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योगिनी एकादशी की कथा क्या है? तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि भी जानिए


हिंदू धर्म में आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी का बहुत बड़ा महत्व है। इस एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है। साल 2026 में योगिनी एकादशी का व्रत 10 जुलाई शुक्रवार को रखा जाएगा। ऐसी मान्यता है कि जो लोग इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करते हैं उन्हें कोढ़ की बीमारी से छुटकारा मिल जाता है। इस व्रत को करने से इंसान के सारे पाप भी खत्म हो जाते हैं। यह भी माना जाता है कि जो लोग योगिनी एकादशी का व्रत करते हैं उन्हें मौत के बाद भगवान विष्णु के चरणों में जगह मिलती है। 

 

इस व्रत को करने से जीवन में सुख और समृद्धि आती है। साल 2026 में एकादशी तिथि की शुरुआत 10 जुलाई शुक्रवार को सुबह 08:16 मिनट पर होगी। यह तिथि अगले दिन यानी 11 जुलाई 2026 शनिवार को सुबह 05:22 मिनट पर खत्म होगी।

 

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व्रत की तारीख को लेकर न हों परेशान

बहुत से लोग व्रत की तारीख को लेकर उलझन में पड़ सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि 11 जुलाई को सूरज निकलने के तुरंत बाद ही एकादशी तिथि खत्म हो रही है। शास्त्रों के नियमों के मुताबिक जो लोग परिवार के साथ रहते हैं यानी गृहस्थ जीवन जीते हैं वे लोग 10 जुलाई शुक्रवार को ही व्रत रखेंगे। वहीं दूसरी तरफ जो लोग वैष्णव संप्रदाय को मानते हैं, वे लोग 11 जुलाई को व्रत रख सकते हैं।

 

व्रत का पूरा फल पाने के लिए सही समय पर व्रत खोलना बहुत जरूरी होता है। व्रत खोलने को पारण कहा जाता है। योगिनी एकादशी व्रत के पारण का सही समय 11 जुलाई को दोपहर में 1: 50 मिनट से शुरू होगा। यह समय शाम को 4:56 मिनट तक रहेगा। आपको इसी समय के बीच में अपना व्रत खोलना चाहिए।

क्यों खास है योगिनी एकादशी?

पद्म पुराण में बताया गया है कि योगिनी एकादशी का व्रत करने से बहुत पुण्य मिलता है। यह पुण्य 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर होता है। यह व्रत जाने-अनजाने में हुए हर पाप के असर को खत्म कर देता है। पुरानी कथाओं के मुताबिक कुबेर देव के एक सेवक थे जिनका नाम हेममाली था। भगवान शिव के शाप के कारण हेममाली को कोढ़ की बीमारी हो गई थी। तब मार्कण्डेय ऋषि ने उन्हें योगिनी एकादशी का व्रत करने के लिए कहा था। हेममाली ने यह व्रत किया और इसके असर से उनकी बीमारी पूरी तरह ठीक हो गई। वह पहले की तरह ही सुंदर भी हो गए। इसी वजह से शरीर के दुखों और बीमारियों को दूर करने के लिए यह व्रत सबसे अच्छा माना जाता है।

 

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योगिनी एकादशी की आसान पूजा विधि

योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की एक साथ पूजा की जाती है। 10 जुलाई की सुबह सूरज निकलने से पहले उठें और स्नान करें। इसके बाद साफ पीले रंग के कपड़े पहनें। फिर अपने हाथ में थोड़ा सा जल लेकर व्रत रखने का संकल्प लें। घर के मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं। भगवान को पीले फूल, फल, अक्षत यानी बिना टूटे हुए चावल, चंदन और प्रसाद चढ़ाएं। भगवान विष्णु के प्रसाद में तुलसी का पत्ता जरूर रखें। तुलसी के पत्ते के बिना भगवान विष्णु अपना प्रसाद स्वीकार नहीं करते हैं। पूजा करते समय योगिनी एकादशी की व्रत कथा को पढ़ें या दूसरों से सुनें। सबसे आखिरी में ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें और भगवान विष्णु जी की आरती उतारें।

 

‘तुम भारत में नहीं हो’, स्विस पड़ोसी पर भारतीय अरबपति की बेटी का नस्लभेद का आरोप


भारतीय मूल की उद्योगपति वसुंधरा ओसवाल इन दिनों स्विट्जरलैंड में नस्लीय भेदभाव के आरोपों को लेकर चर्चा में हैं। अरबपति कारोबारी पंकज ओसवाल की बड़ी बेटी वसुंधरा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया कि उनके एक स्विस पड़ोसी ने उनके परिवार के साथ नस्लभेदी व्यवहार किया और कहा, ‘तुम भारत में नहीं हो।’ इस वीडियो के सामने आने के बाद उन्होंने स्विट्जरलैंड में नस्लभेद और विदेशियों के प्रति भेदभाव पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

 

वसुंधरा ओसवाल का कहना है कि वह पिछले 8 वर्षों से अपने परिवार के साथ स्विट्जरलैंड में रह रही हैं लेकिन इसके बावजूद उन्हें और उनके परिवार को कई बार भेदभाव का सामना करना पड़ा है। उन्होंने भारतीयों से भी अपील की कि स्विट्जरलैंड में पर्यटन, पढ़ाई या बसने का फैसला करने से पहले वहां के सामाजिक माहौल को जरूर समझें।

 

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क्या है पूरा मामला?

वसुंधरा ओसवाल ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में बताया कि उनके घर का माली गुरुवार दोपहर लॉन मोवर से घास काट रहा था। तभी एक बुजुर्ग स्विस पड़ोसी वहां पहुंचा और इसका विरोध करते हुए कहा, ‘तुम भारत में नहीं हो।’ वसुंधरा ने जवाब दिया कि उस समय लॉन मोवर चलाने पर कोई कानूनी रोक नहीं है लेकिन इसके बावजूद पड़ोसी लगातार आपत्तिजनक और नस्लभेदी टिप्पणियां करता रहा। बाद में परिवार ने उसे अपनी संपत्ति से बाहर जाने के लिए कहा। उनका दावा है कि उसी समय एक स्थानीय व्यक्ति भी लॉन मोवर चला रहा था लेकिन पड़ोसी ने उसे कुछ नहीं कहा।

 

वीडियो के साथ शेयर किए गए लंबे पोस्ट में वसुंधरा ने लिखा कि स्विट्जरलैंड में नस्लभेद और विदेशियों के प्रति भेदभाव एक बड़ी लेकिन कम चर्चा की जाने वाली समस्या है। उन्होंने दावा किया कि वहां रहने वाले करीब 17 प्रतिशत लोगों ने किसी न किसी रूप में नस्लीय भेदभाव का सामना किया है। उनके अनुसार, आर्थिक रूप से विकसित देश होने का मतलब यह नहीं कि वहां सामाजिक समानता भी उतनी ही मजबूत हो। उन्होंने कहा कि भारतीयों को विदेश में रहने या निवेश करने से पहले इन पहलुओं पर भी विचार करना चाहिए।

 

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कौन हैं वसुंधरा ओसवाल?

वसुंधरा ओसवाल उद्योगपति पंकज ओसवाल और राधिका ओसवाल की बड़ी बेटी हैं। उनके माता-पिता ओसवाल ग्रुप ग्लोबल के संस्थापक हैं। इस ग्रुप का कारोबार उर्वरक, पेट्रोकेमिकल समेत कई बड़े सेक्टरों में फैला हुआ है।

 

वसुंधरा ने स्विट्जरलैंड की एक यूनिवर्सिटी से फाइनेंस में ऑनर्स की पढ़ाई की है। उन्हें इकोनॉमिक टाइम्स का ‘इंस्पायरिंग वुमन ऑफ द ईयर’ और ‘ग्लोबल यूथ आइकन अवॉर्ड 2023’ जैसे कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। वह अपने परिवार के साथ स्विट्जरलैंड में विला वारी नाम के एक बेहद आलीशान घर में रहती हैं, जिसे देश के सबसे महंगे निजी घरों में गिना जाता है।

भारत के लिए ब्रह्मोस से भी अहम क्यों मानी जा रही अस्त्र मिसाइल डील?


इंडोनेशिया और भारत के बीच एक बड़ी रक्षा डील हुई है। डील के तहत इंडोनेशिया अब भारत से ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल और अस्त्र मिसाइल खरीदेगा। ऑपरेशन सिंदूर के पहले फिलीपींस ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला इकलौता देश था, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद ब्रह्मोस मिसाइल की लोकप्रियता में इजाफा हुआ है। 

 

हाल ही में सयुंक्त अरब अमीरात, ग्रीस, साइप्रस, वियतनाम और आर्मेनिया ने ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। पिछले साल पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक हमलों के बाद दुनिया ने ब्रह्मोस का लोहा माना है। 

 

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हालांकि इंडोनेशिया के साथ हुई डील में ब्रह्मोस से बड़ा सौदा अस्त्र मिसाइल का माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अस्त्र मिसाइल डील दुनियाभर में भारतीय हथियारों को स्थापित करने का सबसे बड़ा अवसर बनेगा। ऑपरेशन सिंदूर में अस्र मिसाइल की सटीक मारक क्षमता ने दुनिया का ध्यान खींचा। ऐसे में आइये समझते हैं कि अस्त्र मिसाइल डील को ब्रह्मोस से बड़ा क्यों माना जा रहा है?

इंडोनेशिया की डील से खुलेगी और राह

दरअसल, अस्त्र भारत की अपनी स्वदेशी तकनीक से बनी ‘बियॉन्ड विजुअल रेंज’ मिसाइल है। इंडोनेशिया इस मिसाइल को खरीदने वाला पहला देश है। इंडोनेशिया कोई छोटा-मोटा देश नहीं है। यह दुनिया का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला मुल्क है। अगर इतने बड़े देश ने अस्त्र मिसाइल पर भरोसा जताया है तो जरूर इसके पीछे मिसाइल की कामयाबी बड़ी वजह होगी। माना जा रहा है कि इंडोनेशिया के इस कदम के बाद चीन की दादागिरी से परेशान अन्य देश भी न केवल ब्रह्मोस बल्कि अस्त्र मिसाइल पर दिलचस्पी दिखा सकते हैं।

भारत के हथियारों पर बढ़ेगा भरोसा

अस्त्र मिसाइल की रेंज 100 किमी से ज्यादा है। इसे डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने तैयार किया है। स्वदेशी तकनीक पर बनी यह भारत की अपनी मिसाइल है, जबकि ब्रह्मोस मिसाइल पूरी तरह से स्वदेशी नहीं है। इसे रूस के सहयोग से बनाया गया है। ब्रह्मोस मिसाइल को डीआरडीओ और रूस के गैर-लाभकारी संगठन मशीनोस्ट्रोयेनिया के संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड ने डिजाइन, विकसित और निर्मित किया है। 

 

इस मिसाइल को बेचने में रूस की भी भूमिका होती है। रूस की सहमति के बाद ही किसी अन्य देशों को बेची जाती है, जबकि अस्त्र मिसाइल मेड इन इंडिया है। इसे किसे बेचना है, कितनी संख्या में बेचना है… यह सब तय करने का अधिकार भारत के पास है।

भारत के लिए अस्त्र डील इतनी अहम क्यों?

खास बात यह है कि भारत पहली बार अपनी स्वदेशी तकनीक से बनी किसी मिसाइल को अन्य देश को बेचेगा। यह सिर्फ एक डील नहीं है। यह भारत के रक्षा निर्यात के क्षेत्र में हुई सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है। ठीक वैसे ही जैसे भारत ने आर्मेनिया को अपना स्वदेशी आकाश एयर डिफेंस सिस्टम बेचा था। आज संयुक्त अरब अमीरात समेत कई देश आकाश एयर डिफेंस सिस्टम खरीदना चाहते हैं।

 

अगर इंडोनेशिया में अस्त्र मिसाइल अपना जलवा दिखाती है तो भारतीय हथियारों के प्रति न केवल इंडोनेशिया, बल्कि दुनियाभर में दिलचस्पी बढे़गी, क्योंकि जिस कीमत में भारत उन्नत तकनीक वाले रक्षा साजोसामान उपलब्ध करा सकता है, उसी कीमत पर अमेरिका समेत पश्चिम देशों के लिए उपलब्ध कराना लगभग नामुकिन है।

किन विमानों में अस्त्र विमान तैनात करेगा इंडोनेशिया?

इंडोनेशिया की वायुसेना के पास सुखोई-30 और सुखोई-27 जैसे रूसी फाइटर जेट हैं। अस्त्र मिसाइल को इन्हीं विमानों में लगाया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने सुखाई-30 विमान पर ही अस्त्र मिसाइल को लगाया था। ऐसे में इंडोनेशियाई एयरफोर्स के लिए इन मिसाइलों को अपने विमानों के साथ इंटीग्रेटे करने में भी दिक्कत नहीं आएगी, क्योंकि भारत ने पहले से ही इन्हीं प्लेटफॉर्म के लिहाज से मिसाइल को तैयार की है।

 

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इंडोनेशिया ने अस्त्र मिसाइल में क्यों दिखाई दिलचस्पी?

अस्त्र मिसाइल की रेंज 80-110 किमी है। 20 किमी तक ऊंचाई में उड़ सकती है। मैक 4.5 की अधिकतम गति से यह मिसाइल महज 100 से 120 सेकंड में दुश्मन के विमान पर हमला करती है। पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर में अस्त्र मिसाइल ने घातक हमलों को अंजाम दिया था। इसी प्रदर्शन ने इंडोनेशिया को इसे खरीदने पर मजबूर किया।

दुनिया में बढ़ रहा ब्रह्मोस का दायरा

दक्षिणपूर्व एशिया में ब्रह्मोस मिसाइल अपनी मजबूत पकड़ बनाते जा रही है। सबसे पहले साल 2022 में फिलीपींस ने 375 मिलियन डॉलर में ब्रह्मोस मिसाइलें की खरीद की। उसके बाद वियतनाम और भारत के बीच 629 मिलियन डॉलर की समझौता अंतिम चरण में है। अब इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बना है। उधर, संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच बातचीत चल रही है। खबरों के मुताबिक यूएई ने ब्रह्मोस मिसाइल और आकाश एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने पर दिलचस्पी दिखाई है। 

बार-बार पीले पड़ जाते हैं सफेद कपड़े? जानिए बचाव के तरीके


सफेद कपड़े पहनना हर किसी को पसंद होता है लेकिन इनकी सफेदी को लंबे समय तक बरकरार रखना उतना ही मुश्किल होता है। अक्सर कुछ ही धुलाई के बाद सफेद कपड़े पीले और फीके से दिखने लग जाते हैं। सफेद कपड़ों को लंबे समय तक साफ और चमकदार बनाए रखने के लिए महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं होती। सही तरीके से धुलाई, सुखाने और स्टोर करने की आदत अपनाकर आप आसानी से उन्हें पीला पड़ने से बचा सकते हैं।

 

सफेद कपड़े हमेशा से सादगी और स्टाइल का प्रतीक माने जाते हैं। फिर चाहे वह सफेद शर्ट हो, कुर्ती हो या बेडशीट, ये हर मौके पर साफ-सुथरा और एलिगेंट लुक देते हैं। सफेद कपड़े बहुत नाजुक होते हैं। अगर इनका सही तरीके से ख्याल न रखा जाए तो यह पीले पड़ने लगते हैं जिसे लोग एक या दो बार पहनने के बाद ही फेक देते हैं। हालांकि, कुछ आसान और सही तरीकों को अपनाया जाए तो सफेद कपड़ें नए जैसे चमकदार और फ्रेश बने रह सकते हैं।

 

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1. धूप में ज्यादा देर तक न सुखाएं

सफेद कपड़ों को तेज धूप में लंबे समय तक छोड़ने से उनका रंग पीला पड़ सकता है। इन्हें हल्की धूप या छांव में सुखाना बेहतर रहता है।

2. बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करें

कपड़े धोते समय पानी में एक से दो चम्मच बेकिंग सोडा मिलाने से दाग और पीलापन कम करने में मदद मिल सकता है।

3. सफेद कपड़ों को अलग धोएं

सफेद कपड़ों को रंगीन कपड़ों के साथ धोने से उनका रंग खराब हो सकता है। इसलिए इन्हें हमेशा अलग धोना चाहिए।

4. नींबू का रस मिलाएं

गुनगुने पानी में थोड़ा नींबू का रस मिलाकर सफेद कपड़ों को 20–30 मिनट तक भिगो दें। इसके बाद सामान्य तरीके से धो लें।

 

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5. ज्यादा डिटर्जेंट का इस्तेमाल न करें

जरूरत से ज्यादा डिटर्जेंट कपड़ों में जम सकता है, जिससे समय के साथ कपड़े पीले दिखने लगते हैं। हमेशा सही मात्रा में ही डिटर्जेंट डालें। इसके अलावा ज्यादा डिटर्जेंट की मात्रा होने से कपड़े कमजोर भी पड़ सकते हैं।

6. कपड़ों को पूरी तरह सुखाकर रखें

नमी वाले कपड़ों को अलमारी में रखने से उनमें पीलापन और बदबू आ सकती है। इसलिए कपड़ों को अच्छी तरह सुखाने के बाद ही फोल्ड करें।

7. सिरके का करें इस्तेमाल

आखिरी बार कपड़े धोते समय पानी में आधा कप सफेद सिरका मिलाने से कपड़ों की चमक बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

जीवन में धोखा नहीं खाना चाहते? तो गरुड़ पुराण से समझिए फर्जी दोस्तों की पहचान


हम कई बार उन लोगों को दोस्त मान लेते हैं, जो हकीकत में हमारे दोस्त नहीं होते। वे कहीं न कहीं हमसे ईर्ष्या रखते हैं और हमारा बुरा चाहते हैं। ऐसे दोस्त अक्सर बुरे समय में किसी भी व्यक्ति को धोखा देते हैं। ऐसे दोस्तों से धोखा मिलने के बाद व्यक्ति बेहद निराश और दुखी महसूस करता है। ऐसी स्थिति में न सिर्फ उसे दुख होता है, बल्कि दूसरे दोस्त बनाने में भी उसे परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे दोस्तों की पहचान करने के लिए गरुड़ पुराण में कई बातें बताई गई हैं, जिन्हें जानकर व्यक्ति फर्जी दोस्तों की पहचान कर सकता है।

 

सनातन धर्म में कई ऐसे धर्म ग्रंथ हैं, जिनमें बताए गए श्लोक, प्रसंग और कहानियां पढ़कर जीवन जीने की सीख मिलती है। हिंदू धर्म में 18 महापुराण हैं, जिनमें से एक गरुड़ पुराण है। इसमें व्यक्ति के जीवन चक्र से जुड़ी कई बातें बताई गई हैं। इसके अलावा गरुड़ पुराण में फर्जी या धोखा देने वाले दोस्तों के लक्षण भी बताए गए हैं, जिन्हें जानकर व्यक्ति जीवन में धोखा खाने से बच सकता है। अब सवाल उठता है कि फर्जी दोस्तों की पहचान क्या है?

 

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क्या है फर्जी दोस्तों की पहचान?

 

1. पीठ पीछे बुराई करने वाले-जो दोस्त व्यक्ति के सामने हमेशा उसकी बढ़ाई करते हैं, उसकी गलतियां भी नहीं बताते और दूसरों के सामने उसकी बुराई करते हैं। साथ ही उसके बने-बनाए काम भी बिगाड़ते हैं। ऐसे लोगों से व्यक्ति को दूर रहना चाहिए क्योंकि वे बुरे समय में भरोसा तोड़ देते हैं। गरुड़ पुराण में ऐसे लोगों की तुलना जहर से की गई है।


2. स्वार्थी लोग-जो लोग अपना काम निकलवाने के लिए आपके करीब आते हैं और काम पूरा होते ही मुंह मोड़ लेते हैं। जब व्यक्ति उनसे मदद मांगता है, तो वे सहयोग करने से इनकार कर देते हैं और दूरी बना लेते हैं।


3. झूठी तारीफ करने वाले-जो हमेशा आपकी बातों से सहमति जताते हैं और आपको सही राह नहीं दिखाते। ऐसे दोस्त आपकी गलतियों को सुधारने के बजाय उन्हें बढ़ावा देते हैं।

 

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4. संकट में साथ छोड़ने वाले-यही दोस्ती की सबसे बड़ी कसौटी है। जब कोई दोस्त आपको बुरे समय में छोड़ दे, तो समझ लीजिए कि वह व्यक्ति कभी आपका सच्चा दोस्त नहीं था।


5. धन-संपत्ति का घमंड-गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जो लोग अपने धन-संपत्ति का अभिमान करते हैं और दूसरों को उनकी आर्थिक स्थिति देखकर दोस्त बनाते हैं, उनसे कभी दोस्ती नहीं करनी चाहिए क्योंकि ऐसे लोग हकीकत में किसी के सच्चे दोस्त नहीं होते।

 

नोट- यह लेख धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

‘मैं मोदी के करियर को फॉलो करता हूं’, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति का बयान


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया के दौरे पर हैं। इंडोनेशिया ने पीएम मोदी के लिए जमकर प्यार लूटा रहा है। इसी सिलसिले में पीएम मोदी को इंडोनेशिया ने अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा है। सम्मानित करने के बाद इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने पीएम मोदी के सम्मान में बैंक्वेट लंच का आयोजन किया।

 

लंच के दौरान अपनी पूरी कैबिनेट के साथ में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने खुद को नरेंद्र मोदी का फैन बताया। सुबियांतो ने कहा, ‘मैं आपके (PM मोदी) सामने यह कहना ​​चाहता हूं कि मैं आपके करियर को फॉलो करता हूं और आपके कई कार्यक्रमों की कॉपी करता हूं। मुझे यह मानने में कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि अगर यह इंडोनेशिया जैसे ही बैकग्राउंड वाले करोड़ों लोगों के लिए सफल होता है, जिनकी वही समस्याएं हैं… तो भारत ने बहुत तरक्की की है। ‘

 

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‘आपके करियर को फॉलो करता हूं’

राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने कहा, ‘इसलिए मैं खुले तौर पर मानता हूं कि मैं आपके करियर को फॉलो करता हूं और आपके कई कार्यक्रमों की कॉपी करता हूं। यह हमारे लिए सफल साबित हो रहा है। इसलिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।’

 

 

 

 

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुबियांतो ने आगे कहा, ‘मुझे खुशी है कि पीएम मोदी किसी भी कार्यक्रम पर कोई कॉपीराइट नहीं है। कल ही, एक इंडोनेशियाई टीम अलग-अलग भारतीय ग्रुप्स की उपलब्धियों की स्टडी करके लौटी है।’ राष्ट्रपति सुबियांतो जब ये बातें बोल रहे थे तो पीएम मोदी मुस्कुरा रहे थे।

दोनों देशों के बीच क्या समझौता हुआ?

पीएम मोदी के इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते हुए। भारत इंडोनेशिया के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में मदद करेगा। इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल के प्रदर्शन के बाद इंडोनेशिया ने इसे खरीदने का फैसला किया है। इसके अलावा भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की यूनिट भी उपलब्ध कराएगा।

 

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क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए भारत इंडोनेशिया में स्टील, निकेल और रेयर अर्थ मैग्नेट के निर्माण में निवेश करेगा। इसके साथ ही भारत और इंडोनेशिया मिलकर सबांग बंदरगाह का विकास करेंगे। यह बंदरगाह मलक्का जलडमरूमध्य पर स्थित है और भारत के ग्रेट निकोबार पोर्ट प्रोजेक्ट से करीब 100 मील की दूरी पर है। रणनीतिक रूप से यह समझौते भारत के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं।

ताजमहल या तेजो महालय? पहली बार हाई कोर्ट ने केंद्र को जारी किया नोटिस


दुनिया का सात अजूबों में से एक भारत के आगरा में मौजूद ताजमहल के बारे में अक्सर चर्चा होती है कि इसके नीचे मंदिर दबा हुआ है। इन चर्चाओं के बीच पहली बार इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ताजमहल से जुड़े विवाद में दखल दिया है।

 

हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें दावा किया गया है कि दुनिया भर में मशहूर इस ताजमहल के अंदर ‘तेजो महालय’ मंदिर है। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और दूसरे उत्तरदाताओं को नोटिस जारी किया है।

कोर्ट ने न्यायिक जांच के लायक माना

जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल ने इसे न्यायिक जांच के लायक माना और औपचारिक रूप से कहा कि इस मामले पर संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत विचार करने की जरूरत है। इससे पहले निचली अदालतों ने पहले ताजमहल के परिसर के वैज्ञानिक मूल्यांकन और फिजिकल सर्वे की मांग को खारिज कर दिया था।

 

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सर्वे बिना सटीक ऐतिहासिक मूल्यांकन नामुमकिन

सोमवार को सुनवाई के दौरान, सीनियर वकील हरि शंकर जैन की तरफ से पेश याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि धार्मिक निशानों और आर्किटेक्चरल अवशेषों के मकसद से एक विस्तृत, वैज्ञानिक और फिजिकल सर्वे के बिना साइट का सटीक ऐतिहासिक मूल्यांकन नामुमकिन है।

 

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10 दिनों के अंदर जरूरी कदम उठाएं 

हाई कोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया कि नोटिस जारी होने के बाद 10 दिनों के अंदर सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। कोर्ट ने सरकार और ASI को अगली सुनवाई से पहले अपना काउंटर-एफिडेविट फाइल करने की अंतरिम इजाजत और साफ निर्देश भी दिए हैं।

 

दूसरी तरफ सरकार और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) हैं, जिनका प्रतिनिधित्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल और एडवोकेट मनोज कुमार सिंह कर रहे हैं। यह रिट पिटीशन 2015 में आगरा की स्थानीय कोर्ट में शुरू हुई एक लंबी कानूनी लड़ाई से निकली है। 11 साल पहले याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में एक आवेदन करके ताजमहल परिसर का निरीक्षण करवाने की मांग की थी, ताकि संभावित हिंदू मंदिर को लेकर सबूत जुटाए जा सके।

बार-बार धोने के बाद भी कपड़ों से नहीं जा रही पसीने की बदबू? अपनाएं ये घेरलू उपाय


गर्मियों का मौसम आते ही पसीनों का आना आम बात है लेकिन परेशानी तब बढ़ जाती है। जब यह पसीने की बदबू हमारे कपड़ों में बस जाती है। बार-बार धोने के बाद भी कपड़ों में पसीने की बदबू नहीं जाती है। इसके पीछे का कारण कपड़ों के रेशों में फंसे बैक्टीरिया और पसीने के अवशेष हो सकते है। ऐसे में कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाने से कपड़ों में से बदबू को दूर करा जा सकता है।

 

पसीने के आने से न सिर्फ बदबू आती है बल्कि इसकी वजह से कपड़ों में पीलेपन का दाग भी रह जाता है। सिंथेटिक कपड़ों जैसे पॉलिएस्टर में बदबू ज्यादा समय तक बनी रहती है क्योंकि इनमें हवा का सर्कुलेशन कम होता है और बैक्टीरिया आसानी से पनपते हैं। अगर सही तरीकों से कपड़ों की देखभाल न की जाए तो यह समस्या और अधिक बढ़ सकती है। अगर आप इस परेशानी से जूझ रहें हैं तो इसमें घबराने की बात नहीं हैं। कुछ आसान और बेहद असरदार घेरलू उपाय मौजूद हैं जिनकी मदद से आप अपने कपड़ों से जिद्दी बदबू को दूर कर सकते हैं।

 

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बदबू दूर करने के 5 असरदार घेरलू उपाय

1. सफेद सिरके में भिगोएं

एक बाल्टी पानी में आधा कप सफेद सिरका मिलाकर कपड़ों को 30-40 मिनट तक भिगो दें। इसके बाद नॉर्मल डिटर्जेंट से धो लें। इससे बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया कम हो सकते हैं।

2. बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करें

धुलाई से पहले एक बाल्टी पानी में 2-3 चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर कपड़ों को कुछ देर भिगो दें। यह कपड़ों की बदबू को कम करने में मदद करता है और इसके अलावा बेकिंग सोडे की मदद से कपड़ों में पीलेपन भी हट जाता है।

3. धूप में अच्छी तरह सुखाएं

कपड़ों को धोने के बाद खुली धूप में पूरी तरह सुखाएं। नमी रहने पर बदूब दोबारा आने लगती है। इसलिए धूप में सुखाने से बैक्टीरिया मर जाते हैं जिससे कपड़ों में से बदबू भाग जाती है।

 

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4. नींबू का रस लगाएं

जिन जगहों पर पसीना ज्यादा आता है, जैसे अंडर आर्म्स। वहां धोने से पहले थोड़ा नींबू का रस लगाकर 15-20 मिनट तक छोड़ दें। फिर जैसे आप कपड़े धोते है वैसे ही धो लें।

5. कपड़ों को देर तक गीला न छोड़े

धुलाई के बाद कपड़ों को ज्यादा देर तक वॉशिंग मशीन या बाल्टी में न छोड़े। इससे उनमें सीलन और बदबू बनने लगती है। धोने के तुरंत बाद उन्हें खुली जगह फैली दें।

ज्यादा पसीने वाले लोग क्या करें?

बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्हें सामान्य से ज्यादा पसीना आता है। ऐसे में उनके कपड़ों में बदबू जल्दी बस जाती है क्योंकि उनकी बॉडी में ज्यादा नमी बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका देती है। अगर आपको भी बहुत ज्याद पसीना आता है तो दिन में जरूरत पड़ने पर कपड़े बदलें, कॉटन जैसे सांस लेने वाले फैब्रिक पहनें और पसीने वाले कपड़ों को लंबे समय तक बिना धोए न रखें। इन तरीकों को अपनाने से बदबू की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

केतु और मंगल के प्रभाव से आपके भाग्य में क्या बदलाव आएगा?


आज की ऊर्जा बेहद सकारात्मक रहने वाली है। मंगलवार को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी-नवमी तिथि का सुंदर संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार आज का मूलांक 7 है, जो केतु का अंक माना जाता है और मानसिक गहराई तथा आध्यात्मिक झुकाव का प्रतीक है। आज का दिन मंगल के स्वामित्व वाले वार के प्रभाव में रहेगा, जिससे ऊर्जा, साहस और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होगी। ग्रहों की स्थिति के अनुसार आज चंद्रमा मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं, जबकि सूर्य और बुध मिथुन राशि में स्थित होकर बौद्धिक कार्यों को बढ़ावा दे रहे हैं।


आज की ऊर्जा सकारात्मक और कर्मप्रधान रहेगी, जो हमें पुराने अधूरे कार्यों को पूरा करने और नई रणनीतियों पर काम करने के लिए प्रेरित करेगी। यह दिन जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय सोच-समझकर कदम बढ़ाने का है। साहस और धैर्य का संतुलन बनाए रखकर आज कई कार्यों में सफलता प्राप्त की जा सकती है। आर्थिक और पारिवारिक मामलों में दिन मिला-जुला रहेगा। आइए जानते हैं कि सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

 

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राशिफल


मेष राशि


कार्यक्षेत्र में आपकी ऊर्जा की सराहना होगी। व्यापार में नए सौदे मिल सकते हैं। अचानक किसी पुरानी उधारी के रुपये वापस मिल सकते हैं, जिससे बैंक बैलेंस सुधरेगा। परिवार में किसी बात को लेकर छोटी-मोटी बहस हो सकती है।
आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: निवेश या बड़े सौदे में जल्दबाजी करने से बचें।


वृषभ राशि


नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन शानदार रहेगा। बॉस आपके काम से प्रभावित होंगे। सुख-सुविधा की वस्तुओं पर खर्च होने की संभावना है, इसलिए बजट का ध्यान रखें। लव पार्टनर के साथ अच्छा समय बीतेगा।
आज क्या करें: गाय को हरी घास या ताजी रोटी खिलाएं।
आज क्या न करें: पैसों के लेनदेन में आंख मूंदकर भरोसा न करें।


मिथुन राशि


नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। सहकर्मियों के साथ संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी। परिवार के सदस्यों का पूरा सहयोग मिलेगा।
आज क्या करें: पक्षियों को दाना डालें और भगवान गणेश की आराधना करें।
आज क्या न करें: आज किसी को भी उधार देने से बचें।

 

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कर्क राशि


नौकरी में काम का दबाव अधिक रह सकता है। व्यापार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। खर्चों में अचानक बढ़ोतरी होने से मानसिक तनाव बढ़ सकता है। जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करें।
आज क्या करें: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें।
आज क्या न करें: वाद-विवाद और पुरानी बातों को तूल देने से बचें।


सिंह राशि


आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। व्यापार में बड़ा मुनाफा होने के योग हैं। आर्थिक लाभ के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा और घर में खुशी का माहौल बना रहेगा।
आज क्या करें: सूर्य देव को जल अर्पित करें।
आज क्या न करें: परिवार के सामने कड़वी भाषा का प्रयोग करने से बचें।


कन्या राशि


दफ्तर में सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर काम करें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। पार्टनर के साथ किसी बात पर गलतफहमी हो सकती है। बातचीत के जरिए मसले को सुलझाने का प्रयास करें।
आज क्या करें: जरूरतमंदों को फल का दान करें।
आज क्या न करें: अपनी व्यावसायिक योजनाएं किसी को न बताएं।

 

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तुला राशि


कला, मीडिया और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ी सफलता मिल सकती है। धन लाभ के योग हैं लेकिन विलासिता और सुख-सुविधा की चीजों पर अधिक खर्च हो सकता है। जीवनसाथी के साथ यादगार समय बिताएंगे।
आज क्या करें: मंदिर में कपूर जलाएं और सफेद मिठाई का भोग लगाएं।
आज क्या न करें: काम को कल पर टालने की आदत से बचें।


वृश्चिक राशि


ऑफिस में आपका प्रभाव बढ़ेगा। व्यापार में किया गया पुराना निवेश आज बड़ा लाभ दे सकता है। नए प्रोजेक्ट शुरू होने के योग हैं। रुका हुआ धन वापस मिलने से कई चिंताएं दूर होंगी।
आज क्या करें: हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।
आज क्या न करें: रास्ते में किसी से बहस करने से बचें।


धनु राशि


आज आपको किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। व्यापार का विस्तार होगा और नौकरी में नए अवसर मिलेंगे। सैलरी बढ़ने की संभावना है। धार्मिक या सामाजिक कार्यों में धन खर्च हो सकता है। भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा।
आज क्या करें: भगवान विष्णु की पूजा करें।
आज क्या न करें: सीनियर्स की सलाह को नजरअंदाज न करें।

 

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मकर राशि


नौकरी में सीनियर्स के साथ तालमेल की कमी महसूस हो सकती है। संयम से काम लें। व्यापार में कोई बड़ा जोखिम लेने से बचें। पैसों के मामले में हाथ थोड़ा तंग रह सकता है। परिवार में किसी बात को लेकर तनाव का माहौल बन सकता है।
आज क्या करें: शनि चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: आज किसी भी नए काम की शुरुआत न करें।


कुंभ राशि


नौकरीपेशा लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने के नए अवसर मिलेंगे। धन की स्थिति में सुधार होगा। पुराने कर्ज को चुकाने में सफलता मिलेगी, जिससे मानसिक बोझ हल्का होगा। शाम को परिवार के साथ किसी सामाजिक कार्यक्रम में जा सकते हैं।
आज क्या करें: सुंदरकांड का पाठ करें।
आज क्या न करें: किसी कानूनी दस्तावेज पर बिना सोच-समझे हस्ताक्षर न करें।


मीन राशि


चंद्रमा का आपकी ही राशि में होना आपको मानसिक रूप से मजबूत बनाएगा। नौकरी में आपके काम की सराहना होगी। आर्थिक लाभ के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।
आज क्या करें: जरूरतमंदों को पीले अन्न का दान करें।
आज क्या न करें: नकारात्मक विचारों और ईर्ष्यालु लोगों की संगति से दूर रहें।


नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

किस एजेंडे के साथ इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे पर गए PM मोदी?


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार से छह दिनों के तीन देशों के अहम विदेश दौरे पर निकल गए हैं। उनकी यात्रा की शुरुआत इंडोनेशिया से हुई, जहां जकार्ता एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा करेंगे। इस यात्रा को भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

 

दौरा शुरू करने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी यह यात्रा भारत के ‘महासागर विजन’ को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही, यह मुक्त, खुले और सभी को साथ लेकर चलने वाले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को भी दिखाएगी। उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान तीनों देशों के साथ भारत के रिश्तों को और मजबूत करने पर जोर रहेगा। इसके अलावा व्यापार, रक्षा और तकनीक जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी खास फोकस किया जाएगा।

 

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इंडोनेशिया में रक्षा, खनिज और डिजिटल साझेदारी पर फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान उनकी इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक होगी। दोनों नेता रक्षा सहयोग, क्रिटिकल मिनरल्स, स्वास्थ्य, दवा उद्योग और दोनों देशों के बीच कारोबार बढ़ाने जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

 

बैठक में भारत, इंडोनेशिया के सैन्य अधिकारियों को NDA और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में ट्रेनिंग देने की योजना पर भी बातचीत करेगा। इसके साथ ही भारत के UPI और इंडोनेशिया के QRIS डिजिटल पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने की दिशा में भी बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार करना आसान होगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

 

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ऑस्ट्रेलिया में रणनीतिक संबंधों को मिलेगी नई मजबूती

इंडोनेशिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से होगी। दोनों नेता रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, शिक्षा, नई तकनीक और दोनों देशों के लोगों के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

 

प्रधानमंत्री मोदी मेलबर्न में भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे। इसके अलावा दोनों देशों के बीच उभरती तकनीकों, खेल और खेल विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर भी बातचीत होगी।

 

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न्यूजीलैंड में व्यापार और भारतीय समुदाय पर रहेगा जोर

अपने दौरे के आखिरी पड़ाव में प्रधानमंत्री मोदी 10 और 11 जुलाई को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में रहेंगे। इस दौरान वह न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद व्यापार और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ऑकलैंड में भारतीय समुदाय के एक बड़े कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे। सरकार का कहना है कि इस दौरे से भारत की विदेश नीति को मजबूती मिलेगी, आर्थिक हितों को बढ़ावा मिलेगा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका भी और मजबूत होगी।