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चंद्रमा और मूलांक 2 का सुंदर संयोग, जानें आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा शुक्रवार


भावनाओं और समझदारी के मेल को 20 फरवरी के दिन के तौर पर देखा जा रहा है। शुक्रवार का स्वामी शुक्र है और आज का मूलांक 2 है। इनका स्वामी चंद्रमा है। यह संयोग रिश्तों में सुधार करने और अटके हुए कामों को शांति से निपटाने के लिए बहुत अच्छा माना जा रहा है। अगर किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं या किसी पुराने विवाद को सुलझाना चाहते हैं तो सितारों की चाल आपके पक्ष में है। 

 

मीन राशि में चंद्रमा का गोचर होने के कारण लोगों में करुणा और दूसरों की मदद करने की भावना बढ़ेगी। यह समय केवल भागदौड़ का नहीं बल्कि थोड़ा रुककर अपने मन की सुनने और अपनी रचनात्मक ऊर्जा को सही दिशा देने का है। आइए जानते हैं कि इस खास खगोलीय स्थिति का आपकी राशि पर क्या असर पड़ेगा।

 

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कैसा रहेगा राशि का हाल?

मेष राशि

आज का दिन आपके लिए बहुत अच्छा है। टीम वर्क और नई प्लानिंग से बड़ा आर्थिक फायदा हो सकता है।

क्या करें: अनुभवी लोगों की राय सुनें। अपनी सेहत का ख्याल रखें।

क्या न करें: किसी भी तरह की बहसबाजी और जल्दबाजी में पैसा लगाने से बचें।

वृषभ राशि

करियर के लिहाज से यह दिन काफी स्थिर रहेगा। परिवार में हंसी-खुशी का माहौल बनेगा और तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे।

क्या करें: अधूरे कामों को प्राथमिकता दें। थोड़ा दान-पुण्य करें।

क्या न करें: बिना सोचे-समझे पैसे खर्च न करें। अपने गुस्से पर काबू रखें।

मिथुन राशि

आज आपकी बातों का जादू चलेगा। नए लोगों से जुड़ना और छोटी यात्राएं करना आपके लिए मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है।

क्या करें: कुछ नया सीखने की कोशिश करें। पुराने दोस्तों से फिर से संपर्क साधें।

क्या न करें: सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा न करें। किसी से किया वादा न तोड़ें।

कर्क राशि

आज मन खुश रहेगा और घर में सुख-शांति बनी रहेगी। आपकी आर्थिक स्थिति में पहले से सुधार देखने को मिलेगा।

क्या करें: घर के कामों को निपटाएं। माता-पिता का आशीर्वाद लें।

क्या न करें: बहुत ज्यादा इमोशनल होकर कोई फैसला न लें और हेल्थ को लेकर कोई लापरवाही न बरतें।

सिंह राशि

आज आप अपनी काबिलियत से सबको प्रभावित करेंगे। दफ्तर में सम्मान या कोई बड़ा प्रोजेक्ट मिलने के प्रबल योग बन रहे हैं।

क्या करें: आत्मविश्वास बनाए रखें। शारीरिक कसरत पर ध्यान दें।

क्या न करें: अपने भीतर घमंड न आने दें। दूसरों का सम्मान करें।

कन्या राशि

आज आपकी बुद्धिमानी आपको हर मुश्किल से बाहर निकाल लेगी। हेल्थ अच्छा रहेगा। साथ ही दिनभर छोटी-छोटी सफलताएं मिलती रहेंगी।

क्या करें: बारीकियों पर ध्यान दें। मन की शांति के लिए योग करें।

क्या न करें: हर काम में कमी निकालने की आदत से बचें। दूसरों की बुराई न करें।

तुला राशि 

रिश्तों के मामले में आज का दिन आपके लिए शानदार है। पार्टनर के साथ तालमेल बढ़ेगा। निवेश के कुछ अच्छे अवसर मिल सकते हैं।

क्या करें: आर्ट या म्यूजिक का आनंद लें और अपनों के साथ वक्त बिताएं।

क्या न करें: निर्णय लेने में देरी न करें। सच का साथ दें।

वृश्चिक राशि

आज आपको कोई छिपा हुआ लाभ मिल सकता है। अध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा और जटिल काम आसानी से पूरे हो जाएंगे।

क्या करें: गहरी रिसर्च या खोजबीन वाले काम करें और ध्यान लगाएं।

क्या न करें: पुरानी कड़वी बातों को न दोहराएं और किसी से जलन न करें।

धनु राशि

पूरा दिन जोश और ऊर्जा से भरा रहेगा। अगर किसी लंबे सफर पर जाने की सोच रहे हैं तो आज का दिन सफलता दिलाने वाला है।

क्या करें: अपनी नॉलेज बढ़ाएं और प्रकृति के करीब समय बिताएं।

क्या न करें: जोश में आकर नियम न तोड़ें और बहस से दूर रहें।

मकर राशि 

आपकी मेहनत का मीठा फल मिलने का समय आ गया है। करियर में मजबूती आएगी और आर्थिक पक्ष भी बेहतर होगा।

क्या करें: भविष्य की ठोस प्लानिंग करें और अपनी मेहनत जारी रखें।

क्या न करें: खुद को अकेला न समझें और बिना सोचे-समझे जोखिम न लें।

कुंभ राशि

आज आपको कुछ अचानक मिलने वाली खुशियां मिल सकती हैं। नए लोगों से दोस्ती भविष्य में आपके बड़े काम आएगी।

क्या करें: सोशल नेटवर्किंग बढ़ाएं और नई तकनीक का इस्तेमाल करें।

क्या न करें: मन को भटकने न दें और अपनी व्यक्तिगत बातें गुप्त रखें।

मीन राशि

आज आप सितारों के राजा हैं! चंद्रमा आपकी ही राशि में है, जिससे आपका आत्मविश्वास और भाग्य दोनों सातवें आसमान पर रहेंगे।

क्या करें: अपनी अधूरी इच्छाएं पूरी करने की कोशिश करें और आराम भी करें।

क्या न करें: जरूरत से ज्यादा भावुक होने से बचें और बड़े फैसलों को कल पर टाल दें।

 

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

‘कॉफी के लिए ही मर रहा हूं’, मौत की खबरों पर इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ली चुटकी


ईरान पर इजरायल और अमेरिका लगतार हलमे कर रहे हैं। ईरान भी इन हमलों का करारा जवाब दे रहा है। इस बीच ईरानी मीडिया में और सोशल मीडिया में इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की मौत की खबरें फैलने लगी थीं। इन खबरों के फैलने के बाद अब इजरायली प्रधानमंत्री का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह अपनी मौत की अफवाहों पर चुटकी लेते हुए नजर आ रहे हैं। रविवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया जिसमें वह सड़क किनारे एक मार्केट में कॉफी का ऑर्डर दे रहे हैं। 

 

सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में वह एक कैफे में नजर आ रहे हैं। इस दौरान वह यह वीडियो रिकॉर्ड करते हैं और कॉफी लेने पर कॉफी बेचने वाले को धन्यवाद कहते हैं। इसके बाद वह वीडियोग्राफर से कहते हैं कि तुम मुझसे क्या पूछना चाहते हो? वीडियोग्राफर ने उनसे कुछ चैनलों पर उनकी मौत की खबरों के बारे में पूछा तो पीएम नेतन्याहू ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मैं कॉफी के लिए मर रहा हूं। 

 

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मजाकिया अंदाज में दिया जवाब

दरअसल ईरानी मीडिया में पिछले एक हफ्ते से इस बात को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे कि नेतन्याहू किसी सार्वजनिक मंच पर दिखाई नहीं दिए। उनकी अनुपस्थिति को लेकर अटकलें लगाई जाने लगीं। अटकलों को एक वीडियो से और ज्यादा बढ़ावा मिला, जिसमें पीएम नेतन्याहू के हाथ में छह उंगलियां दिखाई दे रही हैं। इस वीडियो के बाद से अटकलें तेज हो गईं कि ईरानी हमलों में पीएम नेतन्याहू की मौत हो गई है। 

 

पीएम नेतन्याहू ने कहा, ‘आप जानते हैं, मैं अपने लोगों के लिए मरने को तैयार हूं। मेरे लोग जिस तरह से व्यवहार कर रहे हैं, वह शानदार है।’

छह उंगलियों वाले वीडियो पर क्या बोले?

वीडियो के दौरान बेंजामिन नेतन्याहू ने छह उंगलियों वाले दावे पर भी बयान दिया। उन्होंने अपने दोनों हाथ कैमरे की ओर उठाकर दिखाए। इन अटकलों पर और वीडियो पर कमेंट करते हुए उन्होंने कहा, ‘क्या आप मेरी उंगलियां गिनना चाहते हैं? यहां देखिए और यहां भी। देख लिया? सब ठीक है।’

 

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इजरायली लोगों को दी सलाह

इस वीडियो में पीएम नेतन्याहू ने इजरायली लोगों से सावधानी बरतने के लिए कहा है।  उन्होंने कहा कि लोग बाहर जाकर ताजी हवा ले सकते हैं, लेकिन सुरक्षित जगह के पास ही रहें। उन्होंने लोगों को उनका साथ देने के लिए धन्यवाद कहा और कहा कि हम कुछ ऐसे काम कर रहे हैं जिन्हें मैं अभी शेयर नहीं कर सकता। आज भी हम ईरान पर बहुत सख्ती से वार कर रहे हैं।

गोद लेने पर भी मिल जाएगी मैटरनिटी लीव, सुप्रीम कोर्ट ने हटाया 3 महीने वाला नियम


सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ‘मातृत्व अवकाश’ को लेकर बड़ा फैसला सुनाया। इसमें कहा कि अब बच्चा गोद लेने वाली सभी माताओं को मातृत्व अवकाश मिल सकेगा। शीर्ष कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उस कानूनी प्रावधान को भी निरस्त कर दिया, जिसके तहत 3 महीने तक के बच्चे को गोद लेने पर ही अवकाश मिलने की व्यवस्था की गई थी। 

 

सुप्रीम कोर्ट ने पुराने कानूनी नियम को गैर-संवैधानिक घोषित कर दिया और इसे समानता के अधिकार (संविधान के अनुच्छेद 14) का हनन माना है। बच्चे की उम्र चाहे जो भी हो सभी गोद लेने वाली माताएं गोद लेने की तारीख से 12 हफ्ते की छुट्टी की हकदार होंगी। कोर्ट ने कहा कि पुराना नियम मां और बच्चे दोनों के लिए भेदभाव वाला है।

 

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कोर्ट ने यह भी कहा है कि मातृत्व एक मौलिक मानव अधिकार है। उसे इस तरह की सीमा में नहीं बांधा जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

जस्टिस जेबी पारदीवाला और आर महादेवन की बेंच ने कहा, ‘गोद लेना परिवार बनाने का एक उतना ही अच्छा तरीका है… बायोलॉजिकल फैक्टर सिर्फ परिवार के मूल्यों और हकों को तय नहीं कर सकते।’ बेंच ने गोद लिए गए बच्चे के अधिकार की चर्चा अपने फैसले में की है। उन्होंने कहा है कि मां का प्यार पाना बच्चे का अधिकार है। उसे नए परिवार से जुड़ने में समय लगता है। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत बच्चे और अभिभावकों को गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार है, लेकिन यह कानून उसका भी उल्लंघन करता है।

 

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केंद्र सरकार से विचार करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह सामाजिक कल्याण के तरीके के तौर पर मातृत्व अवकाश शुरू करने पर विचार करे। याचिकाकर्ता ने मूल रूप से 1961 के मैटरनिटी बेनेफिट एक्ट 1961 की धारा 5(4) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि 2020 में लागू सोशल सिक्योरिटी कोड ने 1961 के कानून की जगह ले ली है। इसकी धारा 60(4) में वही लिखा है, जो 1961 के कानून की धारा 5(4) में था।

कोर्ट ने रद्द करदी धारा 

2020 के सोशल सिक्योरिटी कोड की धारा 60(4) में बच्चा गोद लेने वाली महिलाओं को अधिकतम 12 सप्ताह की मातृत्व अवकाश का प्रावधान है, मगर यह लाभ उन्हीं महिलाओं के लिए है जिन्होंने 3 महीने से कम आयु का बच्चा गोद लिया हो। इसी धारा को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया।

शहर में अकेला महसूस करते हैं आप? इन ऐप्स पर पैसे देकर कर सकते हैं दोस्ती

आज के दौर में बड़े शहरों में एक अजीब नजारा देखने को मिल रहा है। सड़कों पर भीड़ तो बहुत है लेकिन लोगों के दिलों में बहुत अकेलापन है। इसी अकेलेपन को दूर करने के लिए अब एक नया बिजनेस शुरू हो गया है, पैसे देकर दोस्ती खरीदना। इसे ‘पेड फ्रेंडशिप’ कहते हैं, जहां आप किसी अजनबी को अपना दोस्त बनाने के लिए उसे सैलरी या फीस देते हैं।

 

बड़े शहरों में रहने वाले बहुत से लोग ऐसे हैं जो दिन भर काम में डूबे रहते हैं। जब शाम को वे घर लौटते हैं, तो उनके पास बात करने वाला कोई नहीं होता। पुराने दोस्त अपनी जिंदगी में बिजी हैं और परिवार कहीं दूर रहता है। ऐसे में लोग इंटरनेट का सहारा लेते हैं और अपने खालीपन को भरने के लिए Vybout, Friendy और Friend On Rent India जैसी वेबसाइट्स और ऐप्स पर जाते हैं जहां ‘दोस्त’ किराये पर मिलते हैं। 

 

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इन ऐप्स की शुरुआत कैसे हुई?

इसकी शुरुआत जापान जैसे देशों में ‘Rent-a-Family’ के कॉन्सेप्ट से हुई थी, जो धीरे-धीरे भारत पहुंचा। भारत में Friend On Rent India जैसी वेबसाइट्स पिछले 5-6 सालों से सक्रिय हैं लेकिन इनका असली उछाल 2020 के लॉकडाउन के बाद आया, जब लोगों ने अकेलेपन का सबसे डरावना चेहरा देखा। 

 

1.RentAFriend

 

इस पूरे बिजनेस की नींव रखने वाला सबसे बड़ा नाम ‘RentAFriend’ है। इसकी शुरुआत 2009 में अमेरिका में स्कॉट रोसेनबाम ने की थी। स्कॉट ने महसूस किया कि दुनिया में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां लोग सिर्फ प्लेटोनिक (बिना किसी रोमांस के) दोस्ती के लिए मिल सकें। आज यह वेबसाइट दुनिया भर में मौजूद है और भारत के बड़े शहरों में भी इसका काफी इस्तेमाल होता है। यह एक सब्सक्रिप्शन मॉडल पर चलता है, जहां आप पैसे देकर हजारों ‘फ्रेंड्स’ की लिस्ट देख सकते हैं।

 

 

2. Friend On Rent India

 

भारत में जब इस तरह की चीजों को अजीब माना जाता था, तब Friend On Rent India जैसी वेबसाइट्स ने कदम रखा। इसकी शुरुआत लगभग 2017-18 के आसपास हुई थी। इन्होंने महसूस किया कि मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में IT प्रोफेशनल्स और कॉलेज स्टूडेंट्स के बीच अकेलापन एक बीमारी की तरह फैल रहा है। इस साइट ने लोगों को एक मौका दिया कि वे अपनी प्रोफाइल लिस्ट करें और प्रति घंटा 300 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक कमाएं।

 

3. Vybout

 

यह ऐप पिछले 3-4 सालों में, खासकर पोस्ट-कोविड दौर में बहुत तेजी से उभरा है। इसकी शुरुआत एक ‘सोशल डिस्कवरी’ प्लेटफॉर्म के तौर पर हुई थी। इसका आईडिया बहुत सिंपल था, अगर आप अकेले बोर हो रहे हैं तो आपके पास एक ‘Vibe Buddy’ होना चाहिए। जहां आप अपनी पसंद की एक्टिविटी (जैसे जिम, मूवी या डिनर) के लिए साथी ढूंढ सकते हैं। यह ऐप आज की जेनरेशन को बहुत पसंद आता है क्योंकि इसका इंटरफेस बहुत मॉडर्न है और यह दिल्ली-NCR जैसे इलाकों में काफी एक्टिव है।

 

 

 

4. Friendy

 

इसकी शुरुआत कुछ साल पहले हुई और इसका मुख्य उद्देश्य था ‘सुरक्षित दोस्ती’। अक्सर इन प्लेटफॉर्म्स पर सुरक्षा को लेकर सवाल उठते थे, तो Friendy ने पूरी तरह से ‘वेरिफाइड’ प्रोफाइल्स पर काम किया। यहां लोग सिर्फ बातचीत करने, नई भाषा सीखने या साथ में वर्कआउट करने के लिए दोस्त ढूंढते हैं।

 

5. 7 Cups

 

7 Cups पूरी तरह से ‘फ्रेंड रेंटल’ नहीं है, लेकिन यह इस इकॉनमी का एक बड़ा हिस्सा है। यह 2013 में शुरू हुआ था। यहां लोग ‘Listeners’ को पैसे देते हैं ताकि वे उनकी बातें सुन सकें। आज के युवा जो डिप्रेशन या स्ट्रेस से जूझ रहे हैं, वे इस ऐप पर ‘पेड लिसनर्स’ से घंटों बातें करते हैं।

 

किन शहरों में है सबसे ज्यादा क्रेज?

यह बिजनेस मुख्य रूप से उन शहरों में फल-फूल रहा है जिन्हें हम ‘पैसे की दौड़ वाला शहर’ कहते हैं। 

 

मुंबई: यहां लोग काम में इतने व्यस्त हैं कि उनके पास खुद के लिए भी वक्त नहीं है। यहां ‘Movie Companion’ की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है।

 

बेंगलुरु: टेक हब होने के नाते यहां के युवा सबसे ज्यादा अकेलेपन का शिकार हैं। यहां लोग ‘Weekend Buddies’ सबसे ज्यादा रेंट पर लेते हैं।

 

दिल्ली-NCR: यहां दिखावे की संस्कृति ज्यादा है, इसलिए शादियों और हाई- प्रोफाइल पार्टियों के लिए ‘फेक फ्रेंड्स’ की बुकिंग यहां सबसे ज्यादा देखी जाती है।

 

क्या है इसके पीछे का सच?

यह साइलेंट ‘लोनलीनेस इकॉनमी’ दिखाती है कि हम अपनी भावनाओं को भी अब एक प्रोडक्ट की तरह बेच रहे हैं। यह एक ऐसा चक्र है जहां हम पैसे कमाने के चक्कर में अपनों से दूर हुए और अब उसी पैसे से किसी अजनबी का वक्त खरीद रहे हैं। ये ऐप्स भले ही आपको कुछ घंटों की खुशी दें लेकिन ये अकेलेपन का इलाज नहीं हैं, जिसे आज की पीढ़ी अपने अंदर दबाए बैठी है।

शनिवार को बन रहा है गुरु और शनि का शुभ योग, आपकी राशि पर असर क्या? पढ़ें राशिफल


फाल्गुन अमावस्या के बाद मूलांक 3 वाले लोगों के लिए 21 फरवरी का दिन नए रास्ते खोलने जा रहा है। मीन राशि के चंद्रमा और बृहस्पति की ऊर्जा से आज का दिन बौद्धिक कार्यों और सकारात्मक बदलावों के लिए बेहद खास रहेगा। आज का दिन उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो अपनी रचनात्मकता और बुद्धिमानी से कुछ नया करना चाहते हैं। 

 

शनिवार और मूलांक 3 का यह दुर्लभ संयोग न केवल आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा बल्कि पुराने रुके हुए कामों में भी गति लाएगा। आइए जानते हैं आपकी राशि के लिए आज का दिन क्या खास लेकर आया है।

 

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क्या करें और क्या न करें?

मेष राशि

आज किस्मत आपके साथ है। बिजनेस और नौकरी में अचानक कोई अच्छी खबर मिल सकती है।

क्या करें: खुद पर भरोसा रखें। परिवार को समय दें।

क्या न करें: किसी से झगड़ा न करें। पैसों का बड़ा जोखिम न लें।

वृषभ राशि

आर्थिक रूप से दिन मजबूत है। पुराने कर्ज से राहत मिल सकती है। रिश्तों में प्यार बढ़ेगा।

क्या करें: बजट बनाकर चलें। अपनी सेहत का ध्यान रखें।

क्या न करें: बिना बात के गुस्सा या बहस करने से बचें।

मिथुन राशि

आज आपकी बुद्धि का लोहा माना जाएगा, छात्रों को परीक्षा में सफलता मिलने के पूरे योग हैं।

क्या करें: लोगों से संपर्क बढ़ाएं। पढ़ाई पर पूरा ध्यान दें।

क्या न करें: अफवाहों पर यकीन न करें। किसी भी काम में जल्दबाजी न दिखाएं।

कर्क राशि

घर में शांति का माहौल रहेगा और माता-पिता का सहयोग मिलेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े काम बन सकते हैं।

क्या करें: घर के जरूरी काम निपटाएं। मन को शांत रखें।

क्या न करें: बीती हुई बातों को दोबारा न उखाड़ें। तनाव से दूर रहें।

सिंह राशि

कार्यक्षेत्र में आपकी लीडरशिप की तारीफ होगी। सीनियर्स का पूरा सपोर्ट मिलेगा।

क्या करें: बड़े फैसले लेने के लिए सही समय है। एक्सरसाइज जरूर करें।

क्या न करें: घमंड करने से बचें साथ ही फालतू के खर्चों को कंट्रोल करें।

कन्या राशि

नौकरी में प्रमोशन या किसी बड़े इनाम की संभावना है, आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

क्या करें: अपनी मेहनत जारी रखें और छोटे-छोटे लक्ष्यों को पूरा करें।

क्या न करें: आलस को खुद पर हावी न होने दें और सेहत को नजरअंदाज न करें।

तुला राशि

शादीशुदा जिंदगी और लव लाइफ शानदार रहेगी। आज आपका मन आर्ट और म्यूजिक की ओर झुकेगा।

क्या करें: पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताएं। अपनी हॉबी पर ध्यान दें।

क्या न करें: अपने साथी पर शक करने से बचें।

वृश्चिक राशि

आज आपको कोई गुप्त लाभ मिल सकता है। आप अपने विरोधियों पर भारी पड़ेंगे।

क्या करें: रिसर्च या छिपे हुए कामों को पूरा करें। मेडिटेशन करें।

क्या न करें: मन में नफरत या बदले की भावना बिल्कुल न रखें।

धनु राशि

लंबी यात्रा और धार्मिक कार्यों के लिए दिन बहुत शुभ है। किस्मत पूरी तरह आपके पक्ष में है।

क्या करें: नई चीजें सीखें। अपने गुरुओं या बड़ों का सम्मान करें।

क्या न करें: जोश में आकर नियमों को तोड़ने का प्रयास न करें।

मकर राशि

करियर में बड़ी छलांग लगाने का मौका मिलेगा। अधिकारियों से मदद मिलेगी। आर्थिक स्थिरता आएगी।

क्या करें: अनुशासन में रहें। अपने टारगेट पर फोकस करें।

क्या न करें: किसी भी काम में देरी न करें। निगेटिव विचारों से बचें।

कुंभ राशि 

समाज में आपकी इज्जत बढ़ेगी और पुराने दोस्तों से मुलाकात या मदद मिल सकती है।

क्या करें: मिलजुल कर काम करें। सामाजिक सेवा में रुचि लें।

क्या न करें: अकेले कोई बड़ा फैसला न लें। दूसरों से जलन न करें।

मीन राशि

आज चंद्रमा आपकी ही राशि में हैं, जो आपके लिए सुख, समृद्धि और मान-सम्मान लेकर आए हैं।

क्या करें: दान-पुण्य और आध्यात्मिक काम करें।

क्या न करें: संकोच या आलस की वजह से आए हुए मौके को हाथ से न जाने दें।

 

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

मीडिया कंपनियों को ट्रंप की धमकी, ईरान को लेकर फेक न्यूज वाली कही बात


पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के दौरान ईरान ने अमेरिका और इजरायल को अपने हमलों का दायरा और बड़ा करने की धमकी दी। ईरान ने अरब खाड़ी देशों ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे इस युद्ध के फिलहाल बंद होने की कम संभावना है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अमेरिका और इजरायल के साथ संबंधों को लेकर बात की। दरअसल, इधर खबर फैली कि अमेरिका के रिश्ते इजरायल के साथ खराब हो रहे हैं।

 

उन्होंने कहा कि इजरायल के साथ खराब रिश्ते की खबर यह एक और फेक न्यूज है। ट्रंप ने पूछने के लहजे में कहा कि क्या बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मेरी कोई बहस हुई है? उन्होंने कहा, ‘नहीं, हम सच में अच्छे से मिलते हैं और वह आपको बताएंगे कि हम पूरे युद्ध को लीड कर रहे हैं। मैं कहूंगा कि नेतन्याहू के साथ मेरा रिश्ता बहुत अच्छा है।’

 

 

 

 

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फेक न्यूज फैला रहा ईरान- ट्रंप

वहीं, ईरान द्वारा सीजफायर की मांग के उनके दावे को खारिज करने की खबरों पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘वे जनता को नहीं बताएंगे। मैंने बस उनकी गलत जानकारी के बारे में सच सामने रखा है। ईरान ने कहा कि उन्होंने यूएसएस अब्राहम लिंकन पर हमला किया। लिंकन पर कभी हमला नहीं हुआ।’

मीडिया कंपनियों को ट्रंप की धमकी

उन्होंने आगे कहा, ‘शुरू करने से पहले मुझे इसका एहसास नहीं था, लेकिन ईरान बहुत सारी फेक न्यूज के लिए जाना जाता है। वे हमारी फेक न्यूज से निपटते हैं और मुझे सच में लगता है कि यह बहुत आपराधिक किस्म की चीज है क्योंकि हमारी मीडिया कंपनियां, जिनकी कोई साख नहीं है, ऐसी जानकारी दे रही हैं जिसके बारे में उन्हें पता है कि वह झूठी है। यह देश के लिए बहुत खतरनाक बात है। मुझे लगता है कि वे गंभीर खतरे में पड़ सकते हैं।’

 

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युद्ध में फेक न्यूज का सहारा

बता दें कि इस समय ईरान, इजरायल और अमेरिका फेक न्यूज का सहारा ले रहे हैं। पिछले दिनों खबर आई कि बेंजामिन नेतन्याहू हमले में मारे गए हैं लेकिन रविवार को नेतन्याहू ने अपने सोशल मीडिया पर अपनी एक कॉफी पीते हुए वीडियो डाली। यह फेक खबर ईरान ने फैलाई थी। इसी तरह से अमेरिका भी ईरान को लेकर कई भ्रामक दावे कर रहा है।

 

इजरायल और अमेरिका ने 28 फरवरी को यह कहते हुए ईरान पर हमला किया था कि वे ईरान के परमाणु व सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं और ईरान के लोगों से भी अपने नेताओं के खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया था। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और फारस की खाड़ी के आसपास के पड़ोसी देशों पर हमले किए। इस संघर्ष के कारण वैश्विक विमानन सेवाएं अस्त-व्यस्त हो गई हैं, तेल निर्यात बाधित हुआ है और दुनियाभर में ईंधन की कीमतों में बढोतरी हुई है।

‘सारे पोस्ट हटाएं…’, एपस्टीन केस में HC ने हरदीप पुरी की बेटी को दी राहत


दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी को बड़ी राहत दी है। राहत देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने गूगल, यूट्यूब, मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम), एक्स और लिंक्डइन को आदेश दिया है कि वे हिमायनी पुरी को अमेरिकी क्रिमिनल जेफरी एपस्टीन से जोड़ने वाले सभी अपमानजनक और गुमराह करने वाले कंटेंट को तुरंत हटा दें या ब्लॉक कर दें।

 

कोर्ट का यह फैसला हिमायनी पुरी के 10 करोड़ रुपये के मानहानि केस की सुनवाई के दौरान आया। जस्टिस मिनी पुष्कर्णा की अगुवाई वाली बेंच ने माना कि कंटेंट पहली नजर में मानहानि करने वाला है और इससे केस करने वाले की छवि को नुकसान हो रहा है। हिमायनी पुरी ने आरोप लगाया कि 22 फरवरी 2026 से सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ एक सिस्टमैटिक कैंपेन चलाया जा रहा है, जिसमें उन्हें एपस्टीन के नेटवर्क और क्रिमिनल एक्टिविटीज से गलत तरीके से जोड़ा जा रहा है।

 

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अदालत में हिमायनी पुरी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री की बेटी हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक द्वेष और निजी खुन्नस का मेल बताते हुए कहा कि यह सब किसी की कोरी कल्पना की उपज है। दलील दी गई कि पूर्व में भी राजनीतिक कारणों से मंत्री के परिवार के अन्य सदस्यों जैसे उनकी पत्नी को भी झूठे आरोपों में घसीटने की कोशिश की गई थी।

भारत में ब्लॉक होंगे पोस्ट

अदालत ने अपने आदेश में साफ किया है कि फिलहाल यह निर्देश भारतीय डोमेन के लिए प्रभावी होगा। इसका अर्थ यह है कि भारत के भीतर मौजूद आईपी एड्रेस से अपलोड किए गए वीडियो और पोस्ट को पूरी तरह हटाना होगा। वहीं, जो कंटेंट विदेश से अपलोड किया गया है उसे सोशल मीडिया कंपनियों को भारत में ब्लॉक करना होगा ताकि उसे यहां न देखा जा सके। हालांकि, याचिकाकर्ता ने पूरी दुनिया से कंटेंट हटाने की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने कहा कि यह मामला अभी डिवीजन बेंच के पास लंबित है। इसलिए अभी इसे भारत तक सीमित रखा गया है।

 

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सुनवाई के दौरान मेटा के वकील ने कहा कि वे तकनीकी रूप से किसी कंटेंट को भारत में ब्लॉक करने में सक्षम हैं लेकिन वैश्विक स्तर पर हटाना उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर का मुद्दा है। दूसरी ओर हिमायनी पुरी के वकील का कहना है कि अगर कोई कंटेंट भारत में बैठकर अपलोड किया गया है तो उसे वैश्विक स्तर पर हटाने का आदेश दिया जा सकता है। अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 अगस्त 2026 की तारीख तय की है। तब तक सभी सोशल मीडिया कंपनियों को आदेश का पालन कर रिपोर्ट पेश करनी होगी।

डेस्क जॉब वाले हो जाएं सावधान, घंटों एक जगह बैठने से फैटी लिवर का खतरा बढ़ा

हमारे खान पान और लाइफस्टाइल का प्रभाव सेहत पर पड़ता है। खासतौर से जो लोग डेस्क वर्क करते हैं उनमें फैटी लिवर का खतरा बढ़ गया है। पहले यह बीमारी उम्र दराज और अधिक शराब पीने वाले लोगों को होती थी। अब 20, 30 और 40 साल की उम्र के लोगों में नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) की समस्या बढ़ रही है। इस स्थिति में व्यक्ति शराब नहीं पीता है, फिर भी लिवर में फैट जमा होता है। इसे अक्सर मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड फैटी लिवर डिजीज (MASLD) भी कहा जाता है। यह बदलाव हमारे खान-पान और काम की वजह से हुआ है।

 

ऑफिस में लोग अक्सर घंटों एक जगह पर बैठे रहते हैं। काम की वजह से अधिक तनाव होता है और खाना नहीं खाते हैं। वे खाने की बजाय शुगर वाली ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड चिप्स का सेवन करते हैं। इस आदत की वजह से लिवर के आसपास धीरे-धीरे फैट जमा होने लगता है। ऐसे में जो लोग शराब का सेवन नहीं कर रहे हैं उनमें भी फैटी लिवर की समस्या सामान्य होता जा रहा है। कई स्टडी में इस बात की पुष्टि हुई है।

 

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ऑफिस वर्कर में सामान्य हो रहा है फैटी लिवर

Scientific Reports के मुताबिक घंटों एक ही जगह पर बैठे रहने की वजह से MASLD का खतरा बढ़ गया है। शोध में खुलासा हुआ कि 84% लोग में फैटी लिवर की समस्या देखी गई। इसके अलावा इन लोगों में मोटापा, बेड कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ा हुआ है और नींद की कमी देखी गई। Clinical And Molecular Hepatology की शोध के मुताबिक दुनियाभर में NAFLD लगभग 3 में से 1 व्यक्ति को प्रभावित करता है और सेडेंटरी लाइफस्टाइल और मोटापे की वजह से यह समस्या लगातार बढ़ती ही जा रही है।

डेस्क वर्क में क्यों होती है दिक्कत?

घंटों बैठना- ऑफिस में व्यक्ति हर दिन 7 से 9 घंटे तक लगातार डेस्क पर बैठा रहता है। घंटों एक ही जगह बैठे रहने की वजह से मेटाबॉलिज्म धीमा होता है,  जिससे फैट जमा होता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है। 

 

अनियमित खाना-  ज्यादातर लोग बिजी शेड्यूल की वजह से ब्रेकफास्ट नहीं करते हैं। डाइट में चीनी और कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों का अधिक सेवन करते हैं। 

 

पर्याप्त नींद नहीं लेना- ऑफिस में कई बार काम बढ़ने की वजह से ज्यादा समय तक काम करना पड़ता है उसकी वजह से नींद पूरी नहीं होती है। ये चीजें आपके मेटाबॉलिज्म बैलेंस को बाधित कर सकते हैं और शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाने का काम करता है। 

 

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फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण

डॉक्टरों के मुताबिक फैटी लिवर एक साइलेंट किलर है जिसके शुरुआती लक्षण समझ में नहीं आते हैं। शुरुआत में थकान, खाने के बाद भारीपन महसूस होना, पेट में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। शुरुआत में हम इन लक्षणों को इग्रोर कर देते हैं और बाद में सूजन, फाइब्रोसिस और लिवर संबंधी बीमारी हो सकती है। फैटी लिवर के कारण टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और किडनी संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

फैटी लिवर के जोखिम को कैसे करें कम?

  • काम से बीच-बीच में  5 से 10 मिनट के लिए वॉक पर जाएं।
  • संतुलित आहार का सेवन करें।
  • ब्लड शुगर टेस्ट और लिवर फंक्शन टेस्ट जरूर करवाएं।
  • तनाव को कम करने के लिए व्यायाम और योग करें।

खाटू श्याम का लक्खी मेला शुरू, मान्यता से महत्व तक, पढ़ें हर सवाल का जवाब


राजस्थान के सीकर जिले में बाबा खाटूश्याम  मंदिर है। जहां आज से लक्खी मेला शुरू हो रहा है। इस मेले में जाने के लिए लाखों लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अब देश और दुनिया के लोग आज से मेले में शामिल हो सकते है। राजस्थान के इस मेले में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के लोग पहुंचते हैं।

 

लक्खी मेला खाटूश्याम मंदिर द्वारा आयोजित किया जा रहा है। मंदिर के समिति ने बताया कि यह मेला 28  फरवरी तक चलेगा। मतलब 8 दिन तक यह मेला चलेगा। मंदिर कमेटी ने अनुमान लगाया है कि इस बार मेले में करीब 35 लाख श्रद्धालु आएंगे। मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित मेला और भगवान दर्शन की व्यवस्था की है। 

 

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इस मेले में आने वाले लोगों की सुरक्षा का ध्यान हर वक्त पुलिस प्रशासन कर रही है। मेले में आने वाले लोगों के लिए पुलिस ने कुछ गाइडलाइन जारी किया है। साथ सीकर से मंदिर पैदल आने वाले भक्तों के लिए एक अलग कोरीडोर बनाया गया है, जिससे गाड़ी से आने वाले भक्त पैदल आएं। मेले में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में 14 लाइनें बनाई गईं हैं। इस मेले की भव्यता को देखते हुए लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है। इस मेले की मान्यता क्या है, यह मेला हर साल फाल्गुन माह में ही क्यों लगाया जाता है? इन्हीं सवालों के जवाब जानिए इस रिर्पोट में-

 

लक्खी मेला की मान्यता क्या है?

लोगों की धार्मिक मान्यता के अनुसार बर्बरीक (बाबा खाटूश्याम ) जो घटोत्कच के बेटे और भीम के पोते थे। बर्बरीक ने अपनी मां से वादा किया था कि वह महाभारत युद्ध में हारने वालों का साथ देगे और हारने वाले को युद्द में जीताएगें। जिसके बाद भगवान बर्बरिक के सामने श्री कृष्ण भगवान एक साधु का रूप धारण आए। कृष्ण भगवान ने गुरू दक्षिणा के तौर पर बर्बरिक शीश मांगा जिसके बाद बर्बरिक को बिना किसी संकोच के अपना सिर श्री कृष्ण के चरणों सौप दी।


बर्बरिक भगवान की ईमादारी देख कृष्ण भगवान खुश हो गए। इसके बाद कृष्ण भगवान ने बर्बरिक भगवान को आर्शवाद दिया कि भगवान बर्बरिक को कलियुग में लोग पूजेंगे साथ ही उन्हें श्याम नाम से पूजा जाएगा। इसी वजह से आज भी ख्याटू श्याम भगवान को लोग श्रद्धा भाव से पूजते हैं। लोगों की मान्यता है कि ख्याटू श्याम भगवान हारे को सहारा देते है।

 

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यह मेला फाल्गुम माह में इसलिए मनाया जाता है। क्योंकि खाटूश्याम  भगवान ने इसी माह में अपना शीश दान किया था। मध्यता है कि इस महिने में जो भी भक्त खाटूश्याम भगवान के दर्शन करते हैं, भगवान उनका मनोकामना जरूर पूरी करते हैं। 

सुरक्षा के लिए इंतजाम

 

लक्खी मेले में लोगों  की सुरक्षा के लिए 5000 पुलिस हर वक्त तैनात रह रहे हैं। जगह- जगह लोगों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा लगया गया है। इस मेले में लाखों लोग आने वाले हैं, इसलिए भीड़ को नियंत्रण करने के लिए 14 लाइनें बनाईं गई हैं। इन लाइनों से गुजर कर लोग बाबा खाटूश्याम  का दर्शन कर पाएगें। जानकारी के लिए बता दे कि इस मेले में लोगों बीआईपी दर्शन नहीं मिल पाएगी। 

 

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 जिला प्रशासन के गाइड लाइन 

 

इस मेले में सुरक्षा बनाए रखने के लिए सीकर जिला प्रशासन ने कुछ जरूरी गाइड लाइन बनाए है। इन नियमों को सभी लोगों का मानना अनिवार्य है। लक्खी मेले में लोगों डिजे (DJ) बनाने पर प्रतिबंध लगाया है। ताकि मंदिर के आस- पास डिजे (DJ) का शोर न हो। मेले में इत्र और काटेदार गुलाब का फुल ले जाना भी प्रतिबंधित है।

 

कैसे पहुंचे मंदिर

राजस्थान का खाटू श्याम मंदिर सीकर में स्थित है। जहां जाने के लिए लोग ट्रेन, बस या प्लेन से जा सकते हैं। अगर आप प्लेन से जा रहे हैं तो अपने शहर से जयपुर जा सकते हैं। जयपुर से सीकर कुछ किलोमीटर दूर है तो आपको टैक्सी या बस लेनी होगी। तब आप खाटू श्याम मंदिर पहुंच जाएंगे।


अगर आप ट्रेन से खाटू श्याम मंदिर जा रहे हैं तो मंदिर के सबसे पास रिंगास जंक्शन स्टेशन पर उतर जाएं। इस स्टेशन से कुछ किलोमीटर की दूरी पर मंदिर है। जहां आप टैक्सी या बस में बैठकर जा सकते हैं।

ईरान ने सस्ते ड्रोन से दुबई एयरपोर्ट के पास धमाका कैसे किया? देखिए


ईरान ने दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाकर बड़ा ड्रोन हमला किया है। ड्रोन हमले की वजह से अचानक भीषण आग लग गई। ड्रोन एयरपोर्ट के बेहद नजदीक खड़े फ्यूल टैंक पर गिरा, जिसके बाद आग धधक उठी।

सिविल डिफेंस टीमों ने जैसे-तैसे कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। हमले में कोई घायल नहीं हुआ है लेकिन यह नुकसान बड़ा हो सकता था। हमले के बाद बाद दुबई एयरपोर्ट की फ्लाइट्स को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। कराची, काठमांडू, हनोई से आने वाली उड़ानों को फिलहाल होक दिया गया है।

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आग में धधकता दिख रहा है टैंक 

सोशल मीडिया पर आग और धुएं के वीडियो वायरल हो रहे हैं। अभी यह साफ नहीं है कि ड्रोन किस तरफ से लॉन्च किया गया था, लेकिन रिपोर्ट्स में इसे ईरानी ड्रोन अटैक से जोड़ा जा रहा है। ईरान खाड़ी के देशों पर अपने सैन्य हमले बढ़ा रहा है। 

 

 

दुबई पर हमले क्यों कर रहा है ईरान?

ईरान का दावा है कि UAE अपने सैन्य अड्डों और बंदरगाहों का उपयोग अमेरिकी और इजरायली सेनाओं को ईरान पर हमला करने के लिए करने दे रहा है। ईरान ने साफट चेतावनी दी है कि जो भी देश अमेरिका को अपनी जमीन इस्तेमाल करने देगा, वह उसका वैध लक्ष्य होगा। 

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दुबई पर हमला करने से क्या होगा?

दुबई दुनिया का एक बड़ा व्यापारिक और पर्यटन केंद्र है। यहां हमला करके ईरान वैश्विक स्तर पर आर्थिक अस्थिरता पैदा करना चाहता है। ईरान का जोर है कि वैश्विक समुदाय अमेरिका और इजरायल पर जंग रोकने के लिए दबाव बनाए।  

 

 

 

हमलों की वजह से क्या हो रहा है?

दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानें कई बार निलंबित की गई हैं। होटल और रियल एस्टेट सेक्टर को भारी नुकसान हुआ है। कच्चे तेल की कीमतें वैश्विक स्तर पर बढ़ गई हैं।

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दोस्त था दुबई, फिर दुश्मन कैसे बना?

ईरान, UAE और इजरायल के बीच बढ़ते राजनयिक और सुरक्षा संबंधों से नाराज है। ईरान का कहना है कि इजरायल से दोस्ती, खाड़ी के देशों के भविष्य के लिए ठीक नहीं है। इजरायल और अमेरिका की नजर सिर्फ तेल के खजाने पर रहती है। 

 

UAE रक्षा मंत्रालय का कहना है कि ईरान की तरफ से अब तक हजारों ड्रोन और मिसाइलें दागी गई हैं। ज्यादातर को एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया है। उनके मलबे से नागरिक और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।