
सनातन धर्म में गंगा दशहरा बेहद खास पर्व है। इस दिन मां गंगा स्वर्ग लोक से धरती लोक पर आई थीं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, गंगा दशहरा के दिन जो लोग गंगा स्नान, पूजा और दान करते हैं, वे भक्त पापों से मुक्त हो जाते हैं। इस साल गंगा दशहरा हिंदू पंचांग के ज्येष्ठ महीने में पड़ रहा है, जो अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार मई महीने में आता है। हिंदू धर्म में गंगा नदी सबसे पवित्र नदियों में से एक मानी जाती है।
हर साल की तरह इस साल भी कई लोगों के मन में दुविधा है कि गंगा दशहरा कब है। साथ ही कई लोग यह जानना चाहते हैं कि इस दिन कितने बजे पूजा या गंगा स्नान करना सही होगा। तो आइए इन सवालों के जवाब जानते हैं…
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कब है गंगा दशहरा?
पंचांग के मुताबिक, 25 मई के दिन गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। 25 मई की सुबह 4 बजकर 30 मिनट से गंगा दशहरा शुरू होगा, जो 26 मई की सुबह 5 बजकर 10 मिनट पर समाप्त होगा।
गंगा स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 4 बजकर 4 मिनट से शुरू होगा। इस दौरान स्नान करने से भक्तों के पाप धुल जाते हैं। इस दिन गंगा स्नान करने की खास मान्यता है, लेकिन जो लोग गंगा जी में स्नान करने नहीं जा पाएंगे, उन्हें घर में ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान करना चाहिए। स्नान के ठीक बाद मां गंगा की पूजा करनी चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, गंगा स्नान, पूजा और दान देने से व्यक्ति कई प्रकार के पापों से मुक्ति पा सकता है।
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क्या है पूजा की विधि?
इस दिन मां गंगा के किनारे खड़े होकर घी के दीपक जलाने चाहिए। साथ ही फूल और फल चढ़ाने चाहिए, जिसके बाद ‘गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती। नर्मदे सिन्धु कावेरी जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥’ मंत्र का जाप करना चाहिए।
जो भक्त घर पर ही मां गंगा की पूजा करने वाले हैं, उन्हें भी 108 बार इस मंत्र का जाप करना चाहिए। इसके अलावा गंगा दशहरा के दिन भक्तों को ठंडा पानी, सत्तू, पंखा, खाद्य सामग्री, पैसे और कपड़ों का दान करना चाहिए, ताकि पाप मिटें और पुण्य की प्राप्ति हो।
नोट- यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी की हम पुष्टि नहीं करते।