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‘हमदर्दी है तो ईरान चले जाओ…’, शियाओं पर जुल्म ढा रहे आसिम मुनीर?


पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के एक बयान ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया है। 19 मार्च को आसिम मुनीर ने शिया धर्मगुरुओं के साथ एक बैठक की थी। बैठक में उन्होंने ईरान और इजराइल युद्ध के बारे में बातचीत की। इसी दौरान आसिम मुनीर ने शिया समुदाय के लोगों को हिदायत दी कि ईरान का समर्थन न करें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ईरान का समर्थन करते हैं, उन्हें पाकिस्तान छोड़ देना चाहिए। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है।

 

आसिम मुनीर के बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक शिया नेता का वीडियो सामने आया है। शिया नेता ने उनके बयानों का जमकर विरोध किया और उन्हें याद दिलाया कि शिया समुदाय ने भी पाकिस्तान के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है, क्योंकि मोहम्मद अली जिन्ना शिया समुदाय से थे। इसके अलावा शिया नेता ने साफ कहा कि हम पाकिस्तानी थे, हैं और हमेशा रहेंगे। शिया और सुन्नी मुसलमान हमेशा से पाकिस्तान में भाईचारे के साथ रहे हैं और आगे भी ऐसे ही रहेंगे। शिया नेता की इस प्रतिक्रिया को सोशल मीडिया पर कई लोगों का समर्थन मिला है।

 

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आसिम मुनीर ने क्या कहा था?

 

बैठक को लेकर शिया धर्मगुरु अल्लामा आगा शिफा ने बताया कि इस दौरान आसिम मुनीर ने इस्लामाबाद के लोगों पर नाराजगी जताई थी, क्योंकि वहां के लोगों ने अली खामेनेई की मौत की अफवाह के बाद प्रदर्शन किया था। इसके बाद आसिम मुनीर ने कहा, ‘अगर आपको ईरान के प्रति ज्यादा हमदर्दी है तो आप ईरान ही चले जाएं।’ इस बयान ने न सिर्फ हंगामा खड़ा कर दिया, बल्कि शिया समुदाय के लोगों की देशभक्ति पर भी सवाल खड़े कर दिए। कई लोग उनके विचारों का विरोध कर रहे हैं।

 

शिया नेताओं ने क्या कहा?


शिया नेता ने कहा, ‘हम पाकिस्तानी थे, हैं और हमेशा पाकिस्तानी रहेंगे। हमें आपके सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। आपको याद होना चाहिए कि पाकिस्तान बनाने वाले एक शिया थे, यानी जिन्ना शिया समुदाय से थे।’

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उन्होंने कहा, ‘हमारा मजहबी रिश्ता ईरान के साथ है, इसलिए आपको यह समझना चाहिए कि धर्मगुरुओं को बुलाकर जो आपने धमकी दी है, उससे शिया समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है। यह ठीक नहीं है। आप पाकिस्तान के मुलाजिम हैं, क्योंकि आपने पाकिस्तान की वर्दी पहनी है, इसलिए कुछ भी कहने से पहले अपनी भाषा का ध्यान रखें। साथ ही पाकिस्तान के शिया समुदाय को डराने की कोशिश न करें।’ इसके बाद शिया नेता ने आसिम मुनीर को ताना मारते हुए कहा, ‘आप अमेरिका और इजराइल के करीब जा रहे हैं। अगर आपको उनसे हमदर्दी है, तो आप इस मुल्क से चले जाएं।’

कौन होगा CBI का अगला डायरेक्टर? इन नामों की चर्चा तेज

केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) के डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल अब खत्म होने की ओर है। 24 मई 2026 को उनके मौजूदा कार्यकाल की आखिरी तारीख है। उन्हें एक साल का सेवा विस्तार मिला था। केंद्र सरकार ने 7 मई 2025 को IPS प्रवीण सूद का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया था। उनकी रिटायरमेंट के बाद यह जिम्मेदारी किसे मिलेगी, इसे लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। 

सूत्रों के मुताबिक IPS शत्रुजीत कपूर और IPS अजय शर्मा का नाम भी इस रेस में शामिल है। प्रवीण सूद ने 25 मई 2023 को 2 साल के लिए सीबीआई निदेशक का पद संभाला था। पहले वह 24 मई 2025 को रिटायर होने वाले थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति की एक बैठक हुई, जिसके बाद बीते साल उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया था।

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चयन समिति में देश के तत्कालीन चीफ जस्टिस  में संजीव खन्ना और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल थे। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने चयन समिति की सिफारिश के आधार पर प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई 2025 के बाद एक साल और बढ़ाने की मंजूरी दी थी।

कौन हो सकता है अगला CBI डायरेक्टर?

IPS अजय शर्मा और IPS शत्रुजीत कपूर।

IPS अजय शर्मा का नाम चर्चा में

साल 1989 बैच के IPS अधिकारी हैं। वह भी CBI डायरेक्टर पद के प्रबल दावेदार हैं। उनके पास राज्य के विजिलेंस विभाग में 14 साल के कार्यकाल का अनुभव  है। प्रवीण सूद की तरह, अजय शर्मा भी कभी CBI में नहीं रहे। 

वह मध्य प्रदेश कैडर के सबसे अमीर IPS अधिकारी भी हैं। गृह मंत्रालय को उन्होंने अपने आयकर विवरण में यह जानकारी दी है। उनकी घोषित संपत्ति 11.65 करोड़ रुपये से ज्यादा है। 

अजय कुमार शर्मा के पास कई विभाग है। वह मध्य प्रदेश में विशेष पुलिस महानिदेशक, हाउसिंग कॉर्पोरेशन पर तैनात हैं। वह सीनीयरिटी रेस में डीजीपी कैलाश मकवाना के बाद राज्य में दूसरे स्थान पर है। अजय कुमार शर्मा का जन्म 15 अगस्त 1966 को हुआ था। 20 अगस्त 1989 को उन्होंने IPS की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी। 

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IPS शत्रुजीत सिंह कपूर भी हैं रेस में 

शत्रुजित सिंह कपूर 1990 बैच के IPS अधिकारी हैं। जनवरी 2026 में उन्हें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) का चीफ बनाया गया था। वह सीनियर अधिकारी हैं। हरियाणा पुलिस के महानिदेश के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं। DGP बनने से पहले, उन्होंने एंटी करप्शन ब्यूरो के डायरेक्टर के तौर पर सेवाएं दी हैं। उन्हें हरियाणा बिजली वितरण निगमों के सीएमडी जैसे प्रमुख पदों नियु्क्त किया जा चुका है। हरियाणा सरकार ने IPS वाई पूरण कुमार की कथित आत्महत्या को लेकर हुए हंगामे के बाद छुट्टी पर भेज दिया गया था। 2 महीने बाद उन्हें ITBP में अहम जिम्मेदारी दी गई। 

छोटी-छोटी गलतियां आपको बना रही हैं एनीमिया का शिकार, समझें क्या हैं कारण


आजकल खराब खान-पान की वजह से इंसान के शरीर को बहुत नुकसान होता है। कई बार महिलाओं को चक्कर, जल्दी थकावट और कमजोरी महसूस होती है। इन लक्षणों को हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं, जो आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकते हैं क्योंकि ये लक्षण आम नहीं बल्कि एक बड़ी बीमारी के संकेत हैं। इस बीमारी का नाम है एनीमिया, जिससे न सिर्फ महिलाओं का बल्कि उनसे जन्म लेने वाले बच्चों का भी भारी नुकसान हो सकता है।


आजकल कई लोग पोषण युक्त खाने की बजाय जंक फूड खाना पसंद करते हैं। जिस वजह से व्यक्ति के शरीर में विटामिन बी और आयरन की कमी हो जाती है। इसके कारण खून में रेड ब्लड सेल्स कम हो जाते हैं यानी खून में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है। इससे शरीर के अलग-अलग हिस्सों में ऑक्सीजन पहुंचना कम हो जाता है। जिस वजह से लोगों को जल्दी थकावट होने लगती है। एनीमिया पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा होता है। इस वक्त भारत में कई महिलाएं एनीमिया का शिकार होती जा रही हैं। एनीमिया से ग्रसित महिलाओं के आंकड़े चौंकाने वाले हैं।

 

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नेशनल फैमिली हेल्थ का एक सर्वे आया है। इस सर्वे के अनुसार भारत की कई महिलाएं एनीमिया की समस्या से जूझ रही हैं। आंकड़ों के मुताबिक, बंगाल में 71.8 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 60.8 प्रतिशत, पंजाब में 58.7 प्रतिशत, तेलंगाना में 57.6 प्रतिशत और राजस्थान में 54.4 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया का शिकार बन चुकी हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि भारत में एनीमिया एक बड़ी चुनौती बन गई है। अब सवाल उठता है कि एनीमिया से कैसे बचा जाए, एनीमिया के लक्षण क्या हैं और एनीमिया महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा क्यों होता है।

क्या है एनीमिया?


एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जब व्यक्ति के शरीर में रेड ब्लड सेल्स की संख्या यानी हीमोग्लोबिन कम हो जाता है। हीमोग्लोबिन एक प्रकार का प्रोटीन है जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। जब हीमोग्लोबिन शरीर में कम हो जाता है तो लोगों को जल्दी थकावट और कमजोरी महसूस होने लगती है, क्योंकि शरीर के हर हिस्से में ऑक्सीजन सही तरीके से नहीं पहुंच पाती है।

 

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एनीमिया के लक्षण

एनीमिया के शुरुआती लक्षण बेहद आम होते हैं, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। इसी वजह से लोगों को लंबे समय बाद पता चलता है कि उन्हें एनीमिया है।


थकावट – व्यक्ति को हर समय थकावट महसूस होने लगती है। आराम करने के बावजूद थकावट कम नहीं होती।


कमजोर बाल और नाखून – एनीमिया की वजह से व्यक्ति के बाल और नाखून कमजोर हो जाते हैं। इसी वजह से बाल झड़ने लगते हैं।


चक्कर आना और सिर दर्द – लो हीमोग्लोबिन के कारण व्यक्ति के दिमाग तक ऑक्सीजन सही से नहीं पहुंच पाती, जिससे चक्कर और सिर दर्द होने लगता है।


त्वचा का रंग पीला होना – एनीमिया होने के कारण व्यक्ति की त्वचा का रंग पीला पड़ जाता है। अगर ये सभी लक्षण किसी व्यक्ति के शरीर में दिखाई दें तो उसे तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अब सवाल उठता है कि ज्यादातर महिलाओं को एनीमिया क्यों होता है।

 

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महिलाओं को क्यों होता है एनीमिया?


मासिक धर्म (Periods) – हर महिला को हर महीने मासिक धर्म आता है। जिसमें खून बहने की वजह से शरीर में आयरन की कमी हो जाती है। इससे एनीमिया हो सकता है। इसलिए महिलाओं को ज्यादा मात्रा में आयरन युक्त आहार खाना चाहिए ताकि एनीमिया से बचा जा सके।


खान-पान की कमी – अक्सर महिलाएं पोषण से भरपूर खाना नहीं खाती हैं जबकि महिलाओं को संतुलित मात्रा में आहार खाना चाहिए, जिसमें उचित मात्रा में प्रोटीन, विटामिन और कार्बोहाइड्रेट हो, ताकि उनके शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी न हो।


प्रेग्नेंसी – इस अवस्था में मां के शरीर में आयरन की ज्यादा जरूरत होती है। मां के शरीर में एक शिशु भी पल रहा होता है।

 

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एनीमिया से बचने के उपाय

एनीमिया से बचने के लिए व्यक्ति को अपने खानपान में सुधार लाना होगा। उसे ऐसा भोजन खाना चाहिए जो न सिर्फ स्वाद में अच्छा हो बल्कि पोषण से भरपूर भी हो। इसके लिए हमें हरी सब्जियां, दालें, चुकंदर, खजूर, गुड़, नींबू और संतरा खाना चाहिए, जिससे शरीर में खून की कमी न हो।

सूर्य की उर्जा और मंगल का साहस, जानें आपकी राशि का हाल


ज्योतिषीय दृष्टि से 10 मार्च का दिन कई लोगों के लिए किस्मत में बदलाव की शुरूआत करने वाला हो सकता है। एक तरफ चंद्रमा वृश्चिक राशि में गोचर कर रहे हैं, जो हमारी इच्छाशक्ति और भावनाओं को गहराई प्रदान करेंगे, वहीं दूसरी तरफ आज का मूलांक 1 है। मूलांक 1 का स्वामी सूर्य है, जो सफलता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक माना जाता है।

 

अंक ज्योतिष और ग्रहों की यह स्थिति आज साहसी फैसलों और बड़े बदलावों के लिए एकदम सटीक है। अगर आप किसी नई योजना पर काम शुरू करना चाहते हैं या करियर में कोई बड़ा जोखिम लेने की सोच रहे हैं, तो आज का दिन आपको जबरदस्त सफलता दिला सकता है।

 

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क्या कहते हैं आपके सितारे?

मेष राशि

आज भाग्य आपके साथ है। करियर में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे और निवेश से लाभ होगा।

क्या करें: महत्वपूर्ण निर्णय लें और अपनी टीम के साथ मिलकर काम करें।

क्या न करें: जल्दबाजी में कोई काम न करें और विवादों से दूर रहें।

वृषभ राशि

आर्थिक मोर्चे पर मजबूती आएगी और परिवार में खुशहाली रहेगी। मानसिक शांति महसूस करेंगे।

क्या करें: पुरानी योजनाओं को पूरा करें और दान-पुण्य में मन लगाएं।

क्या न करें: किसी को पैसा उधार न दें और साथ ही किसी भी फालतू खर्च से बचें।

मिथुन राशि

अपनी सूझबूझ से आप बड़ी चुनौतियों को भी आसानी से पार कर लेंगे। नौकरी में अच्छी खबर मिल सकती है।

क्या करें: अपनी बात सटीकता से रखें और कुछ नया सीखने की कोशिश करें।

क्या न करें: सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा न करें।

कर्क राशि

आज का दिन पारिवारिक सुख-सुविधाओं पर केंद्रित रहेगा। मां का सहयोग और आशीर्वाद प्राप्त होगा।

क्या करें: घर के रुके हुए काम निपटाएं और थोड़ा समय पूजा-पाठ में बिताएं।

क्या न करें: पुरानी नेगेटिव यादों को खुद पर हावी न होने दें।

सिंह राशि

आपका आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा और समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। रचनात्मक कार्यों में मन लगेगा।

क्या करें: बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करें और लोगों से मेल-जोल बढ़ाएं।

क्या न करें: व्यवहार में अहंकार न आने दें और सेहत का ध्यान रखें।

कन्या राशि

कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी और सेहत में भी सुधार देखने को मिलेगा।

क्या करें: काम को व्यवस्थित ढंग से करें और अपनी रूटीन जांच करवाएं।

क्या न करें: दूसरों की आलोचना करने से बचें।

तुला राशि

रिश्तों और साझेदारी के लिए दिन बेहतरीन है। कला और सौंदर्य के क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा।

क्या करें: आपसी तालमेल बनाए रखें और जरूरी फैसले लेने में देरी न करें।

क्या न करें: किसी भी तरह के झगड़े या बहस में न पड़ें।

 

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वृश्चिक राशि

चंद्रमा आपकी ही राशि में है, जिससे आपकी आंतरिक शक्ति बढ़ेगी। निवेश के लिए समय अच्छा है।

क्या करें: आत्म-मंथन करें और अपनी आर्थिक योजनाओं को पुख्ता करें।

क्या न करें: अपनी गोपनीय बातें किसी से साझा न करें।

धनु राशि

धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और लंबी दूरी की यात्रा के योग बन रहे हैं। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा।

क्या करें: ज्ञान बढ़ाने वाली किताबें पढ़ें और भविष्य की योजनाएं बनाएं।

क्या न करें: जोखिम भरे कामों से बचें और पैसों के मामले में सतर्क रहें।

मकर राशि

करियर में स्थिरता आएगी और सीनियर्स का सहयोग मिलेगा। अनुशासन से काम बनेंगे।

क्या करें: लंबी अवधि के लक्ष्यों पर ध्यान दें और बड़ों का सम्मान करें।

क्या न करें: काम में लापरवाही बिल्कुल न बरतें।

कुम्भ राशि

नए विचार आपके करियर को नई दिशा देंगे। सामाजिक दायरे में बढ़ोतरी होगी।

क्या करें: दोस्तों से सलाह लें और तकनीक का सही इस्तेमाल करें।

क्या न करें: कोई भी बड़ा फैसला अकेले लेने की जिद न करें।

मीन राशि

आध्यात्मिक शांति मिलेगी और धन लाभ की पूरी संभावना है। मन शांत रहेगा।

क्या करें: योग-ध्यान करें और दूसरों की मदद के लिए तैयार रहें।

क्या न करें: किसी भी तरह के भ्रम या कन्फ्यूजन में रहने से बचें।

 

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

इजरायल पर ईरान का कहर, बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला, 100 से ज्यादा घायल


मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान ने शनिवार को इजरायल पर अब तक का सबसे घातक हमला किया है। इस हमले में 100 से ज्यादा इजरायली घायल हो गए हैं। ईरान ने इजरायल के दक्षिणी शहर डिमोना में मिसाइलों की बारिश करदी। ईरान ने जिस जगह पर हमला किया इसी जगह पर इजरायल की परमाणु साइट मौजूद हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि ईरान का यह हमला सीधे इजरायल की मुख्य परमाणु फैसिलिटी पर हमला है। 

 

ईरान के सरकारी टीवी ने इजरायल पर किए गए हमले को ईरान के नतांज न्यूक्लियर एनरिचमेंट कॉम्प्लेक्स पर दिन में हुए हमले का जवाब बताया। इजरायल की इमरजेंसी सेवाओं के मुताबिक, देश के अराद इलाके में कम से कम 88 लोग घायल हुए, जिनमें 10 की हालत गंभीर है। साथ ही शहर के बीच में बहुत ज्यादा नुकसान होने की खबर है।

 

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डिमोना में 39 लोग घायल

वहीं, डिमोना में 39 लोग घायल हुए हैं। यहां कई रिहायशी इमारतें तबाह हो गईं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमलों पर बात करते हुए इसे इजरायल के लिए एक बड़ा हमला बताया। उन्होंने ईरान पर हमला जारी रखने की कसम खाई। 

एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट, कोई फायदा नहीं

इजरायली सेना के मुताबिक हमलों के दौरान इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट हो गए थे, लेकिन कुछ मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने में नाकाम रहे। उन्होंने कहा, ‘डिमोना और अराद दोनों शहरों में इंटरसेप्टर लॉन्च किए गए जो खतरों को हिट करने में नाकाम रहे, जिसके परिणामस्वरूप सैकड़ों किलोग्राम वजन वाले वॉरहेड वाली बैलिस्टिक मिसाइलों ने सीधे हिट किया।’

 

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IAEA ने क्या कहा?

इस बीच इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने कहा कि उसे डिमोना में शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर को नुकसान का कोई संकेत नहीं मिला है। साथ ही इलाके में कोई असामान्य रेडिएशन स्तर नहीं मिला है। IAEA ने कहा कि वह स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है। एजेंसी ने दोनों देशों से आग्रह किया कि न्यूक्लियर फैसिलिटीज के आस-पास ज्यादा से ज्यादा मिलिट्री कंट्रोल रखा जाना चाहिए।

 

ईरानी सरकारी मीडिया के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइली हमलों में 1,500 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें 200 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं।

जानवर, सोना-चांदी दे रहे दान, ईरान की मदद को आगे आए कश्मीरी


ईरान में अमेरिका और इजरायल मिलकर हमला कर रहे हैं, जिसमें अरबों डॉलर के आर्थिक नुकसान के साथ में सैकड़ों लोगों की जान चली गई है। इसके साथ में ही शिया मुस्लिम बाहुल्य ईरान को कई ऐसे घाव मिले हैं, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। जब 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हमले में मौत हुई थी, तो उस समय भारत के कई हिस्सों के साथ में जम्मू-कश्मीर में भी प्रदर्शन हुए। 

 

अब युद्ध के 24वें दिन में प्रवेश करने के साथ ही भारत में ईरान के लिए लोग मदद के लिए सामने आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में दर्जनों लोग ईरान की मदद के लिए आगे आए हैं। बड़गाम में लोगों ने अपने सोने-चांदी के जेवर और बर्तन दान किए हैं। इसके साथ ही ईरान की मदद के लिए लोग अपने 1-1 महीने का वेतन भी दान कर रहे हैं।  

 

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जानवर भी दान किए 

अधिकारियों ने कहा कि डोनेशन में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों समेत हर तरह के लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि खासकर महिलाओं ने आगे आकर सोने के गहने, तांबे के बर्तन और घर का दूसरा कीमती सामान दान करके दिल खोलकर योगदान दिया है। कुछ परिवारों ने जानवर भी दान किए हैं।

शिया-बहुल इलाकों से मिली मदद

भारत में लोगों द्वारा ईरान के लिए की जा रही मदद को लेकर खुद ईरान के राजदूत ने आधिकारिक तौर पर शुक्रिया किया है। इस मदद के लिए शुक्रिया अदा करते हुए ईरानी दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा कि इस नेकी के काम को ‘कभी नहीं भुलाया जाएगा’। दरअसल, ईद के एक दिन बाद घाटी के शिया-बहुल इलाकों में रविवार को युवाओं ने घर-घर जाकर ईरान में पश्चिम में चल रहे युद्ध से प्रभावित लोगों के लिए डोनेशन इकट्ठा किया।

 

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ईरानी एंबेसी ने क्या कहा?

डोनेशन की तस्वीरें शेयर करते हुए, ईरान के दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा, ‘पूरे दिल से शुक्रगुजार होकर हम कश्मीर के दयालु लोगों को उनके मानवीय सहायता और दिल से एकता के जरिए ईरान के लोगों के साथ खड़े होने के लिए दिल से धन्यवाद देते हैं। इस दयालुता को कभी नहीं भुलाया जाएगा। हम आपकी दयालुता और इंसानियत को कभी नहीं भूलेंगे। धन्यवाद, इंडिया।’

बिना गैस जलाए घर पर आसानी से बनाएं ये 8 रेसिपी

अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया। इस युद्ध का प्रभाव भारत में भी दिख रहा है। युद्ध की वजह से मुंबई बेंगलुरु और चेन्नई में एलपीजी गैस का संकट देखने को मिल रहा है। हम खाना बनाने के लिए गैस का इस्तेमाल करते हैं। बिना गैस के खाना पकाना मु्श्किल हो सकता है। हालांकि मार्केट में गैस की बजाय इंडक्शन का विकल्प मौजूद है। ज्यादातर लोग इंडक्शन का इस्तेमाल नहीं करते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि बिना गैस के क्या-क्या चीजें बन सकती हैं।

 

आपको जानकर हैरानी होगी कि ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जिसे हम बिना गैस के इस्तेमाल के बना सकते हैं। ये चीजें खाने में स्वादिष्ट और सेहत के लिए पौष्टिक भी है। इस लिस्ट में फ्रूट चार्ट, सैंडविच, रायता समेत कई चीजें शामिल हैं।

 

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बिना गैस के इस्तेमाल बनाएं ये चीजें

फ्रूट चाट

 

फ्रूट चाट एक हेल्दी और लो कैलोरी फूड है। इसका स्वाद लाजवाब होता है। इसे बनाने के लिए आपको केला, सेब, पपीता, तरबूज समेत अन्य फलों को काटकर एक कटोरी में मिला लेना है। इसके बाद भुना जीरा और काला नमक डालकर पकाएं।

 

वेजिटेबल सलाद

 

आप खीरा, टमाटर, गाजर, प्याज और अपनी मनपसंद सब्जियों को मिलाकर सलाद बनाएं और सीजनिंग के लिए उसमें नींबू का रस मिलाएं। सलाद सेहत के लिए अच्छा होता है और पेट भी लंबे समय तक भरे रखता है।

 

वेजिटेबल सैंडविच

 

आप वेजिटेबल सैंडविच बना सकते हैं। इसे बनाने के लिए आपको खीरा, प्याज और टमाटर की पतली स्लाइस काटना है। इसके बाद ब्रेड पर बटर या चीज लगा सकते हैं और इस सब्जियों की फिल करें। 

 

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वेजिटेबल रायता

 

आप घर पर वेजिटेबल रायता बना सकते हैं। इसके लिए आपको दही में लौकी, खीरा कद्दूकस करके डालें। इसके बाद उसमें काला नमक, काली मिर्च और धनिया डालकर गार्निश करें।

 

स्प्राउट्स

 

आप सुबह के नाश्ते में स्प्राउट्स खा सकते हैं। स्प्राउट्स बनाने के लिए आपको  रात में मूंग और चना भिगोने के लिए डालें। इसके बाद उसमें बारिक कटा हुआ खीरा, प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, नींबू का रस और नमक मिलाएं। 


 भेलपुरी

 

भेलपुरी एक चटपटी रेसिपी है। इससे बनाने के लिए एक कटोरे में मुरमुरे, बारिक कट हुआ प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, भूनी हुई मूंगफली और नींबू का रस और नाम मिलाएं। इससे ऊपर से बेसन की सेव डालकर तुरंत परोसें।

 

स्मूदी

 

आप घर पर स्मूदी बना सकते हैं। स्मूदी बनाने के लिए आप दही को हल्का फेट लें और उसमें कटे हुए फ्रूट्स को मिलाएं। ये एक हेल्दी ऑप्शन है। 

चंद्रमा के दिशा परिवर्तन से किन राशियों की बदलेगी किस्मत? पढ़ें राशिफल


अंक ज्योतिष और ज्योतिषीय के नजरिए से 10 मार्च का दिन बेहद खास है। बुधवार के साथ मूलांक 2 का मेल यह बताता है कि आज भावनाओं और समझदारी के बीच संतुलन बनाकर काम करने से बड़े लाभ होंगे। वृश्चिक राशि में चंद्रमा की मौजूदगी गहरे शोध और छिपे हुए अवसरों को सामने लाने में मदद करेगी।

 

आज उन लोगों के लिए दिन बेहतरीन है जो टीम वर्क, नई पार्टनरशिप या किसी क्रिएटिव प्रोजेक्ट से जुड़े हैं। यदि आप अपनी अंदर की आवाज सुनकर फैसले लेते हैं, तो आज का दिन आपके जीवन में कोई बड़ा और सकारात्मक मोड़ ला सकता है।

 

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सभी 12 राशियों का राशिफल

मेष राशि

आज पूरी एनर्जी के साथ नई शुरुआत का दिन है। टीम को साथ लेकर चलना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

क्या करें: नई प्लानिंग पर काम शुरू करें और नेतृत्व संभालें। अच्छी सेहत के लिए एक्सरसाइज शुरू करें।

क्या न करें: जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें। साथ ही विवादों से दूर रहें।

वृषभ राशि

आर्थिक मजबूती के लिए यह दिन अच्छा है। इंवेस्टमेंट के नए ऑप्शन पर विचार किया जा सकता है।

क्या करें: परिवार को टाइम दें और अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने पर काम करें।

क्या न करें: बिना सोचे-समझे खर्च करने या किसी को उधार देने से बचें।

मिथुन राशि

आज आपकी बातचीत और नेटवर्किंग आपको सफलता दिलाएगी। कुछ नया सीखने के लिए दिन शुभ है।

क्या करें: नए लोगों से मिलें और क्रिएटिव काम में समय बिताएं।

क्या न करें: अफवाहों पर ध्यान न दें और गपशप में अपना समय बर्बाद न करें।

कर्क राशि

आज का दिन घर और परिवार के नाम रहेगा। इमोशनल रूप से आप खुद को मजबूत महसूस करेंगे।

क्या करें: मां की सलाह लें और घर के रुके हुए काम पूरे करें।

क्या न करें: भावुक होकर पुरानी कड़वी बातों या विवादों को दोबारा न उखाड़ें।

सिंह राशि

कार्यक्षेत्र में आपकी धाक जमेगी। ऑफिस की मीटिंग्स में आपके आइडियाज की सराहना हो सकती है।

क्या करें: आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और जरूरी प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी लें।

क्या न करें: स्वभाव में अहंकार न आने दें और काम निपटाने में जल्दबाजी न करें।

कन्या राशि

बारीकियों पर ध्यान देना आज आपको दूसरों से आगे रखेगा। अटके हुए काम पूरे करने का सही समय है।

क्या करें: अपनी सेहत का ख्याल रखें और नई स्किल सीखने पर जोर दें।

क्या न करें: दूसरों की बहुत ज्यादा आलोचना करने या हर चीज में परफेक्शन खोजने से बचें।

तुला राशि

रिश्तों और पार्टनरशिप के लिए यह दिन शानदार है। सामाजिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी।

क्या करें: पार्टनर के साथ तालमेल बिठाएं और म्यूजिक के मजे लें।

क्या न करें: किसी भी बहस में न पड़ें और अकेले बड़े फैसले लेने से बचें।

वृश्चिक राशि

आज आपका ही दिन है क्योंकि चंद्रमा आपकी ही राशि में है, जिससे आपकी आंतरिक शक्ति बढ़ेगी। पुराने रहस्यों या समस्याओं का हल मिल सकता है।

क्या करें: निवेश के मामलों पर गहराई से विचार करें और खुद में बदलाव लाने की कोशिश करें।

क्या न करें: मन में गुस्सा न पालें और जरूरी बातों को छिपाकर न रखें।

 

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धनु राशि

भाग्य आपके साथ है, विशेषकर शिक्षा और यात्रा के मामले में। गुरु कृपा से बिगड़े काम बनेंगे।

क्या करें: भविष्य के लिए लंबी योजनाएं बनाएं और पढ़ाई पर ध्यान दें।

क्या न करें: अपनी क्षमता से बाहर जाकर बड़े वादे न करें और अति-उत्साह से बचें।

मकर राशि

करियर में स्थिरता और तरक्की के योग हैं। सीनियर्स का सहयोग आपको आगे बढ़ने में मदद करेगा।

क्या करें: अनुशासन बनाए रखें और अपने निवेश की दोबारा जांच करें।

क्या न करें: काम के चक्कर में अपनी सेहत को नजरअंदाज बिल्कुल न करें।

कुंभ राशि

तकनीकी और सामाजिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। दोस्तों के साथ मिलकर कुछ नया कर सकते हैं।

क्या करें: नए विचारों को लागू करें और ग्रुप प्रोजेक्ट्स में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

क्या न करें: अकेले रहने की कोशिश न करें और अपनी बात को लेकर जिद न अड़ाएं।

मीन राशि

आज का दिन शांति और सुकून भरा रहेगा। अध्यात्म और सेवा भाव से आपको मानसिक शांति मिलेगी।

क्या करें: दान-पुण्य करें, क्रिएटिव राइटिंग या कला में समय बिताएं और आराम करें।

क्या न करें: ख्याली पुलाव या भ्रम में न रहें और फिजूलखर्ची पर लगाम लगाएं।

 

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

ईरान की तबाही, इजरायल-अमेरिका विलेन, UN के चार्टर का होगा क्या?


अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान अपने उन संस्थानों को खो रहा है, जिन पर उसकी अर्थव्यवस्था टिकी है। न्यूक्लियर प्लांट हो, गैस प्लांट हो या पेट्रोलियम प्लांट, हर जगह इजरायल और अमेरिकी हमलों में भीषण तबाही मची है। ईरान को इतना धक्का लग चुका है कि उससे उबरने में कई साल लग सकते हैं। अब एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पेट्रोलियम ठिकानों को तबाह करने की धमकी दी है।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से और बिना किसी खतरे के खोलने के लिए 48 घंटे की समयसीमा दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान इस समयसीमा के भीतर स्ट्रेट नहीं खोलता, तो अमेरिका, ईरान के अलग-अलग पावर प्लांट्स पर हमला कर उन्हें तबाह कर देगा। अब ईरान ने जवाब में कहा है अगर उसके पावर प्लांट्स पर हमला होता है तो, जवाब में पूरे खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े सभी एनर्जी प्लांट पर हमले किए जाएंगे। जंग, ईरान पर भारी पड़ रही है।

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क्यों इस जंग में ईरान पीड़ित है, सबकी संवेदनाएं क्यों?

2024 में ईरान को मिला दर्द

ईरान ने जंग नहीं छेड़ी थी। ईरान ने इजरायल या अमेरिकी ठिकानों पर पहले हमला नहीं किया। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर काम कर रहा था, जिससे डर की आशंका में अक्तूबर 2024 में इजरायल ने पहले ईरान पर सीधे मिसाइलें दागीं। इजरायल ने इसे ‘ऑपरेशन डेज ऑफ रिपेंटेंस’ का नाम दिया। 20 से ज्यादा ईरानी ठिकानों पर इजरायल की मिसाइलें गरजीं।

इजरायल ने तेहरान के आसपास रूसी निर्मित S-300 एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को तबाह कर दिया। इजरायल ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रमों को नुकसान पहुंचाया। परचिन और खोजिर के सैन्य इलाकों में हमला किया। यहां उन मशीनों को निशाना बनाया गया जो बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए ठोस ईंधन बनाती हैं। इजरायल ने ईलाम और खुजेस्तान प्रांतों में हमला किया। बंदर इमाम खुमैनी पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के पास एयर डिफेंस साइटों पर हमले किए। कुछ महीनों पहले 

2025 में भी बिना उकसावे के झेले हमले 

जून 2025 में इजरायल ने एक बार फिर ईरान पर बिना उकसावे के हमला बोला। 12 दिनों की जंग में ईरान को काफी नुकसान पहुंचा। अमेरिका ने इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ कहा। दोनों देशों ने संयुक्त तौर पर हमले किए। नतांज में बने परमाणु स्थल को पूरी तरह से दोनों देशों ने तबाह कर दिया। फोर्डो और इसफहान जैसे ठिकानों पर मिसाइल हमले हुए। ये जगहों तबाह हो चुकीं हैं। ईरान का परमाणु कार्यक्रम अब दशकों पीछे चला गया है।

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नए हमले, जिनमें ईरान की रीढ़ टूट गई 

अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमला बोला। अमेरिका ने इसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्युरी’ और इजरायल ने इसे ‘रोअरिंग लायन’ का नाम दिया। ईरान में इन हमलों से भीषण तबाही मची है। ईरान ने अपने सर्वोच्च लीडर अली खामेनेई को खो दिया है। ईरानी सेना के अब्दुलराहीम मौसवी सहित कई शीर्ष अधिकारी मारे जा चुके हैं। IRGC कमांडर मोहम्मद पाकपुर, खामेनेई के शीर्ष सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी, रक्षा मंत्री अजीज नासिरजादेह और सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मूसावी की भी मौत हुई।

ईरानी मीडिया का कहना है कि 190 से ज्यादा ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर अब तक तबाह हो चुके है। लगभग 130 नौसैनिक जहाजों को डुबो दिया गया। तेहरान भी खंडहर हो रहा है। तेहरान के शरान ऑयल डिपो जैसे तेल भंडारण केंद्रों और कुछ सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा है। इजरायल ने साउथ पार्स में इजरायल के गैस भंडार को भी तबाह किया है, जिस प्रोजेक्ट को खड़ा करने में ईरान को दशकों लगे हैं। 

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ईरान को हुए नुकसान की भरपाई कैसे हो सकती है?

दीवान लॉ कॉलेज में, इंटरनेशनल स्टडीज पढ़ाने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर निखिल गुप्ता ने बताया कि ईरान के पास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) के तहत एक अधिकार है, जिसे लेकर वह दोनों देशों को घेर सकता है। यह किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ बल प्रयोग को प्रतिबंधित करता है। ईरान और अमेरिका, दोनों ने इस चार्टर का उल्लंघन किया है।

ईरान यह तर्क दे सकता है कि अमेरिका और इजरायल का हमला बिना किसी उकसावे के है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। ईरान पर हमले हो रहे हैं। ईरान के पास तर्क है कि वह अनुच्छेद 51 का हवाला देकर, जवाबी कार्रवाई कर सकता है। खाड़ी के देशों में ईरान के हमले, आत्मरक्षा के तहत आएंगे। ईरान सुरक्षा परिषद से इस हमले को रोकने और हमलावर देशों पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर सकता है। विडंबना यह है कि जिस देश ने हमला किया है, वह  संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य है। 

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युद्ध की स्थिति में भी कुछ मानवीय कानून लागू होते हैं। जिनेवा कन्वेंशन के तहत ये अधिकार मिले हैं। ईरान पर हुए हमलों में स्कूल, अस्पताल और रिहायशी इलाकों पर हमले हुए हैं। ईरान इसे युद्ध अपराध घोषित करने की मांग कर सकता है। ईरान अपनी संप्रभुता और सीमाओं के उल्लंघन के लिए मुआवजे और कानूनी निंदा की मांग कर सकता है। ईरान, अब दुनिया से प्रतिबंध हटाने की मांग कर सकता है। 

मुश्किलें क्या हैं?

असिस्टेंट प्रोफेसर निखिल गुप्ता ने कहा, ‘अमेरिका, ज्यादातर वैश्विक संस्थाओं को फंडिंग देता है। सबसे बड़ा सरपंच होने का दावा भी अमेरिका ही करता है। अमेरिका, दुनिया पर युद्ध और शांति से जुड़े समझौतों को थोपता है, खुद कोई समझौता नहीं मानता है। आर्थिक और सामरिक वजहों की वजह से वैश्विक संस्थाएं उस पर दबाव भी नहीं बना पाती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक, अमेरिका की निंदा कई बार हुई है, बकाया मांगा गया है, अमेरिका ने मांग ही खारिज कर दी है।’

गोद लेने पर भी मिलेगी मैटरनिटी लीव, कंपनियों को फायदा होगा या नुकसान?


सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में साफ कर दिया है कि बच्चा गोद लेने वाली हर मां 12 हफ्ते की मैटरनिटी लीव की हकदार है। कोर्ट ने उस पुराने नियम को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है, जिसमें केवल 3 महीने से कम उम्र के बच्चे को गोद लेने पर ही छुट्टी मिलती थी। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने कहा कि मां और बच्चे के बीच का लगाव और देखभाल की जरूरत उम्र पर निर्भर नहीं करती। यह फैसला कामकाजी महिलाओं के लिए एक बड़ी जीत है।

 

अब तक मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट में एक ऐसी शर्त थी जो कई महिलाओं के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही थी। नियम यह था कि अगर कोई महिला 3 महीने से कम उम्र के बच्चे को गोद लेती है, तभी उसे 12 हफ्ते की पूरी तनख्वाह के साथ छुट्टी मिलेगी। इसका मतलब यह था कि अगर गोद लिया गया बच्चा 3 महीने से एक दिन भी बड़ा होता, तो मां को ऑफिस से एक भी दिन की कानूनी छुट्टी नहीं मिलती थी। भारत में बच्चा गोद लेने की सरकारी प्रक्रिया इतनी लंबी है कि बच्चा अक्सर 3 महीने से बड़ा हो ही जाता है, जिससे माताओं को इस हक का कोई फायदा नहीं होता था।

 

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नियम में अब क्या बदलाव हुआ?

सुप्रीम कोर्ट ने इस ‘3 महीने वाली समय सीमा’ को अब पूरी तरह खत्म कर दिया है। अदालत ने माना कि प्रक्रिया लंबी होने की वजह से बच्चा अक्सर बड़ा हो जाता है, इसलिए अब से बच्चे की उम्र चाहे जो भी हो, गोद लेने वाली मां को 12 हफ्ते की छुट्टी जरूर मिलेगी। यह छुट्टी उस दिन से शुरू मानी जाएगी जिस दिन बच्चा कानूनी तौर पर मां को सौंपा जाएगा। अब जन्म देने वाली मां और गोद लेने वाली मां के अधिकारों में कोई भेदभाव नहीं रहेगा।

कंपनियों के खर्च और बजट पर असर

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह की कंपनियों को अपने पुराने नियमों में बदलाव करना होगा। अब कंपनियों को बच्चा गोद लेने वाली माताओं को भी 12 हफ्ते की छुट्टी और पूरी सैलरी देनी होगी। ‘डेलॉइट’ (Deloitte) की एक रिपोर्ट बताती है कि जब कंपनियां ऐसी सुविधाएं नहीं देतीं, तो अनुभवी महिला कर्मचारी नौकरी छोड़ देती हैं। इससे कंपनियों को हर साल अपनी कुल कमाई का करीब 15 से 20 प्रतिशत तक नुकसान उठाना पड़ता है। डेटा के अनुसार, किसी पुराने कर्मचारी के जाने के बाद उसकी जगह नया बंदा ढूंढने और उसे काम सिखाने में कंपनी को उसकी एक साल की सैलरी से भी ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता है। यह फैसला कंपनियों को इस फालतू खर्च से बचाने में मदद करेगा।

कामकाज का माहौल और मुनाफे में बढ़ोतरी

‘ग्लोबल बेनिफिट्स एटीट्यूड सर्वे’ (Global Benefits Attitudes Survey) के आंकड़े बताते हैं कि जिन दफ्तरों में गोद लेने और मैटरनिटी लीव के अच्छे नियम होते हैं, वहां कर्मचारी 33 प्रतिशत ज्यादा मन लगाकर काम करते हैं। इसके अलावा, ‘पेटर्सन इंस्टीट्यूट’ (Peterson Institute) की एक स्टडी यह भी कहती है कि जो कंपनियां महिलाओं की जरूरतों का ख्याल रखती हैं, उनके मुनाफे में भी 6 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि कंपनियों को 3 महीने की छुट्टियों का खर्च उठाना होगा लेकिन इसके बदले उन्हें भरोसेमंद कर्मचारी और समाज में एक अच्छी पहचान मिलेगी। यह फैसला कंपनियों को एक बेहतर और मददगार वर्क कल्चर बनाने की दिशा में ले जाएगा।

पिता की जिम्मेदारी और बराबरी का संदेश

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कर दिया है कि बच्चे की परवरिश केवल मां की जिम्मेदारी नहीं है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया है कि पिता को मिलने वाली छुट्टी (Paternity Leave) को भी कानून का हिस्सा बनाना चाहिए। ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ (World Economic Forum) की ‘जेंडर गैप रिपोर्ट’ के अनुसार, जब पिता को बच्चे की देखभाल के लिए छुट्टी मिलती है, तो घर के कामों में पुरुषों की भागीदारी 25% तक बढ़ जाती है। अदालत का मानना है कि बच्चे की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ मां पर डालना गलत है। जब पिता को भी छुट्टी मिलेगी, तभी समाज में सही मायनों में बराबरी आएगी। यह फैसला एक ऐसे भविष्य की नींव रखता है जहाँ परिवार चलाने में माता और पिता दोनों को बराबर का सम्मान मिलेगा।

 

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भारत में बच्चा गोद लेने के नए आंकड़े

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का सबसे बड़ा असर उन बच्चों पर पड़ेगा जो एक परिवार का इंतज़ार कर रहे हैं। सरकारी संस्था ‘कारा’ (CARA) की रिपोर्ट बताती है कि भारत में बच्चा गोद लेने का चलन धीरे-धीरे बढ़ रहा है। साल 2021-22 में पूरे देश में 2,991 बच्चों को गोद लिया गया था, जो अगले ही साल यानी 2022-23 में बढ़कर 3,441 हो गया। ताज़ा आंकड़े दिखाते हैं कि अब लोग न सिर्फ छोटे बच्चों को, बल्कि 2 साल से बड़े बच्चों को भी अपना परिवार देने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

 

जानकारों का कहना है कि पहले कामकाजी महिलाएं नौकरी छूटने के डर से बड़े बच्चों को गोद लेने से कतराती थीं, क्योंकि उन्हें ऑफिस से छुट्टी नहीं मिलती थी। अब 3 महीने की छुट्टी का अधिकार मिलने से बच्चा गोद लेने की दर में 15 से 20 प्रतिशत तक की बड़ी बढ़त देखने को मिल सकती है।