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डर या मजबूरी, ईरान से जंग में ट्रंप का साथ क्यों दे रहा ब्रिटेन? इनसाइड स्टोरी


ईरान के खिलाफ जंग में अमेरिका को अब ब्रिटेन का साथ मिल गया है। ब्रिटिश सरकार ने शुक्रवार को अमेरिकी सेना को अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी है। अमेरिका यहां से उन मिसाइल साइटों पर हमले कर सकेगा, जिनकी मदद से होर्मुज स्ट्रेट में ईरान तबाही मचा रहा है। ईरान, होर्मुज में अमेरिकी दखल बर्दाश्त नहीं कर रहा है। अब तक कई जहाजों को तबाह कर चुका है। 

डाउनिंग स्ट्रीट की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ब्रिटिश मंत्रियों की बैठक में इस पर चर्चा हुई है। अमेरिका को यूनाइटेड किंगडम के सैन्य बेस को इस्तेमाल करने की इजाजत दी जा रही है। यह मदद, क्षेत्र की सामूहिक आत्मरक्षा के मकसद से की जा रही है। ब्रिटेन, रक्षात्मक कार्रवाई के तहत, इस तरह की मंजूरी दे रहा है।

प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने पहले अमेरिका की इस मांग को खारिज कर दिया था, लेकिन अब उनका रुख बदल गया है। ईरान ने ब्रिटिश सहयोगियों देशों पर हमले किए, जिसके बाद ब्रिटिश सरकार ने अपने रुख में बदलाव करने का फैसला लिया है।

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क्या चाहता है यूनाइटेड किंगडम?

ब्रिटिश सरकार की अपील है कि अब जंग थमनी चाहिए। ईरान, इजरायल और अमेरिका को तनाव कम करने पर जोर देना चाहिए। युद्ध के त्वरित समाधान की जरूरत है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कीर स्टार्मर की आलोचना की थी कि वह मदद नहीं कर रहे हैं।

ब्रिटेन को अपना रुख क्यों बदलना पड़ा?

प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि ब्रिटेन ईरान युद्ध में नहीं हिस्सा लेगा। अब ईरान के हमलों के बाद उन्होंने अमेरिका को ग्लूस्टरशायर स्थित RAF फेयरफोर्ड और हिंद महासागार में अमेरिका-यूके के संयुक्त बेस डिएगो गार्सिया के इस्तेमाल की इजाजत दी है।

 

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इससे क्या होगा?

अमेरिका के भारी बॉम्बर विमानों के लिए ये बेस बेहद अहम हैं। ब्रिटिश सरकार ने साफ कहा है कि यह केवल रक्षात्मक कार्रवाई है, जिसमें ईरान की मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करना शामिल है। इसकी इजाजत सिर्फ इसलिए दी जा रही है, क्योंकि ईरान, जहाजों पर मिसाइल हमले कर रहा है। 

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ऐसा हमला करना क्यों पड़ रहा है?

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है। वह सिर्फ चीन और सहयोगी देशों के जहाजों को आवाजाही की इजाजत दे रहा है। यह वह, समुद्री गलियारा है, जहां से 20 फीसदी तेल गुजरता है। बिना ईरान की मंजूरी से यहां कोई जहाज गुजर नहीं सकती है। अब दुनिया में तेल संकट पैदा हो रहा है। भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे देशों में गैस संकट बढ़ता जा रहा है। 

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होर्मुज पर क्या कर सकता है अमेरिका?

अमेरिकी और इजरायली हमलों से ईरान की नौसेना और मिसाइल भंडार को नुकसान पहुंचा है। छोटे जहाजों, माइन शिप और आत्मघाती हमलों से अमेरिका पर अभी खतरा बरकरार है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट फिर से खोलना आसान नहीं है। इसे खुलवाने में 1 से 6 महीने लग सकते हैं।

क्या मजबूरी में अमेरिका की मदद कर रहा है ब्रिटेन?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कीर स्टार्मर को कई बार निशाना बनाया था। उन्होंने कहा था कि ब्रिटेन एक महान सहयोगी था लेकिन अब पर्याप्त मदद नहीं कर रहा। डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की कोशिश की। वह फ्रांस, चीन, ब्रिटेन और नॉर्थ अटलांटिक ट्रिटी ऑर्गेनाइजेशन (NATO) जैसे देशों से मद मांग रहे थे।

 यूरोपीय देशों ने युद्धपोत भेजने से ही इनकार कर दिया। खिसियाए ट्रंप ने फिर कहा कि उन्हें किसी देश की मदद की जरूरत नहीं है, वह जंग जीत लेंगे। हैरान करने वाली बात यह है कि ट्रंप फिर भी इन देशों से मदद मांगते रहे। 

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अब भविष्य की चुनौतियां क्या हैं?

अमेरिका ने बीते सप्ताह, खार्ग द्वीप पर हमला किया था। यहां से ही ईरान का 90 फीसदी कच्चा तेल निर्यात होता है। ईरान पर दबाव बनाने के लिए ऐसे हमले किए जा रहे हैं। अमेरिका का मानना है कि अगर खार्ग आइलैंड पर कब्जा हो गया, तेल ठिकाने तबाह हुए तो ईरान घुटने टेकेगा और जंग खत्म करेगा। खार्ग आइलैंड पर कब्जा तभी हो पाएगा, जब अमेरिका जमीन पर अपनी सेनाएं भेजे। 

डोनाल्ड ट्रंप, जमीनी कार्रवाई से इनकार कर रहे हैं। उन्हे एहसास है कि जब आसमान में ईरान से नहीं जीत पा रहे हैं, दो देश संयुक्त होकर लड़ रहे हैं, तब भी हार रहे हैं तो जमीनी लड़ाई और मुश्किल होगी। ईरान के पास अभी भी छोटे हथियार और असममित युद्ध की क्षमता बाकी है।

अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खुला तो क्या होगा? 

अगर होर्मुज स्ट्रेट नहीं खुला तो तेल की कीमतें और बढ़ेंगी। ऊर्जा संकट पैदा होगा। गैस की कीमतें यूरोप और अमेरिका में बेतहाशा बढ़ जाएंगी। अमेरिका और ब्रिटेन की मजबूरी भी है कि उन्हें होर्मुज खुलवाना ही होगा। ईरान ने अब इतना गंवा दिया है कि उसके अधिकारी बार-बार कह रहे हैं कि अब वे किसी भी दबाव में नहीं आएंगे। खून का बदला खून से ही लिया जाएगा। होर्मुज पर जंग, आने वाले दिनों में और कठिन होने वाली है। 

 

साउथ चाइना सी में यू-टर्न मारा और भारत पहुंच गया लाखों बैरल रूसी तेल वाला जहाज  


रूसी क्रूड ऑयल से भरा टैंकर ‘एक्वा टाइटन’ रविवार सुबह न्यू मैंगलुरु पोर्ट पर पहुंच गया। इस जहाज पर कैमरून का झंडा लगा हुआ था और इसने सुबह करीब 11:30 बजे पोर्ट पर लंगर डाला। शिप ट्रैकर मरीन ट्रैफिक के अनुसार, यह टैंकर पहले चीन के लिए जा रहा था लेकिन साउथ चाइना सी में अपना रास्ता बदलकर भारत की ओर मुड़ गया। मार्च के मध्य में यह जहाज दक्षिण-पूर्व एशियाई पानी में था, जहां इसने अचानक यू-टर्न लिया और भारत की तरफ बढ़ा।

 

यह रूस से क्रूड ऑयल लेकर आया है, जो जनवरी के अंत में बाल्टिक सागर के एक पोर्ट से लोड किया गया था। जहाज को मंगलौर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) ने चार्टर किया है। इसमें लगभग 7.7 लाख बैरल (करीब 1.1 लाख टन) तेल है।

 

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मंगलौर पोर्ट पहुंचा जहाज

शिपिंग मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने 19 मार्च को बताया था कि यह टैंकर 21 मार्च को न्यू मंगलौर पोर्ट पहुंचेगा। इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बारे में जानकारी नहीं होने की बात कही थी और बाद में अपडेट देने की बात कही।

 

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मध्य-पूर्व में अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण तेल की आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण रास्ते बंद होने से वैश्विक तेल संकट गहरा गया है।

अमेरिका ने कही थी छूट देने की बात

इस संकट के बीच अमेरिकी ट्रंप प्रशासन ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दी है। यूएस ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह छूट इसलिए दी गई क्योंकि ईरान वैश्विक ऊर्जा को ‘रोकने’ की कोशिश कर रहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने कहा कि भारत ‘अच्छा सहयोगी’ रहा है और पहले रूसी सैंक्शन वाले तेल से दूर रहा था, इसलिए अब अस्थायी रूप से अनुमति दी गई है।

 

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अनुमति के बाद भारतीय रिफाइनरों ने 3 करोड़ बैरल से ज्यादा रूसी तेल खरीदा है।

कई अन्य तेल टैंकर भी पहुंचे

इसके अलावा, हाल ही में भारत में कई अन्य तेल टैंकर भी पहुंचे हैं। गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर भारतीय जहाज ‘जग लाडकी’ UAE से मुर्बन क्रूड लेकर पहुंचा। मुंबई में एक लाइबेरिया फ्लैग वाला जहाज ‘शेनलॉन्ग’ सऊदी अरब से होकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरा। 

 

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साथ ही दो भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ और ‘एमटी नंदा देवी’ एलपीजी लेकर भारत पहुंचे। यह सब वैश्विक तेल संकट के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की कोशिश दिखाता है।

 

SPF 30 या 50, कौन सी सनस्क्रीन त्वचा के लिए फायदेमंद है? डॉक्टर से समझें

सूरज की हानिकारक किरणें त्वचा के लिए नुकसानदायक होती है। इन हानिकारक किरणों से त्वचा को बचाने के लिए लोग सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं। सिर्फ गर्मी ही नहीं सर्दी और बारिश के मौसम में भी त्वचा विशेषज्ञ सनस्क्रीन लगाने की सलाह देते हैं।

 

मार्केट में विभिन्न प्रकार के सनस्क्रीन मिलते हैं। मार्केट में एसपीएफ 30 और 50 सनस्क्रीन मिलती है। आइए जानते हैं त्वचा के लिए कौन सी सनस्क्रीन ज्यादा फायदेमंद होती है?

 

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कौन सी सनस्क्रीन त्वचा के लिए फायदेमंद है?

एसपीएफ फैक्टर आपके स्किन टाइप के हिसाब से डिसाइड होता है। अगर आपकी त्वचा बहुत ज्यादा ऑयली है और ज्यादा देर तक धूप में नहीं रहते हैं तो एसपीएफ 30 काफी है। अगर आपका फील्ड वर्क है और ज्यादा देर तक धूप में रहते हैं तो एसपीएफ 50 का इस्तेमाल करें। जिस सनस्क्रीन में ज्यादा एसपीएफ है वह त्वचा को लंबे समय तक धूप से बचाकर रखती है।

 

अगर किसी व्यक्ति को धूप में जाने पर सनबर्न की समस्या होती है तो त्वचा विशेषज्ञ उसे एसपीएफ 50 लगाने की सलाह देते हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग है। किसी भी तरह के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

क्या कहते हैं डॉक्टर?

Aster CMI अस्पताल की सीनियर कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट Dr. Shireen Furtado के मुताबिक एसपीएफ 30 सनस्क्रीन 97% UVB की हानिकारक किरणों को रोकने का काम करता है। जबकि एसपीएफ 50 सनस्क्रीन 98% तक UVB की हानिकारक किरणों को रोकता है।

 

 

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कितने देर तक चलता है सनस्क्रीन?

डॉक्टर के मुताबिक सनस्क्रीन को दिन भर में 2 बार लगाना चाहिए। कोई भी मौसम हो सनस्क्रीन जरूर लगाना चाहिए। घर से बाहर निकलने से 20 से 25 मिनट पहले सनस्क्रीन लगाना चाहिए। ज्यादातर लोग घर से निकलने से कुछ मिनटों पहले सनस्क्रीन लगाते हैं जिसका कोई खास असर देखने को नहीं मिलता है। हर किसी की त्वचा अलग होती है। अपनी त्वचा के हिसाब से सनस्क्रीन लगाएं। अगर आपकी स्किन सेंसिटिव हैं तो मिनरल बेस्ड प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें। अधिक केमिकल वाले प्रोडक्ट्स को लगाने से बचें। सनस्क्रीन सिर्फ त्वचा को हानिकारक किरणों से ही नहीं बचाता। इसके कई फायदे हैं। सनस्क्रीन त्वचा के धाग-धब्बों को भी धीरे-धीरे कम करने में मदद करता है। किसी भी सनस्क्रीन को लगाने से पहले हथेली पर पैच टेस्ट जरूर करें। 

मूलांक 5 और चंद्रमा के तुला राशि में प्रवेश से कैसे बदलेगा आपका राशिफल


ज्योतिषीय दृष्टि से 5 मार्च का दिन काफी संतुलित रहने वाला है। चंद्रमा का संचार तुला राशि में हो रहा है, जो रिश्तों और सामाजिक व्यवहार में मिठास घोलने का काम करेगा। चूंकि आज का मूलांक 5 है और इसके स्वामी बुध हैं, इसलिए आज बातचीत के जरिए बिगड़े काम बनाने और करियर में साहसिक फैसले लेने के लिए समय बहुत अनुकूल है।

 

आज की ऊर्जा आपको कुछ नया करने और लीक से हटकर सोचने के लिए प्रेरित करेगी। जहां एक तरफ चंद्रमा आपको मानसिक शांति और सौंदर्य की ओर ले जाएगा, वहीं बुध की शक्ति आपको व्यापार और संचार में तरक्की दिला सकती है। आइए जानते हैं आपकी राशि के लिए ‘क्या करें’ और ‘क्या न करें’ के सुझाव- 

 

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राशिफल और उपाय

मेष राशि

यात्रा और नए लोगों से मिलना आपके करियर के लिए फायदेमंद होगा। 
क्या करें: अपनी एनर्जी को नए प्रोजेक्ट्स और टीम वर्क में लगाएं। सेहत के लिए हल्का व्यायाम जरूर करें।
क्या न करें: पैसों के लेन-देन में जल्दबाजी दिखाने से बचें और अपने गुस्से पर काबू रखें।

वृष राशि

क्या करें: भविष्य के लिए निवेश और बचत पर ध्यान दें। परिवार के साथ वक्त बिताएं और अपनी पसंद की चीजों जैसे संगीत या पेंटिंग के लिए समय निकालें।
क्या न करें: दिखावे के लिए फालतू खर्च न करें और स्वभाव में अड़ियलपन लाने से बचें।

मिथुन राशि

क्या करें: अपनी बातों को प्रभावी ढंग से मीटिंग्स या नेटवर्किंग में रखें। नई योजनाओं को लागू करने और छोटी यात्राओं से आपको लाभ मिलेगा।

क्या न करें: दूसरों की बुराई या फिजूल की बहस में समय बर्बाद न करें। एक साथ बहुत सारे काम हाथ में न लें।

कर्क राशि

क्या करें: इमोशन पर कंट्रोल रखें और घर की सुख-सुविधाओं पर ध्यान दें। आर्थिक फैसलों के लिए जानकारों की सलाह लेना आपके हित में रहेगा।

क्या न करें: पुरानी कड़वी यादों को खुद पर हावी न होने दें। खान-पान और पेट की सेहत का खास ख्याल रखें।

सिंह राशि

क्या करें: ऑफिस में जिम्मेदारी संभालें और नेतृत्व करें। आपकी क्रिएटिविटी आपको मान-सम्मान दिलाएगी। दोस्तों के साथ अच्छा समय बीतेगा।

क्या न करें: घमंड में आकर अपने साथ काम करने वालों से न उलझें और जोखिम भरे निवेश से पूरी तरह दूर रहें।

कन्या राशि

क्या करें: अपने काम की बारीकियों पर गौर करें और डेली रूटीन में एक्सरसाइज और खाना का बैंलेंस बनाएं। लंबी अवधि की आर्थिक प्लानिंग करना आज अच्छा रहेगा।

क्या न करें: छोटी-छोटी बातों की चिंता करके तनाव न पालें और दूसरों की कमियां निकालने से बचें।

 

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तुला राशि

क्या करें: पार्टनरशिप और निजी रिश्तों को समय दें। कला या फैशन से जुड़े कार्यों में बड़ी सफलता मिल सकती है। फैसले लेते समय संतुलन बनाए रखें।

क्या न करें: किसी भी बात पर दुविधा में न रहें और बाहर के अनहेल्दी खाने से परहेज करें।

वृश्चिक राशि

क्या करें: किसी नए विषय की रिसर्च या गहराई से सीखने में मन लगाएं। निवेश के लिए चतुराई से काम लें और अपनों का भरोसा जीतें।

क्या न करें: मन में शक या जलन की भावना न आने दें और अपने राज किसी अनजान से शेयर न करें।

धनु राशि

क्या करें: नई चीजें सीखने और यात्रा करने के लिए दिन बढ़िया है। करियर में विस्तार के मौकों को पहचानें और अपनी शिक्षा पर ध्यान दें।

क्या न करें: हकीकत को नजरअंदाज कर ज्यादा उम्मीदें न पालें। पैसों का बड़ा जोखिम लेना आज भारी पड़ सकता है।

मकर राशि

क्या करें: मेहनत जारी रखें, आज आपको पदोन्नति या पहचान मिल सकती है। व्यवहारिक रहें और परिवार के साथ मिलकर योजनाएं बनाएं।

क्या न करें: सारा काम अकेले करने की जिद न करें और अपनी भावनाओं को मन में दबाकर न रखें।

कुंभ राशि

क्या करें: नए आइडियाज पर काम करें और सामाजिक मेलजोल बढ़ाएं। तकनीक या अविष्कार से जुड़े कामों में आज आपको बढ़त मिल सकती है।

क्या न करें: स्वभाव में विद्रोह न लाएं और अपनों के साथ तालमेल खराब न होने दें।

मीन राशि

क्या करें: अपनी कल्पना शक्ति को लिखने या किसी रचनात्मक काम में ढालें। शांति के लिए आध्यात्मिक अभ्यास करें और अपने अंतर्मन की आवाज सुनें।

क्या न करें: ख्याली दुनिया में रहकर हकीकत से मुंह न मोड़ें। नशीली चीजों और गलत आदतों से दूर रहें।

 

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

ईरान ने दागी 3000 मिसाइल, मिडिल-ईस्ट में गहराता जा रहा है शिया-सुन्नी का विवाद?


तीन हफ्ते से चल रहे अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच युद्ध में अब नई स्थिति बन गई है। तेहरान ने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों पर 3000 से ज्यादा तरह-तरह के प्रोजेक्टाइल (मिसाइल, ड्रोन आदि) दागे हैं। खासकर यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) को बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया गया है। इससे मध्य पूर्व में शिया-सुन्नी विभाजन और गहरा हो गया है।

 

ईरान ने GCC के छह सुन्नी बहुल देशों को निशाना बनाकर नुकसान पहुंचाया है। इससे क्षेत्र की राजनीति बदल गई है और उम्मा (मुस्लिम समुदाय) की एकता के विचार पर गहरा असर पड़ा है।

 

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डिएगो गार्सिया पर किया हमला

ईरान ने अपनी मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिकी बेस डिएगो गार्सिया पर हमला किया है। इससे साफ है कि तेहरान तेजी से लंबी दूरी की मिसाइलें बना रहा था। भविष्य में यह यूरोपीय देशों को भी धमकी दे सकता था। सऊदी अरब ने खुले तौर पर कहा है कि ईरान पर भरोसा नहीं है।

 

बाकी GCC देश बहुत गुस्से में हैं क्योंकि उनकी तेल आधारित अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। ईरान के हमलों से तेल उत्पादन और निर्यात पर बड़ा असर पड़ा है। सबसे खराब स्थिति में ये छह देश जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं।

अमेरिका के सामने चुनौती

अमेरिका के सामने होर्मुज जलडमरूमध्य में नेविगेशन (जहाजों की आवाजाही) की आजादी बहाल करने की बड़ी चुनौती है। राष्ट्रपति ट्रंप को अब यूरोपीय सहयोगी और जापान से समर्थन मिल गया है। वे फारस की खाड़ी में महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते दोबारा खोलने में मदद करेंगे।

 

अमेरिका जानता है कि ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने के लिए वैश्विक तेल यातायात बहाल करना जरूरी है। इसके लिए अमेरिका और इजरायल को ईरानी मिसाइलों को जहाजों या तेल सुविधाओं पर हमला करने से रोकना होगा। यह एंटी-मिसाइल सिस्टम, हवाई हमलों या जमीन पर सैनिक भेजकर किया जा सकता है।

ईरान ने मांगी मदद

ईरान के नेतृत्व को अमेरिका-इजरायल ने निशाना बनाया है लेकिन IRGC (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) अभी हार नहीं मान रहा। वह लगातार दुश्मनों और खाड़ी देशों पर मिसाइलें दाग रहा है। ईरान ने युद्ध से पहले चीन और रूस की मदद से GCC क्षेत्र में लक्ष्यों के GPS कोऑर्डिनेट्स पहले से तैयार कर लिए थे। इसलिए सभी हमले सटीक हुए हैं।

ईरान इजरायल पर क्लस्टर बम मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है। 

 

इससे लगता है कि तेहरान अगले कदम के रूप में MIRV (मल्टीपल इंडिपेंडेंट रीएंट्री व्हीकल) वारहेड वाली मिसाइलों पर प्रयोग कर रहा है। MIRV मिसाइलों को रोकना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि छोटे-छोटे वारहेड एक साथ अलग हो जाते हैं और एंटी-बैलिस्टिक डिफेंस उन्हें पकड़ नहीं पाता।

 

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एपिक फ्यूरी के बाद बिगड़ा माहौल

पिछले दशकों में कथित तौर पर ईरान ने अपने प्रॉक्सी (समर्थित समूहों) से मध्य-पूर्व में अस्थिरता फैलाई लेकिन GCC देश इजरायल और अमेरिका के खिलाफ ईरान के हमलों से दूर रहे। अब ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (अमेरिका का यह युद्ध अभियान) के बाद पूरे क्षेत्र में अशांति है। ईरान अब क्षेत्र में अलग-थलग पड़ गया है क्योंकि उसने खाड़ी देशों को बहाना बनाकर अमेरिका को निशाना बनाया, युद्ध बढ़ाया और वैश्विक अर्थव्यवस्था को खतरे में डाला।

 

‘हरियाणा पुलिस का रवैया शर्मनाक’, रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगाई फटकार?


हरियाणा के गुरुग्राम में तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा पुलिस को कड़ी फटकार लगाई और उसके व्यवहार को शर्मनाक करार दिया। शीर्ष अदालत ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। महिला आईपीएस अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच करेंगी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायाधीश जॉयमाल्य बागची और न्यायाधीश विपुल एम पंचोली की पीठ ने बुधवार को मामले की सुनवाई की। 

 

पीठ ने हरियाणा सरकार को एसआईटी बनाने की अधिसूचना तुरंत जारी करने और गुरुग्राम पुलिस को मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड जांच टीम को सौंपने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने गुरुग्राम पुलिस को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया और पूछा कि उनके खिलाफ एक्शन क्यों न लिया जाए? सुप्रीम कोर्ट ने मामले को किसी वरिष्ठ महिला न्यायिक अधिकारी को सौंपने का निर्देश गुरुग्राम जिला जज को दिया है।

 

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‘पुलिस घर क्यों नहीं जा सकती’

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस के रवैये को शर्मनाक बताया और कहा, ‘पुलिस पीड़ित बच्ची के घर क्यों नहीं जा सकती? क्या वे कोई राजा-महाराजा हैं? जो पुलिसकर्मी वहां गया था, उसे तो भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया।’ शीर्ष अदालत ने पोक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामले में सख्त धारा को हल्की धारा में बदलने पर भी फटकार लगाई और पूछा कि पुलिस के खिलाफ एक्शन क्यों न लिया जाए?

पद से क्यों न हटा दिया जाए: पीठ

पीठ ने गुरुग्राम बाल कल्याण समिति (CWC) को भी ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया। अदालत ने पूछा कि उन्हें उनके पद से क्यों न हटा दिया जाए? पीठ ने कहा, ‘5 फरवरी की रिपोर्ट से साफ पता चलता है कि सीडब्ल्यूसी सदस्यों के रवैये ने पीड़ित बच्ची की मुश्किलें और बढ़ा दीं। पूरा पुलिस बल, कमिश्नर से सब-इंस्पेक्टर तक ने यह साबित करने की हर मुमकिन प्रयास किया कि बच्ची के पास कोई सबूत नहीं है। उसके माता-पिता का केस भी कमजोर है। इसमें कोई शक नहीं है कि पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत एक गंभीर अपराध हुआ है।’

 

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क्या है मामला?

पुलिस के मुताबिक पूरा मामला गुरुग्राम के सेक्टर 54 का है। यहां तीन साल की एक बच्ची का करीब दो महीने तक यौन शोषण किया गया। पुलिस के मुताबिक घटना दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच है। बच्ची ने अपनी मां को घटना की जानकारी दी। इसके बाद 4 फरवरी को माता-पिता की शिकायत पर सेक्टर 53 पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। यौन शोषण का आरोप दो घरेलू सहायिकाओं और उनके एक पुरुष मित्र पर लगा है।

नारियल तेल या नारियल पानी, गर्मी में बालों के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद?


गर्मियों में बाल झड़ने की समस्या से ज्यादातर लोग परेशान रहते हैं। इसकी वजह धूप, धूल-मिट्टी, पसीना हो सकता है। गर्मी के मौसम में पसीना भी ज्यादा आता है जिसकी वजह से स्कैल्प पर धूल-मिट्टी और गंदगी चिपकने लगती है। इन सभी कारणों से बाल रूखे और बेजान हो जाते हैं। 

 

इन सभी वजह से बालों के झड़ने की समस्या बढ़ जाती है। इस मौसम में बालों को स्वस्थ रखने के लिए लोग तरह-तरह के घरेलू नुस्खों को ट्राई करते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं कि बालों के नारियल तेल या नारियल पानी में से कौन ज्यादा फायदेमंद है?

 

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बालों के लिए फायदेमंद है नारियल तेल

नारियल तेल में फैटी एसिड और विटामिन की भरपूर मात्रा होती है। ये तेल आसानी से स्कैल्प में सोख लेता है जो बालों को मुलायम रखने में मदद करता है। नारियल तेल बालों की जड़ों को मजबूत रखने में मदद करता है। अक्सर हमने अपने घर के बड़े लोगों से सुना होता है कि बाल धोने से 45 मिनट या 1 घंटे पहले नारियल तेल से मसाज करना चाहिए।

 

नारियल पानी

 

नारियल पानी में विटामिन, मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपूर मात्रा होती है जो बालों के लिए प्राकृतिक रूप से हाइड्रेटर की तरह काम करता है। गर्मी के मौसम में स्कैल्प पसीने की वजह से डिहाइड्रेट हो जाती है। साथ ही ऑयल प्रोडक्शन भी बढ़ जाता है। इस वजह से स्कैल्प में खुजली और जलन की समस्या होती है। नारियल पानी स्कैल्प में बैलेंस को बनाएं रखने में मदद करता है।

कैसे करें इस्तेमाल?

हफ्ते में दो बार नारियल तेल से बालों के स्कैल्प में मसाज करना चाहिए जो जड़ों को मजबूत करता हैं। नारियल तेल से मसाज करने के 45 मिनट बाद शैंपू से सिर धो लें। इसके बाद बालों को नारियल पानी से धोएं। इससे स्कैल्प हाइड्रेटेड रहेगी और बालों में चमक बनी रहेगी।

 

इसके अलावा आप गर्मियों में हेयर मास्क भी लगा सकते हैं। इसके लिए आपको 2 चम्मच नारियल तेल और 3 चम्मच नारियल पानी मिलाकर मिश्रण तैयार कर लेना है। इस मिश्रण को स्कैल्प पर 30 मिनट के लिए रखें और बाद में शैंपू से बाल धो लें।

 

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कौन सा बेहतर है?

ये दोनों चीजें बालों को अलग-अलग तरीके से फायदा दिलाती है। एक तरफ जहां नारियल तेल बालों को मजबूती देता है। वहीं, नारियल पानी बालों में चमक बनाए रखता है। गर्मी के मौसम में आप इन दोनों चीजों का इस्तेमाल करें।

 

शुक्र और चंद्रमा के साथ से चमकेगा भाग्य, जानें अपनी राशि का हाल


ज्योतिष दृष्टि से 6 मार्च का दिन बेहद खास है। चंद्रमा कन्या राशि में गोचर कर रहे हैं, जो हमें चीजों को गहराई से समझने और काम को परफेक्शन के साथ करने की प्रेरणा देगा। साथ ही, शुक्रवार होने और मूलांक 6 का प्रभाव होने के कारण आज रिश्तों में मधुरता और आर्थिक फैसलों में मजबूती देखने को मिलेगी।

 

यह दिन उन लोगों के लिए विशेष रूप से फलदायी है जो क्रिएटिव फील्ड से जुड़े हैं या अपने निजी संबंधों को बेहतर बनाना चाहते हैं। छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव आज बड़ी सफलता की नींव रख सकते हैं। आइए जानते हैं आपकी राशि के लिए आज के सितारे क्या कहते हैं। 

 

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क्या करें और क्या न करें

मेष राशि

आज आपका साहस और नेतृत्व करने की क्षमता सभी को प्रभावित करेगी। नई योजनाओं पर काम शुरू करने का सही समय है।

क्या करें: सेहत का ध्यान रखें। नियमित व्यायाम करें और परिवार के साथ अच्छा समय बिताएं।

क्या न करें: पुरानी बातों को लेकर विवाद न करें। जल्दबाजी में कहीं पैसा न लगाएं।

वृषभ राशि

आज धैर्य बनाए रखें। आपको स्थिरता मिलेगी। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा और करियर में प्रगति के योग हैं।

क्या करें: पुराने मित्रों से मिलें और नए अवसरों का दिल खोलकर स्वागत करें।

क्या न करें: फालतू के खर्चे और किसी भी तरह के कर्ज लेने से बचें।

मिथुन राशि

आपकी बातचीत का तरीका आज आपको सफलता दिलाएगा। छोटी यात्राएं या मीटिंग्स आपके लिए फायदेमंद रहेंगी।

क्या करें: कुछ नया सीखने के लिए किताबें पढ़ें। अपनी क्रिएटिविटी पर ध्यान दें।

क्या न करें: सुनी-सुनाई बातों पर यकीन न करें। अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें।

कर्क राशि

आज आप मानसिक रूप से काफी संतुलित महसूस करेंगे, जिससे घर का माहौल सुखद रहेगा।

क्या करें: माता-पिता का आशीर्वाद लें और घर की सजावट या मरम्मत पर ध्यान दें।

क्या न करें: भावुक होकर कोई बड़ा फैसला न लें और बहस से दूर रहें।

सिंह राशि

आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे और कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।

क्या करें: ऑफिस में अपनी बात मजबूती से रखें और फिट रहने के लिए योग का सहारा लें।

क्या न करें: किसी भी तरह का अहंकार न पालें और दूसरों के नजरिए का सम्मान करें।

कन्या राशि

चंद्रमा आपकी ही राशि में है, जिससे आपकी काम करने की क्षमता बढ़ेगी और मेहनत का फल मिलेगा।

क्या करें: बारीक डिटेल्स पर ध्यान दें और अच्छा व सात्विक भोजन करें।

क्या न करें: आलस को खुद पर हावी न होने दें और छोटी-छोटी उलझनों में समय बर्बाद न करें।

तुला राशि

रिश्तों के लिहाज से आज का दिन बहुत खूबसूरत है। कला और प्रेम के क्षेत्र में सफलता मिलेगी।

क्या करें: जीवनसाथी के साथ समय बिताएं और कुछ रचनात्मक काम करें।

क्या न करें: असमंजस की स्थिति में कोई कदम न उठाएं और लड़ाई-झगड़े से बचें।

वृश्चिक राशि

आज आपको कुछ छिपे हुए फायदे या अचानक लाभ मिल सकते हैं। आपकी प्लानिंग सटीक रहेगी।

क्या करें: किसी नए प्रोजेक्ट पर गहराई से रिसर्च करें और अपनी रूटीन चेकअप करवाएं।

क्या न करें: गुस्से पर काबू रखें और किसी से भी उधार का लेन-देन न करें।

 

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धनु राशि

धार्मिक और शैक्षणिक कार्यों के लिए दिन बहुत अच्छा है। उत्साह के साथ आगे बढ़ेंगे।

क्या करें: कुछ नया सीखने की कोशिश करें और समाज कल्याण के कामों में जुड़ें।

क्या न करें: ज्यादा जोश में आकर नियमों का उल्लंघन न करें और अपने वादे जरूर पूरे करें।

मकर राशि

करियर में तरक्की के योग हैं, बस अपने अनुशासन को बनाए रखें। मेहनत बेकार नहीं जाएगी।

क्या करें: अपने सीनियर्स से सलाह लें और भविष्य के लिए लक्ष्य तय करें।

क्या न करें: काम के चक्कर में परिवार और अपनी सेहत को न भूलें।

कुंभ राशि

आज नेटवर्किंग और दोस्तों की मदद से आपके काम आसान होंगे। नए आइडियाज दिमाग में आएंगे।

क्या करें: सोशल मीडिया या मीटिंग्स में एक्टिव रहें और अपनी क्षमता अनुसार दान करें।

क्या न करें: अकेले कोई बड़ा फैसला न लें और स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखें।

मीन राशि

अध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा और मानसिक शांति मिलेगी। दिन सकारात्मक परिणामों से भरा है।

क्या करें: ध्यान और योग करें। किसी जरूरतमंद की मदद करना शुभ रहेगा।

क्या न करें: किसी भ्रम में न आएं और पैसों के लेन-देन में पूरी सावधानी बरतें।

 

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

ट्रंप ने दिया युद्ध खत्म करने का इशारा, ईरान बोला- दुश्मन हार गया है


20 दिन से अधिक की जंग के बाद भी ईरान के हौसले बुलंद हैं। डोनाल्ड ट्रंप की तमाम कोशिशों के बावजूद ईरान झुकने को तैयार नहीं है। युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। चौतरफा दबाव के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को सीमित करने का संकेत दिया है। 

 

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘अमेरिका मध्य पूर्व में अपने महान सैन्य कोशिशों को खत्म करने पर विचार करते हुए अपने उद्देश्यों को पूरा करने के बेहद करीब पहुंच रहा है।’ ट्रंप के बयान के बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि राष्ट्रपति और पेंटागन ने अनुमान लगाया है कि इस मिशन को पूरा करने में करीब 4 से 6 सप्ताह लगेंगे। 

 

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क्यों बदले डोनाल्ड ट्रंप के सुर?

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से दुनियाभर में हाहाकार मचा है। अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है। इन्हीं सभी रुझानों की वजह से ट्रंप के रुख में बदलाव आया है। अब ट्रंप प्रशासन ने जहाजों पर लदे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को हटाना शुरू कर दिया है, ताकि कच्चे तेल की कीमतों को नियंत्रित किया जा सके। 28 फरवरी को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की शुरुआत की थी। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि चार से छह सप्ताह में यह अभियान खत्म हो सकता है।

 

डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस के बयान के बावजूद अमेरिका मध्य पूर्व में 2500 मरीन सैनिकों की तैनाती कर रहा है। माना जा रहा है कि इन सैनिकों की तैनाती स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में होगी। जहां ईरानी हमलों के कारण ऑयल शिपिंग प्रभावित हुई है।

 

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‘दुश्मन की हार हुई, भ्रम में किया गया था हमला’

फारसी नववर्ष के मौके पर ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपना लिखित संदेश जारी किया। उन्होंने अपने संदेश में दावा किया कि धार्मिक, बौद्धिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि में सभी मतभेदों के बावजूद आप लोगों में जो एकता बनी है, उसी के कारण दुश्मन की हार हुई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल को लगता था कि एक-दो दिन के हमले के बाद ईरान की जनता सरकार को उखाड़ फेंकेगी। मगर यह उनकी घोर गलतफहमी निकली।

 

मोजतबा ने कहा कि युद्ध की शुरुआत इस भ्रम के तहत की गई थी कि अगर ईरानी सरकार के प्रभावशाली लोगों को मार दिया जाता है तो जनता में भय और निराशा पैदा होगी। वहां अपना प्रभाव जमाकर ईरान को विभाजित करने का सपना सच हो जाएगा। इसके बजाय दुश्मन के भीतर खुद ही दरार पैदा हो गई।

कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव क्यों बनी गोल्ड स्मगलर? ED की चार्जशीट से हुआ खुलासा


कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री की एक्ट्रेस रान्या राव का नाम इन दिनों एक बड़े गोल्ड स्मगलिंग मामले में सामने आने के बाद चर्चा में है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिनसे पता चलता है कि यह पूरा नेटवर्क किस तरह योजनाबद्ध तरीके से चलाया जा रहा था। जांच के अनुसार, रान्या राव ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये के सोने की तस्करी का संगठित कारोबार खड़ा कर लिया था।

 

मामले की शुरुआत मार्च 2025 में हुई जब डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने उन्हें बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 14 किलो सोने के साथ गिरफ्तार किया। इस सोने की कीमत करीब 12.56 करोड़ रुपये आंकी गई थी। आगे की जांच में खुलासा हुआ कि मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच रान्या और उनके नेटवर्क ने 127 किलो से अधिक सोना भारत में तस्करी के जरिए पहुंचाया, जिसकी कुल कीमत 100 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है।

 

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युगांडा में लगा था 2 करोड़ रुपये का चूना

जांच में सामने आया कि शुरुआत में रान्या राव और उनके सहयोगी तरुण कोंडुरु राजू ने अफ्रीकी देशों से सीधे सोना खरीदने की योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने 2023 में दुबई में ‘वीरा डायमंड्स ट्रेडिंग LLC’ नाम की कंपनी बनाई। युगांडा के एक एजेंट से संपर्क कर 5 किलो के ट्रायल और फिर 50 किलो के बड़े सौदे पर सहमति भी बनी। हालांकि, एडवांस पेमेंट देने के बावजूद उन्हें सोना नहीं मिला। बाद में और रकम की मांग की गई, जिससे यह साफ हो गया कि यह एक ठगी थी। इस पूरे मामले में उन्हें 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ा।

 

अफ्रीका में असफल रहने के बाद रान्या और उनके साथियों ने अपनी रणनीति बदली और दुबई के ‘देइरा गोल्ड सूक’ से सोना खरीदना शुरू किया। यहां अफ्रीकी मूल के डीलरों से नकद में सोना खरीदा जाता था। इसके बाद इस सोने को अलग-अलग तरीकों से भारत में तस्करी कर लाया जाता था और स्थानीय बाजार में बेचा जाता था।

 

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हवाला और कैश नेटवर्क से चलता था रैकेट

ED की जांच में यह भी सामने आया है कि पूरा नेटवर्क बेहद संगठित था। इसमें सोने की खरीद-फरोख्त, भारत में अवैध तरीके से लाना और फिर कैश के जरिए उसे खपाना शामिल था। कमाए गए पैसे को हवाला और बैंकिंग चैनलों के जरिए घुमाया जाता था ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके। इस मामले में अब तक करीब 34 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। जांच एजेंसियां इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं और आने वाले समय में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।