3 मार्च या 4 मार्च, होली कब है? मुहूर्त से पूजन विधि तक, सब जानिए

0
6

देशभर में होली के त्योहार को लेकर इस बार लोगों के बीच काफी उलझन बनी हुई है कि आखिर किस दिन इसे मनाया जाए। ज्योतिष गणना और पंचांग के अनुसार, इस साल चंद्र ग्रहण और पूर्णिमा तिथि के समय में बदलाव के कारण होली की तारीखों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

 

ज्योतिषीय गणित के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा 2 और 3 मार्च दोनों दिन पड़ रही है लेकिन 3 मार्च को लगने वाले चंद्र ग्रहण की वजह से पर्व की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। ग्रहण का सूतक काल और समय को देखते हुए ही विद्वानों ने होली खेलने के लिए 4 मार्च का दिन तय किया है।

 

यह भी पढ़ें: रविवार को सिंह राशि के चंद्रमा और मूलांक 1 का संयोग, जानें आपकी राशि का हाल

क्यों हो रहा है तारीखों में बदलाव?

2 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के दौरान होलिका दहन किया जाएगा। 3 मार्च को दोपहर 3:20 बजे से चंद्र ग्रहण शुरू हो जाएगा। इसका सूतक काल 9 घंटे पहले ही शुरू हो जाएगा, इसलिए इस दिन रंग खेलना शुभ नहीं माना जा रहा है।

चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि, जिसमें रंग खेला जाता है, वह 4 मार्च की सुबह तक रहेगी। इसलिए रंगोत्सव 4 मार्च 2026 को ही मनाया जाना शास्त्र सम्मत है।

पूजा के लिए शुभ मुहूर्त

यदि आप होली पर देवी-देवताओं को रंग अर्पित कर विशेष पूजा करना चाहते हैं, तो 4 मार्च को ये तीन मुहूर्त सबसे श्रेष्ठ हैं। 

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:50 से 05:38 बजे तक।
  • विजय मुहूर्त: सुबह 07:55 से 09:26 बजे तक।
  • गोधूलि मुहूर्त: सुबह 10:56 से दोपहर 12:27 बजे तक।

 

यह भी पढ़ें: देशभर से अलग अंदाज, क्यों अलग है यूपी की होली?

रंगों का महत्व

होली केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि भावनाओं का मेल है। माना जाता है कि अलग-अलग रंग हमारे स्वभाव को दर्शाते हैं—जैसे लाल रंग जोश के लिए, पीला खुशी के लिए और सफेद शांति का प्रतीक है। इस दिन लोग पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को गुलाल लगाते हैं और गले मिलते हैं।

 

नोट: इस खबर में लिखी गई बातें धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here