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कार से रेकी, फोन से मिली धमकी; क्या खतरे में है जयंत चौधरी की जान?


केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी मिली है। पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक दो दिन पहले यानी 18 मार्च को एक अनजान नंबर से जयंत चौधरी को धमकी दी गई थी। अभी तक की जांच में पता चला है कि यह धमकी भरी कॉल पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से की गई थी। धमकी मिलने के तुरंत बाद मंत्री जयंत चौधरी की सुरक्षा की समीक्षा की गई। 

 

पुलिस ने जयंत चौधरी की सुरक्षा बढ़ा दी है। फोन करने वाले की पहचान मोहम्मद इस्माइल के तौर पर हुई है। उसे पकड़ने की कोशिश जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि धमकी के पीछे उसका मकसद क्या था।

 

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राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष व केंद्र सरकार में कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी को एक अनजान नंबर से 18 मार्च की सुबह 11 बजे एक धमकी भरा कॉल आया। आरोपी ने फोन कॉल में एमपी 5 जैसी बंदूक का जिक्र किया और केंद्रीय मंत्री को जान से मारने की धमकी दी। 

मैसेज और वॉइस नोट में भी धमकी

आरोपी ने कहा कि कुछ दस्तावेज भेजे हैं। क्या उन्होंने इन दस्तावेजों को देखा है? आरोपी ने फोन कॉल के अलावा मैसेज और वॉइस नोट में भी धमकी दी। आरोपी ने मैसेज में मंत्री के कार्यक्रम और स्थान की सूची भेजी। इसमें धमकी भरे संदेश लिखे थे। मंत्री को धमकी भरे कुछ वॉइस नोट्स भी मिले हैं। आरोपी ने यह भी कहा कि यह जानकारी ऊपर से भेजी गई है।

 

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तुगलक रोड थाने में दर्ज की गई शिकायत

मामले की गंभीरता को देखते हुए जयंत चौधरी ने तुरंत दिल्ली के तुगलक रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई। सबूत के तौर पर पुलिस को आरोपी की कॉल्स डिटेल्स, मैसेज और स्क्रीनशॉट सौंपे। शिकायत में यह भी बताया गया कि कुछ दिन से जयंत चौधरी के आवास के आसपास संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। अज्ञात व्यक्ति रेकी करने में जुटे हैं। कुछ दिन पहले ही आवास के पास एक सफेद रंग की गाड़ी खड़ी देखी गई थी। पुलिस का कहना है कि रेकी समेत अन्य पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है।

सेलेब्स डिजाइनर कपड़ों को पहनने के बाद उनका क्या करते हैं?


बॉलीवुड इंडस्ट्री की दुनिया चकाचौंध से भरी हुई होती है। सेलेब्स को उनके लग्जीरियस लाइफस्टाइल और स्टाइल स्टेटमेंट के लिए जाना जाता है। ज्यादातर लोग अपने चहेते सितारे को फैशन इंस्पीरेशन मानते हैं। हम अक्सर सेलिब्रिटीज को अलग-अलग आउटफिट में देखते हैं। वे लोग जिस तरह के कपड़े पहनते हैं। उसे अफोर्ड करना आम लोगों के लिए आसान बात नहीं है।  

 

स्टार्स को तैयार करने के लिए उनकी पूरी स्टाइलिंग टीम होती है जो उनके कपड़ों, बैग्स से लेकर जूलरी तक को मैच करती है। उसी हिसाब से उनका मेकअप होता है। हम सभी जानते हैं कि सेलेब्स अपने कपड़ों को रिपीट नहीं करते हैं।  क्या आपने सोचा हैं कि जब सेलेब्स इन कपड़ों को पहन लेते हैं तो उसके बाद इनका क्यों होता है?

 

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कपड़ों को आउसोर्स कराते हैं सेलेब्स

ज्यादातर लोगों को लगता है कि सेलेब्स इन कपड़ों को डिजाइनर्स से खरीदते हैं ताकि वे सबसे स्टाइलिश दिखें। भले ही वे इन कपड़ों को अफोर्ड कर सकते हैं। इसके बावजूद इन कपड़ों को खरीदते नहीं है। सेलेब्स की स्टाइलिंग टीम आउटफिट को सोर्स करती है। सोर्सिंग का मतलब है कि डिजाइनर किसी इवेंट या फंक्शन के लिए अपने कपड़ों को देता है। इससे डिजाइनर के कपड़ों की फ्री में पब्लिसिटी होती है। यह सोर्सिंग सिर्फ कपड़ों की ही नहीं होती है बल्कि इसके साथ जूलरी, बैग्स, फुटवेर और दूसरी एक्सेसरीज की भी होती है।

डिजाइनर्स देते हैं गिफ्ट

कई बार डिजाइनर्स अपने खुशी से सेलेब्स को कपड़े गिफ्ट करते हैं। इसके अलावा जब वह कुछ नया लॉन्च करते हैं तो भी सेलेब्स को अपना कलेक्शन गिफ्ट करते हैं। यह एक तरह की इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग है। मशहूर डिजाइर्स कपड़े को गिफ्ट करते हैं तो सेलेब्स से उनकी अच्छी दोस्ती भी होती है। कई बार सेलिब्रिटी को कपड़ा बहुत पसंद आता है तो वे उस कपड़े को खरीद लेते हैं।

 

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चैरिटी में बेचा जाता है

कई सेलेब्स के कॉस्ट्यूम को चैरिटी के काम के लिए ऑक्शन में रखा जाता है। इस ऑक्शन से जो पैसे आते हैं उसे दान में दिया जाता है। सलमान और शाहरुख जैसे अपने पहने हुए कपड़ों और जूतों को चैरिटी में कभी-कभी दान कर देते हैं। फिल्म ‘रोबोट’ में ऐश्वर्या और रजनीकांत के कॉस्ट्यून को भी ऑक्शन में बेचा गया था। इसके अलावा कपड़ों को रिडिजाइन करके भी इस्तेमाल किया जाता है। 

 

 

2 या 3 मार्च? जानिए होलिका दहन की सही तारीख और शुभ मुहुर्त


देशभर में होली की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। फाल्गुन पूर्णिमा के पावन अवसर पर मनाए जाने वाले इस त्योहार को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। परंपरा के अनुसार, होली दो दिनों का पर्व है, जिसमें पहले दिन शाम को लकड़ी और उपलों की मदद से होलिका जलाई जाती है और अगले दिन रंग-गुलाल के साथ खुशियां मनाई जाती हैं।

 

पंचांग के अनुसार, इस बार पूर्णिमा तिथि 2 मार्च की शाम से शुरू होकर 3 मार्च की शाम तक रहेगी। उदया तिथि की मान्यता को देखते हुए होलिका दहन का मुख्य कार्यक्रम 3 मार्च को संपन्न किया जाएगा, जिसके बाद अगले दिन 4 मार्च को धुलेंडी यानी रंगों वाली होली खेली जाएगी।

 

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होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

अगर आप भी इस साल होलिका पूजन की तैयारी कर रहे हैं, तो शुभ समय का ध्यान जरूर रखें।

  • तारीख: 3 मार्च 2026
  • पूजा का समय: शाम 06:22 बजे से रात 08:50 बजे तक।
  • भद्रा का समय: इस दिन भद्रा पूंछ रात 01:25 से 02:35 तक और भद्रा मुख देर रात 02:35 से सुबह 04:30 तक रहेगा।

क्यों जलाई जाती है होली?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन भक्त प्रह्लाद की अटूट श्रद्धा और भगवान विष्णु की कृपा की याद में मनाया जाता है। यह पर्व हमें सिखाता है कि बुराई कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, जीत हमेशा सच्चाई और अच्छाई की ही होती है।

 

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परंपरा और विधि

होलिका दहन के दिन लोग अपने घरों के पास लकड़ियां इकट्ठा करते हैं और शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित करते हैं। इस दौरान परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है। कई जगहों पर लोग इस पवित्र अग्नि में अपनी नई फसलों के अंश जैसे गेहूं की बालियां भी अर्पित करते हैं, जिसे बेहद शुभ माना जाता है।

 

नोट: इस खबर में लिखी गई बातें धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

‘अमेरिका को जंग में नहीं खींचा, ईरान से खत्म…’, नेतन्याहू की ट्रंप से ठन गई?


इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान की परमाणु क्षमता खत्म हो गई है। ईरान न तो परमाणु हथियार बना सकता है, न ही उसके पास अब बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता रह गई है। उन्होंने कहा है कि इजरायल ने अमेरिका को जंग में नहीं खींचा है, अमेरिका के अपने सामरिक हित हैं, जिनकी वजह से वह ईरान के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें सिर्फ अफवाह ही हैं। 

बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि 20 दिनों की जंग में ईरान के पास अब बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता नहीं बची है। अब ईरान, यूरेनियम संवर्धन पर काम नहीं कर पाएगा। उन्होंने शुक्रवार को यरुशलम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बातें कहीं हैं। उन्होंने कहा कि ईरान का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण खत्म हो रहा है। जंग अब अनुमान से पहले खत्म हो जाएगी। 

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बेंजामिन नेतन्याहू, प्रधानमंत्री, इजरायल:-
क्या किसी को सच में ऐसा लगता है कि मैं राष्ट्रपति ट्रंप से कहूंगा कि क्या करना है?

इजरायल ने बरसाए थे साउथ पर्स पर बम

बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने उनसे अनुरोध किया है कि अब ईरान के प्राकृतिक गैस ठिकानों पर वह हमले न करें। उन्होंने कहा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला करने का फैसला, इजरायल ने खुद लिया था। इजरायल ने ही वहां बम बरसाए थे। 

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बेंजामिन नेतन्याहू, प्रधानमंत्री, इजरायल:-
मैं देख रहा हूं कि यह जंग, लोगों के सोचने से पहले ही खत्म हो रही है। ईरान, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करके दुनिया को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा था। अब यह नहीं चलेगा।

‘दुनिया को ढूंढना चाहिए होर्मुज का विकल्प’

बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अब दुनिया को होर्मुज स्ट्रेट का विकल्प ढूंढना चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसे गतिरोध की आशंका न रहे। लाल सागर में बेहतर नियंत्रण की व्यवस्था करनी होगी। उनका इशारा था कि अरब सागर से पाइपलाइन बिछाकर तेल-गैस सप्लाई, इजरायल और भूमध्य सागर के बंदरगाहों तक पहुंचानी चाहिए।

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अमेरिकी सहयोग पर क्या बोले नेतन्याहू?

बेंजामिन नेतन्याहू, प्रधानमंत्री, इजरायल:-
‘राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के न्यूक्लियर खतरे के बारे में समझाने की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि ट्रंप खुद इसे अच्छी तरह समझते हैं। हम दोनों नेताओं के बीच इतना बेहतरीन समन्वय पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप लीडर हैं और मैं उनका सहयोगी हूं।’


‘ईरान नहीं बना सकेगा अब बैलिस्टिक मिसाइल’

बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, ‘ईरान के पास बैलिस्टिक मिसाइल बनाने या यूरेनियम संवर्धन करने की कोई क्षमता नहीं बची है।’ उन्होंने इशारा किया कि अब यह जंग, खत्म होने के करीब है। ईरान के पास और लड़ने की ताकत नहीं बची है।

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अमेरिका को जंग में नहीं खींचा, यह सफाई क्यों दे रहे नेतन्याहू?

अमेरिका में ही अब एक धड़ा ऐसा है, जो कह रहा है कि यह जंग, इजरायल के कहने पर अमेरिका लड़ रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि डोनाल्ड ट्रंप, अब बेंजामिन नेतन्याहू के इशारे पर काम कर रहे हैं और ईरान के खिलाफ जंग में झोंक रहे हैं। नेतन्याहू ने ऐसी खबरों को अफवाह बताया है।
 

बारिश, ओले और तेज हवाएं, अगले 24 घंटों में भी राहत नहीं, कब तक रहेगा ऐसा मौसम?


देशभर में मौसम की गतिविधियां जारी हैं। उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में बादल छाए हुए हैं और कई जगहों पर तो तेज हवाओं के साथ-साथ बारिश और ओले ने लोगों की समस्या को बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक अभी मौसम इसी प्रकार का रह सकता है। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में  तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तो मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी जारी रहेगी। 

 

देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में मार्च की शुरुआत में तेजी से तापमान में बढ़ोतरी हुई थी लेकिन अब फिर से सर्दी की एंट्री हो चुकी है। पिछले 3 दिनों से बादल छाए हुए हैं और छिटपुट बारिश भी हो रही है। इसके साथ ही तेज हवाएं भी चल रही हैं, जिससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कमी आई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए गरज-चमक के साथ मौसमी गतिविधियां होने का येलो अलर्ट घोषित किया है। इसके साथ ही ओले गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। बारिश और तेज हवाओं के कारण दिल्ली वालों को वायु प्रदूषण से राहत मिलती नजर आ रही है। 

 

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यूपी-बिहार का मौसम

दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश में भी मौसम की गतिविधियां जारी हैं।  बादलों की आवाजाही और तेज हवाओं के साथ गिरी बौछारों से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कई डिग्री सेल्सियस की कमी आई और लोगों को गर्मी के बजाय सर्दी का एहसास हो रहा है। मौसम विभाग ने  मेरठ, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूं, संभल, हापुड़, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, बुलंदशहर, आगरा, मथुरा, हाथरस, कासगंज, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, कन्नौज, औरैया और कानपुर में अगले कुछ घंटों तक बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान ओले गिरने का भी अलर्ट है, जिससे किसानों को परेशानी हो सकती है। 

 

मौसम विभाग ने बिहार में भी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार,  मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया और बांका में आंधी-बारिश और ओेले गिरने की संभावना है। लगातार जारी मौसम की गतिविधियों के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ घंटों में भी तापमान सामान्य से कम रहेगा। 

पंजाब, हरियाणा और राजस्थान का मौसम

पंजाब और हरियाणा में लगातार मौसम की गतिविधियां जारी हैं और इस बेमौसम बारिश से किसान  परेशान हैं। कई जगहों पर तो ओले गिरने से किसानों की फसलों को नुकसान हो गया है। फसलों की कटाई के सीजन में इस बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गेंहूं समेत कई अन्य फसलें खराब हो गई हैं। बारिश और तेज हवाओं के कारण न्यूनतम तापामान में गिरावट दर्ज की गई है। अगले कुछ घंटों में भी हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। 

 

वहीं, राजस्थान की बात करें तो राजस्थान में भी पिछले 72 घंटों से मौसम की गतिविधां जारी हैं। राज्य के कई जिलों पश्चिमी विक्षोभ के असर से आंधी के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार,  अगले 24 घंटे के दौरान भरतपुर, जयपुर संभाग के कुछ भागों में हल्ली बारिश हो सकती है।

 

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अन्य राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले हिस्सों पर पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल रहा है। इन राज्यों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5 दिन तक तीनों राज्यों के पर्वतीय भागों पर मौसमी गतिविधियां जारी रहेंगी। हालांकि, मैदानी इलाकों में आंशिक प्रभाव ही रहेगा और किसी बड़े मौसमी उलटफेर की गुंजाइश नहीं है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत में भी अगले 24 घंटों के दौरान बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ जिलों में भी मौसम विभाग ने आंधी-बारिश का अलर्ट घोषित है।

गिनती के कपड़ों में भी दिखें स्टाइलिश, आखिर क्या है कैप्सूल वार्डरोब?

आज के समय में फैशन का मतलब अपनी अलमारी को कपड़ों से भरना नहीं है। अब असली स्टाइल का मतलब है, कुछ गिने-चुने अच्छे कपड़े रखना और उन्हें अलग-अलग तरीके से पहनना। इसी को आज के समय में ‘कैप्सूल वार्डरोब’ कहा जाता है। यह उन लोगों के लिए सबसे अच्छा है जो हर सुबह इस बात से परेशान रहते हैं कि ‘आज क्या पहनूं?’ असल में यह कपड़ों को कम करना नहीं है, बल्कि समझदारी से कपड़े चुनना है। जब आप अपनी अलमारी से फालतू कपड़ों की भीड़ हटा देते हैं तो आपका लुक और भी साफ और सुंदर दिखने लगता है।

 

गर्मियों के इस मौसम में अब लोग भारी और पसीना सोखने वाले कपड़ों से दूर भाग रहे हैं। अब लोग ऐसे कपड़े पसंद कर रहे हैं जो हवादार हों और पहनने में हल्के लगें। कैप्सूल फैशन का मूल मंत्र ऐसे कपड़ों का कलेक्शन बनाना है जो कभी पुराने नहीं होते और सालों-साल चलते हैं। यह सिर्फ दिखने के लिए नहीं है, बल्कि हमारे पर्यावरण के लिए भी अच्छा है। जब हम कम लेकिन अच्छी क्वालिटी के कपड़े खरीदते हैं, तो हम उन खराब कपड़ों को बढ़ावा देना बंद कर देते हैं जो प्रदूषण फैलाते हैं। 

 

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गर्मियों में क्यों बढ़ रहा है यह ट्रेंड?

गर्मियों में कैप्सूल वार्डरोब का ट्रेंड इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि कोई भी इस चिपचिपाहट वाली गर्मी में भारी कपड़े नहीं पहनना चाहता। लोग अब आराम को सबसे ऊपर रखते हैं। इस ट्रेंड में कपड़ों के प्रकार कुछ इस तरह के होते हैं।

 

लिनेन और कॉटन की शर्ट्स: ये कपड़े पसीना सोखते हैं और शरीर को ठंडा रखते हैं।

 

हल्के रंगों के कपड़े: सफेद, क्रिम, और हल्के नीले रंग के कपड़े गर्मी को कम सोखते हैं और देखने में भी बहुत कूल लगते हैं।

 

लूज फिटिंग वाले कपड़े: बहुत ज्यादा टाइट कपड़ों की जगह अब लोग थोड़े खुले और आरामदायक कपड़े पहनना पसंद कर रहे हैं। 

 

मल्टी-परपज कपड़े: ऐसे कपड़े जिन्हें आप ऑफिस भी पहन सकें और शाम को घूमने जाते समय भी।

 

ग्लोबल फैशन रिपोर्ट्स की रिपोर्ट

फैशन की दुनिया में आ रहे इस बदलाव को न केवल लोग पंसद कर रहे हैं, बल्कि बड़े आकड़े भी इसकी गवाही दे रहे हैं। Global Fashion Outlook 2026 की नई रिपोर्ट बताती है कि अब बहुत सारे कपड़े खरीदने के बजाय अच्छी क्वालिटी के कपड़ों पर भरोसा कर रहे हैं। इस साल मिनिमल फैशन और कैप्सूल वार्डरोब की मांग में 44 प्रतिशत की बड़ी बढ़त देखी गई है।

 

वहीं दुनिया की बड़ी फैशन संस्था WGSN की रिपोर्ट कहती है कि ‘फ्यूचर मिनिमलिज्म’ इस साल की सबसे बड़ी थीम है। लोग अब बहुत ज्यादा चमक-धमक वाले रंगों के बजाय हल्के और शांत रंगों को ज्यादा पंसद कर रहे हैं। Data Insights Market Report का अंदाजा है कि कैप्सूल वार्डरोब का कारोबार इस साल के आखिर तक 4.12 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा, जिससे साफ है कि यह ट्रेंड अब एक बहुत बड़ी इंडस्ट्री बन चुका है।

 

मिक्स एंड मैच स्टाइलिंग का जादू

एक परफेक्ट मिनिमल वार्डरोब बनाना एक कला है। इसमें आपको बहुत ज्यादा खरीदी नहीं करनी होती, बस सही चाजों को चुनना होता है। जैसे एक अच्छी सफेद टी-शर्ट आपकी नीली जींस के साथ भी चलेगी और काली पैंट के साथ भी। इसी को ‘मिक्स एंड मैच’ कहते हैं। इस स्टाइल का असली जादू यही है कि आप कम कपड़ों में भी हर दिन एक नया लुक पा सकते हैं। एक शर्ट को आप सुबह ऑफिस में फॉर्मल तरीके से पहन सकते हैं और उसी शर्ट के बटन खोलकर नीचे एक टी-शर्ट पहनकर शाम को दोस्तों के साथ कूल में जा सकते हैं। 

 

 

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कम कपड़ों में समय और पैसे की बड़ी बचत

मिनिमल वार्डरोब रखने से आपको रोज-रोज कपड़े चुनने का सिरदर्द नहीं होता। जब आपकी अलमारी में वहीं कपड़े होते हैं जो आपको पंसद हैं और जो आप पर अच्छे लगते हैं, तो तैयार होना बहुत आसान हो जाता है। इससे आपके पैसे भी बचते है और समय भी। साल 2026 का यह दौर हमें सिखाता है कि अलसी स्टाइल कपड़ों की गिनती में नहीं, बल्कि उन्हें पहनने के सही तरीके में छिपा है। 

सोमवार को बन रहा है खास संयोग, जानें आपकी राशि के लिए क्या लेकर आया है आज का दिन


ज्योतिषीय और अंक ज्योतिष की दृष्टि से आज का दिन बेहद खास है। सोमवार होने के साथ-साथ आज का मूलांक भी 2 है, जिसका स्वामी खुद चंद्रमा है। यह संयोग मानसिक शांति, रचनात्मकता और भावनाओं की गहराई को बढ़ाने वाला है। चूंकि चंद्रमा आज सिंह राशि में विराजमान हैं, इसलिए आज लिए गए साहसी निर्णय और नेतृत्व क्षमता आपको सफलता की नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती है।

 

विशेषज्ञों के अनुसार, आज का दिन उन लोगों के लिए बहुत शुभ है जो नए प्रोजेक्ट शुरू करना चाहते हैं या अपने आपसी संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। सकारात्मक ऊर्जा आज आपकी समझ को मजबूत करेगा, जिससे सही फैसले लेने में मदद मिलेगी। आइए जानते हैं आपकी राशि के लिए आज के खास संकेत।

 

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मेष राशि

आज आप जोश से भरे रहेंगे। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है जो आपके करियर के लिए अच्छा रहेगा।

क्या करें: नई शुरुआत करें और दोस्तों की सलाह लें।

क्या न करें: गुस्से में किसी से बहस न करें।

वृषभ राशि

पैसों के मामले में दिन अच्छा है। पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है और परिवार में खुशियां आएंगी।

क्या करें: बजट प्लान करें और घूमने का प्रोग्राम बनाएं।

क्या न करें: फिजूलखर्ची और पुरानी बातों पर झगड़ा न करें।

मिथुन राशि

आपकी बातचीत का तरीका आज लोगों को प्रभावित करेगा। करियर में आगे बढ़ने के नए मौके मिलेंगे।

क्या करें: जरूरी मीटिंग्स में हिस्सा लें और कुछ नया सीखें।

क्या न करें: सुनी-सुनाई बातों या अफवाहों पर ध्यान न दें।

कर्क राशि

आज आप मन से काफी मजबूत महसूस करेंगे। घर-परिवार की समस्याओं का समाधान आसानी से निकल जाएगा।

क्या करें: पुराने दोस्तों से मिलें और ध्यान करें।

क्या न करें: भावुक होकर कोई बड़ा फैसला न लें।

सिंह राशि

समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। करियर को लेकर अच्छे संकेत मिल रहे हैं और आपका कॉन्फिडेंस बढ़ा रहेगा।

क्या करें: लीडर की भूमिका निभाएं और क्रिएटिव काम करें।

क्या न करें: अपना अहंकार दूसरों पर न थोपें।

 

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कन्या राशि

कामकाज में सुधार होगा और आपकी मेहनत रंग लाएगी। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा।

क्या करें: बारीकी से प्लानिंग करें और सहकर्मियों का साथ दें।

क्या न करें: हर काम में कमियां न निकालें।

तुला राशि

रिश्तों में तालमेल बढ़ेगा और पार्टनर के साथ समय अच्छा बीतेगा। कलात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।

क्या करें: सामाजिक आयोजनों में जाएं और टीम वर्क पर ध्यान दें।

क्या न करें: दूसरों को खुश करने के लिए खुद को परेशान न करें।

वृश्चिक राशि

चुनौतियों का सामना मजबूती से करेंगे। कुछ छिपे हुए अच्छे अवसर आज आपके सामने आ सकते हैं।

क्या करें: रिसर्च वाले काम करें और अपनी पर्सनैलिटी पर ध्यान दें।

क्या न करें: किसी पर शक न करें और अपनी गुप्त बातें साझा न करें।

धनु राशि

ज्ञान बढ़ाने और लंबी यात्रा के लिए दिन बेहतरीन है। भाग्य आपके साहसी फैसलों का साथ देगा।

क्या करें: नई जगह की यात्रा करें और हमेशा पॉजिटिव रहें।

क्या न करें: बिना सोचे-समझे जोखिम न लें।

मकर राशि

करियर में स्थिरता आएगी और पुराने किए गए कामों का फल मिलेगा। निवेश के लिए भी समय सही है।

क्या करें: फ्यूचर प्लानिंग करें और अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभाएं।

क्या न करें: काम के चक्कर में अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें।

कुंभ राशि

नए आइडियाज पर काम करने और दोस्तों के साथ मिलकर कुछ बड़ा करने का दिन है।

क्या करें: ग्रुप एक्टिविटीज में जुड़ें और दूसरों की मदद करें।

क्या न करें: अकेलेपन में न रहें और कायदे-कानून न तोड़ें।

मीन राशि

आपकी कल्पना शक्ति आज बहुत तेज रहेगी। क्रिएटिव और आध्यात्मिक कार्यों से मन को शांति मिलेगी।

क्या करें: मेडिटेशन करें और जरूरतमंदों की सहायता करें।

क्या न करें: हकीकत से दूर सपनों की दुनिया में न खोएं।

 

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

‘बुरे लोगों को मारने के लिए…’, अमेरिका ने मांगी 200 बिलियन डॉलर की फंडिंग


ईरान के साथ में पश्चिम एशिया में जारी जंग तेज हो गई है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हमले तेज हो गए हैं। ताजा मामले में इजरायल ने ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला बोला तो ईरान ने कतर के सबसे बड़े LPG इंफ्रास्ट्रक्चर और रिफाइनरी को हमले में भारी नुकसान पहुंचाया। इस बीच अमेरिका की आर्मी पेंटागन ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध के लिए 200 बिलियन डॉलर की बड़ी फंडिंग की मांग की है। 

 

इससे पहले अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गुरुवार को कहा था कि ‘बुरे लोगों को मारने के लिए पैसे लगते हैं।’ रक्षा मंत्री के इस बयान के बाद ही पेंटागन ने यह मदद मांगी। वहीं, इजरायल ने ईरान के ऊपर हमले तेज कर दिए हैं। उसने ने गुरुवार को कैस्पियन सागर में ईरान की नेवी को निशाना बनाया।

पेंटागन ने संसद से मांगी मदद

ईरान के साथ चल रहे बीच युद्ध का फिलहाल कोई अंत नजर नहीं आ रहा है, इसलिए पेंटागन ने कांग्रेस से 200 बिलियन डॉलर की फंडिंग मांगी है। AP की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसके लिए व्हाइट हाउस को एक पत्र भेजा गया है। डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने भी कहा है कि पेंटागन ने फंडिंग के लिए अप्लाई किया है।

 

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होर्मुज स्ट्रेट खोलने की कोशिश

इस बीच, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और जापान समेत छह देशों ने कहा है कि वे होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता पक्का करने की कोशिशों में अमेरिका की मदद करेंगे। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग तब और बढ़ गई जब इजरायल ने ईरान में साउथ पारस गैस फील्ड पर हमला कर दिया। इस हमले के बाद ईरान ने सऊदी अरब, UAE, कतर और कुवैत में एनर्जी साइट्स को निशाना बनाकर जवाबी हमले किए।

ईरान में सैनिक नहीं भेजेंगे- ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वह युद्ध क्षेत्र में अमेरिकी सैनिक नहीं भेजेंगे। ट्रंप का यह जवाब ऐसे समय में आया है जब ईरान के साथ युद्ध बढ़ता जा रहा है। हालांकि, ट्रंप अपने बयानों को लगातार बदल भी रहे हैं।

 

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होर्मुज में रास्ते में मदद करेंगे कई देश

ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और नीदरलैंड्स ने गुरुवार को कहा कि वे सभी मिलकर होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता पक्का करने के लिए सही कोशिशों में मदद करने के लिए तैयार हैं। छह पश्चिमी सहयोगी देशों के एक साझा बयान में कहा गया, ‘हम उन देशों की प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं जो तैयारी की प्लानिंग में लगे हुए हैं।’

 

बता दें कि ईरान अपने कब्जे वाले होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल इस युद्ध में एक हथियार की तरह कर रहा है, जिसका असर दर्जनों देशों पर पड़ रहा है। इसी की वजह से भारत-पाकिस्तान समेत कई देशों में गैस और तेल की कमी देखी जा रही है।

रेमंड ग्रुप के MD गौतम सिंघानिया मालदीव में हादसे में घायल, 4 भारतीय लापता


रेमंड ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम सिंघानिया शुक्रवार को एक हादसे में घायल हो गए। उनके ऑफिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, गौतम सिंघानिया मालदीव में स्पीडबोट पलटने से घायल हुए। इस हादसे के बाद उन्हें इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया है, जहां वे फिलहाल डॉक्टरों की देखरेख में हैं। उनकी कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि इस हादसे में गौतम सिंघानिया को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत स्थिर है। 

 

रिपोर्ट्स के अनुसार, मालदीव में उनके साथ बोच पर भारत के दिग्गज रैली ड्राइवर हरि सिंह और उनके एक अन्य दोस्त भी सवार थे। वह दोनों अभी भी लापता हैं। मालदीव के स्थानीय प्रशासन के अनुसार, लंबे समय से उनकी तलाश जारी है और ज्यादा समय बीत जाने के कारण उनकी जान को भी खतरा हो सकता है। हालांकि, अभी रेस्कयू ऑपरेशन जारी है। 

 

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कुल 7 लोग थे सवार

यह घटना शुक्रवार सुबह मालदीव के वी फेलिधू इलाके के पास हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, हादसा तट से करीब 2 नॉटिकल मील दूर हुआ। जब पर्यटकों को लेकर जा रही स्पीडबोट अचानक समुद्र में पलट गई। बोट में कुल 7 लोग सवार थे, जिनमें 5 भारत के नागरिक, एक ब्रिटेन और एक रूसी नागरिक शामिल थे। जहां पर नाव उलटी, वहां रेस्क्यू टीम पहले ही पहुंच चुकी है।

 

अधिकारियों ने घटना की जानकारी मिलने पर तुरंत बाद रेस्कयू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। उनकी कोशिश है कि लापता व्यक्तियों को जल्दी से जल्दी ढूंढा जा सके। हालांकि, अब समय ज्यादा बीत जाने के कारण लापता लोगों की जान को खतरा बताया जा रहा है। 

गौतम सिंघानिया का इलाज जारी

इस हादसे के तुरंत बाद रेमंड ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम सिंघानिया को एयर लिफ्ट कर मुंबई लाया गया। रेमंड ग्रुप के प्रवक्ता ने इस हादसे के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि गौतम सिंघानिया को इस हादसे में कुछ मामूली चोटें आईं हैं और मुंबई के अस्पताल में उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, गौतम सिंघानिया की हालत स्थिर है और उनका इलाज जारी है। उनकी हेल्थ को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है। 

 

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एडवेंचर के शौकीन हैं सिंघानिया

गौतम सिंघानिया एंडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीन हैं। उनके साथ बोट पर सवार हरि सिंह भी एंडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीन हैं और वह 5 बार नेशनल रैली चैंपियन रह चुके हैं। गौतम सिंघानिया भी खुद एक प्रोफेशनल रेसर हैं। हरि सिंह को देश के सबसे सफल रैली ड्राइवरों में गिना जाता है। हरि सिंह, गौतम सिंघानिया के भी बेहद करीबी दोस्त और उनके मोटरस्पोर्ट्स से जुड़े प्रोजेक्ट्स में सलाहकार रहे हैं।

रोजाना की ये पांच गलत आदतें बढ़ा सकती हैं ब्रेस्ट कैंसर का खतरा, जानिए कैसे?

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी सुख सुविधाओं और काम के पीछे इतने पागल हो गए हैं कि अपने शरीर में होने वाले छोटे बदलावों और अपनी आदतों पर गौर करना ही छोड़ दिया है। ज्यादातर महिलाएं अपने परिवार की देखभाल में इतनी व्यस्त रहती हैं कि उन्हें अपनी सेहत का ख्याल ही नहीं रहता और इसी लापरवाही का फायदा उठाकर कैंसर जैसी बीमारियां शरीर में घर कर लेती हैं।

 

हाल के कुछ वर्षों में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले बहुत तेजी से बढ़े हैं और इसका सबसे बड़ा कारण हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली और खान-पान में आए बदलाव हैं। हम अनजाने में रोज ऐसी कई चीजें करते हैं जो हमारे शरीर के हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ देती हैं और धीरे-धीरे कैंसर कोशिकाओं को पनपने में मदद करती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हम अपनी छोटी-छोटी आदतों को सुधार लें और कुछ हानिकारक चीजों से दूरी बना लें तो इस जानलेवा बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

 

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1.प्लास्टिक के बर्तनों में खाना-पीना

आजकल हर घर की रसोई में प्लास्टिक के डिब्बों का बोलबाला है और हम अक्सर इनमें गर्म खाना रखते हैं या प्लास्टिक की बोतलों से पानी पीते हैं। जब गर्म भोजन प्लास्टिक के संपर्क में आता है तो उसमें से बीपीए जैसे खतरनाक रसायन निकलकर हमारे खाने में मिल जाते हैं। ये रसायन हमारे शरीर के प्राकृतिक हार्मोन्स को पूरी तरह असंतुलित कर देते हैं जिससे कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। सेहतमंद रहने के लिए कांच या मिट्टी और स्टील के बर्तनों का अधिक उपयोग करना चाहिए।

 

2.प्रोसेस्ड फूड ज्यादा चीनी का सेवन

बाजार में मिलने वाले पैकेट बंद खाने और रेडी-टू-ईट भोजन में बहुत ज्यादा प्रिजर्वेटिव्स और नमक का इस्तेमाल होता है। इसके साथ ही कोल्ड ड्रिंक और मीठी चीजों का अधिक सेवन शरीर में इंसुलिन के स्तर को बहुत बढ़ा देता है। यह बढ़ा हुआ इंसुलिन शरीर के टिश्यू को नुकसान पहुंचाता है और कैंसर सेल्स को तेजी से बढ़ने के लिए जलाने का काम करता है। घर का बना ताजा खाना और ताजे फल ही शरीर को इस खतरे से बचा सकते हैं।

3. एक्सरसाइज की कमी और बढ़ता वजन

घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना और बिल्कुल भी पैदल न चलना शरीर में चर्बी को तेजी से जमा करता है। शरीर में मौजूद यह अतिरिक्त चर्बी एस्ट्रोजन नाम के हार्मोन को बहुत ज्यादा पैदा करने लगती है जो सीधे तौर पर स्तन के टिश्यू को प्रभावित करता है। जिन महिलाओं का वजन अचानक तेज़ी से बढ़ता है उनमें कैंसर होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। रोजाना कम से कम आधा घंटा पसीना बहाने वाली एक्सरसाइज या तेज चलना इस जोखिम को कम करने में बहुत कारगर है।

 

4. रात को मोबाइल का इस्तेमाल

रात के समय देर तक जागना और मोबाइल की नीली रोशनी के संपर्क में रहना शरीर के नेचुरल क्लॉक को खराब कर देता है। हमारे शरीर में अंधेरे के समय मेलाटोनिन नाम का एक खास हार्मोन बनता है जो कैंसर से लड़ने की ताकत देता है। मोबाइल की आर्टिफिशियल रोशनी इस हार्मेन को बनने से रोक देती है जिससे शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। हर रात कम से कम सात से आठ घंटे की गहरी और शांत नींद लेना बेहद जरूरी है।

 

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5. शरीर की खुद से जांच करने में आलस करना

ब्रेस्ट कैंसर होने का सबसे बड़ा कारण यह भी है कि लोग शुरुआती लक्षणों को पहचान नहीं पाते और डॉक्टर के पास तब जाते हैं जब बीमारी बहुत बढ़ जाती है। महीने में एक बार खुद से शरीर की जांच करना और किसी भी तरह की गांठ या असामान्य सूजन पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। यदि समय रहते किसी भी छोटे बदलाव को पकड़ लिया जाए तो सही डॉक्टरी सलाह और इलाज से इस बीमारी को पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है।