Home Blog Page 47

चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें? यहां समझिए तरीका


उत्तराखंड के लिए चार धाम की यात्रा शुरू हो गई है। दर्शन की इच्छा रखने वाले भक्त अब रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। साल 2026 की चार धाम यात्रा के लिए राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अनिवार्य की है। उनकी सुरक्षा तय करने के लिए इस बार कड़े इंतजाम किए गए हैं। अगर आप भी केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की इस पवित्र तीर्थयात्रा पर जाने का विचार कर रहे हैं, तो अब आप अपनी योजना को अंतिम रूप दे सकते हैं। 

 

उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस साल की यात्रा के लिए हर एक श्रद्धालु को अपना रजिस्ट्रेशन  कराना जरूरी होगा। इसके बिना यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। रजिस्ट्रेशन की यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि प्रशासन को यह जानकारी रहे कि किस समय कितने लोग धामों में मौजूद हैं। जिससे किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके।

 

भक्त सरकार के अधिकारिक वेब पोर्टल पर जाकर या विभाग की मोबाइल ऐप डाउनलोड करके अपना खाता बना सकते हैं। इसमें नाम, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र जैसी सामान्य जानकारी भरनी होगी। ऑनलाइन फॉर्म जमा करने के बाद एक कन्फर्मेशन स्लिप मिलेगी, जिसे पूरी यात्रा के दौरान अपने साथ रखना आवश्यक है।

 

यह भी पढ़ें: बांग्लादेश का जादुई सफर, 10 ऐसी जगहें जिन्हें आप कभी भूल नहीं पाएंगे

जानें किस तारीख को खुलेंगे चारों मंदिरों के द्वार

इस साल चार धाम यात्रा का शुरुआत 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर होने जा रहा है। परंपरा के अनुसार इसी दिन सबसे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके बाद बाबा केदारनाथ के दर्शन 22 अप्रैल से शुरू होंगे और अंत में 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इन तारीखों की घोषणा होने के साथ ही उत्तराखंड के इन पहाड़ी क्षेत्रों में रौनक बढ़ती शुरू हो गई है और स्थानीय प्रशासन ने रास्तों की मरम्मत और सफाई का काम तेज कर दिया है।

 

यह भी पढ़ें: 10 राज्यों का स्वाद सिर्फ दिल्ली में मिलेगा, क्यों मशहूर हैं राज्यों के भवन?

हेलीकॉप्टर की सुविधा और यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी

जो श्रद्धालु शारीरिक कठिनाइयों या स्वास्थय कारणों से केदारनाथ की चढ़ाई पैदल पूरी नहीं कर सकते, उनके लिए सरकार ने हेलीकॉप्टर सेवा का उचित प्रबंध किया है। हालांकि हेलीकॉप्टर की बुकिंग यात्रा शुरू होने के कुछ दिन पहले ही शुरू की जाएगी जिसके लिए अलग से ऑनलाइन स्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे। फिलहाल यात्रा का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से निशुल्क रखा गया है। इसके अलावा, जो लोग ऑनलाइन माध्यम का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। उनके लिए हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून जैसे मुख्य केंद्रों पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन काउंटर भी स्थापित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे मौसम के मिजाज को देखते हुए गर्म कपड़े और अपनी जरूरी दवाइयां साथ रखें। 

एक त्योहार, कई अंदाज, देश के अलग-अलग राज्यों में होली की खास परंपराएं


भारत त्योहारों का देश है, जहां हर पर्व केवल एक उत्सव नहीं बल्कि संस्कृति, परंपरा और भावनाओं का संगम है। इन्हीं त्योहारों में होली एक ऐसा पर्व है जो रंग और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। यह सिर्फ रंगों से खेलने का दिन नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, एकता का प्रतीक है।होली के दिन लोग एक-दूसरे पर रंग लगाते  हैं। होली पूरे देश में मनाई जाती है लेकिन इस पर्व को मनाने का तरीका और पर्व का नाम हर राज्य में अलग होता है। बंगाल से लेकर उत्तर प्रदेश तक अलग-अलग अंदाज में होली मनाई जाती है।

 

होली पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है लेकिन हर राज्य में इसे मनाने का तरीका, परंपराएं और रस्में अलग-अलग हैं। कहीं फूलों से होली खेली जाती है, तो कहीं लट्ठमार अंदाज में, कहीं भजन-कीर्तन होते हैं, तो कहीं लोक गीत और विशेष रीति-रिवाजों के साथ यह पर्व मनाया जाता है। जैसे बिहार में होली को फगुआ कहा जाता है और वहां अलग अंदाज में होली मनाई जाती है। इसी प्रकार देश के अलग-अलग राज्यों में अलग तरीके और परंपराओं से होली मनाई जाती है। हालांकि त्योहार मनाने का भाव एक ही होता है, सिर्फ मनाने का तरीका अलग होता है। अब सवाल उठता है कि भारत के अलग-अलग राज्यों में किस तरह होली मनाई जाती है

 

यह भी पढ़ें: जिस माउंट आबू को पर्यटन के लिए जानते हैं लोग, उसका पौराणिक महत्व पता है?

 

बंगाल की डोल जात्रा


पश्चिम बंगाल में होली को डोल जात्रा के रूप में मनाया जाता है। डोल यात्रा में लोग भगवान श्रीकृष्ण और राधा की प्रतिमाओं को सजाते हैं, जिसके बाद उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। साथ ही राधा-श्याम भगवान को कई प्रकार की मिठाइयां चढ़ाई जाती हैं। फिर घर, आस-पड़ोस और रिश्तेदार मिलकर भजन-कीर्तन करते हैं। इस दिन लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाते हैं, जो प्रेम और एकता का प्रतीक है। साथ ही नाचते-गाते हुए भगवान की याद करते हैं।

 

आंध्र प्रदेश की मेदुरु होली

 

आंध्र प्रदेश में होली को मेदुरु होली कहा जाता है। यहां होली का जश्न दस दिनों तक मनाया जाता है। लोग एक-दूसरे पर रंग और गुलाल लगाते हैं। होली के दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही यहां कोलातम नाम का  लोकगीत गाए जाते हैं।

 

यह भी पढ़ें: ज्योतिर्मठ: जिस मठ के शंकराचार्य हैं अविमुक्तेश्वरानंद, वहां होता क्या है?

 

केरल की मंजल कुली होली

 

यह होली मुख्य रूप से केरल के कोंकणी और कुदुम्बी समुदाय के लोग मनाते हैं। यहां होली के दिन रंगों और गुलाल से होली नहीं खेली जाती, बल्कि हल्दी का पानी या हल्दी का पेस्ट एक-दूसरे पर लगाकर होली मनाई जाती है। हल्दी एक-दूसरे पर लगाकर शरीर और मन को शुद्ध किया जाता है, जिसे कई बार हल्दी स्नान भी कहा जाता है। संस्कृत में मंजल का अर्थ हल्दी और कुली का मतलब स्नान होता है। इसलिए केरल में होली को मंजल कुली होली कहा जाता है।

 

गोवा की शिमगो होली

 

गोवा में होली को शिमगो होली कहा जाता है। यहां होली का जश्न होलिका दहन के पांच दिन बाद तक मनाया जाता है। यह त्योहार खास तौर पर यहां के मछुआरे समुदाय द्वारा मनाया जाता है। ढेर सारे रंग, पकवान और नाच-गाने के जरिए होली का त्योहार हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

 

यह भी पढ़ें: खाटू श्याम का लक्खी मेला शुरू, मान्यता से महत्व तक, पढ़ें हर सवाल का जवाब

 

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की रंग पंचमी

 

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में होली को रंग पंचमी के रूप में मनाया जाता है। यहां होलिका दहन के बाद पांच दिनों तक होली का उत्सव चलता है। इन पांच दिनों में देवी-देवताओं की विशेष पूजा की जाती है। रंग पंचमी के बारे में कहा जाता है कि पहले के समय में होली कई दिनों तक मनाई जाती थी और रंग पंचमी के साथ इसकी समाप्ति मानी जाती थी। इसके बाद कोई होली नहीं खेलता था, इसलिए इसे रंग पंचमी कहा जाता है।

 

पंजाब का होला मोहल्ला

 

पंजाब में होली का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। होला मोहल्ला खास तौर पर सिख धर्म के लोग मनाते हैं। यह उत्सव लगातार तीन दिनों तक चलता है। लोग पहले गुरुद्वारे में भजन-कीर्तन करते हैं। यहां एक योद्धा शैली की होली मनाई जाती है, जिसमें लोग मार्शल आर्ट का प्रदर्शन करते हैं। होली के दिन रंग और अबीर भी एक-दूसरे पर डाले जाते हैं।

 

यह भी पढ़ें: 18 या 19 फरवरी, कब शुरू होगा 2026 का रमजान महीना?

 

बिहार की फगुआ होली

 

बिहार में होली को फगुआ होली कहा जाता है। यहां होली के दिन फागुन महीने के गीत गाए जाते हैं। एक-दूसरे पर पानी वाले रंग और गुलाल लगाए जाते हैं। यहां होली का उत्सव बसंत पंचमी से शुरू होकर होली के दिन तक चलता है। होली के दिन सुबह रंगों से खेला जाता है, फिर शाम होते ही लोग नए कपड़े पहनकर दोस्त और रिश्तेदारों के घर जाते हैं। वहां मिठाइयां खिलाई जाती हैं और गुलाल लगाकर बधाई दी जाती है।

 

उत्तराखंड की कुमाऊंनी होली

 

उत्तराखंड में होली कुछ अलग अंदाज में मनाई जाती है। यहां होली केवल रंगों से नहीं, बल्कि अभिनय, नृत्य और गीतों के माध्यम से मनाई जाती है। होली के दिन लोग अपनी संस्कृति के पारंपरिक कपड़े पहनते हैं और सब मिलकर रंग लगाते हैं।

 

यह भी पढ़ें: देवी पार्वती को क्यों लेना पड़ा अन्नपूर्णा अवतार? कहानी वाराणसी की नगर देवी की

 

उत्तर प्रदेश की लट्ठमार होली


उत्तर प्रदेश की लट्ठमार होली पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। यह होली बरसाना में मनाई जाती है, जहां बरसाने की महिलाएं प्रतीकात्मक रूप से पुरुषों पर लाठियां बरसाती हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में फूलों वाली होली भी मनाई जाती है, जहां रंगों की बजाय एक-दूसरे पर फूल डाले जाते हैं। इस तरह एक ही त्योहार होने के बावजूद देश केअलग राज्यों में होली अलग 

अंदाज में मनाई जाती है, लेकिन इसका मूल भाव प्रेम, एकता और उल्लास ही है।

दो भारतीय ने गुटखा खाकर सड़क पर बना दी ‘रंगोली’, 3 लाख रुपये का लगा जुर्माना


भारत में पान खाने वाले कहीं पर भी थूक देते हैं। 500 से 1000 रुपये तक जुर्माने की बात लिखी होती है। भला इसका ख्याल कौन रखता है। अस्पताल, स्टेशन, सरकारी दफ्तरों तक के कोने लाल पड़े होते हैं। जहां लिखा होता है कि ‘यहां थूकना मना है’, सबसे ज्यादा वही पर ही थूका जाता है। मगर लंदन जैसे शहर में गुटखा खाकर थूकना दो भारतीयों को बेहद महंगा पड़ गया। 

 

यहां के किंग्सबरी स्टेशन के बाहर पान थूकने पर एक व्यक्ति पर 1,391 पाउंड का जुर्माना लगाया गया। अगर भारतीय रुपये में बात करें तो यह रकम करीब 1.45 लाख रुपये बनती है। वहीं नॉर्थ वेम्बली स्टेशन के करीब क्लेरेंडन गार्डन्स में पान खाकर थूकने वाले शख्स पर भी इतना ही जुर्माना लगाया गया है। बताया जा रहा है कि उत्तर पश्चिम लंदन गुटखा खाने वालों से बेहद परेशान हैं। यहां कई सार्वजनिक स्थलों पर गुटखा थूकने के मामले सामने आ चुके हैं। 

 

यह भी पढ़ें: किन देशों के तेल पर चलती हैं भारत की गाड़ियां? कहां से आता है तेल

पहले 100 पाउंड का लगा था जुर्माना

ब्रेंट काउंसिल के मुताबिक अक्षित पटेल ने किंग्सबरी स्टेशन के बाहर किंग्सबरी रोड पर गुटखा थूका था। वहीं नॉर्थ वेम्बली स्टेशन के पास क्लेरेंडन गार्डन्स में हितेश पटेल ने अपने पान से ‘रंगोली’ बनाई थी। शुरुआत में दोनों पर 100 पाउंड का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना न भरने के कारण मामला अदालत पहुंचा। इसके बाद जुर्माने की रकम को काफी बढ़ा दिया गया।

 

यह भी पढ़ें: छात्र की हत्या के बाद वाराणसी में बवाल, नारेबाजी-हंगामा के बीच छावनी बना कैंपस

सड़कों पर थूकने वालों पर एक्शन जारी रहेगा 

सार्वजनिक क्षेत्र और प्रवर्तन की कैबिनेट सदस्य पार्षद कृपा सेठ ने सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर गुटखा थूकने वालों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सड़क को गंदा करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। जुर्माना लगाना अपराधियों को स्पष्ट संदेश है। अगर आप हमारी सड़कों पर गंदगी फैलाएंगे तो हम आपको ढूंढ निकालेंगे। इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। हमें खुशी है कि हमने जुर्माना राशि को दोगुना कर दिया है।

राहुल गांधी ने बता दिया कि कब बढ़ेगा डीजल-पेट्रोल का दाम


राहुल गांधी ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर रुपए की कीमत गिरने को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रहा है और यह महंगाई आने के साफ संकेत हैं। उनका कहना है कि सरकार ‘खाली बातें’ करती है, क्योंकि देश में वेस्ट एशिया के संकट के कारण एलपीजी की कमी हो रही है और अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ रहा है।

 

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘रुपया डॉलर के सामने कमजोर हो रहा है और 100 की ओर बढ़ रहा है। साथ ही इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि आने वाली महंगाई के साफ संकेत हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘सरकार इसे ‘नॉर्मल’ कह सकती है, लेकिन हकीकत यह है कि उत्पादन और ट्रांसपोर्ट महंगा हो जाएगा। छोटे-मध्यम उद्योग (एमएसएमई) सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढ़ेंगी। विदेशी निवेशक पैसा तेजी से निकालेंगे, जिससे शेयर बाजार पर और दबाव पड़ेगा।’

 

यह भी पढ़ें: ‘कांशीराम को मिले भारत रत्न’, राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी

कहा- सबकी जेब पर सीधा असर

राहुल ने चेतावनी दी, ‘यह हर परिवार की जेब पर सीधा असर डालेगा। चुनाव के बाद पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतें बढ़ाई जाएंगी। मोदी सरकार के पास न दिशा है, न रणनीति सिर्फ खाली बयानबाजी। सवाल यह नहीं है कि सरकार क्या कह रही है, सवाल यह है कि आपकी थाली में क्या बचेगा।’

 

 

 

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ईरान की जवाबी कार्रवाई भारत की अर्थव्यवस्था को तबाह कर सकती है। क्योंकि हम गैस, एलपीजी और क्रूड ऑयल के लिए वहां पर बहुत निर्भर हैं। इन संसाधनों को बहाल करने में सालों लग सकते हैं।

क्या बोले कपिल सिब्बल

कपिल सिब्बल ने कहा, ‘हमारी एनर्जी मिडिल ईस्ट से आती है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरती है। अगर वहां संकट बढ़ा तो ऊर्जा की कमी हो जाएगी। व्यापार और मैन्युफैक्चरिंग के बिना एनर्जी के नहीं चल सकती। सरकार और पीएम को चुप नहीं रहना चाहिए। ईरान की कार्रवाई से गल्फ में पेट्रोलियम और गैस के संसाधन प्रभावित होंगे, जिससे हमारी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा।’

 

यह भी पढ़ें: ‘टपोरी की तरह आते हैं’, कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर यह क्या कह दिया? 

रुपया गिरा नीचे

शुक्रवार को रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। यह 93.71 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद 92.63 रुपये से 108 पैसे की बड़ी गिरावट है। यह चार साल में सबसे तेज एक दिन की गिरावट है। वेस्ट एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण तेल की कीमतें 100 डॉलर से ऊपर बनी रह सकती हैं। इससे ऊर्जा ढांचे पर असर पड़ रहा है और भारत जैसे तेल आयात करने वाले देश पर दबाव बढ़ रहा है।

बिना सोचे-समझें न लें वजन घटाने की GLP-1 ड्रग, डॉक्टर से जानें खतरा


भारत में वजन घटाने वाली दवाइयों की ब्रिकी में तेजी से बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। इन दवाओं को लोग बिना डॉक्टर की सलाह  से ले रहे हैं जिसके खतरनाक साइड इफेक्ट्स देखने को मिल रहे हैं। अब भारत सरकार का स्वास्थ्य मंत्रालय तेजी से वजन घटाने वाली दवाइयों (GLP-1) के इस्तेमाल पर सख्ती कर रहा है। इन दवाइयों को असल में  डायबिटीज के लिए बनाया गया था लेकिन लोग इसका इस्तेमाल वजन घटाने के लिए करने लगे हैं।  

 

अब ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने इन दवाइयों की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखना शुरू कर दिया है। आप बिना परमिशन के इस दवा को बेच नहीं सकते हैं। साथ ही गलत तरीके से विज्ञापन करने को रोका जाएगा। इन दवाओं को लेकर नियम सख्त हो गए हैं ताकि लोगों की सेहत सुरक्षित रहे। डॉक्टर से जानते हैं कि इस दवा को लेने से क्या नुकसान पहुंचता है?

 

यह भी पढ़ें: नेल पेंट और लिप्सटिक से भी हो सकता है कैंसर? हैरान कर देगी यह रिपोर्ट

GLP-1 दवा सेहत के लिए कितनी खतरनाक है?

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर अनिल कुमार जे नायक ने बताया, ‘डायबिटीक मरीजों के लिए जीएलपी 1 दवाओं की शुरुआत हुई थी लेकिन अब इसका इस्तेमाल वजन घटाने के लिए बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। यह गलत है क्योंकि डॉक्टर की सलाह के बिन ली जाने वाली कोई भी एलोपैथिक दवा खतरनाक है।’

 

 

उन्होंने आगे कहा, ‘हमने जीएलपी 1 दवाओं की शुरुआत के समय ही कहा था कि दवा केवल एमडी फिजिशियन, मधुमेह विशेषज्ञ और एंड्रक्राइनोलॉजिस्ट की देखरेख में ही ली जानी चाहिए।’

 

यह भी पढ़ें: झुर्रियों से हैं परेशान, डाइट में शामिल करें ये चीजें, पाए नेचुरल ग्लो

GLP-1 दवा लेने के साइड इफेक्ट

इस दवा को लेने की वजह से गैस्ट्रिक परेशानी, मतली, उल्टी और दस्त की समस्या हो सकती है। इसके अलावा पैनक्रियाटिस की दिक्कत हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति पहले से ही डायबिटीज की दवाइयां ले रहा है और फिर ये दवा लेगा उसे डोज मालूम नहीं होगा तो हाइपग्लाइसिमिया का खतरा बढ़ जाता है। बिना सलाह के दवा लेंगे तो उसका साइड इफेक्ट जरूर होगा। ये आपके लिए जान की जोखिम भरा होगा। इसके अलावा थायराइड कैंसर भी हो सकता है लेकिन इसकी दुर्लभ संभावना है।

चंद्रग्रहण के दिन कितने सुरक्षित हैं आप, अपने राशिफल से समझ लीजिए


ज्योतिषीय और अंक ज्योतिष की दृष्टि से मंगलवार का दिन काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज चंद्रमा सिंह राशि में गोचर कर रहे हैं, जो हमें साहस और नेतृत्व करने की शक्ति देता है। साथ ही, आज का मूलांक 3 है जिसका स्वामी ‘गुरु’ है। गुरु और मंगल का यह मेल क्रिएटिव कामों और पॉजिटिव बदलावों के लिए बहुत शुभ माना जा रहा है।

 

हालांकि, आज चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। ज्योतिषविदों के अनुसार, यह ग्रहण पुरानी बुरी आदतों को छोड़ने और नई शुरुआत करने का एक शानदार मौका है लेकिन ग्रहण काल के दौरान लिए जाने वाले फैसलों में थोड़ी सावधानी बरतना जरूरी है। आइए जानते हैं आपकी राशि के अनुसार आज का दिन क्या संकेत दे रहा है।

 

यह भी पढ़ें: होली से अलग कैसे है होला महल्ला? जानें इसकी खास बात

 

सभी 12 राशियों का हाल

मेष राशि

आज आपकी एनर्जी काफी हाई रहेगी और ऑफिस में आपके काम की तारीफ होगी। नए प्रोजेक्ट हाथ में लेने और दोस्तों से मिलने-जुलने के लिए दिन अच्छा है।

क्या करें: लीडरशिप दिखाएं। नए अवसरों का स्वागत करें।

क्या न करें: गुस्से पर काबू रखें। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें।

वृषभ राशि

पैसों के मामले में आज का दिन सुधार लेकर आएगा। निवेश के लिए अच्छे मौके मिल सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताकर आपको सुकून मिलेगा।

क्या करें: सेहत का ध्यान रखें। कुछ क्रिएटिव काम करें।

क्या न करें: फिजूलखर्ची से बचें। पुरानी कड़वी बातों को न दोहराएं।

मिथुन राशि

आपकी बातचीत करने की कला आज आपको बड़ी मीटिंग्स में फायदा दिलाएगी। कुछ नया सीखने या छोटी यात्रा पर जाने के योग बन रहे हैं।

क्या करें: अपनी स्किल सुधारें। नेटवर्किंग पर ध्यान दें।

क्या न करें: सुनी-सुनाई बातों पर यकीन न करें। एक साथ बहुत सारे काम न उठाएं।

कर्क राशि

आज आप मानसिक रूप से काफी मजबूत महसूस करेंगे। घर-परिवार से जुड़ी समस्याओं का समाधान मिलेगा। अपनों के करीब रहने से मन शांत रहेगा।

क्या करें: मेडिटेशन करें। अपनी बातें अपनों से शेयर करें।

क्या न करें: पुरानी यादों में खोकर परेशान न हों। अकेलेपन से बचें।

सिंह राशि

चंद्रमा आपकी ही राशि में है, इसलिए आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। नए आइडियाज पर काम करने का सही समय है।

क्या करें: अपना टैलेंट दिखाएं। सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लें।

क्या न करें: घमंड करने से बचें। दूसरों की सलाह को अनसुना न करें।

कन्या राशि

कामकाज में तरक्की के योग हैं, बस आपको बारीकियों पर ध्यान देना होगा। आसपास के लोगों की मदद से आप अपने टारगेट को समय से पूरा कर पाएंगे।

क्या करें: अपना डेली रूटीन सही करें। सेहत पर निवेश करें।

क्या न करें: दूसरों की बहुत ज्यादा बुराई न करें और छोटी बातों पर तनाव न लें।

तुला राशि

रिश्तों के लिहाज से आज का दिन काफी सुखद है। बिजनेस पार्टनरशिप या आपसी समझौतों से आपको बड़ा आर्थिक लाभ हो सकता है।

क्या करें: कला और सौंदर्य से जुड़े कामों में रुचि लें।

क्या न करें: फैसले लेने में बहुत ज्यादा देरी न करें, वरना हाथ आया मौका निकल सकता है।

वृश्चिक राशि

आज आपकी पुरानी रुकी हुई खोज पूरी होगी। खुद के विकास पर काम करने से भाग्य में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

क्या करें: खुद पर भरोसा रखें। अपने काम में गहराई लाएं।

क्या न करें: किसी पर बेवजह शक न करें। बदले की भावना मन में न लाएं।

 

यह भी पढ़ें: सोमवार को बन रहा है खास संयोग, जानें आपकी राशि के लिए क्या लेकर आया है आज का दिन

धनु राशि

साहस भरे कामों में आपको सफलता मिलेगी। लंबी दूरी की यात्रा या ज्ञान बढ़ाने के लिए की गई चर्चा आपके भविष्य के लिए लाभदायक होगी।

क्या करें: नई चीजों को सीखें और अपनी सोच को बड़ा रखें।

क्या न करें: जोश में आकर कोई बड़ा रिस्क न लें और झूठे वादे करने से बचें।

मकर राशि

करियर के ग्राफ में आज बढ़त देखने को मिलेगी। अगर आप मेहनत और प्लानिंग के साथ आगे बढ़ते हैं, तो समाज में पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

क्या करें: अपनी जिम्मेदारियों को समझें। सही योजना बनाकर काम करें।

क्या न करें: निगेटिव न सोचें। काम के चक्कर में आराम की बलि न दें।

कुंभ राशि

नए और क्रांतिकारी विचार आज आपको कामयाबी दिलाएंगे। दोस्तों और तकनीक की मदद से आप अपने काम को बहुत आसान बना पाएंगे।

क्या करें: समाज की भलाई के लिए सोचें। दोस्तों से तालमेल बिठाएं।

क्या न करें: खुद को सबसे अलग न करें। नियमों को तोड़ने की गलती न करें।

मीन राशि

आपकी समझ और इंट्यूशन काफी तेज रहेगी। रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को आज बड़ी सफलता या शांति मिल सकती है।

क्या करें: ध्यान लगाएं और दूसरों की निस्वार्थ भाव से मदद करें।

क्या न करें: केवल ख्याली पुलाव न पकाएं। हकीकत में रहकर ही कदम उठाएं।

 

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

‘कायर’, अब नाटो देशों पर बरसे ट्रंप, कहा- अमेरिका के बिना कागजी शेर हैं


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को नाटो (NATO) के सहयोगी देशों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने उन्हें ‘कायर’ (cowards) कहा और नाटो को अमेरिका के बिना ‘कागजी शेर’ (paper tiger) बताया।

 

ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, ‘अमेरिका के बिना नाटो एक कागजी शेर है! वे न्यूक्लियर पावर वाले ईरान को रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते थे। अब वह लड़ाई सैन्य रूप से जीत ली गई है, और उनके लिए बहुत कम खतरा है। फिर भी वे ऊंची तेल की कीमतों की शिकायत करते हैं लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने में मदद नहीं करना चाहते, जो कि छोटी सी सैन्य कार्रवाई से हो सकता है। यह ऊंची तेल कीमतों का मुख्य कारण है। यह वे बहुत कम जोखिम में आसानी से कर सकते हैं। कायर, और हम याद रखेंगे!’

 

यह भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप फिर उलझा रहे भारत के साथ टैरिफ डील? सरकार का जवाब जानिए

कई देशों ने किया था इनकार

यह विवाद तब सामने आया जब कई देशों ने ट्रंप के अमेरिका के नेतृत्व में ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में शामिल होने से इनकार कर दिया। वे होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए युद्धपोत नहीं भेजना चाहते। यह जलडमरूमध्य दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल का रास्ता है।

28 फरवरी को शुरू हुआ था अभियान

ईरान ने अमेरिका और इज़रायल द्वारा 28 फरवरी को शुरू किए गए युद्ध के जवाब में होर्मुज में जहाजों पर हमले किए, मिसाइल और ड्रोन से गल्फ क्षेत्र में हमले किए। इससे दुनिया भर में तेल की कीमतें 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गईं।


ट्रंप ने पहले भी कहा था कि अमेरिका को सहयोगियों की जरूरत नहीं है, क्योंकि कई नाटो सदस्य ईरान के खिलाफ अभियान में हिस्सा नहीं लेना चाहते। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा था कि ज्यादातर नाटो सहयोगी ‘आतंकवादी ईरान शासन’ के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होना चाहते, जबकि वे मानते हैं कि ईरान के पास कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं होने चाहिए।

 

यह भी पढ़ें: हाथ भी जलेगा, घर भी…, ईरान में सेना भेजने से डर क्यों रहे ट्रंप? इनसाइड स्टोरी

 

ट्रंप ने चेतावनी दी कि सहयोग न देने से नाटो का भविष्य ‘बहुत बुरा’ हो सकता है। उन्होंने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि सहयोगियों की अनिच्छा से इस गठबंधन को नुकसान पहुंच सकता है।

सुबह सर्दी, दिन में गर्मी फिर शाम को भी ठंड; आज कैसा रहेगा मौसम?


दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत में मौसम ने करवट ले ली है। जिस मार्च के आखिर में गर्मियों की शुरुआत हो जाती थी, इस सुबह-शाम समय सर्दी पड़ रही है। जो लोग अपने कूलर और एसी की सर्विस करवाने लगते थे, अब वह कुछ दिनों के लिए रूक गए हैं। दरअसल, उत्तर भारत में बारिश का दौर चल रहा है, जिससे मौसम में एकाएक बदलाव हो गया है।

 

उत्तर प्रदेश में सुबह और रात के समय हल्की ठंडक बनी हुई है, जबकि दिन में धूप तेज हो रही है। कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर दर्ज किया जा रहा है। शनिवार को पूर्वी यूपी में बारिश हुई, जिससे रात का मौसम ठंडा हो गया। दिल्ली में दिन का मौसम गर्म है और सुबह हल्की ठंड महसूस हो रही है, साथ ही दिल्ली में इसकी वजह से प्रदूषण का स्तर काफी कम हो गया है।

 

यह भी पढ़ें: राहुल गांधी ने बता दिया कि कब बढ़ेगा डीजल-पेट्रोल का दाम?

पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ बदलाव

इसके अलावा हरियाणा, पंजाब, और राजस्थान में भी लगभग इसी तरह का मौसम है। लोगों को सुबह हल्की ठंड और दिन में साफ आसमान के साथ हल्की गर्मी का एहसास हो रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि मौसम का यह हाल पश्चिमी विक्षोभ के कारण बना हुआ है।

ठंड का अहसास कब तक रहेगा?

राजस्थान में मौसम शुष्क बना हुआ है और दिन के समय तापमान तेजी से बढ़ रहा है, खासकर पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर ज्यादा दिखने लगा है, जबकि रात में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड अभी भी कायम है। पहाड़ों पर कई घूमने वाली जगहों पर बर्फबारी हुई है। पर्यटक स्थलों पर सुबह-शाम ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे ठंड का अहसास बना हुआ है। 

 

यह भी पढ़ें: 9 दिन में दूसरी बार PM मोदी ने पेजेश्कियन को मिलाया फोन, क्या बातचीत हुई?

 

विभाग ने आगे बताया है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर देश के कई राज्यों में हो सकता है। ऐसे में ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूवोत्तर भारत में 24 मार्च तक छिटपुट गरज-चमक के साथ में तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, उत्तराखंड और पहाड़ी क्षेत्र में भी बारिश हो सकती है।

 

 

 

गर्मियां हो गईं हैं शुरू, सुबह की डाइट में शामिल करें ये चीजें


मार्च के शुरुआती हफ्ते में गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। दिल्ली में गर्मी बढ़ने की वजह से लोगों ने अपने खान-पान में बदलाव करना शुरू कर दिया है। खासतौर से सुबह का समय बेहद जरूरी है। सुबह के समय में अपनी डाइट में उन चीजों को शामिल करें जिनसे दिन भर शरीर में एनर्जी बनी रहती है। साथ ही पानी की भी कमी महसूस नहीं होनी चाहिए। हम आपको उन चीजों के बारे में बता रहे हैं जिसकी मदद से शरीर को अनावश्यक गर्मी और उससे जुड़ी समस्याओं से बचा सकते हैं।

 

इसके बदले, हल्के, पौष्टिक और तरल पदार्थों का सेवन करना उचित रहेगा जैसे कि ताजे फलों का रस, खीरे, तरबूज, और हाइड्रेटिंग हर्बल चाय। इसके साथ ही, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, फल और सब्जियाँ, और शरीर को ठंडा रखने वाले भोजन का सेवन करना शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में सहायक होगा।

 

सुबह की शुरुआत इन चीजों से करें

 

1. ताजे फल- तरबूज, खरबूजा, संतरा, सेब, और नाशपाती जैसे फल शरीर में पानी की आपूर्ति बढ़ाते हैं और विटामिन्स प्रदान करते हैं।

 

2. हरी और ताजी सब्जियां- खीरा, टमाटर, गाजर, पालक और सलाद जैसी सब्जियां आपके खाने को हल्का रखते हुए, पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखती हैं।

 

3. दही और छाछ- दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो पाचन में मदद करते हैं, वहीं छाछ शरीर को ठंडक प्रदान करती है।

 

4. नट्स और बीज- बादाम, अखरोट, सूरजमुखी के बीज आदि स्वस्थ वसा और प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं, लेकिन इन्हें मध्यम मात्रा में ही सेवन करना चाहिए।

 

5. साबुत अनाज और दलिया- भूरे चावल, क्विनोआ, और दलिया जैसे साबुत अनाज ऊर्जा के स्थायी स्रोत होते हैं और फाइबर भी प्रदान करते हैं।

 

6. पर्याप्त पानी और हाइड्रेटिंग ड्रिंक -नारियल पानी, नींबू पानी, हर्बल चाय और ताजे फलों के रस से शरीर हाइड्रेटेड रहता है।

 

7. उबला हुआ और हल्का भोजन:- उबली हुई दालें, हल्की खिचड़ी या सूप जैसे भोजन गर्मी में ऊर्जा के साथ-साथ शरीर को संतुलित रखते हैं। संतुलित आहार और नियमित भोजन आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। 

 

इन चीजों के सेवन से बचें

1. अत्यधिक तला हुआ भोजन- ये पचाने में भारी होते हैं और शरीर में अनावश्यक गर्मी पैदा कर सकते हैं, जिससे पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे गैस्ट्रिक समस्याओं, अपच और मोटापे का खतरा बढ़ सकता है।

 

2. बहुत ज्यादा मसालेदार भोजन- अत्यधिक मसाले खाने से शरीर का तापमान और बढ़ सकता है, जिसके कारण अत्यधिक पसीना आना, त्वचा पर जलन और निर्जलीकरण की समस्या हो सकती है। मसालेदार भोजन के कारण गर्मी के साथ-साथ आंतों में जलन और अत्यधिक गैस्ट्रिक एसिड भी हो सकता है।

 

3. कैफीन युक्त पेय पदार्थ (जैसे कि चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक्स)- इन पेय पदार्थों में उपस्थित कैफीन शरीर से पानी को निकाल देता है, जिससे निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) की समस्या उत्पन्न हो सकती है। निर्जलीकरण से मस्तिष्क, हृदय तथा अन्य अंगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

 

4. अत्यधिक मीठे और प्रोसेस्ड फूड- इनमें उच्च मात्रा में चीनी और खाद्य संरक्षक होते हैं जो शरीर के प्राकृतिक ताप संतुलन को बिगाड़ सकते हैं। ये पदार्थ इंसुलिन लेवल में तेजी से वृद्धि कर सकते हैं, जिससे ऊर्जा में असंतुलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं।

होलिका दहन पर चंद्र ग्रहण का साया, जानें क्या करें और क्या नहीं?


साल 2026 की शुरुआत एक बड़ी खगोलीय घटना के साथ हो रही है। 3 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई देगा, जिसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जा रहा है। भारत में यह ग्रहण साफ तौर पर देखा जा सकेगा, इसलिए यहां इसके धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही नियमों का पालन करना जरूरी माना जा रहा है।

 

चूंकि इस बार ग्रहण और होलिका दहन एक ही दिन पड़ रहे हैं, इसलिए सूतक काल और पूजा-पाठ के समय को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ज्योतिष और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान निकलने वाली ऊर्जा का असर हर किसी पर पड़ता है, ऐसे में कुछ विशेष सावधानियां बरतकर आप इसके नकारात्मक प्रभाव से बच सकते हैं।

 

यह भी पढ़ें: चंद्रग्रहण के दिन कितने सुरक्षित हैं आप, अपने राशिफल से समझ लीजिए

ग्रहण और सूतक का समय

भारतीय समय के अनुसार, ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा और शाम 6:47 बजे तक रहेगा। ग्रहण से 9 घंटे पहले यानी सुबह 6:20 बजे से ही सूतक काल शुरू हो जाएगा। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और किसी भी तरह के शुभ कार्य या पूजा-पाठ की मनाही होगी।

ग्रहण के दौरान क्या करना है सही?

  • मंत्र जाप और ध्यान: ग्रहण काल में शांत मन से भगवान का ध्यान करें। ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जाप करना इस समय बहुत शुभ फलदायी माना जाता है।
  • तुलसी के पत्ते: खाने-पीने की चीजों को दूषित होने से बचाने के लिए उनमें पहले से ही तुलसी के पत्ते डाल दें।
  • ग्रहण के बाद सफाई: ग्रहण खत्म होने के बाद पूरे घर की सफाई करें, खुद स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। सामर्थ्य अनुसार जरूरतमंदों को दान देना भी अच्छा माना जाता है।

यह भी पढ़ें: एक त्योहार, कई अंदाज, देश के अलग-अलग राज्यों में होली की खास परंपराएं

भूलकर भी न करें ये काम

  • गर्भवती महिलाएं रखें ध्यान: मान्यताओं के अनुसार गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान घर से बाहर निकलने और चंद्रमा की ओर देखने से बचना चाहिए। साथ ही, नुकीली चीजों जैसे चाकू या सुई का इस्तेमाल न करें।
  • खान-पान से बचें: ग्रहण के समय भोजन पकाना और खाना वर्जित है। हालांकि, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए इसमें छूट दी गई है।
  • मूर्तियों को न छुएं: सूतक काल शुरू होते ही भगवान की मूर्तियों को स्पर्श न करें। इस दौरान तामसिक भोजन जैसे मांस-शराब का सेवन पूरी तरह वर्जित है।
  • आंखों की सुरक्षा: वैज्ञानिक नजरिए से भी चंद्रमा को नग्न आंखों से देखना नुकसानदेह हो सकता है, इसलिए इसे देखने के लिए चश्मे या टेलिस्कोप का सहारा लें।
  • पौधों की सुरक्षा: ग्रहण के दौरान तुलसी जैसे पवित्र पौधों को स्पर्श न करें, उन्हें कपड़े से ढक देना बेहतर होता है।

नोट: इस खबर में लिखी गई बातें धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।