
रिनी संपत ने अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में मेयर का चुनाव लड़ने का फैसला करके सबको चौंका दिया है। वह पहली ऐसी भारतीय महिला हैं जो इस बड़े पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं। उनका जन्म भारत के तमिलनाडु में हुआ था। वह चाहती हैं कि शहर की पुलिस, सड़क और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं इतनी अच्छी हों कि आम जनता को कोई परेशानी न हो।
रिनी संपत अभी 31 साल की हैं। उनका जन्म तमिलनाडु के ‘थेनी’ नाम की जगह पर हुआ था। जब वह सिर्फ 7 साल की थीं, तभी उनका परिवार भारत छोड़कर अमेरिका चला गया था। रिनी पिछले 10 सालों से वॉशिंगटन डीसी में रह रही हैं। वह कंप्यूटर और इंटरनेट साइबर एक्सपर्ट हैं। रिनी कहती हैं कि वह एक प्रवासी हैं और उन्हें इस पर गर्व है। उनका कहना है कि जैसे उनके परिवार ने अमेरिका आकर अपने सपने पूरे किए, वैसे ही वह शहर के हर इंसान के सपनों को पूरा करने में मदद करना चाहती हैं। वह डेमोक्रेटिक पार्टी की सदस्य हैं और मानती हैं कि अब शहर की राजनीति में बदलाव की जरूरत है।
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सुविधाओं का एजेंडा
रिनी ने ‘फिक्स द बेसिक्स’ का नारा दिया है, जिसका मतलब है शहर की सबसे जरूरी चीजों को ठीक करना। उनके मुख्य वादों में लोगों को रहने के लिए सस्ते घर दिलाना और मकानों के बढ़ते किराए को कम करना शामिल है। वह सड़कों के गड्ढों को भरने और टूटे हुए रास्तों को सुधारने को जरूरी मानती हैं। रिनी का एक बड़ा वादा आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाना है। वह चाहती हैं कि पुलिस या एम्बुलेंस के लिए इस्तेमाल होने वाले 911 जैसे नंबरों पर फोन करते ही तुरंत मदद मिले। इसके अलावा वह मोहल्लों में ताजा खाने की दुकानों को बढ़ावा देना चाहती हैं और सड़कों को इस तरह बनाना चाहती हैं कि पैदल चलने वालों और साइकिल चलाने वालों को कोई खतरा न हो।
प्रवासियों की सुरक्षा पर जोर
रिनी ने बच्चों के भविष्य के लिए भी कई वादे किए हैं। वह चाहती हैं कि स्कूल की इमारतें सुरक्षित हों, स्कूलों में भरपूर टीचर हों और बच्चों के आने-जाने के लिए अच्छी बस सुविधा मिले। वह बच्चों की मानसिक सेहत पर भी पूरा ध्यान देना चाहती हैं। इसके साथ ही, रिनी बाहर से आए लोगों के अधिकारों की रक्षा करना चाहती हैं। उन्होंने वादा किया है कि वह शहर की पुलिस को प्रवासियों के खिलाफ होने वाली सख्ती में शामिल नहीं होने देंगी। वह चाहती हैं कि हर परिवार बिना किसी डर के काम पर जा सके और बच्चों को स्कूल भेज सके। वह फालतू के ऊंचे टैक्स को कम करके छोटे दुकानदारों को राहत देना भी उनका लक्ष्य हैं।
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चुनाव का मुकाबला
इस चुनाव में रिनी संपत का मुकाबला जेनीस लुईस जॉर्ज, केनियन मैकडफी, गैरी गुडवेदर, रॉबर्ट एल ग्रॉस और रोंडा हैमिल्टन जैसे उम्मीदवारों से है। रिनी का कहना है कि दूसरे उम्मीदवार ऐसे वादे कर रहे हैं जिनके लिए बजट ही नहीं है जबकि वह पूरी ईमानदारी से काम करेंगी। उन्हें ‘अमेरिकन हिंदू गठबंधन’ का पूरा समर्थन मिल रहा है जिन्होंने इस्कॉन मंदिर में मीटिंग करके उनका साथ देने का वादा किया है। वॉशिंगटन डीसी में मेयर पद के लिए शुरुआती वोट 16 जून को डाले जाएंगे और अंतिम फैसला 3 नवंबर को होने वाले चुनावों में होगा।