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इराक से पाकिस्तान बॉर्डर तक, अमेरिका ने ईरान में की भीषण बमबारी


अमेरिका और ईरान के बीच जंग अन्य क्षेत्रों तक फैलने लगी है। दक्षिणी ईरान में अमेरिकी सेना ने इराक से पाकिस्तान सीमा तक फैले ईरानी क्षेत्र में भीषण बमबारी की। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक अमेरिका हमलों में 35 से ज्यादा लोगों की जान गई और 300 से अधिक लोग घायल हुए है। 

 

गुरुवार तड़के अमेरिका सेना ने अपने हमलों का विस्तार किया और राजधानी तेहरान के आसपास सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। जवाब में आईआरजीसी ने अमेरिका के सहोयीगी खाड़ी देशों पर बैलेस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया।

 

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अमेरिका ने कहां-कहां पर किया हमला?

ईरान ने आखिरी तक प्रतिरोध दिखाने की कसम खाई। अमेरिकी सेना ने हमदान, होर्मोजगान, खुजेस्तान, लोरेस्तान, मरकजी, सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांतों पर भीषण बमबारी की। ईरान के बैलेस्टिक मिसाइल और अंतरिक्ष कार्यक्रम के गढ़ उत्तरी सेमनान प्रांत में भी हमलों की खबर है। 

 

बुधवार की रात फारस की खाड़ी पर स्थित चाबहार शहर में भी बमबारी हुई। अमेरिकी सेना ने ईरान की नाकेबंदी भी शुरू कर दी है। इस बीच खार्ग द्वीप जाने वाले एक तेल टैंकर भी मिसाइल से हमला किया गया। अमेरिका सेना का कहना है कि कई चेतावनियों को नजरअंदाज करने के बाद जहाज पर अटैक किया गया है। ईरान के सबसे बड़े बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में आईआरजीसी और उसकी नौसेना सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया है।

होर्मुज हमारी लक्ष्मण रेखा: ईरानी सेना

ईरान की सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी हाल में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका का नियंत्रण स्थापित नहीं होने देगी। बयान में कहा, ‘हम किसी भी परिस्थिति में अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य में दखल देने की अनुमति नहीं देंगे। यह ईरान की अभेद्य लक्ष्मण रेखा है।’ 

 

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खाड़ी देशों को ईरान की धमकी

ईरान हर अमेरिकी हमले का जवाब खाड़ी देशों पर पलटवार करके दे रहा है। गुरुवार तड़के ईरान ने कुवैत, जॉर्डन और बहरीन पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया। धमकी भी दी कि हमलों की संख्या बढ़ भी सकती है। एक बयान में ईरान की सेना ने कहा, ‘हमारे पड़ोसियों को यह पता होना चाहिए कि अमेरिकियों को अड्डा मुहैया कराना और उन्हें ईरानी धरती पर गोलीबारी करने की अनुमति देना अस्वीकार्य है और इसका जवाब जरूर दिया जाएगा।’

 

ईरानी सेना के खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने धमकी दी कि अगर ट्रंप ने ईरानी बुनियादी ढांचे पर हमला किया तो इस क्षेत्र का सारा बुनियादी ढांचा ईरान के शक्तिशाली सशस्त्र बलों के कठोर हमलों से तबाह हो जाएगा।

100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने छोड़ा ISRO, सरकार ने सख्त किए इस्तीफे के नियम


भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के गगनयान और दूसरे अहम मिशन से जुड़े  100 से अधिक वैज्ञानिकों ने पिछले एक साल में इस्तीफा दे दिया है। नतीजा यह हुआ कि इसरो के डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस को स्वैच्छिक रिटायरमेंट और इस्तीफा से जुड़े नियमों को सख्त करना पड़ा है। अब इस्तीफा और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के मामले में मुख्यालय से अनुमति लेनी होगी। इसरो के चेयरमैन वी. नारायणन ने भी लोगों के जाने की बात मानी है। उन्होंने कहा कि, ‘बहुत से लोग जाते हैं, लेकिन यह हर संगठन का हिस्सा है।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 14 जुलाई को जारी इंटरनल मेमोरैंडम में केंद्र सरकार ने इसरो केंद्रों को निर्देश दिया है कि वे गगनयान और अन्य प्रमुख मिशनों से जुड़े ग्रुप ‘A’ के ​​वैज्ञानिक और तकनीकी कर्मियों से इस्तीफे या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के अनुरोध को स्वीकार न करें। इस्तीफा और सेवानिवृत्ति के सभी अनुरोध अब अंतरिक्ष विभाग को भेजे जाएंगे। दस्तावेज में कहा गया कि हाल ही में लोगों के छोड़ने की बढ़ती संख्या ने राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट्स पर बुरा असर डाला है।

 

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यूनिट प्रमुखों से अधिकार लिया वापस

25 नवंबर 2020 को सरकार ने इसरो सेंटर के डायरेक्टर और यूनिट के प्रमुखों को ग्रुप ए के साइंटिफिक और टेक्निकल स्टाफ के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और इस्तीफे के अनुरोध स्वीकार करने का अधिकार भी वापस ले लिया है। माना जा रहा है कि सरकार ने यह कदम इस वजह से उठाया है ताकि राष्ट्रीय हित के मिशनों पर कोई असर न पड़े।

कितने लोगों ने छोड़ी नौकरी

उधर, डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस ने इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों की संख्या का खुलासा नहीं किया है, लेकिन टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पिछले साल 100 से 120 लोगों ने इस्तीफा दिया है। रिपोर्ट में बताया गया कि यूआर राव सैटेलाइट सेंटर के 80 कर्मचारियों और विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर के 20 वैज्ञानिकों ने नौकरी छोड़ी है। 

 

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केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा?

इसरो छोड़ने वाले वैज्ञानिकों से जुड़े सवाल पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि इसरो में बहुत बड़ी संख्या में कर्मचारी हैं। जैसे-जैसे लोग छोड़ते हैं, वैसे-वैसे कई लोग जुड़ते भी हैं। कई लोग गए हैं तो कई लोग आए भी हैं।

लंबे समय तक टिकेगी लिपस्टिक, लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान


लिपस्टिक एक ऐसा प्रोडक्ट है जो आपकी खूबसूरती में चार चांद लगा देता है। चाहे आप ऑफिस जा रही हो, किसी पार्टी में या फिर दोस्तों के साथ लंच पर। कहीं पर भी जाने से पहले लड़कियां लिपस्टिक लगाना नहीं भूलती हैं। हर लड़की अपने हिसाब से शेड चुनती है। कई बार लिपस्टिक को ठीक तरीके से नहीं लगाया जाए तो फैल जाती है, जिस वजह से आपका लुक खराब हो सकता है।

 

मार्केट में अलग-अलग तरह की कई लिपस्टिक आती हैं। इन सभी को लगाना एक तरीका होता है। अगर आप लिपस्टिक को सही तरीके से लगाते हैं तो होंठ ड्राई नहीं होंगे और लिपस्टिक भी लंबे समय तक चलेगी। आइए लिपस्टिक लगाने का सही तरीका जानते हैं।

 

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लिपस्टिक लगाने का सही तरीका क्या है?

होंठ को हाइड्रेट करें

 

लिपस्टिक लगाने से पहले होंठ का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। होंठों को फटने से बचाने के लिए हफ्ते में एक या दो बार लिप स्क्रब करें, इससे डेड स्किन सेल्स हट जाती है। लिप्स को एक्सफोलिएट करने के बाद होंठों पर मॉश्चराइजर लगाएं। लिप बॉम लगाने के तुरंत बाद लिपस्टिक न लगाएं। पहले लिप बॉम को अच्छे से एब्जॉर्ब होने दें। 

 

लिप प्राइमर लगाएं

 

लिप प्राइमर लगाने से लिपस्टिक फैलती नहीं है। यह आपके लिप्स और लिपस्टिके के बीच में बैरियर की तरह काम करता है। इसे लगाने से लिपस्टिक लंबे समय तक टिकी रहती है। अगर आपके लिप प्राइमर नहीं है तो थोड़ा सा फाउंडेशन या कंसीलर होंठ पर लगाएं। आप ट्रांसलूसेंट पाउडर के साथ सेट करके बेस तैयार कर लें।

 

लिप लाइनर लगाएं

 

लिप लाइनर आपके लिप्स को ऊभारता है। अपनी लिपस्टिक से मैच करता या फिर नेचुरल लिप कलर का इस्तेमाल करें। अपने होंठों के कोनों से अच्छे से आउटलाइन करें। आप लिपस्टिक लगाने से पहले लिप लाइन लगाएं। ये आपके होंठ पर बेस लेयर तैयार करेगा और लिपस्टिक को जल्दी हटने नहीं देगा।

 

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सही लिपस्टिक चुनें

 

सभी लिपस्टिक एक जैसा काम नहीं करती है। क्रीमी और ग्लोसी लिपस्टिक कॉर्नर से जल्दी हटने लगती है जबकि मेट और लंबे समय तक टिकने वाली लिपस्टिक ज्यादा टिकती है। अगर आपको ग्लॉसी लुक चाहिए तो होंठ पर पहले मेट लिपस्टिक लगाएं, उसके ऊपर से ग्लॉस को सिर्फ बीच के हिस्से में लगाएं, बाहरी किनारे पर नहीं लगाना है।

 

लिपस्टिक को 2 कोट में लगाएं

 

लिपस्टिक को सीधा न लगाएं। आप इसके लिए लिप ब्रश का इस्तेमाल करें। एक बार पतली लेयर लगाए और हल्का टिशू पेपर से डैब कर लें ताकि ऐक्स्ट्रा लिपस्टिक निकल जाए। इसके बाद फिर दूसरा कोट लगाए। ऐसा करने से लिपस्टिक लंबे समय तक टिकी रहती है।

गुप्त नवरात्रि के दिन किन लोगों पर होगी मां दुर्गा की कृपा?


15 जुलाई ग्रह-नक्षत्रों के विशेष संयोग के साथ हमारे जीवन में नई ऊर्जा लेकर आ रहा है। पंचांग के अनुसार, आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। इस दिन का मूलांक 6 बनता है, जिसका स्वामी शुक्र ग्रह है। शुक्र का यह प्रभाव आज के दिन को कला, सौंदर्य, प्रेम और भौतिक सुख-सुविधाओं के आकर्षण से भरपूर बनाएगा। अंतरिक्ष में ग्रहों की स्थिति को देखें तो चंद्रमा आज कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक संवेदनशीलता और पारिवारिक जुड़ाव बढ़ेगा।


आज का दिन सभी 12 राशियों के लिए मिले-जुले परिणाम लेकर आ रहा है। एक तरफ जहां व्यापार और आर्थिक मामलों में शुक्र और बुध की कृपा से नए अवसर मिलेंगे, वहीं दूसरी तरफ कर्क राशि के चंद्रमा के कारण भावनाओं पर नियंत्रण रखना आज की सबसे बड़ी चुनौती होगी। आज की ऊर्जा हमें व्यावहारिक फैसलों के साथ-साथ अपनों की भावनाओं का सम्मान करने की सीख देती है। आइए जानते हैं कि आज का दिन मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों के लिए करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य के लिहाज से कैसा रहने वाला है।

 

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राशिफल


मेष राशि


दफ्तर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। आज धन का निवेश करने से बचना समझदारी होगी। जीवनसाथी के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। घर में सुख-शांति का माहौल रहेगा।
आज क्या करें: पक्षियों को दाना डालें।
आज क्या न करें: किसी भी काम में जल्दबाजी करने से बचें।


वृषभ राशि


व्यापार में मुनाफे के प्रबल योग हैं। नौकरीपेशा लोगों को उच्च अधिकारियों की सराहना मिलेगी। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। परिवार के साथ किसी मनोरंजक यात्रा पर जा सकते हैं।
आज क्या करें: माता-पिता के आशीर्वाद लेकर दिन की शुरुआत करें।
आज क्या न करें: आज किसी को उधार देने से बचें।


मिथुन राशि


नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। आमदनी बढ़ाने के नए स्रोत बनेंगे, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। जुबान पर नियंत्रण रखें, वरना परिवार में मतभेद हो सकता है। आज आपको आंखों और पेट से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियां हो सकती हैं।
आज क्या करें: भगवान गणेश की पूजा करें।
आज क्या न करें: आज किसी के साथ वाद-विवाद में न उलझें।

 

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कर्क राशि


नौकरी में बदलाव के विचार आ सकते हैं। व्यापार में नए ग्राहकों से जुड़ने का मौका मिलेगा। सुख-सुविधा की वस्तुओं पर खर्च होगा, जिससे बजट थोड़ा प्रभावित हो सकता है। चंद्रमा के आपकी राशि में होने से भावुकता बढ़ेगी।
आज क्या करें: शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
आज क्या न करें: नकारात्मक विचारों को अपने ऊपर हावी न होने दें।


सिंह राशि


ऑफिस में काम का दबाव अधिक रहेगा। दुश्मनों से सावधान रहने की आवश्यकता है। धन हानि के संकेत हैं, इसलिए सोच-समझकर ही कोई वित्तीय निर्णय लें। जीवनसाथी के साथ किसी बात पर अनबन हो सकती है। धैर्य से काम लें।
आज क्या करें: सूर्य देव को अर्घ्य दें।
आज क्या न करें: बिना सोचे-समझे किसी दस्तावेज पर साइन न करें।


कन्या राशि


करियर में बड़ी सफलता मिलने के योग हैं। व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। अचानक धन लाभ होने से आर्थिक स्थिति बेहद मजबूत होगी। दोस्तों और भाइयों के सहयोग से कोई बड़ा काम पूरा होगा।
आज क्या करें: हरी वस्तुओं का दान करें।
आज क्या न करें: आज अपने अहंकार को रिश्तों के बीच न आने दें।

 

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तुला राशि


ऑफिस में आपके काम की तारीफ होगी। धन लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे। सुख-साधनों में वृद्धि होगी। पारिवारिक जीवन में खुशहाली रहेगी। जीवनसाथी से कोई खूबसूरत उपहार मिल सकता है।
आज क्या करें: मंदिर में कपूर जलाएं या सफेद मिठाई का भोग लगाएं।
आज क्या न करें: किसी भी काम को कल पर न टालें।


वृश्चिक राशि


भाग्य का साथ मिलेगा। अटके हुए सरकारी काम आज पूरे हो सकते हैं। धन निवेश के लिए दिन अच्छा है। भविष्य में बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद है। धार्मिक कार्यों में परिवार के साथ शामिल होने का अवसर मिलेगा।
आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: आज अनजान लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।


धनु राशि


ऑफिस में कुछ रुकावटें आ सकती हैं। विरोधियों से थोड़ा सतर्क रहें। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। बजट बनाकर चलना ही आज समझदारी होगी। परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत करते समय संयम रखें।
आज क्या करें: माथे पर चंदन का तिलक लगाएं।
आज क्या न करें: आज जोखिम भरे कार्यों से पूरी तरह दूर रहें।

 

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मकर राशि


बिजनेस करने वाले लोगों को आज धन लाभ हो सकता है। नौकरी में प्रमोशन के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। लव लाइफ में खुशहाली बनी रहेगी। अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं।
आज क्या करें: शनि चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: किसी भी व्यक्ति के प्रति मन में द्वेष न रखें।


कुंभ राशि


आज मेहनत का फल मिलेगा। नौकरीपेशा जातकों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। धन का लेन-देन करते समय सावधानी रखें। जीवनसाथी का हर मोड़ पर सहयोग मिलेगा, जिससे आपका हौसला बढ़ेगा।
आज क्या करें: सुबह उठकर ताजी हवा में वॉक करें।
आज क्या न करें: कर्ज लेने या देने से आज सख्त परहेज करें।


मीन राशि


विद्यार्थियों और कला जगत से जुड़े लोगों के लिए दिन शानदार है। नौकरी में प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। रुका हुआ पैसा मिलने से राहत मिलेगी। आर्थिक नीतियां सफल होंगी। प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ेगा।
आज क्या करें: भगवान विष्णु की पूजा करें।
आज क्या न करें: अपनी योजनाओं को किसी के न बताएं।


नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

हूती और सऊदी अरब के बीच नई झड़प की वजह क्या, पाकिस्तान कैसे फंस गया?


अमेरिका और ईरान में जारी जंग के बीच एक और युद्ध का खतरा मध्य-पूर्व में गहराने लगा है। कई वर्षों बाद सऊदी अरब और हूती विद्रोही आमने-सामने आ चुके हैं। यमन के सना एयरपोर्ट पर हमले के बाद हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की घेरेबंदी की धमकी दी है। अगर तनाव बढ़ा तो इसका असर मध्य-पूर्व के दूसरे छोर बाब अल-मंडेब तक देखने को मिल सकता है। 

 

चार साल पहले 2022 में सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों ने युद्धविराम का ऐलान किया था। हालांकि सना पर हमले के बाद हूती विद्रोहियों का दावा है कि यह समझौता टूट चुका है। आइये समझते हैं कि सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच ताजा झड़प की वजह क्या है, क्या अब सऊदी अरब जंग में तटस्थ रहने की जगह अमेरिका की तरफ झुक रहा है?

 

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कहां से शुरू हुआ मौजूदा तनाव?

मौजूदा तनाव की शुरुआत 3 जुलाई को हुई। एक ईरानी जहाज यमन की राजधानी सना में उतरा, लेकिन हूती विद्रोहियों ने आरोप लगाया कि सऊदी अरब की वायुसेना ने ईरानी जहाज को उतरने से रोकने का प्रयास किया। यह एक दशक में पहली बार था जब कोई ईरानी जहाज सना तक पहुंचा। इसी जहाज में सवार होकर हूती का प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा। जहां दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के सुपुर्द-ए-खाक रस्म में हिस्सा लिया। 13 जुलाई को यही प्रतिनिधिमंडल ईरान के विमान से वापस लौटा तो बवाल मच गया।

ईरानी विमान को क्यों नहीं उतरने दिया गया?

सऊदी अरब और यमन की सरकार नहीं चाहते हैं कि सना में ईरान के जहाज उतरे। उनका आरोप है कि इन फ्लाइट की आड़ में ईरान हूती विद्रोहियों को हथियारों की खेप भेज रहा है। संयुक्त राष्ट्र में यमन के राजदूत अब्दुल्ला अल-सादी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इन्हीं आरोपों को दोहराया। उनका कहना है कि राजधानी सना में उतरने का प्रयास कर रहा विमान ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से संबंधित था। उसमें कर्मचारी, सैन्य और दोहरे उपयोग वाले उपकरण थे। 

 

13 जुलाई को ईरान के महान एयर का एक विमान सना एयरपोर्ट पर उतरने वाला था। ऐन वक्त में सना एयरपोर्ट के रनवे पर बमबारी हो गई। विमान को आनन-फानन अपना रास्ता बदलना पड़ा। बाद में यह विमान लाल सागर तट पर स्थित होदेइदाह एयरपोर्ट पर उतारा गया। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने सना एयरपोर्ट पर हमले की जिम्मेदारी ली। उसने कहा कि यह कदम ईरानी विमान को सना में उतरने से रोकने की खातिर उठाया गया था।

तो सऊदी अरब को सजा जरूर मिलेगी!

हूती विद्रोहियों ने सना एयरपोर्ट हमले का दोषी सऊदी अरब को ठहराया। जवाब में दक्षिणी सऊदी अरब के आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला किया। सऊदी अरब ने इन हमलों को रोकने का दावा किया। बाद में हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की घेरेबंदी का ऐलान किया। आभा एयरपोर्ट हमले के बाद भी हूती के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद अल-बुखैती ने कहा कि हम मानते हैं कि इन हमलों को सऊदी अरब से अंजाम दिया गया। इसकी सजा जरूर मिलेगी। उनसे इस बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच संकट और गहराने वाला है।  

हूती विद्रोहियों ने खींच दी लाल लकीर

हूती विद्रोहियों ने कहा कि सना से तेहरान के बीच उड़ानें जारी रहेंगी। अगर सऊदी अरब बाधा बना तो उसके एयरपोर्ट को ठप्प करने से भी नहीं हिचकेंगे। खतरा यह भी है कि हूती विद्रोही लाल सागर के प्रवेश द्वार बाब अल-मंडेब को बंद कर सकते हैं। अगर ऐसा करेंगे तो सऊदी अरब को बड़ा झटका लगेगा, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से सऊदी अरब बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का निर्यात लाल सागर पर स्थित अपने यानबू बंदरगाह से कर रहा है। गाजा पर इजरायल के हमले के बाद हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंडेब में कई इजरायली और अन्य देशों के जहाजों को निशाना बनाया था।

 

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क्या अब खुलकर सामने आने लगा सऊदी अरब?

हूती विद्रोहियों के खिलाफ हमला करके सऊदी अरब ने स्पष्ट कर दिया है कि वह मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग में अब एक साइड लेने लगा है। अगर उसके हितों को ईरान खतरे में डालेगा तो सऊदी अरब न केवल हूती, बल्कि ईरान के खिलाफ भी खुलकर सामने आ सकता है। हालांकि अमेरिका के साथ ताजा झड़प में सऊदी अरब ने एक अलग रणनीति अपनाई है। उसने अबकी सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बजाय कतर, कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और ओमान जैसे देशों को अधिक निशाना बना रहा है।

पाकिस्तान के सामने सबसे बड़ा धर्मसंकट

जंग की शुरुआत में ईरान ने सऊदी अरब को निशाना बनाया। रियाद के दबाव के बावजूद पाकिस्तान ने अपनी सेना नहीं भेजी, जबिक दोनों देशों के बीच रक्षा समझौता है। हालांकि तब किसी तरह बातचीत बन गई। युद्धविराम के बीच पाकिस्तान ने प्रतीकात्मक तौर पर कुछ जहाज और सैनिकों को सऊदी अरब में तैनात किया है। मगर सबसे बड़ी परीक्षा यह है कि अगर हूती विद्रोहियों के साथ सऊदी अरब का संघर्ष बढ़ता है तो क्या पाकिस्तान इसमें रियाद का साथ देगा? क्योंकि वह अपने आंतरिक मामले में ही चौतरफा घिरा है।

‘नवनीत सहगल, हिरेन जोशी की जांच हो’, सट्टेबाजी केस में बघेल ने ऐसा क्यों कहा?


महादेव सट्टेबाजी ऐप केस में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल का नाम भी सामने आया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई ने आरोप लगाए थे कि ऐप के प्रमोटर्स ने संरक्षण लेने के लिए भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपये दिए। अब इसी केस में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता विकास गर्ग को गिरफ्तार किए जाने के बाद भूपेश बघेल ने कहा है कि इस मामले में हिरेन जोशी और नवनीत सहगल की भी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाए हैं कि बार-बार कहने के बावजूद महादेव ऐप को बंद नहीं किया गया जबकि यह काम केंद्र सरकार को करना था।

 

इस केस में सीबीआई ने जब अपनी चार्जशीट दायर की थी तब भूपेश बघेल का नाम आरोपी के तौर पर शामिल किया गया था। अब भूपेश बघेल ने इसे अपनी छवि खराब करने के लिए किया गया अभियान बताया है। साथ ही, उन्होंने रिटायर हो चुके IAS अधिकारी नवनीत सहगल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी रहे हिरेन जोशी का नाम लेकर कहा है कि इन दोनों की भी जांच होनी चाहिए। बता दें कि हिरेन जोशी उस समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ काम कर रहे हैं जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे।   

 

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अब क्या बोले भूपेश बघेल?

विकास गर्ग की गिरफ्तार के बारे में भूपेश बघेल ने कहा है, ‘महादेव ऐप में पहली कार्रवाई छत्तीसगढ़ में हुई। करीब 72 FIR हुई, सैकड़ों लोग गिरफ्तार हुए, हजारों बैंक खाते सीज किए गए। गैजेट्स और लैपटॉप जब्त किए गए और अनेक प्रदेशों में जाकर कार्रवाई की गई। तब केंद्र में बैठी सरकार ने हम पर आरोप लगाए कि महादेव सट्टा ऐप को संरक्षण देने का काम हमने किया। अब खबर आई है कि बीजेपी दिल्ली ईकाई के इकोनॉमिक अफेयर के जो चेयरमैन विकास गर्ग हैं, वह पकड़े गए हैं और 904 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई। यह कुछ इशारा करता है क्योंकि हम लोग बार-बार कहते थे कि महादेव ऐप बंद क्यों नहीं हो रहा है? इस ऐप को बंद करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। अब कारण समझ आ रहा है कि उन्हीं के लोग शामिल हैं।’ 

 

उन्होंने आगे कहा है, ‘मैं तो मांग करूंगा कि नवनीत सहगल और हिरेन जोशी, जो कि बहुत ताकतवर अधिकारी हुआ करते थे और उनके वाट्सऐप मैसेज से हेडलाइन तय होती थी, आज कल वे कहां हैं? सरकार उनकी जांच क्यों नहीं करती? उन तक ईडी क्यों नहीं पहुंचती? हम मांग करते हैं कि उनकी भी जांच हो। जब हम छत्तीसगढ़ की सरकार में थे तब हमने मांग की थी कि विदेश में बैठे लोगों के लिए लुकआउट सर्कुलर जारी किया जाए लेकिन आज डबल इंजन की सरकार है और वे लोग आज भी बाहर हैं। क्या बात है कि सरकार इस मामले को दबा रही है? मेरी मांग है कि नवनीत सहगल और हिरेन जोशी की भी जांच होनी चाहिए।’

 

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सट्टेबाजी के मामले पर भूपेश बघेल ने कहा, ‘यह एक सामाजिक बुराई है। इसी वजह से युवा और उनके परिवार बर्बाद हो रहे हैं। हमने इसी के चलते कार्रवाई की थी। तब चुनाव नजदीक था और केंद्र में इनकी सरकार है तो बदनाम करने के लिए इन्होंने मुझ पर सीधा आरोप लगाया कि महादेव को भी नहीं छोड़ा और 508 करोड़ का घपला किया है। मेरे घर में सीबीआई का छापा भी पड़ा। आप आरोप लगाकर निकल तो जाते हैं, किसी की छवि तो खराब कर लेते हैं लेकिन जब तार खुलते हैं तो पता चलता है कि ये उन्हीं का आदमी है।’

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कुरान और बाइबल में घमंड को क्यों माना गया है दोष? जानिए इससे बचने का तरीका


घमंड एक ऐसी भावना है, जब व्यक्ति को अपनी किसी चीज पर अभिमान यानी अहंकार हो जाता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति खुद को दूसरों से बेहतर और ऊंचा समझने लगता है। ईसाई धर्म के पवित्र ग्रंथ बाइबल और इस्लाम के कुरान में घमंड को दोष माना गया है। जहां एक तरफ इस्लाम में माना जाता है कि अल्लाह घमंड करने वाले लोगों को पसंद नहीं करते हैं। साथ ही यह भी माना जाता है कि जिन्होंने अपने जीवनकाल में घमंड किया, उन्हें मृत्यु के बाद जन्नत नहीं मिलती। वहीं दूसरी तरफ ईसाई धर्म में व्यक्ति को अपनी किसी भी चीज पर घमंड न करने की सलाह दी गई है। बाइबल के अनुसार, घमंड सिर्फ एक दोष नहीं, बल्कि अन्य दोषों की जड़ है।

 

मुस्लिम धर्म के सबसे पवित्र धर्मग्रंथ कुरान में एक कहानी का जिक्र किया गया है। कुरान की सूरा अल-बकरा में बताया गया है कि घमंड की वजह से इबादतगुजार इब्लीस ने अल्लाह के आदेश का पालन नहीं किया और शैतान बन गया। इसके अलावा बाइबल में लूसिफर के पतन की कहानी हमें समझाती है कि कैसे उसे अपनी सुंदरता और बुद्धि पर घमंड हो गया था, जिस वजह से उसे स्वर्ग छोड़ना पड़ा। अब सवाल उठता है कि बाइबल और कुरान में घमंड को लेकर क्या कहा गया है।

 

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 घमंड को लेकर कुरान?

कुरान की सूरा अन-नहल में लिखा है कि अल्लाह घमंड करने वालों को पसंद नहीं करते। जो लोग अपनी सोच-समझ पर घमंड करते हैं और खुद को दूसरों से बेहतर समझते हैं, ऐसे लोगों को कुरान में मुतकब्बिरीन कहा गया है। कुरान में साफ तौर पर बताया गया है कि घमंडी स्वभाव को देखकर अल्लाह नाराज होते हैं।

 

कुरान की सूरा अल-आराफ में बताया गया है कि घमंड की वजह से व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति सही और गलत के बीच अंतर नहीं कर पाता क्योंकि उसके ऊपर घमंड का पर्दा पड़ जाता है।

घमंड से बचने के उपाय

कुरान के मुताबिक, व्यक्ति को यह सोचना चाहिए कि जिन चीजों पर उसे घमंड है, वे सभी अस्थायी हैं। एक दिन हर व्यक्ति को अल्लाह के सामने जवाब देना है। इसलिए अपनी किसी भी चीज पर घमंड करने का कोई आधार नहीं है। हदीस में घमंड को दिल की एक बीमारी बताया गया है, जिसका इलाज बार-बार अल्लाह से माफी मांगना, दुआ करना और विनम्रता अपनाना है।

 

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क्या है बाइबल की सीख?

बाइबल के नीतिवचन में बताया गया है कि घमंड और बुद्धि एक साथ नहीं रहते। यानी जिस व्यक्ति को अपनी बुद्धि पर घमंड हो जाता है, उसकी बुद्धि नष्ट होने लगती है। नीतिवचन में बताया गया है कि विनाश से पहले गर्व और ठोकर खाने से पहले घमंड आता है।’विनाश से पहले गर्व, और ठोकर खाने से पहले घमंड होता है।’नीतिवचन यह भी बताता है कि घमंड केवल एक बुराई नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के पतन का संकेत भी देता है।

बचने के उपाय

ईसाई धर्म में साफ तौर पर बताया गया है कि व्यक्ति को घमंड से बचने के लिए ईश्वर के सामने आत्मसमर्पण करना चाहिए। साथ ही जीवन में सेवा, विनम्रता और नरम स्वभाव अपनाना चाहिए।

‘पावरफुल लीडर्स शोर नहीं मचाते’, बेयर ग्रिल्स ने डोनाल्ड ट्रंप पर कसा तंज?


ब्रिटेन के फेमस एडवेंचर एक्सपर्ट और मैन वर्सेज वाइल्ड के होस्ट बेयर ग्रिल्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। इसमें बेयर ग्रिल्स अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, प्रिंस विलियम और PM मोदी के साथ नजर आ रहे हैं। बेयर ग्रिल्स ने कैप्शन में लिखा- मैं दुनिया के कई प्रभावशाली नेताओं से मिला हूं। सबसे बेहतरीन नेता वही होते हैं, जो ज्यादा शोर नहीं मचाते। 

 

सोशल मीडिया पर तस्वीरें खूब वायरल हो रही हैं, कई लोग कमेंट में ट्रंप की फोटो पोस्ट कर चुटकी ले रहे हैं। बेयर ग्रिल्स ने जो तस्वीरें शेयर की हैं, उसमें ट्रंप नहीं हैं। कई लोग बेयर ग्रिल्स के इस पोस्ट को ट्रंप पर तंज के रूप में देख रहे हैं।  

3 बड़े नेताओं के साथ की तस्वीरें की हैं शेयर

बेयर ग्रिल्स ने जो पहली तस्वीर शेयर की है, उसमें बराक ओबामा नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर साल 2015 में आए ‘रनिंग वाइल्ड विद बेयर ग्रिल्स’ के एक खास एपिसोड के सूटिंग के दौरान की है। दूसरी फोटो में बेयर ग्रिल्स के साथ प्रिंस विलियम हैं। यह तस्वीर 2016 में लंदन में ‘टस्क ट्रस्ट अवार्ड्स’ के दौरान ली गई थी। 

तीसरी तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर कोरोना महामारी से पहले, साल 2019 की है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेयर ग्रिल्स के साथ ‘मैन वर्सेज वाइल्ड’ के एक खास एपिसोड की शूटिंग की थी। 

जब PM मोदी ने बेयर ग्रिल्स के साथ किया था एडवेंचर

PM मोदी ने बेयर ग्रिल्स के साथ साल 2019 में उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में बेयर ग्रिल्स के साथ मैन वर्सेज वाइल्ड के एक खास एपिसोड की शूटिंग की थी। इस एपिसोड में PM मोदी ने प्रकृति से प्रेम, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने की बात कही थी। उन्होंने “वसुधैव कुटुंबकम” का संदेश भी दिया था।

क्या है लोगों का रिएक्शन?

X पर बेयर ग्रिल्स के इस पोस्ट पर भर-भर के कमेंट आ रहे हैं। कुछ यूजर्स ने कमेंट में ट्रंप की तस्वीरें भी पोस्ट की हैं। कुछ का मानना है कि बेयर ग्रिल्स का यह पोस्ट ट्रंप की ओर इशारा करता है।  
 

 

हाफिज सईद पर NIA कोर्ट सख्त, जारी हुआ गैर-जमानती वारंट


जम्मू की विशेष NIA अदालत ने पहलगाम आतंकी हमले की जांच में बड़ा कदम उठाते हुए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक और घोषित आतंकी हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ ओपन-डेटेड गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। अदालत ने माना कि मामले की निष्पक्ष, प्रभावी और पूरी जांच के लिए हाफिज सईद की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ जरूरी है। कोर्ट का यह आदेश राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से दायर याचिका पर आया है।

 

विशेष NIA जज प्रेम सागर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 75 के तहत दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी जांच को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक है। अदालत ने वारंट जारी कर उसे कानून के अनुसार अमल में लाने के लिए NIA जम्मू के डीआईजी को भेज दिया है। हाफिज सईद को इस मामले में एफआईआर में आरोपी नंबर-8 बनाया गया है।

 

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NIA ने कोर्ट के सामने रखे ये तर्क

NIA ने अदालत को बताया कि इस मामले में पूरक चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है। एजेंसी के अनुसार, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा का रहने वाला हाफिज सईद गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत घोषित आतंकी है और प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है। जांच एजेंसी ने कहा कि वह पाकिस्तान में रहकर गिरफ्तारी से बच रहा है, इसलिए आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच को प्रभावी बनाने के लिए उसके खिलाफ ओपन-डेटेड गैर-जमानती वारंट जारी करना जरूरी था।

 

आपको बता दें कि यह मामला 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन मैदान में हुए आतंकी हमले से जुड़ा है। आतंकियों ने पर्यटकों और अन्य नागरिकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था और इसके बाद केंद्र सरकार ने जांच की जिम्मेदारी NIA को सौंप दी थी।

 

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साजिश में हाफिज सईद की भूमिका का आरोप

NIA की जांच में दावा किया गया है कि पहलगाम हमले की साजिश पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने रची थी। एजेंसी की पूरक चार्जशीट में हाफिज मोहम्मद सईद को इस पूरी साजिश का अहम आरोपी बताया गया है। अदालत के ताजा आदेश के बाद अब जांच एजेंसी के पास उसके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज करने का रास्ता साफ हो गया है। यह आदेश इस मामले की जांच को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।