पति ने तलाक मांगा, HC ने कहा, ‘हर महीने दो 20 हजार’


बॉम्बे हाई कोर्ट ने पत्नी की कथित क्रूरता से जुड़ी एक याचिका में ऐसा फैसला सुनाया है, जिसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। एक शख्स ने हाई कोर्ट में पत्नी से तलाक के लिए अर्जी दी थी। तलाक में कहा गया था कि पत्नी घर के काम नहीं करती है, मां-बाप की सेवा नहीं करती है, इसलिए क्रूरता के आधार पर तलाक दिया जाए। हाई कोर्ट ने जो फैसला सुनाया, वह फैसला, एक बड़े तबके को रास नहीं आ सकता है।

बॉम्बे बाई कोर्ट ने पति को ही सबक सिखा दिया। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पति हर महीने अब पत्नी को 10 हजार रुपये गुजारा भत्ता देगा, 10 हजार रुपये, घर के किराए के तौर पर देना होगा। यह फैसला लोगों को चौका रहा है लेकिन इस फैसले के पीछे की वजह बेहद दिलचस्प है। 

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पति, पत्नी के खिलाफ अदालत क्यों गया?

यह मामला, साल 2004 का है। पति ने अदालत में याचिका दायर की। पति ने अपनी याचिका में कहा, ‘पत्नी घर के काम नहीं करती है, खाना नहीं बनाती है, वह मां-बाप की इज्जत नहीं करती है, उसका व्यवहार तीखा है, वह अभिभावकों का आदर नहीं करती है, उसे खाना बनाने नहीं आता है, इन सब की वजह से मानसिक तनाव हो रहा है, यह क्रूरता है।’

कोर्ट ने कहा, ‘घर के काम न करना क्रूरता नहीं’

बॉम्बे हाई कोर्ट:-
‘अगर पत्नी, घर के काम नहीं कर पाती है, खाना नहीं बना पाती है, साफ सफाई नहीं कर पाती है तो यह क्रूरता नहीं है। शादी बराबरी का रिश्ता है, कोई सर्विस कॉन्ट्रेक्ट नहीं है। पत्नियां नौकर नहीं हैं।’

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बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पत्नी का घर के काम करने से इनकार करना क्रूरता नहीं है, न ही इसे मानसिक क्रूरता करार दिया जा सकता है। 8 मई 2026 को जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की बेंच ने यह फैसला सुनाया। हाई कोर्ट ने साल 2010 में बांद्रा फैमिली कोर्ट के उस फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें तलाक को इजाजत दे दी गई थी और पति को गुजारा भत्ता देने से छूट मिला था। 

क्यों कोर्ट ने यह फैसला सुनाया?

साल 2004 में जब पति ने तलाक की तहरीर दी थी, तभी पत्नी ने गुजारा भत्ता मांग लिया था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि साल 2010 में फैमिली कोर्ट का गुजारा भत्ता देने से इनकार करना एक ‘आर्ट और क्राफ्ट क्लास’ के विज्ञापन के आधार पर था। इसका कोई सबूत नहीं था कि इससे होने वाली आय, जीवन यापन के लिए पर्याप्त थी। 

हाई कोर्ट ने कहा कि पत्नी के ‘आर्ट और क्राफ्ट’ क्लास के विज्ञापन के आधार पर कहा कि कौशल का होना, कभी कभार उससे कमाई करना, नियमित आय का साधन नहीं माना जा सकता है। ऐसा कोई प्रमाण नहीं है यह नियमित आधार का स्रोत हो।’ 

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इसलिए पति को देना होगा हर महीने 20 हजार

हाई कोर्ट ने कहा कि पति चार्टर्ड अकाउंटेंट है, उसके पास स्थिर आय का साधन है, वह गुजारा भत्ता देने में सक्षम है, इसलिए हर महीने पत्नी को 10 हजार रुपये का गुजारा भत्ता दे और कम से कम 10 हजार महीने पत्नी के आवासीय खर्चे का भत्ता दे। 

गर्मी में फॉलो करें ये 4 टिप्स, त्वचा और बाल संबंधी समस्याओं से पाएं छुटकारा


गर्मी के मौसम में धूप और प्रदूषण की वजह से त्वचा संबंधी परेशानियां बढ़ जाती हैं। इस मौसम में तापमान अधिक होने की वजह से पसीना भी ज्यादा आता है जिससे त्वचा चिपचिपी और बेजान नजर आती है। जिन लोगों की स्किन ऑयली या सेंसिटिव हैं उन्हें मुंहासे, खुजली और रेडनेस की समस्या रहती है। इन समस्याओं से दूर रहने के लिए त्वचा का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। 

 

इस मौसम में सिर्फ त्वचा ही नहीं बालों से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। हम आपको कुछ ब्यूटी टिप्स बता रहे हैं जिसकी मदद से आप इन समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। इन नुस्खों को हमारी दादी और नानी के समय से आजमाया जा रहा है।

 

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गर्मी में कैसे रखें त्वचा और बालों का ख्याल?

लौंग का पानी

 

अगर आपको डैंड्रफ की समस्या है तो छुटकारा पाने के लिए लौंग के पानी का इस्तेमाल करें। लौंग में बायोएक्टिव कंपाउड Eugenol पाया जाता है जो फंगल इंफेक्शन को दूर रखने में मदद करता। साथ ही सर्कुलेशन को बेहतर करता है। ये आपके हेयर फॉलिकल्स को मजबूत करने का काम करता है। 

 

ऑयल पुलिंग

 

ऑयल पुलिंग के लिए नारियर तेल सबसे बेहतर होता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल एजेंट है। ऑयल पुलिंग करने के लिए आपको सुबह खाली पेट 1 चम्मच नारियल तेल मुंह में डालें। इसके बाद तेल को 10 से 15 मिनट तक मुंह में घुमाएं और बाद में थूक दें। इसके बाद मुंह को गर्म पानी से साफ करें।

 

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बालों को रीठा से धोएं

 

आप शैंपू की जगह पर बालों को रीठा से धोएं। इसमें प्राकृतिक रूप से सैपोनिन होता है जो पानी से मिलता है तो साबुन की तरह झाग बनाता है। ये आपके बालों को मुलायम रखने में भी मदद करता है।

 

पानी पीते रहना चाहिए

 

पानी की कमी से आपका त्वचा रूखी और बेजान नजर आती है। शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पानी पीते रहना चाहिए। हर व्यक्ति को दिन भर में 2.5 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए।

‘मैं रहूं या ना रहूं, चिंता मत करना…’, वायरल हो गया प्रेमानंद महाराज का वीडियो


प्रेमानंद महाराज की तबीयत अभी ठीक नहीं है, जिसकी वजह से उनकी रोज होने वाली पैदल यात्रा और भक्तों से मिलना अभी बंद है। इसी बीच उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है जिसमें वह अपने भक्तों को समझाते हुए कह रहे हैं, ‘बिल्कुल भी चिंता मत करना। चाहे हम मिलें या ना मिलें, चाहे हम बोलें या ना बोलें, हम आप सब से बहुत प्यार करते हैं। सबसे जरूरी बात है कि आपको फिक्र नहीं करनी है। आप ये मत सोचिए कि आगे क्या होगा। हम बिना बोले भी आपके मन में रहेंगे।’

 

प्रेमानंद महाराज की रात वाली पदयात्रा 17 मई से बंद है। इस वजह से भक्त उनकी सेहत को लेकर परेशान हैं। उनके शिष्यों ने पहले ही बताया था कि उनकी तबीयत स्थिर नहीं है। इसलिए उनसे मिलना और बातचीत अभी बंद है। उनके करीबी लोगों के मुताबिक, प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनी खराब हैं और उन्हें हफ्ते में दो से तीन बार डायलिसिस कराना पड़ता है।

 

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भक्तों से कही यह बात

महाराज जी ने अपने वीडियो में आगे कहा, ‘गुरुदेव जो कहते हैं आप उसका पालन करें। आप एकदम बेफिक्र रहें। आप जो भी सेवा कर रहे हैं, उसे करते रहें। भगवान के नाम का जाप लगातार करें सब अच्छा होगा। आपका गुरुदेव आपके मन में हमेशा रहेगा। आप बिना किसी डर के भजन करें। जब हमारा मन करेगा, हम फिर से बात करेंगे।’ 17 मई की रात को जब हजारों भक्त उनके दर्शन के लिए आए थे तब शिष्यों ने जानकारी दी थी कि प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा अभी नहीं हो पाएगी।

 

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प्रेमानंद महाराज का सफर 

प्रेमानंद महाराज का जन्म कानपुर जिले की नरवल तहसील में हुआ था। उनके पिता का नाम शंभू नारायण पांडेय और माता का नाम रमा देवी है। वह तीन भाइयों में से दूसरे नंबर पर हैं। बचपन में उनका नाम अनिरुद्ध कुमार पांडेय था। उन्होंने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की है, जब वह छोटे थे तब उन्होंने अपने दोस्तों के साथ एक शिव मंदिर बनाने की कोशिश की थी लेकिन कुछ लोगों के विरोध के कारण वह काम पूरा नहीं हो पाया।

 

इस बात से वह बहुत दुखी हुए और उन्होंने घर छोड़ दिया। वह कानपुर से काशी चले गए और 13 साल की उम्र में उन्होंने ब्रह्मचारी बनने का फैसला किया और उन्हें ‘आर्यन ब्रह्मचारी’ नाम दिया गया। वहां करीब 15 महीने रहने के बाद उन्होंने गुरु गौरी शरण महाराज से दीक्षा ली और फिर वह मथुरा आ गए।

क्या इजरायल को मान्यता देगा ईरान? डोनाल्ड ट्रंप के दावे से उठे सवाल


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि जब तक ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होता है, तब तक अमेरिकी की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी। धमकी भरे लहजे में कहा कि ईरान न तो परमाणु बम बना सकता है और न ही कहीं से हासिल कर सकता है। यह भी इशारा किया कि भविष्य में ईरान अब्राहम समझौते का हिस्सा बन सकता है। 

 

2020 में अमेरिका की मध्यस्थता से अब्राहम समझौता अस्तित्व में आया था। इसके तहत खाड़ी देशों और इजरायल के बीच राजनयिक संबंध स्थापित करना शामिल है। संयुक्त अरब अमीरात ने इसी समझौते के तहत इजरायल को मान्यता दी थी। अब ट्रंप के दावे के मुताबिक यह देखना होगा कि क्या भविष्य में ईरान भी इजरायल को मान्यता देगा?

 

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डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को अपने ट्रुथ सोशल पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट किया। इसमें ईरान के साथ न्यूक्लियर डील करने पर ओबामा प्रशासन की आलोचना की और इसे अमेरिका की अब तक सबसे खराब डील बताया। ट्रंप का दावा है कि यह समझौता ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने का सीधा रास्ता था। मगर मौजूदा प्रशासन ईरान के साथ जो बातचीत कर रहा है, उसमें कुछ नहीं है। असल में यह उसके बिल्कुल उलट है।

ट्रंप ने बताया- कब तक लागू रहेगी नाकाबंदी

ट्रंप ने दावा किया, ‘बातचीत व्यवस्थित और रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है। मैंने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि वे किसी डील को लेकर जल्दबाजी न करें, क्योंकि समय हमारे पक्ष में है। जब तक कोई समझौता नहीं हो जाता, उसे प्रमाणित नहीं कर दिया जाता और उस पर साइन नहीं होते हैं, तब तक नाकाबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी।’ 

ईरान कोई परमाणु हथियार नहीं बना सकता: ट्रंप

ट्रंप ने आगे कहा, ‘दोनों पक्षों को अपना समय लेना चाहिए और सब कुछ ठीक से करना चाहिए। इसमें कोई गलती नहीं हो सकती। ईरान के साथ हमारे संबंध अब कहीं अधिक पेशेवर और फलदायी बनते जा रहे हैं। हालांकि उन्हें यह समझना होगा कि वे कोई भी न्यूक्लियर हथियार या बम न तो बना सकते हैं और न ही कहीं से हासिल कर सकते हैं।’

 

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क्या अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होगा ईरान

ट्रंप ने मध्य पूर्व के सभी देशों को समर्थन और सहयोग की खातिर धन्यवाद दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि यह समर्थन और सहयोग तब और भी अधिक बढ़ेगा और मजबूत होगा जब वे ऐतिहासिक अब्राहम अकॉर्ड्स (Abraham Accords) में शामिल देशों के साथ जुड़ेंगे। कौन जाने शायद ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान’ भी इसमें शामिल होना चाहे।

‘मीडिया से पहले एजेंसियों को बताएं’, त्विषा के परिवार को सुप्रीम कोर्ट की नसीहत


मध्य प्रदेश के चर्चित त्विषा शर्मा केस अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सोमवार को स्वत: संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह त्विषा शर्मा मौत मामले की जांच और उसे निपटाने के तरीके से परेशान है। सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया से इस मामले से जुड़े घटनाक्रमों की रिपोर्टिंग करते समय संयम बरतने को कहा।

त्विषा शर्मा भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में 12 मई को फंदे से लटकी मिली थीं। उनकी उम्र 33 साल थी। उनके परिवार ने उनके ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। 

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त्विषा की ससुराल ने क्या आरोप लगाए हैं?

त्विषा के ससुराल वालों ने दावा किया कि उन्हें नशे की लत थी। पुलिस ने त्विषा के पति और पेशे से वकील समर्थ सिंह और उनकी सास और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की है।

सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया को क्या सलाह दी?

चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि अदालत तय  करेगी कि मामले की जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और पूर्वाग्रह रहित हो। बेंच ने कहा है, ‘कुछ कार्रवाइयों से हम व्यथित हैं। हम अपने मीडिया मित्रों से अनुरोध करेंगे कि वे पीड़िता के परिवार या दूसरे पक्ष के परिवार के बयान लेने से बचें। चीजों को कानून और प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ने दिया जाए।’

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‘दर्द को साउंड बाइट की तरह न पेश करें’

बेंच ने कहा, ‘हम मीडिया से अनुरोध करते हैं कि वह पीड़िता के परिवार के बयान रिकॉर्ड न करें और उनके दर्द को महज साउंड बाइट बनाकर पेश न करें। इस मामले में कोई विमर्श गढ़ने से बचना चाहिए।’

तुषार मेहता ने मीडिया के लिए क्या दलील दी?

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मीडिया के हस्तक्षेप की वजह से मामले की जांच आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि यह मामला सभी माता-पिता के लिए एक संदेश है कि इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटना का सामना करने से बेहतर है कि बेटी का तलाक हो जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल की इस दलील पर गौर किया। कोर्ट ने कहा है कि CBI केस को अपने हाथ में ले, अधिकारियों के सामने यह मुद्दा उठाया जाएगा।

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‘मीडिया नहीं, एजेंसी से बताएं तथ्य,’  

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘हम पीड़िता के परिवार के सदस्यों के साथ-साथ आरोपियों के परिवार के सदस्यों से भी कहना चाहेंगे कि वे सार्वजनिक रूप से या मीडिया मंचों पर बयान देने के बजाय जांच एजेंसी के समक्ष अपनी बात दर्ज कराएं ताकि जारी जांच पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े या कोई पूर्वाग्रह नहीं हो।’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘हम मीडिया से भी अनुरोध करते हैं कि वह ऐसे लोगों के बयान रिकॉर्ड करने से बचे जो संभावित गवाह हैं, क्योंकि इससे उन मुद्दों के निष्कर्षों पर अनावश्यक प्रभाव पड़ सकता है जिनकी जांच की जानी है।’

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सुप्रीम कोर्ट कैसे पहुंचा केस?

सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इस केस पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा है, ‘हम लोगों से भी अनुरोध करते हैं कि वे अटकलों से बचे और देश की प्रमुख जांच एजेंसियों में से एक पर भरोसा रखे। हमें विश्वास है कि समय आने पर एजेंसी जांच को निष्कर्ष तक पहुंचाएगी।’

आम से लेकर चीनी तक, गर्मी में मुंहासे की समस्या को बढ़ाती हैं ये चीजें


गर्मी के मौसम में मुंहासे की समस्या आम होना आम बात है। धूल, धूप और प्रदूषण का असर चेहरे पर भी दिखाई देता है। खासतौर से मुंहासे की समस्या उन लोगों को होती है जिनकी त्वचा ऑयली होती है।

 

कुछ लोगों को लगता है कि त्वचा संबंधी समस्याओं का मुख्य कारण अधिक तापमान है लेकिन यह सच नहीं आपके खान पान का प्रभाव भी पड़ता है। हम आपको उन चीजों के बारे में बता रहे हैं जिन चीजों को खाने से मुंहासे की समस्या बढ़ जाती है। हम आपको उन चीजों के बारे में बता रहे हैं जो त्वचा में ऑयल प्रोडक्शन को बढ़ाने का काम करते हैं।

 

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मुंहासे को बढ़ाती हैं ये चीजें

शुगर

 

शुगर आपके शरीर में इंसुलिन के लेवल को बढ़ाने का काम करता है। जब शरीर में इंसुलिन का लेवल ज्यादा होता है दो सीबम प्रोडक्शन और सूजन बढ़ जाती है जिसकी वजह से पोर्स बंद हो जाते हैं। अगर आपको मुंहासे की समस्या रहती है तो आइसक्रीम, कुल्फी और सॉफ्ट ड्रिंक्स को पीने से परहेज करना चाहिए।

 

आम

 

आम सीधे तौर से मुंहासे का कारण नहीं बनता है लेकिन इसमें प्राकृतिक रूप से मिठास होती है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी ज्यादा होता है। अधिक चीनी की वजह से शरीर में शुगर का लेवल बढ़ता है। इसकी वजह से ऑयल ग्लैंड से अधिक तेल निकलता है जो मुंहासे को बढ़ाने का काम करता है।

 

तली-भूनी और मसाले वाली चीजें

 

बाहर की तली-भूनी चीजों में फैट, प्रोसेस्ड कार्ब्स और कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है। ये चीजें शरीर में सूजन बढ़ाती और हार्मोन इम्बैंलेस का कारण बनती है जिसे मुंहासे की समस्या होती है। मसाले वाली चीजें शरीर में गर्मी बढ़ाने का काम करती है जिसकी वजह से त्वचा में खुजली, रेडनस की समस्या होती है।

 

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डायरी प्रोडक्ट्स

 

डायरी प्रोडक्ट्स भी आपके शरीर में इंसुलिन का लेवल बढ़ाने का काम करते हैं जिसकी वजह से सीबम का प्रोडक्शन बढ़ जाता है।

गर्मी में कैसे रखें त्वचा का ख्याल?

गर्मी में खीरा, संतरा, बेरिज और हरी सब्जियां  खाना चाहिए। 
त्वचा को फ्रेश रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
किसी भी तरह के प्रोडक्ट को बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल न करें।

कब मनाया जाएगा गंगा दशहरा? जानिए पूजा से लेकर पर्व की सारी डिटेल


सनातन धर्म में गंगा दशहरा बेहद खास पर्व है। इस दिन मां गंगा स्वर्ग लोक से धरती लोक पर आई थीं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, गंगा दशहरा के दिन जो लोग गंगा स्नान, पूजा और दान करते हैं, वे भक्त पापों से मुक्त हो जाते हैं। इस साल गंगा दशहरा हिंदू पंचांग के ज्येष्ठ महीने में पड़ रहा है, जो अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार मई महीने में आता है। हिंदू धर्म में गंगा नदी सबसे पवित्र नदियों में से एक मानी जाती है।


हर साल की तरह इस साल भी कई लोगों के मन में दुविधा है कि गंगा दशहरा कब है। साथ ही कई लोग यह जानना चाहते हैं कि इस दिन कितने बजे पूजा या गंगा स्नान करना सही होगा। तो आइए इन सवालों के जवाब जानते हैं…

 

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कब है गंगा दशहरा?


पंचांग के मुताबिक, 25 मई के दिन गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। 25 मई की सुबह 4 बजकर 30 मिनट से गंगा दशहरा शुरू होगा, जो 26 मई की सुबह 5 बजकर 10 मिनट पर समाप्त होगा।


गंगा स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 4 बजकर 4 मिनट से शुरू होगा। इस दौरान स्नान करने से भक्तों के पाप धुल जाते हैं। इस दिन गंगा स्नान करने की खास मान्यता है, लेकिन जो लोग गंगा जी में स्नान करने नहीं जा पाएंगे, उन्हें घर में ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान करना चाहिए। स्नान के ठीक बाद मां गंगा की पूजा करनी चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, गंगा स्नान, पूजा और दान देने से व्यक्ति कई प्रकार के पापों से मुक्ति पा सकता है।

 

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क्या है पूजा की विधि?

 

इस दिन मां गंगा के किनारे खड़े होकर घी के दीपक जलाने चाहिए। साथ ही फूल और फल चढ़ाने चाहिए, जिसके बाद ‘गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती। नर्मदे सिन्धु कावेरी जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥’ मंत्र का जाप करना चाहिए।


जो भक्त घर पर ही मां गंगा की पूजा करने वाले हैं, उन्हें भी 108 बार इस मंत्र का जाप करना चाहिए। इसके अलावा गंगा दशहरा के दिन भक्तों को ठंडा पानी, सत्तू, पंखा, खाद्य सामग्री, पैसे और कपड़ों का दान करना चाहिए, ताकि पाप मिटें और पुण्य की प्राप्ति हो।


नोट- यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी की हम पुष्टि नहीं करते।

पहले इवांका, अब ट्रंप को मारने की कोशिश? व्हाइट हाउस के बाहर फायरिंग, हमलावर ढेर


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मारने की कोशिश की गई है। शनिवार को व्हाइट हाउस के पास अचानक गोलीबारी की आवाजें सुनाई दीं। दर्जनों गोलियां चलीं, जिसके बाद अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने तुरंत इलाके को सील कर दिया।

घटना व्हाइट हाउस के ठीक बाहर 17 स्ट्रीट और पेंसिल्वेनिया एवेन्यू के कोने पर हुई। सीक्रेट सर्विस ने एक व्यक्ति पर गोली चलाई, जिसे संदिग्ध बताया जा रहा है। संदिग्ध की मौत हो गई है। गोली लगने के बाद वह जख्मी हो गया था, अस्पताल में भर्ती कराने के दौरान उसकी मौत हो गई।

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हमलावर ढेर, आम नागरिक घायल

सीक्रेस सर्विस की फायरिंग में एक आम आदमी भी घायल हुआ है। हमलावर की मौत हो गई है। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के डायरेक्टर काश पटेल ने बताया कि उनकी टीम सीक्रेट सर्विस की मदद कर रही है। 

काश पटेल, डायरेक्टर, FBI:-
व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी की घटना में हम मौके पर हैं और जांच कर रहे हैं।

हमले के वक्त कहां थे डोनाल्ड ट्रंप?

हमले के वक्त अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में ही मौजूद थे। गोलीबारी की खबर लगते ही इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंचे। रिपोर्टर्स को व्हाइट हाउस के प्रेस ब्रीफिंग रूम में छिपने को कहा गया।

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कैसे ढेर हुआ हमलावर?

सीक्रेट सर्विस के जवान राइफल लेकर नॉर्थ लॉन पर घूमते दिखे। बाद में शाम करीब 6:45 बजे ईटी लॉकडाउन हटा लिया गया। यह घटना पिछले महीने व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर में हुई गोलीबारी के एक महीने बाद हुई है। अभी तक इस गोलीबारी की वजह सामने आई है। 

हमलावर कौन था, क्या पता चला?

हमलावर का नाम नासिर बेस्ट है, उसकी उम्र 21 साल थी। अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने उसे मार गिराया। बेस्ट ने कथित तौर पर रिवॉल्वर से अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिससे इलाके में भगदड़ मच गई। गोलीबारी में एक आम नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि सीक्रेट सर्विस के किसी कर्मी को चोट नहीं आई।

बेस्ट मानसिक रूप से परेशान था और वह खुद को जीसस क्राइस्ट मानता था। उसका व्हाइट हाउस परिसर के आसपास पहले भी कई बार घुसपैठ का प्रयास करने का इतिहास रहा है। जून 2025 में उसे ‘भगवान’ होने का दावा करते हुए गिरफ्तार किया गया था, मानसिक स्वास्थ्य जांच के लिए भर्ती कराया गया था। जुलाई में भी व्हाइट हाउस परिसर में घुसने की कोशिश करने पर उसे कोर्ट से दूर रहने का आदेश दिया गया था। 

ट्रेन के पास आत्मघाती हमला, 24 मरे, 82 घायल


पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में रविवार को रेलवे ट्रैक पर जोरदार विस्फोट हो गया। इस धमाके में कम से कम 82 लोग घायल हो गए। कम से कम 24 लोगों की मौत हुई है। धमाका क्वेटा के चमन फाटक रेलवे स्टेशन के पास हुआ। धमाके में कुछ लोगों के मौत की आशंका जताई जा रही है।

विस्फोट इतना तेज था कि ट्रेन के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए, जिनमें इंजन भी शामिल था। दो डिब्बे पलट भी गए। ट्रेन को आंशिक नुकसान पहुंचा है। आसपास खड़ी 10 से ज्यादा गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। इमारतों के शीशे और खिड़कियां टूट गईं।

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जाफर एक्सप्रेस में धमाका, पेशावर जा रही थी ट्रेन

पाकिस्तानी रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पेशावर जाने वाली जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को सुरक्षा के लिहाज से क्वेटा रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया है। घायलों के इलाज के लिए क्वेटा के सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को बुलाया गया है। 

पाकिस्तान सरकार ने क्या कहा?

रेलवे मंत्री हनीफ अब्बासी ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने इसे आतंकवाद की कायराना हरकत करार दिया है। उन्होंने कहा कि दुश्मन ताकतें पाकिस्तान में अशांति फैलाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन देश आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा।

 

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सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर 

गृह मंत्री के प्रवक्ता बाबर यूसुफजई ने कहा कि सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रख दिया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ब्लास्ट वाली जगह के पास न जमा हों, जिससे बचाव कार्य आसानी से चल सके। अभी तक किसी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।