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क्यों खास है रमजान में आने वाली लैलात अल-क़द्र?


रमजान का पाक महीना अपने अंतिम पड़ाव पर है और इसी के साथ शुरू हो गई है उस रात की तलाश जिसे ‘लैलात अल-क़द्र’ या ‘शब-ए-क़द्र’ कहा जाता है। मान्यता है कि यह रात साल की तमाम रातों में सबसे बेहतर है। इस्लामिक जानकारों के मुताबिक, इस रात को किया गया नेक काम और इबादत एक हजार महीनों यानी लगभग 83 साल 4 महीने की इबादत से भी ज्यादा कीमती है।

 

यह वह रात है जब अल्लाह ने फरिश्ते जिब्रील के जरिए पैगंबर मुहम्मद पर पवित्र कुरान उतारने का सिलसिला शुरू किया था। इसी वजह से इस रात की अहमियत बढ़ जाती है। मुस्लिम समुदाय के लोग रमजान की आखिरी 10 रातों में से कुछ विषम रातों जैसे 21वीं, 23वीं, 25वीं, 27वीं और 29वीं में इसे तलाशते हैं और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं।

 

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भाग्य और शांति की रात

इसे ‘शक्ति या भाग्य की रात’ भी कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात अल्लाह अगले एक साल के लिए इंसानों के भाग्य, रिज्क यानी रोज़ी-रोटी और फैसलों की जिम्मेदारी फरिश्तों को सौंपता है। कुरान के सूरह अल-कद्र में जिक्र है कि इस रात फज्र यानी सुबह होने तक जमीन पर फरिश्तों का आना होता है, जो चारों तरफ शांति और बरकत लेकर आते हैं।

इबादत का खास तरीका

शब-ए-क़द्र की रूहानियत को पाने के लिए लोग मस्जिदों और घरों में जागकर रात बिताते हैं। इस दौरान ये खास काम किए जाते हैं जैसे कुरान की तिलावत। चूंकि यह कुरान के अवतरण की रात है इसलिए इसे पढ़ना और समझना सबसे अहम माना जाता है। 

 

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इस दिन विशेष नमाजे पढ़ी जाती हैं और पुराने गुनाहों से माफी मांगी जाती है। इसी दौरान बहुत से लोग आखिरी 10 दिनों के लिए मस्जिद में एकांतवास करते हैं ताकि पूरी तरह से इबाबत में डुबे रहे। इस रात को अपनी गलतियों की माफी भी मांगते हैं। 

नोट: इस खबर में लिखी गई बातें धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

UAE के फुजैराह पोर्ट पर ड्रोन हमला, आग की लपटों के बीच रोका लोडिंग का काम


संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह पोर्ट में एक बार फिर ड्रोन हमला हुआ है, जिसके कारण आग लग गई। यह घटना मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ड्रोन हमले के बाद पोर्ट के पेट्रोलियम इलाके में तेज आग लग गई। वीडियो में आसमान में काला धुआं बहुत ऊपर तक उठता दिख रहा है। ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक, हमले के बाद तेल लोडिंग का काम रोक दिया गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

 

फुजैराह सरकार के मीडिया ऑफिस ने आधिकारिक बयान में इस बात की पुष्टि की कि एक पेट्रोलियम इंडस्ट्री फेसिलिटी में आग लगी है। इमरजेंसी टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में किसी को चोट नहीं आई है।

 

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सिविल डिफेंस टीम पहुंची

सिविल डिफेंस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। इमरजेंसी सर्विसेज अब भी पूरी तरह स्थिति को कंट्रोल करने में जुटी हैं। यह ताजा हमला हाल के दिनों में फुजैराह पोर्ट पर हुए कई ड्रोन हमलों में से एक है। इससे पहले भी ड्रोन हमलों से तेल स्टोरेज में आग लगी थी और लोडिंग का काम प्रभावित हुआ था।

बढ़ गया है युद्ध

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मध्य-पूर्व में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। फुजैराह पोर्ट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल स्टोरेज और बंकरिंग हब में से एक है। यह ओमान की खाड़ी में स्थित है और होर्मुज स्ट्रेट के बाहर है। इससे UAE बिना होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते पर निर्भर हुए क्रूड ऑयल एक्सपोर्ट कर सकता है।

 

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इसकी रणनीतिक लोकेशन की वजह से यह पोर्ट UAE और पूरी दुनिया के लिए ऊर्जा व्यापार में बहुत अहम है। ऐसे हमलों से वैश्विक तेल बाजार पर असर पड़ सकता है। अभी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आगे की जानकारी का इंतजार है।

खुशखबरी! अब फ्लाइट की 60 पर्सेंट सीट के लिए नहीं देना होगा एक्स्ट्रा चार्ज


अगर आप भी हवाई जहाज में यात्रा करते हैं तो अक्सर पसंदीदा सीट के लिए परेशान होते होंगे। इसकी वजह यह है कि मौजूदा वक्त में किसी फ्लाइट की सिर्फ 20 प्रतिशत सीटें ही बिना पैसे दिए बुक की जाती हैं। अब केंद्र सरकार ने देश की एयरलाइन कंपनियों से कहा है कि वे कम से कम 60 प्रतिशत सीट मुफ्त में बुक करने दें। बाकी की 40 प्रतिशत सीटों के लिए पैसे लिए जा सकते हैं। इसका नतीजा यह होगा कि मुफ्त में बुक होने वाली सीट की संख्या अब तीन गुना बढ़ जाएगी। अगर किसी फ्लाइट में कुल 100 सीटें होंगी तो 60 सीटें बिना पैसे दिए चुनी जा सकेंगी। बाकी की 40 सीटों के लिए यात्रियों को पैसे देने होंगे। सरकार ने यह भी कहा है कि एक ही पैसेंजर नेम रिकॉर्ड (PNR) वाले टिकट पर यात्रा करने वाले सभी यात्रियों को साथ में बिठाया जाए।

 

इन कदमों की घोषणा करते हुए सिविल एविएशन मंत्रालय ने कहा कि नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइन कंपनियों को निर्देश दिया है कि हर उड़ान में कम से कम 60 प्रतिशत सीट बिना अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराई जाएं। एक एयरलाइन कंपनी के अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में केवल 20 प्रतिशत सीट बिना शुल्क के बुक की जा सकती हैं जबकि बाकी सीट के लिए अतिरिक्त पैसे देने पड़ते हैं। 

 

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क्या-क्या बदल दिया गया?

 

मंत्रालय ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘एक ही PNR पर यात्रा करने वाले यात्रियों को साथ बैठाया जाए या आस-पास की सीट दें।’ अधिकारी ने बताया कि ये निर्देश घरेलू उड़ानों पर लागू होंगे। ये कदम ऐसे समय में उठाए गए हैं जब पसंदीदा सीट चुनने सहित विभिन्न सेवाओं के लिए विमानन कंपनियों की ओर से ज्यादा पैसे लिए जाने को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बुधवार को जानकारी दी कि यात्रियों की सुविधा को और बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘60 प्रतिशत सीट बिना शुल्क, परिवारों के लिए साथ बैठने की व्यवस्था और खेल उपकरण, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट एवं पालतू जानवरों के परिवहन के लिए स्पष्ट और पारदर्शी नियम।’

 

 

मौजूदा वक्त में 20 प्रतिशत सीटें चुन लिए जाने के बाद अगर आप अपनी पसंद से सीट चुनना चाहें तो उसके लिए पैसे देने पड़ते हैं। अगर आप पैसे देकर सीट नहीं चुनते हैं तो एयरलाइन कंपनियां अपने हिसाब से आपको सीट अलॉट कर देती हैं। कई बार यह भी होता है कि एक साथ टिकट बुक करके जा रहे लोगों को अलग-अलग बैठा दिया जाता है। यही वजह है कि अब नए नियम लाए गए हैं ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। यह समस्या सिर्फ भारत में ही नहीं, दुनिया के तमाम देशों में भी है। 

 

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इसी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 5 फरवरी 2023 को लिखा था, ‘कुछ एयरलाइन कंपनियां सीट चुनने और परिवार के लोगों के साथ बैठने तक के लिए अतिरिक्त पैसे मांगती हैं। कांग्रेस को जंक फी प्रोटेक्शन ऐक्ट पास करना चाहिए ताकि इस पर रोक लगाई जा सके।’

 

बता दें कि भारत के DGCA ने अप्रैल 2024 में यह अनिवार्य कर दिया था कि छोटे बच्चों की सीट उनके गार्जियन का कम से कम एक पैरेंट्स के साथ होगी। साथ ही, यह भी कहा गया था कि इसके लिए अतिरिक्त पैसे भी नहीं लिए जाएंगे। यात्रियों की ओर से लगातार आ रही शिकायतों के बाद अब DGCA ने 60 पर्सेंट सीट अतिरिक्त चार्ज से मुक्त कर दी है। 

मॉल के बजाय सरोजनी के कपड़े क्यों खरीदते हैं लोग? वजह जान लीजिए

आज के दौर में शॉपिंग का मतलब सिर्फ कपड़े खरीदना नहीं रह गया है, बल्कि यह एक स्मार्ट चॉइस बन गया है। जहां बड़े-बड़े मॉल्स में ब्रांडेड शोरूम्स की चमक-धमक है, वहीं दिल्ली का सरोजिनी नगर मार्केट आज भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। साल 2026 की ताजा रिपोर्ट्स और मार्केट ट्रेंड्स को देखें, तो पता चलता है कि लोग अब ‘ब्रांड वैल्यू’ से ज्यादा ‘वैल्यू फॉर मनी’ पर भरोसा कर रहे हैं।

 

सरोजिनी नगर की सबसे बड़ी ताकत इसकी कीमत है। जहां एक अच्छे मॉल में किसी भी ट्रेंडी ड्रेस की शुरुआत ₹2,000 से ₹5,000 के बीच होती है, वहीं सरोजिनी में वैसी ही ड्रेस मात्र 200 रुपये से 500 रुपये में मिल जाती है।

 

डेटा बताता है कि एक औसत कॉलेज स्टूडेंट या ऑफिस जाने वाला प्रोफेशनल अपने महीने के कपड़ों का बजट यहां मॉल के मुकाबले 80% तक कम कर लेता है। यह ‘चीप प्राइस’ फैक्टर ही है जो मिडिल क्लास और हाई-सोसाइटी, दोनों को यहां खींच लाता है।

 

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थ्रिफ्टिंग और सेकंड-हैंड मार्केट

UnivDatos की एक मार्केट रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का सेकंड-हैंड और थ्रफ्टि क्लोथंग मार्केट 13.2% की सालाना दर (CAGR) से बढ़ रहा है। फैशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि Gen-Z अब ‘Fast Fashion’ के पर्यावरणीय नुकसान को लेकर जागरूक हो गई है। सरोजिनी नगर जो कभी ‘सरप्लस’ के लिए जाना जाता था, अब ‘थ्रिफ्टिंग पैराडाइज’ बन चुका है। लोग मॉल की नई पॉलिस्टर ड्रेसेस के बजाय यहां से ‘Pre-loved’ यूनिक विंटेज कपड़े ढूंढना फ्लेक्स मानते हैं।

 

 

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सोशल मीडिया का असर 

मार्केट एनालिस्टस के अनुसार, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स ने सरोजिनी नगर को एक ‘लेजिटिमेट फैशन ब्रांड’ बना दिया है। ‘Sarojini Nagar Haul’ जैसे वीडियो करोड़ों बार देखे जाते हैं, जो मॉल की मार्केटिंग पर भारी पड़ रहे हैं।

 

जहां मॉल्स में नया कलेक्शन आने में हफ्तों लग जाते हैं। वहीं सरोजिनी के वेंडर्स रातों-रात लेटेस्ट ट्रेंडस की कॉपी या सरप्लस स्टॉक मार्केट में उतार देते हैं। यही ‘Speed to Market’ सरोजिनी को मॉल्स से कोसों आगे खड़ा कर देती है।

23 फरवरी को मेष राशि में चंद्रमा, किन राशियों के लिए खुलेंगे सफलता के द्वार


ज्योतिषीय दृष्टि से 23 फरवरी का दिन बेहद खास है। चंद्रमा रात 10:12 बजे तक मेष राशि में रहेंगे, जो हमें किसी से बिना डरे नई शुरुआत करने की प्रेरणा दे रहे हैं। साथ ही, आज का मूलांक 5 है, जिसका स्वामी बुध है। बुध को बुद्धि और संवाद का कारक माना जाता है, इसलिए इस दिन आपकी बातचीत और नेटवर्किंग की कला ही आपको बड़ी सफलता दिलाएगी।

 

सोमवार और मूलांक 5 का यह मेल उन लोगों के लिए ‘गोल्डन चांस’ की तरह है जो बिजनेस, यात्रा या किसी बड़े निवेश की योजना बना रहे हैं। कुल मिलाकर आज का माहौल उत्साह से भरा रहेगा, बस जरूरत है तो सही समय पर सही कदम उठाने की।

 

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कैसा रहेगा आपकी राशि का हाल?

मेष राशि

चंद्रमा आपकी ही राशि में है, इसलिए आज आप खुद को सुपर-एनर्जेटिक महसूस करेंगे। नेतृत्व करने का यह सबसे सही समय है। भाग्य आपका बहुत ऊंचा रहेगा, अचानक कोई बड़ी कामयाबी मिल सकती है।

क्या करें: नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करें और अपनों के साथ समय बिताएं।

क्या न करें: गुस्से में आकर कोई गलत फैसला न लें और फिजूलखर्ची से बचें।

वृषभ राशि

आज का दिन सुकून और आर्थिक मजबूती लेकर आया है। आपकी पुरानी मेहनत का फल मिलने वाला है। आपका भाग्य अच्छा रहेगा और धन लाभ योग्य हैं। 

क्या करें: अपने बजट को दोबारा चेक करें। परिवार को समय दें।

क्या न करें: बहसबाजी से दूर रहें। आज लंबी यात्रा टाल दें।

मिथुन राशि

आज आपकी बुद्धि और बोलने का तरीका ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है। नए लोगों से जुड़ना फायदेमंद होगा। आपका भाग्य उत्तम है। कोई अच्छी खबर आपका दिन बमा देगी। 

क्या करें: सोशल मीडिया पर एक्टिव रहें। नई चीजें सीखने पर ध्यान दें।

क्या न करें: सुनी-सुनाई बातों पर यकीन न करें। किसी से किया वादा न तोड़ें।

 

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कर्क राशि

आज आप काफी भावुक महसूस कर सकते हैं। घर-परिवार की खुशियां आपकी प्राथमिकता रहेंगी। आपका भाग्य बेहतर रहेगा और पारिवारिक माहौल सुखद होगा। 

क्या करें: माता और परिवार के साथ पुराने पल शेयर करें। घर के काम निपटाएं।

क्या न करें: भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला न लें। सेहत का ख्याल रखें।

सिंह राशि

आपकी क्रिएटिविटी आज सातवें आसमान पर होगी। ऑफिस या समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। आपको बेहतरीन, प्रमोशन या तारीफ मिलने की पूरी संभावना है।

क्या करें: अपनी प्रतिभा दिखाएं। जूनियर्स की मदद करें।

क्या न करें: घमंड को खुद पर हावी न होने दें। ओवरकॉन्फिडेंस नुकसान दे सकता है।

कन्या राशि

काम और सेहत के बीच संतुलन बनाने का दिन है। छोटी-छोटी उपलब्धियां आपको बड़ी खुशी देंगी। आपका भाग्य अच्छा रहेगा और काम समय पर पूरे होंगे।

क्या करें: हर काम की बारीकी से प्लानिंग करें। अपनी सेहत चेक करवाएं।

क्या न करें: हर काम में एकदम परफेक्ट होने की जिद में अपना समय बर्बाद न करें।

तुला राशि

रिश्तों के मामले में आज का दिन बेहद शानदार है। पार्टनर के साथ तालमेल बहुत अच्छा रहेगा। भाग्य आपके लिए शानदार, पार्टनरशिप में बड़ा लाभ मिल सकता है।

क्या करें: जीवनसाथी के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं और कला-संगीत का आनंद लें।

क्या न करें: पार्टनर से ऐसी उम्मीदें न रखें जो पूरी न हो सकें। विवाद से बचें।

वृश्चिक राशि

आज आपको कुछ छिपे हुए फायदे मिल सकते हैं। अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाने की जरूरत है। भाग्य बहुत अच्छा, अचानक कहीं से लाभ मिल सकता है।

क्या करें: योग-ध्यान करें।  रिसर्च या निवेश से जुड़े काम निपटाएं।

क्या न करें: अपनी प्लानिंग हर किसी को न बताएं, नकारात्मक लोगों से दूरी बनाएं।

धनु राशि

सीखने और घूमने-फिरने का दिन है। आपका ज्ञान आज आपको दूसरों से आगे ले जाएगा। बढ़िया, नए अवसर आपके दरवाजे पर दस्तक देंगे।

क्या करें: कोई नई किताब पढ़ें या भविष्य की यात्रा की प्लानिंग करें। 

क्या न करें: कानून या नियमों को तोड़ने का जोखिम न लें, खान-पान पर कंट्रोल रखें।

मकर राशि

करियर के ग्राफ को ऊपर ले जाने का समय है। आपकी मेहनत अब रंग लाने वाली है। भाग्य मजबूत, ऑफिस में आपकी मेहनत को पहचान मिलेगी।

क्या करें: अपने बॉस से खुलकर बात करें। पेंडिंग कागजी काम पूरे करें।

क्या न करें: काम को कल पर न टालें। अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें।

 

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कुंभ राशि

आज आप भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय भीड़ का नेतृत्व करेंगे। दोस्तों का सहयोग मिलेगा। भाग्य में उत्कृष्ट, नए संपर्कों से भविष्य में बड़ा फायदा होगा।

क्या करें: किसी सोशल इवेंट या ग्रुप मीटिंग का हिस्सा बनें।

क्या न करें: अपनी सीक्रेट बातें किसी से शेयर न करें, समय की कद्र करें।

मीन राशि

आज आप मानसिक शांति और आर्थिक राहत महसूस करेंगे। पूजा-पाठ में मन लगेगा। भाग्य में बेहद शुभ, बड़ों का आशीर्वाद काम आएगा।

क्या करें: दान-पुण्य करें और अगर कोई पुराना कर्ज है तो उसे चुकाने की कोशिश करें।

क्या न करें: खुद को अकेला न महसूस करें और फिजूल के खर्चों पर लगाम लगाएं।


डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

…तो रूक जाएगी जंग? ईरान से युद्ध खत्म करने को तैयार हो गया इजरायल!


अमेरिका और इजरायल के द्वारा ईरान पर किए गए हमले का असर अब पूरी दुनिया पर दिखने लगा है। भारत, चीन, पाकिस्तान, जापान सहित यूरोपीय देशों में एलपीजी गैस की किल्लत होने लगी है, जिससे अमेरिका पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसी के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कभी NATO देशों को तो कभी चीन और जापान से होमुर्ज स्ट्रेट खुलवाले की गुहार लगा रहे हैं।

 

इस बीच इजरायल भी ईरान के सामने समझौता करने के लिए तैयार हो गया है। भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार ने सोमवार को ईरान युद्ध खत्म करने की बात कही। रूवेन अजार ने कहा कि अगर ईरान अपना रुख बदलता है तो हम युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार हैं। 

 

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युद्ध का 17वां दिन

दरअसल, अमेरिका-इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान के ऊपर 28 फरवरी को हमला कर दिया था। इसी हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की  मौत हो गई। इस तरह से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का सोमवार को 17वां दिन है। 

कूटनीतिक माध्यमों से हो रही बातचीत

रूवेन अजार ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में इजरायल ने कूटनीतिक माध्यमों से बातचीत की और अमेरिका तथा क्षेत्र के अन्य देशों में अपने साझेदारों से भी परामर्श किया है। उन्होंने कहा कि इस परामर्श में वह देश भी शामिल थे, जिनके साथ इजरायल के राजनयिक संबंध नहीं हैं।

 

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‘ईरान बेहद मुश्किल स्थिति में’

उन्होंने कहा, ‘हम हमेशा कूटनीति के पक्षधर हैं। दुर्भाग्य से कूटनीति के इतने प्रयास विफल हो गए कि हमें सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी। हमें उम्मीद है कि हमारी सैन्य कार्रवाई के परिणामस्वरूप कूटनीति फिर से प्रासंगिक हो जाएगी।’

 

रूवेन अजार ने आगे कहा कि सैन्य कार्रवाई के जरिए ‘हमने ईरान की मिसाइल दागने की क्षमता को काफी हद तक कम कर दिया है। इस समय हम ईरान के हवाई क्षेत्र पर नियंत्रण कर रहे हैं। ईरान बेहद मुश्किल स्थिति में है।’ उन्होंने कहा कि अगर ईरान अपना रुख बदलता है और इजरायल को मान्यता देता है तो भविष्य उज्ज्वल होगा।

‘मोहब्बत हमसे की, शादी मोदी साहब से कर ली…’, सांसदों की विदाई पर बोले खड़गे


राज्यसभा के 37 सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। बुधवार को संसद सत्र के दौरान इन सभी सांसदों को विदाई दी गई। राज्यसभा में इन सांसदों को विदाई देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई नेताओं ने अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री मोदी ने वरिष्ठ सांसदों के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि राजनीति में कभी फुल स्टॉप नहीं लगता। वहीं, कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूर्व प्रधानमंत्री और राज्यसभा सांसद एच डी देवगौड़ा के लिए कहा कि उन्होंने मोहब्बत तो उनसे (कांग्रेस से) की लेकिन शादी मोदी साहब से कर ली। उनकी इस बात पर सदन में खूब ठहाके लगे।

 

संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एचडी देवगौड़ा, मल्लिकार्जुन खड़गे और शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेताओं की तारीफ करते हुए कहा कि इन लोगों ने अपनी आधी उम्र संसदीय जीवन में गुजारी है इसलिए सभी नए सांसदों को इनसे सीखना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि जो सांसद अभी विदाई ले रहे हैं, उसमें से कुछ फिर से सदन आएंगे क्योंकि राजनीति में कोई फुल स्टॉप नहीं होता है। उन्होंने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश की भी जमकर तारीफ की और कहा कि वह कलम के धनी तो हैं ही, कर्म के मामले में भी आगे हैं।

 

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देवगौड़ा पर क्या बोले खड़गे?

 

मल्लिकार्जुन खड़गे ने एच डी देवगौड़ा का जिक्र करते हुए कहा, ‘एच डी देवगौड़ा जी का उल्लेख करना चाहूंगा। वह प्रधानमंत्री और कई पदों पर रहे। मैं उन्हें बहुत दिनों से, 54 साल से जानता हूं। उनके साथ ही मैंने काम किया लेकिन क्या हुआ मुझे मालूम नहीं। वह तो मोहब्बत हमारे साथ किए और शादी मोदी साहब के साथ कर लिए। यह रीसेंटली हुआ है। आप कैसे माने मुझे मालूम नहीं है।’ उनकी इस बात पर सदन में ठहाके गूजने लगे। खुद प्रधानमंत्री भी उनकी इस बात पर हंस पड़े। हालांकि, उस वक्त एच डी देवगौड़ा सदन में मौजूद नहीं थे।

 

 

सांसदों के रिटायरमेंट पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘राजनीति में रहने वाले लोग कभी रिटायर नहीं होते। देश की सेवा के जज्बे में कभी टायर्ड नहीं होते यानी रिटायर भी नहीं होते और टायर्ड भी नहीं होते।’

 

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बता दें कि प्रियंका चतुर्वेदी, हरिवंश नारायण सिंह, अमरेंद्र धारी सिंह, साकेत गोखले, किरण चौधरी, शरद पवार, रामदास आठवले और उपेंद्र कुशवाहा समेत कुल 37 सांसद आज रिटायर हो रहे हैं। इसमें से शरद पवार, रामदास आठवले, उपेंद्र कुशवाहा और अभिषेक मनु सिंघवी जैसे कई नेता फिर से चुनकर राज्यसभा आ रहे हैं।

 

 

चेहरे पर ब्यूटी फिलर्स का तड़का, कुदरती खूबसूरती के लिए कितना बड़ा खतरा?

आजकल सोशल मीडिया पर हर कोई ‘परफेक्ट’ दिखना चाहता है। इसी चाहत ने भारत सहित पूरी दुनिया में ‘ब्यूटी फिलर्स’ के चलन को एक महामारी की तरह फैला दिया है। चेहरे की झुर्रियां मिटानी हों या होंठों को नया आकार देना हो, लोग अब घंटों मेकअप करने के बजाय 15 मिनट के इंजेक्शन को ज्यादा आसान मान रहे हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आत्मविश्वास बढ़ाने के नाम पर चेहरे पर लगाया जा रहा यह ‘खूबसूरती का तड़का’ आपकी असली पहचान और सेहत को हमेशा के लिए बिगाड़ सकता है?

 

भारत में पहले इस तरह की कॉस्मेटिक सर्जरी सिर्फ बॉलीवुड के बड़े सितारों तक सीमित थी। लेकिन 2015 के बाद जब इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे ऐप्स ने ‘फिल्टर्स’ का जादू चलाया, तो आम जनता में भी वैसा ही दिखने की होड़ मच गई।

 

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अमेरिकन सोसाइटी ऑफ प्लास्टिक सर्जन्स (ASPS) की एक ताजा रिपोर्ट बताती है कि दुनिया भर में फिलर्स करवाने वालों की संख्या में 200% की भारी बढ़ोतरी हुई है। भारत के बड़े शहरों से लेकर छोटे शहरों में भी ‘लिप जॉब’ और ‘जॉलाइन शेपिंग’ एक स्टेटस सिंबल बन गया है। शादियों के सीजन में तो ‘इंस्टेंट ब्यूटी’ पाने के लिए युवा लड़के-लड़कियां बड़ी संख्या में क्लिनिक पहुंच रहे हैं। 

एक्सपर्ट्स के चौंकाने वाले खुलासे

इस चमक-धमक के पीछे के सच को लेकर बड़े डॉक्टरों ने कई चौंकाने रिपोटर्स दी हैं। ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध कॉस्मेटिक डॉक्टर गेविन चान ने एमआरआई (MRI) स्कैन के जरिए यह साबित किया है कि ब्यूटी फिलर्स कभी भी पूरी तरह खत्म नहीं होते। लोग अक्सर सोचते हैं कि 6-12 महीने में इसका असर खत्म हो जाएगा लेकिन असल में ये केमिकल चेहरे के अंदर ही पड़े रहते हैं और धीरे-धीरे अपनी जगह से खिसक कर चेहरे के दूसरे हिस्सों में चले जाते हैं।

 

वहीं, इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जरी (ISAPS)की रिपोर्ट के अनुसार, 20 से 25 साल के युवा अब अपनी उम्र से कहीं बड़े और ‘प्लास्टिक’ जैसे दिखने लगे हैं। अपने चेहरे की कुदरती मासूमियत को इंजेक्शन से बदल रहे हैं। 

क्या हैं इसके साइड इफेक्ट्स?

सुदंरता की यह चाहत शरीर के लिए जानलेवा भी हो सकती है। मेडिकल जर्नल ‘द लैंसेट’ और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसके कई खतरनाक नतीजे के बारे में बताया है।

 

 

नसों का ब्लॉक होना: अगर इंजेक्शन गलती से किसी मुख्य चेहरे में लग गया, तो वहां खून का बहाव रुक जाता है। जिससे उस हिस्से की त्वचा गल के सड़ सकती है और आंखों के पास गड़बड़ी होने पर इंसान हमेशा के लिए अंधा भी हो सकता है।

 

पिलो फेस: ज्यादा फिलर्स के इस्तेमाल से चेहरा भारी और सूज जाता है कि वह स्वाभाविक नहीं बल्कि तकिये जैसा फूला हुआ दिखने लगता है।

 

गांठें और इन्फेक्शन: शरीर अक्सर इन बाहरी रसायनों का विरोध करता है, जिससे चेहरे पर सख्त और दर्दनाक गांठें बन जाती हैं, जिन्हें निकालना बेहद मुश्किल होता है।

 

चेहरे का खिसकना: फिलर्स अक्सर अपनी जगह छोड़कर नीचे की तरफ लटकने लगते हैं, जिससे चेहरा अजीब और टेढ़ा नजर आने लगता है।

 

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नेचुरल ब्यूटी की वापसी

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि फिलर्स के इस बढ़ते चलन ने समाज में ‘स्नैपचैट डिस्मॉर्फिया’ को जन्म दिया है। यह एक ऐसी मानसिक स्थिति है जहां व्यक्ति को अपना असली चेहरा आईने में बुरा लगने लगता है। इसी वजह से आज कायली जेनर और कोर्टनी कार्दशियन जैसी ग्लोबल हस्तियां जिन्होंने इस ट्रेंड को मशहूर किया था।

 

अब वे अपने फिलर्स को हटवा रही हैं और मानती हैं कि जो सुकून और सूबसूरती नेचुरल लुक में है, वह किसी सुई में नहीं। हॉलीवुड के नामी सर्जन डॉ.राज कनोडिया का भी यही मानना है कि असली सुंदरता आपके स्वस्थ शरीर और आत्मविश्वास से आती है, न की फिलर्स के तड़के से।

होलिका दहन पर चंद्र ग्रहण का साया, क्या करें और क्या नहीं? जवाब जानिए


साल 2026 का होली का त्यौहार बेहद खास होने वाला है। ज्योतिष और विज्ञान दोनों ही नजरिए से 3 मार्च की तारीख महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन होलिका दहन के साथ-साथ आसमान में चंद्र ग्रहण का नजारा भी दिखेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण और पूर्णिमा का यह संयोग आध्यात्मिक शुद्धि और नकारात्मकता को खत्म करने का एक बड़ा अवसर लेकर आ रहा है।

 

आमतौर पर चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा के दिन ही होता है लेकिन जब यह होलिका दहन जैसे महापर्व के साथ मिलता है, तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। जहां होलिका दहन बुराई के अंत का प्रतीक है, वहीं ग्रहण का समय मंत्र साधना के लिए सबसे प्रभावी माना जाता है।

 

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ग्रहण और सूतक काल का पूरा गणित

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2 मार्च की शाम 5:32 बजे से शुरू होकर 3 मार्च की शाम 4:46 बजे तक रहेगी। इसी आधार पर 3 मार्च को होलिका दहन मनाया जाएगा। 

 

भारतीय समयानुसार, चंद्र  ग्रहण का समय दोपहर 3:21 बजे शुरू होगा और शाम 6:47 बजे समाप्त होगा। शास्त्रानुसार चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। इस लिहाज से 3 मार्च की सुबह 9:39 बजे से सूतक लग जाएगा। 

क्या पूजा-पाठ पर पड़ेगा असर?

सूतक काल के दौरान शुभ कार्य और मूर्ति स्पर्श वर्जित होता है लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि आप सुबह 9:39 बजे सूतक शुरू होने से पहले होलिका माता की सामान्य पूजा कर सकते हैं। वहीं, शाम को 6:47 बजे ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान आदि करके शुद्धिकरण करें और फिर विधि-विधान से होलिका दहन की परंपरा को पूरा करें। यानी ग्रहण के साये के बावजूद, सही समय के तालमेल से त्यौहार की पवित्रता बनी रहेगी।

वैज्ञानिक कारण

चंद्र ग्रहण होने के लिए ‘सिजिगी’ (Syzygy) की स्थिति अनिवार्य है। इसका अर्थ है तीन खगोलीय पिंडों का एक सीधी रेखा में होना।

 

पूर्णिमा के समय चंद्रमा और सूर्य पृथ्वी के उल्टी दिशा में होते हैं। जब यह सीधी रेखा बिल्कुल सटीक होती है, तो पृथ्वी की गहरी छाया जिसे ‘अम्ब्रा’ कहते हैं, चंद्रमा को काला या गहरा लाल कर देती है।

ज्योतिषीय और आध्यात्मिक मायने

ज्योतिष शास्त्र में पूर्णिमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करती है। ग्रहण लगने पर इन भावनाओं में उथल-पुथल मच सकती है। माना जाता है कि ग्रहण पूर्णिमा की सौम्य चांदनी को रोक देता है। इसे अक्सर बड़े बदलावों या किसी अध्याय के समाप्त होने का सूचक माना जाता है।

 

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राशियों पर प्रभाव और सावधानियां

यह खगोलीय घटना सभी राशियों के लिए अलग-अलग परिणाम लाएगी। जहां कुछ लोगों को पुराने कर्जों और बीमारियों से राहत मिल सकती है, वहीं ग्रहण के दौरान भारी काम या महत्वपूर्ण निर्णय न लेने की सलाह दी गई है।

क्या करें?

  • ग्रहण काल में मन ही मन गायत्री मंत्र या कुल देवता का जाप करें।
  • ग्रहण खत्म होने के बाद जरूरतमंदों को दान दें।
  • होलिका की अग्नि के दर्शन करें, जो मानसिक शांति के लिए शुभ है।

क्या न करें?

  • ग्रहण के दौरान भोजन पकाने या भारी शारीरिक श्रम से बचें।
  • सूतक काल में मंदिरों के पट बंद रहते हैं इसलिए मूर्ति पूजा न करें।

नोट: इस खबर में लिखी गई बातें धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

UAE में 19 भारतीयों समेत 35 लोग गिरफ्तार, गलत कंटेंट शेयर करने का आरोप


मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और भारी तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सरकार ने सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की है। UAE पुलिस और साइबर सेल ने फर्जी वीडियो, भ्रामक कंटेंट और भ्रामक पोस्ट साझा करने के आरोप में 19 भारतीयों समेत कुल 35 लोगों को गिरफ्तार करने का आदेश जारी किया है।

 

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के बाद यह इलाका युद्ध की स्थिति में है। UAE के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमाद सैफ अल शम्सी ने साफ किया कि आरोपियों ने असली घटनाओं को गलत तरीके से दिखाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और गुमराह करने वाले ऑडियो-विजुअल टूल का इस्तेमाल किया। गिरफ्तार किए गए सभी लोगों पर UAE के सख्त कानूनों के तहत फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाएगा।

 

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AI से बनाए धमाकों के वीडियो

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने तीन अलग-अलग तरीकों से कानून का उल्लंघन किया। एक समूह ने AI का सहारा लेकर विस्फोटों, मिसाइल हमलों और भीषण आग लगने के नकली वीडियो तैयार किए। इन वीडियो को सोशल मीडिया पर इस तरह पेश किया गया जैसे ये घटनाएं UAE के भीतर ही हो रही हों। वहीं, कुछ लोगों ने अन्य देशों में हुए हादसों के पुराने फुटेज को UAE के झंडे और तारीखों के साथ शेयर कर जनता को गुमराह करने की कोशिश की।

 

गिरफ्तार किए गए लोगों में एक ऐसा ग्रुप भी था जिसने हवा में मिसाइल इंटरसेप्शन के असली वीडियो रिकॉर्ड किए थे लेकिन उनमें डरावने साउंड इफेक्ट और गुमराह करने वाली बातें जोड़ी थीं। अधिकारियों के मुताबिक ऐसा कंटेंट न सिर्फ पब्लिक सेफ्टी के लिए खतरा है, बल्कि देश की डिफेंसिव क्षमताओं के लिए भी नुकसानदायक है।

 

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1 साल की जेल

UAE प्रशासन ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यहां के साइबर कानून के अनुसार, इस तरह की फर्जी खबरें फैलाने पर दोषियों को कम से कम एक साल की जेल और 1 लाख दिरहम (करीब 23 लाख भारतीय रुपये) से ज्यादा का जुर्माना भरना पड़ सकता है। प्रशासन ने वहां रह रहे प्रवासियों को सख्त हिदायत दी है कि वे बिना पुष्टि के कोई भी संवेदनशील जानकारी या वीडियो साझा न करें।