GST से पेंशन और बिल पेमेंट तक, 1 नवंबर से बदल जाएंगे 7 नियम; क्या हुआ सस्ता और महंगा?

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अक्टूबर की शुरुआत में जीएसटी काउंसिल ने कारोबार पंजीकरण से लेकर करदाताओं को नोटिस भेजने से जुड़े नियमों में बदलाव किया था। यह बदलाव आज यानी एक नवंबर से लागू होने जा रहे हैं।

इसके अलावा आम लोगों के जीवन पर असर डालने वाले कई वित्तीय व गैर-वित्तीय बदलाव भी आज से लागू होंगे। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से बदलाव लागू होने जा रहे हैं।

वर्किंग प्लेस के पते पर जीएसटी पंजीकरण

आज से कारोबारी को-वर्किंग प्लेस के पते पर जीएसटी पंजीकरण करा सकेंगे। इसके लिए कारोबारी को को-वर्किंग प्लेस के सदस्य की कापी अपलोड करनी होगी, जिसमें पता स्पष्ट होना चाहिए। साथ ही, आधार नंबर के आधार पर पंजीयन लेने पर अधिकारी उस पते की छानबीन करने नहीं जाएगा।

जालसाजी या अन्य गंभीर गड़बड़ी का शक होने पर ही पते की छानबीन की जाएगी। पते को साफ तौर दिखाने के लिए बिजली बिल, हाउस टैक्स जैसे बिल साथ में संलग्न करना होगा। इसके अलावा अपील को लेकर शुल्क जमा करने, नोटिस के कारण बिल्कुल स्पष्ट बनाने, रिफंड को आसान बनाने जैसे नियम भी आज से लागू हो जाएंगे।

कॉल करने वाले का नाम दिखेगा

आज से सभी दूरसंचार कंपनियों को कालिंग नेम प्रजेंटेशन (सीएनएपी) सेवा को लागू करना होगा। इस सेवा के लागू होने से काल करने वाले का नाम भी दिखेगा, चाहे उसका नाम फोन में सेव है या नहीं। इससे उपभोक्ताओं को अनचाहे फोन काल उठाने से मुक्ति मिलेगी।

फिलहाल यह सुविधा 4जी और 5जी कनेक्शन वाले फोन पर ही मिलेगी। बाद में 2जी और 3जी कनेक्शन वाले फोन पर यह सुविधा दी जा सकती है। मोबाइल फोन के स्क्रीन पर काल करने वाले का वहीं नाम दिखेगा जिस नाम से उसने कनेक्शन लिया है।

पेंशनभोगियों को जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होगा

80 वर्ष से कम आयु के सरकारी पेंशनभोगी 1-30 नवंबर के बीच अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनभोगियों ने एक अक्टूबर से ही इसे जमा करना शुरू कर दिया है।

पेंशनभोगी यह प्रमाण पत्र पेंशन देने वाली बैंक शाखा में जाकर (फिजिकली) जमा कर सकते हैं, या फिर ‘जीवन प्रमाण’ सुविधा के जरिये आधार-आधारित सत्यापन और चेहरा सत्यापन तकनीक का उपयोग करके डिजिटल रूप से जमा कर सकते हैं।

यूटिलिटी बिल पेमेंट पर शुल्क लेगा पीएनबी

सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने आज से क्रेडिट कार्ड के जरिये 50 हजार रुपये से अधिक के यूटिलिटी बिल भुगतान पर एक प्रतिशत शुल्क लागू किया है। हालांकि, यह प्रति लेनदेन अधिकतम दो हजार रुपये तक होगा। पहले पीएनबी क्रेडिट कार्ड से यूटिलिटी बिल जमा करने पर किसी भी प्रकार नहीं लेता था। बिजली, टेलीफोन, इंटरनेट, पानी जैसे बिलों को यूटिलिटी बिल कहा जाता है।

म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान डिफॉल्ट

आज से एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर म्यूचुअल फंड का डायरेक्ट प्लान डिफॉल्ट ऑप्शन होगा।

सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे के अनुसार, अगर कोई निवेशक रेग्युलर प्लान चुनता है, तो उसे पहले इसके ज्यादा खर्च अनुपात (एक्सपेंस रेश्यो) के बारे में बताया जाएगा। यानी अब ऑनलाइन निवेश करते समय निवेशकों को डायरेक्ट और रेग्युलर प्लान के खर्च का फर्क समझने का मौका मिलेगा।

सावरेन गोल्ड बांड से पैसा निकालने का मौका

नवंबर में सावरेन गोल्ड बांड में निवेश करने वालों को चार सीरीज के बांड में समय से पहले पैसा निकालने का मौका मिलेगा। इनमें 2020-21 सीरीज-7 की रिडेम्पशन (निकासी) तारीख 2 नवंबर, 2020-21 सीरीज-8 की 18 नवंबर और 2020-21 सीरीज-2 की 19 नवंबर तय है। वहीं, 2021-22 सीरीज-1 के निवेशक 25 नवंबर को समय से पहले रिडेम्पशन करा सकेंगे।

नौ नवंबर से कैंसर की 137 दवाओं के दाम घटेंगे

हाल ही में सरकार ने 137 गैर-अनुसूचित कैंसररोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन अधिकतम 30 प्रतिशत तय कर दिया है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) के इस फैसले से मौजूदा मूल्य संरचना के आधार पर दवाओं की खुदरा कीमतों में 70 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद है। नया मूल्य नौ नवंबर से लागू हो जाएगा। मरीज एनपीपीए की वेबसाइट और ‘फार्मा सही दाम’ मोबाइल एप के जरिये नई कीमतें देख सकेंगे।

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