कृष्ण के जिन भाइयों को कंस ने मारा था, उनके बारे में क्या कहता है भागवत पुराण?

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हिंदू धर्म में कई ऐसे ग्रंथ और पुराण हैं, जिनमें देवी-देवताओं से जुड़ी कहानियां और प्रसंग बताए गए हैं। इसी तरह भागवत पुराण भी एक महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है, जिसमें बताए गए कथाओं से हमें जीवन की कई सीख मिलती है। इस ग्रंथ में माता देवकी के पुत्रों से जुड़ी एक खास कहानी का उल्लेख किया गया है। माता देवकी ने भगवान कृष्ण को जन्म देने से पहले 6 पुत्रों को जन्म दिया था, जिन्हें कंस ने मार दिया था। भागवत पुराण के मुताबिक, कंस ने भगवान कृष्ण के 6 भाइयों को जन्म के कुछ ही समय बाद पत्थर पर पटक-पटककर मार दिया था। देवकी माता के 6 पुत्रों की मृत्यू सिर्फ कंस के वजह से नहीं बल्कि उनके पिछले जन्मों के कर्म के वजह से हुआ था। 

 

भागवत पुराण के मुताबिक, एक बार माता देवकी ने भगवान कृष्ण और बलराम जी के सामने अपने 6 पुत्रों से मिलने की इच्छा जताई थी। तब भगवान कृष्ण और बलराम अपने 6 भाइयों को लेने सुतल लोक गए थे, जहां राजा बलि ने भगवान कृष्ण को बताया कि माता देवकी के 6 पुत्र कोई साधारण बालक नहीं थे, बल्कि वे देवता थे। अब सवाल उठता है कि भगवान कृष्ण के 6 भाई कौन थे? साथ ही यह भी सवाल उठता है कि अगर वे देवता थे, तो जन्म के बाद उनकी हत्या क्यों कर दी गई?

 

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कौन थे भगवान कृष्ण के 6 भाई?

 

भागवत पुराण की कथा के मुताबिक, एक बार माता देवकी अपने 6 पुत्रों को याद कर दुखी हो गई थीं। उन्होंने भगवान कृष्ण के सामने इच्छा जाहिर की कि वे अपने पुत्रों को एक बार फिर देखना चाहती हैं। इसके बाद भगवान कृष्ण और बलराम सुतल लोक उन्हें वापस लाने के लिए गए।

 

सुतल लोक में राजा बलि ने भगवान कृष्ण के 6 भाइयों के बारे में रोचक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे 6 बालक साधारण इंसान नहीं थे, बल्कि देवताओं के पुत्र थे। राजा बलि ने बताया कि वे ब्रह्मा जी के मानस पुत्र प्रजापति मरीचि और ऊर्णा देवी के पुत्र थे, जिन्हें पिछले जन्म में ब्रह्मा जी का श्राप मिला था। इसी श्राप के कारण अगले जन्म में कंस ने उनका वध किया था।

 

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 कृष्ण के 6 भाइयों को ब्रह्मा जी ने श्राप क्यों दिया?

 

एक बार ब्रह्मा जी को देखकर मरीचि के 6 पुत्र जोर-जोर से हंसने लगे थे। यह देखकर ब्रह्मा जी को क्रोध आ गया। उनका मजाक उड़ाना मरीचि के 6 पुत्रों पर भारी पड़ गया, क्योंकि ब्रह्मा जी ने उन्हें श्राप दे दिया। ब्रह्मा जी ने श्राप दिया कि मरीचि के 6 पुत्र असुर योनि में जन्म लेंगे, जिसके बाद वे देवकी के गर्भ से जन्म लेंगे। हालांकि, जन्म के कुछ ही समय बाद उनकी हत्या कर दी जाएगी। इसी श्राप के कारण माता देवकी के 6 पुत्रों का वध हुआ था।

 

नोट- यह लेख धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

 

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