डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। बेंगलुरु के निवासियों की जेब पर जल्द अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। कर्नाटक सरकार द्वारा राज्य के लोकप्रिय ब्रांड नंदिनी दूध की कीमतों में 8 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी के फैसले के बाद, शहर के होटलों, कैफे और रेस्टोरेंट में चाय, कॉफी और नाश्ते के दाम बढ़ना तय माना जा रहा है।
1 नवंबर से लागू होंगी नई दरें
कर्नाटक कैबिनेट ने 29 अक्टूबर को नंदिनी दूध की कीमतों में 8 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि को मंजूरी दी थी। इस संशोधन के बाद, सामान्य टोन्ड दूध की कीमत 46 रुपये से बढ़कर 54 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। नई दरें 1 नवंबर से प्रभावी होंगी।
पीटीआई के अनुसार, इस बढ़ोतरी में से 7 रुपये प्रति लीटर का सीधा लाभ डेयरी किसानों को दिया जाएगा। वहीं शेष 1 रुपया दूध यूनियनों को मिलेगा। दूध यूनियनों ने पशुओं के चारे, दवाओं, परिवहन और पैकेजिंग की बढ़ती लागत के कारण मूल्य वृद्धि की मांग की थी।
होटल एसोसिएशन ने दी चेतावनी
दूध की कीमतों में इस अचानक वृद्धि के बाद बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मेन्यू की दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि दूध के दाम 2-3 रुपये प्रति लीटर बढ़ते, तो वे इसका बोझ खुद वहन कर लेते और ग्राहकों पर कीमतों नहीं बढ़ाते।
हालांकि, 8 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी के कारण दूध से बनने वाले सभी खाद्य और पेय पदार्थों के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया है।
ग्राहकों पर पड़ेगा सीधा असर
दूध के अलावा अन्य आवश्यक वस्तुओं और परिचालन लागतों में भी वृद्धि हो रही है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में बेंगलुरु के लोगों को बेकरी, साउथ इंडियन टिफिन सेंटर्स और स्थानीय कैफे में अपने दैनिक नाश्ते के लिए अधिक भुगतान करना होगा।
हालांकि, एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 1 नवंबर से ही हर रेस्तरां तुरंत कीमतें नहीं बढ़ाएगा। प्रत्येक होटल मालिक अपनी दैनिक खपत, परिचालन खर्चों और लाभ मार्जिन का मूल्यांकन करने के बाद ही संशोधित दरों को लागू करेगा।
