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5 मंजिला इमारत में लगी आग, 3 बच्चों समेत एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत


राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पालम इलाके में बुधवार सुबह एक मकान में भीषण आग लग गई। यह आग रामफल चौक के पास एक पांच मंजिला इमारत में लगी थी। इस हादसे में 3 बच्चों समेत कुल 7 लोगों की मौत हो गई है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, जिन सात लोगों की मौत हुई है वे सभी एक ही परिवार के सदस्य थे। आग इतनी भीषण थी की आग पर काबू पाने के लिए मौके पर करीब 30 दमकल की गाड़ियां मौजूद हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। 

 

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, आग लगने की यह घटना सुबह करीब 7 बजे हुई। अभी तक 7 लोगों की मौत की खबर है लेकिन पुलिस को आशंका है कि अभी इमारत में और भी लोग फंसे हो सकते हैं। दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी और कर्मचारी आग पर काबू पाने की कवायद में जुटे हैं।

 

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अभी भी फंसे हो सकते हैं लोग

आग इतनी भीषण थी कि इसकी चपेट में आने से सात लोगों की मौत हो गई है। वहीं अभी रेस्कयू ऑपरेशन जारी है और कुछ अन्य लोगों के आग में फंसे होने की आशंका है। यह पांच मंजिला इमारत थी जिसमें तेजी से आग फैल गई है। डिप्टी फायर चीफ एसके दुआ ने कहा कि इमारत को ठंडा करने की प्रक्रिया चल रही है।वइमारत ठंडी होने के बाद एक बार फिर से रेस्क्यू आपरेशन चलाया जाएगा। इसके बाद मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। 

 

इमारत में रहते थे 22 लोग

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पांच मंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर  कॉस्मेटिक्स की दुकान थी और ऊपर के मंजिलों में लोग रहते थे। इमारत में करीब 22 लोग रहते थे, जिनमें से 10 से 12 लोग गोवा घूमने गए थे। आग लगने के दौरान जो लोग घर में मौजूद थे वे आग की चपेट में आ गए। आग की लपटों पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है और अब इमारत को ठंडा करने की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, आग अभी पूरी तरह बुझी नहीं है और बीच-बीच में धुंए का गुब्बार उठ रहा है। लगातार पानी का छिड़काव कर इमारत को ठंडा करने की कोशिश की जा रही है ताकि बचाव कर्मी अंदर जा सकें। 

 

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2 बच्चों को नीचे फेंका

आग इतनी तेजी से फैली की लोगों को बचने का रास्ता ही नहीं मिला। आग इतनी भयानक थी कि खुद को बचाने का समय नहीं मिला और परिवार के लोगों ने दो बच्चों को पहली मंजिल से नीचे फेंक दिया। इस दौरान नीतचे खड़े लोगों ने उन्हें पकड़ा। ऊंचाई से गिरने के कारण दोनों गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इस समय फायर ब्रिगेड के साथ-साथ पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि फायर ब्रिगेड घटना की सूचना मिलने के 40 से 45 मिनट देरी से पहुंची। अगर समय रहते फायर ब्रिगेड पहुंच जाती तो लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

टूथब्रश से लेकर लंच बॉक्स तक, रोजाना इतनी मात्रा में खा रहे हैं माइक्रोप्लास्टिक

प्लास्टिक सेहत के लिए बहुत खतरनाक होता है। हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में प्लास्टिक का इस्तेमाल करते हैं। सुबह में डिस्पोजेबल कप, पैकेज्ड फूड, प्लास्टिक की बोतल समेत अन्य चीजों का रोजाना इस्तेमाल करते हैं। प्लास्टिक में कई प्रकार के हानिकारक केमिकल्स मौजूद होते हैं जो सेहत के लिए खतरनाक है। प्लास्टिक में इतने महीन कण होते हैं जो आपको आंखों से नहीं दिखते हैं। इन कणों को माइक्रोप्लास्टिक कहा जाता है। ये महीन कण आपके खाने-पीने की चीजों से शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं जिसकी वजह से हार्ट अटैक से लेकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को बढ़ा देता है। इस बात की पुष्टि कई स्टडी में हुई है। 

 

स्टडी में दावा किया गया है कि माइक्रोप्लास्टिक और नैनोप्लास्टिक के सूक्ष्म कण खाने-पीने की चीजों के साथ हमारे ब्ल्ड वेस्लस में घुल रहे हैं। इतना ही नहीं ये हमारे शरीर में अलग-अलग जगहों पर जमा भी हो रहे हैं जिसकी वजह अंदरुनी सूजन समेत अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। क्या आपने कभी सोचा हैं कि दिन भर में कितनी मात्रा में माइक्रोप्लास्टिक हमारे शरीर के अंदर जाता है?

 

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टूथब्रश

 

टूथब्रश प्लास्टिक से बनाया जाता है। हम रोजाना इसका इस्तेमाल करते हैं। एक बार ब्रश करने पर 30 से 100 सूक्ष्म कण शरीर के अंदर जाते हैं। ये माइक्रोप्लास्टिक शरीर की कोशिकाओं में एब्जॉर्ब होते हैं। लंबे समय में शरीर के अंदर सूजन का खतरा बढ़ जाता है। National Library Of Medicine की रिपोर्ट के मुताबिक माइक्रोप्लास्टिक ओरल हेल्थ के बेहद नुकसानदायक है।

 

 

च्युइंग गम

 

कई लोगों को च्युइंग गम खाने की आदत होती है। जब आप च्युइंग गम को चबाते हैं तो उसमें 100 से ज्यादा माइक्रोप्लास्टिक के कण पाए जाते हैं। इनमें से अधिकांश कण, अक्सर पॉलीओलेफिन और पॉलीस्टाइरीन जैसे सिंथेटिक पॉलिमर से बने होते हैं जो चबाने के पहले दो मिनट के भीतर निकल जाते हैं।

 

लंच बॉक्स

 

प्लास्टिक के लंच बॉक्स में खाना नहीं खाना चाहिए। गर्म खाने को जब आप प्लास्टिक के लंच बॉक्स में डालते हैं तो उसमें मौजूद माइक्रोप्लास्टिक के कण कई गुना ज्यादा बढ़ जाते हैं। रिसर्च के मुताबिक गर्म खाने को लंच बॉक्स में डालते हैं तो 3 मिनट के अंदर 4. 22 मिलियन माइक्रोप्लास्टिक और 2.11 बिलियन नैनोप्लास्टिक कण घुल जाते हैं। आप प्लास्टिक की बजाय स्टील या फिर कांच के लंच बॉक्स का इस्तेमाल करें।

 

 

कॉफी

 

डिस्पोजेबल प्लास्टिक लाइन वाले कप में कॉफी पीना सेहत के लिए हानिकारक है। एक कप कॉफी में 1000 से ज्यादा माइक्रोप्लास्टिक के कण पाए जाते हैं। गर्मी की वजह से कप लाइनिंग से प्लास्टिक कणों का रिसाव बढ़ जाता है। ज्यादातर लोगों को लगता है कि ये पेपर कप है लेकिन इनके अंदर पॉलिथिन की पतली से लेयर होती है ताकि कॉफी या चाय का रिसाव न हो। Science of the Total Environment में बताया गया है कि प्लास्टिक के कप वाली कॉफी कितना खतरनाक है?

 

 

टी बैग

 

McGill University की रिसर्च के मुताबिक एक सिंगल प्लास्टिक टी बैग में 11.6 बिलियन माइक्रोप्लास्टिक्स और 3.1 बिलियन नैनोप्लास्टिक्स के कण पाए जाते हैं। इन टी बैग को बड़े पैमाने पर नायलॉन या पीईटी (पॉलीइथाइलीन टेरेफ्थेलेट) से बनाया जाता है। 

 

 

वॉटर बोतल

 

प्लास्टिक की प्रति लीटर की बोतल में 240,000 से ज्यादा प्लास्टिक के कण होते हैं। शोध में बताया गया कि 90% से ज्यादा पॉपुलर पानी की बोतल में माइक्रोप्लास्टिक के कण पाए जाते हैं। National Institute Of Health की 90% पानी की बोतल में नेनोप्लास्टिक के कण पाए जाते हैं जो आसानी से हमारे खून और अंगों में घुस सकते हैं।

 

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चिप्स

 

चिप्स की पैकिंग हमेशा प्लास्टिक की पनी में होती है। एक चिप्स के पैकेट में 126 से 196 माइक्रोप्लास्टिक के गुण होते हैं। चिप्स तो वैसे भी सेहत के लिए नुकसानदायक है। इसमें रिफाइंड ऑयल और फूड प्रिजर्वेटिव का इस्तेमाल होता है ताकि खाने पीने का सामान खराब न हो।

 

दवाएं

 

दवा में माइक्रोप्लास्टिक के कण सीधे तौर से नहीं पाए जाते हैं। स्टडी के मुताबिक गोलियां के पैकेट को बिस्फेनॉल ए जैसे रसायनों से बनाया जाता है जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

 

 

2022 की एक रिपोर्ट में पाया गया कि इंसानों के खून में माइक्रोप्लास्टिक कण पाए गए है। ये कण शरीर के अंगों में अलग-अलग जगहों पर जाकर जमा हो रहे हैं और सूजन पैदा कर रहे हैं। वैज्ञानिकों ने पाया कि एक इंसान हर हफ्ते 5 ग्राम से ज्यादा माइक्रोप्लास्टिक निगल रहा है।

26 या 27 फरवरी, कब है आमलकी एकादशी 2026 व्रत? जानें शुभ मुहूर्त और मान्यता


हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत बेहद खास माना जाता है लेकिन फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली आमलकी एकादशी, जिसे रंगभरी या अमला एकादशी भी कहते हैं, का महत्व कुछ अलग ही है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और आंवले के वृक्ष की पूजा करने से न केवल व्यक्ति के कष्ट दूर होते हैं बल्कि उसे जन्म-मरण के बंधन से भी मुक्ति मिलती है।

 

काशी में तो इस दिन का उत्साह देखते ही बनता है क्योंकि यहीं से औपचारिक रूप से होली के त्योहार की शुरुआत मानी जाती है। आइए जानते हैं कि इस साल व्रत की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पारण का समय क्या रहेगा।

 

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तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांग की गणना के अनुसार, इस बार एकादशी तिथि की शुरुआत 27 फरवरी 2026 को रात 12:33 बजे से हो जाएगी, जो उसी दिन रात 10:32 बजे तक रहेगी। उदय तिथि को प्रधानता देते हुए 27 फरवरी, शुक्रवार को ही व्रत रखा जाएगा।

आंवला पूजा का सही समय सुबह 6:48 से 11:08 तक रहेगा। 28 फरवरी को सुबह 6:47 से 9:06 के बीच आप पारण यानी व्रत खोल सकते हैं।

चार शुभ संयोगों का मेल

इस साल की आमलकी एकादशी बेहद फलदायी होने वाली है क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, आयुष्मान योग और सौभाग्य योग जैसे 4 बड़े शुभ संयोग बन रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन योगों में की गई पूजा और दान का फल कई गुना बढ़कर मिलता है।

पूजा की सरल विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनकर व्रत का संकल्प लें। भगवान विष्णु की पूजा में धूप, दीप, फल और खास तौर पर तुलसी दल अर्पित करें। इसके बाद पास के किसी आंवले के पेड़ के पास जाकर उसे जल चढ़ाएं और दीपक जलाकर उसके चारो तरफ परिक्रमा करें।

 

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क्या करें और किन बातों का रखें ध्यान?

खान-पान: व्रत में कुट्टू, साबूदाना, मखाने की खीर या फलों का सेवन करें। आंवले का दान करना और उसे प्रसाद के रूप में खाना बहुत शुभ है।

सावधानी: एकादशी के दिन चावल, दाल, तामसिक भोजन जैसे प्याज-लहसुन, मांस-मदिरा को पूरी तरह परहेज करना चाहिए। साथ ही गुस्सा करने या किसी की बुराई करने से बचें।

पौराणिक महत्व

शास्त्रों के अनुसार, आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है। एक प्राचीन कथा के अनुसार, एक शिकारी ने अनजाने में इस दिन रात भर जागकर भगवान की कथा सुनी थी, जिसके प्रभाव से उसके अगले जन्म के सारे पाप कट गए। वहीं, इसे ‘रंगभरी एकादशी’ इसलिए कहते हैं क्योंकि माना जाता है कि इसी दिन भगवान शिव माता पार्वती का गौना कराकर पहली बार काशी आए थे।

 

नोट: इस खबर में लिखी गई बातें धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

अमेरिका को ईरान दे रहा जख्म, अब तक ट्रंप के 13 सैनिकों की मौत; 200 घायल


अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर 28 फरवरी को जो कार्रवाई की थी उसके बाद से ईरान के जवाबी हमले भी जारी हैं। ईरान और अमेरिका दोनों और से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं लेकिन नुकसान दोनों ओर हो रहा है। इस जंग के करीब तीन हफ्तों में अमेरिका के करीब 200 जवान घायल हो गए हैं। इस बात की जानकारी अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने सोमवार को दी है। इसके साथ ही ईरान के जवाबी हमलों में 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत भी हो गई है। 

 

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने एक बयान जारी कर बताया कि घायल जवानों में से ज्यादातर को मामूली चोटें लगी थीं और घायलों में से 180 सैनिक ड्यूटी पर लौट गए हैं। सेंट्रल कमांड ने कहा, ‘ज्यादातर घालयों को मामूली चोटें ही लगी थीं और 180 सैनिक ड्यूटी पर लौट भी गए हैं, जबकि 10 सैनिक गंभीर रूप से घायल हैं।’

 

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7 देशों में 14 अमेरिकी सैनिकों की मौत

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने इस बारे में जानकारी देते हुए यह भी बताया कि किन देशों में अमेरिका के सैनिक घालय हुए हैं और उनकी मौत हुई है। उनके अनुसार,  ये चोटें बहरीन, इराक, इजराइल, जॉर्डन, कुवैत, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में लगी हैं। पेंटागन ने 10 मार्च को घायलों की संख्या 140 बताई थी, जबकि 13 अमेरिकी सैनिक इस जंग में मारे गए हैं। मारे गए सैनिकों में से 7 ईरानी हमलों में मारे गए हैं और छह प्लेन क्रैश में। 

ईरान में भी तबाही

अमेरिका और इजरायल के हमलों से ईरान में भी तबाही मची हुई है। एक तरफ अमेरिका, ईरान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहा है और दूसरी तरफ इस जंग में कई ईरानी नागरिकों की भी मौत हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस जंग में 1200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। जिसमें 200 महिलाएं और 200 बच्चे शामिल थे। इसके अलावा 10,000 नागरिक घायल भी हो गए हैं। 

 

ईरान और अमेरिका के अलावा इस जंग में इजरायल को भी भारी नुकसान हुआ है। इजरायल में 14 लोगों की मौत हो गई है और 886 लोगों की लेबनान में मौत हो गई है। 1 मिलियन से ज्यादा लोग लेबनान में अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। 

 

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जंग का 18वां दिन

अमेरिका-इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान के ऊपर 28 फरवरी को हमला कर दिया था। इसी हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की  मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने बदला लेने का मन बना लिया और पश्चिमी एशिया में स्थित अमेरिका और इजरायल के ठिकानों को निशाना बनाया। दोनों और से इस जंग में एक दूसरे को हराने की कोशिश हो रही है लेकिन कोई भी पक्ष हार मानने को तैयार नहीं है। 

नोरा फतेही की ‘सरके चूनर’ गाने पर संसद में सवाल, सरकार ने क्या जवाब दिया?


संजय दत्त और नोरा फतेही के ‘सरके चूनर’ गाने का सड़क से लेकर संसद तक विरोध हो रहा है। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह मुद्दा उठा, जिसके जवाब में सरकार ने कहा है कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर अश्लीलता परोसने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। सरकार इसे लेकर सतर्क है और कार्रवाई कर रही है। 

समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने लोकसभा में ‘सरके चूनर’ गाने का मुद्दा उठाया था, जिसके बाद सरकार ने कहा था कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसे कंटेंट से महिलाओं और बच्चों को बचाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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आनंद भदौरिया ने क्या सवाल पूछा?

समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माए गए विवादित गाने का जिक्र करते हुए सवाल किया, ‘अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर विभिन्न माध्यमों से समाज में परोसी जा रही अश्लीलता को तत्काल रोकने के लिए क्या सरकार कोई कदम उठाएगी।’

सरकार ने जवाब में क्या कहा?

सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘सदस्य ने जिस गाने के बारे में बात की है, उस पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है। अभिव्यक्ति की आजादी में संविधान निर्माताओं ने जो तर्कसंगत पाबंदियां लगाई हैं, हमें उनके हिसाब से ही चलना चाहिए। समाज और संस्कृति के संदर्भ में अभिव्यक्ति की आजादी का ध्यान रखना चाहिए।’

सरकार क्या कदम उठाएगी?

अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चीजें बहुत तेजी से फैलती हैं। उनसे समाज, महिला, बच्चों और वंचित वर्गों के लिए जो भी कड़े कदम उठाने होंगे, उन्हें सरकार उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।’

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विरोध करने वाले लोग कौन हैं?

BJP सांसद रवि किशन, कंगना रनौत और गायक अरमान मलिक ने इस गाने की निंदा की है। लिरिसिस्ट रकीब आलम ने कहा कि उन्होंने सिर्फ कन्नड़ मूल गाने का अनुवाद किया, मूल लेखक निर्देशक प्रेम हैं। सोशल मीडिया पर लोग नोरा फतेही और संजय दत्त के साथ-साथ सरकार को भी लातड़ रहे हैं। 

हिंदी वर्जन यूट्यूब से हटा दिया गया है। कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम के वर्जन उपलब्ध हैं। वकील विनीत जिंदल ने शिकायत दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिल्म प्रोडक्शन टीम ने नए लिरिक्स वाला नया वर्जन बनाने की बात कही है। 

सर्वाइकल कैंसर से बचाने वाला इंजेक्शन कब, किसे और कैसे लगेगा?


दुनियाभर में होने वाले सर्वाइकल कैंसर के मामलों में लगभग एक तिहाई मामले भारत में ही पाए जाते हैं। देशभर में भारत सरकार की तरफ से एचपीवी वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू होने वाली है। यह पहल किशोर लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए शुरू हो रही है। 

 

यह महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर लेकिन सही समय पर जागरूकता, जांच और टीकाकरण से इसे रोका जा सकता है। सरकार ने इस मामले में गाइडलाइन जारी कर लोगों को बताया कि किन महिलाओं को वैक्सीन लगेंगी? किन लोगों को इस अभियान से फायदा नहीं मिलेगा?

 

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कब से लगेगा HPV वैक्सीन का टीका?

28 फरवरी से HPV वैक्सीन लगना शुरू होगी। यह वैक्सीन उन लड़कियों को लगेगी जो 14 साल की है। इसके अलावा उन लड़कियों को भी लगेगी जो वैक्सीन लॉन्च होने के 90 दिन बाद 15 साल की हो जाएगी। वे भी इसका फायदा उठा सकती है। वे लड़कियां इस अभियान का हिस्सा नहीं होगी जो 15 साल के ऊपर की है।

किन लड़कियों को वैक्सीन नहीं लगेगी?

  • वे लड़कियां जो हल्की या गंभीर रूप से किसी बीमारी से पीड़ित है तो उन्हें यह वैक्सीन तब तक नहीं लगेगी जब तक पूरी तरह से ठीक हो जाएं।
  • वे लड़कियां जिन्हें किसी प्रकार की एलर्जी है या फिर पहले कोई वैक्सीन लगाने के कारण संक्रमण हुआ हो। उन्हें इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।
  • 15 साल से ऊपर की लड़कियों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।
  • जिन लोगों को पहले से ही एचपीवी वैक्सीन की एक या उससे ज्यादा डोज लगी है। उन्हें भी वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी।

कौन सी वैक्सीन लगेगी?

इस अभियान में लड़कियों को Gardasil का इंजेक्शन फ्री में लगाया जाएगा। यह वैक्सीन एचपीवी वायरस के खतरे से बचाने का काम करती है। यह वैक्सीन आपको एचपीवी वायरस के 4 प्रकारों से बचाने का काम करती है जिसमें टाइप 16, 18, 6 और 11 शामिल है। टाइप 16 और 18 ज्यादातर सर्वाइकल कैंसर के लिए जिम्मेदार होते हैं।

 

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वैक्सीन लगाने से पहले क्या करें?

वैक्सीन लगवाने वाली लड़कियों को खाली पेट नहीं आना है। पेरेंट्स इस बात का ध्यान रखें कि बच्चे बिना खाएं वैक्सीन न लगवाएं।
इसके अलावा वैक्सीन केंद्रों पर भी खाने-पीने की व्यवस्था कराई जाएगी ताकि बच्चों को नाश्ता मिल जाएं।

वैक्सीन लगवाने के बाद क्या करें?

  • वैक्सीन लगवाने के बाद 30 मिनट तक आराम करें।
  • देख-रेख वाले कमर में लड़कियों के लिए कुछ गेम रखी जाएंगी ताकि उन्हें वैक्सीन लगवाने के बाद दर्द और चिंता महसूस न हो।
  • भीड़ को काबू में रखा जाएगा ताकि किसकी को चिंता न हो।

शुक्र और चंद्रमा का शुभ संयोग, मेष से मीन चमकेंगे सितारे, पढ़ें राशिफल


आज मंगलवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास है। चंद्रमा आज वृषभ राशि में विराजमान हैं, जो हमें धैर्य और मानसिक शांति की ओर ले जाएंगे। साथ ही आज का मूलांक 6 है, जिसके स्वामी ‘शुक्र’ हैं। शुक्र को ऐश्वर्य, कला और प्रेम का कारक माना जाता है, इसलिए आज का दिन रचनात्मक कार्यों और रिश्तों को सुधारने के लिए सबसे उत्तम है।

 

विशेषज्ञों के अनुसार, आज मंगल और शुक्र की ऊर्जा का जो तालमेल बन रहा है, वह वित्तीय फैसलों के लिए बहुत भाग्यशाली साबित हो सकता है। अगर आप सकारात्मक रहकर सही दिशा में छोटे प्रयास भी करते हैं, तो आपको इसके बड़े और दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

 

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राशियां क्या करें और क्या न करें?

मेष राशि 

आज का दिन नई ऊर्जा लेकर आया है। नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है।

क्या करें: करियर में नई पहल करें। परिवार के साथ समय बिताएं।

क्या न करें: जल्दबाजी में पैसा निवेश न करें। गुस्से पर काबू रखें।

वृषभ राशि

चंद्रमा आपकी ही राशि में हैं, जिससे सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी।

क्या करें: भविष्य की आर्थिक योजनाएं बनाएं। पार्टनर के साथ रिश्ते सुधारें।

क्या न करें: स्वभाव में जिद्दीपन न लाएं। फालतू के खर्चों से बचें।

मिथुन राशि

आपकी बुद्धि और बातचीत के तरीके से आज रुके हुए काम बनेंगे।

क्या करें: लोगों से मेल-जोल बढ़ाएं और अधूरे कागजी काम पूरे करें।

क्या न करें: सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा न करें और किए गए वादे न तोड़ें।

कर्क राशि

मानसिक शांति और घरेलू खुशियों का दिन है।

क्या करें: घर की सजावट पर ध्यान दें। माता-पिता का आशीर्वाद लें।

क्या न करें: खुद को अकेला महसूस न होने दें। सेहत को नजरअंदाज न करें।

सिंह राशि

आपका आत्मविश्वास आज सातवें आसमान पर रहेगा। नेतृत्व करने का मौका मिलेगा।

क्या करें: बड़े और कड़े फैसले लें। रचनात्मक कार्यों में रुचि दिखाएं।

क्या न करें: बातचीत में अहंकार न लाएं। फालतू बहस से दूर रहें।

कन्या राशि

आज अनुशासन और स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है।

क्या करें: अपने कार्यों की लिस्ट बनाएं। खान-पान में सावधानी बरतें।

क्या न करें: हर काम में कमियां न निकालें। दूसरों की बुराई से बचें।

तुला राशि

शुक्र की कृपा से आज आपके व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा।

क्या करें: कला या फैशन के क्षेत्र से जुड़े काम करें। जीवनसाथी को समय दें।

क्या न करें: कोई भी फैसला लेने में देरी न करें। किसी को झूठी उम्मीद न दें।

 

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वृश्चिक राशि

आज आपकी आंतरिक शक्ति आपको लाभ दिलाएगी।

क्या करें: पुराने निवेश की जांच करें। मानसिक शांति के लिए योग करें।

क्या न करें: मन में कड़वाहट न रखें। कोई बड़ा रिस्क लेने से बचें।

धनु राशि

ज्ञान और यात्रा के योग बन रहे हैं। भाग्य आपका साथ देगा।

क्या करें: पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान दें। किसी धार्मिक यात्रा की योजना बनाएं।

क्या न करें: अपनी सोच को संकुचित न रखें। विवादों में न पड़ें।

मकर राशि

मेहनत का मीठा फल मिलने का समय आ गया है।

क्या करें: ऑफिस के काम समय पर निपटाएं। बचत करने की आदत डालें।

क्या न करें: काम के बोझ से खुद को थकाएं नहीं। नियमों का उल्लंघन न करें।

कुंभ राशि

दोस्तों और सहयोगियों के साथ आज दिन अच्छा बीतेगा।

क्या करें: नई टेक्नोलॉजी को अपनाएं। टीम के साथ मिलकर काम करें।

क्या न करें: अकेले जरूरी निर्णय न लें। पुरानी गलतियों से सीखें।

मीन राशि

भावनात्मक रूप से आज आप काफी मजबूत महसूस करेंगे।

क्या करें: जरूरतमंदों की मदद करें। संगीत या कला में मन लगाएं।

क्या न करें: किसी भी बात को लेकर भ्रम में न रहें। आलस्य का त्याग करें।


डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक, 400 की मौत; 250 घायल


पाकिस्तान की वायु सेना ने सोमवार रात को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर एयरस्ट्राइक करके जोरदार हमला कर दिया। तालिबान सरकार ने आरोप लगाते हुए कहा है कि पाकिस्तान ने उस अस्पताल को निशाना बनाया, जहां नशे के आदी लोगों का इलाज किया जाता है। इस हमले में 400 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।

 

अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता शराफत जमान ने भी मरने वालों की संख्या 400 बताई है। उन्होंने कहा कि नशे के आदी लोगों के लिए बनाया गया हॉस्पिटल पूरी तरह से तबाह हो गया। उन्होंने कहा कि मरने वालों की संख्या 400 है और 250 लोग घायल हैं।

 

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पाकिस्तान का गोलमोल जवाब

बताया गया है कि यह हमला रात करीब 9 बजे अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में जोरदार धमाके हुए। हमले का केंद्र काबुल का शहर-ए-नौ और वजीर अकबर खान इलाके थे। हालांकि, पाकिस्तान ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा है कि उसके हमले मिलिट्री और आतंकवादी ठिकानों को टारगेट करके किए गए हैं।

 

 

 

पहले सीमा पर हुी गोलीबारी

इस हमले से कुछ घंटे पहले अफगानिस्तान पाकिस्तान सीमा पर दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें अफगानिस्तान में चार लोग मारे गए। इस गोलीबारी के बाद पाकिस्तान ने बड़ी एयरस्ट्राइक कर दी। 

 

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अफगानिस्तान सरकार ने क्या कहा?

अफगानिस्तान के सरकारी प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने ‘एक्स’ पर हमले की निंदा करते हुए कहा कि यह अफगानिस्तान की सीमा का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि मारे गए और घायल हुए लोगों में से अधिकतर वे थे जिनका नशे की लत छुड़ाने का इलाज किया जा रहा था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ जैदी ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि काबुल में किसी भी अस्पताल को निशाना नहीं बनाया गया।

कौन होगा बिहार का अगला CM? नीतीश कुमार ने कंधे पर हाथ रखकर कर दिया इशारा


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को जमुई पहुंचे। यहां उन्होंने 602 करोड़ की लागत से तैयार 102 योजनाओं का उद्घाटन किया। सीएम नीतीश कुमार ने साल 2005 से अब तक की अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। वहीं बिना नाम लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले सरकार में लोग शाम के बाद घर से बाहर निकलने से डरते थे। अब हमारी सरकार में सब लोग घर से बाहर रहते थे। कानून व्यवस्था बेहतर है।  

 

नीतीश कुमार ने केंद्र की मोदी सरकार की जमकर तारीफ की और कहा कि केंद्र सरकार देशभर में बहुत काम कर रही है। बिहार को भी बहुत सहयोग दे रही है। नीतीश कुमार ने कहा कि अगले पांच वर्षों में विकास के कार्य को तेज किया जाएगा। 

 

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मंच से नीतीश का बड़ा इशारा

इस बीच नीतीश कुमार ने मंच से बड़ा इशारा किया। उन्होंने मंच पर मौजूद नेताओं की तरफ इशारा करके जमुई की जनता से कहा कि इन लोगों की वजह से आपका भी काम बढ़िया हो रहा है। आगे भी बढ़िया होगा। वह सभी लोगों से हाथ उठाने को कहते हैं। इसके बाद नीतीश कुमार सम्राट चौधरी के पास जाते हैं और कंधे पर हाथ रखकर लोगों से उनका समर्थन करने की बात करते हैं।  

पिछली सरकार में प्रदेश का बुरा हाल था: नीतीश

‘समृद्धि यात्रा’ के क्रम में नीतीश कुमार ने जमुई में कहा कि 24 नवंबर 2005 को पहली बार एनडीए सरकार बनी थी। तब से बिहार में कानून का राज्य है। हम लगातार विकास के कार्य में लगे हुए हैं, लेकिन जब हमारी सरकार बनी और उसके पहले वाली जो सरकार थी, उस वक्त बहुत बुरा हाल था। लोग शाम के बाद घर से बाहर नहीं निकलते थे। यही हाल था। मगर आज कल क्या ऐसा होता है? कोई घर में नहीं रहता है। उस समय हम केंद्र में थे। जब अपने इलाके में जाते थे तो सभी के घर बंद मिलते थे। पहले ऐसा हाल था।

 

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‘बिहार में शांति और भाईचारा का माहौल’

नीतीश कुमार ने आरोप लगाया कि पहले की सरकार में हिंदू-मुस्लिम विवाद होता था। पढ़ाई भी बहुत कम होती थी। बहुत कम बच्चे पढ़ते थे। पहले इलाज का पूरा इंतजाम नहीं था। सड़कों का बुरा हाल था। बिजली बहुत कम जगह थी। 2005 में हमारी सरकार बनने के बाद सभी के हित में काम किया गया। अब किसी प्रकार का डर और भय का वातावरण नहीं। राज्य में प्रेम, भाईचारा और शांति का माहौल है।

 

नीतीश कुमार ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने मुस्लिम के लिए कुछ नहीं किया। हमारी सरकार ने कब्रिस्तान में चहारदीवारी बनवाई। हिंदू मंदिरों की घेराबंदी की। इससे चोरी आदि की घटनाओं पर रोक लगी। शुरु में हम लोगों ने मुस्लिमों का काम किया और बाद में जब हिंदुओं का पता चला तो उनका भी काम किया। हमारी सरकार ने बड़ी संख्या में स्कूल खोले और नियोजित शिक्षकों की भर्ती की। लड़के-लड़कियों के लिए पोशाक और साइकिल योजना चलाई।

 

घंटों रील्स देखने की आदत दिमाग के लिए खतरनाक, फोकस में कमी, स्टडी में दावा


आज के समय में ज्यादातर लोग अपने फोन पर रील्स और शार्ट वीडियो देखना पसंद करते हैं। ज्यादातर लोग अपना ज्यादातर समय रील्स देखने में बिता देते हैं। 5 मिनट के लिए फोन पर स्क्रॉलिंग शुरू करते हैं और कब घंटे बीत जाते हैं पता नहीं चलता है। लोग रात को सोने से पहले घंटों रील स्क्रॉल करते हैं। इसे माइंडलेस स्क्रोलिंग कहा जाता है। नई रिसर्च बताती है कि यह आदत हमारे दिमाग के लिए नुकसानदायक हो सकती है।


हाल ही में एक स्टडी हुई है जिसका विषय है कि मोबाइल फोन पर शार्ट वीडियो देखने से ध्यान में कमी आती है। यह स्टडी Frontiers in Human Neuroscience में पब्लिश हुई है।

 

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स्टडी में क्या पाया गया?

यह रिसर्च Zhejiang University (चीन) के वैज्ञानिकों ने किया है। उन्होंने स्टडी में 48 स्वस्थ लोगों को प्रयोग शामिल हो गया है और उनके दिमाग की गतिविधि को ईसीजी टेस्ट से मापा गया। स्टडी में पाया गया कि जो लोग ज्यादा शॉर्ट वीडियो देखते हैं उनमें ध्यान लगाने, योजना बनाने की क्षमता कम पाई गई है। ज्यादा वीडियो देखने वालों में आत्म नियंत्रण कम पाया गया। 

 

इसके अलावा जो लोग बहुत अधिक रील्स देखते हैं वे लंबे समय तक फोक्स नहीं कर पाते हैं। आपका ध्यान जल्दी भटक सकता है। मनोवैज्ञानिक इस स्थिति को ‘पॉपकॉर्न ब्रेन’ बता रहे हैं। इसमें दिमाग तेज, मजेदार और लगातार बदलने वाले कॉन्टेंट का आदी हो जाता है। जैसे ही कुछ स्लो या बोरिंग होता है तो दिमाग उसे पसंद नहीं करता है। इसकी वजह से ध्यान देने की क्षमता कम हो जाती है। पढ़ाई या काम में मन नहीं लगता। बार-बार मोबाइल चेक करने की आदत बढ़ जाती है।

 

अधिक तनाव और कम आत्म नियंत्रण– 98000 से ज्यादा लोगों तो स्टडी में शामिल किया गया जिसमें पाया गया कि ज्यादा स्क्रॉल करने की वजह से फोकस कम होता है और तनाव बढ़ता है।  

 

नींद पर पड़ता है प्रभाव- देर रात तक फोन चलाने से दिमाग को लगता है कि अभी दिन का समय है जिससे नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इससे आपकी नींद बाधित होती है।

 

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कैसे बढ़ाएं अपना ध्यान?

  • अपने स्क्रीन टाइम को सेट करें।
  • शार्ट वीडियो को कम से कम देखें।
  • रात को सोने से पहले रील देखने से बचना चाहिए।
  • रात को सोने से पहले अगले दिन का प्लान तैयार कर लें।