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EVM में कैसे गिने जाते हैं वोट, VVPAT से क्या होता है? आपके हर सवाल का जवाब


केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम और पुड्डूचेरी में विधानसभा चुनाव हुए हैं। विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस के बीच खूब सियासी झड़प देखने को मिल रही है। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से छेड़छाड़ कर, अपने हित में वोट बटोर रही है। चुनाव आयोग ने इन आरोपों का खंडन किया है। आरोप प्रत्यारोपों के बीच, एक सवाल हर किसी के मन में है कि क्या EVM हैक कर सकते हैं, EVM में वोटों की गिनती कैसे होती है।

चुनाव आयोग, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का इस्तेमाल करता है। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 2013 से EVM के साथ VVPAT मशीन भी लगाई जाती है, जो उम्मीदवार का नाम और चुनाव चिह्न छापकर कागजी पर्ची निकालती है। मतगणना की जिम्मेदारी रिटर्निंग अधिकारी (RO) पर होती है। 

RO हर संसदीय क्षेत्र में चुनाव कराने और वोट गिनने का काम देखता है। गिनती कहां होगी, यह रिटर्निंग अधिकारी तय करता है। आमतौर पर RO के दफ्तर या मुख्य जगह पर गिनती होती है, लेकिन कई विधानसभा क्षेत्र होने पर अलग-अलग जगहों पर भी हो सकती है। 

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काउंटिंग हॉल में क्या होता है?

काउंटिंग हॉल में खास व्यवस्था होती है। एक हॉल में एक समय में एक विधानसभा क्षेत्र के वोट ही गिने जाते हैं। हर राउंड में 14 EVM मशीनों के वोट गिने जाते हैं। गिनती की निगरानी रिटर्निंग अधिकारी और सहायक रिटर्निंग अधिकारी करते हैं। उम्मीदवार अपने गिनती एजेंट के साथ मौजूद रह सकते हैं। 

क्या पहले गिना जाता है?

सबसे पहले पोस्टल बैलट और इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलट गिने जाते हैं। इनकी गिनती RO खुद देखते हैं। इसके आधा घंटे बाद EVM मशीनों की गिनती शुरू हो जाती है। हर राउंड पूरा होने पर 14 EVM के नतीजे घोषित किए जाते हैं।

VVPAT पर्चियों की गिनती कैसे होती है?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार हर संसदीय क्षेत्र के हर विधानसभा क्षेत्र में 5 पोलिंग स्टेशन की VVPAT पर्चियां चुनी जाती हैं। इन पर्चियों को EVM के नतीजों से मिलाया जाता है। यह काम गिनती हॉल के अंदर एक सुरक्षित VVPAT काउंटिंग बूथ में होता है। 

संसदीय क्षेत्र में आमतौर पर 5 से 10 विधानसभा क्षेत्र होते हैं, इसलिए कुल 25 से 50 VVPAT मशीनों की पर्चियां मिलाई जाती हैं। अगर EVM और VVPAT में अंतर पाया गया तो VVPAT की गिनती को अंतिम माना जाएगा। रिटर्निंग अधिकारी VVPAT मिलान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम नतीजे घोषित करते हैं।

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EVM में कैसे गिने जाते हैं वोट?

मतगणना के दिन सुबह 8 चुनाव आयोग की सख्त निगरानी में वोटों की गिनती शुरू होती है। वोट EVM में दर्ज होते हैं। इन्हें गिनने की प्रक्रिया बेहद व्यवस्थित और पारदर्शी होती है। मतदान के बाद सभी EVM और कंट्रोल यूनिट को सील करके स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाता है। 

स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा कई स्तर पर होती है। CCTV, सुरक्षा बल और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि यहां मौजूद रहते हैं। मतगणना वाले दिन सुबह स्ट्रॉन्ग रूम को सभी उम्मीदवारों के एजेंटों, ऑब्जर्वर और रिटर्निंग अधिकारी की मौजूदगी में खोला जाता है। EVM की सील, सीरियल नंबर और फॉर्म 17C की जांच की जाती है। फॉर्म 187सी में ही बूथ पर पड़े कुल वोटों का रिकॉर्ड रखा जाता है। 

गिनती कैसे होती है?

सुबह 8 बजे सबसे पहले पोस्टल बैलट और इलेट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट (ETPB) की गिनती शुरू होती है। यह करीब 30 मिनट तक चलती है। इसके आधे घंटे बाद, करीब 8:30 के आसपास EVM की गिनती शुरू हो जाती है। कंट्रोल यूनिट ही मुख्य मशीन होती है, जिसमें वोट दर्ज होते हैं। बैलेट यूनिट से वोटर बटन दबाता है और वोट कंट्रोल यूनिट की मेमोरी में सुरक्षित हो जाता है। 

गिनती राउंड में होती है। हर राउंड में आमतौर पर 14 EVM की गिनती की जाती है। काउंटिंग सुपरवाइजर कंट्रोल यूनिट (CSCU) पर रिजल्ट बटन दबाता है। मशीन तुरंत स्क्रीन पर सभी उम्मीदवारों के नाम और उनके सामने पड़े वोटों की संख्या दिखा देती है। यह आंकड़ा ब्लैकबोर्ड पर नोट किया जाता है। एजेंट देखते हैं और रिटर्निंग अधिकारी को रिपोर्ट किया जाता है। हर राउंड के बाद परिणाम अपडेट होते जाते हैं। पूरी विधानसभा के EVM खत्म होने तक यह प्रक्रिया चलती है। 

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नतीजे कैसे घोषित होते हैं?

जब काउंटिंग सेंटर पर सभी राउंड और VVPAT वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाती है, तब रिटर्निंग अधिकारी फॉर्म 20, फाइनल रिटर्निंग शीट भरकर आधिकारिक नतीजे घोषित करते हैं। EVM की मेमोरी को फिर से सील कर दिया जाता है और इसे सुरक्षित रखा जाता है।

क्या EVM को हैक किया जा सकता है?

चुनाव आयोग, एक सिरे से इसे खारिज करता है। चुनाव आयोग का कहना है कि भारत में मतदान की प्रक्रिया तेज, सस्ती और बेहद सुरक्षित है। पहले बैलट पेपर की गिनती में दिन-रात लग जाते थे, अब बड़े-बड़े चुनावों के नतीजे एक ही दिन में आ जाते हैं। राजनीतिक दल के एजेंट हर कदम पर मौजूद रहते हैं, ऑब्जर्वर निगरानी रखते हैं और मीडिया को भी नजर रहती है। ऐसे में किसी भी तरह की धांधली की बात सिर्फ गलत मंशा से फैलाई जाती है। मतगणना की पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार होती है और किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाती है।

क्या सिर पर गीला कपड़ा या दुपट्टा रखना हीट वेव से बचा सकता है?


दिल्ली समेत अन्य राज्यों में भीषण गर्मी से लोग परेशान है। अप्रैल के महीने में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। सुबह 8 बजे से ही गर्मी का प्रकोप दिखने लगता है। ऐसे में लोग खुद को गर्मी से बचाने के लिए तरह-तरह के उपायों को अपनाते हैं।

 

गर्मी में अक्सर आपने लोगों को सिर पर गीला गमछा, दुपट्टा रखें देखा होगा। ऐसा करने से उन्हें गर्मी से राहत तो मिलती है लेकिन क्या इसका इस्तेमाल हीट एग्जॉशन या हीट स्ट्रोक से बचने के लिए किया जा सकता है। इस बारे में हमने Aster CMI अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन कंसल्टेंट डॉक्टर पूजा पिल्लई से बात की

 

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क्या हीट स्ट्रोक से बचता है गीला कपड़ा?

डॉक्टर के मुताबिक सिर पर गील कपड़ा या दुपट्टा रखने से कुछ देर के लिए राहत तो मिल सकती है लेकिन ये हीट स्ट्रोक या हीट एग्जॉशन से नहीं बचा सकता है। जब किसी व्यक्ति के शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो जाता है तो उस स्थिति को हीट स्ट्रोक कहा जाता है। इस दौरान तुरंत अस्पताल लें जाएं। खुद से इलाज करने की गलती न करें। गंभीर मामलों में हीट स्ट्रोक की वजह से जान भी जा सकती हैं। 

कपड़े को इस्तेमाल करने का तरीका क्या है ?

जब आपको कुछ देर के लिए बाहर निकल रहे हैं तो ऐसा कर सकते है। कपड़े की वजह से आप सीधा सूरज के संपर्क में नहीं आएंगे। ये आपको कुछ देर के लिए गर्मी से राहत दिलाने का काम भी करता है।

 

आपको कपड़े को हल्का गीला करना है। हमेशा सूती का साफ कपड़ा इस्तेमाल करें। आप कपड़े को सिर पर 10 मिनट के लिए रख सकते हैं। उसे ज्यादा देर न रखें।

अगर आप लंबे समय तक गीले कपड़े को सिर पर रखते हैं तो इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। गर्मी से बचने के लिए आप कुछ देर छाव में रुककर आराम करें। कपड़ा कुछ देर के लिए गर्मी से राहत देगा लेकिन यह समस्या का समाधान नहीं है।

 

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गर्मी से बचने के लिए क्या करें

  • शरीर को हाइड्रेटेड रखें- गर्मी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। पानी पीने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है। आप घर पर नींबू,चीनी और नमक को पानी में घोलकर ओआरएस भी बना सकते हैं।
  • धूप में निकलने से बचें-दोपहर में 12 बजे से लेकर 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें।
  • हल्के कपड़े पहनें- सूती के हल्के कपड़े पहने ताकि पसीना सोख पाएं।
  • घर में ही रहें- गर्मी से बचने के लिए जितना हो सके घर के अंदर ही रहें।
  • थोड़ी-थोड़ी दे पर ब्रेक लें- जो लोग बाहर धूप में काम कर रहे हैं। वे घंटे या 2 घंटे पर अपने काम से 15 से 20 का ब्रेक लेकर छाव बैठें ताकि शरीर का तापमान सामान्य हो सके।

मई में पैसे कम पड़ेंगे या आराम से निकल जाएगा महीना? अपने राशिफल से समझिए


2026 का मई महीना सभी राशियों के लिए बेहद खास रहने वाला है। महीने की शुरुआत बुद्ध पूर्णिमा के त्योहार से होगी। इस महीने का मूलांक 5 है, जो कि बिजनेस और बुद्धि का कारक है। ग्रहों की चाल देखें तो इस महीने वृषभ राशि में सूर्य और बुध ग्रह का मिलन होने वाला है। यह गोचर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा, जो बैंकिंग, निवेश और कम्युनिकेशन क्षेत्र में काम करते हैं। इस महीने कुछ राशियों को सूझबूझ के साथ धन निवेश पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही इस महीने कुंभ राशि वाले लोगों को उधार लेने से बचना चाहिए।


इस महीने की ऊर्जा स्थिर रहने वाली है। जहां एक तरफ आप जोखिम भरे निवेशों में रुचि ले सकते हैं, वहीं दूसरी तरफ शनि की नजर भी बनी रहेगी। इसी वजह से आपको फिजूलखर्ची से बचना होगा। इस महीने की ऊर्जा के कारण पूरा महीना वित्तीय जागरूकता के इर्द-गिर्द घूमेगा। यह मई का महीना न केवल आपकी आय बढ़ाएगा, बल्कि भविष्य के लिए धन कमाने के नया रास्ते भी खोलेगा।

 

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राशिफल और उपाय


मेष


इस महीने मेष राशि वाले लोगों को आर्थिक लाभ मिलने वाला है। जहां एक तरफ धन कमाने के नए रास्ते खुलेंगे, वहीं दूसरी तरफ अटके हुए पैसे भी वापस मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या सैलरी में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, आपको पैसे की बचत करनी चाहिए क्योंकि इस महीने खर्च के योग भी बन रहे हैं।


धन प्राप्ति के योग: कमीशन, बीमा या पैतृक संपत्ति के जरिए धन लाभ होगा।
क्या करें: मंगलवार को हनुमान जी को चोला चढ़ाएं और लाल चंदन का तिलक लगाएं।
क्या न करें: भावनाओं में बहकर किसी को बड़ा कर्ज न दें।


वृषभ


आपकी राशि में ग्रहों का मिलन आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा। इस महीने आप सुख-सुविधाओं की चीजें खरीद सकते हैं। साथ ही सोना या जमीन में निवेश करने के योग हैं। जो लोग बिजनेस करते हैं, उन्हें विदेशी संपर्क से लाभ मिलेगा। हालांकि, महीने के बीच में खर्च बढ़ सकता है, इसलिए योजना बनाकर चलें।


धन प्राप्ति के योग: शेयर बाजार में निवेश से लाभ हो सकता है।

क्या करें: शुक्रवार को छोटी कन्याओं को मिश्री या सफेद मिठाई खिलाएं।
क्या न करें: दिखावे के लिए महंगी वस्तुओं की खरीदारी से बचें।


मिथुन


महीने का मूलांक 5 होने के कारण आपके लिए धन के नए रास्ते खुलेंगे। इस महीने मार्केटिंग और मीडिया से जुड़े लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। आय के एक से अधिक साधन बनेंगे, जिससे बचत में सुधार होगा। करियर में नई ऊंचाइयां हासिल करने का समय है।


धन प्राप्ति के योग: पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने वाला है।
क्या करें: बुधवार को गणेश जी की पूजा करें और गाय को हरा चारा खिलाएं।
क्या न करें: बिना कागजी कार्रवाई के कोई व्यापारिक सौदा न करें।

 

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कर्क


कर्क राशि वालों के लिए यह महीना मिला-जुला रहेगा। घर की मरम्मत या वाहन पर खर्च हो सकता है। करियर में काम का दबाव अधिक रहेगा, लेकिन महीने के अंत तक इसका आर्थिक लाभ मिलेगा।


धन प्राप्ति के योग: रुकी हुई पेमेंट मिलने के योग हैं।
क्या करें: सोमवार को शिवलिंग पर दूध और जल से अभिषेक करें।
क्या न करें: कार्यक्षेत्र में पैसों को लेकर विवाद न करें।


सिंह


सिंह राशि के जातकों के लिए मई का महीना शाही खर्च और बड़ी आय का संकेत दे रहा है। नौकरी में सीनियर्स से बोनस मिलने की संभावना है। निवेश के मामले में आप भाग्यशाली रहेंगे।


धन प्राप्ति के योग: रुका हुआ धन मिलने की संभावना।
क्या करें: हर दिन सूर्य देव को जल अर्पित करें।
क्या न करें: अहंकार में आकर अवसर न गंवाएं।

 

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कन्या

 

इस महीने कन्या राशि वालों को वित्तीय अनुशासन अपनाने की जरूरत है। आपकी तार्किक क्षमता व्यापार में घाटे को कम करने में मदद करेगी। आय स्थिर रहेगी,  निवेश के लिए समय बहुत अच्छा नहीं है। करियर में बदलाव की सोच रहे हैं तो सोच-समझकर कदम बढ़ाएं। बचत के मामले में आप दूसरों से बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

 

धन प्राप्ति के योग: लेखन, कंसल्टेंसी और शिक्षण कार्यों से धन लाभ होगा।
क्या करें: बुधवार को जरूरतमंदों को मूंग की दाल दान करें।
क्या न करें: जल्दबाजी में शॉर्ट-कट तरीके से पैसे कमाने की कोशिश न करें।

 

तुला

 

तुला राशि वालों के लिए मई का महीना विलासिता और समृद्धि लेकर आएगा। शुक्र का प्रभाव आपकी आय को बढ़ाएगा। करियर में आपकी रचनात्मक सोच धन लाभ के नए रास्ते खोलेगी। निवेश के लिए यह बेहतरीन समय है, विशेषकर कीमती धातुओं में। बचत करने की आपकी क्षमता इस महीने बढ़ेगी।

 

धन प्राप्ति के योग: सुख-सुविधाओं से संबंधित बिजनेस में बड़ा मुनाफा होगा।
क्या करें: शुक्रवार को लक्ष्मी जी की पूजा करें और कपूर जलाएं।
क्या न करें: अपनी वित्तीय स्थिति का बखान सबके सामने न करें।

 

वृश्चिक

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए यह महीना आर्थिक रहस्यों और अचानक लाभ का है। पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद हल होंगे और आपको अपना हिस्सा मिलेगा। व्यापार में नए तकनीकी प्रयोग लाभ देंगे। करियर में आपको कड़ी मेहनत करनी होगी, जिसका परिणाम आर्थिक स्थिरता के रूप में मिलेगा। 

 

धन प्राप्ति के योग: लॉटरी या पुराने रुके हुए भुगतान से पैसा आएगा।
क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें और चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
क्या न करें: दूसरों की सलाह पर शेयर बाजार में पैसा न लगाएं।

 

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धनु

 

धनु राशि वालों के लिए मई का महीना बेहद भाग्यशाली रहने वाला है। आपकी आय में जबरदस्त उछाल आएगा। यदि आप निवेश करना चाहते हैं, करियर में आपको पदोन्नति मिलेगी। व्यापार में विस्तार के लिए समय सही है। आपकी बचत करने की आदत आपको भविष्य की चिंताओं से मुक्त रखेगी।

 

धन प्राप्ति के योग: विदेशी व्यापार और शिक्षण संस्थानों से धन मिल सकता हैं।

क्या करें: गुरुवार के दिन पीले कपड़े पहने और माथे पर केसर का तिलक लगाएं।
क्या न करें: फिजूलखर्ची  न करें।

 

मकर

 

मकर राशि वालों के लिए आर्थिक उन्नति धीमी लेकिन स्थिर रहेगी। शनि का प्रभाव आपको फिजूलखर्ची से बचाएगा और बचत की ओर प्रेरित करेगा। व्यापार में पुराने निवेश अब फल देने लगेंगे। करियर में आपको नई जिम्मेदारियां मिलेंगी, जिनसे भविष्य में धन लाभ होगा। प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए यह समय अच्छा है।

 

धन प्राप्ति के योग: लोहे, सीमेंट और कंस्ट्रक्शन जैसे काम से धन लाभ हो सकता है।
क्या करें: शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
क्या न करें: किसी भी करीबी रिश्तेदार के साथ धन का लेन-देन न करें।

 

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कुंभ

 

कुंभ राशि वालों के लिए यह महीना नई योजनाओं पर धन खर्च करने का है। आपकी आय के साधन बढ़ेंगे। डिजिटल मीडिया और तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े लोगों को शानदार बोनस मिल सकता है। व्यापार में प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ने के लिए आपको निवेश बढ़ाना पड़ सकता है।

 

धन प्राप्ति के योग: अचानक यात्राओं से धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं।
क्या करें: शनिवार को शनि चालीसा का पाठ करें और छाया दान करें।
क्या न करें: उधार लेकर निवेश करने की गलती बिल्कुल न करें।

 

मीन

 

मीन राशि के जातकों के लिए मई का महीना शांति और समृद्धि लेकर आएगा। करियर में सकारात्मक बदलाव आएंगे, जिससे आपकी आय का ग्राफ ऊपर जाएगा। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों पर खर्च हो सकता है, जो आपको मानसिक संतोष देगा। आप भविष्य के लिए कोई बड़ी बीमा पॉलिसी ले सकते हैं।

 

धन प्राप्ति के योग: दान-पुण्य और रिश्तेदारों के जरिए धन लाभ होगा।
क्या करें: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और पीले फूलों से पूजा करें।
क्या न करें: किसी भी अनजान योजना में भारी निवेश करने से बचें।

 

नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अपनी मेहनत पर विश्वास रखें और सकारात्मक सोच के साथ दिन का आनंद लें।

 

‘BJP जीती तो बड़ा शरणार्थी संकट पैदा होगा’, बांग्लादेशी सांसद का वीडियो वायरल


पड़ोसी देश बांग्लादेश की संसद में पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल की चर्चा है। एनसीपी के सदस्य सचिव अख्तर हुसैन ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद शरणार्धी संकट पैदा होने का खतरा जताया है।

 

अख्तर हुसैन ने कहा, ‘अगर पश्चिम बंगाल में बीजेपी जीत जाती है और वहां उसकी सरकार बनती है तो वह सभी बांग्लादशियों को वापस बांग्लादेश भेजेगी। इससे यहां एक बड़ा शरणार्थी संकट पैदा हो जाएगा। हम इस बात से चिंतित हैं।’

 

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हमें एकजुट रहना होगा: अख्तर हुसैन

अख्तर हुसैन ने आगे कहा कि क्षेत्रीय रूप से हमारी स्थिति कई वास्तविकताओं से ग्रस्त रही है। बीजेपी बांग्लादेश में प्रवासियों की बाढ़ ला सकती है। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि हमारे पड़ोसी देश से मुसलमानों को वापस नहीं भेजा जाएगा। हमें एकजुट रहना होगा।’

 

 

निशिकांत दुबे ने शेयर किया वीडियो

बांग्लादेशी नेता के बयान पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर वीडियो साझा किया और लिखा, ‘बांग्लादेश के सांसद अख्तर हुसैन ने आज बांग्लादेश के संसद में कहा कि भाजपा की पश्चिम बंगाल की जीत घुसपैठ को रोकेगी और बांग्लादेशी मुसलमानों को भगाएगी, यह खतरनाक है। तृणमूल कांग्रेस के मददगार धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं।’

 

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चुनावी मुद्दा बना अवैध घुसपैठ

बता दें कि पश्चिम बंगाल और असम में अवैध घुसपैठ एक बड़ा मुद्दा रहा है। बीजेपी ने सत्तारूढ़ टीएमसी पर घुसपैठियों को शरण देने का आरोप लगाया। वहीं असम की बीजेपी सरकार बड़े पैमाने पर अवैध घुसपैठियों को वापस भेज चुकी है। माना जा रहा है कि अगर पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन होता है तो अवैध घुसपैठ के मामले में बड़ा एक्शन लिया जा सकता है।

 

LPG सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल, 19 किलो वाला सिलेंडर की कीमत 993 रुपये बढ़ी


आज मई महीने के पहले दिन ही लोगों को झटका लगा है। देशभर में  19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमतें आज 1 मई से बढ़ गई हैं। पहले की तुलना में आज से आपको इस सिलेंडर के लिए 993 रुपये ज्यादा देने पड़ेंगे। इस बढ़ोतरी के बाद अब दिल्ली में 19 किलो वाला गैस सिलेंडर 3,071.5 रुपये में मिलेगा। कीमत में हुई इस बढ़ोतरी ने होटल और रेस्टोरेंट चलाने वालों की टेंशन बढ़ा दी है। 

 

इंडियन ऑयल की ओर से जारी किए गए एक नोटिस के अनुसार, दिल्ली में अब 19 किलोग्राम वाला सिलेंडर  3,071.5 रुपये में, मुंबई में 3,270.5 रुपये और कोलकाता में 3,229 रुपये में मिलेगा। इसके अलावा अन्य शहरों में भी इस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। सिलेंडर की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी के बाद अब ढाबों हॉटलों में खाना मंहगा गो सकता है। 

 

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घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें रहेंगी स्थिर

आज यानी 1 मई से कमर्शियल गैस सिलिंडर महंगा हो गया लेकिन घरेलू गैस सिलिंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसका मतलब है कि आपके घर के बजट में इसका कोई असर नहीं होगा लेकिन अगर आप बाहर खाना खाते हैं तो आपके बजट पर इसका सीधा असर होगा। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर अभी भी 913 रुपये के पुराने रेट पर ही मिल रहा है। इसी तरह अन्य शहरों में भी पुराने रेट ही लागू रहेंगे। 

व्यापारियों की चिंता बढ़ी

अचानक हुई इस बढ़ोतरी से फूड इंडस्ट्री के छोटे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। रेस्टोरेंट, ढाबे और कैटरिंग सेवाओं से जुड़े लोगों को अब अपने खर्चों को मैनेज करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, जिसका असर ग्राहकों पर भी पड़ने की संभावना है। आने वाले दिनों में होटल और रेस्टोरेंट अपने मेन्यू के दाम बढ़ा सकते हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर एक्स्ट्रा खर्च पड़ेगा। 

गर्मी में इलेक्ट्रोलाइट की कमी को हल्के में न लें, जाना पड़ सकता है अस्पताल


गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन की समस्या सबसे आम है लेकिन इसे हल्के में न लें। पानी की कमी की वजह से हीट स्ट्रोक और हीट एग्जॉशन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में शरीर को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी है। डिहाइड्रेशन की वजह से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट इम्बैंलेस की समस्या हो सकती है। इलेक्ट्रोलाइट की कमी की वजह से थकान, कमजोरी महसूस हो सकती है। इसके अलावा ये हीट स्ट्रोक का भी कारण बन सकता है। आइए जानते हैं इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस क्या होता है?

 

जब शरीर में सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम का लेवल बहुत ज्यादा या बहुत कम हो जाता है तो इस स्थिति को इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस या इलेक्ट्रोलाइट की कमी कहते हैं। ये सभी चीजें शरीर में ब्लड प्रेशर और पीएच बैलेंस को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं किन वजहों से इलेक्ट्रोलाइट की कमी हो सकती है?

 

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इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस के कारण 

अधिक पसीना आना- शरीर को ठंडा रखने के लिए शरीर से पसीना निकलता है। पसीने में पानी के साथ सोडियम, पोटैशियम और क्लोराइड होता है। अधिक पसीना आना भी सेहत के लिए नुकसानदायक है।

 

डिहाइड्रेशन- गर्मी के मौसम में पानी की कमी की वजह से डिहाइड्रेशन की समस्या होती है। जब आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं तो इलेक्ट्रोलाइट्स असंतुलित हो जाते हैं।

 

बाहर घंटों काम करना- इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस की समस्या उन लोगों को ज्यादा होती हैं जो धूप में बाहर काम करते हैं। धूप की वजह से अधिक पसीना आता है और इलेक्ट्रोलाइट भी कम होते हैं।

इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस के लक्षण क्या है?

  • थकान और कमजोरी
  • चक्कर आना
  • हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक
  • पेट दर्द, उल्टी, कब्ज

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इलेक्ट्रोलाइट को बनाएं रखने के लिए क्या पिएं?

  • नारियल पानी- नारियल पानी में पोटैशियम, मैग्नीशियम की भरपूर मात्रा होती है। इस पीने से शरीर तरोताजा महसूस करता है।
  • छाछ- गर्मी में छाछ पीना सेहत के लिए फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें प्रोबायोटिक्स होते हैं। 
  • नींबू पानी- नींबू पानी से शरीर हाइड्रेटेड रखता है। साथ ही सोडियम के लेवल को भी नियंत्रित रखता है।
  • पानी पिएं- पानी शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और  इसमें नियमित मात्रा में विटामिन्स और मिनरल्स मौजूद होते हैं।
  • इसके अलावा तरबूज, संतरा, केला और स्ट्रॉबेरी खाएं। इन सभी चीजों को खाने से इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस रहता है। कद्दू के बीज में मैग्नीशियम की भरपूर मात्रा होती है। इसे खाने से शरीर में एनर्जी मिलती है।
  • सब्जियां खाएं- डाइट में हरी सब्जियां, खीरा और टमाटर को शामिल करें। ये चीजें पोषण से भरपूर है और शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करती है।

‘जीन्स-टॉप, हाफ पैंट पहनकर ना आएं’, दिगंबर जैन मंदिर के बाहर लगा नोटिस


उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के दिगंबर जैन मंदिर की समिति ने एक बड़ा फैसला लिया। फैसले के मुताबिक अब से मंदिर में भक्तों को खास तरीके के कपड़े पहनकर आने होंगे। कपड़े ऐसे होने चाहिए, जिनमें व्यक्ति का शरीर ढका हो। इसके अलावा अब से हाफ पैंट, जीन्स-टॉप जैसे छोटे कपड़े पहनकर मंदिर में प्रवेश नहीं किया जा सकेगा। इसके बजाय मंदिर समिति ने सलाह दी है कि महिलाएं सूट-सलवार या साड़ी पहनकर मंदिर आएं। यह जानकारी समिति ने मंदिर के बाहर बोर्ड लगाकर दी है, जिस पर लिखा है कि साड़ी या सूट पहनकर ही मंदिर में प्रवेश करें।

 

दिगंबर जैन मंदिर समिति के लोगों ने यह फैसला 30 अप्रैल को लिया है। मंदिर समिति के अंकुश जैन के मुताबिक यह फैसला मंदिर की गरिमा और पवित्रता बनाए रखने के लिए लिया गया है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि यह फैसला किसी भी व्यक्ति की निजी स्वतंत्रता पर रोक लगाने के लिए नहीं है, बल्कि मंदिर के अनुशासन को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। जानकारी के लिए बता दें कि दिगंबर जैन मंदिर का जैन धर्म में बेहद खास महत्व है, जहां हजारों लोग दर्शन करने आते हैं।

 

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दिगंबर मंदिर की धार्मिक मान्यता

दिगंबर जैन मंदिर बेहद मशहूर है, जहां देश के कई हिस्सों से लोग दर्शन करने आते हैं। मंदिर में दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। बागपत का यह मंदिर जैन परंपरा का एक अहम केंद्र है, जहां भगवान पार्श्वनाथ की पूजा की जाती है। इसी वजह से इस मंदिर को जैन धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है।

 

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फैसले के जरिए भारतीय संस्कृति को बढ़ावा मिला

मंदिर समिति के लोगों का मानना है कि इस फैसले के जरिए भारतीय पहनावे को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति की याद दिलाई जा रही है कि पारंपरिक पहनावा क्या है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि दिगंबर मंदिर इस फैसले के जरिए लोगों को यह संदेश दे रहा है कि भक्तों को मंदिर में किस प्रकार के कपड़े पहनकर आना चाहिए।

‘मैं तो कोहिनूर मांग लेता…’, ट्रंप और किंग चार्ल्स की मुलाकात पर बोले ममदानी


ब्रिटेन के किंग चार्ल्स अपने 4 दिन के अमेरिकी दौरे पर हैं। किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला बुधवार को न्यूयॉर्क सिटी भी गए। इस दौरान उन्होंने मेयर जोहरान ममदानी से भी मुलाकात की। इस मुलाकात से पहले ममदानी ने कुछ ऐसा बयान दिया था जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। ममदानी से पत्रकारों ने पूछा था कि अगर किंग चार्ल्स से उनकी बात होती है तो वह उनसे क्या कहेंगे? इस सवाल के जवाब में ममदानी ने कहा था कि अगर उन्हें किंग चार्ल्स से अलग से बात करने का मौका मिला, तो वे कोहिनूर हीरा भारत को लौटाने का मुद्दा उठाएंगे। 

 

बुधवार को ममदानी और किंग चार्ल्स की मुलाकात हुई। हालांकि, यह मुलाकात बहुत छोटी थी और इस बात की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है कि जोहरान ममदानी ने उनसे कोहिनूर पर बात की है या नहीं। ममदानी ने इस मुलाकात से कुछ ही समय पहले कहा था, ‘अगर मैं राजा से बात करता हूं, तो मैं शायद उनसे कोहिनूर हीरा वापस करने के लिए कहूंगा।’

 

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न्यूयॉर्क पहुंचे किंग

किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला बुधवार को न्यूयॉर्क सिटी में पहुंचे। यहां उन्होंने वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में पहुंचकर 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों की 25 बरसी मनाई। इसी कार्यक्रम में जोहरान ममदानी भी शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में जोहरान ममदानी और किंग चार्ल्स की मुलाकात भी हुई। हालांकि, यह मुलाकात बहुत कम समय के लिए हुई थी। इतने कम समय में ममदानी ने कोहिनूर पर किंग चार्ल्स से बात की हो इसकी संभावना बहुत कम है। 

भारत से ममदानी का क्या कनेक्शन?

जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क शहर के मेयर हैं। हालांकि, उनकी जड़े भारत से जुड़ी हुई हैं। ममदानी पहले भारतीय मूल के और पहले दक्षिण एशियाई मेयर बने हैं। उनकी मां का नाम मीरा नायर हैं और वह मूल रूप से भारत की ही हैं। मीरा नायर पेशे से फिल्म प्रोड्यूसर हैं। उन्होंने कई हिट फिल्मों का निर्माण किया है। उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर महमूद ममदानी से शादी की और उनके बेटे जोहरान ममदानी हैं। 

 

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ब्रिटेन के पास कोहिनूर

कोहिनूर हीरा इस दुनिया के सबसे कीमती हीरों में से एक है। मौजूदा समय में यह ब्रिटे के शाही ताज में जड़ा हुआ है और टावर ऑफ लंदन में रखा गया है। यह पिछले 177 साल से ब्रिटेन के पास है। जब अंग्रेजों का शासन भारत पर था उसी समय यह हीरा अंग्रेजों के पास चला गया था। भारत समय-समय पर इस हीरे पर अपने कानूनी अधिकार का दावा करता रहा है। हालांकि, अभी तक ब्रिटेन ने इसे भारत को लौटाया नहीं है। 

35 साल से चल रहा मुकदमा, 2 आरोपी मर गए, सुप्रीम कोर्ट ने खत्म किया केस


अदालतों में तारीख पर तारीख मिलना और कई साल तक केस चलना आम बात है। कई बार कई मुकदमे 10 या 20 साल तक भी चलते रहते हैं। अब ऐसे ही एक मामले को सुप्रीम कोर्ट ने इसी वजह से खत्म कर दिया कि 35 साल में उस केस का ट्रायल ही नहीं शुरू हो पाया। हैरानी की बात है कि इस केस के दो आरोपियों की मौत हो चुकी है और दो बरी भी हो चुके हैं। अब पांचवे आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों को सुप्रीम कोर्ट ने देरी के आधार पर रद्द कर दिया है।

 

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे बी पारदीवाला और उज्जल भुइयां की बेंच ने कहा है, ‘हमें पता चला है कि मौजूदा याचिकाकर्ता समेत कुल पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट हुई थी। पांच में से 2 आरोपियों की मौत हो चुकी है और दो आरोपी गवाह पेश न किए जाने के चलते बरी हो चुके हैं। इस केस की स्थिति को देखते हुए इसे इसी आधार पर खारिज कर रहे हैं कि इसमें 35 साल लग गए हैं।’

 

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किस बात का था मुकदमा?

 

इस मामले में याचिकाकर्ता एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कैलाश चंद्र कापड़ी हैं। इससे पहले वह इलाहाबाद हाई कोर्ट भी गए थे कि इस केस को खारिज किया जाए। हालांकि, हाई कोर्ट ने उनकी अपील स्वीकार नहीं थी। वह साल 1989 में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रामबाग जीआरपी थाने में दर्ज हुई एक एफआईआर के मामले में ट्रायल का सामने कर रहे हैं। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 147, धारा 323, धारा 502 और रेलवे ऐक्ट की धारा 120 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

 

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इससे पहले, 22 अप्रैल को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की थी और कहा था कि अपना फैसला सुनाने से पहले उसे राज्य सरकार की राय लेनी है। इसी मामले में राज्य सरकार को नोटिस भी भेजा गया था।

इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने जवाब में बताया कि साल 2000 में राज्य का विभाजन होने और उत्तराखंड राज्य बनने के बाद से आरोपी उत्तराखंड में रह रहे हैं। यूपी सरकार ने यह भी कहा कि आरोपी उत्तर प्रदेश की अदालत में पेश ही नहीं हो रहे हैं। 

 

गर्मी में गन्ने का जूस पीने के शौकीन हैं तो इन बातों का रखें ध्यान


गर्मी के मौसम में गन्ने का जूस की बिक्री बढ़ जाती है। ये जूस आसानी से मिल जाता है। शरीर को ठंडक देने के लिए लोग गन्ने का जूस पीते हैं। इस पीकर तरोताजा महसूस होता है। इसमें  एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो सेहत के लिए फायदेमंद होता है। गन्ने में नेचुरल शुगर होता है जिस वजह से गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।

 

गन्ने के जूस में नींबू का रस, काला नमक और पुदीना मिल जाता है। ये जूस पीने में स्वादिष्ट तो होता है लेकिन कुछ चीजों का ध्यान रखना भी जरूरी है। अगर आप गन्ने का जूस पीने की शौकीन हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

 

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इन बातों का रखें ध्यान

गन्ने का जूस शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और एनर्जी भी मिलती है। ज्यादातर लोग गन्ने का जूस थकावट मिटाने के लिए पीते हैं। ये आसानी से पच जाता है क्योंकि इसमें नेचुरल शुगर होता है। इसी वजह से गर्मी में लोग गन्ने का जूस ज्यादा पीते हैं।

 

प्राकृतिक शुगर कुछ लोगों के लिए नुकसानदायक है

 

गन्ने में प्राकृतिक मिठास होती है। जब आप इसका जूस बनाते हैं तो ये गाढ़ा हो जाता है। जब भी आप किसी फल का जूस बनाते हैं तो उसमें फाइबर की मात्रा कम होता है और शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। 

डायबिटीज के मरीज को गन्ने का जूस नहीं पीना चाहिए क्योंकि इससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है। 

 

फैटी लिवर- जिन लोगों को लिवर संबंधी समस्या होती है उन्हें गन्ने का जूस पीने से बचना चाहिए।

 

मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है- गन्ने का जूस भले ही हेल्दी लगता हो लेकिन यह हर किसी के लिए सही नहीं हैं। ये आपके मेटाबॉलिज्म कर सकता है।

 

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साफ-सफाई का ध्यान रखें

अगर गन्ने का जूस साफ-सफाई से नहीं बनाया जाए तो इसे पीने से टाइफाइड, हैजा और हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ सकता है। आप साफ-सफाई वाली जगह से गन्ने का जूस पिएं। वरना बीमार पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।