
अभिनेत्री दीपिका कक्कड़ अपने जिंदगी के मुश्किल समय से गुजर रही हैं। उनका लिवर कैंसर का इलाज चल रहा है। हाल ही में उनके ससुर को ब्रेन हेमरेज हुआ था जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था। शोएब ने अपने लेटेस्ट यूट्यूब व्लॉग में अपने पिता और पत्नी दीपिका के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी थी।
शोएब ने वीडियो में बताया कि दीपिका अपने पहले इम्यूनोथेरेपी सेशन के लिए जाएंगी। जहां उन्हें 3 से 4 घंटे का समय लगेगा। उन्होंने उम्मीद करते हुए कहा कि इम्यूनोथेरेपी काम करें और वह जल्द ठीक हो जाए। ऐसे में जानना जरूरी है कि इम्यूनोथेरेपी क्या है और ये थेरेपी किन लोगों को दी जाती है?
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इम्यूनोथेरेपी क्या होती है?
कैंसर के इलाज के लिए इम्यूनोथेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। पिछले कुछ सालों में इस थेरेपी से कई लोगों की जान बची है। यह थेरेपी इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है ताकि वह कैंसर की कोशिकाओं को ढूंढकर नष्ट कर सके और इसके परिणाम बेहद प्रभावशाली है।
इम्यूनोथेरेपी दो तरह की होती है।
सीएआर टी सेल थेरेपी- इस प्रक्रिया में ब्लड से टी सेल को निकाला जाता था। फिर उन सेल्स को लैब में इस तरह से बदलना कि वे कैंसर कोशिकाओं को ढूंढकर हमला कर सकें। इन टी सेल्स को मजबूत करके शरीर में वापस छोड़ देना होता है।
इम्यून चेकपॉइंट इनहिबिटर्स – ये ऐसी दवाइयां है जो कैंसर से लड़ने के लिए शरीर के इम्यून सिस्टम को ऐक्टिव करती है। इस थेरेपी को कैंसर के टाइप, स्टेज ऑफ कैंसर, उम्र, स्वास्थ्य संबंधी अन्य बीमारियों और दवाइयों के हिसाब से किया जाता है।
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इम्यूनोथेरेपी के साइड इफेक्ट
- त्वचा में रैशेज
- थकान
- उल्टी, डायरिया और चक्कर आना
- बुखार, मांस पेशियों में दर्द