Home Blog Page 54

प्रियंका हों या काइली जेनर, सबको पसंद हीरा, सोने का क्रेज खत्म?


अक्सर लोग अपने फेवरेट सेलिब्रिटी के ड्रेसिंग स्टाइल और फैशन को देखकर प्रभावित होते हैं। आजकल ज्यादातर सेलिब्रिटी हीरे के गहने पहने नजर आ रहे हैं। चाहे प्रियंका हों या काइली जेनर, सभी सोने के गहनों की बजाय हीरे के गहने पहने नजर आ रही हैं। अब सवाल उठता है कि क्या इन सेलिब्रिटीज का गहनों के प्रति रुझान बदलता जा रहा है। साथ ही यह सवाल भी उठता है कि क्या इन सेलिब्रिटीज के हीरा पहनने से गोल्ड के गहनों का ट्रेंड खत्म हो जाएगा।


2026 के गोल्डन ग्लोब्स अवॉर्ड में प्रियंका चोपड़ा से लेकर काइली जेनर जैसी हस्तियां रेड कार्पेट पर शानदार कपड़ों और बेहतरीन हीरे की जूलरी पहने नजर आई थीं। इस इवेंट में प्रियंका चोपड़ा डायर का गाउन पहने नजर आई थीं। इसके अलावा उन्होंने बुल्गारी का हीरे और नीलम का हार पहना था, जिसमें वह बेहद खूबसूरत लग रही थीं।

 

यह भी पढ़ें: पीने के लिए सही नारियल की पहचान कैसे करें? नोट कीजिए, काम आएगी टिप्स

 


वहीं काइली जेनर ने इस अवॉर्ड नाइट में शैम्पेन रंग के शानदार कस्टम-मेड गाउन में शिरकत की थी, उन्होंने लॉरेन श्वार्ट्ज के 75 कैरेट के विशाल हीरे के झुमकों के साथ स्टाइल किया था। इनके अलावा कई सेलिब्रिटी सिर्फ हीरे की जूलरी पहने नजर आई थीं। अब सवाल उठता है कि आज सेलिब्रिटी सोने से ज्यादा हीरे की जूलरी पहनना क्यों पसंद कर रही हैं।

 

 हीरा पहनने की क्या है वजह?

 

लुक को बेहतर बनाना – हीरा किसी भी रंग की ड्रेस के साथ मैच हो जाता है। चाहे वह भारी ड्रेस हो या सिंपल ड्रेस, हीरे की जूलरी लुक को और बेहतर बना देती है।


अंतरराष्ट्रीय फैशन ट्रेंड – भारतीय हस्तियां अब अंतरराष्ट्रीय फैशन रुझानों की ओर बढ़ती जा रही हैं, जहां डायमंड नेकलेस या स्टड अंगूठियां बहुत लोकप्रिय हो रही हैं।


लैब-ग्रोन हीरों की वजह से – लैब-ग्रोन डायमंड्स आने के कारण हीरे अब सोने से भी सस्ते दामों में मिल जाते हैं। इससे माना जा रहा है कि हीरे भी अब सेलिब्रिटी स्टैंडर्ड का हिस्सा बन गए हैं। हीरे के आभूषण चमकदार होते हैं, जिन्हें पहनते ही सेलिब्रिटी का लुक बेहद ग्लैमरस लगता है। अब सवाल उठता है कि क्या गोल्ड का चलन खत्म हो जाएगा।

 

यह भी पढ़ें: छोटी-छोटी गलतियां आपको बना रही हैं एनीमिया का शिकार, समझें क्या हैं कारण

सोने का क्रेज खत्म?

आज के दौर में भले ही सेलिब्रिटी ज्यादा मात्रा में हीरे की जूलरी पहन रही हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सोने का क्रेज लोगों के बीच खत्म हो गया है। आज भी लोग अपने पैसे सोना खरीदकर निवेश करना पसंद करते हैं, क्योंकि सोने का दाम समय के साथ बढ़ता रहता है। भारत में शादियों और त्योहारों के समय गोल्ड की खरीदारी बढ़ जाती है। सोना आज भी ट्रेंड में है।

चमकेगा आपका भाग्य, मकर राशि में आ रहे चंद्रमा, राशिफल में बड़ा बदलाव


ग्रहों की स्थिति की अगर बात करें तो 15 मार्च 2026 रविवार का दिन बेहद खास है। चंद्रमा आज मकर राशि में गोचर कर रहे हैं, जो हमें अपने लक्ष्यों के प्रति गंभीर और व्यावहारिक रहने की प्रेरणा देता है। साथ ही, आज का मूलांक 6 है जिसका स्वामी सुख-सुविधाओं का कारक ‘शुक्र’ है। यह मेल आज के दिन को परिवार, करियर और रचनात्मक कार्यों के लिए बहुत शुभ बना रहा है।

 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज का दिन सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहेगा। शुक्र और चंद्रमा की जुगलबंदी से रिलेशन में मिठास आएगा और आपकी महत्वाकांक्षाओं को नई उड़ान मिलेगी। आइए जानते हैं आपकी राशि के लिए आज के सितारे क्या बता रहे हैं और आपको किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

 

यह भी पढ़ें: चंद्रमा के दिशा परिवर्तन से किन राशियों की बदलेगी किस्मत? पढ़ें राशिफल

 

राशिफल और उपाय

मेष राशि

आज का दिन लीडर बनने का है। ऑफिस में नई जिम्मेदारियां आपका इंतजार कर रही हैं।

क्या करें: नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करें। परिवार के साथ वक्त बिताएं। निवेश पर नजर रखें।

क्या न करें: पुरानी गलतियों पर बहस करने से बचें। फालतू खर्च न करें।

वृषभ राशि

आर्थिक रूप से आज का दिन काफी मजबूत है। आपको अचानक कहीं से धन का फायदा हो सकता है।

क्या करें: पुराने दोस्तों से मिलें, घर की सजावट करें। कुछ क्रिएटिव काम करें।

क्या न करें: किसी भी तरह के झगड़े में न पड़ें। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें।

मिथुन राशि

आज आपकी बातचीत का तरीका लोगों को प्रभावित करेगा। नए संपर्क बनाने में मदद मिलेगी।

क्या करें: सोशल मीडिया और नेटवर्किंग पर समय दें। किसी ट्रिप का प्लान बनाएं।

क्या न करें: दूसरों की बुराई या अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें।

कर्क राशि

घर-परिवार में आज सुख और शांति का माहौल रहेगा। मन में स्थिरता महसूस करेंगे।

क्या करें: माता-पिता का आशीर्वाद लें। घर से जुड़े काम निपटाएं।

क्या न करें: भावनाओं में बहकर कोई फैसला न करें। बीती बातों को याद न करें।

सिंह राशि

आज आप आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। करियर में तरक्की के नए रास्ते खुलते दिख रहे हैं।

क्या करें: बड़े प्रोजेक्ट्स पर फोकस करें। अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए एक्सरसाइज करें।

क्या न करें: अपने भीतर अहंकार न आने दें। दूसरों की राय का सम्मान करें।

 

यह भी पढ़ें: सूर्य की उर्जा और मंगल का साहस, जानें आपकी राशि का हाल

कन्या राशि

आज आपकी बुद्धि और विश्लेषण करने की क्षमता आपको फायदा पहुंचाएगी। नौकरी में स्थिति बेहतर होगी।

क्या करें: पेंडिंग पड़े छोटे काम पूरे करें और अपनी सेहत की जांच करवाएं।

क्या न करें: हर काम में परफेक्शन ढूंढने के चक्कर में टेंशन न लें।

तुला राशि

प्रेम संबंधों के लिए आज का दिन बेहतरीन है। पार्टनर के साथ आपके रिश्ते और गहरे होंगे।

क्या करें: जीवनसाथी के साथ समय बिताएं। क्रिएटिव कामों में रुचि लें।

क्या न करें: कन्फ्यूजन में समय बर्बाद न करें। वाद-विवाद से दूर रहें।

वृश्चिक राशि

आज आपको गुप्त स्रोतों से लाभ मिल सकता है। पुरानी बीमारी से भी राहत मिलने के योग हैं।

क्या करें: गहराई से किसी विषय का अध्ययन करें। अपने निवेश की दोबारा जांच करें।

क्या न करें: मन में जलन या किसी के प्रति नेगेटिव विचार न आने दें।

धनु राशि

आज का दिन यात्रा और ज्ञान पाने के लिए बेहद अच्छा है। जीवन में कुछ पॉजीटिव बदलाव महसूस करेंगे।

क्या करें: धार्मिक या पढ़ाई-लिखाई से जुड़े काम करें। बाहर घूमने जाएं।

क्या न करें: जोश में आकर कोई बड़ा रिस्क न लें।

मकर राशि

आपकी ही राशि में चंद्रमा होने से आज आप खुद को ऊर्जा से भरा हुआ पाएंगे। आपके बड़े लक्ष्य पूरे हो सकते हैं।

क्या करें: अपने मुख्य टारगेट पर ध्यान लगाएं। परिवार को भी समय दें।

क्या न करें: अकेले न रहें। अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें।

कुंभ राशि

सामाजिक दायरे में आपकी सक्रियता बढ़ेगी। दोस्तों और मिलने-जुलने वालों से आपको फायदा हो सकता है।

क्या करें: ग्रुप मीटिंग्स में शामिल हों। खुलकर अपनी बात रखें।

क्या न करें: अकेले कोई बड़ा फैसला न लें। विवादित चर्चाओं से बचें।

मीन राशि

मानसिक शांति और आध्यात्मिकता के लिए आज का दिन श्रेष्ठ है। आपके देखे हुए सपने सच हो सकते हैं।

क्या करें: योग, ध्यान या पूजा-पाठ करें और कला के प्रति अपना रुझान बढ़ाएं।

क्या न करें: किसी भी तरह के भ्रम में न रहें और पैसों के मामले में लापरवाही न बरतें।

 

नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अपनी मेहनत पर भरोसा रखें और सकारात्मकता के साथ दिन का आनंद लें। 

ईरान में जंग, खाड़ी पर असर, बढ़ रहा LPG संकट, किसके पास कितना स्टॉक?


मिडिल ईस्ट में ईरान,इजरायल और अमेरिका तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग बाधित होने का असर अब दक्षिण एशिया के देशों में LPG और ईंधन संकट के रूप में दिखने लगा है। भारत, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, भूटान और पाकिस्तान जैसे देश मिडिल ईस्ट से तेल और LPG आयात पर निर्भर हैं। इसलिए सप्लाई बाधित होते ही इन देशों में गैस स्टॉक तेजी से घटने लगा है।

 

रिपोर्ट्स के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल और गैस सप्लाई होती है और इसके बाधित होने से एशिया के आयातक देशों में ईंधन संकट पैदा हो गया है। कई देशों ने ईंधन बचाने के लिए स्कूल बंद, वर्क फ्रॉम होम, गैस राशनिंग और पावर कट जैसे कदम उठाए हैं।

 

यह भी पढ़ें: कतर में सैन्य हेलीकॉप्टर क्रैश, 6 की मौत एक गायब, तकनीकी खराबी या कुछ और है वजह?

भारत की स्थिति

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता है। भारत अपनी कुल LPG मांग का लगभग 55-60% हिस्सा आयात करता है, जिसमें से अधिकांश सऊदी अरब, कतर और UAE से आता है। द गार्डियन में दिल्ली स्थित थिंक टैंक ब्यूरो ऑफ रिसर्च ऑन इंडस्ट्री एंड इकोनॉमिक फंडामेंटल्स के अख्तर मलिक ने बातया कि भारत ने रणनीतिक कच्चे तेल के भंडार तो बनाए लेकिन LPG के लिए वैसे बफर नहीं बनाए। उन्होंने आगे कहा, ‘वैश्विक स्तर पर, ऊर्जा प्रणालियां आमतौर पर जरूरी ईंधनों के लिए 40 से 60 दिनों का रिजर्व कवर रखती हैं। इसके विपरीत, भारत के पास LPG का भंडारण 20 दिनों से कुछ ही ज़्यादा है, मौजूदा संकट जितना सप्लाई में रुकावट की वजह से है, उतना ही योजना बनाने में कमी की वजह से भी है।’

पड़ोसी देशों में हाहाकार

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून में छपे एक रिपोर्ट के मुताबकि पाकिस्तान में नौ दिनों के लिए LPG और 14 दिनों के लिए जेट ईंधन बचे हैं। द मोर्निंद में छपे एक रिपोर्ट में बताया गया कि श्रीलंका में प्रतिदिन 1,000-1,200 मीट्रिक टन LPG की मांग है, लेकिन भंडारण क्षमता केवल एक सप्ताह की आपूर्ति के बराबर है। लिट्रो गैस लंका के चेयरमैन गुणवर्धना ने बताया कि श्रीलंका को हर दो दिन में 8,000 मीट्रिक टन की खेप मालदीव में खड़े बड़े LPG पोत से छोटे जहाजों में लानी पड़ रही है।

 

यह भी पढ़ें: ईरान का बड़ा दावा, होर्मुज के पास मार गिराया दुश्मन का F-15 फाइटर जेट

 

कई मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि बांग्लादेश के पास कुछ हफ्तों का LPG स्टॉक है। नेपाल LPG के लिए पूरी तरह से भारत पर निर्भर है, इसलिए अब उसके पास LPG की सप्लाई सीमित है। LPG कमी के कारण नेपाल ने राशनिंग शुरू कर दी है। भूटान भी पूरी तरह से LPG के लिए भारत पर निर्भर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुतबिक भूटान भारत के साथ MoU के कारण सप्लाई जारी, पर कीमतों में भारी उछाल। भूटान में भी कुछ हफ्तों का ही LPG स्टॉक है।

कई देशों में स्कूल बंद, वर्क फ्रॉम होम की सुविधा

रिपोर्ट्स के अनुसार श्रीलंका में ईंधन और गैस स्टॉक बचाने के लिए 4 दिन का वर्क वीक लागू किया गया है और ईंधन राशनिंग भी की जा रही है। बांग्लादेश में यूनिवर्सिटी बंद कर दी गई हैं और सजावट वाली लाइटों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। पाकिस्तान में लों की छुट्टी कर दी गई है और लोगों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने को कहा गया है ताकि पेट्रोल-डीजल बचाया जा सके। नेपाल में आधा भरा हुआ’ सिलेंडर बांट रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक गैस पहुंच सके।

धर्म बदला तो SC/ST का लाभ नहीं मिलेगा, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मतलब क्या है?


सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर आप हिंदू धर्म छोड़कर, ईसाई धर्म अपनाते हैं तो आपको आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें यह साफ-साफ कहा गया था कि जो ईसाई धर्म को सक्रिय रूप से मान रहा है, आस्था रख रहा है, उसे अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं दिया जा सकता है। हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन धर्म के व्यक्तिगत कानून, हिंदू कानूनों के अंतर्गत ही आते हैं। हिंदू विवाद अधिनयम, हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम इन चार धर्मों पर लागू होते हैं। 

सु्प्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति, जो हिंदू, सिख और बौद्ध नहीं है, अगर वह धर्म परिवर्तन करता है, उसे अनुसूचित जाति के का हिस्सा नहीं माना जा सकता है। किसी भी धर्म में जाना, अनुसूचित जाति के दर्जे को तत्काल खत्म करना है। ईसाई समुदाय के कुछ लोग, धर्म परिवर्तन के बाद भी अपने लिए अनुसूचित जनजाति का दर्ज मांगते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर किसी दूसरे धर्म की जीवनशैली आप अपना चुके हैं तो आप अपने लिए अनुसूचित जाति या जनजाति के तहत आरक्षण और अन्य दर्जा नहीं मांग सकते हैं। 

यह भी पढ़ें: सांप के जहर वाले केस में फंसे थे एल्विश यादव, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दी FIR

सुप्रीम कोर्ट:-
कोई भी व्यक्ति जो हिंदू, बौद्ध या सिख धर्म का पालन नहीं कर रहा है, उसे अनुसूचित जाति का हिस्सा नहीं माना जाएगा। इनके इतर किसी भी धर्म का पालन करने पर, अनुसूचित जाति या जनजाति का दर्जा तत्काल और पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।  

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कहा है ऐसा?

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने के दौरान कहा, ‘संविधान (अनुसूचित जाति) ऑर्डर 1950 में इसे स्पष्ट किया गया है। इस आदेश के तहत प्रतिबंध पूरी तरह से लागू है। किसी भी ऐसे धर्म में धर्म परिवर्तन करना, जिनका जिक्र, क्लॉज 3 में नहीं है, चाहे वह किसी भी अनुसूचित जाति में जन्मे हों, तत्काल उनका अनुसूचित जाति का दर्जा खत्म हो जाएगा।’

 

कोई भी व्यक्ति जो हिंदू, बौद्ध या सिख धर्म का पालन नहीं कर रहा है, उसे अनुसूचित जाति का हिस्सा नहीं माना जा सकता है। इनके इतर किसी भी धर्म का पालन करने पर, अनुसूचित जाति या जनजाति का दर्जा तत्काल और पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। यह प्रतिबंध पूरी तरह से लागू है, कोई अपवाद नहीं है। एक व्यक्ति, एक साथ क्लॉज 3 में उल्लिखत धर्मों से अलग, किसी धर्म का पालन करता है और चाहता है कि अनुसूचित जाति का दर्जा मिले, नहीं दिया जा सकता है।’

यह भी पढ़ें: गोद लेने पर भी मिल जाएगी मैटरनिटी लीव, सुप्रीम कोर्ट ने हटाया 3 महीने वाला नियम

क्यों यह आदेश आया है?

एक शख्स हिंदू से ईसाई बन गया था। वह पादरी के तौर पर अपनी सेवाएं भी दे रहा था। उस शख्स ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज कराया था। उसने SC-ST एक्ट के तहत अपने लिए संरक्षण मांगा था। आरोपी ने इसे चुनौती दी थी। आरोपी ने अपनी याचिका में कहा था कि यह व्यक्ति, ईसाई धर्म का पालन करता है, इस पर कैसे SC/ST एक्ट लागू हो सकता है। 

30 अप्रैल 2025 को ‘चिंतहादा आनंद बनाम आंध्र प्रदेश राज्य’ में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा था कि ईसाई धर्म, जात-पात में यकीन नहीं करता है, न ही इस धर्म का हिस्सा है। इसलिए SC/ST एक्ट नहीं लगाया जा सकता है। जस्टिस हरिनाथ एन ने आरोपी पर लगाए गए चार्ज को हटा दिया था। इस फैसले के खिलाफ याचिकाकर्ता ने एक और विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। 

किचन के ये 5 मसाले बन सकते हैं साइलेंट किलर, आज ही संभल जाएं


किचन के मसाले खाने का स्वाद तो बढ़ाते हैं लेकिन फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के सीईओ सुधांशु पंत और कई लैब रिपोर्ट्स ने चेतावनी दी है कि इनमें होने वाली मिलावट इन्हें ‘साइलेंट किलर’ बना रही है। हाल ही में जब हॉन्गकॉन्ग के सेंटर फॉर फूड सेफ्टी (CFS) ने भारतीय मसालों में जहरीले ‘एथिलीन ऑक्साइड’ की पुष्टि की, तो पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया। 

 

इसके बाद स्पाइसेस बोर्ड ऑफ इंडिया के को-ऑर्डिनेटर एस. कन्नन ने भी साफ किया कि मसालों की टेस्टिंग अब और कड़ी की जाएगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के न्यूट्रिशन एक्सपर्ट डॉ. फ्रांसिस्को ब्रंका का कहना है कि मसालों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल शरीर के अंदरूनी अंगों में सूजन पैदा कर देता है। डेटा बताता है कि बाजार में मिलने वाले करीब 15 से 20 प्रतिशत खुले मसालों में कैंसर पैदा करने वाले केमिकल मिल रहे हैं। अब मसालों की शुद्धता चेक करना केवल शौक नहीं, बल्कि आपकी जान बचाने के लिए बेहद जरूरी हो गया है।

 

यह भी पढ़ें: ताकत नहीं बीमार दे रहे हैं एनर्जी ड्रिंक, सारे खतरे समझ लीजिए

हल्दी में लेड क्रोमेट और दिमाग पर खतरा

हल्दी को पीला दिखाने के लिए इसमें ‘लेड क्रोमेट’ मिलाया जाता है। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के शोधकर्ता डॉ.एमी सोटा की रिसर्च के मुताबिक, लेड यानी सीसा शरीर के नर्वस सिस्टम के लिए जहर जैसा है। यह बच्चों के दिमाग के विकास को रोकता है और बड़ों में  याददाश्त खत्म करने वाली ‘अल्जाइमर’ बीमारी का खतरा बढ़ा देता है। साथ ही, ज्यादा हल्दी शरीर में खून की कमी (एनीमिया) भी कर सकती है क्योंकि यह आयरन को शरीर में घुलने नहीं देती।

लाल मिर्च और कैंसर पैदा करने वाला जहर

लाल मिर्च में अक्सर ‘एथिलीन ऑक्साइड’ पाया जा रहा है। इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) की डॉक्टर मैरी शुबाउर-बेरिगन ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यह केमिकल सीधा कैंसर पैदा करता है। मिलावटी लाल मिर्च का सेवन करने से पेट के अंदर की परत जलने लगती है। जिससे लंबे समय में पेट का कैंसर या किडनी खराब होने का डर रहता है। आसान भाषा में कहें तो यह मिर्च आपके पेट को अंदर से खोखला कर देती है।

दालचीनी और लिवर फेलियर का डर

बाजार में असली दालचीनी की जगह ‘कैसिया’ बेची जाती है। जर्मन फेडरल इंस्टीट्यूट फॉर रिस्क असेसमेंट (BfR) के डायरेक्टर डॉ.एंड्रियास हेंसल ने चेतावनी दी है कि कैसिया में ‘कूमरिन’ की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। यह कूमरिन सीधे लिवर पर हमला करता है। जो लोग रोज काढ़ा या दालचीनी का पानी ज्यादा पीते है, उनके लिवर में घाव होने और लिवर फेल होने की खबरें लगातार बढ़ रही हैं। 

काली मिर्च और पपीते के बीजों का नुकसान

काली मिर्च में पपीते के बीजों की मिलावट सबसे ज्यादा होती है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (NIN) की सीनियर साइंटिस्ट डॉ.हेमलता के मुताबिक, पपीते के बीजों में मौजूद तत्व पाचन तंत्र को पूरी खराब कर देते हैं। अगर काली मिर्च का बारीक पाउडर गलती से सांस की नली में चला जाए तो यह फेफड़ों में गंभीर जलन और सांस फूलने की समस्या पैदा कर सकता है, जो बुजुर्गों के लिए काफी खतरनाक है।

 

यह भी पढ़ें: रोजाना की ये पांच गलत आदतें बढ़ा सकती हैं ब्रेस्ट कैंसर का खतरा, जानिए कैसे?

जायफल और नर्वस सिस्टम पर बुरा असर

जायफल में ‘मिरिस्टिसिन’ नाम का तत्व होता है। मेडिकल टॉक्सिकोलॉजिस्ट डॉ.लियोन ग्रुएनबाम की रिसर्च रिपोर्ट बताती है कि अगर कोई इंसान एक बार में 6 ग्राम से ज्यादा जायफल खा ले, तो उसे अजीब चीजें दिखती हैं और बेहोशी आने लगती है। यह हमारे नर्वस सिस्टम पर दबाव डालता है और दिल की धड़कन को इतना तेज कर सकता है कि व्यक्ति को हार्ट अटैक तक आ जाए।

पापमोचनी एकादशी के दिन कौन-सी कथा पढ़नी चाहिए, जान लीजिए


हिंदू धर्म में पापमोचनी एकादशी व्रत का बहुत महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु के सभी रूपों का पूजन किया जाता है। पापमोचनी एकादशी का दिन बेहद खास माना जाता है, जो साल में एक ही बार आता है। पापमोचनी के दिन अक्सर लोग व्रत रखते हैं। हिंदू धर्म में मान्यता है कि पापमोचनी व्रत रखने वाला व्यक्ति अपने पापों से मुक्त हो जाता है। इस दिन व्रत रखने से लोगों को मन की शांति मिलती है। यह व्रत तभी सफल माना जाता है जब व्रत रखने वाला व्यक्ति पापमोचनी व्रत की कथा पढ़े या सुने। अगर कोई जातक इस दिन व्रत नहीं रखता है तो माना जाता है कि व्रत रखने के बावजूद उसे व्रत का पूरा फल नहीं मिलता है। इसलिए व्रत की कथा सुनना बेहद जरूरी है।


हिंदू पंचांग के मुताबिक चैत्र महीने में कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा जाता है। इस बार पापमोचनी एकादशी 15 मार्च से शुरू होकर 16 मार्च की सुबह तक रहने वाली है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत में पूजा-पाठ के साथ-साथ कथा पढ़नी या सुननी चाहिए। धार्मिक मान्यता के हिसाब से यह व्रत कथा भगवान कृष्ण ने अर्जुन को सुनाई थी, यही कथा हमें पढ़नी चाहिए। अब सवाल उठता है कि पापमोचनी व्रत की कथा क्या है।

 

यह भी पढ़ें: कम पैसे में कैसे करें बद्रीनाथ धाम की यात्रा? तरीका जानिए

 

पापमोचनी व्रत कथा


कथा के अनुसार प्राचीन काल में चैत्ररथ नाम का एक सुंदर वन था। उस वन के आसपास रहने से हमेशा वसंत ऋतु का आनंद मिलता था। वन में हर मौसम में रंग-बिरंगे फूल खिलते थे। इसी वन के पास बैठकर एक ऋषि तपस्या किया करते थे, जो भगवान शिव के भक्त थे और गहरी साधना में हमेशा लीन रहते थे। एक दिन गंधर्वों के राजा चित्ररथ अपनी कई अप्सराओं के साथ उस वन के पास पहुँच जाते हैं।

 

उन अप्सराओं में एक अप्सरा का नाम मंजुघोषा था, जिसकी नजर मेधावी ऋषि पर पड़ती है। मंजुघोषा ने अपनी सुंदरता और मधुर संगीत के जरिए ऋषि को आकर्षित करने का निश्चय किया। वह ऋषि से कुछ दूरी पर बैठकर वीणा बजाने लगी और मधुर गीत गाने लगी। उसी वक्त कामदेव ने भी उसे ऋषि को मोहित करने में सहायता की। धीरे-धीरे मंजुघोषा के संगीत और रूप को देखकर ऋषि मेधावी का मन विचलित हो जाता है। वह अपनी तपस्या भूल जाते हैं और उसके साथ रहने लगते हैं। फिर समय बीतता गया और उन्हें इसका एहसास भी नहीं हुआ।

 

यह भी पढ़ें: एक त्योहार, कई अंदाज, देश के अलग-अलग राज्यों में होली की खास परंपराएं

 

लंबे समय बाद मंजुघोषा ऋषि मेधावी से स्वर्ग लौटने की इजाजत मांगती है। तब जाकर ऋषि को एहसास होता है कि 57 वर्ष बीत चुके हैं। यह जानकर उन्हें बहुत क्रोध आता है। उन्होंने मंजुघोषा को श्राप दे दिया कि वह पिशाचिनी बन जाएगी। श्राप सुनकर मंजुघोषा बहुत दुखी हो जाती है और ऋषि से क्षमा मांगने की कोशिश करती है। उसने कई बार विनती की कि उसे इस श्राप से मुक्त होने का कोई उपाय बताया जाए। कुछ देर बाद ऋषि मेधावी का क्रोध शांत होता है। फिर उन्होंने कहा कि अगर वह चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पापमोचनी एकादशी का व्रत रखेगी तो उसे इस श्राप से मुक्ति मिल जाएगी।

 

हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा से यह व्रत रखता है और इसकी कथा सुनता है, उसे भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है। जीवन के कष्ट दूर हो जाते हैं और अनजाने में किए गए पापों से भी व्यक्ति को मुक्ति मिल जाती है।

24 दिनों की जंग, सिर्फ तबाही, ईरान से जंग हारे ट्रंप-नेतन्याहू? इनसाइड स्टोरी

अमेरिका, इजरायल और ईरान की जंग थम नहीं रही है। 24 दिनों बाद भी हालात वैसे ही हैं, जैसे 28 फरवरी को जंग के पहले दिन थे। इजरायल और अमेरिका मिलकर ईरान पर हमले कर रहे हैं, जवाब में ईरान येरुशलम और खाड़ी के देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को तबाह कर रहा है। अब ईरान, खाड़ी के देशों में मोजूद पेट्रोलियम संसाधनों को खत्म करने की योजना बना रहा है। यह जंग, अब डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि खत्म हो, निर्णायक फैसला हो, इजरायल की दूर-दूर तक ऐसी मंशा नहीं हैं।

ईरान ने लगातार  इजरायल, अमेरिकी ठिकानों और पड़ोसी देशों पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए हैं। इससे दुनिया भर में तेल की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं, खाड़ी में तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। मध्य पूर्व में असुरक्षा अपने चरम पर है। अमेरिकी सैनिकों और आम  नागरिकों की भी मौत हुई है। 24 घंटे में जंग खत्म कर ‘सत्ता व्यवस्था’ बदलने का दावा करने वाले ट्रंप, 23 दिन बाद भी जंग नहीं खत्म कर पाए हैं, न ही अगले 23 दिनों में ऐसा होता नजर आ रहा है। 

यह भी पढ़ें: ईरान का बड़ा दावा, होर्मुज के पास मार गिराया दुश्मन का F-15 फाइटर जेट

अमेरिका में महंगा हो गया तेल

अमेरिका ने युद्ध जल्द खत्म करने की बात कही है, लेकिन इजरायल ज्यादा हमले जारी रखना चाहता है। तेल की कीमतें 100 डॉलर से ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे अमेरिका में पेट्रोल महंगा हो गया है। अमेरिका इस जंग में अपनों की नाराजगी झेल रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ भी लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

ट्रंप जल्द युद्ध खत्म करना चाहते हैं, इजरायल नहीं

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा, लेकिन उन्होंने कोई साफ समयसीमा नहीं बताई। इजरायल ने कहा है कि वह ईरान पर और ज्यादा हमले बढ़ाएगा। इजरायल लेबनान बॉर्डर से हिजबुल्लाह को भी हटाने की कोशिश कर रहा है, जिससे लेबनान में लाखों लोग बेघर हो गए हैं। अमेरिका उसमें भी सीधे शामिल नहीं है। इजरायल, जंग जारी रखना चाहता है, डोनाल्ड ट्रंप, अब खुद को फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं।

मसूद पेजेश्कियन, राष्ट्रपति, ईरान:-
ईरान को दुनिया के मानचित्र से मिटाने का भ्रम एक इतिहास रचने वाले राष्ट्र की इच्छा के खिलाफ हताशा को दिखा रहा है। धमकियां और आतंक केवल हमारी एकता को मजबूत करते हैं। होर्मुज स्ट्रेट उन लोगों को छोड़कर सभी के लिए खुला है, जो घुसपैठ करते हैं। हम युद्ध के मैदान में इन बेबुनियाद धमकियों का मजबूती से सामना करेंगे।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पूरा नियंत्रण चाहते हैं अमेरिका। Photo Credit: PTI

यह भी पढ़ें: ईरान की तबाही, इजरायल-अमेरिका विलेन, UN के चार्टर का होगा क्या?

तेल और गैस ठिकाने हो रहे हैं तबाह

अमेरिका और इजरायल ने ईरान की तेल और गैस प्लांट पर हमले शुरू किए हैं। साउथ पार्स गैस फील्ड को इजरायल ने तबाह किया है। ईरान ने जवाब में कतर समेत अन्य देशों की एनर्जी साइट्स पर हमले किए हैं। इससे दुनिया में तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। अमेरिका ने कुछ ईरानी तेल पर पाबंदी हटाने की बात कही है, जिससे कीमतें कम हों

अमेरिकी टैक्सपेयर्स पर 200 अरब डॉलर का बोझ

CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब जंग के लिए अमेरिका को कांग्रेस से 200 अरब डॉलर अतिरिक्त मांगने पड़ेंगे। राष्ट्रीय कर्ज 39 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा हो चुका है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने यहां तक कहा है कि बुरे लोगों को मारने के लिए पैसा लगता है।

खाड़ी के देशों में नहीं थम रही है तबाही। Photo Credit: PTI

यह भी पढ़ें: इजरायल पर ईरान का कहर, बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला, 100 से ज्यादा घायल

ईरान की सेना तबाह, सरकार बरकरार

अमेरिका-इजरायल ने दावा किया है कि ईरान की मिसाइल, एयर फोर्स और नेवी ज्यादातर नष्ट हो चुकी है। हजारों टारगेट हिट किए गए, कई जहाज डुबोए गए। ईरान की सरकार अभी भी चल रही है। नए सुप्रीम लीडर के तौर पर खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को चुना गया है। वह सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं। अमेरिका का दावा है कि वह जख्मी हो चुके हैं। 

ईरान, तेल डिप्लोमेसी से अमेरिका को हराएगा?

ईरान ने होर्मुज ब्लॉक करने की कोशिश की, जहां से दुनिया का 20 फीसदी तेल गुजरता है। ईरान ने कई तेल टैंकरों पर हमले किए। इससे तेल की कीमतें 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। अमेरिका में गैस की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं। इस जंग से अमेरिका भी परेशान है और भारत जैसे देश भी।

यह भी पढ़ें: ‘हमदर्दी है तो ईरान चले जाओ…’, शियाओं पर जुल्म ढा रहे आसिम मुनीर?

ईरान ने पड़ोसियों पर भी हमले किए

ईरान ने सिर्फ अमेरिका-इजरायल पर नहीं, बल्कि सऊदी अरब, यूनाइटेड अरब अमीरात जैसे कई पड़ोसी देशों पर ड्रोन-मिसाइल हमले किए। इससे खाड़ी के देशों में बड़ा नुकसान हुआ है। अमेरिका के प्रति भरोसा भी कम हुआ है।

दुबई के एयरपोर्ट तक, ईरान के निशाने पर हैं। Photo Credit: PTI

अमेरिकी सैनिकों की मौत और ग्राउंड फोर्स

कुवैत में ईरानी ड्रोन हमले से 6 अमेरिकी सैनिक मारे गए, इराक में एक रिफ्यूलिंग प्लेन क्रैश से 6 और मौतें हुईं हैं। अमेरिका ने कहा है कि यह सिर्फ हवाई जंग हो रही है लेकिन अब मरीन यूनिट्स भेजी जा रही हैं। ट्रंप ने जमीन पर सैनिक नहीं भेजने की बात कही है। हालात ऐसे ही रहे तो उन्हें अपनी सेना उतारनी पड़ सकती है। 

यह भी पढ़ें: ईरान जंग में बेहाल एयर इंडिया! 2,500 उड़ानें रद्द, कंपनी को सताने लगी चिंता

अमेरिका अकेला, इजरायल नाकाम, क्या-क्या हुआ?

डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो और अन्य देशों से होर्मुज में मदद मांगी, लेकिन किसी ने अमेरिका की मदद करने की नहीं ठानी। कई देशों ने अमेरिका का प्रस्ताव ही ठुकरा दिया। डोनालड् ट्रंप ने इन देशों को कायर कहा है। इजरायल भी कमजोर हुआ है लेकिन अकेले ही जंग जारी रखने की बात दोहरा चुका है। बेंजामिन नेतन्याहू ईरान को अपनी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा मान रहे हैं। उन्हें कामयाबी नहीं मिली है।

रूस के तेल से प्रतिबंध हटा रहे ट्रंप

जंग का असर ऐसा हुआ है कि अमेरिका, रूसी तेल से प्रतिबंध हटा रहा है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली बैठक भी अमेरिका ने टाल दी है। 

‘दुनिया की अर्थव्यवस्था हिल गई, परीक्षा की घड़ी’, ईरान संकट पर राज्यसभा में PM


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी ईरान संकट पर अपना पक्ष रखा है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि अगर युद्ध लंबे समय तक खिंचता है तो स्थितियां गंभीर होंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है देश ऐसे संकटों का सामना कर सके, इसके लिए 11 वर्षों में लगातार निर्णय लिए गए हैं। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि होर्मुज से जहाजों का आना चुनौतीपूर्ण है। भारत, संवाद कर रहा है। बातचीत के जरिए समाधान की ओर भारत आगे बढ़ रहा है। होर्मुज से गैस, तेल और उर्वरक आता है, इसलिए होर्मुज का बंद होना, हमें भी प्रभावित कर रहा है। 

यह भी पढ़ें: ‘अमेरिका-इजरायल जो कहते हैं, PM वही करते हैं,’ ईरान संकट पर बोले राहुल गांधी

‘दुनिया में गंभीर ऊर्जा संकट’

राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘वेस्ट एशिया में युद्ध शुरू हुए 3 हफ्ते से ज्यादा हो गए हैं। युद्ध की वजह से दुनिया में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। भारत के लिए भी यह स्थिति चिंता की बात है। युद्ध की वजह से हमारे ट्रेड रूट पर असर पड़ा है। इससे पेट्रोल, डीजल, गैस और फर्टिलाइज़र की रेगुलर सप्लाई पर असर पड़ा है।’

 

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री:-
खाड़ी के देशों में बसे भारतीयों की सुरक्षा और आजीविका सरकार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। भारत संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति बहाली चाहता है। तीन सप्ताह से अधिक समय हो चुका है तथा इस युद्ध ने विश्व में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। 

‘भारत के लिए स्थिति चिंताजनक’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘भारत के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है। इस युद्ध से हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। इससे पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरक जैसे जरूरी सामान की नियमित आपूर्ति प्रभावित हो रही है।’

यह भी पढ़ें: ‘मैं या आयतुल्लाह कंट्रोल करेंगे होर्मुज…’, ईरान पर यह कैसा दावा कर रहे ट्रंप?

‘खाड़ी के देशों के साथ संपर्क में है भारत’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘युद्ध की शुरुआत के बाद से पश्चिम एशिया के ज्यादातर देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो दौर में फोन पर बात की है। हम खाड़ी के सभी देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं। हम ईरान, इजराइल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं।’

‘शांति बहाली ही हमारा मकसद’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य संवाद और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति की बहाली का है। हमने संघर्ष को कम करने और होर्मुज मार्ग को खोलने के बारे में भी बातचीत की है।’

यह भी पढ़ें: ईरान युद्ध के 24 दिन, कहीं ड्रोन, कहीं मिसाइल, कहीं मौतें, कहां-कहां तबाही मची?

‘खाड़ी के देशों में फंसे हैं कई हिंदुस्तानी’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘खाड़ी के देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं। उनका जीवन एवं आजीविका भारत के लिए बहुत बड़ी चिंता का कारण है। होर्मुज स्ट्रेट में दुनिया के कई जहाज फंसे हुए हैं। उनमें भारतीय चालक दल की संख्या भी बहुत अधिक है तथा यह भी भारत की एक बड़ी चिंता का विषय है। ऐसी विकट परिस्थिति में आवश्यक है कि भारत की संसद के इस उच्च सदन से शांति एवं संवाद की एकजुट आवाज पूरे विश्व में जाए।’

डिमेंशिया होगा या नहीं? 25 साल पहले ही पता चल जाएगा, स्टडी में दावा


डिमेंशिया एक दिमाग से संबंधित रोग है, जिसमें लोग चीजें भूलने लगते हैं और सोचने-समझने की क्षमता कम हो जाती है। इसी बीमारी को लेकर एक स्टडी जारी हुई है। इस स्टडी का दावा है कि किन लोगों को भविष्य में डिमेंशिया हो सकता है, इसका पता अब 25 साल पहले ही पता लगाया जा सकता है। यह जानने के लिए किसी प्रकार के दिमागी स्कैन की जरूरत नहीं होगी, बल्कि केवल ब्लड टेस्ट के जरिए ही पता लगाया जा सकता है कि किसी को डिमेंशिया का खतरा है या नहीं है।

 

डिमेंशिया पर यह स्टडी मेडिकल जर्नल JAMA Network Open में प्रकाशित हुई है। इस विषय पर रिसर्च 1990 के दशक में की गई थी। इस रिसर्च में 2,766 महिलाओं ने हिस्सा लिया था, जो उस समय मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ थीं। इस रिसर्च में इन महिलाओं के ब्लड टेस्ट से चौंकाने वाली बातें सामने आईं, जिससे पता चला कि किन महिलाओं को भविष्य में डिमेंशिया होने का खतरा ज्यादा है।

 

यह भी पढ़ें: प्रियंका हों या काइली जेनर, सबको पसंद हीरा, सोने का क्रेज खत्म?

 

स्टडी में मिला चौंकाने वाला दावा

इस रिसर्च में पहले महिलाओं का ब्लड टेस्ट किया गया। इसमें पाया गया कि जिन महिलाओं के खून में  पी-टाऊ217  की मात्रा ज्यादा थी, उन्हें डिमेंशिया होने का खतरा ज्यादा था। पी-टाऊ217 खून में पाया जाने वाला एक खास प्रकार का प्रोटीन है। इस प्रोटीन की शरीर में अधिक मात्रा होना एक तरह की चेतावनी हो सकती है कि भविष्य में डिमेंशिया हो सकता है।

 

हालांकि, ये महिलाएं रिसर्च के दौरान पूरी तरह मानसिक रूप से स्वस्थ थीं लेकिन आगे चलकर उनमें भूलने की बीमारी के लक्षण दिखाई दिए। अब सवाल उठता है कि महिलाओं के खून में पी-टाऊ217 प्रोटीन की मात्रा ज्यादा क्यों होती है।


पी-टाऊ217 क्या है?

यह एक प्रोटीन है, जो अक्सर बढ़ती उम्र में शरीर में पाया जाता है। कई बार कम उम्र में भी खासकर दिमाग में पी-टाऊ217 प्रोटीन का जमाव होने लगता है। यही जमाव आगे चलकर डिमेंशिया का कारण बन सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि महिलाओं के शरीर में पी-टाऊ217 की मात्रा पुरुषों की तुलना में अधिक पाई जाती है।

 

महिलाओं के शरीर में इस प्रोटीन का जमाव हार्मोनल इम्बैलेंस के कारण भी हो सकता है, खासकर उस समय जब मासिक धर्म बंद होता है (मेनोपॉज)। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ विशेष जीन, जैसे APOE, भी इस प्रोटीन को बढ़ाने में भूमिका निभाते हैं।

 

यह भी पढ़ें: पीने के लिए सही नारियल की पहचान कैसे करें? नोट कीजिए, काम आएगी टिप्स


कुल मिलाकर, अगर खून में पी-टाऊ217 की मात्रा ज्यादा है, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि भविष्य में व्यक्ति को याददाश्त से जुड़ी समस्याओं यानी डिमेंशिया का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए समय-समय पर ब्लड टेस्ट कराना फायदेमंद हो सकता है।

 

डिमेंशिया 

डिमेंशिया में व्यक्ति की सोचने, समझने और याद रखने की क्षमता कमजोर हो जाती है। यह आमतौर पर बढ़ती उम्र के साथ होता है लेकिन अब कम उम्र के लोगों में भी इसके मामले बढ़ रहे हैं। एक बार डिमेंशिया हो जाने पर इसे पूरी तरह ठीक करना संभव नहीं होता, इसलिए बचाव बहुत जरूरी है।

 

यह भी पढ़ें: छोटी-छोटी गलतियां आपको बना रही हैं एनीमिया का शिकार, समझें क्या हैं कारण

डिमेंशिया होने के कारण


शराब का सेवन- रोजाना शराब पीने से दिमाग पर नकारात्मक असर पड़ता है, जिससे आगे चलकर डिमेंशिया का खतरा बढ़ सकता है।
हार्मोनल इम्बैलेंस- शरीर में हार्मोनल असंतुलन दिमाग को नुकसान पहुंचा सकता है।
सिर में चोट– सिर पर गंभीर चोट लगने से भविष्य में डिमेंशिया का खतरा बढ़ सकता है।
पारिवारिक इतिहास – अगर परिवार में किसी को डिमेंशिया रहा है, तो अन्य सदस्यों में भी इसका जोखिम बढ़ सकता है।

 

डिमेंशिया से बचने के तरीके

जीवनशैली में सुधार करके डिमेंशिया के खतरे को कम किया जा सकता है।
नींद – रोजाना पर्याप्त नींद लेना जरूरी है। 5 घंटे से कम सोने पर दिमाग को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता।
शराब से दूरी –शराब का सेवन दिमाग के लिए हानिकारक है। ज्यादा मात्रा में शराब पीने से दिमाग का आकार कम हो सकता है और डिमेंशिया का खतरा बढ़ सकता है।
नियमित एक्सरसाइज – रोज कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करनी चाहिए।
स्वस्थ भोजन -संतुलित आहार लें, जिसमें प्रोटीन, विटामिन और फाइबर पर्याप्त मात्रा में हों।

सोमवार को इन राशियों पर बरेसी शिव कृपा, केतु देंगे साथ, पढ़ें राशिफल


सोमवार का दिन और मूलांक 7 का मेल आज के दिन को बेहद खास बना रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मूलांक 7 के स्वामी केतु हैं, जो गहराई और अंतर्दृष्टि के प्रतीक माने जाते हैं। आज का दिन उन लोगों के लिए बेहतरीन साबित होगा जो शांति, ध्यान और अपने जीवन में कुछ नया करने की तलाश में हैं।

 

कुंभ राशि में चंद्रमा का गोचर समाज सेवा और बौद्धिक विकास के लिए नए रास्ते खोलेगा। यह समय अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानने और पुराने ढर्रों को छोड़कर सकारात्मक बदलाव अपनाने का है। आइए जानते हैं आपकी राशि के अनुसार कैसा रहेगा आज का दिन। 

राशियों का हाल

मेष राशि:

आर्थिक लाभ और अचानक सफलता के योग हैं।

क्या करें: आज नए प्लान पर काम शुरू करने का सही समय है। अपनी टीम को साथ लेकर चलें और सेहत के लिए समय निकालें।

क्या न करें: जल्दबाजी में कोई फैसला न लें और बहस से बचें।

वृषभ राशि:

घर में सुख-शांति बनी रहेगी और कोई शुभ समाचार मिल सकता है।

क्या करें: आज का दिन परिवार के नाम करें। पुराने मतभेदों को सुलझाने के लिए यह सबसे अच्छा मौका है।

क्या न करें: फालतू के खर्चों और बेकार की चर्चाओं से दूर रहें।

मिथुन राशि:

करियर में तरक्की के नए दरवाजे खुलेंगे।

क्या करें: अपनी बातचीत और बुद्धि के दम पर आज आप बड़ी योजनाएं बना पाएंगे। यात्रा के योग भी बन रहे हैं।

क्या न करें: सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा न करें और सेहत का ख्याल रखें।

कर्क राशि:

मानसिक शांति मिलेगी और परिवार में खुशहाली आएगी।

क्या करें: मन को शांत रखें और पूजा-पाठ या आध्यात्मिक कार्यों में मन लगाएं।

क्या न करें: पुरानी कड़वी यादों को याद न करें और नकारात्मक न सोचें।

सिंह राशि:

समाज में सम्मान और नौकरी में प्रमोशन की संभावना है।

क्या करें: आज अपनी लीडरशिप दिखाने का दिन है। क्रिएटिव कामों में आपको बड़ी सफलता मिल सकती है।

क्या न करें: अपने भीतर अहंकार न आने दें और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह न हों।

कन्या राशि:

पैसों की स्थिति बेहतर होगी और पुराना कर्ज उतर सकता है।

क्या करें: आज किसी गहरी रिसर्च या बारीकी वाले काम में मन लगाएं। सेहत सुधारने के लिए कदम उठाएं।

क्या न करें: बेकार की चिंता न करें और आज सफर करने से बचें।

तुला राशि: 

प्रेम संबंधों और साझेदारी में मधुरता आएगी।

क्या करें: रिश्तों को बेहतर बनाने और बिजनेस पार्टनरशिप के लिए आज का दिन शानदार है।

क्या न करें: कोई भी बड़ा फैसला अकेले न लें और झगड़ों से दूर रहें।

वृश्चिक राशि: 

अचानक कोई बड़ी उपलब्धि या आंतरिक मजबूती महसूस होगी।

क्या करें: अपनी गुप्त योजनाओं पर काम करें और साधना में समय बिताएं।

क्या न करें: गुस्से पर काबू रखें और आज किसी से उधार न लें।

धनु राशि: 

विदेश या पढ़ाई के मामले में अच्छी खबर मिल सकती है।

क्या करें: कुछ नया सीखने और ज्ञान बढ़ाने के लिए दिन अच्छा है। लंबी दूरी की यात्रा भी सुखद रहेगी।

क्या न करें: जोखिम भरे कामों से बचें और अपनी जेब पर लगाम रखें। 

मकर राशि:

आपके पद और प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी होने के संकेत हैं।

क्या करें: पूरा ध्यान अपने काम और करियर पर लगाएं, मेहनत का फल जरूर मिलेगा।

क्या न करें: काम में आलस न दिखाएं और परिवार को भी समय दें।

 

यह भी पढ़ें: वृश्चिक राशि में चंद्रमा, जानें किन राशियों को करियर में मिलेगा मौका

कुंभ राशि: 

व्यक्तिगत विकास होगा और अचानक खुशियाँ मिलेंगी।

क्या करें: खुद पर भरोसा रखें और अपने नए आइडियाज को दुनिया के सामने लाएं।

क्या न करें: अकेलापन महसूस न करें और सेहत को लेकर ज्यादा तनाव न लें।

मीन राशि: 

क्या करें: दान-पुण्य और दूसरों की मदद करने में समय बिताएं, इससे मन को शांति मिलेगी।

क्या न करें: किसी भी तरह के भ्रम में न रहें और बिना वजह पैसे खर्च न करें।

 

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।