सावन का महीना क्यों है खास? इन धार्मिक घटनाओं ने बढ़ाया इस महीने का महत्व

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हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक सावन का महीना बेहद खास है क्योंकि यह भगवान शिव का प्रिय महीना है। इसी वजह से कई भक्त भगवान शिव की आराधना करते हैं। साथ ही कई भक्त कांवड़ यात्रा में भी शामिल होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस महीने देवताओं से जुड़े कई प्रसंग हुए थे, जिस वजह से इस महीने का महत्व और बढ़ जाता है। इसी महीने भगवान शिव ने माता पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इसके अलावा भगवान राम के पुत्र लव और कुश का भी इसी महीने जन्म हुआ था।


इस साल सावन 30 जुलाई से शुरू होकर 29 अगस्त को समाप्त होगा। हिन्दी पंचांग के अनुसार इस महीने में चंद्रमा श्रवण नक्षत्र में होता है, इसलिए इसे श्रावण मास भी कहा जाता है। हिन्दू धर्म के कई जानकारों का मानना है कि जो व्यक्ति इस महीने में हर दिन सच्चे श्रद्धा भाव से शिवलिंग पर जल चढ़ाता है, उस पर भगवान शिव की हमेशा कृपा दृष्टि बनी रहती है।

 

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सावन महीना क्यों है शुभ?

इसी महीने धर्म से जुड़ी ऐसी कई घटनाएं हुई थीं, जो इस महीने को बेहद खास बनाती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी महीने भगवान शिव ने अपने भक्त मार्कण्डेय पर कृपा बरसाई थी। उनकी जान बचाने के लिए यमराज को भस्म कर दिया था। यह महीना इसलिए भी खास माना जाता है क्योंकि इसी महीने भगवान शिव ने माता पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इसके अलावा इस महीने कुछ देवताओं का जन्म भी हुआ था।

 

पार्वती मां को स्वीकारा – पौराणिक कथाओं के मुताबिक इसी महीने माता पार्वती ने कठोर व्रत और तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें प्रेमपूर्वक पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। साथ ही इसी महीने भगवान शिव माता पार्वती के साथ पृथ्वी लोक आए थे। इसी वजह से सावन महीने में सभी भक्त भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। जिस दिन भगवान शिव ने माता पार्वती को स्वीकार किया था, उसी दिन हरियाली तीज मनाई जाती है।

 

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शिव जी बने थे नीलकंठ – सावन महीने में ही समुद्र मंथन हुआ था। उस दौरान भगवान शिव ने मंथन से निकला विष पी लिया था, ताकि सृष्टि के प्राणियों की रक्षा हो सके। भगवान शिव के विषपान के बाद ही उन्हें नीलकंठ कहा जाने लगा। विष के प्रभाव को कम करने के लिए भक्त हर दिन जलाभिषेक करते हैं। भगवान शिव से जुड़ी इन्हीं विशेष घटनाओं की वजह से सावन महीने को अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है।

 

नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

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